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आयुष्मान भारत योजना की पूरी जानकारी, पाएँ 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मुफ्त में

Last updated: सितम्बर 22, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

हमारे देश में बीमारी के इलाज़ का खर्चा पूरे परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय होता है| साथ ही, चिकित्सा का खर्चा भी बढ़ता जा रहा है|

अनेक मामलों में इलाज के लिए लोगों को उधार लेना पड़ता है या अपनी संपत्ति गिरवी रखनी पड़ी है| पूरे परिवार को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है| अगर परिवार गरीब है, पैसे के अभाव की वजह से कई बार सही इलाज़ भी नहीं करा पाते|

इसी परेशानी पर विचार करते हुए भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना (Ayushmaan Bharat-National Health Protection Mission या प्रधान मंत्री जन आरोग्य अभियान PMJAA) शुरू करी है|

आयुष्मान भारत स्कीम के तहत 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति वर्ष का हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान किया जाएगा (Health Insurance of Rs 5 lacs per family per year)| तकरीबन 50 करोड़ भारतीयों को इस योजना से लाभ होगा|

आपको यह इंश्योरेंस सेवा/सुविधा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जा रही है|

परिवारों के चयन Socio-Economic Caste Consensus 2011 के अनुसार किया गया है| यह योजना 25 सितम्बर, 2018 को शुरू करी जायेगी|

भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना (संषिप्त में)

  • दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम
  • 10.74 करोड़ गरीब और ज़रुरतमंद परिवारों को मिलेगा लाभ
  • 50 करोड़ भारतीयों को सीधा फायदा
  • निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलेगा केशलेस इलाज़ 
  • हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज़ संभव
  • कुछ भी प्रीमियम नहीं देना होगा
  • पूरे देश में कहीं भी करा सकेंगे इलाज़
  • परिवार में सदस्यों पर कोई सीमा नहीं, पूरे परिवार को मिलेगा फायदा
  • आवेदन करने की ज़रुरत नहीं, अगर पात्र हैं , तो अपने आप नाम लिस्ट में आ जाएगा
  • सितम्बर 25, 2018 से होगी चालू

आयुष्मान भारत योजना क्या है? आयुषमान भारत योजना के क्या फायदे हैं? (Benefits of Ayushman Bharat Yojana)

  1. आपके परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवर (स्वास्थ्य बीमा) मिलेगा| आपके परिवार के सभी लोग शामिल होंगे|
  2. इस बीमा के तहत आपको अस्पताल में दाखिला लेने पर (hospitalization) आपके इलाज़ का खर्चा इंश्योरेंस प्लान उठाएगा| आपको अपनी जेब से कुछ भी नहीं देना होगा|
  3. दवाईयों, डॉक्टर से परामर्श (consultation), डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जरी इत्यादि, किसी का भी खर्चा आपको नहीं देना होगा| यह सारे खर्चे इंश्योरेंस प्लान के तहत कवर हैं|
  4. यह पालिसी पूरी तरह कैशलेस (Cashless) है| आपको अपनी जेब से एक भी पैसा देनी की ज़रुरत नहीं है|
  5. आपको प्रीमियम भुगतान करने की ज़रुरत नहीं है| आपके लिए यह सुविधा बिलकुल मुफ्त है|
  6. योजना की मदद से आप अपने परिवार को बेहतर चिकित्सा प्रदान कर सकते हैं|
  7. अगर आप पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं (pre-existing illness), तो उस बीमारी के इलाज के लिए भी भुगतान इंश्योरेंस पालिसी से होगा| Pre-existing illness covered from Day 1.
  8. आप इलाज के लिए पूरे देश के किसी से सरकारी अस्पताल या सूची में सम्मलित निजी अस्पतालों (empanelled private hospitals) में जा सकते हैं| आपको हर जगह मुफ्त इलाज मिलेगा| ध्यान दें आपको अपने शहर के अस्पताल में जाना ज़रूरी नहीं है|
  9. आयुष्मान भारत योजना में अस्पताल में भरती होने से पहले के और बाद के खर्चे(pre-hospitalization and post-hospitalization expenses) का भुगतान भी इंश्योरेंस कंपनी करेगी|

ayushman bharat आयुष्मान भारत डिटेल्स

आप आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं?

आयुष्मान भारत योजना में एनरोल (enrollment) करने की कोई ज़रुरत नहीं है| इसका मतलब आपको योजना के तहत लाभ पाने के लिए कोई आवेदन करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप योजना के तहत लाभ लेने के पात्र हैं, तो आपका नाम अपने आप लाभार्थियों को सूची में अपने आप आ जाएगा|

ध्यान दें इस योजना का लाभ सभी को नहीं मिलेगा| केवल गरीब परिवारों को ही सुविधा का लाभ मिलेगा|

कैसे चेक करें की आपके नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में है की नहीं?

