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Financial Planning

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सेक्शन 80C के तहत इनकम टैक्स बचाने के 15 आसान तरीके

Last updated: दिसम्बर 28, 2017 | by दीपेश 6 Comments

जैसे जैसे वित्तीय वर्ष का अंत निकट आता है, वैसे ही हमारी टैक्स बचत के तरीकों की खोज शुरू हो जाती है| अब टैक्स बचाने के कई तरीके हैं|

आपको क्या करना चाहिए? टैक्स कैसे बचाएँ?

सभी के लिए शायद एक ही सुझाव सही नहीं हो सकता| सब को अपनी परिस्थितियों के अनुसार निवश के विकल्प को चुनना चाहिए’|

पिछली पोस्ट में मैंने हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर जो टैक्स बेनिफिट मिलते हैं उस पर चर्चा करी थी|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस (स्वाश्थ्य बीमा) खरीदने पर कितना टैक्स बचा सकते हैं?

इस पोस्ट में मैं चर्चा करूंगा Section 80C के तहत मिलने वाले टैक्स बचत के बारे में| जानेंगे की धारा 80C के तहत आपके पास क्या हैं टैक्स बचत के तरीके|

धारा 80 C  के योग्य योग निवेश उत्पादों में निवेश कर आप अपनी कर योग्य आय को 1.5 लाख तक से घटा सकते हैं। 30% टैक्स स्लैब में आने वाले निवेशकों के लिए इस मतलब है 46,350 रुपये की बचत|

कृपया ध्यान दें कि आप प्रति वर्ष 80 C उत्पादों में 1.5 लाख से अधिक भी निवेश कर सकते हैं। परन्तु कर लाभ केवल 1.5 लाख तक सीमित होगा।

उदाहरण के लिए, आपने पीपीएफ में 50,000 रुपये, ईपीएफ में 60,000 रुपये और ईएलएसएस में 1 लाख रुपये का निवेश किया है। हालांकि कुल निवेश 2.1 लाख रुपये है, धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट केवल 1.5 लाख तक सीमित होगा

आमतौर पर, सभी धारा 80 C  के सभी टैक्स बचत के तरीकों में  लॉक-इन होता है। इसका मतलब कुछ समय तक आपका पैसा अटक जाता है|

आईये कुछ लोकप्रिय निवेश उत्पादों को देखते हैं, जिनमें निवेश करने पर आपको Section 80क के तहत टैक्स बचत का लाभ मिलता है|

#1 पीपीएफ (Public Provident Fund or PPF)

आप अपने, पति/पत्नी या बच्चों के PPF खातों में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|

माता-पिता या भाई-बहनों के पीपीएफ खाते में निवेश करने पर कोई टैक्स बचत नहीं होती।

पीपीएफ खाता खोलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से 15 वर्षों में परिपक्व होता है| इसलिए, पहले वर्ष का निवेश 15 साल के लिए लॉक हो जाएगा, दूसरे वर्ष का निवेश 14 साल के लिए लॉक हो जाएगा।

पीपीएफ खाता परिपक्व होने पर पांच वर्षों के ब्लाक में खाते की अवधि बढ़ा सकते हैं|

पढ़ें: पीपीएफ खाते के बैर में पूरी जानकारी

पीपीएफ खाते से मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता| साथ ही परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता|

वित्त मंत्रालय हर तिमाही ब्याज दर सूचित करता है।

अभी ब्याज दर 7.6% p.a. हो गयी है|  (January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

पढ़ें: PPF में interest (ब्याज) कैसे कैलकुलेट होता है?


#2 कर्मचारी भविष्य निधि / स्वैच्छिक भविष्य निधि (Employee Provident Fund / Voluntary Provident Fund)

अगर आप सैलरी पाते हैं, तो शायद इसमें आप पहले से ही निवेश कर रहे हैं| राशि स्वचालित रूप (automatically) से आपके वेतन से काट ली जाती है और ईपीएफ में निवेश की जाती है। आप अपनी सैलरी स्लिप की जांच कर सकते हैं कि आप प्रति माह कितना ईपीएफ में निवेश कर रहे है |

एक बात और, अगर आप नौकरी कर रहे हैं, तो शायद आपका EPF में पहले से ही योगदान जा रहा हो| अब क्योंकि ईपीएफ में निवेश करने पर Section 80C के तहत लाभ मिलता है, तो कुछ निवेश तो आपका पहले ही अपने आप हो चुका है| 1.5 लाख की टैक्स सीमा तक पहुचने के लिए आपको केवल बची हुई राशि ही निवेश करनी है| आप बाद में शेष निवेशों की योजना बना सकते हैं।

कृपया ध्यान दें कि केवल आपका  योगदान ही धारा 80 सी के तहत कर लाभ के योग्य है। आपके एम्प्लायरद्वारा आपके EPF में योगदान पर धरा 80C के तहत लाभ नहीं मिलता| आप अपने अनिवार्य ईपीएफ योगदान से अधिक योगदान भी कर सकते हैं। यह योगदान (वीपीएफ) धारा 80 सी के तहत टैक्स बचत के योग्य है।


#3 इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस)

ईएलएसएस एक प्रकार के इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड होते हैं और निवेश करने पर 3 वर्ष का लॉक-इन पीरियड होता है| काफी लोग ईएलएसएस को tax-saving mutual fund के नाम से जानते हैं।

ध्यान दे, प्रत्येक निवेश पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।

भले ही आप SIP  (सिस्टममैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से निवेश कर रहे हों, लेकिन SIP  की प्रत्येक किश्त को 3 साल तक लॉक कर दिया जाएगा। यदि पहली किश्त 15 जनवरी 2018 की है, तो इस किश्त से खरीदी गयी यूनिट्स आप 15 जनवरी 2021 तक खरीदे गए यूनिट्स  को नहीं बेच सकते हैं। दूसरी किस्त (15 फरवरी, 2018) से खरीदी गयी यूनिट्स आप 15 फरवरी, 2021 तक नहीं बेच सकते|

क्योंकि ईएलएसएस (ELSS) यूनिट्स को आप 3 वर्ष से पहले नहीं बेच सकते, तो ऐसी यूनिट्स बेचने पर होने वाले फायदे पर आपको टैक्स नहीं देना होता| ऐसा इसलिए क्योंकि इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स को एक साल बाद बेचने पर कोई टैक्स नहीं देना होता|

पढ़ें: ईएलएसएस (ELSS) के बारे में कुछ दिलचस्प बातें


#4 टर्म लाइफ इंश्योरेंस (Term Life Insurance)

टर्म लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा खरीदना का सबसे अच्छा तरीका है|

एक टर्म कवर के साथ आप कम लागत पर काफी अधिक कवर खरीद सकते हैं। अगर आपको कभी कुछ हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में यह राशि आपके परिवार के काफी काम आएगी|

आपके पास हमेशा पर्याप्त जीवन बीमा होना चाहिए।

स्वस्थ 30 वर्षीय पुरुष के लिए 1 करोड़ रुपये के कवर के लिए वार्षिक प्रीमियम लगभग 7,000-10,000 होगा।

ध्यान दें टैक्स बेनिफिट लेने की लिए आपको हर वर्ष नया प्लान लेने की आवश्यकता नहीं है| आपका रिन्यूअल (renewal) प्रीमियम (जो आप पालिसी चालू रखें के लिए हर वर्ष देते हैं) भी धारा 80C के तहत योग्य है|

पढ़ें: 5 बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान


#5 यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान, Unit Linked Insurance Plans (ULIPs)

यूलिप जीवन बीमा योजनाओं का एक रूप है, जिसमें निवेश का लाभ भी मिलता है। प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन कवर प्रदान करने की ओर जाता है, जबकि बचा हुआ हिस्सा आपके इच्छा के अनुसार फण्ड में निवेश कर दिया जाता है। पूरे प्रीमियम पर धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है।

पांच साल का लॉक-इन होता है। इसका मतलब है कि आप पॉलिसी के प्रारंभ होने की तारीख से पांच साल तक अपना पैसा नहीं ले सकते। इसलिए, आपका पहला वार्षिक प्रीमियम 5 साल के लिए लॉक-इन किया जाएगा, दूसरा प्रीमियम 4 साल के लिए। छठी  किश्त से कोई लॉक-इन नहीं है ।

ध्यान से आप पांचवे वर्ष के अंत तक किसी भी तरह से पैसे नहीं निकाल सकते, भले ही आप अपनी पालिसी को बंद कर दें|

धारा 80 सी के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं तो धारा 80 सी के तहत मिले टैक्स लाभ की वापिस ले लिए जाएगा।

पढ़ें: किस प्रकार का जीवन बीमा खरीदें?


