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जानें कब और कहाँ हुआ है आपके आधार कार्ड का उपयोग

by दीपेश Leave a Comment

आधार कार्ड का उपयोग आपकी पहचान को स्थापित करने के लिए कई तरीकों से होता है|

  1. Demographic (डेमोग्राफिक) (नाम, लिंग, जन्म तिथि, पते पर आधारित): आधार के साथ म्यूचुअल फंड फोलियो या बीमा पॉलिसी को लिंक इसी माध्यम से किया जा रहा है|
  2. One-time password (वन-टाइम पासवर्ड के उपयोग के माध्यम से): इनकम टैक्स रिटर्न भरना हो या आपको आधार डाटाबेस से कुछ भी जानकारी ऑनलाइन चाहिए, तो आपको OTP की ज़रुरत पड़ेगी।
  3. Biometric (फिंगरप्रिंट या आईरिस के माध्यम से): Reliance Jio जियो फिंगरप्रिंट स्कैन के आधार पर कनेक्शन जारी कर रहा है ।
  4. Combination of above 3 methods (एक से ज्यादा तरीकों से): कई मामलों में आपको एक से ज्यादा तरीकों से अपनी पहचान स्थपित करनी होती है| जैसे की अपने मोबाइल नंबर को आधार को जोड़ने के समय दोनों फिंगरप्रिंट और ओटीपी की आवश्यकता होती है।
  5. Time based One Time Password (TOTP): मेरी जानकारी के अनुसार, अगर आपने अपने मोबाइल फ़ोन पर mAadhaar app इनस्टॉल करी है, तो आधार वेबसाइट पर कुछ सेवायों के लिए आप एप पर आये पासवर्ड का भी प्रयोग कर सकते हैं| मेरा मतलब है की कुछ सेवायों के लिए OTP की जगह TOTP का इस्तेमाल किया जा सकता है|

अच्छा होगा न की अगर आप पता कर सकते की कब-कब और कहाँ आधार का प्रयोग आपकी पहचान स्थापित करने के लिए हुआ है (to authenticate your identity)|

यूआईडीएआई(UIDAI) ने अब यह पता लगाने की एक सुविधा प्रदान की है|

अब आप यह पता कर सकते हैं की आपके आधार कार्ड का उपयोग आपकी पहचान को प्रमाणित करने के लिए कब और कहाँ किया गया है|

पढ़ें: आधार को अपनी एलआईसी पालिसी से लिंक कैसे करें?

  • आधार पोर्टल (https://uidai.gov.in/) पर जाए
  • “Aadhaar Authentication History” पर क्लिक करें। वैकल्पिक रूप से, आप सीधे इस लिंक पर भी जा सकते हैं (https://resident.uidai.gov.in/notification-aadhaar)आधार कार्ड कहाँ उपयोग हुआ है पता करें where aadhaar used to establish your identity
  • अपना आधार नंबर और सुरक्षा कोड दर्ज करें ।आधार कार्ड कहाँ उपयोग हुआ है पता करें where aadhaar used to establish your identity aadhaar authentication
  • आपको एक ओटीपी प्राप्त होगा। सत्यापन का प्रकार चुनें जिसके लिए आप डेटा चाहते हैं ।आपको दिनांक सीमा को भी दर्ज करना होगा। आप केवल पिछले 6 महीनों की ही जानकारी पा सकते हैं । OTP दर्ज करें।आधार कार्ड कहाँ उपयोग हुआ है पता करें aadhaar authentication
  • सबमिट करें ।आधार कार्ड कहाँ उपयोग हुआ है पता करें

सच कहूँ तो, जानकारी बहुत स्पष्ट नहीं है। लेकिन, आपको कुछ आईडिया तो मिल ही जाएगा|

यदि आपने आधार डेटाबेस में आपके ई-मेल आईडी को अपडेट  किया गया है, तो आप यूआईडीएआई से प्राप्त ई-मेल के साथ भी चेक कर सकते हैं।

अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगी हो , तो अपने परिवार और मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें|

पढ़ें: आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

पढ़ें: अपने म्यूच्यूअल फण्ड निवेश को आधार से कैसे लिंक करें?

 

Filed Under: Aadhaar Tagged With: Aadhaar, आधार कार्ड, आधार कार्ड डाउनलोड

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें? म्यूच्यूअल फण्ड कैसे खरीदें? How to buy Mutual Funds? (Hindi)

Last updated: अगस्त 14, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

काफी लोग म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं, परन्तु यह नहीं जानते की म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें|

म्यूच्यूअल फण्ड कैसे खरीदें?

