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लोन के प्रकार

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मेडिकल लोन या हेल्थ इंश्योरेंस: इलाज के खर्चे की भरपाई कैसे करें?

by दीपेश Leave a Comment

इलाज़ का खर्चा बढ़ता जा रहा है| अगर अस्पताल में भारती होना पड़े, तो लम्बे बिल का खतरा रहता है| ऐसे उदाहरणों की कमी नहीं है जहाँ अस्पताल के बिल ने परिवार की आर्थिक स्तिथि खराब कर दी हो| ऐसे में आप क्या कर सकते हैं?

आज दो विकल्पों पर चर्चा करते हैं: हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) और मेडिकल लोन|

दोनों में कुछ अच्छी और बुरी बातें हैं| देखते हैं कौन सा हाँ बेहतर विकल्प|

हेल्थ इंश्योरेंस लेने में क्या समस्याएं हैं?

हेल्थ इन्श्योरेंस में आप हर वर्ष कुछ प्रीमियम देते हैं| अगर असपताल में भारती होते हैं, तो बीमा कंपनी इलाज़ का खर्चा उठाती है| अगर क्लेम नहीं किया, तो प्रीमियम वापिस नहीं किया जाता| जानते हैं क्या हैं परेशानियां|

  1. आप प्रीमियम का भुगतान करते रहते हैं| ऐसा हो सकता है की कई वर्षों तक आपको क्लेम न करना पड़े| आपको लगेगा की आपका अनेक वर्षों का प्रीमियम बेकार गया|
  2. हर साल प्रीमियम बढ़ा दिया जाता है| कई बार प्रीमियम एक वर्ष में 30-40% तक भी बढ़ सकता है| अगर किसी वजह आप प्रीमियम नहीं दे पाए, तो पूरी मेहनत बेकार| अगर आप कभी क्लेम भी नहीं किया, तो सारा पुराना प्रीमियम भी बेकार चला गया|
  3. इंश्योरेंस कंपनी पर भरोसा करना भी मुश्किल है| आपने कई वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान किया, जब क्लेम की बारी आई, तो कोई फ़ालतू कारण बताकर क्लेम रिजेक्ट कर दिया|
  4. इंशोयरेंस कंपनी कई अन्य तरीकों से भी बदमाशी करती हैं| आपके पास सस्ता इंश्योरेंस प्लान है, तो वह उसे बंद करके आपको कोई नया महंगा प्लान खरीदने के लिए दबाव डालेंगी|
  5. बुज़ुर्ग लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने में परेशानी रहती है| साथ ही, अगर आपको कोई पहले से बीमारी (pre-existing illness) है, तो स्वास्थ्य बीमा मिलने में परेशानी रहेगी| बीमा कंपनी आपकी एप्लीकेशन रिजेक्ट कर देगी या प्रीमियम बहुत अधिक होगा|
  6. अस्पताल के कुछ तरह के खर्चों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा नहीं किया जाता| इनका भुगतान आपको अपनी जेब से करना होगा|

पढ़ें: कौनसी है बेस्ट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी? (हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट रेश्यो की जानकारी)

मेडिकल लोन के क्या फायदे और नुकसान हैं?

मेडिकल लोन एक तरह का पर्सनल लोन ही होता है| बस समझ लिए की लोन की राशि आपकी बैंक खाते में आने की बजाय सीधे अस्पताल को भेजी जाती है| कुछ मेडिकल लोन में राशि आपके खातें में भी आ सकती है|

मेडिकल लोन आप केवल ज़रुरत पड़ें पर ही लेंगे| आपको हर वर्ष प्रीमियम देने की आवश्यकता नहीं है| कुछ मामलों में आपको अस्पताल के बिल पर कुछ डिस्काउंट भी मिल सकता है| ब्याज की दर एक पर्सनल लोन से कम हो सकती है|

अगर इलाज़ के खर्चे की लिए पैसे की ज़रुरत है, तब आप मेडिकल लोन ले सकते हैं| मेडिकल लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

अब सवाल आता है, किस पर भरोसा करें, हेल्थ इंश्योरेंस पर या मेडिकल लोन पर?

