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आप ले सकते हैं अपनी एलआईसी पालिसी (LIC Policy) से लोन

Last updated: अप्रैल 2, 2019 | by दीपेश 46 Comments

अगर आपको पैसे की ज़रुरत है, तो आप पर्सनल लोन ले सकते है| अगर credit कार्ड है तो उस पर भी खर्चा कर सकते हैं| परन्तु आप जानते होंगे की पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की दर बहित ज्यादा होती है| आपको बड़ी परेशानी में भी डाल सकती है|

ऐसे समय में आपकी LIC Policy काम आ सकती है

ज़्यादातर लोगों के पास LIC की एक-दो पालिसी तो होती है हैं|

अगर मैं आपको बतायूं की आप अपनी एलआईसी पालिसी से भी लोन ले सकते हैं, तो आपको कैसा लगेगा|

आपके ब्याज की दर भी पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन से ज्यादा होगी|

कितना लोन ले सकत हैं अपनी LIC पालिसी से?

जब आप लोन के लिए apply करने जा रहे हैं, उस समय आपकी पालिसी की जो Surrender value उसके 90% तक का आप लोन ले सकते हैं| अगर आप अपनी पालिसी को Paid-up बना चुके हैं, तो paid-up value के 85% तक राशि का लोन ले सकते हैं|

आप कम से कम तीन साल तक अपने प्रीमियम का भुगतान कर चुके हों|

आपकी एलआईसी पालिसी की Surrender Value (सरेंडर वैल्यू) क्या होती है?

यह पता होना भी आवश्यक है क्योंकि आपके लोन की राशि Surrender value पर निर्भर करती है|

इसको calculate करना थोडा पेचीदा है| आप अपने एजेंट या निकटतम LIC शाखा में जा कर यह पता कर सकते हैं|

परेशानी यह है कि आपकी पालिसी की Surrender value आपके कुल प्रीमियम भुगतान से कम ही होती है| अगर आपको पालिसी लिए कुछ साल ही हुए हैं, तो यह value काफी कम भी हो सकती है|

तो अगर आप अपनी LIC पालिसी के किसी बड़े लोन लेने की उम्मीद कर रहे हैं, तो आप निराश हो सकते हैं|

अगर आप इस Surrender value के कैलकुलेशन के बारें में जानना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ सकते हैं|

परन्तु आपको इतनी मेहनत करने ही ज़रुरत नहीं है, आपको यह जानकारी आपके एजेंट या निकटतम LIC शाखा से मिल जायेगी|

लोन का भुगतान कैसे करना होता है?

यहाँ पर आपको काफी राहत है| अमूमन लोन में आपको हर महीने EMI देनी होती है| क्यूंकि EMI में principal (मूलधन) और interest (ब्याज) दोनों ही होता है, तो EMI भी बड़ी होती है|

अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तो EMI देना भी मुश्किल हो सकता है|

LIC policy के loan में ऐसी कोई परेशानी नहीं है|

आपको हर 6 महीने पर interest का भुगतान करना होता है|

Principal आप अपनी पालिसी के मेच्योर होने तक कभी भी भर सकते हैं| चाहें तो ब्याज के साथ भी भर सकते हैं|

तो बस हर 6 महीने ब्याज भरते रहिये| आपका काम चलता रहेगा|

अगर उधार लेने वाले की  (आपकी) मृत्यु हो जाती है या पालिसी मेच्योर हो जाती है, तो LIC बकाया लोन मृत्यु लाभ (death benefit) या मेच्योरिटी लाभ (maturity benefit) में से वसूल लेगा|

मतलब की लोन राशि काट कर आपको (या आपके nominee) बचे हुए पैसे लौटा देगा|

पढ़ें: एलआईसी जीवन अक्षय (LIC Jeevan Akshay VI): एक बार प्रीमियम, पूरे जीवन पेंशन

एलआईसी लोन में कितना ब्याज (interest) देना होता है?

मेरी समझ से ब्याज  दर फिक्स नहीं है| बदलती रहती है|

अभी यह दर 10.5% प्रतिशत चल रही है| पर यह बदल सकती है|

यह ब्याज दर आपको मिलने वाले पर्सनल लोन की ब्याज दर से कम हो सकती है|

आप लोन लेने से पहले अपने LIC एजेंट या निकटतम LIC शाखा में जा कर पता कर सकते हैं|

लोन का भुगतान न करने पर क्या होता है?

लोन लिया है तो चुकाना तो पड़ेगा ही|

अगर आप ब्याज के भुगतान में तीस (30) दिन से  ज्यादा के देरी करते हैं, तो LIC आपकी पालिसी बंद (surrender) भी कर सकता है| उस राशि से वह आपके लोन की राशि वसूल सकता है|

कोशिश करें ऐसा न हो|

कैसे लें अपनी LIC पालिसी से लोन?

आपको लोन का फॉर्म भर कर अपने एजेंट या निकटतम शाखा (home branch) में जमा कर सकते हैं|

अगर आप उस पालिसी से पहली बार लोन ले रहे हैं, तो आपको फॉर्म 5196 भरना होगा|

अगर आप उस पालिसी से दुबारा लोन ले रहे हैं (वह पालिसी LIC के नाम पर है), तो आपको फॉर्म 5205 भरना होगा|

अब आप ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं| इस पोस्ट में नीचे इस बात का उल्लेख किया गया है|

