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Mutual Fund SWP क्या है? (SWP in Hindi)

Last updated: अगस्त 2, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

SWP क्या है? (SWP in Mutual Fund in Hindi)

SWP की full form है Systematic Withdrawal Plan

अगर आपने म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किया है और आप चाहते हैं की आपको नियमित तौर पर उस निवेश से कुछ मिलती रहे, तब आप SWP का इस्तेमाल कर सकते हैं|

जैसे की नाम से प्रतीत होता है, SWP शुरू करने पर आपके म्यूच्यूअल फण्ड निवेश से निर्धारित राशि की यूनिट्स हर महीने बिकती हैं और पैसा आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है|

अगर आपने 5,000 रुपये की SWP चलाई, तो हर महीने 5,000 रुपये के यूनिट्स बिकेंगे और 5,000 रुपये आपके खाते में आ जायेंगे|

SWP शुरू करने के लिए आपको यह जानकारी चाहिए

  1. आप किस फण्ड से SWP चलाना चाहते हैं
  2. कितनी राशि की चलाना चाहते हैं
  3. कितने समय तक SWP चलाना कहते हैं
  4. महीने की निर्धारित तारीख

जैसे की, आप SBI डेब्ट फण्ड से हर महीने की 15 तारीख को 24 महीने तक 5,000 रुपये निकालना चाहते हैं| इसके लिए आप एक SWP चला सकते हैं|

ऐसा करने से 24 महीने तक हर महीने की 15 तारिख को 5,000 रुपये की यूनिट्स (SBI डेब्ट फण्ड से) बिकेंगी और पैसा आपके खाते मैं आ जाएगा|

एक बात का ध्यान रखें अगर आपके फण्ड में पैसा नहीं बचा है, तो SWP अपने आप खत्म हो जाएगा|

SWP (Systematic Withdrawal Plan) सिप (SIP) का बिलकुल उल्टा है

SIP में हर महीने आपके बैंक खाते से कुछ पैसे कट कर अपने आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश हो जाते हैं| जैसे की, हर मैंने 5,000 रुपये की SIP चलाई, तो हर महीने आपके खाते से 5,000 रुपये काटेंगे और म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश हो जायेंगे|

SWP में हर महीने कुछ म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स अपने आप बिक जाती है और आपके खाते में पैसे आ जाते हैं| अगर आपने 5,000 रुपये की SWP चलाई, तो हर महीने 5,000 रुपये के यूनिट्स बिकेंगे और 5,000 रुपये आपके बैंक खाते में आ जायेंगे|

Mutual Fund SWP शुरू करने से पहले इन बातों का ख्याल रखें

#1 SWP कभी भी इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड से न चलायें|

ऐसा इसलिए की अगर हरे बाज़ार गिरेगा, तो आपको निर्धारित आय पाने के लिए ज्यादा यूनिट्स बेचने पड़ेंगे|

उदहारण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए आपने 5,000 रुपये के SWP चलाई है|

पहला महीना: फण्ड का NAV है 100 रुपये: आपके 50 यूनिट बिकेंगे

दूसरा महीना: फण्ड का NAV है 120 रुपये: आप 41.66 यूनिट बिकेंगे

पहला महीना: फण्ड का NAV है 80 रुपये: आप 62.5 यूनिट बिकेंगे

आप देख सकते हैं की आपको कम दाम (कम NAV) पर ज्यादा यूनिट बेचने पड़ रहे हैं| अगर ऐसा होगा, तो आपका पोर्टफोलियो काफी जल्दी खत्म (खाली( हो जाएगा)|

एक और परेशानी है| कई बार म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी भी अपने फण्ड बेचने के लिए निवेशकों को गलत सलाह दे सकते हैं| मैंने पहले एक पोस्ट में चर्चा करी थी की कैसे म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी भी लोगों के गुमराह कर सकती है| इस पोस्ट में आप देख्नेगे की एक म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी equity mutual fund से SWP करने की सलाह दे रही है|

#2 अगर SWP चलाना है, तो किसी debt mutual fund या liquid fund से चलायें| ऐसा इसलिए क्योंकि डेब्ट फण्ड में इतना उतार चढ़ाव नहीं आता|

#3 जब SWP के द्वारा यूनिट्स बिकेंगे, तो आपको capital gains हो सकते हैं और आपको टैक्स देना पड़ सकता है|

पढ़ें: नियमित आय के लिखे इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड (equity mutual fund) से dividend पर न करें भरोसा

