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वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Savings Scheme) के बारे में पूरी जानकारी

Last updated: अप्रैल 16, 2018 | by दीपेश 2 Comments

इस पोस्ट में, हम वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (सीनियर सिटीजन्स सेविंग स्कीम या SCSS) की समीक्षा करेंगे|

जब हम नौकरी कर रहे होते हैं, हमें महीने के अंत में वेतन मिलता है और इसे हम अपने खर्चो को पूरा करने के लिए  इस्तेमाल करते है।

एक बार जब हम रिटायर होते हैं, तो यह प्रकिया बंद हो जाती है ।प्रत्येक महीने के अंत में कोई वेतन नहीं मिलता है। हालांकि वेतन बंद हो गया है, खर्च बंद नहीं होते है। इसलिए, आप सेवानिवृत्ति के बाद भी आपको नियमित आय की आवश्यकता होती है।

अच्छी बात है अगर आपको रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है| परन्तु अगर नहीं मिलती है या फिर पेंशन पर्याप्त नहीं है, तो अतिरिक्त नियमित आय की आवश्यकता हो सकती है|

अब रिटायरमेंट के दौरान नियमित आय अर्जित करने का काफी सारे तरीके हैं|

इस पोस्ट में, हम वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम या SCSS) की समीक्षा करेंगे| यह एक ऐसा बचत उत्पाद है जिसे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाया गया है। हम पात्रता मानदंड, परिपक्वता, जमा की सीमा, ब्याज दरों और कर उपचार पर चर्चा करेंगे। हम इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि बाज़ार में उपलब्ध अन्य आय उत्पादों के ख़िलाफ़।

पढ़ें: कैसे कर सकते हैं अपने पीपीएफ खाते का इस्तेमाल पेंशन के लिए?

पढ़ें: प्रधान मंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के बारे में पूरी जानकारी

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Savings Scheme) (SCSS in Hindi)

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम: पात्रता (Eligibility)

केवल 60 या अधिक आयु वाले व्यक्ति ही इस खाते को खोल सकते है।

सेवानिवृत्त होने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (voluntary retirement) के लिए चुनने वाले कुछ शर्तों के अधीन 60 वर्ष से कम आयु में भी खाता खोल सकते हैं।

ऐसे लोग 55 वर्ष की आयु के बाद इस योजना के तहत निवेश कर सकते हैं| परन्तु ऐसी स्तिथि आपको रिटायर होने के एक महीने के अन्दर ही ऐसा अकाउंट खोलना होगा|

सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों (नागरिक रक्षा कर्मचारियों को छोड़कर) उम्र सीमा के बावजूद इस योजना में निवेश कर सकते हैं।

अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) SCSS नहीं खोल सकते।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) के तहत खाता कहाँ खोले?

आप किसी भी पोस्ट ऑफिस, पब्लिक सेक्टर बैंकों और चुनिंदा निजी क्षेत्र के बैंकों में इस खाते को खोल सकते हैं।

परिपक्वता: (सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम खाता कब मेच्योर होता है?)

परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। 5 साल के अंत में खाते को और तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है| ध्यान दें की आप अपने अकाउंट की अवधि को केवल एक बार ही बढ़ा सकते हैं|

तो अधिकतम 8 साल तक आप अपने खाते को चला सकते हैं|

NRI अपने SCSS खाते की अवधि को नहीं बढ़ा सकते।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) की ब्याज दर क्या है?

अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले दिन पर ब्याज का भुगतान त्रैमासिक रूप से किया जाता है। Quarterly Interest Payment

ब्याज दर निश्चित नहीं है और वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही (every quarter) को अधिसूचित किया जाता है। ब्याज की वर्तमान दर 8.3% p.a. है (नवम्बर 8, 2017 को)| ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम  की नवीनतम  ब्याज दर (latest interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जा सकते हैं|

खाता (deposit) खोलते समय जो ब्याज की दर है, वही ब्याज दर आपको पूरे पांच साल मिलेगी| खाता खोलने के बाद अगर SCSS की ब्याज दर बदली जाती है, तो आप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा| अगर आप कोई नया खाता खोलते हैं, तो आप पर फर्क पड़ेगा|

उदाहरण के लिए, यदि आप एससीएसएस के तहत एक deposit खोलते हैं और मौजूदा ब्याज दर 8.3% p.a. है, तो आपको पूरे पांच साल 8.3% p.a. ही मिलेगा। इस निवेश की अवधि में भले ही सरकार भविष्य में SCSS पर ब्याज दर बदल दे, तो आप फिर भी पूरे अवधि के दौरान 8.3% अर्जित करेंगे।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम) में अधिकतम निवेश (Maximum Investment Limit)

आप इस योजना के तहत deposit खोलते हैं, बैंक फिक्स्ड डिपाजिट की तरह|

इसका मतलब यह कोई सेविंग्स बैंक खाता नहीं है, जिसमें आप जब चाहें पैसे जमा कर सकते हैं|

अब आप खाते (deposit) कितने भी खोल सकते हैं|

जैसे की पहले 2 लाख का एक SCSS deposit खोल लिया| उसके बाद एक लाख का एक और खोल लिया|

आप कितने भी खाते खोले जा सकते है लेकिन सभी खातों में कुल मिलाकर 15 लाख रुपये से अधिक जमा नहीं कर सकते।

आप individual और joint दोनों तरह के खाते खोल सकते हैं|

Joint (संयुक्त) अकाउंट केवल अपने पति या पत्नी के साथ ही खोल सकते हैं|

Joint अकाउंट में प्रथम आवेदक (first holder) की आयु को पात्रता (eligibility) के लिए माना जाता है| एक संयुक्त खाते के मामले में, दूसरे आवेदक की उम्र पर कोई प्रतिबंध नहीं है

एक बात और, निवेश सीमा के आंकलन के लिए एक संयुक्त खाते की पूरी राशि को पहले धारक का माना जाता है।

यदि आप वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए अधिकतम राशि का योगदान करना चाहते हैं, तो आप निम्न में से कोई भी कर सकते हैं:

आप और आपके पति/पत्नी प्रत्येक खाते में 15 लाख रुपये के साथ व्यक्तिगत खाते खोल सकते हैं।

आप दो संयुक्त खाते खोल सकते हैं। आप एक खाते में पहले धारक हो सकते हैं, जबकि पति/पत्नी दूसरे खाते में पहली धारक हो सकते है। प्रत्येक खाते में 15 लाख रुपये जमा करें।

इस तरह, आप परिवार के लिए एससीएसएस में 30 लाख रुपये जमा / निवेश कर सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट

इस योजना में  निवेश करने पर धारा 80 सी (Section 80C) के तहत  टैक्स बेनिफिट मिलता है|

अर्जित ब्याज कर योग्य है। Interest is taxable.