#6 पारंपरिक जीवन बीमा योजनाएं / मनी बैक योजनाएं (Traditional Life Insurance Plan)

मेरे अनुसार ऐसे प्लान से दूर ही रहे| ऐसे प्लान में जीवन बीमा भी कम मिलता है और रिटर्न भी कम होते हैं|यदि आप दो साल के लिए प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं तो कर लाभ रिवर्स (reverse) कर दिया जाएगा।

पढ़ें: एलआईसी न्यू जीवन आनंद के बारे में पूरी जानकारी

जीवन बीमा पॉलिसियों के बारे में एक बात पर ध्यान दें: यह बात यूलिप और ट्रेडिशनअल इंश्योरेंस प्लान पर भी लागू होती है। बीमित रकम (Sum Assured) के 10% से अधिक वार्षिक प्रीमियम आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं है। यह अप्रैल 1, 2012 के बाद खरीदी गई नीतियों के लिए है।

इसके अतिरिक्त, केवल स्वयं, पति या पत्नी और बच्चों के लिए जीवन बीमा प्रीमियम का भुगतान धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए पात्र है। माता-पिता और भाई-बहनों के जीवन बीमा के लिए प्रीमियम का भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है।


#7 5-वर्षीय बैंक की फिक्स्ड डिपॉज़िट (5-year Tax Saving Fixed Deposit)

आम तौर पर टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट (tax saver fixed deposit) के रूप में जाना जाता है।

इस फिक्स्ड डिपाजिट की अवधि 5 वर्ष होती है| इसका मतलब आप पांच साल से पहले इस जमा राशि को नहीं निकाल सकते। मिलने वाले ब्याज पर आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है|

पढ़ें: टैक्स बचाने के लिए ईएलएसएस और 5-वर्षीय फिक्स्ड डिपाजिट में किसमें करें निवेश?


#8 डाकघर 5-वर्षीय डिपॉज़िट

यह 5-वर्षीय बैंक की फिक्स्ड डिपॉज़िट के समान है । यदि 5 साल के अंदर जमा (टूटी हुई) वापस ले लिया जाता है तो कर लाभ वापस कर दिया जाएगा। ऐसे डिपाजिट के लिए ब्याज दर वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही (every quarter) घोषणा की जाती है।

ध्यान दे, जो डिपाजिट खोलते समय ब्याज दर है, वही आपको पूरे 5 साल मिलती है| ब्याज दर मिएँ बदलाव का आपके पुराने डिपाजिट पर नहीं पड़ता|

अभी यह दर  7.4% p.a. हो गयी है|(January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|


#9 राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, National Savings Certificate (NSC)

परिपक्वता (5 वर्ष या 10 वर्ष) से पहले कोई भुगतान नहीं है । समय से पहले पैसे वापसी की अनुमति नहीं है ।

ब्याज कर योग्य है हालांकि, अर्जित ब्याज एनएससी में निवेश को समझा जाता है और धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए पात्र है,

इसका मतलब  प्रत्येक वर्ष के ब्याज को एनएससी में निवेश माना जाता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही ब्याज दर सूचित करता है|

अभी एनएससी की ब्याज दर (NSC Interest Rate) 7.6% p.a. हो गयी है। (January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|


#10 वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, Senior Citizen Savings Scheme (SCSS)

केवल वरिष्ठ नागरिक ही इस योजना में निवेश करने के लिए पात्र हैं। खाता 5 वर्षों में परिपक्व होता है। आंशिक वापसी (partial withdrawal) की अनुमति नहीं है । हालांकि, आप कुछ जुर्माना देकर अकाउंट को 5 वर्ष से पहले  बंद कर सकते हैं। समयपूर्व बंद होने के मामले में टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे।

हर तिमाही वित्त मंत्रालय द्वारा ब्याज दर अधिसूचित की जाती है|

अभी ब्याज दर 8.3% p.a. चल रही है| (January 1, 2018)

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|

पढ़ें: सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के बारे में पूरी जानकारी


#11 होम लोन पर प्रिंसिपल रीपेमेंट (Home Loan Principal Repayment)

अगर आपने होम लोन लिया है, तो उस लोन पर principal का भुगतान भी सेक्शन 80C के तहत लाभ के योग्य है|

ध्यान दें आप एक निर्माणाधीन प्रॉपर्टी (under-construction property) के लिए प्रिंसिपल के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट नहीं ले सकते| घर का निर्माण पूर्ण होने के बाद ही आप कटौती का लाभ उठा सकते हैं ।

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए भी पात्र हैं। हालांकि, इस तरह के शुल्क के भुगतान के लिए कर लाभ केवल उस वर्ष में लिया जा सकता है जब आप भुगतान करते हैं।

एक बात और, जिसवर्ष आपको घर का possession मिलता है, उस वित्तीय वर्ष के अंत से 5 साल के भीतर अगर आप घर बेचते हैं, तो आपको मिले टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे|


#12 दो बच्चों के लिए ट्यूशन फीस

आप दो बच्चों तक के लिए ट्यूशन फीस पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। यदि आपके पास दो से अधिक बच्चे हैं, तो आप किसी भी दो के लिए दावा कर सकते हैं। भारत में स्थित विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल या अन्य शैक्षणिक संस्थान को फीस का भुगतान किया जाना चाहिए था।

बेनिफिट केवल पूर्णकालिक शिक्षा (full-time education)के लिए भी उपलब्ध है। निजी ट्यूशन, कोचिंग क्लास या किसी अंशकालिक कोर्स के लिए खर्च पात्र नहीं हैं।

अपनी शिक्षा या पति / पत्नी की शिक्षा के लिए खर्च भी टैक्स बेनिफिट के लिए पात्र नहीं है।


#13 सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana Account)

अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो आप अपनी बेटी के लिए यह खाता खोल सकते हैं। खाता 21 वर्ष बाद परिपक्व होगा| आप बेटी की शादी या पढाई के लिए भी पैसा निकाल सकते हैं|

अर्जित ब्याज कर योग्य नहीं है । परिपक्वता राशि भी कर-मुक्त है।

ब्याज दर की घोषणा हर तिमाही पर की जाती है|

अभी ब्याज दर 8.1% p.a. हो गयी है| (January 1, 2018)

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|

पढ़ें: सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में पूरी जानकारी


#14 बीमा कंपनियां से पेंशन योजनाएं (धारा 80 सीसीसी)

बीमा कंपनियों से पेंशन / वार्षिकी योजनाओं में निवेश के लिए आप प्रति वित्तीय वर्ष 1.5 लाख तक का लाभ ले सकते हैं।

यदि आप परिपक्वता से पहले पेंशन योजनाओं को सरेंडर करते हैं, तो मिलने वाली राशि को उस वर्ष की आयमाना जाएगा और आपको उस पर टैक्स देना होगा।

कृपया ध्यान दें कि धारा 80C और धारा 80 CCC के तहत कुल मिलाकर टैक्स बेनिफिट 1.5 लाख से अधिक नहीं हो सकता।


#15 राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस)/ अटल पेंशन योजना (धारा 80 CCD)

अब यहाँ दो हिस्से हैं|

पहला, 1.5 लाख तक सेक्शन 80CCD(1) के तहत| अब यह सेक्शन 80C के तहत लाभ के अन्दर ही आता है|

दूसरा, 50 हज़ार रुपये तक सेक्शन 80CCD(1B) के तहत| यह बेनिफिट सेक्शन 80C के अतिरिक्त है|

अटल पेंशन योजना में निवेश करने पर भी यही लाभ मिलेगा

पढ़ें: एनपीएस में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट

पढ़ें: अटल पेंशन योजना के बारे में पूरी जानकारी

यह थे कुछ उत्पाद जहां निवेश कर के आप Section 80C के तहत टैक्स लाभ ले सकते हैं| ध्यान दें यह पूरी लिस्ट नहीं है|

एक बात और, निवेश के फैसले को कभी भी सिर्फ टैक्स बेनिफिट से प्रेरित नहीं होना चाहिए। केवल टैक्स बचाने के लिए निवेश न करें| वह  निवेश करें जो आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उपयुक्त है। अगर टैक्स बेनिफिट मिलता है, तो सोने पे सुहागा|

अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगी हो, तो अपने परिवार और दोस्तों से अवश्य शेयर करें|

