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ICICI Prudential के एंडोमेंट प्लान: ICICI Future Perfect की पूरी जानकारी: निवेश करें या नहीं?

by दीपेश Leave a Comment

ICICI Prudential Future Perfect (आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्यूचर परफेक्ट) एक पारंपरिक जीवन बीमा योजना है। यह एक एंडोमेंट प्लान है|

मेच्योरिटी बेनिफिट के एक हिस्से पर गारंटी होती है| इसका मतलब आपको पता होता है की आपको यह पैसा मिलेगा ही| दूसरा हिस्सा आपको मिलने वाले बोनस पर निर्भर करता है|

आईये जानते हैं आईसीआईसीआई फ्यूचर परफेक्ट के बारे में विस्तार से|

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्यूचर परफेक्ट (ICICI Future Perfect in Hindi)

  1. सीमित प्रीमियम भुगतान योजना (Limited premium payment)
  2. पालिसी अवधि के कई विकल्प होते हैं|
  3. ध्यान दें यह प्लान यूलिप नहीं है|
  4. हर वर्ष कुछ गारंटीड एडिशन और बोनस पालिसी में जुड़ जाता है|
  5. पालिसी मेच्योरिटी के समय या मृत्यु के वर्ष में टर्मिनल बोनस भी मिल सकता है|
आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस प्लान future perfect फ्यूचर परफेक्ट
सौजन्य: प्रोडक्ट ब्रोशर

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल फ्यूचर परफेक्ट: मृत्यु लाभ (ICICI Future Perfect: Death Benefit)

पालिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर वार्षिक प्रीमियम की कम से कम 10 गुना राशि तो मिलेगी ही| 10 गुने से अधिक राशि भी मिल सकती है|

इससे यह सुनिश्चित होता है आपको मेच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होगा| आपको इस प्लान में निवेश कर पर सेक्शन 80C टैक्स बेनिफिट भी मिलेगा|

मृत्यु लाभ =  (Sum Assured, गारंटीड मैच्योरिटी बेनिफिट (Guaranteed Maturity Benefit, GMB)) में से अधिक राशि + अर्जित गारंटीड परिवर्धन (गारंटीड एडिशन, GA)) + Reversionary बोनस + टर्मिनल बोनस (Terminal Bonus)

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्यूचर परफेक्ट: मैच्योरिटी बेनिफिट

परिपक्वता लाभ = गारंटीड मैच्योरिटी बेनिफिट (Guaranteed Maturity Benefit, GMB) + अर्जित गारंटीड परिवर्धन (गारंटीड एडिशन, GA) + Reversionary बोनस + टर्मिनल बोनस (Terminal Bonus)

गारंटीड परिपक्वता लाभ (GMB) आपको पालिसी खरीदते समय ही पता होता है। यह आपकी आयु, पॉलिसी अवधि, प्रीमियम भुगतान अवधि और लिंग पर निर्भर करता है। ध्य्रान दें GMB Sum Assured से कम भी हो सकता है। GMB वार्षिक प्रीमियम और प्रीमियम भुगतान अवधि के साथ बढ़ता है और आयु के साथ घटता है। 

गारंटीकृत परिवर्धन (GA) हर वर्ष आपकी पालिसी में जुड़ता रहता है। आपको पालिसी लेते समय पता होता है की हर वर्ष आपको पालिसी में कितना GA मिलेगा| GA की दर आपको पहले से ही पता होती है| यह दर आपके वार्षिक प्रीमियम पर लागू होती है| प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT) के दौरान, GA प्रीमियम भुगतान पर मिलेगा। प्रीमियम भुगतान अवधि समाप्त होने के बाद, GA पॉलिसी वर्ष की शुरुआत में मिलेगा।

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस प्लान future perfect फ्यूचर परफेक्ट बेस्ट इन्शुरन्स प्लान
सौजन्य: प्रोडक्ट ब्रोशर

Reversionary बोनस की घोषणा हर वर्ष होती है परन्तु यह राशि मिलती आपको पालिसी मेच्योरिटी के समय ही है| यह बोनस केवल पालिसी में जुड़ता रहता है। ध्यान दें इस बोनस की कोई गारंटी नहीं होती|  इस पालिसी में आपको compound बोनस मिलता है। इसका मतलब यह है की , आपको बोनस (GMB + अभी तक मिले सभी पुराने बोनस) के ऊपर मिलता है|

टर्मिनल बोनस की घोषणा मेच्योरिटी (maturity) या निधन (death) के वर्ष में लागू होती है। क्योंकि यह एक नया प्लान है, इसलिए अभी तक (FY2019 तक) इस प्लान में टर्मिनल बोनस की घोषणा नहीं हुई है। ध्यान दें टर्मिनल बोनस आपके लिए केवल एक बार ही लागू होगा| इसलिए काफी कुछ आपकी किस्मत पर भी निर्भर करता है| जिस वर्ष में पालिसी मेच्योर होती है (या धारक का देहांत होता है), उस वर्ष का घोषित बोनस ही आपको मिलेगा| दूसरे वर्षों में टर्मिनल बोनस का आपके ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा|

रिटर्न कितना मिलेगा?