यदि वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज 10,000 रुपए से अधिक है तो Tax deduction at source or TDS काटा जाएगा। टीडीएस की दर 10% है| अगर आपने PAN जमा नहीं किया है, तो 20% TDS काटा जाएगा|

ध्यान दें:

यदि कोई टीडीएस कटौती नहीं हुई है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको ब्याज पर कोई टैक्स देने की ज़रुरत नहीं है। आपको अपनी आयकर रिटर्न में पूरी ब्याज आय शामिल करनी होगी और यदि आवश्यक हो, तो आयकर का भुगतान करने की आवश्यकता है।

साथ ही , अगर टीडीएस काट लिया गया है, परन्तु आप उच्च टैक्स ब्रैकेट में आते हैं,  तो आपको अतिरिक्त कर का भुगतान करना पड़ सकता है|

उदाहरण के लिए, यदि आप 20,000 रुपये का ब्याज कमाते हैं, तो 2,000 रुपये का टीडीएस काट लिया जाएगा। हालांकि, यदि आप 30% ब्रैकेट में आते हैं, तो आपकी टैक्स लायबिलिटी 6,000 रुपये होगी। अपनी आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको शेष 4,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

फॉर्म 15 जी / फॉर्म 15 एच (Form 15G/15H) जमा करके आप TDS से बच सकते हैं लेकिन

स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) से बचने के लिए, आप डाकघर / बैंक के साथ फॉर्म 15 G/ 15 H जमा कर सकते हैं।

60 साल से कम आयु के निवेशक फॉर्म 15 जी (Form 15G) जमा कर सकते हैं|

60 साल से अधिक आयु के निवेश फॉर्म 15 एच (Form 15H) जमा कर सकते हैं|।

परन्तु कर कोई यह फॉर्म जमा नहीं कर सकता| कुछ नियम है|

आप फॉर्म 15G तभी जमा कर  सकते हैं यदि आपका वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय कर (estimated tax liability) शून्य है और आपकी कुल ब्याज आय न्यूनतम कर छूट सीमा (2.5 लाख रुपये) से कम है। कृपया ध्यान दें दोनों शर्तों पूरी होनी चाहिए|

आप फॉर्म 15H जमा करने की लिए  आपका वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आयकर शून्य होना चाहिए| और हाँ, आयु 60 वर्ष से अधिक होनी चाहिए|

बस एक बात, फॉर्म 15G/15H जमा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की आप इसके पात्र (eligible) हैं| बिना पात्रता के जमा करने पर  आयकर कानून की धारा 277 के तहत जुर्माना या कारावास को दावत दे सकती है।

पढ़ें: फिक्स्ड डिपाजिट पर TDS कैसे बचाएँ?

कर लाभ को अधिकतम कैसे करें?

चूंकि आपको एससीएसएस में निवेश करने के लिए टैक्स बेनिफिट मिलता है, इसलिए आप अधिकतम आय कर लाभ पाने के लिए एससीएसएस में अपने निवेश को कुछ वर्षों के ऊपर बांट सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आप SCSS में 7.5 लाख रुपये का निवेश करना चाहते हैं तो अधिकतम कर लाभ पाने के लिए आप हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं।

ध्यान दे मैं ऐसा नहीं कह रहा हूँ की आपको ऐसा करना चाहिए|

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) से समयपूर्व निकासी / क्लोजर (Premature closure)

SCSS खाते को समयपूर्व बंद (पांच साल से पहले) पर पेनल्टी देनी होती है|

एक वर्ष पूरा होने से पहले आप SCSS deposit बंद नहीं कर सकते|

1 वर्ष के बाद बंद करने पर जमा राशि के 1.5% के जुर्माना देना होगा।

2 वर्षों के बाद, दंड की रकम जमा राशि का 1% हो जाती है।

आंशिक निकासी (partial withdrawal) की अनुमति नहीं है, इसलिए आपको पूरा खाता ही बंद करना होगा (अगर आपको समय से पहले पैसे निकालने हैं)|

जैसे की मैंने ऊपर चर्चा करी है, की आप कई SCSS अकाउंट खोल सकते हैं| एक अकाउंट को समयपूर्व बंद करने से दूसरे अकाउंट पर कोई फर्क नहीं पड़ता|

कृपया ध्यान दें कि एससीएसएस खाते के समय से पहले बंद होने के मामले में धारा 80 C का तहत लिए गए टैक्स बेनिफिट को उलट दिया जाएगा।

विस्तार (Extension) के मामले में, निवेशक बिना किसी दंड के एक वर्ष के बाद किसी भी समय खाते को बंद कर सकता है।

एससीएसएस नियमों के उल्लंघन में खाते का संचालन

यदि यह पाया गया कि खाता एससीएसएस खाते के नियमों के उल्लंघन में खोला गया है (जैसे खाते में 15 लाख रुपये से अधिक निवेश), तो खाता तुरंत बंद कर दिया जाएगा।

जो पहले ब्याज का भुगतान किया गया है,  उसे जमा राशि में से काट लिया जाएगा| बची हुई राशि निवेशक वापस कर दी जाएगी।

मेरे अनुसार वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अच्छा उत्पाद है। आपको ब्याज भी अच्छा मिलता है और धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट भी प्रदान करता है। आप धारा 80 सी के तहत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए अपने निवेश को अलग-अलग वर्षों में डाल सकते हैं।

पर हाँ, आपको ब्याज पर टैक्स देना होगा|

हालांकि, आप केवल SCSS खाते में अधिकतम 15 लाख रुपये जमा कर सकते हैं (30 लाख रुपये अगर आपके पति/पत्नी भी अधिकतम राशि का योगदान करते है)| इसका मतलब इस स्कीम से मिलने वाली आय की सीमा है|

इसलिए, आपको रिटायरमेंट के दौरान नियमित आय बनाने के लिए, एससीएसएस के साथ अन्य आय उत्पादों का उपयोग करना पड़ सकता है।

Source:www.PersonalFinancePlan.in

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PPF vs ELSS: टैक्स बचाने के लिए आप पीपीएफ में निवेश करेंगे या ELSS में?

Last updated: नवम्बर 11, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

टैक्स सेविंग सीजन (Tax-saving season) आने वाला है| इस दौरान ईएलएसएस बनाम पीपीएफ (ELSS vs PPF) चर्चा का एक बहुत ही लोकप्रिय विषय है।

कुछ लोग पीपीएफ को बेहतर मानते हैं, तो कुछ ELSS को|

आप किस में निवेश करना पसंद करते हैं? पीपीएफ में या ELSS में या किसी में भी नहीं?

सच बताऊँ तो मुझे यह सवाल काफी अजीब  और कुछ स्तर पर गलत लगता है| अगर देखें तो पीपीएफ (PPF) और ईएलएसएस (ELSS) में कोई भी समानता नहीं है|

ईएलएसएस एक इक्विटी उत्पाद है जबकि पीपीएफ एक ऋण उत्पाद है। ELSS is an equity investment whereas PPF is a debt investment.