LIC से लोन के लिए आप ऑनलाइन आवेदन (apply) कर सकते हैं 

साथ ही अपने ब्याज का भुगतान भी ऑनलाइन कर सकते हैं|

आवेदन करने के लिए आप ऐसा कर सकते हैं|

  1. LIC की वेबसाइट पर जाएँ| (https://www.licindia.in)
  2. उसके बाद वहां “Online Services” के नीचे “Online Loan” पर click करें| आप सीधे इस लिंक पर भी जा सकते हैं|  https://www.licindia.in/home/policyloanoptions loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 1
  3. लिंक को click करने पर आप ऐसे एक पेज पर आ जायेंगे|loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 2
  4. यहाँ पर आ कर आप एक नए लोन के लिए apply (आवेदन) कर सकते हैं| साथ ही अगर आपका कोई लोन चल रहा है, तो आप उसका भुगतान भी कर सकते हैं|
  5. आपको लोन के आवेदन के लिए पहले LIC की website पर रजिस्टर करना होगा| रजिस्टर करने के बाद लॉग इन करें| |
  6. उसके बाद आपको “LIC Premier Services” के लिए भी रजिस्टर करना होगा| यह सेवा निशुल्क है|
    loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 3
  7. “LIC Premier Services” आपको एक फॉर्म download कर के, उसका प्रिंट ले कर sign कर होगा| फॉर्म में सारे details पहले से ही भरे होंगे| आपको केवल हस्ताक्षर करने होंगे|loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 4
  8. उसके बाद फॉर्म को स्कैन (scan) करने के बाद आपको अपलोड करना होगा| इसके बाद आपको कुछ दिनों में “LIC Premier Services” के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाना चाहिए|
  9. इसके बाद आप लोन के लिए ऑनलाइन apply कर सकते हैं|

loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 5

कृपया ध्यान दें मैंने खुद “LIC Premier Services” के लिए रजिस्टर नहीं किया है और न हीं लोन के लिए आवेदन किया है|

ध्यान दें: आप बशर्ते लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं परन्तु पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हो सकती|

आप एलआईसी की शाखा में जा कर यह दस्तावेज जमा करने होंगे|

  1. लोन की एप्लीकेशन
  2. पालिसी के कागज़ (लोन के भुगतान के बाद आपको यह कागज़ लौटा दिए जायेंगे)
  3. NEFT mandate form (इसमें आपके बैंक खाते की जानकारी होगी)

आपको यह डॉक्यूमेंट अपनी सर्विस ब्रांच में जमा करने की आवश्यकता नहीं है| आप निकटतम LIC शाखा में जा कर पैसे जमा कर सकते हैं|आपको ऑनलाइन आवेदन करने के 4 दिन के भीतर यह सारे डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे| ऐसा न करने पर आपकी लोन की एप्लीकेशन cancel हो जायेगी और आपको दोबारा आवेदन करना होगा|

ध्यान रखें

  1. मैंने LIC New जीवन Anand (न्यू जीवन आनंद) plan की नियमों और शर्तों (terms and conditions) पर अपनी पोस्ट आधारित की है| किसी दूसरी पालिसी में लोन के नियम अलग जो सकते हैं|
  2. लोन आपको ट्रेडिशनलइन्शो या एंडोमेंट (traditional और endowment) जीवन बीमा policy में ही मिल पाता है|
  3. यूलिप या टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में लोन नहीं मिलता|
  4. आप उम्मीद कर सकते हैं की लोन जल्दी मिल जाएगा क्योंकि यह आपके पैसे से ही मिल रहा है| LIC को कोई भी रिस्क नहीं लेना पड़ रहा|
  5. आपको एक पालिसी पर दोबारा भी लोन ले सकते हैं| यह भी हो सकता है, की आपका पहले लोन चुकता न हुआ हो, तब भी आप दूसरा लोन ले सकते हैं| परन्तु कुल मिला के बकाया लोन की राशि आपकी Surrender value के 90% से ज्यादा नहीं हो सकती|
  6. LIC के अलावा निजी इंश्योरेंस कम्पनियां भी traditional लाइफ इंश्योरंस पालिसी से लोन मिल सकता है|
  7. आपको लोन मिल जाएगा, इसका मतलब यह नहीं है की आप लोन ले लें| केवल ज़रुरत के समय की LIC पालिसी से लोन लें|
  8. LIC पालिसी के लोन को चुकाने के लिए आपको कोई टैक्स लाभ नहीं मिलता|
  9. मेरे अनुसार जो LIC policy ले लोन की ब्याज दर है, वह आपके घर के लोन से ज्यादा होगी| इसीलिए घर लेने के लिए होम लोन एक बेहत विकल्प होगा| होम लोन पर आपको टैक्स बेनेफिट भी मिलेंगे|
  10. LIC पालिसी (traditional प्लान) से आपको लोन मिल जाता है, इसका मतलब यह नहीं की आपको ऐसी पालिसी खरीदनी चाहियें| ऐसे इंश्योरेंस प्लान से बचें|

Filed Under: LIC, Life Insurance, Loans Tagged With: LIC, lic loan information in hindi, lic policy loan, lic policy loan in hindi, loan against LIC policy, एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें, एलआईसी लोन की पूरी जानकारी

आपको ब्याज (interest income) पर कितना टैक्स देना होता है?

by दीपेश Leave a Comment

अगर आप अपने investment से आने वाले ब्याज (interest) पर निर्भर है, तो आपके लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है की आपको उस ब्याज पर कितना टैक्स देना होगा|

अगर निर्भर नहीं भी हैं,  तब भी जानना ज़रूरी है क्योंकि टैक्स से आपके नेट रिटर्न पर असर पड़ता है|

और अगर आप अपने निवेश को बेचना चाहते हैं तो होने वाले मुनाफे पर भी टैक्स देना पड़ सकता है|

इस पोस्ट में मैं केवल आपको मिलने वाला ब्याज (interest) कैसे टैक्स होता है, उसी बात पर चर्चा करूँगा|

ब्याज पर आपको कितना टैक्स देना होता है? (How is Interest Income from Investments taxed?)

कुछ तरह के निवेश को बेहतर टैक्स ट्रीटमेंट मिलता है|

इस बात पर भी गौर करें  की कई बार आपको interest मिलने से पहले ही टैक्स काट लिया जाता है| इसे Tax Deduction at Source भी कहते हैं|

How is interest income taxed ब्याज पर आपको कितना टैक्स देना पड़ता है?

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

जहाँ भी आपको ब्याज़ (interest) पर टैक्स देना है, वहां पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट (tax slab) के अनुसार टैक्स देना होगा|

म्यूच्यूअल फण्ड (mutual fund) और NPS में कभी interest नहीं मिलता| यह निवेश फिक्स्ड रिटर्न नहीं देते| आपको market linked (मार्केट लिंक्ड) रिटर्न मिलते हैं|

जानिए: म्यूच्यूअल फण्ड बेचने पर कितना देना पड़ सकता है टैक्स?