जैसा की ऊपर बताया गया है की अगर आपका नाम आयुषमान भारत योजना की सूची में है, तो आपको इस योजना का लाभ मिलेगा|

स्वाभाविक सवाल यह है की आपको कैसे पता चलेगा की आपका नाम सूची में है की नहीं?

इसके लिए आप आयुषमान भारत की वेबसाइट (https://mera.pmjay.gov.in/search/) पर जा कर चेक कर सकते हैं| इस वेबसाइट पर जा कर आप लाभार्थियों की लिस्ट चेक कर सकते हैं| आप नाम, जगह, राशन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर इत्यादि पर ढूंढ सकते हैं| अगर आप राष्ट्रीय स्वाथ्य बीमा योजना (RSBY) में शामिल थे, तो उसका id भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

  1. इस वेबसाइट पर जाएँ (https://mera.pmjay.gov.in/search/)
  2. अपना मोबाइल नंबर डालें| आपके मोबाइल पर OTP (one time password) आएगा|

aayushman bharat yojana eligibility आयुष्मान भारत योजना रजिस्ट्रेशन विवरण

उसके बाद अगले पेज पर आप अपने नाम को ढूंढ सकते हैं:

  1. नाम (name)
  2. मोबाइल नंबर (mobile number)
  3. राशन कार्ड नंबर (Ration card number)
  4. राष्ट्रीय स्वास्थय बीमा योजना (RSBY) का URN

ayushman bharat yojana beneficiary search आयुष्मान भारत योजना रजिस्ट्रेशन विवरण नाम कैसे ढूँढें

साथ ही सरकार सही लाभार्तियों को चिट्ठी भी भेजेगी जिसमें उनके परिवार की जानकारी, योजना के id की जानकारी होगी|

आयुष्मान भारत योजना 2018 लाभ स्वास्स्थ्य बीमा रजिस्टर

परिवारों के चयन किस आधार पर किया गया है?

परिवारों के चयन Socio-Economic Caste Consensus 2011 के अनुसार किया गया है|

आयुषमान भारत योजना के लिए योग्यता मानदंड

ग्रामीण क्षेत्रों में (in Rural Areas)

  1. एक कमरे के कच्चे घरों में रहने वाले लोग
  2. जिस परिवार में 16 से 59 वर्ष के बीच में कोई सदस्य न हो
  3. स्त्री प्रधान घरों में में, जहां 16-59 आयु वर्ग में कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है
  4. जिन परिवारों में एक विकलांग सदस्य और कोई सक्षम वयस्क सदस्य नहीं है
  5. SC/ST परिवार (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति)
  6. जिन परिवारों की पास कोई ज़मीन नहीं है, और मजदूरी करते हैं
  7. गरीब बेसहारा लोग, जो भिक्षा पर जीवन बिताते हैं
  8. जो मल उठाते हैं
  9. प्राचीन जनजातीय समूह
  10. जो पहले बंधुआ मजदूर हुआ करते थे

शहरी क्षेत्रों में (in Urban Areas)

सरकार ने श्रमिकों की इन 11 व्यावसायिक श्रेणियों की एक सूची बनाई है, जो सूची में अपने आप शामिल हो जायेंगे:

  1. कूड़ा उठाने वाले (Rag Picker)
  2. भिखारी (Beggar)
  3. लोगों के घरों में काम करने वाले
  4. सड़कों पर काम कर रहे मोची या अन्य विक्रेता
  5. मजदूर/ मिस्त्री/ निर्माण कार्यकर्ता / प्लम्बर / मेसन / पेंट / वेल्डर / सुरक्षा गार्ड / कुली इत्यादि
  6. स्वीपर / स्वच्छता कार्यकर्ता / माली
  7. गृह आधारित कर्मचारी / कारीगर / हस्तशिल्प कार्यकर्ता / दर्जी
  8. ट्रांसपोर्ट कार्यकर्ता / चालक / कंडक्टर / ड्राइवर और चालक / कार्ट खींचने वाला / रिक्शा खींचने वाला सहायक
  9. छोटे प्रतिष्ठानों/दुकानों में काम करने वाले/ सहायक/ वेटर/delivery boy
  10. इलेक्ट्रिशियन / मैकेनिक / असेंबलर / मरम्मत कार्यकर्ता
  11. वाशर-मैन / चौकीदार

आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए आपको क्या करना होगा?

आपको किसी भी तरह के आवेदन करने की ज़रुरत नहीं है| जब आप अस्पताल जायेंगे, तब आपको एक पहचान पत्र ले कर जाना होगा (आधार कार्ड, राशन कार्ड इत्यादि)| अस्पताल में चेक कर लिया जाएगा की आप आयुषमान योजाना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं या नहीं|

उसके बाद आप फ्री में इलाज पा सकते हैं|

ध्यान दें बिना आधार कार्ड के आप केवल एक बार ही इलाज का लाभ ले सकते हैं| इसलिए बेहतर होगा की आप आधार कार्ड बनवा लें|

आप अपने परिवारों के सदस्यों को आयुष्मान योजना में जोड़ सकते हैं?