यह एक एंडोमेंट प्लान है, इसलिए अच्छे रिटर्न की उम्मीद न करें|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

एक 30 वर्षीय पुरुष 50,000 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम का विकल्प चुनता है|प्रीमियम भुगतान अवधि 20 वर्ष है और पॉलिसी अवधि 30 वर्ष है। 

Sum Assured 5 लाख रुपये होगा। 

GST के बाद पहले वर्ष का प्रीमियम 52,251 रुपये होगा और बाद के वर्षों का प्रीमियम 51,126 रुपये होगा।

ICICI की वेबसाइट के अनुसार GMB 8.72 लाख रुपये होगा। GA 2.27 लाख रुपये होगा।इसलिए आपके मेच्योरिटी के समय कम से कम 10.99 लाख रुपये (GMB + GA) की राशि तो मिलेगी ही। 

इसके अलावा, परिपक्वता लाभ (maturity benefit) के दो हिस्से और भी हैं| Reversionary बोनस और टर्मिनल बोनस।

प्रत्यावर्ती बोनस (Reversionary bonus) के अनुमान के लिए हम पुराने घोषित बोनस को देख सकते हैं| ICICI ने 2017 में 2% और 2018 और 2019 में 2.25% के बोनस की घोषणा करी थी। मानते हैं की पूरे पालिसी अवधि के अनुसार 2.25% का बोनस मिलेगा।

आखिरी हिस्सा टर्मिनल बोनस है। अभी तक इस पालिसी में टर्मिनल बोनस की घोषणा नहीं हुई है| इसलिए अंदाजा लगाना मुश्किल होगा| परन्तु ध्यान रखें टर्मिनल बोनस काफी हद तक आपकी किस्मत पर भी निर्भर करेगा| ऊपर दिए गए उदहारण में आईसीआईसीआई की वेबसाइट पर 13.12 लाख रुपये का टर्मिनल बोनस दिखाया गया| मान कर चलें की इससे अधिक तो टर्मिनल बोनस मिल ही नहीं सकता|

मैंने टर्मिनल बोनस की 3 वैल्यू दिखा कर रिटर्न की तुलना करी है|

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस प्लान future perfect फ्यूचर परफेक्ट बेस्ट इन्शुरन्स प्लान ICICI Prudential Future Perfect
ICICI Prudential Future Perfect

आप देख सकते हैं की टर्मिनल बोनस की ऊंची संख्या के बाद भी रिटर्न 5.53% है| अगर अच्चा टर्मिनल बोनस नहीं मिलता है, तो रिटर्न 3-4% के बीच भी रह सकता है|

मेरे अनुसार 5.53% का रिटर्न एक लम्बी अवधि के निवेश के लिए पर्याप्त नहीं है|

आप पीपीएफ और टर्म लाइफ इंश्योरेंस को मिलकर अधिक जीवन बीमा भी पा सकते हैं और बेहतर रिटर्न भी|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

इस प्लान के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं|

ICICI Prudential Future Perfect page on ICICI Pru website

ICICI Prudential Future Perfect Policy Wordings

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इन्शुरन्स, बेस्ट लाइफ इंश्योरेंस प्लान

1 मई 2019 से स्टेट बैंक (SBI) में बचत खाते की ब्याज दर के नए नियम

by दीपेश Leave a Comment

1 मई 2019 स्टेट बैंक (SBI) के बचत खाते की ब्याज दर में बदलाव हो रहा है| अभी तक आपको बचत खाते (savings bank account) के बैलेंस पर 3.5% p.a. की ब्याज दर मिलती थी|

1 मई, 2019 से थोड़ा बदलाव आएगा|

स्टेट बैंक बचत खाते की नयी ब्याज दर क्या होगी?