Source/Credit: PersonalFinancePlan.in

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance, Mutual Funds, NPS, PPF, Tax Planning Tagged With: section 80C tax benefits, इनकम टैक्स बचत, ईएलएसएस, एनपीएस, टैक्स कैसे बचाएं, टैक्स छूठ, टैक्स बचत के तरीके, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि scheme

हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (FY2019)

Last updated: अप्रैल 3, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप सभी स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) के लाभों से अवगत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

साथ ही हेल्थ चेक-अप (health Checkup) कराने पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकतेहैं| तो हुआ न सोने पे सुहागा|

इसके अलावा कुछ विशिष्ठ परिस्तिथियों में लिए गए चिकित्सा के खर्चे पर भी टैक्स छूठ ली जा सकती है|

तो आईये जानते हैं विस्तार से इन इनकम टैक्स बचने के उपायों के बारे में|

#1 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Health Insurance Premium and Preventive Health Checkup under Section 80D in Hindi)

आप वित्तीय वर्ष के दौरान परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80D के तहत मिलता है|

अगर आपकी या आपकी पत्नी (पति) में से किसी की भी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो यह टैक्स बेनिफिट बढ़ कर 50,000 रुपये प्रति वर्ष हो जाता है| FY2018 तक यह बेनिफिट केवल 30,000 रुपये था|

साथ ही, आप अपने, पति/पत्नी और बच्चों के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का बेनिफिट ले सकते हैं|

पर हाँ कुल मिला कर हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और चेक-अप पर वर्ष में 25,000 रुपये (या 50,000 रुपये अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं) का टैक्स बेनिफिट ही ले सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कम करने के 8 तरीके


#2 माता-पिता  के स्वाश्थ्य बीमा और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रीमियम (धारा 80 D) (Tax Benefit for Health Premium and Preventive Health Checkup for Parents)

जी हाँ, आप अपने माता-पिता के लिए लिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आपके माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर भी प्रति वित्तीय वर्ष 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

अगर माता-पिता में से कोई भी एक वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है। वित्तीय वर्ष 2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था|

आप माता-पिता के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का कर लाभ ले सकते हैं| पर जैसा की ऊपर लिखा है, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप दोनों को मिलाकर बेनिफिट 25,000 रुपये (या 30,000 रुपये ही हो सकता है)|


इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए भुगतान नकद (cash) में न करें। अगर नकद में करेंगे, तो टैक्स बेनिफिट नहीं ले पायेंगे|
  • भुगतान बैंकिंग चैनल (चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि) के माध्यम से किया जाता है।
  • निवारक स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) के लिए भुगतान नकद में किया जा सकता है। और नकद भुगतान के लिए भी टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है|
  • भाई बहन के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है|
  • क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान और टॉप-अप और सुपर टॉप-अप बीमा प्लान के लिए भी प्रीमियम का भुगतान धारा 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट के योग्य है।
  • अगर आपने कई वर्षों के प्रीमियम (multi-year policy) का भुगतान एक ही साथ कर दिया है, तो प्रीमियम को बराबर हिस्सों में बाँट कर आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| मान लिए आपने दो साल की पालिसी के लिए 40,000 रुपये का भुगतान किया, तो आप उन  दो वर्ष में 20-20 हज़ार रुपयों का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

health insurance tax benefit FY2019 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

उदहारण 1

अगर आप 35 साल के हैं और आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 75,000 रुपये का लाभ ले सकते हैं ।

अपने, पति / पत्नी और बच्चों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 25,000 रुपये| और माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये|

उदहारण 2

आपके परिवार में 6 सदस्य हैं| आप (35 वर्ष ), आपकी पत्नी (35), आपके दो बच्चे (7,3), आपके माता-पिता (59, 62)| आपने अपने, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लिया है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 21,000 रुपये है|

आपके माता-पिता के इंश्योरेंस का प्रीमियम 32,000 रुपये है| साथ ही आपने परिवार के हेल्थ चेक के लिए 12,000 रुपये का खर्चा किया जबकि माता-पिता के लिए 16,000 रुपये का खर्चा किया|

health insurance tax benefit 2 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

आप देख सकते हैं की आपने कुल खर्चा 81,000 रुपये लिया परन्तु आपको टैक्स बेनिफिट केवल 62,000 रुपये का ही मिल पा रहा है|


#3 Uninsured वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा खर्च (> = 60 वर्ष) (धारा 80 D)

यदि आप (पति/पत्नी या आश्रित बच्चे) एक  वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) हैं और कोई स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस प्लान) नहीं खरीदा है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

साथ ही अगर आपके माता या पिता के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनकी चिकित्सा पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर यह तभी हो सकता है, जबकि उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है|

ध्यान दे कि ऐसे चिकित्सीय व्ययों पर टैक्स बचत केवल तब ही की जा सकती है जब संबंधित वरिष्ठ व्यक्ति के पास कोई स्वस्थ्य बीमा नहीं है|

कृपया ध्यान दें, स्वस्थ्य बीमा, हेल्थ चेक-अप और चिकित्सा खर्च, इस सभी के लिए कुल मिला कर 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ही ले सकते हैं|

माता-पिता के लिए अतिरिक्त 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं|

FY2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था| और केवल अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु) के लिए ही उपलब्ध था|

उदहारण 3

आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 वर्ष से अधिक है) लेकिन आपकी पत्नी की आयु 60 वर्ष से कम है| आपने अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदा है परन्तु  अपनी पत्नी के लिए एक खरीदा है|

आप अपने ऊपर हुए चिकित्सा खर्च, अपनी पत्नी के स्वास्थ्य बीमा और दोनों की स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

उदहारण 4

अगर आपके माता-पिता का कोई भी वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 से अधिक है) और uninsured है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा खर्च के लिए कर लाभ ले सकते हैं।

जैसा कि ऊपर चर्चा करी है, माता-पिता के लिए प्रीमियम भुगतान, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा व्यय का कुल टैक्स बेनिफिट 50,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित है।

पढ़ें: 10 ऐसे खर्चे जो आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कवर नहीं करता


#4 कुछ विशिष्ठ बीमारियों के उपचार के लिए लागत (धारा 80DDB) (Treatment of specified illnesses under Section 80DDB)

अपने या आश्रित रिश्तेदारों के लिए इन बीमारियों पर हुए खर्च के लिए आप 40,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

यह आप  अपने, पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता या भाई-बहन के लिए कर सकते हैं|

एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के इलाज के लिए यह सीमा बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाती है। यह नियम FY2019 (1 अप्रैल 2018 से la

FY2018 तक यह सीमा एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के लिए 60,000 और अति वरिष्ठ नागरिक (>=80 years) के लिए  80,000 रुपये थी।

पर हाँ, इस धरा के तहत आप लाभ तभी ले सकते हैं जबकि आपने किसी बीमा पालिसी के तहत इस खर्चे की प्रतिपूर्ति (reimbursement) न करी हो|

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको विशेषज्ञ डॉक्टर से एक प्रमाण पत्र देना होगा। दोनों , निजी और सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा। ऐसी बीमारियों की सूची नियम 11DD में प्रदान की गई है । कुछ प्रमुख बीमारियाँ हैं: cancer, dementia, chronic renal failure, Parkinson disease, Hemophilia etc.


#5 किसी आश्रित विकलांग परिजन की चिकित्सा के लिए खर्चा (धारा 80 DD)  Deduction for treatment cost of a dependent with disability (Section 80DD)

आश्रित परिजन से मतलब पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे या भाई-बहन हो सकते हैं।

यदि ऊपर लिखे परिजन में से कोई विकलांग है, तो चिकित्सा उपचार, नर्सिंग, प्रशिक्षण या पुनर्वास (rehabilitation) के लिए किये गए खर्चे पर 75,000 रुपये तक टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

अगर आप ऐसे परिजन के मेंटेनेंस की लिए किसी स्कीम में पैसा लगा रहे हैं, तो वह राशि भी आप शामिल कर सकते हैं|

गंभीर विकलांगता के मामले में यह सीमा बढ़ कर 1.25 लाख रुपये हो जाती है। आपको एक मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा| अधिक विवरण के लिए, आयकर अधिनियम की धारा 80 DD और नियम 11 A देखें।


#6 विकलांग व्यक्ति के मामले में कटौती (धारा 80 U)

अगर करदाता स्वयं विकलांग है, तो वह धारा 80 U के तहत 75,000 रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। उपचार लागतों का इस लाभ से कोई संबंध नहीं है | गंभीर विकलांगता की स्तिथि में यह सीमा 1.25 लाख तक बढ़ जाती है।