इस पोस्ट में हम जानेंगे की कैसे आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करे सकते हैं और कैसे म्यूच्यूअल फण्ड सिप शुरू कर सकते हैं|

वैसे म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना तो बाद की बात है| अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में शुरुआत से जानना चाहते हैं (basic knowledge about mutual funds), तो इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

अगर आप पहली बार म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे हैं

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो आपको KYC (Know your customer) फॉर्म भरना होगा| अगर किसी कारण आपका KYC (केवाईसी) पहले हो चुका है (demat अकाउंट खोलने के लिए या किसी और वजह से), तो आपको दोबारा KYC फॉर्म भरने की ज़रुरत नहीं है|

अगर आपको पता नहीं है की आपका KYC हुआ है की नहीं (आप KYC-compliant हैं की नहीं), तो आप इन में से किसी भी वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं|

https://www.cvlkra.com

https://kra.ndml.in/

https://www.nsekra.com

https://camskra.com/

https://www.karvykra.com/

आपको चेक करने के लिए अपना PAN नंबर डालना होगा|

अगर आपका KYC नहीं हुआ है, तो आपको फॉर्म भरने के साथ-साथ इन दस्तावेजों के भी ज़रुरत होगी|

  1. पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ (Passport sized photograph)
  2. पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड ,आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लायसेंस की प्रतिलिपि आदि (कोई एक)
  3. पता का प्रमाण, जैसे की ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड नवीनतम टेलीफोन बिल (केवल लैंडलाइन), नवीनतम बिजली बिल, नवीनतम गैस बिल आदि (कोई एक)

आपको फोटोकॉपी के साथ-साथ असली (original) दस्तावेज भी लेकर जाना होगा|

KYC का फॉर्म आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं|

अब यह सब लेकर, कहाँ जाना होगा, इसके लिए नीचे पढ़ें|


म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें? म्यूच्यूअल फण्ड कैसे खरीदें?

आप किसी एजेंट (म्यूच्यूअल फण्ड Distributor) की सहायता से निवेश कर सकते हैं| या फिर निकटतम CAMS या Karvy शाखायों में जा कर भी निवेश कर सकते हैं| आप म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी की शाखा में जा कर भी निवेश कर सकते हैं|

वहां पर जा कर आपको फॉर्म भरना होगा और एक चेक देना होगा|

अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो इन जगहों पर जा कर आप अपनी KYC की प्रक्रिया भी पूरी कर सकते हैं|

और हाँ, निवेश आप केवल अपने बैंक खाते से ही कर सकते है| तो अपनी चेक-बुक ले जाना न भूलें|


म्यूच्यूअल फण्ड में ऑनलाइन निवेश कैसे करें?

अगर आपका KYC हो चुका है, फिर तो सब बहुत आसान है|

अगर KYC नहीं हुआ है, तो आपको पहले KYC पूरा करने की ज़रुरत है| ऊपर दी गयी प्रक्रिया का पालन करें और KYC पूरा करें|

आप म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी की वेबसाइट से कर सकते हैं|

इसके अलावा बहुत सारी वेबसाइट हैं जो आपको ऑनलाइन निवेश करने की सुविधा प्रदान करती हैं|

आपको वहां जा कर एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा और काम खत्म| शायद आपको एक पहले से भरे फॉर्म (pre-filled form) को डाउनलोड करके कूरियर करना हो|

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड रेगुलर प्लान (regular plan of mutual fund schemes) में निवेश करना चाहते हैं, तो आप FundsIndia या ScripBox जैसी वेबसाइट से निवेश कर सकते हैं|

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान (direct plan of mutual fund schemes) में निवेश करना चाहते हैं, तो आप इस पोस्ट पर जा कर ऐसी सभी वेबसाइट की लिस्ट पा सकते हैं|

अगर आप अभी म्यूच्यूअल फण्ड रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान में अंतर के बारे में नहीं जानते हैं, तो  नीचे दी गयी पोस्ट को ज़रूर पढ़ें|

क्या आपको म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में निवेश करना चाहिए?

म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में ऑनलाइन कैसे निवेश करें?

कैसे बदलें म्यूच्यूअल फण्ड रेगुलर प्लान को डायरेक्ट प्लान में?

फण्ड खरीदने के लिए भुगतान आप नेट-बैंकिंग, नेफ्ट (NEFT) या RTGS के द्वारा कर सकते हैं| अगर आपने बैंक ECS मैंडेट रजिस्टर कराया है, तो आप सीधे एक क्लिक के साथ भुगतान कर सकते हैं|


म्यूच्यूअल फण्ड सिप (SIP) में कैसे निवेश करें?

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड सिप के बारें में गहराई से जानना चाहते हैं. तो इस पोस्ट को पढ़ें|

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड SIP क्या है?

अब म्यूच्यूअल फण्ड सिप में आपके बैंक खाते से अपने आप (automatically) कट कर निवेश हो जाता है| अब बैंक किसी को भी आपके बैंक खाते को डेबिट नहीं करने दे सकता|

इसीलिए आपको बैंक को बताना होता है की किस कंपनी या फण्ड को आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकालने दे| इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होता है| इस फॉर्म को आप ECS या one-time mandate (NACH mandate) भी कहते हैं|

यह फॉर्म आसानी से उपलब्ध होता है| अगर आप ऑफलाइन निवेश कर कर रहे हैं, जो जहाँ से कर रहे है, वह आपको यह फॉर्म प्रदान करेगा| अगर आप ऑफलाइन निवेश कर रहे हैं, तो वह वेबसाइट यह फॉर्म प्रदान करेगी| फॉर्म भरने के निर्देश फॉर्म में ही होंगे|

फॉर्म कुछ इस प्रकार का होगा|

सबी सिप इन्वेस्टमेंट प्लान SBI mutual fund SIP in hindi म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें

यह फॉर्म मैंने SBI म्यूच्यूअल फण्ड की वेबसाइट से डाउनलोड किया है| आप भी यह फॉर्म SBI की वेबसाइट पर देख सकते हैं| फॉर्म का फॉर्मेट सभी म्यूच्यूअल फण्ड में एक सामान होगा|

अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगी हो, तो अपने परिवार और मित्रों के साथ ज़रूर शेयर करें|

Filed Under: Mutual Funds Tagged With: how to invest in mutual fund in hindi, sbi mutual fund in hindi, sbi म्यूच्यूअल फण्ड, म्यूच्यूअल फण्ड कैसे खरीदें, म्यूच्यूअल फण्ड में कैसे निवेश करें, म्यूच्यूअल फण्ड सिप कैसे शुरू करें

हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (FY2019)

Last updated: अप्रैल 3, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप सभी स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) के लाभों से अवगत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

साथ ही हेल्थ चेक-अप (health Checkup) कराने पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकतेहैं| तो हुआ न सोने पे सुहागा|

इसके अलावा कुछ विशिष्ठ परिस्तिथियों में लिए गए चिकित्सा के खर्चे पर भी टैक्स छूठ ली जा सकती है|

तो आईये जानते हैं विस्तार से इन इनकम टैक्स बचने के उपायों के बारे में|

#1 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Health Insurance Premium and Preventive Health Checkup under Section 80D in Hindi)

आप वित्तीय वर्ष के दौरान परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80D के तहत मिलता है|

अगर आपकी या आपकी पत्नी (पति) में से किसी की भी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो यह टैक्स बेनिफिट बढ़ कर 50,000 रुपये प्रति वर्ष हो जाता है| FY2018 तक यह बेनिफिट केवल 30,000 रुपये था|

साथ ही, आप अपने, पति/पत्नी और बच्चों के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का बेनिफिट ले सकते हैं|

पर हाँ कुल मिला कर हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और चेक-अप पर वर्ष में 25,000 रुपये (या 50,000 रुपये अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं) का टैक्स बेनिफिट ही ले सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कम करने के 8 तरीके


#2 माता-पिता  के स्वाश्थ्य बीमा और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रीमियम (धारा 80 D) (Tax Benefit for Health Premium and Preventive Health Checkup for Parents)

जी हाँ, आप अपने माता-पिता के लिए लिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आपके माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर भी प्रति वित्तीय वर्ष 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

अगर माता-पिता में से कोई भी एक वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है। वित्तीय वर्ष 2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था|

आप माता-पिता के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का कर लाभ ले सकते हैं| पर जैसा की ऊपर लिखा है, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप दोनों को मिलाकर बेनिफिट 25,000 रुपये (या 30,000 रुपये ही हो सकता है)|


इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए भुगतान नकद (cash) में न करें। अगर नकद में करेंगे, तो टैक्स बेनिफिट नहीं ले पायेंगे|
  • भुगतान बैंकिंग चैनल (चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि) के माध्यम से किया जाता है।
  • निवारक स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) के लिए भुगतान नकद में किया जा सकता है। और नकद भुगतान के लिए भी टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है|
  • भाई बहन के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है|
  • क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान और टॉप-अप और सुपर टॉप-अप बीमा प्लान के लिए भी प्रीमियम का भुगतान धारा 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट के योग्य है।
  • अगर आपने कई वर्षों के प्रीमियम (multi-year policy) का भुगतान एक ही साथ कर दिया है, तो प्रीमियम को बराबर हिस्सों में बाँट कर आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| मान लिए आपने दो साल की पालिसी के लिए 40,000 रुपये का भुगतान किया, तो आप उन  दो वर्ष में 20-20 हज़ार रुपयों का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

health insurance tax benefit FY2019 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

उदहारण 1

अगर आप 35 साल के हैं और आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 75,000 रुपये का लाभ ले सकते हैं ।

अपने, पति / पत्नी और बच्चों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 25,000 रुपये| और माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये|

उदहारण 2

आपके परिवार में 6 सदस्य हैं| आप (35 वर्ष ), आपकी पत्नी (35), आपके दो बच्चे (7,3), आपके माता-पिता (59, 62)| आपने अपने, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लिया है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 21,000 रुपये है|

आपके माता-पिता के इंश्योरेंस का प्रीमियम 32,000 रुपये है| साथ ही आपने परिवार के हेल्थ चेक के लिए 12,000 रुपये का खर्चा किया जबकि माता-पिता के लिए 16,000 रुपये का खर्चा किया|

health insurance tax benefit 2 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

आप देख सकते हैं की आपने कुल खर्चा 81,000 रुपये लिया परन्तु आपको टैक्स बेनिफिट केवल 62,000 रुपये का ही मिल पा रहा है|


#3 Uninsured वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा खर्च (> = 60 वर्ष) (धारा 80 D)

यदि आप (पति/पत्नी या आश्रित बच्चे) एक  वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) हैं और कोई स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस प्लान) नहीं खरीदा है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

साथ ही अगर आपके माता या पिता के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनकी चिकित्सा पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर यह तभी हो सकता है, जबकि उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है|

ध्यान दे कि ऐसे चिकित्सीय व्ययों पर टैक्स बचत केवल तब ही की जा सकती है जब संबंधित वरिष्ठ व्यक्ति के पास कोई स्वस्थ्य बीमा नहीं है|

कृपया ध्यान दें, स्वस्थ्य बीमा, हेल्थ चेक-अप और चिकित्सा खर्च, इस सभी के लिए कुल मिला कर 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ही ले सकते हैं|