म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में अन्य पोस्ट

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? (Mutual Fund in Hindi)

म्यूच्यूअल फण्ड सिप क्या है? (SIP in Hindi)

म्यूच्यूअल फंड STP क्या है (Mutual Fund STP in Hindi)

SBI SWP Calculator

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Mutual Fund STP क्या है? (STP in Hindi)

by दीपेश Leave a Comment

STP की full form है Systematic Transfer Plan या सिस्टेमेटिक ट्रान्सफर प्लान|

STP क्या है? STP का क्या ऊपयोग है? (STP in Hindi, Benefits of STP)

STP म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का तरीका है|

मान लिए आपके पास एक बड़ी राशि पड़ी है, जिसे की आप शेयर बाज़ार में इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड के माध्यम से निवेश करना चाहते हैं|

पर आपको यह डर लगता है की आपके निवेश करते ही कहीं शेयर बाज़ार गिर न जाए| इसलिए आप सारा पैसा एक साथ निवेश नहीं करना चाहते|

आप चाहते हैं की आप पैसा धीरे-धीरे निवेश हो| साथ ही आप यह चाहते हैं की यह काम अपने आप हो जाए| आपको हर महीने बार-बार निवेश न करना पड़े|

यहाँ पर STP (Systematic Transfer Plan) आपका काम आसान कर सकता है|

मान लिए आपके पास 5 लाख रुपये हैं और आप यह पैसा फण्ड A में लगाना चाहते हैं, जो की एक इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड है|

आपको फण्ड A में हर महीने 25,000 रुपये निवेश करना चाहते हैं|

  1. इसके लिए आप पूरे 5 लाख रुपये एक debt mutual fund या liquid fund में निवेश कर सकते हैं| डेब्ट या लिक्विड फण्ड में इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड की तरह बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आता| इसीलिए आप यहाँ पर बड़ी राशि भी निवेश कर सकते हैं| मान लिए उस फण्ड का नाम फण्ड B है|
  2. इसके बाद आप Fund B से Fund A में 25,000 रुपये प्रति माह की STP चालू कर सकते हैं|

हर महीने एक निर्धारित तारीख को Fund B से 25,000 रुपये की यूनिट्स बिकेंगी और 25,000 रुपये फण्ड A में निवेश हो जायेंगे| ऐसे में अगले 20-22 महीने में सारा पैसा Fund A में निवेश हो जाएगा|

एक बार आपने STP शुरू कर दिया, तो सब अपने आप हो जाएगा|

जैसा STP के नाम से प्रतीत होता है, आपका पैसा systematically एक फण्ड से दूसरे फण्ड में ट्रान्सफर हो जाएगा|

STP और SIP में क्या अंतर है?

STP और SIP दोनों ही निवेश करने का तरीके हैं|

STP में आपका पैसा एक म्यूच्यूअल फण्ड से दूसरे म्यूच्यूअल फण्ड में जाता है|

SIP में पैसा आपके बैंक खाते से म्यूच्यूअल फण्ड में जाता है|

एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए आपको 3 लाख रुपये का इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना है| जैसे की ऊपर लिखा है की आप एक साथ सारा पैसा निवेश नहीं करना चाहते|

आप चाहते हैं की धीरे-धीरे आपका पैसा शेयर मार्केट में निवेश हो|

ऐसा आप SIP और STP दोनों के माध्यम से कर सकते हैं|

मान लिए आप हर महीने 20,000 रुपये निवेश करना चाहते हैं|

  1. आप पैसा अपने बैंक खाते में छोड़ सकते हैं और प्रति माह 20,000 रुपये की SIP शुरू कर सकते हैं|
  2. या फिर आप 3 लाख रुपये किसी debt या liquid फण्ड में निवेश कर सकते हैं और 20,000 की एक STP चालू कर सकते हैं| ऐसे में हर महीने 20,000 रुपये की debt mutual fund की यूनिट्स बिकेंगी और 20,000 रुपये के इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट्स खरीद ली जायेंगी|