पीपीएफ के साथ रिटर्न की गारंटी होती है, ईएलएसएस (ELSS) के साथ ऐसी कोई गारंटी नहीं है|

ईएलएसएस(ELSS) निवेश में 3 साल का लॉक-इन है जबकि पीपीएफ 15 वर्षों में परिपक्व होगा |

केवल एक समानता है की दोनों में निवेश करने पर  आयकर अधिनियम की धारा 80 सी (Section 80C) के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है|

एक तरह से, लोगों को ईएलएसएस और पीपीएफ के बीच इस दुविधा का सामना करना पड़ता है क्योंकि दोनों में निवेश करने पर समान टैक्स बेनिफिट  देते हैं।

अगर दोनों उत्पादों के पास एक जैसे टैक्स बेनिफिट नहीं होते, तो शायद ऐसी दुविधा भी कभी नहीं होती|

इस पोस्ट में, मैं ईएलएसएस और पीपीएफ के बीच एक तुलना करूँगा| साथ ही इस बात पर चर्चा करूंगा की आपको इस सवाल के बारे में कैसे सोचना चाहिए|

इक्विटी लिंक्ड बचत योजना Equity Linked Savings Scheme (ELSS)

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) को आमतौर पर टैक्स-सेविंग इक्विटी म्यूचुअल फंड के रूप में जाना जाता है|

  1. ELSS एक प्रकार का इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड है|
  2. ELSS और अन्य इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में बस इतना अंतर है की ELSS में निवेश करने पर आपको टैक्स बेनिफिट मिलता है और ELSS में 3 वर्ष का lock-in होता है|
  3. तीन साल का लॉक-इन है | ईएलएसएस फण्ड में हर निवेश तीन साल के लॉक-इन के अधीन है, इसलिए आप 3 साल से पहले अपना पैसा नहीं निकाल सकते।
  4. ईएलएसएस में निवेश करने पर इनकम टैक्स की धारा 80 सी (Section 80C) के तहत 1.5 लाख तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है।
  5. प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ELSS में निवेश की मात्रा पर कोई सीमा नहीं है। आप कितना भी निवेश कर सकते हैं| परन्तु टैक्स बेनिफिट .5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक ही सीमित रहेगा।
  6. इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड 1 वर्ष से पहले बेचने पर होने वाले मुनाफे को Short Term Capital Gain माना जाता है और उस मुनाफे पर आपको 15% टैक्स देना होता है|  ELSS आप तीन साल से पहले कुछ बेच ही नहीं सकते| इसीलिए short term capital gain की तो कोई संभावना ही नहीं है|
  7. इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड 1 वर्ष के बाद  बेचने पर होने वाले मुनाफे को Long Term Capital Gain माना जाता है| FY2019 से ऐसे मुनाफे पर आपको 10% टैक्स देना होगा| ELSS पर भी यही नियम लागू होगा| जब आप ELSS यूनिट्स बेचेंगे, तब आपको मुनाफे पर 10% टैक्स देना होगा| म्यूच्यूअल फण्ड बेचने पर लगने वाले टैक्स की अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|
  8. इक्विटी म्यूचुअल फंड से डिविडेंड (dividend) पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता| परन्तु आपको dividend देने से पहले म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी 10% टैक्स (Dividend Distribution Tax) काट लेती है|
  9. यदि आप SIP के माध्यम से ईएलएसएस में निवेश कर रहे हैं, तो SIP की हर किश्त तीन साल को लॉक हो जाएगी।  15 जनवरी 2016 को किस्त के माध्यम से खरीदी गई यूनिट्स 16 जनवरी 2019 को या उसके बाद  बेचीं जा सकती हैं। 15 फरवरी 2016 को खरीदी गई यूनिट्स 16 फरवरी, 2019 से बेची जा सकती हैं।
  10. रिटर्न शेयर बाजार से जुड़ा हुआ है और इसकी गारंटी नहीं है।
  11.  Non-resident Indians (NRI) भी ELSS में निवेश कर सकते हैं।

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड बेचने पर कितना अक्स देना पड़ता है?

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)

मैंने अपने कई पोस्ट  में पीपीएफ के बारे में बात की है। इसलिए, मैं इस पोस्ट में विस्तार से पीपीएफ को कवर नहीं करूँगा। आप नीचे दी गयी पोस्ट के माध्यम से पीपीएफ के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|

पढ़ें: PPF खाते के बारे  में पूरी जानकारी

पढ़ें: PPF खाते से कैसे लें लोन और किन बातों का रखें ध्यान

पढ़ें: PPF खाता मेच्योर होने पर क्या हैं आपके विकल्प?

पढ़ें: क्या आपको अपने बच्चों के लिए पीपीएफ अकाउंट खोलना चाहिए?

पढ़ें: अब कर सकते हैं 5 साल बाद अपना पीपीएफ खाता बंद

पढ़ें: पीपीएफ में कैसे होती है ब्याज की गणना?

पीपीएफ के बारे में कुछ ख़ास बातें

  1. पीपीएफ खाता 15 साल बाद मेच्योर होता है।
  2. परन्तु पीपीएफ निवेश के लिए लॉक-इन अवधि हर साल कम होती जाती है। मतलब की 15 साल पहले निवेश से गिने जाते हैं| हर निवेश 15 साल के लिए लॉक नहीं होता| इसके विपरीत, ईएलएसएस में हर निवेश तीन साल के ताजा लॉक-इन के अधीन होता है|
  3. इसका मतलब पीपीएफ में पहला निवेश 15 साल को लॉक रहेगा जबकि दसवें साल में किया गया निवेश केवल 5 साल ही लॉक-in में रहेगा| ELSS में हर निवेश को एक सामान 3 वर्ष के लॉक-इन का सामना करना पड़ता है|
  4. 15 साल की प्रारंभिक परिपक्वता के बाद, आप 5 वर्षों के ब्लॉक में पीपीएफ खाते का विस्तार कर सकते हैं।
  5. तीसरे वर्ष से आपके पीपीएफ खाते से आप लोन ले सकते हैं। सातवें वर्ष से आंशिक निकासी (partial withdrawal) की अनुमति है|
  6. कुछ परिस्थितियों में आप अपने खाते को 5 साल के बाद भी बंद कर सकते हैं| परन्तु ऐसा करने पर आपको एक पेनल्टी देनी होगी|
  7. आप एक वित्तीय वर्ष में अपने पीपीएफ खाते में (और पीपीएफ खातों में जहां आप अभिभावक या guardian हैं) अधिकतम 1.5 लाख रुपये  में डाल सकते हैं। अतिरिक्त राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा|
  8. 1.5 लाख रुपये  तक के निवेश पर  सेक्शन 80 C के तहत टैक्स लाभ मिलता है|
  9. रिटर्न तय नहीं  हैं | हर तिमाही (quarter) के लिए ब्याज दर वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित है|
  10. NRI पीपीएफ में निवेश नहीं कर सकते|

पीपीएफ या ईएलएसएस (PPF vs ELSS): किस में करें निवेश?

