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हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (FY2019)

Last updated: अप्रैल 3, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप सभी स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) के लाभों से अवगत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

साथ ही हेल्थ चेक-अप (health Checkup) कराने पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकतेहैं| तो हुआ न सोने पे सुहागा|

इसके अलावा कुछ विशिष्ठ परिस्तिथियों में लिए गए चिकित्सा के खर्चे पर भी टैक्स छूठ ली जा सकती है|

तो आईये जानते हैं विस्तार से इन इनकम टैक्स बचने के उपायों के बारे में|

#1 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Health Insurance Premium and Preventive Health Checkup under Section 80D in Hindi)

आप वित्तीय वर्ष के दौरान परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80D के तहत मिलता है|

अगर आपकी या आपकी पत्नी (पति) में से किसी की भी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो यह टैक्स बेनिफिट बढ़ कर 50,000 रुपये प्रति वर्ष हो जाता है| FY2018 तक यह बेनिफिट केवल 30,000 रुपये था|

साथ ही, आप अपने, पति/पत्नी और बच्चों के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का बेनिफिट ले सकते हैं|

पर हाँ कुल मिला कर हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और चेक-अप पर वर्ष में 25,000 रुपये (या 50,000 रुपये अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं) का टैक्स बेनिफिट ही ले सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कम करने के 8 तरीके


#2 माता-पिता  के स्वाश्थ्य बीमा और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रीमियम (धारा 80 D) (Tax Benefit for Health Premium and Preventive Health Checkup for Parents)

जी हाँ, आप अपने माता-पिता के लिए लिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आपके माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर भी प्रति वित्तीय वर्ष 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

अगर माता-पिता में से कोई भी एक वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है। वित्तीय वर्ष 2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था|

आप माता-पिता के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का कर लाभ ले सकते हैं| पर जैसा की ऊपर लिखा है, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप दोनों को मिलाकर बेनिफिट 25,000 रुपये (या 30,000 रुपये ही हो सकता है)|


इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए भुगतान नकद (cash) में न करें। अगर नकद में करेंगे, तो टैक्स बेनिफिट नहीं ले पायेंगे|
  • भुगतान बैंकिंग चैनल (चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि) के माध्यम से किया जाता है।
  • निवारक स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) के लिए भुगतान नकद में किया जा सकता है। और नकद भुगतान के लिए भी टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है|
  • भाई बहन के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है|
  • क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान और टॉप-अप और सुपर टॉप-अप बीमा प्लान के लिए भी प्रीमियम का भुगतान धारा 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट के योग्य है।
  • अगर आपने कई वर्षों के प्रीमियम (multi-year policy) का भुगतान एक ही साथ कर दिया है, तो प्रीमियम को बराबर हिस्सों में बाँट कर आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| मान लिए आपने दो साल की पालिसी के लिए 40,000 रुपये का भुगतान किया, तो आप उन  दो वर्ष में 20-20 हज़ार रुपयों का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

health insurance tax benefit FY2019 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

उदहारण 1

अगर आप 35 साल के हैं और आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 75,000 रुपये का लाभ ले सकते हैं ।

अपने, पति / पत्नी और बच्चों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 25,000 रुपये| और माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये|

उदहारण 2

आपके परिवार में 6 सदस्य हैं| आप (35 वर्ष ), आपकी पत्नी (35), आपके दो बच्चे (7,3), आपके माता-पिता (59, 62)| आपने अपने, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लिया है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 21,000 रुपये है|

आपके माता-पिता के इंश्योरेंस का प्रीमियम 32,000 रुपये है| साथ ही आपने परिवार के हेल्थ चेक के लिए 12,000 रुपये का खर्चा किया जबकि माता-पिता के लिए 16,000 रुपये का खर्चा किया|

health insurance tax benefit 2 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

आप देख सकते हैं की आपने कुल खर्चा 81,000 रुपये लिया परन्तु आपको टैक्स बेनिफिट केवल 62,000 रुपये का ही मिल पा रहा है|