STP शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ख्याल

  1. पहले फण्ड से यूनिट बिकने पर पैसा आपके बैंक खाते में नहीं आता| सीधे दूसरे फण्ड में निवेश हो जाता है|
  2. पहला और दूसरा फण्ड एक ही म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी से होने चाहिए| आप SBI के फण्ड से आईसीआईसीआई के फण्ड में STP नहीं चला सकते|
  3. पहले फण्ड में यूनिट्स बेचने पर आपको टैक्स देना पड़ सकता है| हालांकि आपके खाते में पैसा नहीं आता, परन्तु म्यूच्यूअल फण्ड के यूनिट्स तो बिके हैं| इसलिए आपको capital gains पर टैक्स देना पड़ सकता है|
  4. STP की हर किश्त दूसरे फण्ड में नया निवेश है| मान लिए आपने हर महीने की 15 तारीख को Fund B से Fund A में STP चालू करी| ऐसे में हर महीने की 15 तारीख को Fund A में कुछ निवेश होगा| टैक्स और exit load के नज़रिए से हर किश्त को एक नया निवेश माना जाएगा|
  5. STP के द्वारा निवेश करने से अच्छे रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है| SIP के साथ भी कोई गारंटी नहीं है| बस आपको इस बात का सुकून रहता है की आपक पैसा धीरे-धीरे निवेश हो रहा है|
  6. STP एक फण्ड से दूसरे फण्ड में नियमित रूप से पैसा ट्रान्सफर करने का जरिया है| तो फण्ड का चुनाव सही से करें|
  7. आप किसी भी फण्ड से दूसरे फण्ड में STP शुरू कर सकते हैं| बस दोनों फण्ड एक की म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी से होने चाहिए|
  8. अगर आप चाहें तो एक इक्विटी फण्ड से debt फण्ड में भी STP कर सकते हैं| कोई आपको रोकेगा नहीं| आपको अपनी ज़रुरत के अनुसार निर्णय करना होगा|
  9. अगर आपको धीरे-धीरे इक्विटी फण्ड में निवेश करना है, तो आप डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड से equity म्यूच्यूल फण्ड में एसटीपी शरू कर सकते हैं|
  10. अगर आपको इक्विटी फण्ड से धीरे-धीरे पैसा निकालना है, तो आप इक्विटी फण्ड से डेब्ट फण्ड में STP शरू कर सकते हैं| अगर ऐसा करना है, तो थोडा सोच-समझ कर करें|

Filed Under: Mutual Funds Tagged With: Stp full form, STP in hindi, Stp mutual fund in hindi, Systematic transfer plan  in hindi

विभिन्न प्रकार के लोन

by दीपेश Leave a Comment

अगर आपको लोन की ज़रुरत है, आप पास कई विकल्प होते हैं| कई प्रकार के लोन होते हैं|

हर लोन के पास होने की पप्रक्रिया अलग हो सकती है| कुछ प्रकार के लोन केवल कुछ विशिष्ट काम के लिए ही दिए जा सकते हैं| जैसे की, होम लोन केवल घर खरीदने या घर की मरम्मत के लिए मिलता है| कार लोन कार खरीदने और एजुकेशन लोन पढाई के लिए मिलता है|

अलग तरह के लोन पर ब्याज दर अलग हो सकती है|

#1 होम लोन (Home Loan)

घर खरीदने या बनाने के लिए ज़्यादातर लोगों को लोन लेना पड़ता है| होम लोन की ब्याज दर दूसरे लोन के मुकाबले कम भी होती है|

होम लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं| होम लोन लेते समय इन कुछ बातों का भी ख्याल रखें| इस पोस्ट में आप भारतीय स्टेट बैंक से मिलने वाले विभिन्न होम लोन के बारे में जान सकते हैं|

होम लोन पर आप प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ब्याज पर सब्सिडी (subsidy) भी पा सकते हैं|


#2 पर्सनल लोन (Personal Loan)

पर्सनल लोन एक असुरक्षित (Unsecured) लोन होता है| इसीलिए ब्याज दर भी ज्यादा होती है| परन्तु यह लोन आपको काफी जल्दी मिल सकता है| पर हाँ, लोन देने से पहले बैंक आपकी आय और क्रेडिट स्कोर अवश्य चेक करेगा| अगर क्रेडिट स्कोर या CIBIL स्कोर कम है, तो शायद आपको लोन नहीं मिलेगा|

पर्सनल लोन के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#3 इंश्योरेंस पालिसी से लोन (Loan against Insurance Policy)

अगर आपने पारंपरिक जीवन बीमा प्लान लिया है, तो आप उस पालिसी की सहायता से भी लोन ले सकते हैं| ध्यान दें यह लोन आपको टर्म प्लान और यूलिप (ULIP) पर नहीं मिलेगा| केवल ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान (पारंपरिक जीवन बीमा प्लान) पर ही मिलेगा|