अगर आपके खाते में 1 लाख रुपये तक है: आपको 3.5% की ब्याज दर मिलेगी

अगर आपके खाते में 1 लाख रुपये से अधिक है: आपको रेपो रेट (Repo rate) – 2.75% होगी

रेपो रेट क्या होता है?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) बैंकों को लोन देता है| रिज़र्व बैंक यह ब्याज दर समय-समय पर बदलता रहता है|

आज की तारीख (अप्रैल 29, 2019) में यह ब्याज दर 6.0% p.a. है|

ऐसे में आपको बचत खाते में ब्याज दर मिलेगी 3.25% (6.0%-2.75%)|

इस बातों का ध्यान रखें

  1. यह नियम केवल स्टेट बैंक के बचत खातों के लिए हैं| अगर आपका बचत खाते किसी और बैंक में है, तब आप पर इस नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा|
  2. साथ ही आपके बचत खाते में 1 लाख रुपये आर कम है, तब भी आपके ऊपर इस नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा|
  3. अगर आपको यह ब्याज दर कम लगती है, तो किसी ऐसे बैंक में खाता खोलें, जहां आपको बेहतर ब्याज दर मिलती हो|
  4. या फिर आप पैसा बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट में रख सकते हैं, जहां आपको अधिक ब्याज दर मिलती है|
  5. या आप लिक्विड म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा रख सकते हैं
  6. अगर आपके खाते में 1.25 लाख रुपये हैं, तब आपको पहले 1 लाख रुपये पर 3.5% प्रतिशत का ब्याज मिलेगा| बचे हुए 25,000 रपये पर आपको 3.25% (6.0%-2.75%) की ब्याज दर मिलेगी|
  7. अगर आप स्टेट बैंक के कर्मचारी हैं, तब आपको 1% की अतिरिक्त ब्याज दर मिलेगी|
  8. पहले की ही तरह बैंक हर तिमाही (quarterly) आपके खाते में ब्याज चढ़ाएगा|
  9. जब जब रेपो रेट में बदलाव होगा,  आपके बचत खाते की ब्याज दर में भी परवर्तन होगा|

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एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन: ऐसा लोन जहां आपको EMI नहीं देनी होती

by दीपेश Leave a Comment

ज्यादा खुश होने की ज़रुरत नहीं है|

लोन का भुगतान तो यहाँ भी करना पड़ता है| बस आपको EMI नहीं देनी होती|

EMI का मतलब है Equated Monthly Installment, इसका मतलब आपको हर महीने एक ही राशि का भुगतान करना होता है| आपकी EMI का कुछ हिस्सा ब्याज के भुगतान की ओर जाता है| बची हुई राशि से मूल राशी (principal) का भुगतान होता है| और यह प्रक्रिया पूरी लोन अवधि के दौरान चालू रहती है|

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में क्या अलग है?

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में EMI नहीं होती| हर महीने अलग राशि का भुगतान करना होता है|

इस लोन में हर महीने एक समान मूल राशि का भुगतान होता है| इसके साथ हर महीने ब्याज भी देना होता है| ब्याज तो बकाया मूल राशि पर निर्भर करता है| अब क्योंकि हर महीने मूल राशि बदलती रहेगी, ब्याज राशि भी बदलती रहेगी|

आईये एक उदहारण की सहायता से एक आम होम लोन और एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में अंतर समझते हैं|

मान लिए आप 50 लाख रुपये का लोन लेते हैं| लोन अवधि 20 वर्ष है और होम लोन इंटरेस्ट रेट 9% p.a. है|

एक आम होम लोन (Regular Home loan)

आपकी EMI 44,986 रुपये होगी| आप देख सकते है की आपको हर महीने इसी राशि का भुगतान करना है|

शुरुआत में EMI का अधिकांश हिस्सा ब्याज के भुगतान की ओर जाता है| लोन की समाप्ति की तरफ पैसा अधिकाँश पैसा मूल के भुगतान की ओर जाता है|

EMI कैलकुलेट कैसे होती है, इस बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

Axis Bank QuikPay home loan in hindi
एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन
Axis बैंक होम लोन

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में क्या होता है?

आप नीचे देख सकते हैं की हर महीने एक ही मूल राशि का भुगतान होता है| 50 लाख का लोन है 20 वर्ष के लिए| 50 लाख/240 महीने = 20,833 रुपये

हर महीने ब्याज का राशि अलग होती है|

इसी वजह से आपको हर महीने लोन भुगतान के लिए अलग राशि देनी होती है|

पहले महीने 58,333 रुपये देने होंगे| दूसरे महीने 58,177 रुपये देने होंगे| हर महीने आपकी भुगतान की राशि कम होती जायेगी|

Axis Bank QuikPay home loan in hindi
एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन
Axis bank home loan
एक्सिस बैंक होम लोन

एक्सिस QuikPay होम लोन का क्या फायदा है?