#3 Uninsured वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा खर्च (> = 60 वर्ष) (धारा 80 D)

यदि आप (पति/पत्नी या आश्रित बच्चे) एक  वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) हैं और कोई स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस प्लान) नहीं खरीदा है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

साथ ही अगर आपके माता या पिता के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनकी चिकित्सा पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर यह तभी हो सकता है, जबकि उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है|

ध्यान दे कि ऐसे चिकित्सीय व्ययों पर टैक्स बचत केवल तब ही की जा सकती है जब संबंधित वरिष्ठ व्यक्ति के पास कोई स्वस्थ्य बीमा नहीं है|

कृपया ध्यान दें, स्वस्थ्य बीमा, हेल्थ चेक-अप और चिकित्सा खर्च, इस सभी के लिए कुल मिला कर 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ही ले सकते हैं|

माता-पिता के लिए अतिरिक्त 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं|

FY2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था| और केवल अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु) के लिए ही उपलब्ध था|

उदहारण 3

आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 वर्ष से अधिक है) लेकिन आपकी पत्नी की आयु 60 वर्ष से कम है| आपने अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदा है परन्तु  अपनी पत्नी के लिए एक खरीदा है|

आप अपने ऊपर हुए चिकित्सा खर्च, अपनी पत्नी के स्वास्थ्य बीमा और दोनों की स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

उदहारण 4

अगर आपके माता-पिता का कोई भी वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 से अधिक है) और uninsured है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा खर्च के लिए कर लाभ ले सकते हैं।

जैसा कि ऊपर चर्चा करी है, माता-पिता के लिए प्रीमियम भुगतान, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा व्यय का कुल टैक्स बेनिफिट 50,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित है।

पढ़ें: 10 ऐसे खर्चे जो आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कवर नहीं करता


#4 कुछ विशिष्ठ बीमारियों के उपचार के लिए लागत (धारा 80DDB) (Treatment of specified illnesses under Section 80DDB)

अपने या आश्रित रिश्तेदारों के लिए इन बीमारियों पर हुए खर्च के लिए आप 40,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

यह आप  अपने, पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता या भाई-बहन के लिए कर सकते हैं|

एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के इलाज के लिए यह सीमा बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाती है। यह नियम FY2019 (1 अप्रैल 2018 से la

FY2018 तक यह सीमा एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के लिए 60,000 और अति वरिष्ठ नागरिक (>=80 years) के लिए  80,000 रुपये थी।

पर हाँ, इस धरा के तहत आप लाभ तभी ले सकते हैं जबकि आपने किसी बीमा पालिसी के तहत इस खर्चे की प्रतिपूर्ति (reimbursement) न करी हो|

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको विशेषज्ञ डॉक्टर से एक प्रमाण पत्र देना होगा। दोनों , निजी और सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा। ऐसी बीमारियों की सूची नियम 11DD में प्रदान की गई है । कुछ प्रमुख बीमारियाँ हैं: cancer, dementia, chronic renal failure, Parkinson disease, Hemophilia etc.


#5 किसी आश्रित विकलांग परिजन की चिकित्सा के लिए खर्चा (धारा 80 DD)  Deduction for treatment cost of a dependent with disability (Section 80DD)

आश्रित परिजन से मतलब पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे या भाई-बहन हो सकते हैं।

यदि ऊपर लिखे परिजन में से कोई विकलांग है, तो चिकित्सा उपचार, नर्सिंग, प्रशिक्षण या पुनर्वास (rehabilitation) के लिए किये गए खर्चे पर 75,000 रुपये तक टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

अगर आप ऐसे परिजन के मेंटेनेंस की लिए किसी स्कीम में पैसा लगा रहे हैं, तो वह राशि भी आप शामिल कर सकते हैं|