जानिए: NPS से पैसा निकालने पर कितना टैक्स देना पड़ सकता है?

TDS कैसे बचा सकते हैं?

बैंक TDS तभी काटते है की जब आपकी interest income (ब्याज की आय) एक लिमिट से ज्यादा होती है| जैसे की बैंक FD पर तभी TDS काटते हैं, जबकि आपका बैंक में कुल FD का ब्याज उस वर्ष में 10,000 रुपये से ज्यादा हो जाए|

ध्यान रखें की TDS कटने से आपकी टैक्स liability ख़तम नहीं हो जाती| जैसे की, बैंक केवल ब्याज का 10% ही TDS काटेगा (PAN जमा न करने पर 20%)| पर अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट (tax slab) में हैं, तो बचा हुआ टैक्स आपको अलग से भरना होगा|

अगर किसी कारण ज्यादा TDS कट जाता है, तो आप income tax return भर कर अतिरिक्त टैक्स का रिफंड (refund) ले सकते हैं|

TDS बचाने का सवाल तभी उठता है की जब आपकी पूरे वर्ष की आय 2.5 लाख से कम हो| 60 वर्ष के ऊपर यह लिमिट 3 लाख और 80 साल के ऊपर 5 लाख रुपये हो जाती है|

अगर आपकी आय लिमिट से कम है, तो आप फॉर्म 15G/15H बैंक में जमा करके TDS कटने से बचा सकते हैं|

इस बारें में विस्तृत जानकारी के लिए आप इस पोस्ट को देख सकते हैं|

किताबों के सुझाव

रिच डैड पूअर डैड

रिटायर रिच: प्रतिदिन 40 रुपये का निवेश करें

Disclosure:मैं टैक्स विशेषज्ञ नहीं हूँ| कुछ भी निर्णय लेने से पहले Chartered Accountant की सलाह लें|

Filed Under: Financial Planning, Tax Planning Tagged With: financial Planning, tax on interest income, ब्याज पर टैक्स

अगर आप कर रहे हैं अपने करियर की शुरुआत, तो इन Financial Tips का रखें ख्याल

Last updated: जून 26, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

अगर आपने अभी हाल में अपने करियर की शुरुआत करी हैं, तो ध्यान रखें इन फाइनेंसियल प्लानिंग (Financial Planning) टिप्स का| अमूमन लोग अपने करियर की शुरुआत 20 से 25 साल की उम्र में करते हैं|

अगर शुरू से ही कुछ बातों का ख्याल रखा जाए हो आप अपनी आर्थिक स्तिथि को बहुत मज़बूत कर सकते हैं| ध्यान रखें जो चीज़ें आप बार बार करते हैं, आपको उनकी आदत पड़ जाती है|

#1 निवेश जल्दी शुरू करें और Power of Compounding का फायदा उठाएं

इस बात की मैं एक पिछली पोस्ट में भी चर्चा कर चुका है| कई बार हम लोग यह सोच कर निवेश नहीं करते की कम राशि निवेश करने से कुछ नहीं होगा|

यह सोच गलत है| अगर आप जल्दी निवेश करना शुरू कर देंगे तो कम पैसा निवेश करने पर भी आप बड़ी राशि जमा कर सकते हैं|

करोड़पति बनने के लिए कितना करना होगा निवेश?

अगर आप 25 साल के हैं और हर महीने 500 रुपये जमा करते हैं, तो 10% रिटर्न पर आप 60 साल के होने तक आप 17 लाख रुपये जमा कर पाएंगे|

परन्तु अगर आप यह निवेश 35 वर्ष की आयु से शुरू करेंगे, तो आप केवल 6 लाख रुपये ही इकठ्ठे कर पायेंगे|

तो जल्दी निवेश करना शुरू करें|

मैं मानता हूँ की शुरुआत में salary कम होती है, इसीलिए ज़रूरी खर्चों के बात पैसा बचाना मुश्किल हो सकता है| पर कोशिश ज़रूर करें|

और अपनी आय बढाने की भी पूरी कोशिश करें|

#2 पहले निवेश करें, फिर खर्च करें

काफी लोगों की प्रवत्ति होती है की वह सारे खर्चे करने का बात जो बचता है, उससे निवेश करते हैं|

और खर्चे कभी ख़तम नहीं होते| खासकर जब आप नया नया कमाना शुरू करते हैं, तो हमेशा कुछ न कुछ लेने का मन लगा रहता है|

आनंद लेना गलत नहीं है| पर एक सीमा में ही करें|

इसीलिए बेहतर होगा की अपनी आय (salary) का कुछ हिस्सा निवेश के लिए पहले ही निकाल दें, उसके बाद जो बचे उसे आप आराम से खर्च कर सकते हैं|

कितना हिस्सा बचाना है, वह आपके Financial Goals पर निर्भर करता है|

इससे आपके आर्थिक जीवन में अनुशासन भी आएगा|

आप mutual fund SIP या फिर recurring deposit (RD) के द्वारा यह कर सकते हैं|

#3 स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) ज़रूर लें

जब आप जवान होते हैं या फिर आपने कभी कोई लम्बी बिमारी का सामना नहीं किया होता, तो आपको लगता है की आपको कुछ नहीं हो सकता|

में मानता हूँ की कम आयु में बीमार पड़ने की संभावना कम होती है, पर ऐसा नहीं की आप बीमार नहीं पड़ सकते| Accident तो किसी का भी हो सकता है|

ऐसे मामले में आपको अस्पाताल में भरती होना पड़ सकता है|

इसका खर्चा कौन उठाएगा?

