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प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना 2019 (PMMY) के बारे में पूरी जानकारी

Last updated: जून 14, 2019 | by दीपेश 82 Comments

भारत सरकार में लघु उद्योग, छोटे व्यापारियों  की वित्तीय सहायता करने की लिए वर्ष 2015 मुद्रा लोन योजना शुरू करी| आम तौर पर ऐसे व्यापारियों को और इकाइयों को लोन लेने में काफी परेशानी होती है| इसी वजह से वह अपना बिज़नेस बढ़ा नहीं पाते| इसी परेशानी के समाधान के लिए मुद्रा लोन योजना शुरू की गयी है|

और हाँ अगर आप अपना व्यवसाय करना चाहते हैं, वह भी मुद्रा लोन योजना का लाभ उठा सकते हैं| करोड़ों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं|

अब आपके दिमाग में मुद्रा योजना के बारे में कई सवाल होंगे| जैसे की,

  1. मुद्रा लोन (योजना) क्या है?
  2. मुद्रा लोन के क्या फायदे हैं?
  3. मुद्रा लोन कितने प्रकार के होते हैं? मुद्रा लोन कितना मिल सकता है?
  4. मुद्रा लोन कैसे मिलेगा? मुद्रा लोन कैसे पाएं? मुद्रा लोन के लिए आवेदन कैसे करें?
  5. मुद्रा लोन कौन ले सकता है? Mudra Loan Eligibility
  6. मुद्रा लोन पर ब्याज दर क्या होती है? मुद्रा लोन की अवधि क्या होती है?
  7. मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन (एप्लाई) कैसे करें? (How to apply online for Mudra Loan?)

इस पोस्ट में मैं इन सारे सवालों के जवाब देने की कोशिश करूंगा|आईये जानते हैं मुद्रा योजना के बारे में विस्तार से|


मुद्रा लोन (योजना) क्या है? What is Mudra Loan Scheme? (in Hindi)

MUDRA की फुल फॉर्म है Micro Units Development and Refinance Agency Limited (MUDRA)

मुद्रा लोन योजना देश में छोटे व्यापारियों और उद्योगों को वित्तीय सहायता के लिए शुरू की गयी है| इसे प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana or PMMY) के नाम से भी जाना जाता है|

सभी जानते हैं की एक नया व्यापार शुरू करने के लिए या छोटे व्यापार या उद्योग को बढाने के लिए लोन मिलना कितना मुश्किल है| मुद्रा लोन योजना इसी परेशानी का हल निकालने के लिए शुरू की गयी है|

इस योजना के तहत आप नया व्यापार (business) शुरू करने के लिए या अपने व्यापार को बढाने के लिए लोन ले सकते हैं| मुद्रा लोन योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं|

आप टर्म लोन (term loan), ओवरड्राफ्ट (overdraft) या केश क्रेडिट (Cash credit) की सुविधा मुद्रा योजना के तहत पा सकते हैं|

मुद्रा योजना से रोज़गार को भी बढ़ावा मिल सकता है|

मुद्रा योजना महिलायों और SC/ST आवेदकों (applicant) को लोन के लिए प्राथमिकता दी जाती है|


मुद्रा लोन के बारे में इन बातों पर ध्यान दें:

  1. मुद्रा लोन आपको मुद्रा बैंक से नहीं मिलता| मुद्रा लोन आपको आपके निकटतम बैंक शाखा या वित्तीय संस्थान से मिलेगा|
  2. मुद्रा लोन के लिए आप बैंक में जा कर या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं|स्टेट बैंक मुद्रा लोन (SBI mudra loan) की जानकारी पाने के लिए इस लिंक पर जाएँ| लिंक 2 
  3. मुद्रा लोन केवल किसी व्यवसाय के लिए ही मिलता है|आप किसी निजी काम के लिए मुद्रा लोन नहीं ले सकते|
  4. मुद्रा लोन की ब्याज दर सरकार ने तय नहीं करी है| बैंक अपना जोखिम देख आर आपकी ब्याज दर तय करेगा|
  5. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती|
  6. मुद्रा लोन में आपको कोई सेकुरिटी नहीं देनी होती| कुछ भी गिरवी रखने की ज़रुरत नहीं है|

मुद्रा लोन के क्या फायदे हैं?

आपको कुछ भी गिरवी रखने की ज़रुरत नहीं है| (No Collateral)

यह बहुत बड़ी बात है| और बहुत से लोग केवल इसी वजह से लोन नहीं ले पाया करते थे| मुद्रा योजना के तहत आप बिना कोई security दिए लोन ले सकते हैं|

क्योंकि सरकार रोज़गार और छोटे उद्योग को बढ़ावा दे रही है, आप लोन आसानी से मिलने की उम्मीद कर सकते हैं| इस बात का सबूत भी है| करोड़ों लोग इस योजना के तहत लोन ले चुके हैं| पर हाँ , लोन आपको केवल व्यापार के लिए मिलेगा|

शिशु लोन (आगे चर्चा करेंगे) के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस (processing fee) नहीं लगती|


मुद्रा लोन कितने प्रकार के होते हैं? मुद्रा लोन कितना मिल सकता है?

मुद्रा योजना के तहत 3 प्रकार के लोन होते हैं|

  1. शिशु लोन (Shishu Loan): आप 50,000 रुपये तक का लोन ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जो की अपना काम या व्यापार शुरू कर रहे हैं|
  2. किशोर लोन (Kishore Loan): आप 50,000 से 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जो व्यापार शुरू तो कर चुके हैं पर अभी तक सही से स्थापित नहीं कर पाए हैं|
  3. तरुण लोन (Tarun Loan): आप 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोना ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जिनका व्यापर स्थापित है पर उस बढ़ाना चाहते हैं|

मुद्रा लोन कहाँ से मिलता है? मुद्रा लोन के लिए आवेदन कैसे करें? मुद्रा लोन कैसे पाएं? How to apply for Mudra Loan? Mudra Bank Loan Procedure in Hindi

लोगों में यह गलत धारणा है की मुद्रा लोन मुद्रा बैंक से मिलता है|

ऐसा नहीं है| मुद्रा बैंक किसी व्यक्ति या व्यापारी को लोन नहीं देता|

लोन आप किसी बैंक (जैसे की स्टेट बैंक, ICICI, PNB इत्यादि) की शाखा में जा कर ही लेते हैं| इसका मतलब साधारण बैंक ही आपको मुद्रा योजना की तहत लोन देगा|

mudra loan process मुद्रा लोन कैसे मिलेगा

सभी प्रमुख बैंक और NBFC मुद्रा लोन प्रदान करते हैं| आप मुद्रा लोन देने वाले सभी बैंक और वित्तीय संस्थानों की लिस्ट मुद्रा योजना की वेबसाइट (http://mudra.org.in/) पर मिल जायेगी|

बैंक और वित्तीय संस्थानों की लेटेस्ट लिस्ट आप इस लिंक से डाउनलोड भी कर सकते हैं|

आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान की शाखा में जा कर मुद्रा लोन के लिए एप्लाई कर सकते हैं|

शिशु श्रेणी के लोन के लिए एक पेज का फॉर्म (1 page form) है|

किशोर और तरुण श्रेणी के लिए 3 पेज का फॉर्म (3 page form) है|

मुद्रा लोन के लिए सैंपल फॉर्म आप इस लिंक (https://www.mudra.org.in/Home/PMMYBankersKit) से डाउनलोड कर सकते हैं|

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) की वेबसाइट पर आप मुद्रा लोन के application फॉर्म शिशु श्रेणी और किशोर और तरुण श्रेणी के लिए देख सकते हैं|

आपको यह फॉर्म भर कर बैंक या वित्तीय संस्थान की शाखा (ज़रूरी दस्तावेजों के साथ) में जमा करना होगा|


मुद्रा लोन कौन ले सकता है? (Eligibility for Mudra Loan in Hindi)

कोई भी भारतीय नागरिक मुद्रा लोन के लिए आवेदन कर सकता है|

एक बात का ध्यान रखें की लोन केवल व्यवसाय (व्यापार या उद्योग) के लिए मिलेगा|

आपको manufacturing, processing, trading और services, इनमें से किसी भी तरह के व्यवसाय के लिए लोन मिल सकता है