गंभीर विकलांगता के मामले में यह सीमा बढ़ कर 1.25 लाख रुपये हो जाती है। आपको एक मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा| अधिक विवरण के लिए, आयकर अधिनियम की धारा 80 DD और नियम 11 A देखें।


#6 विकलांग व्यक्ति के मामले में कटौती (धारा 80 U)

अगर करदाता स्वयं विकलांग है, तो वह धारा 80 U के तहत 75,000 रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। उपचार लागतों का इस लाभ से कोई संबंध नहीं है | गंभीर विकलांगता की स्तिथि में यह सीमा 1.25 लाख तक बढ़ जाती है।


#7 धारा 17 (2) के तहत चिकित्सा खर्च (केवल FY2018 तक)

आपके नियोक्ता (employer) द्वारा आपको और आपके परिवार के चिकित्सा उपचार के खर्चों के लिए भुगतान की गई राशि (प्रतिपूर्ति, reimbursement) पर 15,000 रुपये तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। परिवार में स्वयं, पति या पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं ।

यह छूट self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है। आपको अपने नियोक्ता को चिकित्सा बिल जमा करना होगा।

यह लाभ केवल FY2018 तक था| इसे वापिस ले लिया गया है|

FY2019 से आपको 40,000 रुपये तक का स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) मिलेगा| इसके लिए आपको कोई बिल जमा करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप सैलरी या पेंशन पाते हैं, तभी यह लाभ ले सकते हैं| यह लाभ self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है।


हेल्थ इंश्योरेंस या चिकित्सा खर्च के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

आपका छह (स्वयं, पति, दो बच्चों और माता-पिता) लोगो का परिवार हैं। अभिभावक वरिष्ठ नागरिक हैं आप निम्नलिखित के लिए कटौती (या छूट प्राप्त) का दावा कर सकते हैं:

  1. अपने, पति / पत्नी और बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर आप या आपके पति/पत्नी 60 वर्ष से अधिक हैं, तो यह सीमा 50,000 रुपये है|
  2. माता-पिता के लिए स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर माता-पिता में से किसी की आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है|

यदि आप या परिवार का कोई सदस्य किसी विशेष बीमारी से पीड़ित हैं या विकलांग हैं तो चिकित्सा खर्चों के लिए अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट लिए जा सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

Source: www.PersonalFinancePlan.in

इमेज सौजन्य: Flickr

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Health Insurance (स्वास्थ्य बीमा) से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

by दीपेश Leave a Comment

आजकल की भाग दौड़ भरी  ज़िन्दगी में कब क्या हो जाये कुछ पता नहीं होता|

इसके लिए एक पर्याप्त हेल्थ कवरेज (health insurance) बहुत ही जरूरी होता है ।लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने पर पैसे की कमी पड़ सकती है और ऐसे बड़े खर्चे आपकी आर्थिक स्तिथि को कमज़ोर कर सकते हैं|

आज मैं इस पोस्ट में हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी  कुछ  मिथ्याओं और health इंश्योरेंस न लेने के कुछ बहानों पर चर्चा करूँगा|

 #1 मैं अभी फिट हूँ और मुझे Health Insurance की ज़रुरत नहीं है

ध्यान रखें अभी कुछ भी हो सकता है| आप कितने हीत हो, एक्सीडेंट (दुर्घटना) तो हो ह सकता है| ऐसे केस में अस्पताल का बिल कैसे भरेंगे| अगर health insurance नहीं है, ओ सारा बिल जेब से भरना होगा|

ध्या रखें की आप बीमा तभी ख़रीदे जब आपको जरुरत नहीं हो| क्योंकि जब आपको ज़रुरत हगी तब इंश्योरेंस कंपनी आपको बेचेगी नहीं|

एक बात मैंने गौर करी है, जब आप फिट होते हैं, तब इंश्योरेंस आसानी से मिल जाया है| जैसे ही कोई बीमारी हुई, इंश्योरेंस लेने में बहु परेशानी होती है|

#2 मेरे पास पहले से employer ग्रुप हेल्थ कवर है,मुझे personal हेल्थ प्लान की जरुरत नहीं है

काफी लोगो  से  मै यह सुनता हूँ । क्या आप भी ऐसा सोचते है ?