अगर आपने स्वाथ्य बीमा (Health Insurance) नहीं लिया है, तो आपको सारा बिल अपनी जेब से भरना होगा| आपकी सारी प्लानिंग चौपट हो सकती है|

इसीलिए स्वास्थ्य बीमा ज़रूर कराएं|

कम आयु में लेने पर आपका प्रीमियम भी कम होगा|

#4 जीवन बिमा (Life Insurance) भी खरीदें

हो सकता है की जब आप अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, तो आपको जीवन बिमा की ज़रुरत न हो क्योंकि (हो सकता है) आपके ऊपर कोई भी निर्भर नहीं है| तब भी इस बारे में सोचें ज़रूर|

अगर आपके ऊपर कोई आर्थिक रूप से निर्भर करता है, तब तो जीवन बिमा लेना ही चाहिए|

ध्यान रखें अगर आप कम आयु में नहीं खरीदते और आपको कोई बीमारी हो जाती है, तो उसके बाद जीवन बीमा खरीदने में परेशानी हो सकती है|

 

#5 इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को अलग रखें

यह बहुत ज़रूरी है|

मैंने बहुत से लोगों को साल के आखिर में टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस प्लान खरीदते हुए देखा है|

ऐसे प्लान्स जीवन बीमा के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट का बेनिफिट भी देते हैं| परन्तु ऐसा करना सही सोच नहीं है| मैंने इस बारे में एक पोस्ट में चर्चा करी है| किस प्रकार का जीवन बीमा लें?

खासकर ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान  (या endowment plan) आपको कम जीवन बीमा देते हैं और रिटर्न भी कम देते हैं| इनसे बचें|

Term लाइफ इंश्योरेंस ले और बचे हुए पैसे को निवेश करें|

#6 आपातकाल (emergency) के लिए कुछ पैसा बचाएं

आपको पता नहीं कब क्या हो जाए| आपकी नौकरी में परेशानी आ सकती है, घर-परिवार में किसी के इलाज का खर्चा या फिर किस मित्र या परिवारजन को आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है|

इन सभी के लिए थोडा सा पैसा अलग से निकाल कर रखें जिससे की आपको ज़रुरत पड़ने पर अपने दूसरे investment न तोड़ने पड़ें|

#7 बेवजह लोन न लें| Credit Card का सही इस्तेमाल करें|

आप अगर Credit Card का सही इस्तेमाल करें तो काफी फ़ायदे हैं| आपका credit score अच्छा होता है| इससे आपको बाद में घर या कार के लिए लोन लेने में आसानी होगी|

परन्तु credit card का अगर लापरवाही से इस्तेमाल करेंगे तो बड़ी समस्या हो सकती है| क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर (interest rate) बहुत ज्यादा होती है| अगर आप समय पर अपने बिल का भुगतान नहीं करेंगे तो काफी महंगा रहेगा|

आजकल आप सभी चीज़ें EMI पर या पर्सनल लोन लेकर खरीद सकते हैं, परन्तु आपको अपने आर्थिक सामर्थ्य को भी ध्यान में रखना चाहिए|

एक संतुलन बनाएं|

#8 कम अवधि के लिए Debt में और लम्बी अवधि के लिए Equity में निवेश करें

मैंने कई बार देखा है की लोग 6 महीने के लिए ही equity mutual funds में निवेश करने के लिए आतुर रहते है| यह तब होता है की जब शेयर बाज़ार अच्छा कर रहा होता है| पर यह सही नहीं है| ऐसे लोग risk को नज़रअंदाज़ कर रहे है|

ध्यान रखें की अगर आप कम अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं तो debt प्रोडक्ट्स में करें| जैसे की fixed deposit, recurring deposits या चुनिन्दा debt mutual funds.

जब आप लम्बी अवधि (कम से कम 7 से 10 साल) के लिए निवेश कर रहे हैं, तो equity mutual funds में निवेश कर सकते हैं| आप SIP (Systematic Investment Plan) के द्वारा ही निवेश करें| PPF में भी निवेश शुरू कर सकते हैं|

इस बात पर गौर करें की यह एक सामान्य सुझाव है और कोई आपके लिए specific advice नहीं है|

#9 जल्दबाज़ी में निर्णय ना लें| हर चीज़ के लिए प्लान करें

जल्दी का काम शैतान का|

मेरा अनुभव है काफी लोग फरवरी-मार्च के महीने में टैक्स बचाने के लिए उलटे-पुल्टे निवेश कर देते हैं| फिर बादमें पछताते हैं |उनके पास product को समझने का समय ही नहीं होता| इसीलिए गलती हो जाती है|

इसीलिए आपके लिए ज़रूर है की आप जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें| अपने investment को प्लान करें और सोच-समझकर ही निर्णय लें|

साल की शुरुआत से ही इस बारें में सोचें|

केवल टैक्स बचाने के लिए निवेश न करें|

#10 स्टॉक टिप्स से बचें

अगर आपको पैसे डुबाने हैं तो stock टिप्स पर शेयर खरीदना सबसे आसान और तेज़ तरीका है| स्टॉक मार्केट में पैसा कमाने का कोई शोर्ट कट नहीं होता| बहुत मेहनत करनी पड़ती है| ऐसी बेवकूफियों से बचें|

किताबों के सुझाव

रिच डैड पूअर डैड

रिटायर रिच: प्रतिदिन 40 रुपये का निवेश करें

चित्र सौजन्य: Pixabay

 

Filed Under: Financial Planning Tagged With: financial Planning, Financial planning tips

Mutual Fund SIP क्या है? म्यूच्यूअल फण्ड सिप के क्या फ़ायदे है? (SIP in Hindi)

Last updated: अगस्त 2, 2018 | by दीपेश 2 Comments

पिछले कुछ समय से निवेशकों के रुझान म्यूच्यूअल फण्ड सिप (Mutual Fund SIP) की तरफ काफी बढ़ा हैं|

यहाँ तक की कुछ लोग SIP को ही एक तरह का म्यूच्यूअल फण्ड मानते हैं और सिप म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में जानना चाहते हैं|

क्या आपको सिप या एसआईपी के बारे में पूरी जानकारी है?