क्योंकि आप अपनी पालिसी से ही लोन लें रहे हैं, आपको लोन आसानी से मिल जाना चाहिए| मैंने एक दूसरी पोस्ट में चर्चा करी है की कैसे आप अपनी एलआईसी पालिसी से लोन ले सकते हैं|


#4 गोल्ड लोन (Gold Loan) 

अगर आप लोन की आवश्यकता है और घर में सोने के आभूषण हैं, तो आप उन सोने के आभूषण को गिरवी रख कर लोन ले सकते हैं| आभूषण में सोने के मूल्य के 60-75% मूल्य का आपको लोन मी जाएगा|

पर ध्यान दें गोल्ड लोन कम अवधि के होते हैं| अगर आप लोन का भुगतान नहीं कर पाते है, तो बैंक या गोल्ड लोन कंपनी आपके आभूषण को बेच कर अपना लोन वसूल लेगा|

गोल्ड लोन के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#5 प्रॉपर्टी लोन (Property Loan)

आपके पास कोई मकान या प्रॉपर्टी है, उसको गिरवी रख कर आप बैंक से लोन ले सकते हैं| पर ध्यान रखें, अगर लोन का भुगतान नहीं कर पाए, तो बैंक आपकी प्रॉपर्टी बेच सकता है|

प्रॉपर्टी लोन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|


#6 पीपीएफ खाते से लोन (PPF Loan)

अगर आपके पास पीपीएफ खाता है, तो आप अपने पीपीएफ खाते से भी लोन ले सकते हैं| ध्यान दें आप अपनी जमा राशि के कुछ हिस्से का ही लोन ले सकते हैं| आप तीसरे से छठे साल तक ही लोन सकते हैं| तो बहुत सारे बंधन हैं पीपीएफ लोन में|

आप पीपीएफ खाते से लोन के बार में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|


#7 कार लोन (Car Loan)

कार लेने के लिए आप कार लोन ले सकते हैं| आप पुरानी कार खरीदने के लिए भी कार लोन ले सकते हैं| लोन की अवधि अमूमन 3-5 वर्ष होती है|

कार लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|


#8 एजुकेशन लोन (शिक्षा लोन)

अगर आपको उच्च शिक्षा के लिए पैसे की ज़रुरत है, तो आप शिक्षा लोन या एजुकेशन लोन ले सकते हैं| शिक्षा लोन पर ब्याज दर भी कम होती है और शिक्षा लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

पढाई के दौरान आपको ब्याज चुकाने की आवश्यकता भी नहीं है| पढाई पूरी होने के बाद आप लोन का भुगतान शुरू कर सकते हैं|

SBI एजुकेशन लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#9 Loan against Securities

यहाँ अगर आपके पास शेयर, बांड या म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स हैं, उनको प्लेज (pledge) करके भी आप लोन ले सकते हैं| आपको आपकी सिक्योरिटीज (securities) के मूल्य के 50-60% राशि का लोन ही मिलेगा|

ध्यान दें अगर आपके शेयर का मूल्य गिरने लगा, तो बैंक आपके निवेश को बेच कर अपना पैसा वसूल सकता है| और हाँ, लोन का भुगतान करने से पहले आप अपने निवेश को बेच नहीं सकते|

मेरे अनुसार इस तरह का लोन लेना बेवकूफी है| बेहतर होगा की आप अपने निवेश को बेच कर पैसे का इस्तेमाल करें| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ें|


#10 Peer-to-Peer loan (P2P loan)

अगर कहीं लोन की बात नहीं बनी, तो P2P लोन आपका आखिरी विकल्प हो सकता है| P2P लोन में आप किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से पैसा नहीं लेते| परन्तु आप अपने जैसे ही किसी व्यक्ति से उधार लेते हैं|

बहुत सारी वेबसाइट हैं जहाँ पर जा कर आप ऐसे लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं| लोन की ब्याज दर काफी ज्यादा होती है| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ें|


लोन के बारे में अन्य पोस्ट

  1. आपको कितना होम लोन मिल सकता है?
  2. आपके लोन के EMI कैसे कैलकुलेट होती है? (Loan EMI Calculator)
  3. आप खराब क्रेडिट स्कोर के साथ भी ले सकते हैं यह 6 लोन
  4. खराब क्रेडिट स्कोर को कैसे सुधारें?