चलिए में आपसे कुछ सवाल पूछता हूँ, आपको अपने सवाल का जवाब शायद खुद ही मिल जाएगा|

1– क्या आपका employer कवर आपके परिवार को भी कवर करता है? क्या सिर्फ सिर्फ 2 या 3 लाख का कवर आपके परिवार के लिए काफी है ?

2 – यदि आपका एम्प्लॉयर अगले साल कवर कम करता है या फिर लागत में कटौती करने के लिए पूरी तरह से स्वास्थ्य कवर हटा देता है, तब आप क्या करेगे?

3 – आप अपनी जॉब (job) change करते हैं पर नयी जगह कोई health कवर नहीं है?

4– आपने अपनी job छोड़ दी है और आपको दूसरी जगह अगले हफ्ते से जाना है| आप (या आपके परिवार में कोई) उस बीच बीमार पड़ जाता है| सारा बिल आपको देना होगा|

5– Employer cover तो केवल रिटायरमेंट तक होगा| उसके बाद क्या होगा?

हमेशा ध्यान रखें, अगर आपको कोई गंभीर बीमारी हो गयी, तो शायद आप चाह कर भी health insurance न खरीद पायेंगे| और अगर खरीद भी पाएं, तो प्रीमियम बहुत जज्यादा हो सकता है|

#3 अगर मै अपने इंश्योरेंस प्लान में claim करता हूँ, तो अगले साल से मेरा प्प्रीमियम बढ़ जाएगा

ऐसा नहीं है| इंश्योरेंस कंपनी चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि IRDA (insurance regulator) ऐसा करने की अनुमति नहीं देता|

केवल claim करने की वजह से आपका प्रीमियम नहीं बढेगा|

पर ध्यान रखें, आयु के साथ आपका प्रीमियम बढ़ सकता है| साथ ही इंश्योरेंस कंपनी की underwriting पालिसी में बदलाव पर भी प्रीमियम बढ़ सकता है|  परन्तु ऐसा होने पर आपके आयु वर्ग (age group) में सबका प्रीमियम बढ़ेगा (केवल आपका नहीं)|

#4 सस्ता सबसे अच्छा

ऐसा बिल्कुल नहीं है|

स्वास्थ्य बीमा (health insurance) और जीवन बीमा (Life insurance) में बहुत अंतर होता है|

Health insurance plan की coverage काफी अलग हो सकती है| इसीलिए प्रीमियम में भी काफी अंतर हो सकता है|

अगर आपके प्लान का प्रीमियम काफी कम है, तो उसकी एक वजह यह भी हो सकती है की उसकी coverage कम है या उसमें कुछ कम features हों|

सोच समझ कर पालिसी लें|

#5 सभी तरह के दवाई के खर्चे insurance कवर करेगा

आपका health इंश्योरेंस प्लान अस्पताल का सारा खर्च नहीं उठता|

Health insurance होने के बावजूद आपको कुछ खर्चा खुद उठाना होगा|

मैंने इस बारे में विस्तार से इस पोस्ट में लिखा है| ज़रूर पढ़ें|

#6 2-4 साल बाद सब कुछ कवर किया जाता है

पहले से मौजूद बीमारियों को waiting period के खत्म होने के बाद कवर किया जाता है।

परन्तु अगर बीमा कंपनी को पता चलता है कि आपने पॉलिसी खरीदते समय पूरी तरह से अपनी स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा नहीं किया है, तो वह कभी भी आपके दावे को अस्वीकार कर सकता है (प्रतीक्षा अवधि के बाद भी)| और बीमा कंपनी सही भी है|

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हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) प्रीमियम कम करने के 8 तरीकें