माता-पिता के लिए अतिरिक्त 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं|

FY2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था| और केवल अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु) के लिए ही उपलब्ध था|

उदहारण 3

आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 वर्ष से अधिक है) लेकिन आपकी पत्नी की आयु 60 वर्ष से कम है| आपने अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदा है परन्तु  अपनी पत्नी के लिए एक खरीदा है|

आप अपने ऊपर हुए चिकित्सा खर्च, अपनी पत्नी के स्वास्थ्य बीमा और दोनों की स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

उदहारण 4

अगर आपके माता-पिता का कोई भी वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 से अधिक है) और uninsured है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा खर्च के लिए कर लाभ ले सकते हैं।

जैसा कि ऊपर चर्चा करी है, माता-पिता के लिए प्रीमियम भुगतान, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा व्यय का कुल टैक्स बेनिफिट 50,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित है।

पढ़ें: 10 ऐसे खर्चे जो आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कवर नहीं करता


#4 कुछ विशिष्ठ बीमारियों के उपचार के लिए लागत (धारा 80DDB) (Treatment of specified illnesses under Section 80DDB)

अपने या आश्रित रिश्तेदारों के लिए इन बीमारियों पर हुए खर्च के लिए आप 40,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

यह आप  अपने, पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता या भाई-बहन के लिए कर सकते हैं|

एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के इलाज के लिए यह सीमा बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाती है। यह नियम FY2019 (1 अप्रैल 2018 से la

FY2018 तक यह सीमा एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के लिए 60,000 और अति वरिष्ठ नागरिक (>=80 years) के लिए  80,000 रुपये थी।

पर हाँ, इस धरा के तहत आप लाभ तभी ले सकते हैं जबकि आपने किसी बीमा पालिसी के तहत इस खर्चे की प्रतिपूर्ति (reimbursement) न करी हो|

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको विशेषज्ञ डॉक्टर से एक प्रमाण पत्र देना होगा। दोनों , निजी और सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा। ऐसी बीमारियों की सूची नियम 11DD में प्रदान की गई है । कुछ प्रमुख बीमारियाँ हैं: cancer, dementia, chronic renal failure, Parkinson disease, Hemophilia etc.


#5 किसी आश्रित विकलांग परिजन की चिकित्सा के लिए खर्चा (धारा 80 DD)  Deduction for treatment cost of a dependent with disability (Section 80DD)

आश्रित परिजन से मतलब पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे या भाई-बहन हो सकते हैं।

यदि ऊपर लिखे परिजन में से कोई विकलांग है, तो चिकित्सा उपचार, नर्सिंग, प्रशिक्षण या पुनर्वास (rehabilitation) के लिए किये गए खर्चे पर 75,000 रुपये तक टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

अगर आप ऐसे परिजन के मेंटेनेंस की लिए किसी स्कीम में पैसा लगा रहे हैं, तो वह राशि भी आप शामिल कर सकते हैं|

गंभीर विकलांगता के मामले में यह सीमा बढ़ कर 1.25 लाख रुपये हो जाती है। आपको एक मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा| अधिक विवरण के लिए, आयकर अधिनियम की धारा 80 DD और नियम 11 A देखें।


#6 विकलांग व्यक्ति के मामले में कटौती (धारा 80 U)

अगर करदाता स्वयं विकलांग है, तो वह धारा 80 U के तहत 75,000 रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। उपचार लागतों का इस लाभ से कोई संबंध नहीं है | गंभीर विकलांगता की स्तिथि में यह सीमा 1.25 लाख तक बढ़ जाती है।


#7 धारा 17 (2) के तहत चिकित्सा खर्च (केवल FY2018 तक)

आपके नियोक्ता (employer) द्वारा आपको और आपके परिवार के चिकित्सा उपचार के खर्चों के लिए भुगतान की गई राशि (प्रतिपूर्ति, reimbursement) पर 15,000 रुपये तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। परिवार में स्वयं, पति या पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं ।

यह छूट self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है। आपको अपने नियोक्ता को चिकित्सा बिल जमा करना होगा।

यह लाभ केवल FY2018 तक था| इसे वापिस ले लिया गया है|

FY2019 से आपको 40,000 रुपये तक का स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) मिलेगा| इसके लिए आपको कोई बिल जमा करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप सैलरी या पेंशन पाते हैं, तभी यह लाभ ले सकते हैं| यह लाभ self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है।


हेल्थ इंश्योरेंस या चिकित्सा खर्च के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

आपका छह (स्वयं, पति, दो बच्चों और माता-पिता) लोगो का परिवार हैं। अभिभावक वरिष्ठ नागरिक हैं आप निम्नलिखित के लिए कटौती (या छूट प्राप्त) का दावा कर सकते हैं:

  1. अपने, पति / पत्नी और बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर आप या आपके पति/पत्नी 60 वर्ष से अधिक हैं, तो यह सीमा 50,000 रुपये है|
  2. माता-पिता के लिए स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर माता-पिता में से किसी की आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है|

यदि आप या परिवार का कोई सदस्य किसी विशेष बीमारी से पीड़ित हैं या विकलांग हैं तो चिकित्सा खर्चों के लिए अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट लिए जा सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