ऊपर वाले उदहारण में आम होम लोन में भुगतान के लिए आपको 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा| 50 करोड़ का मूल भुगतान (principal repayment) और 58 लाख का ब्याज का भुगतान|

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में कुल मिला कर 95.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा| 50 लाख का मूल भुगतान और 45.18 लाख रुपये का ब्याज का भुगतान|

आपकी बचत हुई 12.8 लाख रुपये की|

ऐसा क्यों हुआ?

इसकी वजह यह है की एक्सिस बैंक होम लोन में मूल राशि का भुगतान तेज़ी से हो रहा है|

अगर आप एक आम होम लोन में देखें, तो लोन की शुरुआत में EMI का अधिकतर हिस्सा ब्याज के भुगतान की ओर जा रहा है| पहले वर्ष में केवल 93,636 रूपए की मूल राशि भुगतान हुआ|

यहीं एक्सिस QuikPay लोन में 2.5 लाख रुपये की मूल राशि का भुगतान हुआ|

क्योंकि principal राशि तेज़ी से कम हो रही है, ब्याज अपने आप कम हो जाता है|

क्या आपको एक्सिस QuikPay होम लोन लेना चाहिए?

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन एक अच्छा उत्पाद है| परन्तु एक परेशानी है|

इस लोन की ब्याज दर 0.15% से 0.20% प्रतिशत से अधिक है|

मेरे अनुसार इस लोन के लिए अधिक ब्याज दर देने की ज़रुरत नहीं है|

इसकी दो वजह है|

  1. एक्सिस QuikPay होम लोन में ब्याज का बचत इसलिए होती है क्योंकि मूल राशि तेज़ी से कम होती है| आप ऐसा अपने आप भी कर सकते हैं| आप जब चाहें होम लोन में थोड़ा पूर्व भुगतान कर सकते हैं|
  2. आप चाहें तो अपने साधारण होम लोन में भी नियमित तौर पर मूल राशि का भुगतान करके अपने ब्याज का भार को कम कर सकते हैं| आपको बस हर महीने थोड़ा पूर्व भुगतान करना होगा| समझना थोड़ा मुश्किल है, परन्तु नीचे दी गयी टेबल में यह बताने की कोशिश करी है|
Axis Bank QuikPay home loan in hindi
एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन

जब तक एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन में ब्याज की दर एक साधारण लोन के समान हैं कर देता, तब तक आपको यह लोन लेने की ज़रुरत नहीं है|

एक्सिस बैंक QuikPay होम लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए एक्सिस बैंक की वेबसाइट पर जाएँ|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

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लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का लेटेस्ट क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (2019)

Last updated: अप्रैल 18, 2019 | by दीपेश Leave a Comment

आप लाइफ इंश्योरेंस पालिसी खरीदने से पहले यह ज़रूर देखना चाहेंगे की जीवन बीमा कंपनी ने कितने क्लेम का भुगतान करती है| यह जानकारी पाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है की आप बीमा कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) को देखें|

जिस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो जयादा है, वह कंपनी बेहतर है|

कुछ समय पहले एक पोस्ट में मैंने FY2017 के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) पर चर्चा करी थी| आज मैं FY2018 में जीवन बीमा कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो के बारे में चर्चा करूंगा| ध्यान दें, हालांकि अभी 2019 (FY2020) चल रहा है, परन्तु यह जानकारी लेटेस्ट है|

जैसा की उस पोस्ट में लिखा था, क्लेम सेटलमेंट रेश्यो को दो तरीकों से देख जा सकता है|

  1. संख्या के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Number of Claims)
  2. क्लेम राशि के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Benefit Amount)

आईये उदहारण से समझते हैं|

एक बीमा कंपनी के पास 100 क्लेम आये| 90 क्लेम 5 लाख रुपये के थे और बचे हुए 10 क्लेम 1 करोड़ रुपये के थे|

जीवन बीमा कंपनी ने 5 लाख के सारे क्लेम का भुगतान कर दिया| परन्तु 50 लाख के 10 क्लेम में से केवल 5 क्लेम का ही भुगतान किया|

बीमा कंपनी ने 100 में से 95 क्लेम का भुगतान कर दिया| इसलिए क्लेम संख्या के अनुसार claim settlement ratio) हुआ 95%|

क्लेम राशि के अनुसार बीमा कंपनी पर कुल मिला कर 14.5 करोड़ रुपये के क्लेम आये (90 X 5 लाख + 10 X 1 करोड़ रुपये), परन्तु बीमा कंपनी ने केवल 9.5 करोड़ रुपये (90 X 5 लाख + 5 X 1 करोड़ रुपये) का ही भुगतान किया|