Last updated: अगस्त 17, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

अस्पाताल की सुविधायें मेहेंगी होती जा रही हैं| अगर आपको किसी कारण अस्पताल में भरती होना पड़े, तो काफी खर्चा उठाना पड़ सकता है| इसी वजह से health insurance (स्वास्थ्य बीमा) खरीदना बहुत ज़रूरी हो गया है|

Health Insurance प्लान खरीदने पर आपकी बीमारी तो दूर नहीं होगी परन्तु उस बीमारी के लिए अस्पताल के खर्चे की चिंता को काफी हद तक दूर हो सकती है|

हो सकता है की आपके employer ने आपको health insurance दिया है| परन्तु ऐसे कवर में काफी समयाएं हैं| जैसे की यह कवर केवल तभी तक रहेगा जब तक आप उस employer के साथ काम कर रहे है| नौकरी छोड़ने या बदलने पर वह कवर चला जाएगा|

इसीलिए पर्सनल health insurance कवर खरीदने की सलाह दी जाती है| परन्तु हो सकता है ऐसे प्लान का प्रीमियम आपके बजट के बाहर हो| और यही वजह है की बहुत से लोग स्वास्थ्य बीमा (health insurance प्लान) नहीं खरीदते है|पर एक बात सोचिये| अगर आपको health insurance का प्रीमियम देने में इतनी परेशानी हो रही है, तो आप अस्पताल का लम्बा बिल कैसे भरेंगे|

इस पोस्ट में, मैं स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के लिए कुछ तरीकों पर चर्चा करूंगा|

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के लिए टिप्स :

#1 कम कवर के लिए ऑप्टशन

यह बिल्कुल भी कोई कवर नहीं होने से बेहतर है। यदि आप 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा (health insurance) का प्रीमियम आप नहीं दे सकते हैं (afford नहीं कर सकते), तो 2 लाख रुपये के कवर के लिए जाएं| भविष्य में जब आपका आय में बढ़त हो  और आप में ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करने का सामर्थ्य हो, तो तब आप आप कवर को बढ़ा सकते हैं।

#2 वार्षिक कटौती (Deductible) के लिए विकल्प

बीमाकर्ता केवल एक निश्चित सीमा तक अस्पताल के खर्चा देता है| आप एक सुपर टॉप-अप प्लान(super top-up plan) ले सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर आइये एक प्राइवेट इंशोरेंस कंपनी के प्लान को देखते हैं।

एक परिवार 4 (40, 38, 10, 4) के लिए, 10 लाख रुपये के परिवार के फ्लोटर का प्रीमियम 27,436 रुपये है।

यदि आप 3 लाख रुपये का कटौती (deductible of Rs 3 lacs) करते हैं, तो प्रीमियम 16,463 रुपये है।

ध्यान रखें ऐसे विकल्प में आपको पहले 3 लाख रुपये अपनी जेब से देने होंगे|

मान लिए, हॉस्पिटल बिल 7 लाख रुपये का है, तो 3 लाख आप देंगे और बचे 4 लाख insurance कंपनी देगी|

5 लाख रुपये की कटौती (deductible of रस 5 lacs) के साथ, सालाना  प्रीमियम 13,71 9 रुपये है।

#3 सह भुगतान(co-payment) का विकल्प

आप बीमा खरीदी के समय लागत साझा करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इसे कुछ इस तरह आप समझ सकते है मान लीजिये आपके health insurance plan में 20% सह-भुगतान (co-payment) है|

तो आपको बीमा कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए मेडिकल बिल का 20% आपको देना होगा।

सह–भुगतान (co-payment) बीमा कंपनी को दो तरीकों से मदद करता है।

  1. आप इलाज में लगी कीमत में साझा (share) करते हैं|
  2. क्योंकि आप उपचार की लागत को साझा करते हैं, जाहिर सी बात है आप अपने इलाज़ का खर्चा कम से कम रखने की कोशिश करेंगे| इससे इंश्योरेंस कंपनी को भी आपके इलाज़ में कम खर्चा करना होगा|