मेडिकल लोन और हेल्थ इंश्योरेंस में क्या बेहतर है?

मेरे अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) लेना एक बेहतर विकल्प है|

आईये देखते हैं क्यों|

मैं मानता हूँ की अगर आप कई वर्षों तक क्लेम ने करें, तब आपको महसूस होगा की आपका प्रीमियम व्यर्थ गया| इससे बेहतर तो आपने यह पैसा कहीं निवेश कर दिया होता और कुछ रिटर्न पाए होते| समय पड़ने पर आप इस पैसे को निकाल कर चिकित्सा पर खर्च भी कर सकते हैं| परन्तु, यहाँ एक समस्या है| ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं| आपने 10 वर्ष तक 20,000 रुपये का प्रीमियम दिया और 11वें पर में सीधे 5 लाख रुपये का क्लेम करने की ज़रुरत पड़ है| ऐसा होने पर शायद आपको अपना पिछले 10 वर्ष का प्रीमियम इतना व्यर्थ नहीं लगेगा|

अगर आपने प्रीमियम देने की बजाय यह पैसा निवेश किया होता, तब आप इस पैसे का इलाज़ में इस्तेमाल कर सकते थे| परन्तु यह पैसा एक बार खर्च हो गया, तो खत्म हो जाएगा| हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा हर वर्ष रिसेट (reset) हो जाती है| मतलब की आप आगे भी क्लेम कर सकते हैं| उदहारण की सहायता से समझते हैं|

आपके पास 5 लाख रुपये का बीमा है| आपके पालिसी 1 जून, 2018 को खरीदी| आपका पालिसी वर्ष हुआ 1 जून से 31 मई| आप एक पालिसी वर्ष में पूरे 5 लाख रुपये का क्लेम कर लेते हैं| इस पालिसी वर्ष में आप कोई और क्लेम नहीं कर पायेंगे क्योंकि आपकी बीमा की सीमा खत्म हो गयी है| आपका पालिसी वर्ष 31 मई, 2019 को समाप्त हो जाएगा| 1 जून, 2019 से आपकी लिमिट फिर से रिसेट (reset) हो जायेगी| इसका मतलब आप 1 जून, 2019 से फिर से 5 लाख तक रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं| ऐसा हर वर्ष होता रहेगा|  अगर आप प्रीमियम देने की बजाय पैसा जमा किया होता, तब वह पैसा तो खत्म हो गया होता| आगे आपक क्या करते?

कई बार ऐसी बीमारी भी हो जाती है, जहाँ आपको बार-बार अस्पताल में भारती होना पड़ता है और खर्चा आता रहता है| ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी बहुत लाभकारी हो सकती है|

मेडिकल लोन में केवल आपको पैसा उधार मिलता है| यह पैसा आपको ब्याज समेत चुकाना भी होगा| ब्याज की दर अधिक भी हो सकती है| साथ ही, इस बात की भी क्या गारंटी है की आपको मेडिकल/ लोन मिल ही जाएगा| अगर आपको ज़रुरत पड़ने पर मेडिकल लोन नहीं मिला, तब आप क्या करेंगे? आपका या परिवारजन का इलाज़ कैसे होगा? अगर कोई ऐसी बीमारी होती है, जहां बार-बार अस्पताल में भारती होना पड़े, तो कितनी बार लोन लेंगे और कैसे भुगतान करेंगे|

ध्यान दें हेल्थ इंश्योरेंस में आपको केवल प्रीमियम देना होता है| क्लेम का भुगतान बीमा कंपनी करती है और आपको उसे कुछ लौटाना नहीं होता| मेडिकल लोन में आपने 5 लाख का लोन लिया, तो आपको 5.5 लाख रुपये (लौटाने भी होंगे)|

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट मिलते हैं| मेडिकल लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता|

पढ़ें: बीमा खरीदते समय इन गलतियों से बचें?