आप कोई लघु उद्योग लगाना चाहते हैं, दुकानदार हैं, ट्रक चलाते हैं, फल/सब्जी बेचते हैं, मशीन ऑपरेट करते हैं, कारपेंटर हैं, ब्यूटी पार्लर चलाते हैं, फैक्ट्री लगाना चाहते हैं या कोई मशीन खरीदना चाहते हैं या कुछ और भी| आप मुद्रा लोन ले सकते हैं| बस, लोन आपके व्यापार या उद्योग को शुरू करने या बढाने के लिए होना चाहिए|

आप किसी निजी काम ले लिए, जैसे कार खरीदने के लिए या पढाई के लिए मुद्रा लोन नहीं ले सकते| पर यहीं यहीं आप टैक्सी, रिक्शा या ट्रक लेने ले लिए लोन लेना चाहते हैं, तो आपको मुद्रा लोन मिल सकता है|

कोई भी व्यक्ति (individual), sole proprietorship, पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या पब्लिक कंपनी मुद्रा लोन ले सकती है|

आपको 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है| अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन चाहिए, तो मुद्रा योजना के तहत नहीं मिल सकता|

अगर आपने पहले किसी बैंक से लोन लिया है और उसका सही से भुगतान नहीं किया, तो आपको मुद्रा लोन नहीं मिलेगा|


मुद्रा लोन के लिए किन दस्तावेजों के ज़रुरत होती है? (Documents needed for Mudra Loan)

जी हाँ, आपको लोन के लिए कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे| ध्यान दे आप अपने बिज़नस के लिए लोन ले रहे हैं, तो बैंक आपको लोन देने से पहले यह सुनिश्चित करेगा, की आप व्यापार के लिए ही लोन ले रहे है और आप बिज़नेस में आपको मुनाफा हो सकता है|

एक बात और, आप किस तरह के काम के लिए लोन ले रहे है, इस बात पर भी आपके डॉक्यूमेंट निर्भर करेंगे| जैसे की , शिशु लोन (50,000 हज़ार रुपये तक ले लोन के लिए) के लिए आपको कम डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे|

दस्तावेजों की सूची नीचे दी गयी है|

  1. पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट) Proof of identity – Self certified copy of Voter’s ID card / Driving License / PAN Card / Aadhar Card/Passport.
  2. पते का प्रमाण (टेलीफोन बिल, बिजली का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, वोटर आईडी, आधार कार्ड) Proof of Residence – Recent telephone bill, electricity bill, property tax receipt (not older than 2 months), Voter’s ID card, Aadhar Card & Passport of Proprietor/Partners/Directors.
  3. जाति प्रमाण पत्र Proof of SC/ST/OBC/Minority.
  4. आपके बिज़नस का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट Proof of Identity/Address of the Business Enterprise -Copies of relevant licenses/registration certificates/other documents pertaining to the ownership, identity and address of business unit.
  5. आपने किसी बैंक में किसी तरह का डिफ़ॉल्ट न किया हो| इसका मतलब है की अगर आपने पहले कोई लोन लोया है पर उसका भुगतान नहीं किया है, तो आपको लोन नहीं मिलेगा| Applicant should not be defaulter in any Bank/Financial institution. यह बैंक खुद ही चेक कर लेगा|
  6. आपके या आपके बिज़नस के पिछले 6 महीने के बैंक अकाउंट स्टेटमेंट Statement of accounts (for the last six months), from the existing banker, if any.
  7. अगर आपके लोन की राशि दो लाख रुपये से ज्यादा की है, तो आपको अपने या बिज़नस के दो साल के आयकर रिटर्न और बिज़नेस की बैलेंस शीट भी जमा करनी होगी| Last two years balance sheets of the units along with income tax/sales tax return etc. (Applicable for all cases from Rs.2 Lacs and above).
  8. अगर आपके लोन की राशि दो लाख रुपये से ज्यादा की है , तो आपको अगले साल का प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट भी जमा करनी होगी|Projected balance sheets for one year in case of working capital limits and for the period of the loan in case of term loan (Applicable for all cases from Rs.2 Lacs and above).
  9. आपने इस वित्तीय वर्ष में कितनी बिकवाली करी है Sales achieved during the current financial year up to the date of submission of application.
  10. अगर आप कोई नया प्रोजेक्ट डाल रहे हैं, तो आपको यह भी दर्शाना होगा की ऐसा बिज़नस फायदेमंद है| Project report (for the proposed project) containing details of technical & economic viability.
  11. Memorandum and articles of association of the company/Partnership Deed of Partners etc.
  12. In absence of third party guarantee, Asset & Liability statement from the borrower including Directors& Partners may be sought to know the net-worth.
  13. फोटोग्राफ Photos (two copies) of Proprietor/ Partners/ Directors.

एक बात और हो सकता है, की बैंक आप से कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगे| ऐसी कोई अतिरिक्त जानकारी आपको अलग से ऑफलाइन प्रदान करनी होगी|

इतनी सारी जानकारी देख कर तो किसी को भी पसीना आ जाएगा| पर चिंता न करें| दस्तावेजों की लिस्ट आपकी लोन राशि, आपके बिज़नेस इत्यादि पर निर्भर करती है| काफी सारे दस्तावेज आप के पास पहले से ही होंगे|हो सकता है की आपके मामले में काफी सारे दस्तावेज चाहिए भी न हों|

इस बात पर भी गौर करें की अगर करोड़ों लोगों को लोन मिल चूका है, तो प्रक्रिया इतनी मुश्किल नहीं होनी चाहिए|


मुद्रा लोन ब्याज दर कितनी होती है? मुद्रा लोन की अवधि क्या होती है? (Mudra Loan Interest Rate and Loan Tenure)

मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है| आपकी जानकारी को देख कर बैंक की आपके लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है|

सरकार की तरफ से मुद्रा लोन की ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती|

शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक ) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती|

मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि (loan tenure) का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है| अवधि आपके क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो (cashflow) पर निर्भर करेगी|

आप लोन लेते समय moratorium period के लिए भी निवेदन कर सकते हैं| moratorium पीरियड के दौरान आपको केवल ब्याज का भुगतान करना होता है| यह सुविधा काफी लाभकारी सिद्ध हो सकती है|


मुद्रा लोन के लिए आप ऑनलाइन भी एप्लाई कर सकते हैं (How to apply online for Mudra Loan?)

ऐसा करने के लिए आपको इस वेबसाइट (https://mudramitra.in/) पर जाना होगा|

यहाँ पर आप शिशु, किशोरे या तरुण लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं|

  1. आप इस लिंक पर जाएँ (https://mudramitra.in/Login)mudra loan online application apply मुद्रा लोन कैसे पाएं
  2. आप देख सकते हैं की इस में पूरी प्रक्रिया बतायी गयी है| पहले आपको रजिस्टर करना होगा| अगर आपको फॉर्म भरने में सहायता चाहिए, तो वह भी बता सकते हैं| Application form भरें और अपने लोन के बैंक का चुनाव करें| ऐसा करने पर आपका आवेदन बैंक को भेज दिया जाएगा| उसके बाद बैंक फैसला करेगा की आपको लोन देना है की नहीं|
  3. अगर आप पहली बार लॉग इन कर रहे हैं, तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा| आप “New User” पर क्लिक कर सकते हैं या सीधे इस लिंक पर जा सकते हैं (https://mudramitra.in/Login/Register)
  4. रजिस्टर करते समय आपको अपने बारे में जानकारी देनी होगी|
    1. नाम और पता
    2. लिंग (Gender)
    3. जाति (caste)
    4. अपने बिज़नस के बारे में थोड़ी सी जानकारी देनी होगी
    5. मोबाइल नंबर
    6. इ-मेल आईडी
    7. आगे लॉग इन करने के लिए username भी डालना होगा|
  1. एक बार रजिस्टर करेंगे, तो आपके पास एक ई-मेल आएगी जिसमें आपका पासवर्ड भी होगा| आप फिर से इस लिंक (https://mudramitra.in/Login/Register) पर जा कर अप लॉग इन कर सकते हैं|
  2. मुद्रा लोन का आवेदन 6 स्टेप प्रक्रिया है|
    1. स्टेप 1: अपने बिज़नस के बारे में जानकारी
    2. स्टेप 2: आपके बारे में और बिज़नस के पार्टनर/डायरेक्टर के बारे में जानकारी
    3. स्टेप 3: आप बैंक से कोई करंट अकाउंट आदि की सुविधा का प्रयुग करते हैं, तो उसकी जानकारी, कितना लोन चाहिए इत्यादि| आप Step 3 से virtual handholding (ऑनलाइन सहायता) का विकल्प चुन सकते हैं| वहां पर आपको गाइड किया जाएगा|
    4. स्टेप 4: अपनी बिज़नस की सेल्स, मुनाफे, कैपिटल की जानकारी
    5. स्टेप 5: बिज़नस के रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी, सारे दस्तावेज़ अपलोड करें|
    6. स्टेप 6: अपने डिटेल सबमिट करें
  3. उसके बाद आपको बैंक या वित्तीय संस्थान के चुनाव करना होगा और आप अपनी application सबमिट कर सकते हैं| तो मान लिए आपको SBI में एप्लाई करना है, तो SBI का चुनाव कर सकते हैं|

आपका आवेदन अपने आप बैंक तक पहुँच जाएगा| उसके बाद बैंक फैसला करेगा की आपको लोन देना है की नहीं|

ध्यान दे मैंने केवल प्रक्रिया चेक करी है, लोन के लिए एप्लाई नहीं किया|


मुद्रा कार्ड क्या है? What is Mudra Card?