#7 धारा 17 (2) के तहत चिकित्सा खर्च (केवल FY2018 तक)

आपके नियोक्ता (employer) द्वारा आपको और आपके परिवार के चिकित्सा उपचार के खर्चों के लिए भुगतान की गई राशि (प्रतिपूर्ति, reimbursement) पर 15,000 रुपये तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। परिवार में स्वयं, पति या पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं ।

यह छूट self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है। आपको अपने नियोक्ता को चिकित्सा बिल जमा करना होगा।

यह लाभ केवल FY2018 तक था| इसे वापिस ले लिया गया है|

FY2019 से आपको 40,000 रुपये तक का स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) मिलेगा| इसके लिए आपको कोई बिल जमा करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप सैलरी या पेंशन पाते हैं, तभी यह लाभ ले सकते हैं| यह लाभ self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है।


हेल्थ इंश्योरेंस या चिकित्सा खर्च के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

आपका छह (स्वयं, पति, दो बच्चों और माता-पिता) लोगो का परिवार हैं। अभिभावक वरिष्ठ नागरिक हैं आप निम्नलिखित के लिए कटौती (या छूट प्राप्त) का दावा कर सकते हैं:

  1. अपने, पति / पत्नी और बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर आप या आपके पति/पत्नी 60 वर्ष से अधिक हैं, तो यह सीमा 50,000 रुपये है|
  2. माता-पिता के लिए स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर माता-पिता में से किसी की आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है|

यदि आप या परिवार का कोई सदस्य किसी विशेष बीमारी से पीड़ित हैं या विकलांग हैं तो चिकित्सा खर्चों के लिए अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट लिए जा सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

Source: www.PersonalFinancePlan.in

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Reliance Jio, Airtel, Vodafone और Idea के बेस्ट मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज प्लान (Best prepaid recharge plans)

by दीपेश Leave a Comment

वैसे तो इस ब्लॉग पर में केवल पर्सनल फाइनेंस के बारे में ही बात करता हूँ, पर आज मैं एक ऐसे पहलु पर बात करूंगा जिससे आपके काफी पैसे बचा सकते हैं और फिर बचे हुए पैसे को शायद निवेश भी कर सकें|

मैं बात करूंगा मोबाइल प्रीपेड प्लान्स (mobile prepaid recharge) के बारे में| 2016 में जिओ (Reliance Jio) के आगमन के बाद से सभी मोबाइल ऑपरेटर में एक लड़ाई सी छिड़ गयी है की कौन सबसे सस्ते और सबसे बेहतर प्लान ऑफर करता है|

इस पोस्ट में मैं Reliance Jio, Airtel, Vodafone और Idea के सबसे बेहतरीन मोबाइल prepaid recharge के बारे में बात करूंगा| अब प्लान्स तो बहुत सारे हैं| तो मैं उन प्लान के बारे में बात करूंगा की जहाँ आपको अनलिमिटेड कालिंग (unlimited calling) की सुविधा उपलब्ध है|

  1. Unlimited Calling (असीमित कॉलिंग)
  2. Validity (वैध्यता) (जितनी ज्यादा वैध्यता है, उतना आपके लिए अच्छा है)
  3. Data plan (डाटा प्लान)
  4. Roaming Outgoing calls (अपने सर्किल से बाहर से कॉल करने पर)

ध्यान दें रोमिंग पर incoming calls (roaming incoming calls) अब हर ऑपरेटर में फ्री होती है| तो इस बात पर तुलना करने का कोई भी फायदा नहीं है|

एक बात की यह प्लान हर कुछ दिन पर बदलते रहते हैं| मैं भी इस पोस्ट को नियमित तौर पर अपडेट करता रहूँगा| पर हाँ

Post Last Updated: December 11, 2017 (दिसम्बर 11, 2017)

जिओ प्रीपेड प्लान/जिओ प्रीपेड ऑफर्स/जिओ रिचार्ज ऑफर/जिओ रिचार्ज प्लान/जिओ प्लान्स हिंदी (Jio Prepaid Plans/Jio Prepaid Offers/Jio Recharge offer/Jio recharge plan/Jio plans Hindi/Jio 4G prepaid plans)

जिओ प्रीपेड प्लान/जिओ प्रीपेड ऑफर्स/जिओ रिचार्ज ऑफर/जिओ रिचार्ज प्लान/जिओ प्लान्स हिंदी (Jio Prepaid Plans/Jio Prepaid Offers/Jio Recharge offer/Jio recharge plan/Jio plans Hindi)

आप जिओ के लेटेस्ट प्लान्स (Jio Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://www.jio.com/en-in/4g-plans

एयरटेल प्रीपेड प्लान/ एयरटेल प्रीपेड ऑफर्स/ एयरटेल रिचार्ज ऑफर/ एयरटेल रिचार्ज प्लान/ एयरटेल प्लान्स हिंदी (Airtel Prepaid Plans/ Airtel Prepaid Offers/ Airtel Recharge offer/ Airtel recharge plan/ Airtel plans Hindi)

 

एयरटेल प्रीपेड प्लान/ एयरटेल प्रीपेड ऑफर्स/ एयरटेल रिचार्ज ऑफर/ एयरटेल रिचार्ज प्लान/ एयरटेल प्लान्स हिंदी (Airtel Prepaid Plans/ Airtel Prepaid Offers/ Airtel Recharge offer/ Airtel recharge plan/ Airtel plans Hindi)

आप Airtel के लेटेस्ट प्लान्स (Airtel Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://www.airtel.in/prepaid-recharge

 

वोडाफोन प्रीपेड प्लान/ वोडाफोन प्रीपेड ऑफर्स/ वोडाफोन रिचार्ज ऑफर/ वोडाफोन रिचार्ज प्लान/ वोडाफोन प्लान्स हिंदी (Vodafone Prepaid Plans/ Vodafone Prepaid Offers/ Vodafone Recharge offer/ Vodafone recharge plan/ Vodafone plans Hindi)

वोडाफोन प्रीपेड प्लान/ वोडाफोन प्रीपेड ऑफर्स/ वोडाफोन रिचार्ज ऑफर/ वोडाफोन रिचार्ज प्लान/ वोडाफोन प्लान्स हिंदी (Vodafone Prepaid Plans/ Vodafone Prepaid Offers/ Vodafone Recharge offer/ Vodafone recharge plan/ Vodafone plans Hindi)

आप Vodafone के लेटेस्ट प्लान्स (Vodafone Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://shop.vodafone.in/shop/prepaid/special-offers.jsp

आईडिया प्रीपेड प्लान/ आईडिया प्रीपेड ऑफर्स/ आईडिया रिचार्ज ऑफर/ आईडिया रिचार्ज प्लान/ आईडिया प्लान्स हिंदी (Idea Prepaid Plans/ Idea Prepaid Offers/ Idea Recharge offer/ Idea recharge plan/ Idea plans Hindi)

आईडिया प्रीपेड प्लान/ आईडिया प्रीपेड ऑफर्स/ आईडिया रिचार्ज ऑफर/ आईडिया रिचार्ज प्लान/ आईडिया प्लान्स हिंदी (Idea Prepaid Plans/ Idea Prepaid Offers/ Idea Recharge offer/ Idea recharge plan/ Idea plans Hindi)

आप Idea के लेटेस्ट प्लान्स (Idea Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://care.ideacellular.com/wps/portal/account/online-recharge

तो यह थे सभी मोबाइल ऑपरेटर के बेस्ट प्रीपेड प्लान| अपने प्रयोग (usage) के अनुसार आप अपने लिए बेस्ट प्लान चुन सकते हैं| जैसा की मैंने देखा है की प्लान बेहतर से और बेहतर होते जा रहे हैं| तो आज आपने अपने लिए कोई प्लान चुना है, तब भी कुछ समय बाद ऑफर्स को चेक करते रहिये| हो सकता है कोई और भी बेहतर या सस्ता या लम्बी वैध्यता वाला प्लान आ गया हो|

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होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ध्यान

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अगर आप होम लोन ले कर घर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें|

#1 पहले प्रॉपर्टी के दाम पर खरीद फरोख्त करें, फिर होम लोन पर

अब लोन तो आप तब लेंगे, जब आपने मकान या परोपरी फाइनल कर ली हो|

हमारा काफी ध्यान बैंक से बातचीत करने और ब्याज दर कम करने में लगा हो सकता है| आप संभवतः प्रोसेसिंग फीस (processing fee) का कुछ हिस्सा बचा लेंगे या ब्याज दर 0.10-0.15% कम करा लेंगे।