Source: www.PersonalFinancePlan.in

इमेज सौजन्य: Flickr

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance, Tax Planning Tagged With: health insurance, health insurance tax benefits in hindi, section 80D, टैक्स बचाने के तरीके, हेल्थ इंश्योरेंस और टैक्स बचत, हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट

Reliance Jio, Airtel, Vodafone और Idea के बेस्ट मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज प्लान (Best prepaid recharge plans)

by दीपेश Leave a Comment

वैसे तो इस ब्लॉग पर में केवल पर्सनल फाइनेंस के बारे में ही बात करता हूँ, पर आज मैं एक ऐसे पहलु पर बात करूंगा जिससे आपके काफी पैसे बचा सकते हैं और फिर बचे हुए पैसे को शायद निवेश भी कर सकें|

मैं बात करूंगा मोबाइल प्रीपेड प्लान्स (mobile prepaid recharge) के बारे में| 2016 में जिओ (Reliance Jio) के आगमन के बाद से सभी मोबाइल ऑपरेटर में एक लड़ाई सी छिड़ गयी है की कौन सबसे सस्ते और सबसे बेहतर प्लान ऑफर करता है|

इस पोस्ट में मैं Reliance Jio, Airtel, Vodafone और Idea के सबसे बेहतरीन मोबाइल prepaid recharge के बारे में बात करूंगा| अब प्लान्स तो बहुत सारे हैं| तो मैं उन प्लान के बारे में बात करूंगा की जहाँ आपको अनलिमिटेड कालिंग (unlimited calling) की सुविधा उपलब्ध है|

  1. Unlimited Calling (असीमित कॉलिंग)
  2. Validity (वैध्यता) (जितनी ज्यादा वैध्यता है, उतना आपके लिए अच्छा है)
  3. Data plan (डाटा प्लान)
  4. Roaming Outgoing calls (अपने सर्किल से बाहर से कॉल करने पर)

ध्यान दें रोमिंग पर incoming calls (roaming incoming calls) अब हर ऑपरेटर में फ्री होती है| तो इस बात पर तुलना करने का कोई भी फायदा नहीं है|

एक बात की यह प्लान हर कुछ दिन पर बदलते रहते हैं| मैं भी इस पोस्ट को नियमित तौर पर अपडेट करता रहूँगा| पर हाँ

Post Last Updated: December 11, 2017 (दिसम्बर 11, 2017)

जिओ प्रीपेड प्लान/जिओ प्रीपेड ऑफर्स/जिओ रिचार्ज ऑफर/जिओ रिचार्ज प्लान/जिओ प्लान्स हिंदी (Jio Prepaid Plans/Jio Prepaid Offers/Jio Recharge offer/Jio recharge plan/Jio plans Hindi/Jio 4G prepaid plans)

जिओ प्रीपेड प्लान/जिओ प्रीपेड ऑफर्स/जिओ रिचार्ज ऑफर/जिओ रिचार्ज प्लान/जिओ प्लान्स हिंदी (Jio Prepaid Plans/Jio Prepaid Offers/Jio Recharge offer/Jio recharge plan/Jio plans Hindi)

आप जिओ के लेटेस्ट प्लान्स (Jio Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://www.jio.com/en-in/4g-plans

एयरटेल प्रीपेड प्लान/ एयरटेल प्रीपेड ऑफर्स/ एयरटेल रिचार्ज ऑफर/ एयरटेल रिचार्ज प्लान/ एयरटेल प्लान्स हिंदी (Airtel Prepaid Plans/ Airtel Prepaid Offers/ Airtel Recharge offer/ Airtel recharge plan/ Airtel plans Hindi)

 

एयरटेल प्रीपेड प्लान/ एयरटेल प्रीपेड ऑफर्स/ एयरटेल रिचार्ज ऑफर/ एयरटेल रिचार्ज प्लान/ एयरटेल प्लान्स हिंदी (Airtel Prepaid Plans/ Airtel Prepaid Offers/ Airtel Recharge offer/ Airtel recharge plan/ Airtel plans Hindi)

आप Airtel के लेटेस्ट प्लान्स (Airtel Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://www.airtel.in/prepaid-recharge

 

वोडाफोन प्रीपेड प्लान/ वोडाफोन प्रीपेड ऑफर्स/ वोडाफोन रिचार्ज ऑफर/ वोडाफोन रिचार्ज प्लान/ वोडाफोन प्लान्स हिंदी (Vodafone Prepaid Plans/ Vodafone Prepaid Offers/ Vodafone Recharge offer/ Vodafone recharge plan/ Vodafone plans Hindi)

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आप Vodafone के लेटेस्ट प्लान्स (Vodafone Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://shop.vodafone.in/shop/prepaid/special-offers.jsp

आईडिया प्रीपेड प्लान/ आईडिया प्रीपेड ऑफर्स/ आईडिया रिचार्ज ऑफर/ आईडिया रिचार्ज प्लान/ आईडिया प्लान्स हिंदी (Idea Prepaid Plans/ Idea Prepaid Offers/ Idea Recharge offer/ Idea recharge plan/ Idea plans Hindi)

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आप Idea के लेटेस्ट प्लान्स (Idea Latest recharge plans) आप इस लिंक पर चेक कर सकते हैं|

https://care.ideacellular.com/wps/portal/account/online-recharge

तो यह थे सभी मोबाइल ऑपरेटर के बेस्ट प्रीपेड प्लान| अपने प्रयोग (usage) के अनुसार आप अपने लिए बेस्ट प्लान चुन सकते हैं| जैसा की मैंने देखा है की प्लान बेहतर से और बेहतर होते जा रहे हैं| तो आज आपने अपने लिए कोई प्लान चुना है, तब भी कुछ समय बाद ऑफर्स को चेक करते रहिये| हो सकता है कोई और भी बेहतर या सस्ता या लम्बी वैध्यता वाला प्लान आ गया हो|