अब अगर क्लेम राशि के अनुसार क्लेम सेटलमेंट रेश्यो देखें, तो हुआ 65.5%|

Claim Settlement Ratio by Number of Claims = 95%

Claim Settlement Ratio by Benefit Amount = 65.5%

अगर आप टर्म इंश्योरेंस प्लान लेने जा रहे हैं, तो आप किस क्लेम सेटलमेंट ratio पर ज्यादा ध्यान देंगे| अगर आप एक नयी जीवन बीमा पालिसी लेने जा रहे हैं, तो आप चाहेंगे की आपकी बीमा कंपनी दोनों ही मापदंडों पर अच्छी हो|

साथ ही आप यह भी देखना चाहेंगे की पारित होने वाले क्लेम या रिजेक्ट होने वाले क्लेम की औसत राशि क्या है|

Claim Settlement Ratio of Life Insurance Companies for FY2018 (FY2018 में जीवन बीमा कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो)

life insurance company claim settlement ratio 2019
लाइफ इंश्योरेंस कंपनी क्लेम सेटलमेंट रेश्यो
लाइफ इंश्योरेंस कंपनी क्लेम सेटलमेंट FY2018

आप देख सकते हैं की पास हुए क्लेम की औसत राशि रिजेक्ट हुए क्लेम की औसत राशि से काफी कम है| इसका मतलब यह है की बीमा कंपनी बड़े क्लेम की गहराई से जांच करती है| सही बात भी है| अगर आपने पालिसी लेते समय कुछ छुपाया है, तब उस बात के सामने आने की संभावना बढ़ जाती है|

अगर आप पहले ही बीमा पालिसी खरीद चुके हैं और आपकी कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो कम है,  तब आपको परेशान होने की ज़रुरत नहीं है| अगर आपने पालिसी लेते समय कुछ छुपाया नहीं है, तो बीमा कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट नहीं कर पाएगी|

वैसे भी, अगर आपकी जीवन बीमा पालिसी 3 वर्ष से पुरानी है, तब इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती| जीवन बीमा खरीदते समय इंशोयरेंस कम्पनी को सब कुछ सही-सही बताएं| अपने स्वास्थ्य के बारे में पूरी और सही जानकारी दें| ऐसा करने पर आपके क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना बहुत कम रहेगी|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

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आप कैसे अपना होम लोन जल्दी खत्म कर सकते हैं?

by दीपेश Leave a Comment

अधिकाँश लोगों को मकान खरीदने के लिए लोन लेना पड़ता है| परन्तु कोई भी अपने सर पर लोन रखना नहीं चाहते| इसलिए लोग घर खरीदने के लिए लोन तो लेते हैं, परन्तु उसे जल्दी से जल्दी निपटाने की कोशिश करते हैं|

अब, लोन जल्दी निपटाने का एक ही तरीका है: आप लोन का पूर्व भुगतान (pre-payment) करें| कोई दूसरा तरीका नहीं है|

यहाँ पर समस्या यह है की सभी के पास पूर्व भुगतान के लिए एक मुश्त राशि नहीं होती| ऐसे में क्या आप क्या करेंगे? क्या आपको पूरे 20 से 25 वर्ष तक का लोन का भुगतान करते रहना होगा?

आपको निराश होने की ज़रुरत नहीं है|

आप नियमित तौर पर छोटे-छोटे पूर्व भुगतान करके भी अपना होम लोन जल्दी चुका सकते हैं|

आईये कुछ उदाहरण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए आपने 25 लाख रुपये का होम लोन लिया है| लोन की अवधि 20 वर्ष (240 महीने) है| ब्याज दर 9% है| आपकी EMI 22,493 रुपये होगी|

पढ़ें: होम लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है?

#1 आप हर महीने 10% अधिक भुगतान करते हैं|

इक मतलब 22,493 रुपये की बजाय 22,493 + 2,249 = 24,742 रुपये का भुगतान करते हैं|

ऐसा करने पर आपका लोन 190 महीने (15 वर्ष 10 महीने) में खत्म हो जाएगा|

आप 50 EMI बचा पायेंगे|

अगर देखें, तो आपने 19 EMI (10% X 190) अतिरिक्त दी और आपने 50 किश्तें बचा लीं|

ध्यान दें ऐसा ज़रूरी नहीं है की आप हर महीने अतिरिक्त भुगतान करें| आप हर महीने कुछ पैसा जोड़ सकते हैं और समय-समय (3, 6 या 12 महीने) पर भी कुछ अतिरिक्त भुगतान कर सकते हैं| इससे भी आपकी EMI की संख्या पर काफी फर्क पड़ेगा|