PPF vs ELSS vs PPF hindi पीपीएफ ईएलएसएस में अंतर

पहले आप को अपने वित्तीय लक्ष्यों (financial goals) के बारे में सोचना चाहिए और उसके बाद फैसला लेना चाहिए| केवल टैक्स सेविंग के बारें में न सोचें|

पीपीएफ और ईएलएसएस के बारे में सोचने से पहले, जांच करें कि आपके पास पर्याप्त जीवन बीमा है या नहीं। यदि आपके पास पर्याप्त जीवन बीमा नहीं है, तो एक टर्म प्लान खरीदें| उसके बाद निवेश के बारे में सोचे| जीवन बीमा खरीदने पर भी टैक्स बेनिफिट मिलता है|

पीपीएफ और ELSS दोनों ही लम्बे समय के निवेश (long term investment) के लिए है| तो अगर आप कम समय के लिए निवेश कर रहे है, तो आप किसी में भी निवेश न करें|

जब आप पहली बार अपना खाता खोलते हैं तो पीपीएफ एक दीर्घकालिक निवेश है | हालांकि, जब आप परिपक्वता के करीब जाते हैं, तो इसका इस्तेमाल अल्पावधि निवेश (short term investment) के रूप में भी किया जा सकता है। परन्तु आपको देखना होगा की आपको ऐसा करने की ज़रुरत है या नहीं|

अपने asset allocation पर ध्यान दें| अगर आप इक्विटी में ज्यादा निवेश कर रहे हैं, तो आप PPF (जो की एक डेब्ट निवेश है) में निवेश कर सकते हैं| अगर आप डेब्ट में ज्यादा कर रहे हैं, तो आप ELSS पर विचार कर सकते हैं| आपको एक संतुलन बना कर चलना चाहिए|

ईएलएसएस(ELSS) भी एक दीर्घकालिक निवेश (long term investment) होता है। लॉक-इन अवधि से अपने आपको आप को ग़लत तरीके से गुमराह न होने दें। भले ही ईएलएसएस निवेश को 3 साल की लॉक-इन अवधि के बाद बेचा जा सकता है, परन्तु आपको ईएलएसएस में तभी निवेश करना चाहिए, जब की आपका निवेश क्षितिज (investment horizon) कम से कम 10 साल है।

यदि सेक्शन 80C की 1.5 लाख की लिमिट ईपीएफ (EPF) आवंटन, जीवन बीमा और होम लोन के भुगतान से पूरी हो चुकी है, तो ईएलएसएस (ELSS) में निवेश करने की कोई जरूरत नहीं है। आप किसी भी इक्विटी फण्ड में निवेश कर सकते हैं|

ध्यान दे ELSS और एक किसी सामान्य इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में केवल यही अंतर है की ELSS में निवेश करने पर आपको टैक्स बेनिफिट मिलता है| इसीलिए अगर आपके टैक्स बेनिफिट की लिमिट पूरी हो गयी है, तो ईएलएसएस में निवेश करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

ध्यान दें पीपीएफ अभी भी एक विचार के योग्य है (भले ही 80 C निवेश की लिमिट पहले से पूरी हो गयी हो)| पीपीएफ एक ऋण उत्पाद के लिए अच्छे रिटर्न प्रदान करता है और 15 साल की प्रारंभिक परिपक्वता अवधि समाप्त हो जाने के बाद बहुत अधिक लचीलापन (flexibility) देता है। साथ ही आप एक साल में 1.5 लाख से ज्यादा जमा नहीं कर सकते| तो अगर आप अपने PPF के बैलेंस को बढ़ाना चाहते हैं, तो आप 1.5 लाख के टैक्स बेनिफिट की लिमिट पूरी होने के बाद भी PPF निवेश कर सकते हैं|

मेरे अनुसार आपको आपको अपने पूरे पोर्टफोलियो को देखना चाहिए| साथ की यह भी देखना चाहिए की आप किस लिए निवेश कर रहे है और आपकी सेक्शन 80C की लिमिट पूरा करने के लिए कितने रुपये की ज़रुरत है|

अपने asset allocation पर भी ध्यान दे| उसके बाद ही कोई निर्णय लें| आप चाहें तो दोनों में भी निवेश कर सकते हैं|  

पर हाँ, यदि आप ईएलएसएस में निवेश कर रहे हैं, तो अपने ईएलएसएस फंड में निवेश करने के लिए वित्तीय वर्ष के अंत तक इंतजार न करें। पहले से शुरू करें| एसआईपी (SIP) के माध्यम से पूरे साल नियमित रूप से निवेश करें| पीपीएफ में भी साल की शुरुआत में निवेश करने पर ज्यादा ब्याज मिलेगा|

व्यक्तिगत तौर पर में PPF में निवेश करता हूँ| ELSS में नहीं करता| इक्विटी में निवेश के लिए में सामान्य इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करता हूँ|

आप कहां निवेश करने की योजना बना रहे हैं? पीपीएफ या ईएलएसएस या दोनों में या किसी में नहीं?

पढ़ें: FY2018-2019 में इनकम टैक्स बचाने के 35 तरीके

Source: PersonalFinancePlan.in

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आधार कार्ड में जानकारी अपडेट करने के तीन तरीके

by दीपेश Leave a Comment

कई बार आधार कार्ड में कुछ जानकारी गलत आ जाती है या फिर कई बार कोई जानकारी बदल जाती है| जैसे की हो सकता है की आपका नाम (स्पेलिंग) आपके आधार कार्ड में गलत हो| या फिर हो सकता है की आपका पता या फ़ोन नंबर आपके आधार बनाने के बाद बदल गया हो|

ऐसे स्थिति में आपको आधार कार्ड में जानकारी अपडेट करने की ज़रुरत है|

आईये इस पोस्ट में देखते हैं की यह आप कैसे कर सकते हैं| आपके पास आधार में अपनी जानकारी को अपडेट करने के तीन तरीके हैं|

  1. अपने विवरण ऑनलाइन अपडेट करें। Update Online
  2. पोस्ट (डाक) द्वारा अपडेट का अनुरोध करें। Update by Post
  3. पास के आधार केंद्र पर जाएं। Update at Aadhaar Kendra

How to update information in aadhaar

इन बातों का रखें ध्यान

इस बात पर ध्यान दें की इस सभी तीन तरीकों में हर तरह ही जानकारी अपडेट नहीं कर सकते|

जैसे की आप पोस्ट (डाक) वाले तरीके से मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कर सकते|

update aadhaar info online अपडेट करें आधार की जानकारी online post kaunsi jaankaari