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होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ध्यान

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अगर आप होम लोन ले कर घर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें|

#1 पहले प्रॉपर्टी के दाम पर खरीद फरोख्त करें, फिर होम लोन पर

अब लोन तो आप तब लेंगे, जब आपने मकान या परोपरी फाइनल कर ली हो|

हमारा काफी ध्यान बैंक से बातचीत करने और ब्याज दर कम करने में लगा हो सकता है| आप संभवतः प्रोसेसिंग फीस (processing fee) का कुछ हिस्सा बचा लेंगे या ब्याज दर 0.10-0.15% कम करा लेंगे।

बहुत अच्छी बात है|

परन्तु अगर आपने बिल्डर या विक्रेता के साथ बातचीत और खरीद फरोख्त (negotiate) करके भी बहुत पैसा बचा सकते हैं। और अगर आप सफल होते हैं, तो यह बचत आपके बैंक से मिलने वाली बचत से कहीं ज्यादा होगी|

एक उदहारण की सहायता से देखते हैं|

मान लिए आपको घर लेने के लिए 60 लाख के लोन की ज़रुरत है|

यदि आपको 15% अग्रिम छूट मिलती है, तो आपको 60 लाख रुपये  के बजाय 51 लाख रुपये का ही ऋण लेना होगा।

चलिए मान लें कि 20 साल के लिए 60 लाख रुपये का ऋण 8%p.a है।

और 51 लाख रुपये का ऋण 9% p.a. पर है। यानी की 1 प्रतिशत ज्यादा|

60 लाख रुपये के लिए मासिक किश्त (EMI) 50,186 रुपये होगी जबकि 51 लाख रुपये के लोन लिए 45,886 रुपये होगी| देखा आपने अगर मकान के दाम कम करा सकते हैं, तो कितना फायदा है| और अभी हमनें अग्रिम भुगतान (down payment) की तो बात भी नहीं करी)|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

इसीलिए पहले बिल्डर या विक्रेता से negotiate (खरीद फरोख्त) करें और उसके बाद बैंक से|

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के होम लोन की जानकारी और ब्याज दर जानना चाहते हैं, तो इस लिंक पर जा कर पा सकते हैं| अन्यथा अगर आपको सभी बैंक के होम लोन रेट जानना चाहते हैं, तो सभी होम लोन रेट की जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ|

#2 अग्रिम भुगतान (Down Payment) देने के लिए तैयार रहे

इस बात का ध्यान रखें की आपके मकान के पूरे मूल्य का लोन नहीं मिलेगा| प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य (market value) का 75-85% ही आपको लोन के रूप में मिलेगा। इसके अलावा पंजीकरण आदि के लिए भी खर्चा आएगा|

बची राशि का इंतज़ाम आपको ही करना होगा| और क्योंकि राशी बड़ी है, आपको इसके लिए पहले से ही तय्यारी करनी होगी|

तो, यदि आप निकट भविष्य में एक घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अग्रिम भुगतान (down payment) और ऐसे खर्चों के लिए अब बचत करना प्रारंभ करें।

#3 दूसरे मकान के लिए होम लोन कर लाभ बदल गए हैं

अगर आपके पास पहले से ही एक घर है और दूसरा खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह बहुत महत्वपूर्ण है।

आम धारणा यह है, की आप दूसरे घर (let-out property) के लिए लिए गए लोन पर जो भी ब्याज देते हैं, उस पर टैक्स बेनिफिट (Section 24) ले सकते हैं|

यह वित्त वर्ष 2017 (पिछले साल) तक सही था लेकिन अब और नहीं। 2017 के बजट में, हाउस प्रॉपर्टी से आय से होने वाली हानि का उपयोग करके जो आप कर लाभ ले सकते हैं, उस लाभ को 2 लाख प्रति वर्ष तक सीमित कर दिया गया है|

यह आपकी सभी आवासीय संपत्तियों के लिए है। इससे पहले, let-out प्रॉपर्टी पर ऐसी कोई सीमा नहीं थी। 2 लाख रुपये की सीमा केवल उस घर ले लिए थी जिसमें आप रहते हैं|

Income from House Property= Net Annual Value (i.e. Rental Income – Municipal Taxes) – Standard Deduction – Interest paid on Housing Loans

घर संपत्ति से आय = शुद्ध वार्षिक मूल्य ( किराये की आय – नगरपालिका कर) –  स्टैंडर्ड कटौती –  होम लोन  पर ब्याज का भुगतान ।

अगर यह आय आपकी शून्य से कम है (loss under Income from House Property), मतलब आपको नुक्सान हुआ है और आप इस नुक्सान को अपनी आमदनी से एडजस्ट कर सकते हैं| ज़ाहिर है, जितना नुकसान आप दिखाएँगे, उतनी ही आपकी कर योग्य आय कम हो जायेगी और आपको कम टैक्स देना होगा|