#2 आप हर महीने 20% अधिक भुगतान करते हैं|

आपका लोन 240 महीने की बजाय 159 महीने में पूरा हो जाएगा| आप 81 किश्तें बचा पायेंगे|

आपने 32 किश्तें (20%*159) अतिरिक्त दी, और आप 81 किश्तें बचा पाए|

#3 आप हर वर्ष एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करते हैं

आप हर महीने EMI की देते हैं| बस वर्ष के अंत में एक EMI अतिरिक्त देते हैं|

एक वर्ष में 12 की बजाय 13 ईएमआई|

ऐसा करने पर आपका लोन 199 महीने में खत्म हो जाएगा| आपने 16 अतिरिक्त किश्तें दी, और आप 41 ईएमआई बचा पायेंगे|

#4 आप हर वर्ष 2 अतिरिक्त EMI का भुगतान करते हैं

ऐसा करने पर आपका लोन 170 महीने (14 वर्ष 2 महीने) में पूरा हो जाएगा|

आपने 28 EMI का भुगतान किया और आपने 70 ईएमआई बचा ली|

मैंने बस कुछ ही उदहारण दिए हैं| आप किसी और तरीके का प्रयोग भी कर सकते हैं| मैं बस आपको यह दिखाना चाहता हूँ की आपको पूर्व भुगतान करने के लिए किसी बड़ी राशि की ज़रुरत नहीं है| अगर छोटी राशि से भी नियमित तौर पर भुगतान करेंगे, तब भी आप लोन बहुत जल्दी चुका सकते हैं| आखिर, बूँद-बूँद सागर बनता है|

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बच्चों की पढाई के लिए कैसे निवेश करें?

Last updated: अप्रैल 1, 2019 | by दीपेश Leave a Comment

अपने बच्चों की पढाई में कोई समझौता नहीं करना चाहता| हर कोई अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करना चाहता है| आजकल कम्पटीशन बहुत ज्यादा है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है की आपके बच्चों को मनपसंद कोर्स या कॉलेज में एडमिशन मिलेगा या नहीं| उसके लिए आपके बच्चों को मेहनत करनी पड़ेगी|

आपको यह सुनिश्चित करना है की उनको पैसे की कमी की वजह से कोई समझौता न करना पड़े| आपको उनकी पढाई के लिए पर्याप्त धन जमा करना होगा|

इस पोस्ट में जानते हैं की आप यह कैसे कर सकते हैं|

ध्यान दें स्कूल की फीस आपकी मासिक आय में से आनी चाहिए| इसका मतलब अपने बच्चे को ऐसे स्कूल में भेजें जिसकी फीस का भार आप उठा सकें| मैं उस पढाई के खर्चे की बात कर रहा हूँ जो की बारहवीं कक्षा(12th class) के बाद आएगा या ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद आएगा| ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन (स्नातक या स्नातकोतर) की पढाई का खर्चा|

आपको बच्चों की पढाई के लिए कितने पैसे की ज़रुरत पड़ेगी?

सबसे पहला सवाल यही है| कितना पैसा जमा करना है?

इस बात का जवाब देना मुश्किल है|

क्यों?

सबसे पहले, आपको अभी से पता नहीं है की आपक बच्चा क्या पढ़ेगा| एक 6 वर्षीय बालक से इस बात की उम्मीद करना भी बेवकूफी है| हर तरह की पढाई का अलग खर्चा होता है| मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, टीचिंग इत्यादि: हर तरह की पढाई का अलग खर्चा होता है|

साथ ही पढाई का खर्चा समय के साथ बढ़ता भी रहता है| अभी शायद इंजीनियरिंग की पढाई का खर्चा 4 लाख रुपये हो, परन्तु 10 वर्ष के बाद 8 से 10 लाख भी हो सकता है| हर इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस भी अलग हो सकती है|

जब इतनी जटिलताएं हैं, तो कैसे प्लान करें?

सबसे पहली बात, हालांकि आपको यह पक्के से नहीं पता की राशि के लक्ष्य क्या होना चाहिए, परन्तु इसका मतलब यह नहीं है की आप कुछ भी प्लानिंग न करें| आप निवेश करना शुरू करें| बादमें जब आपके पास स्पष्टता होगी, तब आप एडजस्ट कर सकते हैं|

साथ ही आपको यह तो पता है की पैसे चाहियें कब| अगर बेटी 6 की आयु 6 वर्ष है, तब आपको पता है की आपको ग्रेजुएशन की पढाई के लिए 12 वर्ष के बाद पैसा चाहिए होगा| आपको पैसा एक वर्ष में नहीं लगेगा, 3-4 वर्ष की दौरान आपको पैसा खर्च करना होगा|

कितनी राशि का लक्ष्य होना चाहिए?