आप देख सकते हैं की आधार केंद्र पर जा कर आप हर तरह की जानकारी को बदल (update) कर सकते हैं| ऑनलाइन या डाक द्वारा आप कुछ ही तरह की जानकारी को अपडेट कर सकते हैं|

नाम, पता और जन्म तिथि बदलने की लिए आपको कोई proof (प्रमाण) भी प्रस्तुत करना होगा| इसका मतलब की आपको कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे| जो दस्तावेज़ (documents) स्वीकार किए जायेंगे, उसकी लिस्ट नीचे दी गयी है| आपको कम से कम एक document अपने साथ ले जान होगा|

आप यह जानकारी ऑनलाइन भी इस लिंक पर प्राप्त कर सकते हैं|

update aadhaar info online अपडेट करें आधार की जानकारी supporting documents 4

इस पोस्ट मे मैं इस बात पर चर्चा करेंगे की किस तरीके से आप क्या जानकारी अपडेट कर सकते हैं|

आधार केंद्र पर जा कर अपनी जानकारी अपडेट करना

अगर आप निकटतम आधार केंद्र जा सकते है, तो वहीँ से फॉर्म और निर्देश लें और अपनी जानकारी अपडेट करें|

जिस जानकारी को बदलने के लिए किसी proof (supporting document) की ज़रुरत है, ऐसे दस्तावेजों को ज़रूर अपने साथ ले कर जाएँ|

आप अपने घर के पास आधार केंद्र इस लिंक पर जा कर ढूंढ सकते हैं|

आधार की जानकारी को ऑनलाइन अपडेट करना

केवल वह लोग ही इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर आधार के साथ पंजीकृत किया है| बिना पंजीकृत मोबाइल फ़ोन के आप इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते| ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ भी अपडेट करनेकी लिए आपके पास एक One-Time Password (OTP) आपके मोबाइल पर भेजा जाता है|

आपको आधार की वेबसाइट (https://uidai.gov.in/) पर जाना होगा| “Update Aadhaar Details Online” पर click करें|

how to link update phone number with aadhaar अपना मोबाइल नंबर आधार कार्ड में ऑनलाइन अपडेट कैसे करे 2

इसके बाद दिए गए निर्देशों का पालन करें| मैंने एक पोस्ट में मोबाइल नंबर अपडेट करने के तरीके पर चर्चा करी है| आप इन्ही स्टेप्स का पालन कर कर कोई भी जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं|

पढ़ें: कैसे करें अपना मोबाइल नंबर अपडेट अपने आधार कार्ड में?

हाँ, एक बात का ध्यान दें|

अब मोबाइल नंबर और ई-मेल अपडेट करने के लिए किसी दस्तावेज़ की ज़रुरत नहीं है| परन्तु नाम, जन्म तिथि या पता बदलने के लिए आपको कोई proof (document) स्कैन (scan) करके अपलोड करना होगा|

आपको एक URN (Update Request Number) मिलेगा जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी अर्जी का status इस लिंक पर चेक कर सकते हैं (https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/check-status)|

आधार की जानकारी को पोस्ट (डाक) द्वारा अपडेट करना

आपको एक फॉर्म (https://uidai.gov.in/images/UpdateRequestFormV2.pdf) भर कर ज़रूरी दस्तावेजों के साथ निम्न पते पर भेजना होगा|

UIDAI, Post Box no. 99, Banjara Hills, Hyderabad-500034, India

इन बातों का ध्यान रखें:

  1. आप अपने दस्तावेज़ (documents) भेजने के लिए India Post (भारतीय डाक) का प्रयोग करें| Courier से documents न भेजें|
  2. फॉर्म में मोबाइल नंबर डालना अनिवार्य है|
  3. सभी दस्तावेजों (documents) को self-attest कर के भेजें| Self-attest से मतलब हर document पर sign करें|
  4. अपने पैकेट (लिफाफे) पर Aadhar Correction/Updation ज़रूर लिखें|

शुल्क कितना है?

आधार को ऑनलाइन और डाक द्वारा अपडेट करना मुफ्त है। आपको कुछ भी देने की ज़रुरत नहीं है|

परन्तु अगर आप आधार केंद्र जा रहे हैं तो आपको 25 रुपये फीस का भुगतान करना होगा|

कितना समय लगता है जानकारी अपडेट होने में?

तकरीबन 90 दिन तक लग सकते हैं| मेरे अनुसार समय इस बात पर भी निर्भर करता है की आप क्या जानकारी अपडेट करा रहे हैं|

मोबाइल नंबर और ई-मेल जल्दी अपडेट हो जाने चाहिए| परन्तु ऐसी जानकारी जिसमें आपके दस्तावेजों की पुष्टि की जायेगी, उन में ज़्यादा समय लग सकता है|

एक बार आपकी जानकारी अपडेट हो जाती है, तो आप अपना आधार कार्ड ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं|

पढ़ें: कैसे करें अपने आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड?

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें

आधार डेटा अपडेट

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning Tagged With: Aadhaar, aadhaar mein jaankaari kaise update karein, aadhaar update

आधार कार्ड में मोबाइल नंबर कैसे चेंज करें? How to update mobile number in Aadhaar Card?

Last updated: अगस्त 25, 2018 | by दीपेश 22 Comments

आपका आधार कार्ड अब जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है| आपके बैंक खाते और निवेश से लेकर आपके फ़ोन कनेक्शन तक आधार का उपयोग हर जगह बढ़ता ही जा रहा है| ऐसा लगता है अगले कुछ समय में तकरीबन हर चीज़ को आधार के साथ जोड़ना होगा|

आधार केवल एक पहचान पत्र नहीं है| आपको सरकार की किसी भी योजना का लाभ उठाना है, तो आपको आधार कार्ड की ज़रुरत होगी| आयकर रिटर्न भरने हैं, तो वह काम भी बिना आधार कार्ड के नहीं हो सकता|

जब आधार की बात आती है, तो आपके मोबाइल फ़ोन की अहमियत बहुत बढ़ जाती है| कई कामो में आपके आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक One-Time Password (OTP) भेजा जाता है| उस OTP को भर कर आप अपना काम पूरा करते हैं| मैंने अपने बैंक खाते और म्यूच्यूअल फण्ड निवेश को आधार से मोबाइल नंबर पर आये OTP का उपयोग कर के ही जोड़ा|

पढ़ें: आधार Virtual ID क्या हैं? Virtual ID के क्या फायदे हैं? Virtual आधार ID ऑनलाइन कैसे पाएं?