अगर आप overdraft या cash credit लेते हैं मुद्रा योजना के तहत, तो आप मुद्रा कार्ड ले सकते हैं| टर्म लोन में मुद्रा कार्ड नहीं मिलेगा|

मुद्रा कार्ड

मुद्रा कार्ड एक डेबिट कार्ड की तरह ही होता है जिससे आप किसी भी ATM जा कर एक सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं| ध्यान रखिये जो पैसा आप निकालते है, वह आपके लिए लोन बन जाता है और आपको उस राशि पर ब्याज देना होगा|

मुद्रा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (Mudra Toll-Free HelpLine Number)

मुद्रा लोन योजना के बारे में आपको कोई भी जानकारी चाहिए हो, तो आप मुद्रा बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं|

यह दो नंबर आप देश में से कहीं से भी फ्री में लगा सकते हैं

1800 180 1111

1800 11 0001

आप अपने राज्य (state) के Toll-free नंबर पर बात कर सकते हैं|

मुद्रा बैंक योजना 2019 2020 मुद्रा लोन ब्याज दर सब्सिडी

कुछ उपयोगी लिंक

अगर आपको लोन लेने में परेशानी आ रही है, तो आप एक ई-मेल help@mudra.org.in पर भेज सकते हैं| मुद्रा योजना के बारे में कुछ सामान्य सवालों (FAQ) के जवाब आप यहाँ पढ़ सकते हैं|

मुद्रा लोन योजना के टोल फ्री नंबर और ऑफिस के बारे में आप इस लिंक पर  जानकारी पा सकते हैं|

आईसीआईसीआई बैंक मुद्रा लोन (ICICI Bank Mudra Loan)

बैंक ऑफ़ बड़ोदा मुद्रा लोन (Bank of Baroda Mudra Loan)

स्टैंड अप इंडिया लोन (Stand Up India Scheme)

Filed Under: Loans Tagged With: Pradhan Mantri Mudra Yojana in Hindi, Sbi मुद्रा लोन application फॉर्म, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुद्रा बैंक क्या है, मुद्रा लोन कैसे पाएं, मुद्रा लोन कैसे मिलेगा, मुद्रा लोन ब्याज दर, मुद्रा लोन योजना, मुद्रा लोन योजना 2019

एलआईसी प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान कैसे करें? (How to pay LIC premium online?)

by दीपेश Leave a Comment

अगर आपके पास एलआईसी की पालिसी है और आप प्रीमियम के भुगतान के लिए चेक नहीं काटना चाहते, तो आप अपनी एलआईसी प्रीमियम भुगतान ऑनलाइन भी कर सकते हैं| इस सुविधा से आप घर बैठे अपना प्रीमियम जमा कर सकते हैं और आपका काफी समय भी बचेगा|

इस पोस्ट में जानते हैं की किस तरह आप अपनी एलआईसी पालिसी के प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन कर सकते हैं|

आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने LIC प्रीमियम ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं| आप BHIM और UPI के माध्यम से भी भुगतान कर सकते हैं|

एलआईसी प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान कैसे करें? (How to pay LIC premium online?)

पहले LIC की वेबसाइट (https://www.licindia.in/) पर जाएँ| वहां पर “Online Premium Payment” या “Pay Premium Online” का लिंक देखें| देखिये इस लिंक की जगह बदलती रह सकती है| पर आप ऑनलाइन भुगतान का विकल्प वेबसाइट पर ढूंढ सकते हैं|

LIC Online premium payment in hindi एलआईसी ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान

आपके पास ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान के दो तरीके हैं:

LIC Online premium payment in hindi एलआईसी ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान 2

  1. अपनी पालिसी की जानकारी भर कर आप अपना प्रीमियम भर सकते हैं| Pay Direct (Without login)
  2. LIC के वेबसाइट में अपने अकाउंट में लॉग इन करने के बाद| Through Customer Portal. अगर आप पहली बार ऐसा कर रहे हैं, तो आप LIC की वेबसाइट पर पहले अपने आपको रजिस्टर करें|

रजिस्टर करने के बाद आपकी सारी पालिसी के डिटेल्स आपको अपने आप दिख जायेंगे| उसके बाद आप सही पालिसी को चुन कर भुगतान कर सकते हैं| ध्यान दें आपको रजिस्टर करने में थोडा समय लग सकता है पर बाद में आपका काम काफी आसान हो जाता है| आपको बार बार प्रीमियम भुगतान करने के लिए पालिसी की जानकारी डालने की ज़रुरत नहीं है|

#1. पालिसी की जानकारी भर कर ऑनलाइन भुगतान Pay Direct (Without login)

  1. आप इस लिंक पर जाएँ (https://ebiz.licindia.in/D2CPM/#DirectPay).LIC Online premium payment in hindi एलआईसी ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान 3
  2. आप देख सकते हैं की इस सुविधा का इस्तेमाल आप केवल प्रीमियम भुगतान ही नहीं बल्कि LIC लोन के ब्याज या मूल के भुगतान के लिए भी कर सकते हैं| आप “Renewal Premium/Revival” का चुनाव करें|
  3. उसके बाद आपको यह स्क्रीन दिखेगी| (https://ebiz.licindia.in/D2CPM/#directpay/Premium/PaymentSteps)LIC Online premium payment in hindi एलआईसी ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान 4
  4. तो पहले आपको पालिसी की जानकारी डालनी होगा, फिर प्रीमियम की और उसके बाद भुगतान करना होगा| “Proceed” पर क्लिक करें|
  5. अपनी पालिसी के बारे में पूछी गयी जानकारी डालें| यह सब जानकारी भरने से यह सुनिश्चित किया जाता है की आप सही (और अपनी) पालिसी का प्रीमियम भर रहे हैं|एलआईसी प्रीमियम डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड द्वारा ऑनलाइन भुगतान 2
  6. उसके बाद आप प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं|

#2. एलआईसी वेबसाइट में अपने अकाउंट में लॉग इन करके (Through Customer Portal)

  1. आप “Through Customer Portal पर क्लिक करें या सीधे इस लिंक पर जाएँ (https://ebiz.licindia.in/D2CPM/#Login)
  2. अगर आपने अपना अकाउंट नहीं बनाया है, तो इस पोस्ट के आखिर में इसके बारें में भी बाते गया है|
  3. अपना पंजीकृत ई-मेल आईडी, पासवर्ड और जन्मतिथि का प्रयोग कर लॉग इन करें|एलआईसी प्रीमियम debit कार्ड क्रेडिट कार्ड द्वारा ऑनलाइन भुगतान 1
  4. लॉग इन करने के बाद आप अपनी LIC की सारी पालिसी देख सकते हैं और देख सकते हैं की किस पालिसी में कितना प्रीमियम बकाया है| उसके बाद आप प्रीमियम भुगतान कर सकते हैं| आपको पालिसी नंबर याद रखने या ढूंढ की कोई आवश्यकता नहीं है|

एलआईसी प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान करते समय इन बातों का रखें ख्याल

  1. आप नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, BHIM या UPI के माध्यम से प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं|
  2. अगर आप क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से एलआईसी प्रीमियम भुगतान कर रहे हैं, तो आपको कुछ Convenience Fee देनी पड़ सकती है| यह फीस बदलती रहती है, तो जब आप भुगतान करेंगे तब देख सकते हैं|
  3. अगर आपकी पालिसी है, तो स्वयं ही ऑनलाइन भुगतान करें| किसी और से ना करायें|
  4. आप अपने पालिसी प्रीमियम के ऑनलाइन भुगतान का स्टेटस इस लिंक पर जा कर चेक कर सकते हैं| (https://ebiz.licindia.in/D2CPM/#directpay/TransactionStatus)

एलआईसी वेबसाइट पर रजिस्टर कैसे करें?