अगर आपका नाम सूची में है, तो अपने परिवार के नए सदस्यों को अपनी पालिसी में जोड़ सकते हैं|

इसके लिए आपको प्रमाण देना होगा|

  1. राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम
  2. Birth Certificate (जन्म प्रमाण पत्र)
  3. मैरिज सर्टिफिकेट (marriage certificate)

चोरों से रहे सावधान

ध्यान दें कुछ धोखेबाज़ लोग या वेबसाइट आपको आश्वासन देंगे की वह आपसे पैसे लेकर आपको इस योजना का लाभ दिला सकते हैं| ऐसे लोगों से बचें|

अगर आपका नाम लाभारती सूची (beneficiary list) में है, तो आपको आयुषमान भारत का लाभ लेने के लिए एक रूपया भी खर्च करने की ज़रुरत नहीं है|

अगर आपका नाम सूची में नहीं है, तो आप कोई लाभ नहीं मिलेगा|

अन्य जानकारी

आयुष्मान भारत टोल फ्री नंबर/हेल्पलाइन नंबर:  14555

आयुष्मान भारत की वेबसाइट

आयुषमन भारत Twitter हैंडल

आयुषमान भारत योजना सूची Ayushman bharat hindi

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: Ayushman Bharat, RSBY, आयुषमान भारत योजना, आयुष्मान भारत बीमा योजना, आयुष्मान भारत योजना 2018

इन वेबसाइट पर आप दवाईयाँ सस्ते में खरीद सकते हैं

Last updated: अगस्त 20, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आमतौर पर, मैं इन्वेस्टमेंट, इंश्योरेंस, लोन, क्रेडिट कार्ड, टैक्स बचत इत्यादि विषयों पर बात करता हूँ| परन्तु आज मैं थोड़े से अलग विषय पर चर्चा करूंगा|

आप दवाई सस्ते में कैसे खरीद सकते हैं?

मेरे अनुसार दवाईयों से पूरी तरह बचना तो मुश्किल है| अगर सितारे अच्छे न हों, तो दवाईयों पर खर्चा काफी ज्यादा हो सकता है| अगर किसी तरीके से आप वही दवाई कम कीमत में खरीद सकते हैं, तो आपके लिए अच्छा है|

इस बचत के पैसे को जोड़ पर आप निवेश या किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं| हमनें पहले देखा है की कैसे छोटा सा निवेश लम्बी अवधि में बड़ी राशि बन जाता है| तो कुछ लिंक तो है पर्सनल फाइनेंस और सस्ती दवाईयों में|

आपके पड़ोस की दुकान से आमतौर पर 5 से 10 प्रतिशत का डिस्काउंट मिल जाता है| अगर आपको नहीं मिलता, तो कम से कम एक बार पूछ कर तो देखें| कई बार पूछते पर ही आपका काम हो जाता है| अगर तब भी केमिस्ट नहीं मानता, तो आस पास की दुकानों पर पता करें|

साथ ही कुछ ऐसी वेबसाइट हैं जहां पर आपको इससे भी कहीं अधिक डिस्काउंट मिल सकता है| यह वेबसाइट 20 से 30% तक डिस्काउंट देने का दावा करती हैं| आज मैं ऐसी ही कुछ वेबसाइट के नाम आपको बताऊँगा|

ऑनलाइन दवाई बेचने वाली कुछ वेबसाइट (Popular e-Pharmacies)

  1. 1mg
  2. NetMeds
  3. PharmEasy
  4. LifCare
  5. MyraMed

इन वेबसाइट पर दवाइयाँ खरीदने के फायदे

#1 आपको घर बैठे दवाई मिल जाती है|

अगर आप दवाई का आर्डर एक minimum राशि से यादा है, तो दवाई की delivery का खर्चा वेबसाइट ही उठाती है| कोई नयी बात नहीं है| Flipkart और Amazon में भी ऐसा ही होता है|

cheap medicine online सस्ती दवाई ऑनलाइन 2

#2 दवाई कम कीमत में मिल जाती है|

आपकी पड़ोस की दुकान पर आपको शायद इतना discount नहीं मिलता| आपकी बचत हो जाती है|

#3 आपको दवाई की सस्ते विकल्प भी दिखाएं जाते हैं

ऐसा देखा गया है की कुछ डॉक्टर आपको जान भूझकर महँगी दवाई लिख देते हैं| यह बहुत ही गलत बात है| परन्तु सच्चाई को दरकिनार भी नहीं किया जा सकता| ध्यान दें सभी डॉक्टर ऐसा नहीं करते|