ध्यान दें इस पोस्ट में मैंने ऐसे लोन पर चर्चा करी है जो की आप अपने निजी काम ले लिए ले सकते हैं| व्ययसाय से लिए मिलने वाले लोन जैसे की मुद्रा लोन योजना या अन्य बिज़नस लोन पर चर्चा नहीं करी है|

इमेज क्रेडिट: Pixabay

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भारतीय स्टेट बैंक होम लोन के प्रकार (Types of SBI Home Loan)

by दीपेश Leave a Comment

भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे लोकप्रिय बैंक है| बहुत से लोग SBI से लोन लेना चाहते हैं|

इस पोस्ट में मैं SBI से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के होम लोन (भारतीय स्टेट बैंक होम लोन) पर चर्चा करूंगा|

ध्यान दें यह होम लोन उत्पादों के नाम नहीं हैं|

बस यह बताने के कोशिश करी है की आप किन कामों के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से होम लोन ले सकते हैं|

भारतीय स्टेट बैंक होम लोन के प्रकार (SBI: Types of Home Loan)

#1 Home Purchase Loan (घर खरीदने के लिए होम लोन)

यह सबसे आम लोन है| अगर आप एक नया मकान (फ्लैट) खरीदना चाहते हैं या किसी मकान को उसके पुराने मालिक से खरीदना चाहते हैं, तो आप इस प्रकार का होम लोन ले सकते हैं|

#2 Home Improvement Loan (घर का मरम्मत या सुधार के लिए)

घर में मरम्मत (repair) या नवीनीकरण (renovation) करना है, तो आप इस प्रकार का लोन ले सकते हैं|

#3 Home Construction Loan (घर बनाने के लिए लोन)

अब आप फ्लैट नहीं लेना चाहते, पर आपके पास पहले से एक प्लाट (ज़मीन) है जिस पर आप मकान बनाना चाहते हैं| ऐसे मामले में आप होम कंस्ट्रक्शन लोन ले सकते हैं|

#4 Home Extension Loan (मौजूदा मकान में कुछ बदलाव करना या नया निर्माण करना)

अगर अपने मौजूदा घर का विस्तार करना चाहते हैं, जैसे की नया कमरा बनाना या मकान में एक और मंजिल जोड़ना| ऐसे मामलों में आप होम एक्सटेंशन लोन ले सकते हैं|

#5 Land Purchase loan (घर के लिए ज़मीन या प्लाट खरीदने के लिए)

अगर आप अपना मकान बनाने के लिए ज़मीन या प्लाट खरीदना चाहते हैं, तब आप यह लोन ले सकते हैं|

#6 Home Conversion Loan (होम कन्वर्शन लोन)

आपने होम लोन लेकर पहले ही एक घर खरीदा हुआ है| परन्तु अब आप दूसरा घर खरीदना चाहते हैं और उसके लिए लोन लेना चाहते हैं| साथ ही आप अपने पहले घर को बेचना चाहते हैं| होम कन्वर्शन लोन में आप अपने पहले घर के लोन को दूसरे घर के लोन में ट्रान्सफर कर सकते हैं|

#7 Balance Transfer Loan (बैलेंस ट्रान्सफर लोन)

आपने किसी दूसरे बैंक से लोन लिया हुआ है| वहां पर लोन की ब्याज दर ज्यादा है| भारतीय स्टेट बैंक होम लोन की ब्याज दर कम है|

ऐसे में आप चाहें तो SBI से बैलेंस ट्रान्सफर लोन ले सकते हैं| यहाँ आप स्टेट बैंक से मिली लोन राशि से अपना मौजूदा लोन चुका सकते हैं|और उसके बाद EMI के द्वारा एसबीआई के लोन का भुगतान भी कर सकते हैं|

बैलेंस ट्रान्सफर लोन की मदद से आप अपने होम लोन की मासिक किश्त (EMI) को कम कर सकते हैं

#8 NRI Home Loan

यह होम लोन प्रवासी भारतियों (NRI) के लिए है जो की भारत में घर बनाने या खरीदने की इच्छा रखते हैं।

#9 Loan against Property (LAP या प्रॉपर्टी लोन)

अगर आपके पास कोई मकान है और आपको लोन की आवश्यकता है, तो आप अपने मकान के ज़रिये प्रॉपर्टी लोन ले सकते हैं| मैंने प्रॉपर्टी लोन के बारे में विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ख्याल