आपको अपने आधार में भी कोई जानकारी अपडेट करनी है, तो मोबाइल नंबर पर OTP की आवश्यकता है|

यदि आप आधार के साथ अपना मोबाइल नंबर को जोड़ने के लिए सोच रहे हैं, तो इसकी दो वजह हो सकती हैं:

  1. आप इसे पहली बार जोड़ रहे हैं।
  2. आपने अपना फोन नंबर बदल दिया है और नए नंबर को आधार की जानकारी में अपडेट करना चाहते हैं।

ध्यान दे आप पोस्ट की सहायता से अपना मोबाइल नंबर आधार में अपडेट नहीं कर सकते| केवल ऑनलाइन या आधार केंद्र पर जा कर ही आप अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं| पोस्ट की सहायता से आप अपना नाम, पता, जन्म तिथि और e-mail बदल सकते हैं|

How to update mobile number in Aadhaar card 1

अपने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से पहली बार जोड़ना (आधार कार्ड में मोबाइल नंबर कैसे जोडें?)

अब यह काम तो ऑनलाइन नहीं हो सकता| क्योंकि आपका मोबाइल नंबर अभी आधार सिस्टम में है ही नहीं| तो फिर OTP कहाँ आयेगा?

इसीलिए यह काम आपको निकटतम आधार केंद्र पर जा कर करना होगा।

  • आधार अपडेशन / करेक्शन फ़ॉर्म प्राप्त करने के लिए अपने निकट आधार केंद्र पर जाएं और वहां दिए गए निर्देशों का पालन करें|
  • फॉर्म को सही ढंग से भरें| केंद्र में संबंधित व्यक्ति को जमा करें|
  • जमा करने के बाद नामांकन केंद्र में आपके बायोमेट्रिक्स का वैरिफिकेशन (जांच) किया जाएगा।
  • बायोमेट्रिक्स की पुष्टि करने के बाद, आपको स्वीकृति पर्ची (acknowlegement slip) दी जाएगी। आमतौर पर अपडेट होने के लिए 5-10 दिन लगते हैं|

आधार कार्ड में अपना मोबाइल नंबर कैसे चेंज (अपडेट) करे ऑनलाइन? How to update (change) your mobile number in Aadhaar card online?

मोबाइल नंबर को अपडेट ऑनलाइन किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए यह ज़रूरी है की आपका पुराना मोबाइल नंबर आपके पास हो और चल रहा हो| पुराने से मेरा मतलब वह मोबाइल नंबर जो आधार में पंजीकृत हो|

ऐसा इसलिए की अपडेट करने के लिए आपके पास OTP आएगा| अगर आपका पुराना मोबाइल नंबर नहीं चल रहा,तो आपको OTP नहीं मिल पायेगा| ऐसी स्तिथि में आपको आधार केंद्र पर जा कर ही अपना मोबाइल नंबर बदलना होगा|

अगर आपे पास पुराना मोबाइल नम्बर है, तो निम्नलिखित निर्देशों की सहायता से आधार सेल्फ सर्विस पोर्टल पर जा कर अपना मोबाइल नंबर चेंज (अपडेट) कर सकते हैं|

  • UIDAI की website (https://uidai.gov.in/) पर जाएँ|how to link update phone number with aadhaar अपना मोबाइल नंबर आधार कार्ड में ऑनलाइन अपडेट कैसे करे 2
  • अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी के लिए अनुरोध दर्ज करें। how to link update phone number with aadhaar अपना मोबाइल नंबर आधार कार्ड में ऑनलाइन अपडेट कैसे करे 4
  • ओपीटी को आपके मौजूदा (पंजीकृत) मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा, और इसे जमा करने के बाद आपको एक नया वेब पेज पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा, जहां आप जरूरी विवरण अपडेट कर सकते हैं।
  • ‘Select field(s) to update” के तहत, ‘Mobile Number’ का चयन करें।how to update aadhaar details online
  • अब अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज करें, जिसे आप आधार कार्ड में अपडेट करना चाहते हैं और सबमिट (Submit) करें।
  • Submit करने के बाद आपको एक URN (Update Request Number) मिलेगा (आपके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा)| उसे लिख लें|

कैसे चेक करें आधार कार्ड में मोबाइल नंबर चेंज/अपडेट करने का status?

अब आपने अपना मोबाइल नंबर अपडेट तो कर दिया है, पर यह जानने के लिए की आपका मोबाइल नंबर अपडेट हुआ की नहीं, इसके लिए आप इस लिंक ((https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/check-status) पर जाएँ|

अपने आधार नंबर और URN (यह आपको अपना आवेदन (request) दर्ज करते समय मिलेगा) की सहायता से आप अपनी अर्जी की स्तिथि (status) जान सकते हैं|

पढ़ें: कैसे जोडें अपने आधार कार्ड को अपने Mutual Fund Investments से?

पढ़ें: कैसे खोलें NPS (एनपीएस) account घर बैठे आधार की सहायता से?

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प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन

Last updated: फ़रवरी 9, 2018 | by दीपेश 12 Comments

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ऑनलाइन आवेदन फार्म अब प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट (PMaymis.gov.in) पर के माध्यम से भी स्वीकार किया जाता हैं। ध्यान दे की यह फॉर्म केवल आपके eligibility के मूल्यांकन के लिए हैं| आपका काम यह आवेदन भरने पर पूरा नहीं होता| आपको और भी कदम उठाने होंगे|

प्रधान मंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है और इस पोस्ट में मै आपको प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए pmaymis.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के प्रक्रिया पर चर्चा करूँगा। परन्तु आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आप सही जानकारी भर रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) की आधिकारिक (official) वेबसाइट (pmaymis.gov.in) पर जाये और ऊपरी हैडर में “Citizen Assessment” मेनू से प्रधान मंत्री आवास योजना के दो विकल्पों में से एक का चयन करें।
  2. यदि आप वर्तमान में स्लम क्षेत्र में रह रहे हैं, तो “For Slum Dwellers” का चयन करें अन्यथा ड्रॉप डाउन मे से “Benefits under other 3 Components” चुनें। अगर आप लोन के interest rate में सब्सिडी चाहते हैं (credit linked सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत), तो आप “Benefits under other 3 Components” का चुनाव करें|प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application
  3. ऐसा click करने पर आपको अपना आधार नंबर डालना होगा| अगर आपके पास आधार नंबर नहीं है, तो आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते| आधार नंबर डालें और “चेक” बटन पर क्लिक करना होगा।प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application aadhaar
  4. यदि आपका आधार नंबर सही है, तो आपको आवेदन पत्र दिखाई देगा। आवेदन पत्र इस बात पर निर्भर करता है की आपने “For Slum Dwellers” या “Benefits under other 3 Components” में से किसका चयन किया था।

“For Slum Dwellers”

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application aadhaar

“Benefits under other 3 Components”: आप आवेदन के फॉर्मेट को यहाँ देख सकते हैं|

  1. आवेदन पत्र में आपको अपने बारे में कुछ जानकारी देनी होगी| व्यक्तिगत अथा संपर्क विवरण, वर्तमान पता, आय, जाती, बैंक खाता आदि के बारे में जानकारी देनी होगी| ।
  2. अगर आपकी आय 50,000 प्रतिमाह से ज्यादा है, तो आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते| आपको interest सब्सिडी के लिए अपने बैंक से ही संपर्क करना होगा|
  3. आवेदन भरने के बाद आप उसे “Save” कर सकते हैं| इसके बाद एक application नंबर(assessment id) मिलेगा| इस नंबर को संभाल कर रखें|

पढ़ें: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत CLSS स्कीम क्या है? कैसे मिल सकती है आपको होम लोन पर सब्सिडी?