आपको अगर एलआईसी में अपने ऑनलाइन अकाउंट से लॉग इन करके प्रीमियम भुगतान करना है, तो आपके पहले एक बार रजिस्टर करना होगा| ध्यान दें केवल पहली बार ही रजिस्टर करना होता है|

एक बार रजिस्टर कर लिया, तो बाद में ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान के समय आपको बार बार पालिसी डिटेल डालने का आवश्यकता नहीं है|

और यह काम काफी आसान है|

पहले एलआईसी की वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाएं|

ऐसा करने के लिए आप इस लिंक (https://ebiz.licindia.in/D2CPM/#Register) पर जा सकते हैं|

इस लिंक पर आपको एक फॉर्म दिखेगा| उस फॉर्म को भरें और अपना अकाउंट बनाएं|

LIC Online registration एलआईसी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अकाउंट कैसे खोलें

एक बार आपने अकाउंट बना लिया, तो उसके बाद आप लॉग इन करके अपने अपने प्रीमियम का भुगतान आसानी से कर सकते हैं|

पढ़ें: अपनी LIC पालिसी से लोन कैसे लें?

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एलआईसी जीवन शिरोमणि: पूरी जानकारी (LIC Jeevan Shiromani in Hindi)

by दीपेश Leave a Comment

एलआईसी जीवन शिरोमनी (LIC Jeevan Shiromani) एक पारंपरिक मनी बैक प्लान है।

आइए योजना की कुछ मुख्य विशेषताएं देखें और देखें कि क्या आपको इस योजना में निवेश करना चाहिए।


एलआईसी जीवन शिरोमणि: मुख्य विशेषताएं (LIC Jeevan Shiromani: Complete Information in Hindi)

  1. प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु (Minimum Entry Age): 18 वर्ष ।
  2. प्रवेश के लिए अधिकतम आयु (Maximum Entry Age): 55 वर्ष (14 साल की पॉलिसी अवधि के लिए), 51 वर्ष ( 16 साल की पॉलिसी अवधि के लिए), 18 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए 48 साल, 45 साल (20 साल पॉलिसी की अवधि के लिए )।
  3. परिपक्वता के लिए अधिकतम अवधि (Maximum Age at Maturity): 69 वर्ष (14 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए), 67 वर्ष ( 16 वर्ष पॉलिसी अवधि के लिए ), 18 साल की पॉलिसी अवधि के लिए 66 वर्ष, 65 वर्ष (20 साल की पॉलिसी अवधि के लिए)।
  4. न्यूनतम बीमा राशि (Minimum Basic Sum Assured): 1 करोड़ रुपये
  5. अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Basic Sum Assured): कोई सीमा नहीं । बीमित रकम में वृद्धि 5 लाख रुपये के गुणकों में होगी (multiples of Rs 5 lacs)।
  6. पॉलिसी अवधि (Policy Term): 14, 16, 18 और 20 वर्ष
  7. प्रीमियम भुगतान अवधि (Premium Payment Term): पॉलिसी अवधि में से 4 वर्ष कम कर लें । उदाहरण – 14 साल की पॉलिसी अवधि के लिए, प्रीमियम भुगतान अवधि 10 साल होगी।
  8. गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition): पहले पांच वर्षों के लिए 50 रुपये (प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि के लिए)। छठे वर्ष से प्रीमियम भुगतान अवधि के अंत तक 55 रुपये (प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि के लिए) । ध्यान दें आपके हाथ में पैसा केवल परिपक्वता के समय (पालिसी अवधि की समाप्ति) ही आता  है।
  9. गंभीर बीमारी के लिए कवर (Inbuilt Critical Illness Cover)
  10. सेटलमेंट विकल्प (Settlement Option) इस बारे में बाद में चर्चा करेंगे|
  11. आप इस पालिसी से लोन ले सकते हैं|
  12. भुगतान के मोड और ज्यादा बीमा लेने के आधार पर कुछ छूठ (rebate) दी गयी है।

LIC jeevan shiromani hindi एलआईसी जीवन शिरोमणि रिटर्न


एलआईसी जीवन शिरोमणि: मृत्यु लाभ (LIC Jeevan Shiromani: Death Benefit)

पहले पांच वर्षों के दौरान मृत्यु / मृत्यु की स्थिति में (Death before 5 years): मृत्यु पर बीमित राशि (Sum Assured on Death) + जमा गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Additions)

पांच वर्ष की समाप्ति के बाद मृत्यु (परिपक्वता से पहले) (Death after 5 years but before policy maturity): मृत्यु पर बीमित राशि (Sum Assured on Death) + जमा गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Additions) + लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition, if any)

Sum Assured on Death (मृत्यु पर बीमित राशि) निम्न लिखे तीन राशियों में सबसे अधिक (highest) होगी |

  1. 10 बार वार्षिक प्रीमियम (10 times annual premium), इससे यह भी सुनिश्चित होता है की पालिसी मेच्योरिटी पर मिलने वाली राशि कर मुक्त है
  2. परिपक्वता पर बीमित राशि (Sum Assured on Maturity)
  3. मूल बीमित राशि का 125% (125% of Basic Sum Assured)

एलआईसी जीवन शिरोमणि: मनीबैक बेनिफिट (LIC Jeevan Shiromani: Survival / Money Back Benefit)

एलआईसी जीवन शिरोमणि एक मनी बेक प्लान है। इसका मतलब है कि आपको पालिसी मेच्योरिटी से पहले भी कुछ राशि मिलती है| कितनी राशि मिलेगी, यह निर्भर करेगा आपकी पालिसी की अवधि (policy term) पर|

आईये देखते हैं|

14 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए: दसवें (10th)  और बारहवें (12th) पॉलिसी वर्ष के अंत में बीमा राशि (Sum Assured) का 30%

16 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए: बारहवें (12th) और चौदहवें (14th) पॉलिसी वर्ष के अंत में प्रत्येक के 35% बीमा राशि

18 साल की पॉलिसी अवधि के लिए: चौदहवें (14th) और सोलहवें (16th) पॉलिसी वर्ष के अंत में प्रत्येक बीमित रकम का 40%

20 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए: सोलहवें (16th) और अठारहवें (18th) पॉलिसी वर्ष के अंत में प्रत्येक बीमित रकम का 45%


एलआईसी जीवन शिरोमणि: परिपक्वता लाभ LIC Jeevan Shiromani: Maturity Benefit)

14 वर्षों की पॉलिसी अवधि के लिए: बीमा राशि का 40% (40% of Basic Sum Assured) + गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Addition)  + लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition, if any)

16 साल की पॉलिसी अवधि के लिए: बीमा राशि का 30% + गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Addition) + लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition, if any)

18 साल की पॉलिसी अवधि के लिए: बीमा राशि का 20% + गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Addition) + लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition, if any)

20 साल की पॉलिसी अवधि के लिए: बीमा राशि का 10% + गारंटीकृत वृद्धि (Accrued Guaranteed Addition) + लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition, if any)

ध्यान दें कि गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition or GA) हर वर्ष लागू होती हैं।

पहले 5 पालिसी वर्षों में (For first five years): 50 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि

उसके बाद, प्रीमियम भुगतान अवधि के अंत तक (From 6th year till the end of Premium Payment Term): 55 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि

एक बात और, गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition or GA) केवल आपकी पालिसी में जुड़ते जाते हैं| भुगतान केवल पालिसी मेच्योरिटी या धारक की मृत्यु के समय ही होता है|

लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition or LA) केवल पालिसी मेच्योरिटी या धारक की मृत्यु के वर्ष में ही लागू होता है (हर वर्ष नहीं)| और यह भी तब की जब आपकी पालिसी कम से कम 5 साल पुरानी हो|