क्योंकि होम लोन की राशि ज्यादा होती है, ब्याज आपको आसानी से नुकसान में ले जा सकता है| काफी लोग इस बात का फायदा उठाया करते थे| परन्तु अब नहीं| अब केवल 2 लाख रुपये तक ही लाभ ले सकते हैं|

आप इस पहलु के बारे में गहराई से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|

हालांकि आपको अगले 8 वर्षों में सेट-ऑफ के लिए नुक्सान को carry forward करने की अनुमति है, परन्तु इसका इतना फायदा भी नहीं है।

#4 आपको मासिक किश्त देनी होगी

यदि आप एक निर्माणाधीन संपत्ति के लिए योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ महीनों या वर्षों के लिए मासिक किश्त (EMI) और किराया दोनों का भुगतान करना होगा। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि क्या  आप एक ही समय में दोनों का भुगतान सकते हैं।

आपको यह भी देखना होगा कि आप Pre-EMI या Full-EMI के लिए जाना चाहते हैं।

अगर आप बना हुआ घर भी ले रहे है, तब भी आपकी EMI आपके किराए (जहाँ आप अभी तक रह रहे थे) से काफी ज्यादा हो सकती है

यह सुनिश्चित करें की आप ऐसा कर सकते हैं, वरना  बाद में काफी परेशानी हो सकती है|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

#5 लोन लेने के चक्कर में कुछ भी ना खरीद लें, बैंक अधिकारियों से भी रहे सावधान

लोन लेते समय बैंक आपको विभिन्न प्रकार के इंश्योरेंस प्लान बेचने की कोशिश करेंगे| इन सबसे बचें|

बैंक को ऐसे उत्पाद बेचने पर काफी कमीशन मिलता है और बैंक कर्मचारियों के बिक्री लक्ष्य (sales target) भी पूरे होते हैं| मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको जीवन बीमा या दुर्घटना बीमा की ज़रुरत नहीं है|

बिलकुल हो सकती है| आपके पास हर समय पर्याप्त बीमा होना चाहिए।

परन्तु आपको यह उत्पाद बैंक से खरीदने का ज़रुरत नहीं है| इसकी दो वजह हैं| पहला तो बैंक से लेने पर आपको बहुत महंगा पडेगा| दूसरा यह की शायद वह प्लान आपकी ज़रुरत के अनुसार न हो

आप एक साधारण टर्म इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं और इसे बैंक को assign कर सकते हैं। बैंक से बीमा खरीदने की कोई जरूरत नहीं है ।

हाँ एक बात और, बैंक आपको ऐसी योजनाओं को खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कई बार आपसे कहा जा सकता है, की अगर आप उनसे इंश्योरेंस प्लान नहीं खर्रीदेंगे तो आपको लोन नहीं मिलेगा| यह गलत है|

आप बैंक अधिकारियों से ऐसा लिख कर (लिखित में) देने को कहें|

#6 सोचें, समझें और फिर फैसला करें

लोगों को आकर्षित करने के लिए बैंक कई नए प्रकार के लोन ऑफर ले कर आ रहे हैं। आपको यह देखने की ज़रूरत है कि क्या ये उत्पाद आपके लिए उपयोगी हैं या आप सुविधाओं का पूरा उपयोग करने में सक्षम होंगे या नहीं।

यह पता करने की कोशिश करें की आपकी कितनी बचत होगी| अगर आप MS Excel का उपयोग करना जानते हैं, तो यह काम आप भी आसानी से कर सकते हैं|

अन्यथा, अपनी बचत का पता लगाने के लिए मित्र या एडवाइजर की सहायता  ले सकते है|

उसके बाद ही फैसला करें|

Source: EMICalculator

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कहाँ करें निवेश: Tax-Saving Fixed Deposit Vs. ELSS in Hindi

Last updated: नवम्बर 11, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

वित्तीय वर्ष का आखिरी तिमाही यानी की टैक्स सेविंग सीज़न, यहाँ पर ज़्यादातर लोगों को टैक्स बचाने के लिए कहीं न कहीं निवेश करना होता है|

शायद आपको भी करना हो| ऐसे में आप कहाँ निवेश करेंगे?

पिछले कुछ लेखों  में मैंने पीपीएफ (PPF), ईएलएसएस (ELSS), एनपीएस (NPS) इत्यादि पर चर्चा करी है| साथ ही इस बात पर भी चर्चा करी की किस प्रकार के निवेशक को कौन सा निवेश ज्यादा भायेगा|

इसी सिलसिले में हम आज चर्चा करेंगे टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट (Tax Saving Fixed Deposit) और ईएलएसएस पर| जानेंगे अंतर और देखेंगे की आपको क्या करना चाहिए|

पढ़ें: PPF vs. ELSS

पढ़ें: PPF vs. NPS

इस पोस्ट में, मैं कर-बचत फिक्स्ड डिपॉजिट और ELSS की तुलना करूँगा।

कर बचत फिक्स्ड डिपाजिट (Tax Saving Fixed Deposit in Hindi) क्या है?