अपने आवेदन का status जाने, प्रिंट लें और अपने आवेदन को बदल भी सकते हैं

आवेदन करने के बाद आप अपनी application का प्रिंट ले सकते हैं| प्रिंट लेने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

http://pmaymis.gov.in/Open/Print_Application_By_applicationNo.aspx

अगर आपको अपने आवेदन में कुछ बदलाव करने हैं (edit your application), तो इस लिंक पर जा कर आप ऐसा कर सकते हैं| इसके लिए अपनी Assessment id, आधार नंबर और मोबाइल नंबर की ज़रुरत होगी|

http://pmaymis.gov.in/Open/Format_A_B_Edit.aspx

अपने आवेदन की स्तिथि जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

http://pmaymis.gov.in/Track_Application_Status.aspx

यह सारे लिंक आपको मुख्य प्रष्ठ (home page) पर Citizen Assessment के नीचे भीमिल जायेंगे|

ध्यान दें की इस website पर केवल जानकारी इकट्ठी की जा रही है| आपकी application पर आखरी फैसला आपकी राज्य सरकार या लोकल Municipal बॉडी करेगी| हाँ, आवेदन करने से पहले यह ज़रूर सुनिश्चित कर लें की आप PMAY के तहत लाभ पाने के पात्र (eligible) हैं|

क्या मैं नहीं जानता?

मेरा मकसद CLSS के बारे में जानकारी देने का है|

परन्तु इस आवेदन के बाद भी आपको फायदा कैसे मिलेगा इस बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है|

CLSS के तहत आपके लोन अकाउंट में सब्सिडी की राशी आ जानी चाहिए| परन्तु यह आवेदन और सब्सिडी कैसे जुड़ी हुई हैं, यह मुझे सही से समझ नहीं आया| इस application में आप अपना बैंक account नंबर तो दे रहे हैं, पर लोन अकाउंट नंबर नहीं दे रहे|

मेरे अनुसार यह फॉर्म केवल assessment के लिए है| अगर आपका आवेदन मंज़ूर हो जाता है,तो शायद आप बैंक जा कर कुछ और फॉर्म भर कर इस स्कीम का जल्दी लाभ उठा सकते हैं|

जैसा की मैंने ऊपर भी लिखा है, अगर आपकी मासिक आय 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो आप इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते| इस स्तिथि में आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा|

आप interest सब्सिडी स्कीम (CLSS) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप CLSS Toll-free हेल्पलाइन पर भी फ़ोन कॉल भी कर सकते हैं|

नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank): 1800-11-3377 / 1800-11-3388

HUDCO (Housing and Urban Development Corporation): 1800-11-6163

मैंने इन फोन नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश करी पर किसी ने फ़ोन नहीं उठाया|

 

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning, Loans Tagged With: interest subsidy under PMAY CLSS, PMAY online application, Pradhan Mantri Awas Yojana online application, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)

नौकरी बदलते समय कैसे करें अपने NPS account (PRAN) को shift/ट्रान्सफर?

Last updated: दिसम्बर 30, 2017 | by दीपेश 102 Comments

आपने हाल ही में अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी है? आपकी नौकरी के दौरान, आपको अपने NPS अकाउंट में अनिवार्य योगदान करना पड़ता था| सब कुछ अपने आप ही हो जाया करता था। अब जब आपने अपनी नौकरी छोड़ दी है, तो आपको शायद नहीं पता कि एनपीएस (NPS) के लिए योगदान कैसे करें|

इससे पहले, योगदान आटोमेटिक थे| सब कुछ अपने आप ही हो जाया करता था| परन्तु अब आपको योगदान जारी रखने का एक तरीका समझने की आवश्यकता है|

इस पोस्ट में, मैं इस तरह के मामलों में अपने एनपीएस खाते को जारी रखने लिए उसे कैसे shift या ट्रान्सफर करते हैं, इस पर चर्चा करूंगा। आगे बढ़ने से पहले एनपीएस (NPS) के बारे में कुछ चीजों पर चर्चा करना अवाश्यक है

आपके पास केवल एक PRAN हो सकता है|

आपके पास सिर्फ एक PRAN हो सकता है| इसका मतलब यह भी है की आपके pass दो Tier-1 एनपीएस (NPS) खाते नहीं हो सकते। यदि आप अपनी नौकरी बदल रहे हैं और दोनों ही जगह NPS में निवेश संभव है, तो आपको अपने पुराने NPS खाते को दूसरी जगह shift करना होगा। आप दूसरा NPS अकाउंट खोल नहीं सकते|

NPS में चार सेक्टर होते हैं|

  1. Central Government (केन्द्रीय सरकार): केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए
  2. State Government (राज्य सरकार): राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए
  3. Corporate Sector: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए
  4. All Citizens Model: अगर आप खुद अपने लिए NPS account खोलते हैं

NPS अकाउंट (PRAN) portable है|

NPS खाता (या PRAN) पोर्टेबल(portable) है| इसलिए आपको नौकरी बदलने पर अपना NPS अकाउंट बंद करने की कोई ज़रुरत नहीं है| आप अपने account को shift या transfer कर सकते हैं|

आप अलग–अलग सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र की कंपनियों या नौकरी छोड़ने के बाद भी उसी PRAN का उपयोग कर सकते हैं।

इसलिए, आप केंद्र सरकार के कर्मचारी के रूप में खाते को खोल सकते हैं, लेकिन अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद भी उसी PRAN (या NPS अकाउंट को जारी रख सकते हैं| मैं रिटायरमेंट से पहले की बात कर रहा हूँ|

बस आपको अपना NPS सरकारी क्षेत्र (Government Sector NPS) से All Citizens Model NPS में shift करना होगा|

कब आपको NPS account को transfer/shift करने की ज़रुरत पड़ सकती है?

कारण तो बहुत हो सकते हैं, आइये कुछ आम कारण देखते हैं|

1. आप नौकरी बदलते हैं|

2. आप नौकरी छोड़ देते हैं और आपके पास Corporate Sector (या Government सेक्टर) NPS अकाउंट है| आप आगे भी NPS में निवेश करना चाहते हैं|

3. आपका पुराना अकाउंट (All Citizens Model NPS) है और आप नयी नौकरी में जाते हैं जहाँ आपको NPS (Corporate Sector NPS) में योगदान करना है|

इन सभी मामलों में आपको अपना PRAN (या NPS अकाउंट) shift/ट्रान्सफर करना होगा|

NPS में न्यूनतम योगदान केवल सालाना 1,000 रुपये है|

ध्यान रखें PFRDA ने हाल ही में टीयर -1 एनपीएस (NPS) अकाउंट में एनपीएस (NPS) को सालाना भुगतान 6,000 रुपये प्रतिवर्ष से घटाकर 1000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया है। Minimum annual contribution reduced from Rs. 6,000 to Rs. 1,000.