LIC jeevan shiromani hindi एलआईसी जीवन शिरोमणि रिटर्न


एलआईसी जीवन शिरोमणि: रिटर्न कितना मिलता है? (LIC Jeevan Shiromani: Return)

आप देख सकते हैं की रिटर्न का कुछ हिस्सा गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition or GA) की वजह से आता है| गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition or GA) कितनी मिलेगी, यह आपको पालिसी लेते समय ही पता होता है|

रिटर्न का दूसरा हिस्सा लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition or LA) के कारण आता है| इसके बारे में आपको नहीं पा होता| यह कितना मिलेगा, यह निर्भर करता है एलआईसी के परफॉरमेंस पर| इसका मतलब, कहीं न कहीं यह थोडा आपकी किस्मत पर भी निर्भर करेगा|

तो अब अगर रिटर्न का अंदाजा लेना है, तो लॉयल्टी वृद्धि की कुछ वैल्यू माननी (assume) पड़ेगी| मेरे अनुसार बेहतर होगा की में आपको loyalty वृद्धि की कई वैल्यू के साथ रिटर्न दिखायूं| उसके बाद तो आप खुद ही फैसला कर सकते हैं|

आईये एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

एक 40 वर्षीय व्यक्ति के लिए 1 करोड़ रुपये के बीमा का प्रीमियम 7.41 लाख रुपये होगा| पालिसी अवधि 20वर्ष है|

प्रीमियम पर रिबेट के बाद और गस्त लगने के बाद प्रीमियम होगा 7.53 लाख रुपये| यह प्रीमियम पहले वर्ष का है| दूसरे वर्ष से GST कम लगेगा और आपका प्रीमियम होगा 7.43 लाख रुपये| आपको 16 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा|

आप देख सकते हैं की इतना प्रीमियम देना सबके बस की बात नहीं है| एक बात और, एलआईसी जीवन शिरोमणि में आप एक करोड़ रुपये से कम का बीमा नहीं ले सकते|


गारंटीकृत वृद्धि (Guaranteed Addition or GA) की गणना कैसे होगी

आपको पहले पांच वर्षों के लिए बीमित रकम के 50 रुपये प्रति 1,000 रुपये मिलते हैं। इसका मतलब है कि पहले पांच वर्षों के लिए 5 लाख (50 / 1,000 * 1 करोड़) प्रति वर्ष का GA जुड़ता रहेगा।

5 साल के हो गए: 5 X 5 = 25 लाख रुपये

शेष ग्यारह वर्षों (16-5) के लिए, आपको प्रत्येक वर्ष 5.5 लाख रुपये (बीमित रकम का 55 रुपये प्रति हजार) मिलता है|

11 वर्षों के हो गए: 5.5 X 11: 60.5 लाख रुपये

कुल मिला कर हुए: 25 + 60.5 = 85.5 लाख रुपये

यह राशि मिलेगी आपको पालिसी मेच्योरिटी के समय|

ध्यान दें कि हर साल आपको GA का भुगतान नहीं किया जाता है, यह बस आपकी पालिसी में जुड़ते रहते हैं।


लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition or LA) की गणना

अब यह एक समस्या है| मुझे कुछ अनुमान लेना होगा और में उसके अनुसार आपको संभावित रिटर्न दिखाऊंगा|

ध्यान दें लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition or LA) की वैल्यू जितनी ज्यादा होगी, उतने बेहतर आपके रिटर्न होंगे| इसलिए बिक्री के समय LA की ज्यादा वैल्यू बता कर आपको बेवकूफ बनाया जा सकता है|

LIC jeevan shiromani hindi एलआईसी जीवन शिरोमणि रिटर्न

अब आप ही फैसला करें की यह रिटर्न अच्छे हैं या नहीं| मेरे अनुसार तो रिटर्न अच्छे नहीं हैं|

आप टर्म इंश्योरेंस प्लान इस्तेमाल कर और पीपीएफ या इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड  में निवेश करके इससे कहीं बेहतर रिटर्न पा सकते हैं|


एलआईसी जीवन शिरोमणि: क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट (LIC Jeevan Shiromani: Critical Illness Benefit)

यदि आपको 15 गंभीर बीमारियों में से किसी से भी ग्रस्त (diagnosed) पाए जाते हैं , तो आपको मूल बीमा राशि का 10% मिलेगा। एक करोड़ रुपये के मूल बीमित राशि वाली पॉलिसी के लिए, यदि आप में किसी गंभीर बीमारी का diagnosis हुआ है तो आपको 10 लाख रुपये (10% X 1 करोड़) मिलेंगे।

ध्यान दें यह राशि आपको दे दी जायेगी जैसे की पता चलेगा की आपको कोई गंभीर बीमारी है| इसका इलाज़ के खर्चे से कोई मतलब नहीं है|

साथ ही ऐसी स्तिथि में आपके पास 2 वर्ष तक प्रीमियम स्थगित करने का विकल्प है| दो वर्ष बाद आप पुराने प्रीमियम बिना किसी ब्याज के जमा कर सकते हैं|

आपके पास एक दूसरे चिकित्सकीय राय (Second medical opinion) का विकल्प भी है|

निर्दिष्ट गंभीर बीमारियों में कैंसर, दिल का दौरा (मायोकार्डिअल इन्फ़क्शन), किडनी फेलियर, ऑर्गन फेलियर आदि शामिल हैं। पूरी लिस्ट आप यहाँ देख सकते हैं|

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान में तीव्रता (severity) और वेटिंग पीरियड का भी जिक्र होता है|

जैसे की हो सकता है, की आपका डॉक्टर कहे की आपको हार्ट अटैक आया है, पर इंश्योरेंस पालिसी के अनुसार शायद आपको हार्ट अटैक न आया हो| ऐसी स्तिथि में आपको फायदा नहीं मिलेगा|

इससे कई बार काफी परेशानी हो सकती है और क्लेम रिजेक्ट हो सकते हैं।

मेरा मतलब यह नहीं है की आप क्रिटिकल इलनेस प्लान न लें| एलआईसी जीवन शिरोमणि में तो यह कवर आपको मिल ही रहा है (बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के)| मेरा मतलब केवल यही है की क्रिटिकल इलनेस प्लान (या राइडर) में काफी उलझन हो सकती है|

एक बात और, क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट आप पूरी पालिसी अवधि में केवल एक बार ले सकते हैं|


एलआईसी जीवन शिरोमणि: सेटलमेंट विकल्प (LIC Jeevan Shiromani: Settlement Option)

आपके पास मेच्योरिटी के समय या धारक की मृत्यु का समय पैसा एक मुश्त लेने की बजाय किश्तों में लेने का विकल्प है|

आप 5, 10 या 15 वर्षों तक किश्त ले सकते हैं| आपके पास मासिक, तिमाही, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक किश्तों में लाभ लेने का विकल्प है|

किस्त कितनी होगी, यह निर्भर करेगा

  1. परिपक्वता / मृत्यु लाभ राशि पर
  2. किश्तों की अवधि (5, 10 या 15 वर्ष) पर
  3. एलआईसी द्वारा निर्धारित ब्याज दर पर

यदि आप सेटलमेंट विकल्प को चुनते हैं, तो मेरे अनुसार यह कोई अच्छा फैसला नहीं होगा।

आप ब्याज काफी कम होने की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे आपकी किश्त अपने आप काफी कम हो जायेगी|

आप एलआईसी जीवन शिरोमणि के बारे में अधिक जानकारी एलआईसी की वेबसाइट पर पा सकते हैं|


क्या आपको एलआईसी जीवन शिरोमणि में निवेश करना चाहिए?

मेरे अनुसार एलआईसी जीवन शिरोमणि में निवेश न करें|

सच बतायूं तो यह प्लान वैसे भी ज़्यादातर लोगों की पहुँच से बाहर है| इतना प्रीमियम काफी पैसे वाले लोग (High Networth Individual) ही दे सकते हैं| तो मेरे जैसे लोगों को फैसला करने की ज़रुरत भी नहीं है|

आप इस प्लान में कवर तो ज्यादा ले सकते हैं पर रिटर्न बहुत ही कम मिलेंगे|

मेरे अनुसार टर्म प्लान खरीदें| बची हुई राशि PPF या इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करें| रिटर्न बेहतर मिलने की उम्मीद कर सकते हैं| अगर आपको क्रिटिकल इलनेस प्लान भी लेना है, तो वह आप अलग से भी खरीद सकते हैं|

मर्ज़ी आपकी है|

क्या आप एलआईसी जीवन शिरोमणि में निवेश करेंगे?


एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी जीवन तरुण (LIC Jeevan Tarun)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

एलआईसी बीमा बचत प्लान (LIC Bima Bachat Plan)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

अपनी LIC पालिसी से लोन कैसे लें?

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

Source: www.PersonalFinancePlan.in

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होम लोन के भुगतान पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट (Tax Benefits: Home Loan Repayment)

Last updated: फ़रवरी 28, 2019 | by दीपेश 10 Comments

ज़मीन और मकानों के दाम इतने ज्यादा हैं की अधिकाँश लोगों को घर खरीदने के लिए होम लोन लेना पड़ता है| अच्छी बात यह है की होम लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट या छूठ मिलती हैं|

इस टैक्स बेनिफिट से आपके ऊपर होम लोन का भार कुछ कम हो जाता है|

इस पोस्ट में यह जानते है की आपको होम लोन के भुगतान पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलते हैं|


होम लोन पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स (Home Loan Repayment Tax Benefits in Hindi)

आपको टैक्स की बचत ब्याज की भुगतान (interest payment) और मूल के भुगतान (principal payment) दोनों परमिलती है|

आपको होम लोन के भुगतान पर तीन तरह के टैक्स बेनिफिट मिल सकते हैं|

  1. होम लोन पर ब्याज के भुगतान (interest payment) के लिए 2 लाख रुपये (सेक्शन 24 के तहत)
  2. होम लोन पर मूल के भुगतान (principal repayment) के लिए 1.5 लाख रुपये (सेक्शन 80C के तहत)
  3. अगर पहली बार घर ले रहे हैं, तो 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट ब्याज के भुगतान के लिए (सेक्शन 80EE के तहत)

आईये जानते हैं इन टैक्स बेनिफिट के बारे में विस्तार से| साथ ही यह भी देखते हैं की इन टैक्स बेनिफिट के साथ क्या शर्तें जुडी हुई हैं| होम लोन के टैक्स बेनिफिट से जुड़े कुछ आम सवालों पर भी चर्चा करेंगे|


होम लोन पर ब्याज के भुगतान के लिए टैक्स बचत (Tax Benefit for Interest Payment on Home Loan under Section 24 of Income Tax Act)

होम लोन पर ब्याज के भुगतान के लिए आप वित्तीय वर्ष में 2 लाख रुपये तक की छूठ ले सकते हैं|

अगर आपने 2 लाख से कम ब्याज के भुगतान लिया है, तो टैक्स बेनिफिट उस राशि तक ही सीमित होगा|

अगर 2 लाख से ज्यादा का भुगतान किया है, तो टैक्स लाभ 2 लाख रुपये तक सीमित होगा|

अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो इसका मतलब हुआ 60,000 रुपये की टैक्स बचत (2 लाख X 30%)|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 24 के तहत मिलता है|

क्या आयकर की धारा 24 के तहत टैक्स बेनिफिट लेने की कुछ शर्ते हैं?

  1. अगर लोन घर की मरम्मत के लिए लिया गया है, तो टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये नहीं होगा| केवल 30,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष होगा|
  2. 2 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट केवल घर खरीदने या बनाने के लिए है|
  3. ब्याज के भुगतान पर आप टैक्स बेनिफिट मकान का निर्माण पूरा होने या फ्लैट के possession मिलने के बाद ही ले सकते हैं|
  4. इसका मतलब यह नुआ की जब तक आपके घर के निर्माण पूरा नहीं होता, आपको धारा 24 के तहत कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|
  5. मकान का निर्माण पूरा होने से पहले किये गए ब्याज के भुगतान को आप जोड़ सकते हैं और अगले 5 साल (घर का निर्माण पूरा होने के बाद) तक बराबर किश्तों में टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर ध्यान दें, कुल मिला कर एक वित्तीय वर्ष में टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता|
  6. साथ ही, अगर आपका मकान लोन लेने के पांच साल के भीतर पूरा नहीं होता या आपके फ्लैट का possession नहीं मिलता, तो आपको मिलने वाला टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये से घाट कर 30,000 रुपये प्रति वर्ष रह जाएगा|
  7. टैक्स बेनिफिट लेने के लिए यह ज़रूरी नहीं है की आपने लोन बैंक से ही लिया हो| आप अपने परिवार में किसी से या किसी मित्र से भी लोन ले सकते हैं| बस आपको ब्याज का भुगतान का सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) देना होगा|home loan repayment tax benefit in hindi

मूल राशि के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Principal Repayment under Section 80C of the Income Tax Act)

होम लोन पर मूल के भुगतान के लिए आपको प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80C के तहत मिलता है|

इन बातों पर भी ध्यान दें

  1. आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट पाने के और भी कई तरीके हैं| सभी तरीकों में कुल मिला कर आपको केवल 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट ही मिलता है|
  2. तो अगर आपके EPF, पीपीएफ, ELSS इत्यादि में निवेश से ही आपकी सेक्शन 80C की लिमिट पूरी हो रही है, तो आपके मूल भुगतान (principal repayment) पर कुछ ख़ास टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|
  3. ब्याज के भुगतान की तरह ही आप मूल के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट घर का निर्माण पूरा होने या फ्लैट का possession मिलने के बाद ही ले सकते हैं|
  4. परन्तु, यहाँ पर आप निर्माण से पहले किये गए मूल भुगतान (principal repayment) पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं ले सकते|
  5. अगर आप घर के निर्माण पूरा होने या फ्लैट का possession मिलने के 5 वर्ष की भीतर अपने घर बेच देते हैं, तो आपके टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे| इसका मतलब जो टैक्स बेनिफिट आपने पिछले वर्षों में लिया था, वह आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा और उसी अनुसार आपको टैक्स देना पड़ेगा|
  6. अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो लोन आपको किसी बैंक, सरकार, एलआईसी, नेशनल हाउसिंग बैंक, कॉपरेटिव सोसाइटी इत्यादि से लेना होगा| परिवार या किसी मित्र से लोन लेने पर मूल के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|

स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के लिए टैक्स बेनिफिट (Stamp Duty and Registration Charges)

आयकर की धारा 80C के तहत आप घर खरीदते समय Stamp Duty and Registration Charges के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

पर यह बेनिफिट आप उसी वर्ष ले सकते हैं, जिस वर्ष आपने इन शुल्कों का भुगतान किया है|

ध्यान रखें धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट की सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है|

यहाँ भी 5 वर्ष के भीतर घर बेचने पर आपके टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे|

पढ़ें: सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचाने के 15 आसान तरीके


आयकर की धारा 80EE के तहत पहली बार घर खरीदना वालों के लिए अतिरिक्त बचत (Extra Tax Benefit for first time home buyers under Section 80EE)

अगर आप अपने पहला घर खरीद रहे है, तो आपके पास कुछ अतिरिक्त टैक्स राहत भी है|

अगर आप पहला घर खरीद रहे हैं, तो होम लोन पर ब्याज के  भुगतान के लिए आप 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

यह बेनिफिट आपको धारा 80EE के अंतर्गत मिलता है|

यह बेनिफिट Section 24 के तहत मिलने वाले टैक्स लाभ के अतिरिक्त है|

कुछ शर्तें हैं:

  1. आपका लोन 1 अप्रैल, 2016 और मार्च 31, 2017 के बीच पारित हुआ हो|
  2. लोन राशि 35 लाख से ज्यादा नहीं होनी चहिये|
  3. मकान का मूल्य 50 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए|
  4. यह आपका पहला घर होना चाहिए|
  5. लोन आपने बैंक या किसी वित्तीय संस्थान से लिया हो|

ध्यान दें यह नियम हर वर्ष बदलता रहता है| मेरा मतलैब है की यह छूठ सरकार एक बार में एक वर्ष के लिए ही देती है| यह पक्का नहीं होता की अगले वर्ष भी यह राहत दी जायेगी या नहीं|


मैंने अपनी पत्नी के साथ Joint होम लोन किया है? क्या हम दोनों टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

जी हाँ, आप दोनों ही टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आप और आपकी पत्नी दोनों ही ब्याज के भुगतान के लिए 2-2 लाख का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| कुल मिला कर हुआ 4 लाख रुपये|

मूल के भुगतान (principal repayment) के लिए भी 1.5-1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

बस एक बात का ध्यान रखें| घर दोनों के नाम पर होना चाहिए (co-owner) और लोन में भी दोनों का नाम होना चाहिए (co-borrower)|

और सारे नियम और शर्तें वैसे ही हैं|

पढ़ें: होम लोन लेने से पहले इन 6 बातों का रखें ख्याल


क्या मैं HRA और होम लोन दोनों का टैक्स लाभ ले सकता हूँ?