यहाँ आपकी यह वेबसाइट कुछ मदद कर सकती हैं| मैंने PharmEasy की मोबाइल एप्लीकेशन पर यह देखा|

जैसे की, इन वेबसाइट पर आपको दवाई के विकल्प भी दिखाए जायेंगे| मेरे मतलब, हो एकता है, अन्य कंपनी भी उसी मिश्रण की दवाई बनाती हों| जब मिश्रण (composition) वही है, तो दवाई का असर भी एक सामान भी होना चाहिए| परन्तु दवाई की कीमत अलग अलग हो सकती है|

मैंने कुछ दवाईयों के लिए चेक किया| 40-50% तक का अंतर देखा| एक दवाई 700 रुपये की थी, वहीँ उसका विकल्प तकरीबन 400 रुपये का था| काफी बचत का स्कोप है|

परन्तु केवल वेबसाइट पर बताये गए विकल्प पर न जाएँ| दवाई वही लें, जो आपके doctor ने बताई है| केवल विकल्प का नाम लिख लें| अगली बार जब डॉक्टर से मिलने जाएँ, तब आप उनसे इस सस्ते विकल्प के बारे में पूछ सकते हैं| खुद को doctor न समझे|

अगर आपके डॉक्टर सस्ते विकल्प को मंजूर कर देते हैं, तो आप काफी पैसा बचा सकते हैं|

सस्ता विकल्प और उस पर भी डिस्काउंट| आपके लिए तो सोने पर सुहागा|

#4 आपको डायग्नोस्टिक टेस्ट (Diagnostic test) पर भी discount मिल सकता है

इन वेबसाइट पर आप डायग्नोस्टिक्स टेस्ट भी बुक कर सकते हैं| यहाँ भी आपको काफी डिस्काउंट मिल सकता है|

ध्यान दें

  1. सभी कंपनी या वेबसाइट सभी शहरों में शायद सुविधा प्रदान न करती हों| आप ऐसी वेबसाइट का चुनाव करें, जो भी आपके शहर में सेवा प्रदान करते हों|
  2. यह डिस्काउंट कब तक मिलेगा, इस बात पर टिप्पणी करना मुश्किल है| इन कंपनी को दवाई आपके घर भी भेजनी होती है| इस पर भी खर्चा आता है, वह भी वेबसाइट ही उठाती है|

जब तक discount मिल रहा है, तब तक तो लाभ उठाएं|

Filed Under: Financial Planning Tagged With: cheap medicine, सस्ती दवाई

किसान विकास पत्र के बारे में पूरी जानकारी (Kisan Vikas Patra in Hindi)

by दीपेश Leave a Comment

किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra or KVP) एक छोटी बचत योजना (small savings scheme)  है| यह योजना 1988 में शुरू करी गयी थी और बहुत ही लोकप्रिय निवेश योजनां है|

बीच में इस योजना को बंद कर दिया गया था, परन्तु 2014 में इसे फिर से चालू किया गया|

इस निवेश योजना को समझना बहुत आसान है| आप किसान विकास पत्र खरीदते हैं और निर्धारित समय बाद आपको दोगुना पैसा मिलता है| यही सरलता इसकी लोकप्रियता का कारण भी है|

आईये जानते हैं किसान विकास पत्र के बारे में विस्तार से|


किसान विकास पत्र में कैसे निवेश करें? How to purchase Kisan Vikas Patra?

Kisan Vikas Patra (KVP) आप पोस्ट ऑफिस (डाक घर) या बैंक में जा कर खरीद सकते हैं| आप किसान विकास पत्र खरीदने के लिए फॉर्म A भरना होता है|

किसान विकास पत्र खरीदने के लिए आपको इन दस्तावेजों की ज़रुरत पड़ेगी:

  1. पहचान पत्र (Identity Proof)
  2. पते के प्रमाण (Address Proof)
  3. आपको अपना आधार कार्ड भी देना होगा
  4. PAN कार्ड (अगर निवेश 50,000 रुपये से अधिक है)

कुछ बैंक आपको KVP खाता ऑनलाइन खोलने की सुविधा भी प्रदान करते हैं|

किसान विकास पत्र में आप cash (नकद), चेक (cheque) या डिमांड ड्राफ्ट (Demand Draft) की सहायता से निवेश कर सकते हैं|


किसान विकास पत्र कौन खरीद सकता है? Kisan Vikas Patra Eligibility

आपको भारत का नागरिक होना चाहिए|

आप एकल खाता (sole account) खोल सकते हैं|

दो व्यस्क (two adults) लोग जॉइंट अकाउंट (संयुक्त खाता) भी खोल सकते हैं|

आप बच्चों (18 वर्ष से कम आयु) के नाम पर भी किसान विकास पत्र खरीद सकते हैं| ऐसे खातों में आपको guardian (अभिभावक) बनना होगा