इसी वजह से co-payment का चुनाव करने पर आपका प्रीमियम कमहो जाता है|

#4 मातृत्व (maternity benefit) लाभ से बचें

मातृत्व लाभ के तहत, बीमा कंपनी child delivery में होने वाले खर्चे को कुछ हद तक उठाती है।

एक तरह से मातृत्व लाभ बीमा के सिद्धांत के खिलाफ है| आमतौर पर बीमा कंपनी का खर्चा तब होता है जब की आपको नुकसान हुआ हो| जैसे की कोई बीमारी, एक्सीडेंट, मृत्यु आदि| परन्तु बच्चे का जन्म तो ख़ुशी की बात है|

जो लोग family planning के तहत बच्चे प्लान कर रहे हैं, उन मामलों में तो यह खर्चा आना ही है|

इसी वजह से मातृत्व लाभ के साथ योजना (health insurance plan with maternity benefit) काफी महंगी होती है|

निजी तौर पर, मैं 50,000 रुपये से कम होने वाले लाभ के लिए 15,000 रुपये प्रति वर्ष के अतिरिक्त प्रीमियम का तीन साल तक भुगतान नहीं करुगा|

आप भी maternity बेनिफिट वाले प्लान से बचें|

#5 परिवार फ्लोटर (family floater) और व्यक्तिगत योजना (individual plan) के बीच तय करें

Family Floater प्लान में पूरा परिवार k ही प्लान में कवर हो सकता है|

अगर आप individual प्लान लेते हैं, तो हर व्यक्ति के लिए नया प्लान लेना होगा|

ध्यान रखें की Family floater का प्रीमियम सबसे ज्यादा आयु वाले सदस्य की आयु पर निर्भर करता है|

इसीलिए Family floater  प्लान एक युवा परिवार के लिया अच्छा विकल्प है| प्रीमियम भी कम होगा|

परन्तु अगर आप 45 से ऊपर हैं, तो शायद बेहतर होगा की आप अपने लिए individual प्लान लें|

इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

#6 दूसरी बीमा कंपनी से health insurance खरीद सकते हैं

अगर आपकी वर्तमान बीमा योजना महंगी है, तो आप दूसरी बीमा कंपनी से बीमा ले सकते हैं|

नया बीमाकर्ता कम प्रीमियम पर कवर की पेशकश कर सकता है| और इससे आपका प्रीमियम कम हो सकता है|

अपनी पालिसी को port कर सकते हैं|

#7 2 साल के लिए प्रीमियम भुगतान करना

लगभग सभी बीमाकर्ता आपको आप दो या दो से अधिक वर्षों के लिए बीमा प्रीमियम का भुगतान पर 5% से 10% की छूट देते हैं ।

मान लिये10 लाख रुपये में एक Family floater का प्रीमियम 27,436 रुपए है।

यदि आप एक साथ दो साल का भुगतान करते हैं, तो आपको 52,641 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसके परिणामस्वरूप 2,231 रुपये की बचत होगी।

#8 Hospital Cash या OPD सुविधाओं से बचें

ऐसी सुविधायों के कुछ ख़ास फायदा नहीं होता और बिना बात प्रीमियम बढ़ जाता है|

आपको क्या करना चाहिए?

हमने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के विभिन्न तरीकों पर ध्यान दिया|

ध्यान रखें हर तरीके में आपने कुछ लिया है तो कुछ दिया भी है|

प्रीमियम कम हुआ है, तो कहीं न कहीं आपकी coverage भी कम हुयी है|

निर्णय आपका हिया की आप क्या करना चाहते हैं|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

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10 ऐसे खर्चे जो आपका Health Insurance plan (स्वास्थ्य बीमा) कवर नहीं करता

by दीपेश 2 Comments

आजकल जहाँ हॉस्पिटल के बिल तेजी से बढ़ रहे हैं, हेल्थ  इंश्योरेंस (health insurance या स्वास्थ्य बीमा) प्लान की अहमियत को  समझना कोई मुश्किल काम नहीं है|परन्तु अगर आप समझते हैं की आपका health insurance प्लान (स्वास्थ्य बीमा) आपकी बीमारी का सारा खर्चा उठा लेगा, तो यह भी गलत होगा|