इन बातों का रखें ख्याल

  1. हम सब जानते है की होम लोन के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट मिलते हैं| परन्तु टैक्स बेनिफिट केवल उसी लोन के लिए मिलते हैं, जो की मकान खरीदना या बनाने के लिए लिया गया हो|
  2. अगर किसी और मकसद से लोन लिया गया है, तो शायद आपको टैक्स बेनिफिट न मिलें या फिर कम टैक्स बेनिफिट मिलें|
  3. मैंने कई प्रकार के लोन पर चर्चा करी है| ध्यान दें की इन लोन के आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती हो|
  4. विभिन्न परकार के लोन में अधिकतम लोन राशि अलग हो सकती हो|
  5. ब्याज दर अलग हो सकती है| अलग दस्तावेज़ चाहिए हो सकते हैं|
  6. आप स्टेट बैंक की शाखा में जा कर पता करें|

अधिक जानकारी के लिए SBI की वेबसाइट पर SBI होम loan FAQ पेज को पढ़ें|

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आपको कितना होम लोन मिल सकता है?

Last updated: अप्रैल 9, 2018 | by दीपेश 12 Comments

जब भी आप लोन लेने की सोचते हैं, तो एक सवाल ज़रूर आता है, की कितना लोन मिल सकता है|

होम लोन हो या पर्सनल लोन या गोल्ड लोन, यह जानकारी तो चाहिए की होती है की आप कितना लोन ले सकते हैं|

आपकी लोन पात्रता (loan eligibility) हर बैंक के अनुसार अलग हो सकती है| क्योंकि हर बैंक का लोन योग्यता का तरीका अलग हो सकता है|

परन्तु एक बात ज़रूर है|

हर बैंक आपको लोन देने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहता है की आप लोन लौटा सकते हैं या नहीं|

इसके लिए बैंक यह देखता है की आप अपनी आय या वेतन (सैलरी) से लोन की EMI का भुगतान कर सकते हैं या नहीं|

अमूमन बैंक यह सुनिश्चित करता है की आपके लोन की EMI आपके वेतन के 35-50% से ज्यादा न हो| बैंक आपके वेतन के आधार पर पात्रता तय करता है|

अगर आपने पहले से कोई और लोन भी लिया हुआ है, तो उसकी EMI भी गिनी जाती है| इसका मतलब यह है की आपके सारे लोन की EMI आपकी आय (टैक्स काटने के बाद) के 35-50% प्रतिशत से ज्यादा न हो|

आपको कितना होम लोन मिल सकता है?

आप कितनी EMI दे सकते हैं, इसके अनुसार ही आपको लोन दिया जाता है|

आईये उदहारण की सहायता से समझते हैं|

आप मासिक आय (टैक्स काटने के बाद): 50,000 रुपये

लोन की अवधि (Loan Tenure): 15 वर्ष

ब्याज दर (interest rate): 10% p.a.

मान लिए बैंक के अनुसार आपकी EMI वेतन के 50% से अधिक नहीं हो सकती|

इसका मतलब आपके लोन की EMI अधिकतम 25,000 रुपये हो सकती है|

इस EMI के साथ आपको कितना लोन मिल सकता है?

लोन की राशि निकालने के लिए आप Microsoft Excel का PV फंक्शन का प्रयोग कर सकते हैं|

लोन राशि = PV (10%/12, 15*12, 25,000,0,0)

= 23,26,435 रुपये

इसका मतलब आपको 23.26 लाख रुपये का लोन मिल सकता है|

आपकी आय 50,000 रुपये है और आप 23.26 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं| आपकी आय का तकरीबन 46 गुना|

अगर आपका कोई लोन भी चल रहा होता

अब मान लिए आपने पहले से एक लोन ले रखा है, जिसकी EMI 5,000 रुपये है|

हमनें ऊपर देखा की बैंक के अनुसार आप 25,000 रुपये से अधिक की EMI का भुगतान नहीं कर सकते|

5,000 रुपये पहले ही दे रहे हैं|

तो इस नए लोन की EMI 25,000 – 5,000 = 20,000 रुपये से अधिक नहीं हो सकती|

20,000 रुपये की EMI पर आपको अधिकतम लोन मिल सकता है:

PV (10%/12, 15*12, 25,000,0,0)*-1 = 18.61 लाख रुपये

आप देख सकते हैं की पहले से लोन होने की वजह से आपके लोन पात्रता कम हो गयी है|

इन बातों का भी ध्यान रखें

  1. अगर ब्याज दर ज्यादा होगी, तो आपकी लोन पात्रता (loan eligibility) कम हो जायेगी|
  2. अगर लोन की अवधि (loan tenure) ज्यादा होगी, तो लोन की पात्रता भी ज्यादा होगी| लोन की अधिकतम अवधि आपकी आयु पर निर्भर कर सकती है|
  3. गोल्ड लोन में आपकी आय नहीं देखी जाती| सोने के मूल्य के अनुसार लोन दिया जाता है|
  4. आपकी लोन पात्रता इन बातों पर निर्भर करती है:
    1. आपकी आय
    2. बैंक के अनुसार आपकी आय का कितना हिस्सा EMI भुगतान की ओर जा सकता है
    3. आपकी दुसरे लोन की EMI कितनी है
    4. लोन की अवधि
    5. लोन की ब्याज दर