NRI किसान विकास पत्र में निवेश नहीं कर सकते|


कितने प्रकार के किसान विकास पत्र होते हैं? Types of Kisan Vikas Patra Certificates)

  1. Single Holder certificate (मेच्योरिटी के समय निवेशक को पैसा दिया जाता है)
  2. Joint A type certificate (संयुक्त खातों के लिए, दोनों निवेशक को पैसा दिया जाएगा या उत्तरजीवी (survivor) को दिया जाएगा)
  3. Joint B type certificate (संयुक्त खातों के लिए, किसी एक निवेशक को पैसा दिया जाएगा या उत्तरजीवी (survivor) को दिया जाएगा)

किसान विकास पत्र खरीदने पर आपको क्या मिलता है?

कुछ समय पहले तक आपको किसान विकास पत्र खरीदने पर certificate (सर्टिफिकेट) मिला करता है| उस certificate (प्रमाण पत्र) पर आपके निवेश की सारी जानकारी हुआ करती थी|

परन्तु 2016 में यह नियम बदल दिया गया|

अब आपको दो तरीके से खरीदने का प्रमाण मिलता है:

  1. ई-मोड (e-mode), यह काफी कुछ आपकी ऑनलाइन फिक्स्ड डिपाजिट की तरह होंगी
  2. Passbook (साड़ी जानकारी आपकी passbook में रहेगी)

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|


किसान विकास पत्र में कितना निवेश कर सकते हैं? Minimum and Maximum Investment in KVP

किसान विकास पत्र 1,000, 5,000, 10,000 और 50,000 रुपयों के मूल्य (denomination) में आते हैं|

तो आपको कम से कम 1,000 रुपये तो निवेश करना ही होगा|

अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है| आप जितने चाहें, उतने किसान विकास पत्र खरीद सकते हैं| No maximum limit on investment in Kisan Vikas Patra

ध्यान दें:

  1. 50,000 रुपये तक निवेश करने पर आपको PAN कार्ड देने की आवश्यकता नहीं है|
  2. अगर 50,000 रुपये से अधिक निवेश करेंगे, तो आप PAN card जमा करना आवश्यक है|

किसान विकास पत्र में निवेश करने के क्या फायदे हैं?

  1. किसान विकास पत्र को समझना बहुत आसान है|
  2. जब आप किसान विकास पत्र खरीदते हैं, तब आपको पता होता है की आपका पैसा कितने समय में दोगुना हो जाएगा|
  3. किसान विकास पत्र में निवेश करने पर कोई रिस्क नहीं है| आपको रिटर्न की गारंटी मिलती है|
  4. आप 2.5 वर्ष पूरा होने के बाद मेच्योरिटी से पहले भी पैसे निकाल सकते हैं|

किसान विकास पत्र पर कितना ब्याज मिलता है? (Kisan Vikas Patra KVP Interest Rate)

किसान विकास पत्र की ब्याज दर बदलती रहती है|

हर तिमाही (every quarter) केंद्रीय सरकार किसान विकास पत्र के इंटरेस्ट रेट की घोषणा करता है|  

ध्यान दें ब्याज दर में बदलाव का आपके पुराने किसान विकास पत्र (KVP) पर कोई असर नहीं पड़ेगा| पुराने किसान विकास पत्र पर आपको वही ब्याज दर मिलेगी, जो की पत्र खरीदते समय थी|

जो नए KVP खाते खुलेंगे, उन पर आपको लेटेस्ट ब्याज दर लागू होगी|

अभी (July 31, 2018) किसान विकास पत्र की ब्याज दर 7.3% है| इसका मतलब आपका पैसा 118 महीने (9 वर्ष 10 महीने) में दोगुना होगा|

किसान विकास पत्र की लेटेस्ट इंटरेस्ट रेट जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

ध्यान दें जैसे किसान विकास पत्र की ब्याज दर बढती या घटती है, उसी के अनुसार आपके निवेश के दोगुने होने की अवधि भी बढती या घटती रहेगी|

उदहारण के तौर पर जब किसान विकास पत्र की ब्याज दर 7.5% थी, उस समय पैसा 115 महीनों में दोगुना हुआ करता था| अभी की ब्याज दर 7.3% p.a. है, तो अभी आपका पैसा 118 महीनों में दोगुना होगा|

एक बात और, अगर आप मेच्योरिटी के समय अपना पैसा नहीं निकालते हैं, तो उसके बाद से आपको आपके निवेश पर सेविंग्स बैंक अकाउंट का ब्याज ही मिलेगा|


किसान विकास पत्र के ब्याज पर क्या कोई टैक्स देना पड़ता है? किसान विकास पत्र टैक्स बेनेफिट्स

किसान विकास पत्र में निवेश करने पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता| No tax benefit under Section 80C for Kisan Vikas Patra

साथ ही, किसान विकास पत्र पर मिलने वाले ब्याज पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना पड़ता है| Interest Income from Kisan Vikas Patra (KVP) is taxable.