आपको क्या करना चाहिए?

मेरे अनुसार आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस हों चाहिए| अगर आपका एम्प्लायर आपको बीमा प्रदान करता है, तब आप कुछ राहत ले सकते हैं| परन्तु ध्यान रखें एम्प्लायर द्वारा प्रदान किया गया बीमा केवल तभी तक होता है, जब तक आप नौकरी कर रहे हैं|

साथ ही थोड़ा सा पैसा जमा करते रहे और एक मेडिकल फण्ड (medical fund) बनाएं| यह पैसा आप फिक्स्ड डिपाजिट या लिक्विड फण्ड में रख सकते हैं| ज़रुरत पड़ने पर आप मेडिकल इंश्योरेंस के साथ-साथ इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं| मेडिकल लोन पर भरोसा करना अच्चा विकल्प नहीं है|

सौजन्य: EmiCalculator.net

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: medical loan in hindi, बेस्ट हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, मेडिकल लोन, लोन के प्रकार, हेल्थ इंश्योरेंस

विभिन्न प्रकार के लोन

by दीपेश Leave a Comment

अगर आपको लोन की ज़रुरत है, आप पास कई विकल्प होते हैं| कई प्रकार के लोन होते हैं|

हर लोन के पास होने की पप्रक्रिया अलग हो सकती है| कुछ प्रकार के लोन केवल कुछ विशिष्ट काम के लिए ही दिए जा सकते हैं| जैसे की, होम लोन केवल घर खरीदने या घर की मरम्मत के लिए मिलता है| कार लोन कार खरीदने और एजुकेशन लोन पढाई के लिए मिलता है|

अलग तरह के लोन पर ब्याज दर अलग हो सकती है|

#1 होम लोन (Home Loan)

घर खरीदने या बनाने के लिए ज़्यादातर लोगों को लोन लेना पड़ता है| होम लोन की ब्याज दर दूसरे लोन के मुकाबले कम भी होती है|

होम लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं| होम लोन लेते समय इन कुछ बातों का भी ख्याल रखें| इस पोस्ट में आप भारतीय स्टेट बैंक से मिलने वाले विभिन्न होम लोन के बारे में जान सकते हैं|

होम लोन पर आप प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ब्याज पर सब्सिडी (subsidy) भी पा सकते हैं|


#2 पर्सनल लोन (Personal Loan)

पर्सनल लोन एक असुरक्षित (Unsecured) लोन होता है| इसीलिए ब्याज दर भी ज्यादा होती है| परन्तु यह लोन आपको काफी जल्दी मिल सकता है| पर हाँ, लोन देने से पहले बैंक आपकी आय और क्रेडिट स्कोर अवश्य चेक करेगा| अगर क्रेडिट स्कोर या CIBIL स्कोर कम है, तो शायद आपको लोन नहीं मिलेगा|

पर्सनल लोन के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#3 इंश्योरेंस पालिसी से लोन (Loan against Insurance Policy)

अगर आपने पारंपरिक जीवन बीमा प्लान लिया है, तो आप उस पालिसी की सहायता से भी लोन ले सकते हैं| ध्यान दें यह लोन आपको टर्म प्लान और यूलिप (ULIP) पर नहीं मिलेगा| केवल ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान (पारंपरिक जीवन बीमा प्लान) पर ही मिलेगा|

क्योंकि आप अपनी पालिसी से ही लोन लें रहे हैं, आपको लोन आसानी से मिल जाना चाहिए| मैंने एक दूसरी पोस्ट में चर्चा करी है की कैसे आप अपनी एलआईसी पालिसी से लोन ले सकते हैं|


#4 गोल्ड लोन (Gold Loan) 

अगर आप लोन की आवश्यकता है और घर में सोने के आभूषण हैं, तो आप उन सोने के आभूषण को गिरवी रख कर लोन ले सकते हैं| आभूषण में सोने के मूल्य के 60-75% मूल्य का आपको लोन मी जाएगा|