भारतीय स्टेट बैंक होम लोन वेतन के आधार पर पात्रता sbi loan eligibility

आप ऑनलाइन भी अपनी लोन पात्रता (Loan Eligibility) चेक कर सकते हैं

अगर आपको यह सारी कैलकुलेशन करना भारी काम लगता है, तो आप अपनी लोन पात्रता ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं|

बैंक की वेबसाइट पर आप अपनी लोन पात्रता चेक कर सकते हैं| मैंने कुछ बैंक की वेबसाइट के लिंक नीचे दिए हैं|

HDFC Home Loan Eligibility calculator (एचडीएफसी होम लोन कैलकुलेटर)

SBI Home Loan Calculator (भारतीय स्टेट बैंक होम लोन कैलकुलेटर)

ICICI Home Loan Eligibility calculator (आईसीआईसीआई होम लोन कैलकुलेटर)

पढ़ें: आपके लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है?

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अपने Annual Bonus (वार्षिक बोनस) का सही इस्तेमाल कैसे करें?

Last updated: अप्रैल 7, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आम तौर पर लोगों को मई और जून में Annual Bonus (वार्षिक बोनस) मिलता है|

अगर आपको भी अच्छे बोनस की उम्मीद है, तो अपने बोनस का सही इस्तेमाल करने पर भी अवश्य ध्यान दें|

बोनस का इंतज़ार सभी को रहता है|

आपको की नहीं, घर में सभी लोगों को आपके बोनस का इंतज़ार रहता है| सभी कुछ न कुछ फर्माहिशें हैं| आप अपने लिए भी कुछ लेना चाहते होंगे|

इन सबके बीच आपको कैसे करना चाहिए अपने annual bonus का सही इस्तेमाल|

आईये देखते हैं की आप किस तरह से Annual Bonus का सही उपयोग कर अपनी वित्तीय स्थिति को मज़बूत कर सकते हैं|

#1 क्रेडिट कार्ड या किसी भी महंगे लोन (loan) को ख़त्म करें

इसमें तो सोचने की ज़रुरत ही नहीं है|

अगर आप ने क्रेडिट कार्ड (credit card) का बिल किसी वजह पूरा नहीं भरा है, तो आपको 40% p.a. से भी ज्यादा ब्याज देना होगा| इसके अलावा अलग से पेनल्टी भी देनी होगी|

इसलिए सबसे पहले अपने क्रेडिट कार्ड के बिल का पूरा भुगतान करें|

Credit card के अलावा भी कोई महंगा लोन आपने ले रखा है, तो उसका भुगतान करें|

#2 अपने हेल्थ (Health) और लाइफ (लाइफ) इंश्योरेंस की समीक्षा (review) करें 

आपकी फाइनेंसियल प्लानिंग  में इंश्योरंस एक अहम् भूमिका निभाती है|

परन्तु काफी लोग केवल investment (निवेश) पर ध्यान देते हैं, इंश्योरेंस पर नहीं|

वह लोग अपने बजट से जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के लिए राशि निकल ही नहीं पाते|

वार्षिक बोनस (Annual bonus) के बाद एक सही समय होता है की जब आप अपने इंश्योरेंस पोर्टफोलियो की समीक्षा कर सकते है|

अगर आपको लगता है की आपके पास उपयुक्त स्वास्थ्य और जीवन बिमा (Health and Life इंश्योरेंस) नहीं है, तो वह खरीद लें|

पढें: जानिये कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान?

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कम करने के 8 तरीके

#3 घर या कार खरीदने के लिए अग्रिम भुगतान (Down Payment)

यदि आप घर या कर खरीदने की योजना बना रहे है, तो ध्यान रखें की आपको लोन के अलावा कुछ राशि अपने जेब से भी देनी पड़ती है Down Payment के रूप में|

Annual Bonus से मिली राशि का कुछ हिस्सा आप इस कार्य के लिए भी निवेश कर सकते हैं|

पढ़ें: होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ख्याल

#4 अपने होम लोन के pre-payment (पूर्व भुगतान) के लिए

ज़्यादातर लोगों की सबे बड़ी liability Home loan की ही होती ही| और काफी लोग अपने लोन को जल्दी से जल्दी ख़तम करना चाहते हैं|

Annual Bonus की राशि का कुछ हिस्सा आप इस काम के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

और इन छोटे छोटे भुगतानों के असर को कम न आंके?