बहुत अच्छी बात है|

परन्तु अगर आपने बिल्डर या विक्रेता के साथ बातचीत और खरीद फरोख्त (negotiate) करके भी बहुत पैसा बचा सकते हैं। और अगर आप सफल होते हैं, तो यह बचत आपके बैंक से मिलने वाली बचत से कहीं ज्यादा होगी|

एक उदहारण की सहायता से देखते हैं|

मान लिए आपको घर लेने के लिए 60 लाख के लोन की ज़रुरत है|

यदि आपको 15% अग्रिम छूट मिलती है, तो आपको 60 लाख रुपये  के बजाय 51 लाख रुपये का ही ऋण लेना होगा।

चलिए मान लें कि 20 साल के लिए 60 लाख रुपये का ऋण 8%p.a है।

और 51 लाख रुपये का ऋण 9% p.a. पर है। यानी की 1 प्रतिशत ज्यादा|

60 लाख रुपये के लिए मासिक किश्त (EMI) 50,186 रुपये होगी जबकि 51 लाख रुपये के लोन लिए 45,886 रुपये होगी| देखा आपने अगर मकान के दाम कम करा सकते हैं, तो कितना फायदा है| और अभी हमनें अग्रिम भुगतान (down payment) की तो बात भी नहीं करी)|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

इसीलिए पहले बिल्डर या विक्रेता से negotiate (खरीद फरोख्त) करें और उसके बाद बैंक से|

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के होम लोन की जानकारी और ब्याज दर जानना चाहते हैं, तो इस लिंक पर जा कर पा सकते हैं| अन्यथा अगर आपको सभी बैंक के होम लोन रेट जानना चाहते हैं, तो सभी होम लोन रेट की जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ|

#2 अग्रिम भुगतान (Down Payment) देने के लिए तैयार रहे

इस बात का ध्यान रखें की आपके मकान के पूरे मूल्य का लोन नहीं मिलेगा| प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य (market value) का 75-85% ही आपको लोन के रूप में मिलेगा। इसके अलावा पंजीकरण आदि के लिए भी खर्चा आएगा|

बची राशि का इंतज़ाम आपको ही करना होगा| और क्योंकि राशी बड़ी है, आपको इसके लिए पहले से ही तय्यारी करनी होगी|

तो, यदि आप निकट भविष्य में एक घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अग्रिम भुगतान (down payment) और ऐसे खर्चों के लिए अब बचत करना प्रारंभ करें।

#3 दूसरे मकान के लिए होम लोन कर लाभ बदल गए हैं

अगर आपके पास पहले से ही एक घर है और दूसरा खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह बहुत महत्वपूर्ण है।

आम धारणा यह है, की आप दूसरे घर (let-out property) के लिए लिए गए लोन पर जो भी ब्याज देते हैं, उस पर टैक्स बेनिफिट (Section 24) ले सकते हैं|

यह वित्त वर्ष 2017 (पिछले साल) तक सही था लेकिन अब और नहीं। 2017 के बजट में, हाउस प्रॉपर्टी से आय से होने वाली हानि का उपयोग करके जो आप कर लाभ ले सकते हैं, उस लाभ को 2 लाख प्रति वर्ष तक सीमित कर दिया गया है|

यह आपकी सभी आवासीय संपत्तियों के लिए है। इससे पहले, let-out प्रॉपर्टी पर ऐसी कोई सीमा नहीं थी। 2 लाख रुपये की सीमा केवल उस घर ले लिए थी जिसमें आप रहते हैं|

Income from House Property= Net Annual Value (i.e. Rental Income – Municipal Taxes) – Standard Deduction – Interest paid on Housing Loans

घर संपत्ति से आय = शुद्ध वार्षिक मूल्य ( किराये की आय – नगरपालिका कर) –  स्टैंडर्ड कटौती –  होम लोन  पर ब्याज का भुगतान ।

अगर यह आय आपकी शून्य से कम है (loss under Income from House Property), मतलब आपको नुक्सान हुआ है और आप इस नुक्सान को अपनी आमदनी से एडजस्ट कर सकते हैं| ज़ाहिर है, जितना नुकसान आप दिखाएँगे, उतनी ही आपकी कर योग्य आय कम हो जायेगी और आपको कम टैक्स देना होगा|

क्योंकि होम लोन की राशि ज्यादा होती है, ब्याज आपको आसानी से नुकसान में ले जा सकता है| काफी लोग इस बात का फायदा उठाया करते थे| परन्तु अब नहीं| अब केवल 2 लाख रुपये तक ही लाभ ले सकते हैं|

आप इस पहलु के बारे में गहराई से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|

हालांकि आपको अगले 8 वर्षों में सेट-ऑफ के लिए नुक्सान को carry forward करने की अनुमति है, परन्तु इसका इतना फायदा भी नहीं है।

#4 आपको मासिक किश्त देनी होगी

यदि आप एक निर्माणाधीन संपत्ति के लिए योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ महीनों या वर्षों के लिए मासिक किश्त (EMI) और किराया दोनों का भुगतान करना होगा। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि क्या  आप एक ही समय में दोनों का भुगतान सकते हैं।

आपको यह भी देखना होगा कि आप Pre-EMI या Full-EMI के लिए जाना चाहते हैं।

अगर आप बना हुआ घर भी ले रहे है, तब भी आपकी EMI आपके किराए (जहाँ आप अभी तक रह रहे थे) से काफी ज्यादा हो सकती है

यह सुनिश्चित करें की आप ऐसा कर सकते हैं, वरना  बाद में काफी परेशानी हो सकती है|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

#5 लोन लेने के चक्कर में कुछ भी ना खरीद लें, बैंक अधिकारियों से भी रहे सावधान

लोन लेते समय बैंक आपको विभिन्न प्रकार के इंश्योरेंस प्लान बेचने की कोशिश करेंगे| इन सबसे बचें|

बैंक को ऐसे उत्पाद बेचने पर काफी कमीशन मिलता है और बैंक कर्मचारियों के बिक्री लक्ष्य (sales target) भी पूरे होते हैं| मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको जीवन बीमा या दुर्घटना बीमा की ज़रुरत नहीं है|

बिलकुल हो सकती है| आपके पास हर समय पर्याप्त बीमा होना चाहिए।

परन्तु आपको यह उत्पाद बैंक से खरीदने का ज़रुरत नहीं है| इसकी दो वजह हैं| पहला तो बैंक से लेने पर आपको बहुत महंगा पडेगा| दूसरा यह की शायद वह प्लान आपकी ज़रुरत के अनुसार न हो

आप एक साधारण टर्म इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं और इसे बैंक को assign कर सकते हैं। बैंक से बीमा खरीदने की कोई जरूरत नहीं है ।

हाँ एक बात और, बैंक आपको ऐसी योजनाओं को खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कई बार आपसे कहा जा सकता है, की अगर आप उनसे इंश्योरेंस प्लान नहीं खर्रीदेंगे तो आपको लोन नहीं मिलेगा| यह गलत है|

आप बैंक अधिकारियों से ऐसा लिख कर (लिखित में) देने को कहें|

#6 सोचें, समझें और फिर फैसला करें

लोगों को आकर्षित करने के लिए बैंक कई नए प्रकार के लोन ऑफर ले कर आ रहे हैं। आपको यह देखने की ज़रूरत है कि क्या ये उत्पाद आपके लिए उपयोगी हैं या आप सुविधाओं का पूरा उपयोग करने में सक्षम होंगे या नहीं।

यह पता करने की कोशिश करें की आपकी कितनी बचत होगी| अगर आप MS Excel का उपयोग करना जानते हैं, तो यह काम आप भी आसानी से कर सकते हैं|

अन्यथा, अपनी बचत का पता लगाने के लिए मित्र या एडवाइजर की सहायता  ले सकते है|

उसके बाद ही फैसला करें|

Source: EMICalculator

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एलआईसी न्यू एंडॉमेंट प्लान (प्लान 814): पूरी जानकारी (LIC New Endowment Plan in Hindi)

Last updated: दिसम्बर 22, 2017 | by दीपेश 36 Comments

इस पोस्ट में मैं एलआईसी न्यू एन्डोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan) पर चर्चा करूंगा| हम लोग जानेंगे इस प्लान के बारे में गहराई से| यह भी देखेंगे की क्या आपको ऐसे प्लान में निवेश करना चाहिए|

एलआईसी नई एंडॉमेंट प्लान (प्लान संख्या 814) एक पारंपरिक सहभागी गैर-लिंक लाइफ इंश्योरेंस (Non-linked participating life insurance plan) प्लान है।

एलआईसी न्यू एंडॉमेंट प्लान (प्लान 814): पूरी जानकारी और समीक्षा (LIC New Endowment Plan in Hindi)

  • न्यूनतम बीमित रकम (Minimum Sum Assured): 1 लाख रुपये
  • अधिकतम बीमा राशि (Maximum Sum Assured): कोई सीमा नहीं
  • न्यूनतम प्रवेश आयु (Minimum Entry Age): 8 वर्ष
  • अधिकतम प्रवेश आयु (Maximum Entry Age): 55 वर्ष
  • पॉलिसी अवधि (Policy term): 12 से 35 वर्ष
  • प्रीमियम भुगतान टर्म पॉलिसी  टर्म के समान है। Premium payment term equal to policy term
  • परिपक्वता पर अधिकतम आयु (Maximum Age at maturity): 75 वर्ष
  • उच्च बीमा राशि लेने पर प्रीमियम पर छूट (rebate) भी है|
  • लोन सुविधा उपलब्ध है|

पढ़ें: कैसे लें अपनी LIC पालिसी से लोन?