पर ध्यान दें गोल्ड लोन कम अवधि के होते हैं| अगर आप लोन का भुगतान नहीं कर पाते है, तो बैंक या गोल्ड लोन कंपनी आपके आभूषण को बेच कर अपना लोन वसूल लेगा|

गोल्ड लोन के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#5 प्रॉपर्टी लोन (Property Loan)

आपके पास कोई मकान या प्रॉपर्टी है, उसको गिरवी रख कर आप बैंक से लोन ले सकते हैं| पर ध्यान रखें, अगर लोन का भुगतान नहीं कर पाए, तो बैंक आपकी प्रॉपर्टी बेच सकता है|

प्रॉपर्टी लोन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|


#6 पीपीएफ खाते से लोन (PPF Loan)

अगर आपके पास पीपीएफ खाता है, तो आप अपने पीपीएफ खाते से भी लोन ले सकते हैं| ध्यान दें आप अपनी जमा राशि के कुछ हिस्से का ही लोन ले सकते हैं| आप तीसरे से छठे साल तक ही लोन सकते हैं| तो बहुत सारे बंधन हैं पीपीएफ लोन में|

आप पीपीएफ खाते से लोन के बार में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|


#7 कार लोन (Car Loan)

कार लेने के लिए आप कार लोन ले सकते हैं| आप पुरानी कार खरीदने के लिए भी कार लोन ले सकते हैं| लोन की अवधि अमूमन 3-5 वर्ष होती है|

कार लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|


#8 एजुकेशन लोन (शिक्षा लोन)

अगर आपको उच्च शिक्षा के लिए पैसे की ज़रुरत है, तो आप शिक्षा लोन या एजुकेशन लोन ले सकते हैं| शिक्षा लोन पर ब्याज दर भी कम होती है और शिक्षा लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

पढाई के दौरान आपको ब्याज चुकाने की आवश्यकता भी नहीं है| पढाई पूरी होने के बाद आप लोन का भुगतान शुरू कर सकते हैं|

SBI एजुकेशन लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|


#9 Loan against Securities

यहाँ अगर आपके पास शेयर, बांड या म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स हैं, उनको प्लेज (pledge) करके भी आप लोन ले सकते हैं| आपको आपकी सिक्योरिटीज (securities) के मूल्य के 50-60% राशि का लोन ही मिलेगा|

ध्यान दें अगर आपके शेयर का मूल्य गिरने लगा, तो बैंक आपके निवेश को बेच कर अपना पैसा वसूल सकता है| और हाँ, लोन का भुगतान करने से पहले आप अपने निवेश को बेच नहीं सकते|

मेरे अनुसार इस तरह का लोन लेना बेवकूफी है| बेहतर होगा की आप अपने निवेश को बेच कर पैसे का इस्तेमाल करें| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ें|


#10 Peer-to-Peer loan (P2P loan)

अगर कहीं लोन की बात नहीं बनी, तो P2P लोन आपका आखिरी विकल्प हो सकता है| P2P लोन में आप किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से पैसा नहीं लेते| परन्तु आप अपने जैसे ही किसी व्यक्ति से उधार लेते हैं|

बहुत सारी वेबसाइट हैं जहाँ पर जा कर आप ऐसे लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं| लोन की ब्याज दर काफी ज्यादा होती है| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ें|


लोन के बारे में अन्य पोस्ट

  1. आपको कितना होम लोन मिल सकता है?
  2. आपके लोन के EMI कैसे कैलकुलेट होती है? (Loan EMI Calculator)
  3. आप खराब क्रेडिट स्कोर के साथ भी ले सकते हैं यह 6 लोन
  4. खराब क्रेडिट स्कोर को कैसे सुधारें?

ध्यान दें इस पोस्ट में मैंने ऐसे लोन पर चर्चा करी है जो की आप अपने निजी काम ले लिए ले सकते हैं| व्ययसाय से लिए मिलने वाले लोन जैसे की मुद्रा लोन योजना या अन्य बिज़नस लोन पर चर्चा नहीं करी है|

इमेज क्रेडिट: Pixabay

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