आप देख सकते हैं की किसान विकास पत्र पर कोई भी टैक्स बेनिफिट नहीं हैं|

परन्तु हाँ, किसान विकास पत्र पर कोई TDS (Tax Deduction at Source) भी नहीं लगता|


किसान विकास पत्र में पैसा कब निकाल सकते हैं? (Exit before Maturity)

खाता खोलने के 2.5 वर्ष बाद आप किसान विकास पत्र से पैसा निकाल सकते हैं|

इसका मतलब की 2.5 वर्ष से पहले आप किसान विकास पत्र से अपना पैसा नहीं निकाल सकते|

ढाई वर्ष के बाद और मेच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर आपको कुछ पेनल्टी लगती है|

kisan vikas patra hindi किसान विकास पत्र

ध्यान दे समयपूर्व पैसे निकालने पर जो राशि मैंने लिखी है, वह अनुमानित है| इस राशि और आपको मिलने वाली राशि में थोड़ा अंतर हो सकता है|

और हाँ, जैसे और जब किसान विकास पत्र की ब्याज दर बदलेगी, यह सारी राशि भी बदलती रहेगी|


आप किसान विकास पत्र को गिरवी रखकर लोन भी ले सकते हैं

जी हाँ, आप अपने किसान विकास पत्र को गिरवी रख कर बैंक से लोन भी ले सकते हैं|

परन्तु मेरे अनुसार बेहतर होगा की आप किसान विकास पत्र की सहायता से लोन लेने की बजाय KVP से पैसा निकाल लें और उसे अपनी ज़रुरत के लिए इस्तेमाल करें|


अगर किसान विकास पत्र खो जाता है या खराब हो जाता है

ऐसी स्तिथि में आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में जा कर डुप्लीकेट (duplicate) certificate पा सकते हैं|

आपको अपने certificate के बारे में जानकारी देनी होगी और पहचान साबित करनी होगी|


आप अपने KVP सर्टिफिकेट को दूसरे पोस्ट ऑफिस या बैंक में ट्रान्सफर भी कर सकते हैं

इसके लिए आपको Form B भरकर जमा करना होगा|

आपका किसान विकास पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को इन परिस्तिथि में ट्रान्सफर किया जा सकता है| परन्तु ऐसा करने से पहले आपको KVP खरीदे हुए कम से कम एक वर्ष हो जाना चाहिए|


किसान विकास पत्र के विभिन्न फॉर्म कौनसे हैं? Forms in Kisan Vikas Patra

  1. फॉर्म A (किसान विकास पत्र खरीदने के लिए, Purchase of Kisan Vikas Patra)
  2. फॉर्म B (अपना certificate ट्रान्सफर करने के लिए, पोस्ट ऑफिस से बैंक, या बैंक से पोस्ट ऑफिस
  3. फॉर्म C (नॉमिनी जोड़ने के लिए)
  4. फॉर्म D (अपने नॉमिनेशन को खारिज करने के लिए या फिर नॉमिनी बदलने के लिए)

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें

किसान विकास पत्र नियम 2014 (Kisan Vikas Patra Rules, 2014)

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning, NPS Tagged With: किसान विकास पत्र, किसान विकास पत्र 2018, किसान विकास पत्र इंटरेस्ट रेट, किसान विकास पत्र टैक्स बेनिफिट, किसान विकास पत्र पोस्ट ऑफिस, डाकघर किसान विकास पत्र

डाकघर मासिक आय योजना (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम) की पूरी जानकारी

by दीपेश 2 Comments

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) एक निवेश योजना है|

आप पोस्ट ऑफिस (डाक घर) में यह खाता खोल कर हर महीने ब्याज पा सकते हैं| आप इसे एक फिक्स्ड डिपाजिट की तरह समझ सकते हैं, जिसमें आपको हर महीने ब्याज मिलता है|

5 वर्ष के बाद आपका पैसा लौटा दिया जाता है|

आईये जानते हैं डाकघर मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme) के बारे में विस्तार से|

डाकघर मासिक आय योजना (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम) अकाउंट कौन खोल खोल सकता है?

कोई भी व्यक्ति POMIS खाता खोल सकता है|

आप POMIS खाते को एकल (individual) या संयुक्त (joint mode) में खोल सकते हैं|

Joint अकाउंट में 2 या 3 धारक हो सकते हैं|

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) कहाँ खोल सकते हैं?

आप डाकघर में जा कर पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम का अकाउंट खोल सकते हैं|

आप कितने POMIS खाते खोल सकते हैं?