इस पोस्ट में आईये जानते हैं:

  1. म्यूच्यूअल फण्ड सिप क्या है? 
  2. म्यूच्यूअल फण्ड सिप कैसे काम करती है?
  3. म्यूच्यूअल फण्ड सिप के क्या फायदे हैं?
  4. म्यूच्यूअल फण्ड सिप से क्या मिथ्याएं या ग़लतफ़हमियों जुड़ी हुई हैं?

SIP के बारे में जानने से पहले अगर आप यह जानना चाहते हैं की म्यूच्यूअल फण्ड क्या होते हैं, तो आप यह पोस्ट (म्यूच्यूअल फण्ड क्या हैं? Mutual Fund in Hindi) अवश्य पढ़ें|


म्यूच्यूअल फण्ड सिप क्या है?  (Mutual Fund SIP in Hindi)

SIP म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का एक तरीका है| आप एक मुश्त पैसा निवेश करने की बजाय  धीरे-धीरे नियमित तौर पर पैसा निवेश करते हैं|

SIP (सिप) का मतलब है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan)

आसान शब्दों में इसका मतलब यह हैं की नियमित तौर पर आपका पैसा (अपने आप) म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश होता रहता है|

इसका मतलब, हर महीने कुछ पैसा अपने आप (automatically) आपके बैंक खाते से निकल कर म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश हो जाता है|


म्यूच्यूअल फण्ड SIP के क्या फ़ायदे हैं? (Benefits of SIP in Hindi)

#1 SIP के द्वारा एक निवेश का अनुशासन बना रहता है| और अनुशासन निवेश में सफलता के लिए बहुत ज़रूरी है|

#2 आपको शेयर बाज़ार को टाइम करने की कोई ज़रुरत नहीं है| शेयर बाज़ार  के उतार-चढ़ाव मे आपको Rupee cost Averaging का फायदा भी मिलता है|

जब स्टॉक मार्केट (stock market) गिरता है, तो आपको ज्यादा म्यूच्यूअल फण्ड units मिलती हैं और जब शेयर बाज़ार बढ़ता है, आपको कम यूनिट्स मिलती हैं| इस तरीके से आपके खरीदने के मूल्य  average (औसत) हो जाता है|

आइये एक उदाहरण के मदद से समझते हैं|

मान लिए की आप एक इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड  में 5,000 रुपये की सिप शुरू करी है|

ध्यान दें, अमूमन आप 500 रुपये प्रति माह से म्यूच्यूअल फण्ड सिप शुरू कर सकते हैं| आमतौर पर सिप द्वारा निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं होती|

SIP की किश्त (installment) आपके बैंक account से महीने की 15 तारिख को कटती है|

mutual fund SIP in hindi म्यूच्यूअल फण्ड सिप क्या है benefits फायदे

आप देख सकते हैं की Mutual Fund का NAV उस साल में 85 से 150 के बीच में रहा| पर आपका औसत खरीद मूल्य (average purchase price )117 रुपये के आस पास रहा| जब शेयर बाज़ार गिरा, तब आप उसी पैसे में (5,000 रुपये) में ज्यादा यूनिट्स खरीद पाए|

#3 SIP के द्वारा निवेश करने पर आप बहुत ऊंचे दाम पर सारा निवेश करने से बच जाते हैं|

ध्यान रखें मैंने अपनी बात समझाने की लिए यह उदाहरण चुना है| जरूरी नहीं है की शेयर बाज़ार  इसी तरह ऊपर नीचे हो|

#4 धीरे-धीरे पैसा इकठ्ठा होता रहता है और बड़ी राशि बन जाती है

ज़्यादातर लोग एक मुश्त पैसा नहीं निवेश कर सकते| परन्तु म्यूच्यूअल फण्ड सिप की सहायता से आप धीरे-धीरे बहुत सारा पैसा जमा कर सकते हैं|

एक उदहारण लेते हैं|

अगर आप हर महीने 1,000 रुपये जमा करते हैं और आपको निवेश पर 10% रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में आपके पास 7.23 लाख रुपये जमा हो जायेंगे| 30 साल में 20.7 लाख रुपये जमा हो जायेंगे|

यहीं आपको अगर 12% रिटर्न मिलता, तो 20 साल में 9.19 लाख और 30 साल में 30.8 लाख रुपये जमा हो जायेंगे| 

आप देख सकते हैं की केवल 1,000 रुपये प्रति माह निवेश करने से कितना पैसा इकठ्ठा हो सकता है|

यह तो हो गए SIP के फ़ायदे|

मेरे अनुसार एक आम निवेशक के लिए म्यूच्यूअल फण्ड SIP इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा (बेस्ट) तरीका है| 

परन्तु मेरे हिसाब से लोगों को SIP के बारे में कुछ ग़लतफ़हमियाँ (मिथ्याएं) भी है|

आइये जानते हैं उनके बारे में|

म्यूच्यूअल फण्ड सिप से जुड़ी ग़लतफ़हमियाँ  या मिथ्याएं (Myths about Mutual Fund SIP)

#1 Mutual Fund SIP अपने आप में एक निवेश है|

बहुत से लोग पूछते हैं की कौन से SIP में निवेश चाहिए? या फिर कौनसा बेस्ट सिप प्लान है? यह सब सवाल बेमानी हैं|

म्यूच्यूअल फण्ड SIP केवल निवेश का तरीका है| निवेश आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम में ही करते हैं|

आप बिना SIP के भी म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं|

आप एकमुश्त पैसा लगा सकते हैं|

आप चाहें तो हर महीने की तय तारिख को खुद से किसी स्कीम में निवेश कर सकते हैं|

तो, पहले आपको म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव करना होता है, उसके बाद आप उस फण्ड में सिप चालू कर सकते हैं|

#2 Mutual Fund सिप द्वारा निवेश करने पर नुक्सान नहीं हो सकता

बहुत सारे निवेशकों लो लगता हैं की SIP द्वारा निवेश करने पर उनको नुकसान नहीं हो सकता|