आपको  यह भी पता होना चाहिये कि आपका हेल्थ इंश्योरेंस कुछ  जगह (case) में आपका साथ छोड़ सकता है। जिसके कारण आपको अपनी खुद के जेब से पैसे देने पड़ेगे।

इसीलिए आपके लिए यह जानना बहुत जरुरी है की आप अपने insurance प्लान की कवरेज (coverage) को  समझें, जिससे बाद में आपको परेशानी ना हो ।

आइये देखते हैं की कब आपका health insurance प्लान आपका अस्पताल का सारा खर्चा नहीं उठाएगा|

#1 क्या आपने co-payment चुना है?

अगर ऐसा है तो आपको अपने हिस्से का भुगतान खुद करना होगा , कंपनी इसमे भागीदारी नहीं लेगी।

चलिए समझते है इसका गड़ित, यदि आपने 20 % का cop-ayemt का बिकल्प चुना है तो हॉस्पिटल बिल का 20℅ आपको भरना होगा ।

मान लिये आपके कवर १० लाख रूपए का है और आपका बिल 5 लाख रुपये का बनता है| इसके साथ आपके प्लान में 20% co-payment भी है| ऐसे केस में इंश्योरेंस कंपनी केवल 4 लाख रुपये का ही भुगतान करेगी| एक लाख रुपये आपको अपनी जेब से देने होंगे|

#2 क्या आपके प्लान में आपने deductible लिया है?

आईये उदाहरण से समझते है|

मान लीजिये आपने super top-up plan ख़रीदा है 10 लाख का और उसका साल का deductible 2 लाख रुपये है, तो पहले 2 लाख का खर्चा आपको अपनी जेब से देना होगा।

अगर आपका बिल 5 लाख का है, तो 2 लाख आप देंगे और 3 लाख इंश्योरेंस कंपनी देगी| उसी साल दोबारा भरती होते हैं और 3 लाख का बिल बनता है, तो सारा खर्चा इंश्योरंस कंपनी उठाएगी क्योंकि आप 2 लाख रुपये पहले ही दे चुके हैं|

#3 किसी प्रकार का excess, sub-limit के ऊपर ?

एक बहुत आसान उदाहरण देता हूँ| मान लिजिए आपका टोटल कवर 10 लाख का है और मोतियाबिंद के इलाज के लिए 25000 की sub limit है|

अगर आप cataract (मोतियाबिंद) का ऑपरेशन कराते हैं और बिल 60,000 का बनता है, तो इंश्योरंस कंपनी केवल 25,000 ही देगी|

#4 तय कमरे के किराये से ज्यादा खर्चा(room-rent sublimit)

यह समझना कभी कभी बहुत पेचिदा हो जाता है।

अस्पताल में कई तरह के कमरे होते हैं और सबका किराया अलग अलग होता है| आपकी इंश्योरेंस पालिसी में ऐसे दैनिक किराये (daily room rent) पर लिमिट होती है| कमाल की बात यह है की दूसरे खर्चे जैसे की सर्जरी,डॉक्टर परामर्श आदि सब कमरे के किराए पर निर्भर करते हैं| जितना महंगा कमरा, उतना महंगा इलाज़|

मान लिए आपकी पालिसी में यह लिमिट 5,000 रूपये है| पर आप अस्पताल में ऐसा कमरा चुनते है जिसका किराया दिन का 10,000 रुपये है| ऐसे केस में इंश्योरेंस कंपनी केवल आधा बिल ही देगी| यह कटौती केवल कमरे के किराए पर ही नहीं, बल्कि पूरे बिल पर लगेगी|

इस केस में मान लिए 5 लाख का बिल बना है, तो इंश्योरेंस कंपनी केवल 2.5 लाख रुपये ही देगी|