 

एलआईसी न्यू एंडॉमेंट प्लान: परिपक्वता  लाभ (LIC New Endowment Plan: Maturity Benefit)

आप पॉलिसी की अवधि तक  वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करते हैं|

अगर आप पॉलिसी अवधि से दौरान धारक की मृत्यु नहीं होती , तो आपको बीमित राशि (Sum Assured) + वेस्टेड साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) मिलता है|

Maturity Benefit = Sum Assured + Vested Simple Reversionary Bonus + Final Additional Bonus

Simple Reversionary Bonus या सालाना बोनस की घोषणा तो हर साल होती है परन्तु यह आपको मिलता पालिसी अवधि की समाप्ति पर ही है| तब तक आपकी पालिसी में जुड़ता रहता है|

इसका मतलब की घोषित बोनस से आप के हाथ में कुछ भी नहीं आता| आप इस राशि को परिपक्वता के समय ही प्राप्त करते हैं और आप बोनस राशि पर कोई भी रिटर्न नहीं मिलता।

मान लिए आपके पास 10 लाख रुपये का बीमा (Sum Assured) है, और LIC आपकी पालिसी के लिए 45  रुपये (प्रति 1,000 रुपये बीमा) के बोनस की घोषणा करता है| ऐसी स्तिथि में आपको 45,000 रुपये (45*10 लाख/1,000 = 45,000) का bonus मिलेगा|

जैसा की ऊपर लिखा है यह राशि आपको अभी नहीं मिलेगी| पालिसी मेच्योर होने पर मिलेगी| बस आपकी पालिसी में जुड़ जाएगा| एक बात और इस bonus पर आपको कोई रिटर्न नहीं मिलेगा|

Final Additional Bonus (अंतिम अतिरिक्त बोनस) आपको जिस साल में पालिसी मेच्योर हो रही है (या फिर जिस वर्ष में धारक की मृत्यु होती है), केवल उसी वर्ष ही मिलता है|

इस बात पर ध्यान दें की बोनस की कोई गारंटी नहीं हैं| हर साल मिलने वाले बोनस (घोषित बोनस) की राशि बदल सकती है|

एलआईसी नई एंडॉमेंट योजना (LIC New Endowment Plan) कैसे काम करती है?

एक उदाहरण से समझते हैं|

हर साल, एलआईसी एक सरल प्रत्यावर्ती (reversionary) बोनस की घोषणा करता है| यह बोनस बीमित रकम के प्रति हजार  के अनुसार दिया जाता है। इसलिए, अगर योजना के तहत बीमित रकम (लाइफ कवर) 10 लाख रुपये है और एलआईसी ने बीमित रकम के लिए 40 रुपये प्रति हज़ार रूपये के प्रतिवर्ती बोनस की घोषणा की है, तो आपका बोनस उस वर्ष के लिए 40,000 (40 * 10 लाख / 1,000) होगा।

अगर पालिसी अवधि 20 साल है और हर वर्ष 40 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि का बोनस दिया जाता है, तो परिपक्वता के समय आपका बोनस हो गया 8 लाख रुपये (प्रति वर्ष 20 * 40,000)|

इसके अलावा, आपको अंतिम अतिरिक्त बोनस (FAB) भी मिलता है| हालांकि हर वर्ष FAB की घोषणा की जाती है, यह आपकी पॉलिसी पर केवल परिपक्वता / मृत्यु के वर्ष में लागू होती है|

इसलिए, यदि एलआईसी आपकी पालिसी की  मेच्योरिटी या निधन के वर्ष में किसी भी अतिरिक्त बोनस (FAB) की घोषणा नहीं करता है, तो आप (या आपके नामांकित व्यक्ति) को अंतिम अतिरिक्त बोनस नहीं मिलता है। FAB भी बीमित रकम और पॉलिसी अवधि पर निर्भर करता है।

मान लेते है कि जिस वर्ष आपकी पालिसी मेच्योर हुई उस वर्ष एलआईसी ने 200 रुपये प्रति हजार बीमित रकम के FAB की घोषणा की। आपका अतिरिक्त बोनस हुआ, 2 लाख रुपये (200 * 10 लाख रुपये / 1000) होगा।

परिपक्वता राशि (maturity value)  = बीमित राशि + निहित साधारण रिवर्सरीरी बोनस + एफएबी = 10 लाख + 8 लाख + 2 लाख = 20 लाख रुपये

एलआईसी न्यू एंडॉमेंट प्लान: मृत्यु लाभ (LIC New Endowment Plan: Death Benefit)

पालिसी अवधि समाप्त होने से पहले मृत्यु होने पर नॉमिनी को

आपको बीमित राशि (Sum Assured) + वेस्टेड साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) मिलता है|

इसका मतलब जितना बोनस इकट्ठा हो चुका है, बीमा राशि में जोड़ कर दे दिया जाएगा| साथ ही जो फाइनल बोनस की घोषणा होगी, वह भी मिलेगा|

एलआईसी नई एंडॉमेंट योजना (LIC New Endowment Plan) में रिटर्न कैसा मिलता है?

ऊपर हमने देखा की कैसे आप अपनी परिपक्वता राशि कैलकुलेट कर सकते हैं| पर हमनें अभी यह नहीं देखा की रिटर्न कितना मिलता है|

आईये देखते हैं|

मैंने एक 35 वर्षीय व्यक्ति के लिए 10 लाख का बीमा चुना है| पॉलिसी अवधि 25 वर्ष है। आप एलआईसी की वेबसाइट पर जा कर LIC प्रीमियम कैलकुलेटर से अपना प्रीमियम चेक कर सकते हैं|

एक बात पर ध्यान दे की बोनस की राशि के बारे में आपको कुछ अंदाजा लेना होगा| अब मुझे यह तो नहीं पता की आपको बोनस कितना मिलेगा| इसीलिए मैंने अतिरिक्त बोनस की कई वैल्यू पर आपका रिटर्न निकालने की कोशिश करी है|

lic new endowment plan details in hindi premium calculator review एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान 814

आप देख सकते हैं की 25 वर्ष की लम्बी अवधि के लिए निवेश करने पर भी आपको 5-6% p.a. रिटर्न मिलेगा| यह रिटर्न एक लम्बी अवधि के निवेश के लिए काफी कम है|

आपको क्या करना चाहिए?