आप कितने भी POMIS खाते खोल सकते हैं|

ध्यान दें POMIS खाता एक फिक्स्ड डिपाजिट की तरह है, न की सेविंग्स अकाउंट की तरह|

बस आपको यह सुनिश्चित करना होगा की आप सभी खातों में कुल मिला कर अधिकतम निवेश राशि (4.5 लाख रुपये) से अधिक निवेश न करें|

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) अकाउंट में अधिकतम और न्यूनतम निवेश क्या है?

आप POMIS खाता 1,500 रुपये के निवेश से खोल सकते हैं|

अधिकतम निवेश (प्रति व्यक्ति) 4.5 लाख रूपये है|

ध्यान दें अगर आप संयुक्त खाता (joint POMIS account) खोलते हैं, तो राशि सभी धारकों में एक बराबर बटी हुई मानी जायेगी|

मान लिए, आप अपने पति/पत्नी के साथ एक joint अकाउंट खोलते हैं|

ऐसी स्तिथि में आप कुल मिलाकर 9 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं|

ऐसा इसलिए की यह पैसा आप दोनों में बराबर बटा हुआ माना जाएगा|

4.5 लाख रुपये आपका और 4.5 लाख रुपये आपकी पति/पत्नी का| क्योंकि अधिकतम निवेश की सीमा प्रति व्यक्ति है, आप दोनों में से किसी ने भी सीमा से अधिक निवेश नहीं किया|

एक और उदहारण से समझते हैं|

#1 आप अपने नाम पर एक एकल खाता खोला 1 लाख रुपये का|

4.5 लाख रुपये में से 1 लाख रुपये कम हो गए|

#2 उसके बाद आप अपनी पत्नी का साथ एक joint अकाउंट खोलते हैं 7 लाख रुपये का|

यह 7 लाख रुपये आप दोनों में बराबर बबटे हुए माने जायेंगे| 3.5 लाख आपके और 3.5 लाख रुपये आपकी पत्नी के|

इसके साथ ही आपकी सीमा पूरी हो गयी (1 लाख + 3.5 लाख)| अब आप POMIS में कुछ और निवेश नहीं कर सकते (जब तक आपका कोई खाता मेच्योर नहीं हो जाता)

#3 आपकी पत्नी अभी भी चाहे तो 1 लाख रुपये तक POMIS खाते में निवेश कर सकती हैं|

अगर अधिकतम सीमा से अधिक निवेश करेंगे तो क्या होगा?

मेरे अनुसार इस बात में स्पष्टता नहीं है| एक बात पक्की है, की आपको योजना का ब्याज नहीं मिलेगा|

या तो आपको सेविंग्स बैंक अकाउंट का ब्याज मिलेगा (4%) या कुछ भी ब्याज नहीं मिलेगा|

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) खाते की अवधि कितनी होती है?

योजना का अवधि 5 वर्ष होती है|

5 वर्ष तक आपको हर महीने कुछ ब्याज मिलेगा| उसके बाद आपको आपकी मूल राशि वापिस दे दी जायेगी|

क्या डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) को बीच में बंद कर सकते हैं?

जी हाँ, ज़रुरत पड़ने पर POMIS खाता 5 वर्ष से पहले बंद किया जा सकता है|

परन्तु समयपूर्व खाता बंद करने के लिए आपको कुछ पेनल्टी देनी होगी|

पहले एक साल अप खाते को बंद नहीं कर सकते|

दूसरे और तीसरे वर्ष में खाता बंद करने पर मूल राशि के 2% की पेनल्टी लगेगी|

तीसरे वर्ष के बाद समयपूर्व खाता बंद करने पर मूल राशि के 1% की पेनल्टी लगेगी|

क्या में अपने POMIS खाते को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे में ट्रान्सफर कर सकता हूँ?

जी हाँ, कर सकते हैं|

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS)  में कितना ब्याज मिलता है?

बब्याज का दर हर तिमाही बदल सकती है| भारत सरकार का वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही (every quarter) ब्याज दर की घोषणा करी जाती है|

अभी (जून 27, 2018) की ब्याज दर 7.3% p.a. है|

लेटेस्ट इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

ध्यान दें एक बार आपने अपने POMIS खाता खोल लिया, तो उस खाते पर ब्याज दर में बदलाव का आपके ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ेगा| आपकी ब्याज दर उतनी ही रहेगी|

जो नए खाते खुलेंगे, वह नयी ब्याज दर पर खुलेंगे|

जैसा की योजना के नाम से प्रतीत होता है, आपको ब्याज हर महीने मिलता है|

अगर आप 1 लाख रुपये से पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना खाता खोलते हैं, तो आपको हर महीने 1 लाख ररुपये X 7.3%/12 = 608 रुपये का ब्याज मिलेगा| पांच वर्ष पूरे होने पर आपको 1 लाख रुपये लौटा दिए जायेंगे| ध्यान दें आपकी मासिक आय ब्याज दर पर निर्भर करती है| अगर ब्याज दर ज्यादा होगी, तो आपकी आय भी ज्यादा होगी|