एक अनुमान के साथ शुरू करें|

अगर आपको लगता है या आप चाहते हैं की बच्चा किसी प्रकार की पढाई करे, तो उस पढाई के खर्चे का अंदाजा लगायें|

मान लिए मेडिकल की पढाई का खर्चा 8 लाख रुपये है| आज की तारीख में अगर आपको बच्चे को मेडिकल पढ़ाना है, तो 8 लाख रुपये लगेंगे| परन्तु आपको पढ़ाना 15 वर्ष बाद है|

इन्फ्लेशन (मुद्रास्फीति) भी लगा लें| मान लिए 6% से 8% का inflation रहेगा|

15 वर्ष बाद: 8 लाख X (1.08)^15 = 25.37 लाख रुपये चाहिए होंगे|

देखिये यह राशि निकालने के लिए अनुमान लगायें है| हो सकता है की यह अनुमान गलत निकलें| परन्तु प्लानिंग तो करनी ही पड़ेगी|

आपको निवेश कितना करना होगा?

आपको लक्ष्य पता है, यह भी पता है की पैसा कब चाहिए| परन्तु इसके लिए कहाँ और कितना निवेश करें|

पहले देखते हैं कितना निवेश करना होगा?

क्योंकि सैलरी हर महीने मिलती है, तो आप भी चाहेंगे की निवेश भी हर महीने करा जाए|

मान लिए आपको अपनी बेटी की पढाई के लिए 15 वर्ष बाद 12 लाख रुपये चाहिए|

अब आपको रिटर्न का अनुमान लगाना होगा| यह भी कोई आसान काम नहीं है|

मान लिए आपको आपके निवेश पर 10% प्रति वर्ष का रिटर्न मिलता है, तब आपको हर महीने 3,011 रुपये का निवेश करना होगा|

12 लाख का लक्ष्य, 15 वर्ष या 120 महीने, 10% p.a. का रिटर्न: आपको हर महीने तकरीबन 3,000 रुपये का निवेश करना होगा|

अगर आपको आपके निवेश पर 8% प्रति वर्ष का रिटर्न मिलता है, तब आपको हर महीने 3,554 रुपये का निवेश करना होगा|

आप देख सकते हैं, जैसे जैसे रिटर्न कम होगा, मासिक निवेश की राशि बढ़ती जायेगी|

साथ ही आपके पास जितना ज्यादा समय है, आपको उतना कम मासिक निवेश करना होगा|मान लिए आपको 12 लाख रुपये 15 की बजाय 18 वर्ष में जमा करने होते, तब आपको हर महीने 3,000 रुपये की बजाय केवल 2,100 रुपये का निवेश करना होता|

जितनी जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे, उतना ही बेहतर रहेगा|

यह कैलकुलेशन करने के लिए आप किसी ऑनलाइन कैलकुलेटर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं|

आप इस कैलकुलेटर पर भी बच्चों की पढाई के लिए राशि और मासिक निवेशक अनुमान लगा सकते हैं| Download Children Education Calculator (Hindi)

बच्चों की पढाई के लिए कहाँ निवेश कर सकते हैं?

आपके पास निवेश करने के कई विकल्प हैं| आईये कुछ विकल्पों पर चर्चा करते हैं|

#1 फिक्स्ड डिपाजिट या रेकरिंग डिपाजिट (Fixed Deposit or Recurring Deposit):

आप हर महीने कुछ पैसा जमा कर सकते हैं| आपको ब्याज मिलता रहेगा और आपका पैसा धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा| ध्यान रखें cumulative फिक्स्ड डिपाजिट में ही निवेश करें| ऐसी FD में ब्याज आपके बचत खाते में नहीं आता और FD में ही जुड़ता रहता है|

फायदा: इस समझना आसान है| कोई रिस्क या जोखिम भी नहीं है|

नुकसान: रिटर्न बहुत अच्छा नहीं मिलेगा| ब्याज पर टैक्स भी देना होगा|

#2 पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (Public Provident Fund)

आप अपने बच्चों के लिए PPF खाता भी खोल सकते हैं| खाता 15 वर्ष बाद मेच्योर होगा|

फायदा: ब्याज दर अच्छी मिलती है| रिटर्न की गारंटी होती है| कोई रिस्क नहीं रहता| ब्याज पर टैक्स नहीं लगता|