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान में रिटर्न काफी कम हैं| साथ ही जीवन बीमा भी बहुत ज्यादा नहीं है| इसके अलावा अगर आपको बीच में किसी वजह प्लान छोड़ना हो, तो पेनल्टी भी काफी ज्यादा होती है|

बेहतर होता की आपने एक साधारण टर्म इंश्योरेंस प्लान लिया होता और बची हुई राशि को कहीं निवेश किया होता| आप पीपीएफ या म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर सकते थे|

आपको बीमा कवर भी ज्यादा मिलता और रिटर्न भी बेहतर होते|

एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

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सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी जानकारी (Sukanya Samriddhi Yojana 2019)

Last updated: जनवरी 23, 2019 | by दीपेश 137 Comments

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) को दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत आप अपनी दस वर्ष तक की आयु की बेटी के लिए सुकन्या खाता खोल सकते हैं|

सुकन्या समृद्धि अकाउंट में ब्याज भी अच्छा मिलता है| साथ ही ब्याज़ पर कोई टैक्स भी नहीं देना होता| इस वजह से यह निवेश काफी आकर्षक हो जाता है|

सुकन्या समृद्धि योजना सरकार द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना का हिस्सा है।

आईये जानते हैं सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से|

सुकन्या समृद्धि योजना 2019: पूरी जानकारी (Sukanya Samriddhi Yojana  in Hindi)

इस पोस्ट में मैं इन विषयों पर चर्चा करूंगा|

  1. सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट कौन खोल सकता है?
  2. आपनी अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि अकाउंट कैसे आर कहाँ खोल सकते हैं?
  3. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में सुकन्या खाता कैसे खोलें?
  4. सुकन्या योजना अकाउंट खोलने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
  5. कितने सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोल सकते हैं?
  6. सुकन्या खाते में हर वर्ष कितना पैसा निवेश कर सकते हैं?
  7. सुकन्या खाता कब मेच्योर होता है?
  8. सुकन्या अकाउंट से कब पैसे निकाल सकते हैं?
  9. आपको अपनी बेटी के सुकन्या खाते में कितने वर्ष पैसे जमा करने होते है?
  10. क्या आप सुकन्या समृद्धि खाते को दूसरे बैंक या पोस्ट ऑफिस में ट्रान्सफर कर सकते हैं?
  11. सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट की ब्याज दर क्या है? सुकन्या समृद्धि योजना कैलकुलेटर
  12. सुकन्या समृद्धि योजना टैक्स बेनेफिट्स (Sukanya Samriddhi Yojana Tax Benefits)
  13. क्या आपको सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना चाहिए?

आगे बढ़ने से पहले कुछ जानकारी संक्षिप्त में ले लेते हैं| विस्तार में जानकारी के लिए आप नीचे पढ़ सकते हैं|

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सुकन्या समृद्धि योजना खाते की पूरी जानकारी आप इस वीडियो में भी पा सकते हैं|

 सुकन्या समृद्धि अकाउंट कौन खोल सकता है?

खाता केवल 10 वर्ष से कम उम्र की लड़की के नाम पर खोला जा सकता है। इसका मतलब आप अपनी दस वर्ष से कम आयु की बेटी के लिए यह खाता खोल सकते हैं|

ध्यान दे यह खाता केवल लड़कियों के लिए ही खोला जा सकता है|

यह योजना अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए उपलब्ध नहीं है। अगर बालिका सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के बाद NRI बन जाती है, तो खाता बंद करना होगा| अगर बालिका के NRI बनाने की स्तिथि में आप खाता बंद नहीं करते हैं, तो खाते (NRI बनने के दिन से) पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा|

माता-पिता या कानूनी संरक्षक (parents or legal guardian) बालिका  के लिए खाता खोल सकते हैं। आप गोद ली हुई बेटी के लिए भी यह खाता खोल सकते हैं|


मैं अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि खाता कहाँ खोल सकता हूं?

सुकन्या समृद्धि खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंको (जैसे की SBI, PNB, ICICI इत्यादि )में खोला जा सकता है।

आप बैंक ऑफ बड़ौदा में सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के फॉर्म को देख सकते हैं।

अगर आप SBI में खाता खोलना चाहते हैं, तो बैंक शाखा में जा कर फॉर्म भरें और ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करें| डॉक्यूमेंट की लिस्ट नीचे दी गयी है|


सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आपको निम्न दस्तावेजों की ज़रुरत होगी|

  1. भरा हुआ सुकन्या समृद्धि खाता फॉर्म
  2. बेटी का जन्म प्रमाण पत्र (birth certificate)
  3. आपके (माता/पिता/अभिभावक)  का पहचान प्रमाण (identity proof) (PAN कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आधार कार्ड इत्यादि)
  4. आपके (माता/पिता/अभिभावक) का निवास प्रमाण (address proof) (PAN कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, बिजली का बिल, टेलीफोन बिल इत्यादि)

बैंक अपनी आंतरिक आवश्यकताओं के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेजों जैसे पैन कार्ड के लिए पूछ सकते हैं।

यह सभी डाक्यूमेंट्स आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा कर सकते हैं|


आप कितने सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोल सकते हैं?

एक लड़की के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है|

आप अधिकतम दो लड़कियों के लिए ऐसा खाता खोल सकते हैं|

कुछ परिस्तिथियों में आप 3 सुकन्या समृद्धि अकाउंट भी खोल सकते हैं:

  1. अगर आपको पहली बेटी होने के बाद आपको दो जुड़वा बेटी होती हैं, तब आप तीनों बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं|
  2. अगर आपको पहली बार ही तीन बेटियाँ एक साथ होती हैं, तब भी आप तीनों बेटियों के लिए खाता खोल सकते हैं|

यदि यह पाया जाता है कि आपने एक ही लड़की के नाम पर 1 से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खोल दिए हैं, तो संभव है कि आप केवल पहले खाते पर ब्याज अर्जित करें। यह मानना ​​उचित होगा ली एक लड़की के लिए केवल एक ही खाते पर ब्याज दिया जाएगा। जैसा कि मैं समझता हूं, शेष खातों के लिए, किसी भी ब्याज के बिना धन वापस कर दिया जाएगा।

इसलिए, अगर आपने एक ही बेटी के लिए एक से अधिक खाते खोल दिए हैं, तो अतिरिक्त खाते बंद करें।


सुकन्या समृद्धि अकाउंट अधिकतम और न्यूनतम जमा राशि (Sukanya Account: Minimum and Maximum Investment)

खाता 1000 रुपये की प्रारंभिक जमा राशि से खोला जा सकता है। बाद में 100 रुपये के गुणकों मे जमा किया जा सकते हैं।

खाता 250 रुपये की प्रारंभिक जमा राशि से खोला जा सकता है। बाद में 50 रुपये के गुणकों मे जमा किया जा सकते हैं। (जुलाई 2018)

आप एक सुकन्या समृद्धि अकाउंट में न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष जमा कर सकते हैं।

न्यूनतम राशि को अब 1,000 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया गया है| (जुलाई 2018)

इसलिए, अगर आपकी दो बेटियां हैं, तो आप दोनों  खातों में 1.5 लाख रुपये (कुल मिला कर 3 लाख रुपये) जमा कर सकते हैं। ध्यान दें आप पीपीएफ में ऐसा नहीं कर सकते|

अगर आप किसी सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खोले गए खाते में एक वित्तीय वर्ष में 1.5 रुपये से ज्यादा जमा कर देते हैं, तो उस अतिरिक्त राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा| आप उस अतिरिक्त राशि को बिना ब्याज के कभी भी वापिस ले सकते हैं|

आप सुकन्या समृद्धि अकाउंट में कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन पैसे जमा कर सकते हैं|

कुछ बैंक आपको सुकन्या खाते में ऑनलाइन निवेश करने का विकल्प भी देते हैं|


सुकन्या समृद्धि योजना खाता कब परिपक्व होता है? When does Sukanya Samriddhi Account mature?

कब  सुकन्या समृद्धि खाता परिपक्व होगा, इस बारे में बहुत भ्रम है।

खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष पूरे होने के बाद परिपक्व हो जाता है। ध्यान दें खाते के मेच्योर होने का लड़की की उम्र का कोई संबंध नहीं है।

इसका मतलब, यदि आपने 15 अगस्त, 2015 को खाता खोला है, तो आप 15 अगस्त, 2036 को एक खाता परिपक्व होगा।

एक बात और, 21 वर्ष पूरे होने के बाद, सुकन्या समृद्धि  खाते में आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा|

अगर खाताधारक (बेटी) की शादी होने वाली है, तब आपकी बेटी खाते को समयपूर्व (21 वर्ष पूरे होने से पहले) बंद करके पैसे निकाल सकती है| ऐसा करना ज़रूरी नहीं है| यह एक विकल्प है| ध्यान दें आपकी बेटी की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और आपको यह आवेदन शादी से एक महीने पहले या शादी के तीन महीने बाद तक करना होगा|

अब संक्षिप्त में देखें तो,  समृद्धि अकाउंट दो परिस्थिति में बंद किया जा सकता है:

  1. खाते को खोले हुए 21 वर्ष हो गए हैं| अगर आप 21 वर्ष पूरा के बाद अपना पैसा नहीं निकालते हैं, तो आपको राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा|
  2. बेटी के विवाह के समय| यह ज़रूरी नहीं है| यह आपके सामने विकल्प हैं| अगर आपको अपनी बेटी की शादी के लिए धन की ज़रुरत है परन्तु खाते को खोले हुए अभी 21 वर्ष नहीं हुए हैं, तब भी आप आवेदन करके खाते को समयपूर्व बंद कर सकते हैं|

सुकन्या समृद्धि खाते से पैसे कब निकाल सकते हैं?