अगर आप किराए के घर में रहते हैं और होम लोन भी लिया हुआ है, तो आप HRA और होम लोन भुगतान दोनों पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

HRA पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट पर मैंने विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: मकान के किराए पर भी मिल सकते हैं टैक्स बेनिफिट


मैंने दूसरे घर (let out property) के लिए लोन लिया है? क्या टैक्स बेनिफिट अलग है?

मूल राशि के भुगतान (Principal repayment) के लिए तो नियम सामान ही है| आप कितने भी घर ले लें, आप एक वर्ष में सभी लोन के लिए कुल मिला कर 1.5 लाख रुपये तक (Section 80C के तहत) का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

परन्तु ब्याज के भुगतान पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट में थोड़ा अंतर है|

अगर जिस घर पर आपने लोन लिया है और उसे किराए पर उठा रखा है, तब भी कुल मिला कर आप दो लाख रुपये का ही फायदा ले सकते हैं| अंतर इतना है की आप उस मकान के किराए की आय को भी एडजस्ट कर सकते हैं|

तो मान लिए आपकी किराए से कमाई (म्युनिसिपल टैक्स और स्टैण्डर्ड डिडक्शन) के बाद) 1.25 लाख रुपये की हुई, तो कुल मिला कर आप 3.25 लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स बेनिफिट ले पायेंगे|

मैं समझ सकता हूँ की यह विषय थोडा पेचीदा है| इस पोस्ट के अन्दर समझाना भी काफी मुश्किल है| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

पढ़ें: होम लोन लेने से पहले इन 6 बातों का रखें ख्याल

आप इस विषय में विस्तार से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|

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कैसे यूलिप आपके वित्तीय लक्ष्य (financial goal) पूरे करने में मदद कर सकता है?

by दीपेश Leave a Comment

जब निवेश की बारी आती है, तो आपको हमेशा अपने लक्ष्यों पर फोकस सोचना चाहिए|

लक्ष्यों से मेरा मतलब है आपके Financial या Life Goals से|

Financial या life goals क्या होते हैं?

Life goals वह वस्तुएं या अनुभव हैं, जो की आप अपनी ज़िन्दगी में पाना चाहते हैं|

क्योंकि हर किसी को ज़िन्दगी से अलग ख्वाहिश होती है, हम सभी के ज़िन्दगी में अलग-अलग Financial या Life Goal हो सकते हैं| जैसे की आपके और मेरे बिलकुल अलग फाइनेंसियल या life goal हो सकते हैं|

अपने लिए घर खरीदना आपका goal हो सकता है|

बच्चों की पढ़ाई या शादी का लिए धन इकठ्ठा करना एक goal हो सकता है|

अपना व्यापार शुरू करना या पूरी दुनिया का भ्रमण करना भी एक life goal हो सकता है|

अपने रिटायरमेंट के लिए पैसा इकठ्ठा करना भी एक goal है|

और यही नहीं| आपके life goal कुछ भी हो सकते हैं|

अब जब वित्तीय लक्ष्यों की बात कर रहे हैं, तो उसमें राशि का ज़िक्र तो होना ही चाहिए|

जैसे की, आपको घर खरीदना है, अपने आप में पूरी जानकारी नहीं है|

आपको 10 साल बाद घर खरीदना है और उसके लिए आपको 25 लाख रुपये जमा करने हैं| यह अपने आप में एक पूरा और स्मार्ट गोल है| इस जानकारी के साथ आप अपने निवेश को आसानी से प्लान कर सकते हैं|

वित्तीय लक्ष्य (financial या life goal) के अनुसार निवेश करने के क्या फायदे हैं?

क्योंकि आपको अपनी निवेश अवधि और निर्धारित राशि का पता है, आप यह पता लगा सकते हैं की आपको हर महीने कितना निवेश करना होगा|

नियमित समय पर आप देख सकते हैं की आपके निवेश आपकी आशानुसार रिटर्न दे रहे हैं या नहीं| आप अपने गोल की तरफ सही तरह से अग्रसर हैं की नहीं| अगर नहीं है, तो आप अपना निवेश बदल सकते हैं|

आप एक योजना के अनुसार निवेश करते हैं| निवेश में संयम बनाए रखना बहुत ज़रूरी हैं| अगर आपका फोकस आपके गोल्स पर हैं और रिटर्न पर नहीं, तो निवेश संयम (investment discipline) बनाये रखना भी आसान हो जाता है|

आप अपने लक्ष्यों (गोल्स) को छोटी अवधि (short term) और लम्बी अवधि (long term) में बाँट सकते हैं|

छोटी अवधि के लक्ष्यों (short term goals) के लिए आप बैंक फिक्स्ड डिपाजिट या डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर सकते हैं| ऐसा इसीलिए क्योंकि आपका लक्ष्य नज़दीक है और आप ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते|

लम्बी अवधि के लक्ष्यों (long term goals) के लिए  आप ज्यादा रिस्क ले सकते हैं और शेयर बाज़ार में निवेश कर सकते हैं| इसके लिए आप इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड या ULIP (Unit Linked Insurance Plan) के इक्विटी फण्ड में भी निवेश कर सकते हैं|

अगर आप लम्बी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव को नज़रंदाज़ कर सकते हैं| निवेशित रहें|

बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस द्वारा आयोजित इवेंट

कुछ दिन पहले (जनवरी 8, 2018) मैंने Bajaj Allianz Life Insurance द्वारा आयोजित एक इवेंट में हिस्सा लिया| उस इवेंट में गोल बेस्ड प्लानिंग पर काफी जोर दिया गया| लोगों ने अपने अनुभव शेयर किये और बताया की बिना किसी गोल के निवेश करने से उन्हें क्या नुकसान हुआ| साथ ही इस बात पर भी चर्चा करी की किस तरह ULIP लम्बी अवधि के गोल के लिए एक अच्छा निवेश हो सकते हैं|

एक यूलिप (ULIP उया Unit Linked Insurance Plan) किस प्रकार आपके लक्ष्य (life goals) तक पहुँचने ने आपकी मदद कर सकता है?

यूलिप एक लम्बी अवधि के निवेश है| आप यूलिप से पांच वर्ष से पहले पैसा नहीं निकाल सकते|

इससे फायदा यह होता है की आप शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव से प्रभावित नहीं होते| आपको पहले से ही मालूम है की आपने लम्बी अवधि के लिए निवेश किया है|

ऐसी सोच के साथ आप बेफिक्र हो कर अपने life goal के लिए निवेश कर सकते हैं| #investbefikar

इसी वजह से ULIP आपके लम्बी अवधि के लक्ष्यों के लिए (for long term goals) एक अच्छा निवेश माध्यम हो सकते हैं|

आपके पास कई तरह के फण्ड में निवेश करने का विकल्प होता है| आप अपनी इच्छा और ज़रुरत के अनुसार यूलिप के इक्विटी, डेब्ट या हाईब्रिड फण्ड में निवेश कर सकते हैं| साथ ही आपके पास आपके शेयर बाज़ार के द्रष्टिकोण के अनुसार किसी फण्ड में स्विच करने का विकल्प है|

यूलिप (ULIP) में निवेश करने पर आपको टैक्स बेनिफिट मिलते हैं और परिपक्वता के समय (maturity) निकाले हुए पैसे पर कोई टैक्स भी नहीं देना होता|

बहुत लोग यह मानते हैं की यूलिप में चार्जेज (charges) काफी ज्यादा होते हैं और आपके रिटर्न इससे प्रभीवित होते हैं| ध्यान दें यूलिप में आपको लाइफ इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट दोनों का बेनिफिट मिलता है और अब यूलिप में चार्जेज (पिछले दशक) पहले के मुकाबले काफी कम हो गए हैं|

Filed Under: Life Insurance Tagged With: Bajaj Allianz, Life Insurance, Sponsored, ULIP, Unit Linked Insurance Plan

Claim Settlement Ratio for FY2017 (Life Insurance): कौनसी है बेस्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी?

by दीपेश 2 Comments

IRDA ने वित्तीय वर्ष 2017 (FY2016-2017) के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) जारी कर दी है।

उस रिपोर्ट में FY2017 के लिए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (जीवन बीमा कंपनी) के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) के बारे में भी जानकारी है|

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (Claim Settlement Ratio of Life Insurance Company) क्या होता है?