अगर आपकी पिछली नौकरी में आप (और आपका employer) NPS में contribute करते थे और नयी नौकरी में NPS नहीं है, तब आप अपने NPS अकाउंट को All Citizen’s model के अन्दर transfer कर सकते हैं| और NPS account चालू रख सकते हैं| आपको केवल साल में 1,000 रुपये निवेश करने की ज़रुरत है| चाहिएं तो ज्यादा भी कर सकते हैं|

या फिर मान लिए आप पहले नौकरी करते थे (आपका अकाउंट Corporate Sector NPS account था) और अब किसी वजह नौकरी छोड़ दी है, इस केस में भी अपने NPS account को All Citizen Model NPS के अंतर्गत किसी करीबी PoP (बैंक या eNPS) में transfer कर सकते हैं| और साल में 1,000 रुपये जमा कर अपने account को चालू रख सकते हैं|

इसलिए आपको अपने एनपीएस (NPS) अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए केवल 1000 रुपये का योगदान करने की जरूरत है।

अपना एनपीएस (NPS) खाता कैसे ट्रान्सफर (shift) किया जाए?

एक उदाहरण की सहायता से देखते हैं।

आपने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी है और अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया | मान लिए आप अभी केंद्रीय सरकार के कर्मचारी थे| इसीलिए आपका अकाउंट Central Government Sector NPS के तहत होगा|

अब अपना व्यवसाय शुरू किया है, तो आप चाहेंगे की अपना अकाउंट All Citizens Model के तहत रहे|

आप कैसे केंद्रीय सरकार एनपीएस (NPS) से All Citizens’ model एनपीएस (NPS) को स्थानांतरित कर सकते हैं| 

निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करे –

१ NSDL CRA  वेबसाइट से ग्राहक स्थानांतरण (Form ISS -1) के लिए फॉर्म डाउनलोड करें।

२ निकटतम PoP or PoP-SP (बैंक इत्यादि) पर जाएं और ज़रूरी दस्तावेजों के साथपूरा फॉर्म जमा करें।

३ आप PoP or PoP-SP या eNPS के द्वारा बाद में अपने NPS खाते में योगदान कर सकते हैं।

कब फॉर्म आईएसएस -1 लागू होगा ?

जब भी आप NPS का सेक्टर बदल रहे हैं, तब तो ISS-1 फॉर्म जमा करना होगा|

जब आप अपने एनपीएस (NPS) अकाउंट का क्षेत्र (केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सभी नागरिक मॉडल और कॉर्पोरेट क्षेत्र) बदलते हैं, तो ISS-1 लागू होगा ।

  1. केन्द्रीय सरकार NPS से All Citizens model या इसके विपरीत में स्थानांतरण (shift/transfer)। विपरीत से मेरा मतलब All Citizens model से केंद्रीय सरकार NPS
  2. एक राज्य सरकार से दूसरे राज्य सरकार में स्थानांतरण| One State Government Sector NPS to Another
  3. राज्य सरकार से केंद्र सरकार या इसके विपरीत में स्थानांतरण।
  4. कॉर्पोरेट क्षेत्र से किसी भी अन्य क्षेत्र (केंद्रीय या राज्य सरकार या सभी नागरिक मॉडल) या इसके विपरीत में स्थानांतरण।

जब आप सरकारी एनपीएस (NPS) को स्थानांतरित कर रहे हैं (shifting to Government Sector NPS), तो आपको पास  के  नोडल कार्यालय (Nodal Office) में फॉर्म जमा करना होगा |

केंद्र सरकार के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में

आपको अपने नए कार्यालय को अपने PRAN के बारे में बताना होगा|

फॉर्म आईएसएस -1 को भरने की कोई आवश्यकता नहीं है|

अगर आप केवल अपना PoP/PoP-SP बदलना चाहते हैं|

इस केस में आपको Form ISS-1 जमा करने की ज़रुरत नहीं है क्योंकि आप पहले भी All Citizens Model के तहत था और बाद में भी इसी में रहने वाला है|

 इसके लिए आपको Annexure-UOS-S6 भर कर नए PoP या PoP-SP पर जमा करना होगा|

 क्या मैं अपना एनपीएस (NPS) अकाउंट को eNPS में transfer/shift कर सकता हूं?

हाँ, आप eNPS (https://cra-nsdl.com/) पर लॉग इन करके ऐसा कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिए आप इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|

मेरी जानकारी अनुसार यह केवल उन ही NPS खातों के साथ कर सकते हैं जो की पहले से ही All Citizens model के तहत हैं|

 आप अपने एनपीएस (NPS) खाते की जानकारी ऑनलाइन (online) पा सकते हैं

यदि आपने  एनपीएस (NPS) सब्सक्राइबर हैं, तो आप अपने PRAN (Permanent Retirement Account Number) का उपयोग कर CRA वेबसाइट (https://cra-nsdl.com/) पर रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आपका CRA Karvy हैं, तो आप Karvy की website पर भी रजिस्टर कर सकते हैं|

आपको कुछ विवरण दर्ज करने की आवश्यकता है और आपको अपना पासवर्ड पंजीकृत करने के लिए एक OTP (One-Time password) प्राप्त होगा।

यहां तक ​​कि जो लोग ऑफ़लाइन मोड में अपने खाते खोलते हैं, वह भी इस पोर्टल पर पंजीकरण (register) कर सकते हैं।

इसलिए केंद्रीय / राज्य सरकार के कर्मचारी, कॉर्पोरेट ग्राहकों या जिन निवेशकों नें बैंकों या किसी PoP (point of presence) या PoP-SP) के माध्यम से एनपीएस (NPS) खोले हैं, वह लोग भी इस पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं और अपने एनपीएस (NPS) खाते के विवरण देख सकते हैं।

इस ईएनपीएस (eNPS) से आप अपने NPS account में ऑनलाइन योगदान भी कर सकते हैं|

अपने निवेश का मूल्य देख सकते हैं| यहां तक ​​कि अगर आपको अपना NPS account बंद करना है, तो उसका आवेदन भी ऑनलाइन कर सकते हैं| eNPS के माध्यम से योगदान करके, आप विभिन्न NPS शुल्क बचा सकते हैं।

 

अधिक जानकारी के लिए इन लिंक पर जाएँ

  1. NPS Subscriber Forms
  2. NPS FAQs on Subscriber Shifting

 Source

How to shift NPS Account?

Filed Under: Financial Planning, NPS Tagged With: New pension scheme, NPS

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