मान लिए आपने 20 साल के लिए 50 लाख का लोन लिया है| ब्याज की दर 10% p.a. है|

आपकी EMI 48,251 रुपये होगी|

अगर आप अपने बोनस से प्रतिवर्ष एक अतिरिक्त EMI भर देते हैं, तो आपका लोन 20 वर्षों की बजाय 16 साल तीन महीनों में ख़तम हो जाएगा|

इस बात पर गौर करें की home लोन पर आपको टैक्स बेनेफिट्स भी मिलते हैं| इसलिए आपको इस बात पर भी विचार करना होगा की इस पूर्व भुगतान (pre-payment) का आपके टैक्स बेनेफिट्स पर क्या असर पड़ेगे|

#5 टैक्स बचाने के लिए  निवेश कर सकते हैं

बहुत से लोग  टैक्स बचाने वाले इन्वेस्टमेंट्स करने के लिए फरवरी और मार्च का इंतज़ार करते है|

जैसे की कहते हैं, जल्दी का काम शैतान का|

इसी वजह से जल्दबाजी में गलती भी हो जाती हैं|

Annual Bonus से मिली राशि से इन टैक्स बचत के निवेश की शुरुआत का सकते हैं|

इसके कई फ़ायदे हैं|

पहला की आपके पास ज्यादा समय है यह सोचने के लिए की आपको कहाँ निवेश करना है|

आपको रिटर्न्स भी ज्यादा मिल सकते हैं|

अगर आप PPF में साल की शुरुआत में ही निवेश कर देंगे, तो आपको इस निवेश पर पूरे साल ब्याज मिलेगा|

अगर आप ELSS mutual fund में निवेश करना चाहते हैं, तो आप राशि एक Liquid फण्ड में जमा कर सकते हैं, उसके बाद STP (Systematic Transfer Plan) हर महीने कुछ राशि ELSS Fund में निवेश कर सकते हैं|

#6 आपातकाल (emergency) के लिए एक कोष (corpus) बनाएं

आपकी फाइनेंसियल प्लानिंग  का एक अहम् हिस्सा है की आप अपने निवेश को किसी emergency (आपातकाल, नौकरी जाने पर, परिवार में किसी की बिमारी पर) से बचाएँ|

इसका एक तरीका यह है की आप अलग से कुछ पैसा रखें  जो आप किसी भी emergency में उपयोग कर सकते हैं| यह करने के बाद आपको अपने किसी और लक्ष्य (goal) के लिए investment को नहीं छूना पड़ेगा.

यह पैसा आप बैंक Fixed Deposit या Liquid Fund में रख सकते हैं|

अगर आपने अभी तक इमरजेंसी फण्ड नहीं बनाया है, तो Annual Bonus एक अच्छा मौका है शुरुआत का|

#7 अपने पूरे Investment Portfolio की समीक्षा करें

आपको अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को नियमित अंतराल पर समीक्षा करना चाहिए|

साल में एक बार सकीक्षा करना एक अच्छा विचार है| अगर कोई adjustment करना पड़े तो आप कर सकते हैं|

अगर आपको लगता है की किसी लक्ष्य के लिए ज्यादा निवेश करने की ज़रुरत है, तो आप उसे वार्षिक बोनस  में से कर सकते हैं|

ज़िन्दगी केवल Financial Planning नहीं है

हम ने ऊपर केवल Financial Planning के बातें करी हैं|

परन्तु आपका जीवन केवल फाइनेंसियल प्लानिंग  तक सीमित नहीं रहना चाहिए|

ज़िन्दगी का आनंद लेना भी ज़रूरी है|

इसलिए Annual Bonus से परिवार के लिए और अपने लिए उपहारों ज़रूर लें, कहीं घूमने ज़रूर जायें|

जीवन परिवार से और मीठी यादों से है, आपके बैंक अकाउंट बैलेंस से नहीं|

एक संतुलन बनाएं|

Filed Under: Financial Planning Tagged With: annual bonus, financial Planning, वार्षिक बोनस का सही इस्तेमाल

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