एक बात और, आप सुकन्या समृद्धि खाते के मेच्योर होने से पहले भी कुछ पैसा निकाल सकते हैं|

परन्तु ऐसा कुछ परिस्तिथि में ही किया जा सकता है|

आप बेटी की उच्च शिक्षा के लिए पिछले साल के अंत में खाते में जमा राशि का 50% तक निकाल सकते हैं|

परन्तु इसके लिए बेटी की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए या उसने कम से कम दसवीं कक्षा पास कर ली हो|

एक बात और आप केवल उतना ही पैसा निकाल सकते हैं, जितना की शिक्षा के लिए चाहिए| तो आप एडमिशन स्लिप, प्रवेश पात्र में लिखी फीस से ज्यादा पैसे नहीं निकाल सकते|


मैं अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में योगदान कब तक कर सकता हूं?

आप खाता खोलने की तारीख से 15 वर्ष पूरे होने तक खाते में योगदान कर सकते हैं। इसलिए, खाता खोलने की तारीख से 16वें वर्ष की शुरुआत से 21 वर्ष के अंत तक, कोई और योगदान नहीं कर सकते।

इसलिए, यदि आपने 15 अगस्त, 2015 को खाता खोला है, तो आप 15 अगस्त, 2030 तक खाते में जमा कर सकते हैं।

ध्यान दे आपको सोलहवें वर्ष से इक्कीसवें वर्ष (16th year till 21st year) ब्याज मिलता रहेगा|

इसका मतलब है कि आप 15 से 21 वर्ष तक पैसे जमा नहीं कर सकते लेकिन शेष राशि पर  इस अवधि के दौरान ब्याज अर्जित कर सकते है ।


क्या सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट को ट्रान्सफर कर सकते हैं?

जी हाँ, अगर आप घर बदल रहे हैं, तो आप अपनि बेटी का सुकन्या खाता भी ट्रान्सफर कर सकते हैं|

  1. एक बैंक से दूसरे बैंक
  2. एक पोस्ट ऑफिस (डाक घर) से दूसरे पोस्ट ऑफिस
  3. किसी पोस्ट ऑफिस से बैंक या बैंक से पोस्ट ऑफिस

आपको अपने नए पते का प्रमाण देना होगा| 

प्रक्रिया कुछ ऐसी होगी:

  1. अपने बैंक/डाक घर (जहां पर अभी खाता है) में जाएँ और वहाँ पर आवेदन करें|
  2. मौजूदा बैंक सारे डॉक्यूमेंट आपके नए बैंक में भेज देगा|
  3. नए बैंक/पोस्ट ऑफिस में KYC करके आप सुकन्या खाता चालू कर सकते हैं|

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं|


सुकन्या समृद्धि योजना के लिए ब्याज दर  Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate

हर तिमाही वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ब्याज दर को सूचित करता है। July 18, 2018 को  सुकन्या समृद्धि योजना इंटरेस्ट रेट  8.1% p.a. है | ध्यान दे यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

जिस ब्याज दर की घोषणा करी जाती है, उस तिमाही में आपकी जमा राशि (balance) पर आपको वही ब्याज मिलता है|

सुकन्या समृद्धि योजना की अभी की  ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जा सकते हैं|

ब्याज की गणना के लिए महीने की 10 तारीख और महीने के अंत तक सबसे कम बैलेंस पर मिलता है| तो बेहतर होगा की महीने की 10 तारीख से पहले आप पैसे जमा कराएं|

मान लिए आप अपनी बेटी (तीन वर्ष की आयु) के लिए सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट खोलते हैं और हर वर्ष (15 वर्ष तक) 15,000 रुपये हर वर्ष जमा करते हैं, तो खाते की मेच्योरिटी के समय कुल 7.28 लाख रुपये जमा हो जायेंगे| मैंने यह माना है की ब्याज दर पूरी अवधि के लिए 8.3% p.a रहेगी| ध्यान दे आप प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं|

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अगर आप अपने निवेश के लिए मेच्योरिटी राशि जानना चाहते हैं, तो काफी सारे सुकन्या समृद्धि योजना कैलकुलेटर ऑनलाइन उपलब्ध हैं, आप वहाँ कोशिश कर सकते हैं|


सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश पर टैक्स बेनिफिट (Sukanya Samriddhi Scheme Tax Benefits)

यह योजना Exempt-Exempt-Exempt उत्पादों की श्रेणी में आती है|

इसका मतलब आपको कभी टैक्स नहीं देना होता|

निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|

ब्याज कर-मुक्त है|

मेच्योरिटी के समय भी कोई टैक्स नहीं देना होता|

इस योजना में निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80 सी (Section 80C) के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। इसलिए, आप खाते में निवेश के लिए 1.5 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

ध्यान दें अगर आपकी दो बेटियां हैं, तो आप कुल मिला कर तीन लाख रुपये (दोनों खातों में 1.5 लाख) निवेश कर सकते हैं, परन्तु टैक्स बेनिफिट आपको 1.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं मिलेगा|

एक बात और, यह 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट केवल सुकन्या योजना में निवेश के लिए नहीं है| पीपीएफ, ईपीएफ, जीवन बीमा, ELSS इत्यादि सभी इसी के अन्दर आता है|

यदि आपके पति/पत्नी भी नौकरी करते हैं, तो आप पहली बेटी के खाते में पैसे जमा कर सकते हैं और आपके पति/पत्नी दूसरी बेटी के खाते में जमा कर सकती है। इस तरह, आप दोनों टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।


क्या आपको सुकन्या समृद्धि  योजना में निवेश करना चाहिए?

सुकन्या योजना अकाउंट आकर्षक (और गारंटीकृत) कर-मुक्त ब्याज प्रदान करता है| यह ब्याज दर पीपीएफ की ब्याज दर से अधिक है।

इस बात में कोई दोराय नहीं है की सुकन्या समृद्धि योजना आपकी बेटी की पढाई और शादी के लिए एक अच्छा निवेश विकल्प है|

परन्तु प्रतिबन्ध बहुत सारे हैं| जमा करने पर प्रतिबंध है| आप केवल 15 वर्षों के लिए जमा कर सकते हैं और खाता 21 साल में परिपक्व हो जाता है। आप चाह कर भी इससे आगे नहीं बढ़ा सकते|

पीपीएफ में ऐसा कोई प्रतिबन्ध नहीं है| जब तक चाहें, तब तक खाता चला सकते हैं|

अगर आप अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की सोच रहे हैं, तो पीपीएफ अकाउंट खोलने के बारे में भी सोच सकते हैं। साथ ही थोड़ा इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के बारे में भी विचार करें|


इस बात पर ध्यान दें

अगर आप अपनी बेटी के सुकन्या खाते में न्यूनतम राशि (1,000 रुपये 250 रुपये) भी जमा नहीं करते हैं, तो आप कुछ जुर्माना दे कर अपने खाते को नियमित कर सकते हैं| खाते को नियमित (regularize) करने के लिए आपको पिछले वर्षों के न्यूनतम भुगतान के साथ-साथ प्रति वर्ष 50 रुपये के हिसाब से पैसा जमा करना होगा|

मान लिए आप पिछले वर्ष आप सुकन्या खाते में भुगतान नहीं कर पाते हैं, तो इस वर्ष आपको 1,000 + 50 = 1,050 रुपये  250 + 50 = 300 रुपये का भुगतान करके अपने (बेटी के) अकाउंट को नियमित करना होगा|

1,000 रुपये 250 रुपये खाते में जायेंगे, 50 रुपये का जुर्माना रहेगा| इसके अतिरिक्त आपको इस वर्ष का भुगतान तो करना ही होगा|

ध्यान दें अगर आपने सुकन्या खाता खोलने के 15 वर्ष के भीतर अकाउंट को नियमित नहीं लिया, तो आपको केवल सेविंग्स अकाउंट (बचत खाते) की ब्याज दर मिलेगी, न की सुकन्या खाते की|


अधिक जानकारी के लिए पढ़ें

Sukanya Samriddhi Amendment Rules, 2016 (सुकन्या समृद्धि खाता नियम, २०१६)

Sukanya Samriddhi Account Rules, 2014

सुकन्या समृद्धि योजना SBI वेबसाइट पर

Filed Under: Financial Planning, PPF, Tax Planning Tagged With: Sukanya Samriddhi Scheme Hindi, sukanya samriddhi yojana hindi, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, सुकन्या समृद्धि योजना 2018, सुकन्या समृद्धि योजना SBI, सुकन्या समृद्धि योजना की नियम

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