इससे यह पता चलता है की इंश्योरेंस कंपनी से पिछले साले आये हुए दावों (claim) में से कितने क्लेम का भुगतान किया और कितनों को रिजेक्ट कर दिया|

तो मान लिए एक कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो 80% है, तो इसका मतलब यह हुआ की कंपनी ने 80% दावों (क्लेम) का भुगतान किया और 20% क्लेम को रिजेक्ट कर दिया|

जाहिर है, जितना अधिक क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) होगा, उतना ही बेहतर है|

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) दो तरीकों से देखा जा सकता है

  1. संख्या के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Number of Claims)
  2. क्लेम राशि के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Benefit Amount)

आईये उदहारण से समझते हैं|

एक बीमा कंपनी के पास 100 क्लेम आये|

90 क्लेम 5 लाख रुपये के थे और बचे हुए 10 क्लेम 50 लाख रुपये के थे|

अब मान लिए जीवन बीमा कंपनी ने 5 लाख के सारे क्लेम का भुगतान कर दिया|

परन्तु 50 लाख के 10 क्लेम में से केवल 5 क्लेम का ही भुगतान किया|

अब संख्या के अनुसार देखें, तो बीमा कंपनी ने 100 में से 95 क्लेम का भुगतान कर दिया, तो क्लेम संख्या के अनुसार claim settlement ratio) हुआ 95%|

क्लेम राशि के अनुसार बीमा कंपनी पर कुल मिला कर 9.5 करोड़ रुपये के क्लेम आये (90 X 5 लाख + 10 X 50 लाख रुपये), परन्तु बीमा कंपनी ने केवल 7 करोड़ रुपये (90 X 5 लाख + 5 X 50 लाख रुपये) का ही भुगतान किया|

अब अगर क्लेम राशि के अनुसार क्लेम सेटलमेंट रेश्यो देखें, तो हुआ 73.6%

Claim Settlement Ratio by Number of Claims = 95%

Claim Settlement Ratio by Benefit Amount = 73.6%

अब IRDA की रिपोर्ट में यह दोनों ही नंबर होते हैं, तो आप किस नंबर पर ज्यादा ध्यान देंगे|

अगर आप एक नई जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो क्या आप दूसरे नंबर पर विचार नहीं करेंगे?

इस बात में कोई दोराय नहीं की आप चाहेंगे की यह दोनों की नंबर अच्छे हों|

Claim Settlement Ratio of Life Insurance Companies for FY2017 (FY2017 के लिए जीवन बीमा कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो)

आइए साल 2017 के आंकड़ों को देखते हैं। (Source: www.PersonalFinancePlan.in)

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018

 

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018 बेस्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018 बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान

 

वित्त वर्ष 2016-2017 के जीवन बीमा कंपनियों के Claim Settlement Ratio से क्या बात स्पष्ट है?

आप देख सकते हैं की क्लेम राशि के सन्दर्भ में क्लेम सेटलमेंट रेश्यो कम है| Claim Settlement Ratio by Number of Claims is better than Claims Settlement Ratio by Benefit Amount.

अब यह जान कर आपको आश्चर्य नहीं होगा की जो क्लेम सेटलमेंट रेश्यो आप विज्ञापनों में पढ़ते हैं, वह क्लेम सेटलमेंट क्लेम की संख्या के अनुसार होता है| Claim Settlement Ratio by Number of Claims is typically advertised. ऐसा इसलिए क्योंकि यह नंबर बेहतर होता है|

ऐसा प्रतीत होता है कि ज्यादा बीमा राशि वाले काफी क्लेम रिजेक्ट किये गए हैं| हो सकता है की टर्म इंशोयरेंस प्लान के तहत आये क्लेम भी काफी रिजेक्ट हो रहे हों|

स्वीकृत क्लेम (जिन क्लेम का भुगतान लिया गया) की औसत राशि (average size of accepted claim) अस्वीकृत क्लेम (जिन क्लेम को रिजेक्ट कर दिया गया) के मुकाबले कम है।

पर एक बात का ध्यान दे| आप एक बीमा कंपनी से एक बड़े क्लेम में ज्यादा जांच पड़ताल की उम्मीद कर सकते हैं|

साथ ही, अगर कोई पालिसी खरीदते समय कुछ धोखाधड़ी (fraud या कोई ज़रूरी जानकारी छिपाना) का इरादा रखता है, तो ऐसा व्यक्ति बड़ी राशि की पालिसी ही खरीदेगा|

पर जीवन बीमा कंपनी को भी क्लीन चिट न दें| हो सकता है की बीमा कंपनी का रुझान भी बड़े क्लेम के रिजेक्ट करने की तरफ ज्यादा हो|

ध्यान दे यह जानकारी केवल जीवन बीमा कंपनियों की है| इसमें हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम के बारे में कोई जानकारी नहीं है|

बेहतर होता की हमें विभिन्न प्रकार की पालिसी (टर्म इंश्योरेंस प्लान, पारंपरिक जीवन बीमा प्लान और यूलिप)के लिए अलग-अलग क्लेम सेटलमेंट की जानकारी दी गयी होती| पर ऐसा नहीं है|

पढ़ें: कौन से हैं 5 सर्वश्रेष्ठ टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान? 5 Best Term Insurance Plan

इस जानकारी का आप किस तरीके से प्रयोग कर सकते हैं?

अगर आप एक नयी पालिसी लेने जा रहे हैं, तो आप चाहेंगे की उसका क्लेम सेटलमेंट रेश्यो संख्या और क्लेम राशि दोनों के अनुसार अच्छा हो|

अगर दोनों ratio (अनुपातों) में काफी अंतर है, तो आपको थोडा सोचना पड़ेगा|

देखिये किसी एक साल ऐसा होता है, तो चलता है| क्योंकि हो सकता है की कोई बड़े क्लेम वाले fraud केस आ गया हो|

पर अगर हर साल ऐसा होता हैं, तो परेशानी का विषय है|

ऐसी स्तिथि में कुछ तो गलत है| या फिर तो इंश्योरेंस कंपनी बेचते समय कुछ गड़बड़ी करती है, या क्लेम के भुगतान के समय| आपको सतर्क होने की ज़रुरत है|

एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ (HDFC Standard Life) के उदहारण पर एक नजर डाले।

एचडीएफसी स्टैण्डर्ड लाइफ इंश्योरेंस

हर साल काफी अंतर है|  ध्यान दें HDFC Standard Life  इकलौती कंपनी नहीं है की जहाँ अंतर काफी ज्यादा है| और भी कंपनी है|

Insurance Amendment Act, 2015 में आपको कुछ राहत मिल सकती है

यदि आपकी पॉलिसी 3 वर्ष से अधिक पुरानी है तो जीवन बीमा कंपनियां आपके दावे को अस्वीकार (रिजेक्ट) नहीं कर सकती हैं।

इसका मतलब है, एक बार आपकी जीवन बीमा पॉलिसी 3 साल पुरानी हुई, तो बीमा कंपनी किसी भी कारण से आपके क्लेम को रिजेक्ट नहीं कर सकती|

ऐसी स्तिथि में क्लैम सेटलमेंट रेश्यो की अहमियत थोड़ी कम हो जाती है|

हालांकि, अगर आप एक नई टर्म इंश्योरेंस प्लान लेने की योजना बना रहे हैं, तो बेहतर होगा की ऐसी कंपनी के साथ जाएँ जिसके दोनों claim settlement ratio अच्छे हैं| ध्यान दें मृत्यु पालिसी लेने के तीन वर्ष के भीतर भी हो सकती है|

इस विषय में आप विस्तार से इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं|

पढ़ें: अगर आपकी जीवन बीमा पालिसी 3 साल पुरानी है, तो क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा

Source: PersonalFinancePlan.in

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: claim settlement ratio in hindi, IRDA claim settlement life insurance companies, Life Insurance, Life Insurance claim settlement, term life insurance

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