नुकसान: खाता 15 वर्ष बाद मेच्योर होगा| मान लिए आपने 10 वर्ष की बेटी के लिए खाता खोला, अब यह खाता उसके 25 वर्ष की आयु के होने के बाद मेच्योर होगा| परन्तु आपको पैसे की आवश्यकता 18 वर्ष की आयु पर थी| यहाँ समस्या हो सकती है| ऐसे में आप अपने PPF खाते में निवेश कर सकते हैं|

बच्चों के नाम पर PPF खाते खोलने के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#3 सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)

सुकन्या योजना में केवल आप अपनी बेटियों के लिए निवेश कर सकते हैं| बेटों के लिए सुकन्या खाता नहीं खोल जा सकता|

फायदा: ब्याज दर अच्छी मिलती है| PPF से भी अधिक ब्याज दर मिलती है| रिटर्न की गारंटी होती है| कोई रिस्क नहीं रहता| ब्याज पर टैक्स नहीं लगता|

नुकसान: खाता खोलने के 21 वर्ष बाद मेच्योर होगा| अगर खाता खोलते समय बेटी की आयु 5 वर्ष है, तो उसकी 26 वर्ष की आयु पर खाता मेच्योर होगा| पढाई के लिए आपको राशि की ज़रुरत पहले भी पड़ सकती है|

सुकन्या योजना में एक विकल्प यह है की आप बेटी की 18 वर्ष की आयु के बाद 50% तक पैसा निकाल सकते हैं| आप इस विकल्प को ध्यान में रखते हुए निवेश कर सकते हैं|

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#4 इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड (Mutual Fund)

यह भी एक अच्छा विकल्प है परन्तु जोखिम रहता है|

फायदा: बहुत रिटर्न अच्छे मिलने की संभावना रहती है| परन्तु लम्बी अवधि के लिए ही निवेश करें आप सिप (SIP) के माध्यम से हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश कर सकते हैं|

नुकसान: रिस्क रहता है| आपको नुकसान भी हो सकता है| अगर आप शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव को नहीं झेल सकते, तब इसमें निवेश न करें| आप किसी एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते हैं|

अगर बच्चों की पढाई के लिए इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे हैं, तो अंत तक इसमें पैसा न रखें| जैसे-जैसे पढाई का समय पास आता जाए, आप कुछ पैसा निकाल कर फिक्स्ड डिपाजिट या डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में जमा कर सकते हैं|

म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#5 यूलिप (ULIP)

आप इंश्योरेंस कंपनी से यूलिप प्लान भी खरीद सकते हैं| बस परेशानी यह है की यूलिप अनेक प्रकार के आते हैं| आपके जानकारी के अभाव में कोई गलत यूलिप में निवेश न कर दें| निवेश करने से पहले एक अच्छे फाइनेंसियल एडवाइजर से परामर्श ज़रूर करें| इस पोस्ट में मैंने यूलिप के बारे में जानकारी दी हुई है|

#6 अन्य जीवन बीमा प्लान

जीवन बीमा कंपनी यूलिप के अलावा भी प्लान निकालती हैं| ऐसे प्लान के रिटर्न शेयर बाज़ार पर निर्भर नहीं करते| मुझे ऐसे प्लान पसंद नहीं हैं क्योंकि रिटर्न काफी कम मिलता है| इस तरह के प्लान का उदहारण है एलआईसी जीवन तरुण| मैं आपको ऐसे प्लान में निवेश करने सुझाव नहीं दूंगा| बाकी आपकी मर्ज़ी|

ध्यान दें: जब आप कैलकुलेटर भर रहे हो, तो एक बात का ध्यान रखें| रिटर्न का नंबर आपके निवेश पर निर्भर करता है| जैसे की अगर आप PPF में निवेश करेंगे और रिटर्न 12% भरेंगे, तो वह सही नहीं है|

एक बात और, आप बच्चों की पढाई के लिए तभी तक निवेश कर सकते हैं जब तक की आप जीवित है| इसलिए आपको सुनिश्चित करना होगा की आपके बाद भी आपके बच्चों की पढाई के लिए निवेश जारी रहे| ऐसा करने के लिए सबसे अच्चा तरीका है एक जीवन बीमा प्लान लेना| मेरे अनुसार टर्म इंश्योरेंस प्लान जीवन बीमा खरीदने का सबसे अच्छा तरीका है|

पढ़ें: आपको कितना जीवन बीमा लेना चाहिए?

आप अपने बच्चों की पढाई के लिए कहाँ निवेश करते हैं?

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance, Mutual Funds, PPF Tagged With: PPF, एलआईसी जीवन तरुण, बच्चों की पढाई, बैंक फिक्स्ड डिपाजिट

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