ऐसी सोच एक बड़ी समस्या है| म्यूच्यूअल फण्ड सिप कोई जादू की छड़ी नहीं है|

किसी भी निवेश या बिज़नेस में मुनाफे या नुकसान की एक ही परिभाषा है|

अगर आपका बेचने का दाम खरीदने के दाम से ज्यादा है, तो आपको मुनाफा होता है|

अन्यथा अगर आपका बेचने का दाम खरीदने के दाम से कम है, तो आपको नुकसान होता है|

तो अगर आपको आपके SIP द्वारा किये गए निवेश से फायदा होना हैं, तो बेचते समय जो वैल्यू है, वह आपके खरीद के औसत मूल्य (price) से ज्यादा होना चाहिए|

SIP की सफलता इस आधार पर निर्भर है की शेयर बाज़ार  लम्बी अवधि   (long term) में अच्छा प्रदर्शन करते हैं| तभी आपका खरीदने का औसत cost आपके बेचने के price से कम होगी|

परन्तु इस बात की कोई गारंटी नहीं है|

हो सकता जब बेचने की बारी आये, तो शेयर बाज़ार  काफी गिर गए हो| ऐसे स्तिथि में  आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है|

तो सिप द्वारा निवेश करने से पहले यह बात अवश्य सोच ले| SIP द्वारा निवेश करने में भी रिस्क होता है|

#3 सिप द्वारा निवेश करने से आपका रिस्क (Risk) कम हो जाता है|

सिप से आपको केवल Rupee Cost Averaging का बेनेफिट मिलता है| और कुछ नहीं|

ऊपर का उदाहरण देखें तो आपका Average cost (औसत मूल्य) 117 रुपये थी|

अब मान लीजिये  कोई व्यक्ति 60,000 रुपये उस दिन म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करता है जिस दिन उस स्कीम का  NAV 117 रुपये हो|

आप दोनों ने 60,000 रुपये निवेश किये हैं और दोनों का औसत खरीद मूल्य (average purchase price) 117 रुपये है|

तो क्या आपका Risk एक समान नहीं होगा?

#4 किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड में सिप चला सकते हैं|

ज़रूर चला सकते हैं|

परन्तु SIP चलाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है, की आप सही म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम का चयन करें| केवल सिप द्वारा निवेश करने से सब कुछ नहीं हो जाएगा|

एक स्कीम मान लिए 6% रिटर्न दती है और दूसरी 10%| अगर आप 5,000 रुपये की सिप करते हैं, तो 10 साल बाद जमा राशि में 3 लाख रुपये का अंतर होगा| तो सही म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव करना भी बहुत ज़रूरी है|

यह एक अलग बात है की यह पता करना बहुत मुश्किल है की कौनसी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम अगले दस साल में  सबसे  अच्छा करेगी|

लेकिन आप नियमित तौर पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा (review) करें| और अगर आपका फण्ड अच्छा परफॉरमेंस नहीं दे रहा, तो उस फण्ड में SIP रोक कर किसी दूसरे फण्ड में शुरू करें|

साथ ही अगर आप डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड (Debt Mutual Fund) में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आप एक मुश्त भी निवेश कर सकते हैं| SIP द्वारा निवेश करने से कुछ ख़ास फायदा नहीं होगा|

#5 आपके निवेश की तारीख सिप शुरू होने की तारीख है|

काफी लोग यही सोचते हैं, जो की गलत है|

जैसा की हमें पहले देखा की सिप केवल निवेश करने का तरीका है|

इसीलिए SIP की हर किश्त एक नया निवेश है| अगर आपको lock-in period, exit load या capital gains tax का सही आंकलन करना है, तो इस बात का ज़रूर ध्यान रखें|

खासकर ELSS mutual funds में| ईएलएसएस फण्ड (ELSS)  टैक्स सेविंग फण्ड होते हैं और तीन साल का लॉक-इन होता है|

अगर आप सिप द्वारा ELSS में निवेश कर रहे हैं तो ध्यान रखें की सिप की हर किश्त एक नया निवेश है|

जो units आपने 15 जनवरी 2017 की किश्त से खरीदीं हैं, वो units आप 15 जनवरी 2020 से पहले नहीं बेच सकते|

जो units आपने 15 अप्रैल 2017 की किश्त से खरीदीं हैं, वो units आप 15 अप्रैल 2020 से पहले नहीं बेच सकते|

पढ़ें: जानिये ईएलएसएस  (ELSS) के बारें में कुछ दिलचस्प बातें

इस पोस्ट में हमने देखे SIP द्वारा निवेश करने के कुछ फ़ायदे और मिथ्याएं|

मेरे अनुसार  SIP निवेशकों  (retail investors) के लिए equity mutual funds में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका है| पर ध्यान रखें SIP कोई जादू की छड़ी नहीं है|

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NPS से पैसा निकालते समय कितना टैक्स देना होता है? (NPS Tax Treatment on Maturity)

Last updated: जून 29, 2019 | by दीपेश 14 Comments

हमनें  एक पोस्ट में देखा था की NPS में invest करने के क्या tax benefits हैं|

जानिये NPS Tax Benefits के बारे में|

अब पैसा निवेश किया है तो कभी न कभी उसे निकालना भी होगा|

इस पोस्ट में यह जानते हैं की NPS से exit (पैसा निकलने) पर आपको कितना टैक्स देना होगा|

NPS की maturity (exit) के क्या नियम हैं?

यदि आप सरकारी कर्मचारी (Government Employee) हैं और आपने Government-NPS में निवेश किया हुआ है, तो आपको 60 साल की उम्र या सुपर-एनुयेशन (super-annuation) पर NPS से निकलना (exit करना) होगा|

अगर आपने All-Citizen Model NPS में निवेश किया है, तो आप 60 साल की आयु पर NPS से निकल सकते हैं| परन्तु अगर आप चाहें तो 70 साल की उम्र तक NPS में निवेश कर सकते है|

NPS से exit के समय कितना पैसा निकाल सकते हैं?