Tax-saving fixed deposit (कर-बचत फिक्स्ड डिपाजिट) एक साधारण फिक्स्ड डिपाजिट की तरह ही होती है|फ़र्क सिर्फ इतना है की इस FD की अवधि 5 वर्ष होती है। साथ ही, निवेश करने के लिए आपको आयकर की धारा 80C के तहत कर लाभ मिलता है|

और हाँ, आपका पैसा 5 साल तक लॉक-इन (lock-in) रहता है| इसका मतलब की आप 5 साल तक अपने पैसे को वापिस नहीं ले सकते|

जो भी ब्याज आपको मिलता है, उस पर आपको अपनी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है| सभी फिक्स्ड डिपाजिट में ब्याज पर टैक्स देना ही होता है|

पढ़ें: ब्याज पर कितना टैक्स देना होता है

ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड बचत योजना) क्या है (ELSS in Hindi)?

ELSS एक प्रकार का इक्विटी म्यूचुअल फंड है । आपका निवेश 3 साल के लिए लॉक हो जाता है ।

पढ़ें: ईएलएसएस के बारे में कुछ दिलचस्प बातें

Tax Saving Fixed Deposit vs. ELSS in Hindi

ELSS और टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट्स दोनों अलग उत्पाद हैं।

ईएलएसएस एक इक्विटी  (equity) निवेश है| FD एक डेब्ट (debt) निवेश है|

ईएलएसएस में 3 साल का लॉक-इन है| टैक्स-सेविंग फिक्स डिपाजिट में 5 साल का लॉक-इन है|

ईएलएसएस में आपको निवेश को बेचते समय कोई टैक्स नहीं देना होगा| ELSS में आपको निवेश बेचने पर होने वाले मुनाफे पर 10% टैक्स देना होगा| Long Term Capital Gains Tax at 10% on sale of ELSS units.

फिक्स्ड डिपाजिट के ब्याज कर हर साल टैक्स भरना होगा|

Tax Saver FD और ELSS में रिटर्न किसमें बेहतर हैं?

टैक्स सेविंग  एफडी निश्चित रिटर्न प्रदान करता है। जब आप निवेश करते हैं, तभी आपको पता होता है, की आपको रिटर्न कितना मिलेगा|

ईएलएसएस के साथ, अस्थिरता के लिए तैयार रहें । रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है| आपको घाटा भी हो सकता है| परन्तु टैक्स-सेविंग FD से बहुत अधिक रिटर्न भी मिल सकते हैं’|

कम लॉक-इन के चक्कर में गलती न करें (Do not fall for lower lock-in)

ELSS के कई समर्थकों का यह तर्क है कि ELSS में सबसे कम लॉक-इन अवधि (3 साल की) है। किसी भी और टैक्स बचाने वाले निवेश में इतना कम लॉक-इन नहीं है|

मेरे अनुसार यह सोचने का सही तरीका नहीं है| साथ ही यह बात कुछ हद तक ही ठीक है|

उदाहरण के लिए, भले ही ELSS की लॉक-इन अवधि 3 साल है, इसका मतलब यह नहीं है कि ईएलएसएस 3 साल के लक्ष्य के लिए उपयुक्त हैं। ईएलएसएस एक इक्विटी उत्पाद है| बशर्ते लॉक-इन केवल तीन साल हो,इसका मतलब यह नहीं है की आप तीन साल के लिए ही निवेश करें| मेरे अनुसार अगर आपको किसी भी इक्विटी उत्पाद में निवेश करना है, तो 7-10 साल का लक्ष्य होना चाहिए|

ELSS में प्रत्येक निवेश 3 साल के लॉक-इन के अधीन है। पीपीएफ (15 वर्ष) और यूएलआईपी (5 वर्ष) जैसे अन्य उत्पादों में लॉक-इन को पहली निवेश की तारीख से गिना जाता है। इसलिए, यदि आपके पास 10 साल का पीपीएफ खाता है, तो आपका नया निवेश केवल 5 वर्षों के लिए लॉक होगा।

वैसे, 3 से अधिक वर्षों के लिए ELSS में निवेश करने में कुछ भी गलत नहीं है।

आपको क्या करना चाहिए?

पहले तो अपने पोर्टफोलियो का आंकलन करें| अगर आपके पोर्टफोलियो में आपको इक्विटी की ज़रुरत है, तो ईएलएसएस में निवेश करें|

अगर किसी डेब्ट उत्पाद में निवेश करने की ज़रुरत है, तो टैक्स-सेवर फिक्स्ड डिपाजिट में निवेश कर की सोचसकते हैं|

पर हाँ, अगर किसी डेब्ट उत्पाद में ही निवेश करना है, तो एक बार पीपीएफ के बारे में भी सोचे|

पीपीएफ में ब्याज पर टैक्स नहीं देना होता| फिक्स्ड डिपाजिट में ब्याज पर टैक्स देना होता है|

बस एक परेशानी है की आपका पैसा 15 साल तक के लिए अटक जाता है| पर यह एक नए खाते के लिए है| अगर आपके पास पीपीएफ खाता है जो पहले से 10 साल का है, तो आप पीपीएफ खाते में जो निवेश करते हैं, वह केवल 5 साल के लिए लॉक होगा।  ऐसी स्थिथि में, 5 साल की टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉज़िट निवेश कीज़रुरत नहीं है|

20181111_PPF vs ELSS vs  Tax Saving Fixed deposit PPF टैक्स बचत फिक्स्ड डिपाजिट hindi

पढ़ें: इनकम टैक्स बचाने के 35 तरीके

Filed Under: Mutual Funds, Tax Planning Tagged With: Elss in hindi, section 80C, tax-saving fixed deposit, Tax-Saving Fixed Deposits  VS  ELSS, ईएलएसएस क्या है

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