इस बारें में ज्यादा जान्ने के लिए आप, यह पोस्ट पढ़ सकते हैं|

#5 इंतजार अवधि (waiting period) ख़त्म होने से पहले एक मौजूदा बीमारी (pre-existing illness) का इलाज

आपको इस तरह के waiting period की जानकारी होनी चहिये| यह जानकारी आपकी policy contract में दी होती है। सस्ते प्लान का waiting period अधिक हो सकता है ।

#6 कुछ वर्षो के लिए विशिष्ट इलाज की लागत

आपके इंश्योरेंस प्लान खरीदने के कुछ साल तक कुछ common operation कवर नहीं होते| जैसे की किडनी/गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में पत्थर, हर्निया, cataract आदि|

ऐसा न हो तो कुछ लोग ऐसे इलाज़ का खर्चा बचाने के लिए ही इंश्योरेंस लेंगे|

ध्यान रखें की इसका आपकी pre-existing illness से कोई सम्बन्ध नहीं है|

#7 पहले 30-90 दिनों में उपचार 

हर पालिसी में पहले 30-90 दिन कोई planned ट्रीटमेंट cover नहीं होता।

ध्यान रखें की किसी दुर्घटना के वजह से hospitalization और आपातकाल स्थिति इन 30-90 दिनों में भी कवर होती है।

#8 Permanent exclusions

HIV/aids , डेंटल या cosmetic ट्रीटमेन्ट आदि आपके हेल्थ insurance में कवर नहीं होता। ऐसे और भी इलाज़ हो सकते हैं| अपने पालिसी document को सही से पढ़े और समझें|

ध्यान रखें कॉस्मेटिक सर्जरी अथवा डेंटल ट्रीटमेंट किसी दुर्घटना के कारण हुआ तो कंपनी इसे कवर कर सकती है।

#9 विदेशों में उपचार

अधिकतर policy विदेशों में उपचार नहीं कवर करती। ये सभी प्लान भारत में होने वाले उपचार को ही कवर करते हैं ।

जो प्लान विदेश में उपचार को कवर करते हैं, वह काफी मेहेंगे हो सकते हैं|

#10 उपभोग्य (consumables)

आपके अंतिम अस्पताल के बिल में ऑपरेशन का खर्च, कमरे का किराया , दवाई इत्यादि ही नहीं होते| औए भी काफी सारी चीज़ें होती हैं| जैसे की खाने का बिल, diapers, बेबी फ़ूड, TV chargesम internet charges आदि| ऐसे खर्चे आपी इइंश्योरेंस कंपनी नहीं देगी|

यह सब खर्चे आसानी से आपे बिल का 8-10% हिस्सा बना सकते हैं| यह आपको अपनी जेब से ही देने होंगे और आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए|

आपको क्या करना चाहिए?

आपने बशर्ते health insurance ले लिया हो, पर आपको ऐसे खर्चो को ध्यान में रखना चाहिए जो की आपका प्लान कवर नहीं करता| और आपको ऐसे खर्चो के भुगतान के लिए हमेशा कुछ पैसा बचा के रखना चाहिए|

साथ ही साथ अपने इंश्योरेंस प्लान की coverage को समझें| अपने पालिसी document को अच्छे से पढ़े|

अगर कुछ इलाज़ या बिल का हिस्सा पालिसी के हिसाब से कवर नहीं होता, तो कंपनी उसे नहीं अदा करेगी| ऐसे केस में कंपनी से लड़ने में अपना समाया बर्बाद न करें|

अपने समय और उर्जा को बचाएँ उन मामलों के लिए जहाँ पर इंश्योरेंस कंपनी ने गलत फैसला लिया है|

साथ ही कुछ पैसा जमा कर के रखें मेडिकल आपातकालीन स्तिथियों के लिए और ऐसे खर्चों के लिए जो इंश्योरेंस कंपनी कवर नहीं करती|

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: exclusion in health insurance, health insurance

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