  1. कम से कम जमा राशि के 40 प्रतिशत (40% हिस्से) से Annuity (एन्युटी या वार्षिकी) खरीदनी पड़ेगी| ध्यान रखें उससे ज्यादा की भी खरीद सकते हैं| आप 40%-100% तक के अपने balance (जमा राशि) से Annuity खरीद सकते हैं| आप चाहें तो तीन साल तक NPS से एन्युटी (annuity) खरीदना ताल सकते हैं|
  2. आप 60% (साठ प्रतिशत) तक राशि एक मुश्त (lumpsum) भी निकल सकते हैं| आपको सारी राशि एक बार में निकालने की ज़रुरत नहीं है| आप चाहें तो यह राशि 70 साल की उम्र तक 10 सालाना किश्तों (annual installments) में भी निकाल सकते हैं|

मान लीजिये आपके रिटायर होने तक आपने 50 लाख रुपये अपने NPS Tier I account में जमा कर लिए हैं| ऐसे में आपको कम से कम 20 लाख रुपये से Annuity प्लान खरीदना होगा| आप चाहें तो सारी जमा राशि Annuity प्लान खरीदने की लिए इस्तेमाल कर सकते हैं|

बची राशि को आप lumpsum निकाल सकते हैं|

NPS Tax Treatment on Maturity

Lumpsum (एक मुश्त) पैसा निकालने पर कितना टैक्स देना होगा?

जैसे की ऊपर बताया गया है, आप 60% तक राशि एक मुश्त निकाल सकते हैं|

इस राशि पर आपको कोई भी टैक्स नहीं देना होगा| Lumpsum Withdrawal from NPS at retirement exempt from income tax.

यह नियम December 2018 में भारत सरकार द्वारा लाया गया है| मेरे अनुसार यह नियम 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा|

ऊपर वाले उदाहरण को जारी रखें तो 50 लाख जमा राशि में से 20 लाख से एन्युटी प्लान खरीदा| बचे 30 लाख रुपये को आप एक मुश्त निकाल सकते हैं और उस राशि पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा|

तो कुल जमा राशि का चालीस प्रतिशत (40%) हिस्सा ही टैक्स-फ्री होगा| अगर 40% से ज्यादा पैसा lumpsum (एक मुश्त) निकाला, तो बची हुई राशि (40% के ऊपर) पर आपको टैक्स देना होगा|

ध्यान दें की हालांकि आप 60 प्रतिशत तक lumpsum (एकमुश्त) निकाल सकते हैं, केवल 40% तक की राशि पर टैक्स नहीं लगेगा|

अगर 40% से अधिक निकालेंगे, तो आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स भरना होगा|

जैसा की ऊपर चर्चा करी की आप यह पैसा 10 सालाना किश्तों (annual installments) में निकाल सकते हैं| तो अपनी टैक्स का भार (tax liability) कम करने के किये आप NPS से अपने withdrawal को कई सालों में फ़ेला सकते हैं|

ऊपर वाले उदाहरण को जारी रखें तो 50 लाख जमा राशि में से 20 लाख से एन्युटी प्लान खरीदा| बचे 30 लाख में से 20 लाख को lumpsum withdraw (निकाल) लिया| क्योंकि 40% तक lumpsum withdrawal टैक्स फ्री है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा|

अब बचे 10 लाख रुपये|

इसी बची रकम (10 लाख रुपये) को अगले 10 सालों में आप धीरे-धीरे करके निकाल सकते हैं| क्योंकि कम राशि बची है तो टैक्स भी कम देना होगा|

तो आप NPS से समझदारी से पैसे निकालते हैं, तो आप अपने tax liability (टैक्स भार) को काफी कम सकते हैं|

ध्यान दें, आप चाहें तो इस बचे पैसे (10 लाख रुपये) को एक बार में भी निकाल सकते हैं| परन्तु आप टैक्स ज्यादा देना पड़ सकता है|

NPS में निवेश पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट और NPS से पैसा निकालते समय कितना टैक्स देना होगा, इस बारे में विस्तृत जानकारी के लिए इस Youtube video को भी देखें|

Annuity से हुई कमाई पर आपको टैक्स देना होता है

पहले जानते हैं एन्युटी (Annuity) क्या होती है?

Annuity खरीदने के लिए आप एक इंश्योरंस कंपनी के पास जाते हैं और उसे एकमुश्त रकम (lumpsum amount) देते हैं| इसके बदले में इंश्योरंस कंपनी आपको आपकी पूरी ज़िन्दगी हर महीने आपको कुछ राशि देती है|

LIC जीवन अक्षय  या LIC Jeevan Shanti एन्युटी प्लान का एक उदहारण है

आपकी मृत्यु के बाद यह राशि आपके पति या पत्नी को भी मिल सकती है|

हर महीने कितना amount मिलेगा, यह निर्भर करता है की आपने कैसा annuity प्लान लिया है और उस समय interest rate क्या चल रहे हैं|

मान लिए की आप १० लाख रुपये का Annuity प्लान खरीदते हैं और उस समय annuity rate 6% चल रहा है|

इसका मतलब की आपको हर साल 60,000 रुपये (10 लाख X 6%) मिलेंगे, यानी की हर महीने 5 हज़ार रुपये मिलेंगे|

Annuity plan से मिली किसी भी राशि (आय) पर आपको अपने टैक्स bracket के अनुसार टैक्स देना होगा|

पढ़ें: NPS Tax Benefits and Tax Treatment at Maturity

अगर 60 साल से पहले NPS से निकले तो

अगर आप NPS से premature exit (रिटायरमेंट या 60 साल का होने से पहले) करते हैं, तो आपको कम से कम 80% जमा राशि (80% of accumulated corpus) से Annuity प्लान खरीदना होगा|

केवल 20% राशि ही lumpsum निकाल सकते हैं|

Annuity से हुई कमाई तो आपके टैक्स bracket ही हिसाब से टैक्स होगी|

जो भी पैसा आप एक मुश्त निकालेंगे, वह टैक्स फ्री होगा (क्योंकि आप केवल 20% तक निकाल सकते हैं और टैक्स छूट 40% तक राशि पर है)|

पढ़ें: NPS vs PPF: NPS और PPF में कौन है बेहतर?

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क्या आपको अपने बच्चों के लिए PPF अकाउंट खोलना चाहिए?

Last updated: जून 29, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

PPF काफी लोगों का पसंदीदा investment है| कुछ लोग अपने लिए तो account खोलते ही हैं पर अपने बच्चों के लिए भी PPF account खोल देते हैं| क्या ऐसा करना चाहिए?

क्या आपको अपने बच्चों के लिए PPF अकाउंट खोलना चाहिए?

मेरी राय है की आपको अपने बच्चों के लिए भी PPF Account खोलना चाहिए|

इस बात की कई वजह है|

  1. PPF एक बहुत ही अच्छा debt investment है|
  2. रिटर्न भी अच्छा मिलता है और interest पर टैक्स भी नहीं देना होता|
  3. और सबसे बड़ी बात की 15 साल पूरे होने के बाद PPF account बहुत flexible भी हो जाता है|

मेरा मतलब यह है की PPF में पहले 15 साल पैसे निकालने में काफी रोक हैं| परन्तु एक बार आपके account के 15 साल पूरे हो जाते हैं, तो पैसा निकालना काफी आसान हो जाता है| इस बारे में और जानने के लिए इस पोस्ट को पढ़े|

पढ़ें: PPF account के 15 साल पूरे होने पर क्या हैं आपके विकल्प?

बच्चों के लिए PPF account खोलने के क्या फ़ायदे हैं?

जल्दी account खोल देने से 15 साल का timer जल्दी शुरू हो जाता है|

अगर आपने बच्चे के पैदा होते ही account खोल दिया, तो उसके 15-16 साल के होने तक 15 साल पूरे हो जायेंगे| बच्चों के कॉलेज की पढाई का खर्चा भी उसी टाइम ही आता है|

तो आप अपने बच्चों की पढाई के लिए उसी के PPF account से की पैसे निकाल सकते हैं|

और आपका बच्चा जब व्यस्क हो जाएगा तो वेह इसी account को चालू रख सकता है|

जैसे से हमने  अपनी पिछली पोस्ट में देखा था की 15 साल के बाद PPF account काफी लचीला (flexible) हो जाता है| आप चाहें तो उसी account में निवेश करते रह सकते हैं और ज़रुरत पड़ने पर काफी हद तक पैसे निकाल भी सकते हैं|

अगर आप 15 साल बाद account बंद करना चाहते हैं, तो कर सकते है और सारा पैसा निकाल सकते हैं|

या फिर आप उसे With Contribution mode में एक्सटेंड कर सकते हैं| इस तरीके में आप PPF अकाउंट में पैसे जमा कर सकते हैं और अगले 5 साल में अपने account से extend करते समय जमा रस्शी का 60% प्रतिशत तक निकाल भी सकते हैं|

या फिर आप अपने account को  Without Contribution mode में extend कर सकते हैं| इस तरीके में आप PPF अकाउंट में पैसे जमा नहीं कर सकते| पर आप जब चाहें कितना भी पैसा निकाल सकते हैं|

तो आप देख सकते है की अगर अकलमंदी से PPF account इस्तेमाल किया जाए, तो काफी कारगर साबित हो सकता है|

कितना निवेश कर सकते हैं?

आप एक वित्तीय वर्ष (Financial year) में अपने PPF account में डेढ़ लाख (1.5 लाख) रुपये से ज्यादा जमा नहीं कर सकते|

Minor (अवयस्क) बच्चों के account में Guardian होना ज़रूरी है|

अब अगर आपने अपने बच्चों के लिए भी PPF account खोला है और उस account में आप Guardian हैं, तो अपने PPF account में और अपने बच्चों के PPF account में एक साल में डेढ़ लाख से ज्यादा नहीं जमा कर सकते|

अगर किसी तरह कर भी देते हैं, तो अतिरिक्त राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा|

मान लीजिये आपने अपने PPF account में एक लाख रुपये जमा कर दिए हैं, तो बचे हुए साल (financial year) में अपने या अपने बच्चों के account में (जहाँ आप Guardian हैं) 50 हजार से ज्यादा जमा नहीं कर सकते|

ध्यान रखें केवल वही PPF account गिने जायेंगे जहाँ आप Guardian हैं|

ध्यान रखें

  1. आपको अपने बच्चों के PPF account में निवेश करने पर भी Section 80C के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है|
  2. जब आपका बच्चा 18 वर्ष का हो जाएगा, तो account उसके नाम पर हो जाएगा और वह उस PPF account को operate कर सकता है|
  3. ऐसा होने पर आप उस account में Guardian नहीं रहेंगे| और उसके बाद से अगर आप ऐसे व्यस्क ( adult) बच्चे के account में पैसे जमा करेंगे, तो वह आपके 1.5 लाख की लिमिट में नहीं गिना जाएगा| परन्तु आपको टैक्स बेनिफिट मिलेगा|

आपको क्या करना चाहिए?

बच्चों के लिए PPF अकाउंट तो खोल ही दीजिये और कम से कम minimum contribution (निवेश) करते रहे|

कम से कम आपका 15 साल की घड़ी (timer) चालु हो जायेगी|

गौरतलब है की PPF account में पहले साल में जमा राशि 15 साल तक अटक जाती है|

परन्तु जो राशि आपने दसवें साल में जमा करी, वह केवल 5 साल तक ही अटकती है|

और जो आपने पन्द्रहवां साल (15th year) में जमा करी, वेह एक साल की ब्लाक रहती है|

तो अगर आपका PPF account मेच्योर होने वाला है, तो उसमें आप Short term money भी निवेश कर सकते हैं|

परन्तु एक बात का ध्यान रखें: PPF mein निवेश करने का मतलब यह नहीं है की बच्चों के पढाई या शादी के लिए कहीं और निवेश न करें| अगर बच्चों की कॉलेज की पढाई में अभी काफी समय है तो equity mutual funds में निवेश करने पर ज़रूर विचार करें|

किताबों के सुझाव

रिच डैड पूअर डैड

रिटायर रिच: प्रतिदिन 40 रुपये का निवेश करें

छवि क्रेडिट: Pixabay

 

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