अब देखें तो, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम कैलकुलेटर की कोई आवश्यकता नहीं है,लेकिन यदि आप जानना चाहते हैं की आपको एक नियमित आय पाने के लिए कितना निवेश करना पड़ेगा तो आप ऐसे कैलकुलेट करते हैं|

मान लिए आपको प्रति माह 1,000 रुपये की आय चाहिए| इसके लिए आपको कितना निवेश करना होगा|

1,000 ÷ (ब्याज दर ÷ 12)

अगर ब्याज दर 7.3% p.a. है, तो आपको करना पड़ेगा,

1,000 ÷ (7.3% ÷ 12) =  1.64 लाख रुपये

ध्यान रखें आप 4.5 लाख रुपये से ज्यादा निवेश नहीं कर सकते|

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) अकाउंट में निवेश करने पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है?

जी नहीं, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में निवेश करने पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता|

साथ ही, मिलने वाले ब्याज पर आपको अपने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा|

POMIS में TDS (Tax Deduction at Source) नहीं लगता|

अधिक जानकारी के लिए इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर जाएँ|

नियमित आय के लिए पोस्ट ऑफिस की कुछ अन्य स्कीम

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Savings Scheme,SCSS)

प्रधानमन्त्री वय वंदना योजना (PMVVY, Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana)

वरिष्ठ नागरिकों के लिए SCSS और PMVVY बेहतर विकल्प हैं (POMIS की तुलना में)|

कैसे पा सकते हैं PPF खाते से पेंशन?

Filed Under: Financial Planning, PPF Tagged With: Post Office Monthly Income Scheme (POMIS), डाकघर मासिक आय योजना, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम 2018

सीनियर सिटीजन को जीवन बीमा नहीं लेना चाहिए: 5 कारण

Last updated: मई 2, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

बहुत से लोग निवेश करने की लिए जीवन बीमा पालिसी का सहारा लेते हैं| केवल युवा लोग ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक या सेवानिवृत्त लोग भी जीवन बीमा प्लान (लाइफ इंश्योरेंस प्लान) खरीदते हैं|

मेरे अनुसार वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) को जीवन बीमा उत्पाद खरीदने की कोई ज़रुरत नहीं है|

इस पोस्ट में कुछ कारणों पर चर्चा करते हैं|

# 1 आपको शायद जीवन बीमा की आवश्यकता ही नहीं हो

अगर आपने रिटायर होने से पहले आपने सही से फाइनेंसियल प्लानिंग करी है, तो आपको रिटायरमेंट के वक़्त लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) की ज़रुरत नहीं होनी चाहिए|

देखिये, अगर रिटायरमेंट से पहले ही अपने खर्चों या अन्य कामों के लिए पैसा इकठ्ठा कर चुके हैं, तो जीवन बीमा की ज़रुरत अपने आप ही खत्म हो जाती है|

अगर आपके पास पर्याप्त धन है, तो जीवन बीमा की ज़रुरत ही नहीं है| बिना बात प्रीमियम का पैसा बेकार जाएगा|

मैं केवल पारंपरिक बीमा प्लान (ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान) या यूलिप प्लान की बात नहीं कर रहा हूँ| आपको टर्म इंश्योरेंस प्लान की ज़रुरत भी नहीं होनी चाहिए|

# 2 आपको प्रीमियम देने में परेशानी होगी

यदि आप सेवानिवृत्ति के दौरान जीवन बीमा योजना खरीदते हैं, तो आपको योजना जारी रखने के लिए प्रीमियम का भुगतान करते रहना होगा।

यह प्रीमियम आपके बजट पर दबाव डालेगा|

जब जीवन बीमा की ज़रुरत ही नहीं है, तो ऐसा खर्चा क्यों करना|

ऐसा हो सकता है की आपको सिंगल प्रीमियम इंश्योरेंस प्लान बेचने की कोशिश की जाए| सिंगल प्रीमियम प्लान में केवल एक बार प्रीमियम देना होता है| परन्तु वहां भी परेशानी है| पोस्ट में आगे इस बारे में चर्चा करूंगा|

# 3 आपको खराब रिटर्न मिलेगा

यह बहुत अहम् मुद्दा है|

काफी लोग लाइफ इंश्योरेंस प्लान केवल जीवन बीमा के लिए नहीं खरीदते बल्कि रिटर्न पाने के लिए खरीदते हैं| इसके लिए वह पारंपरिक जीवन बीमा प्लान (ट्रेडिशनल प्लान) या यूलिप (Unit Linked Insurance Plan) खरीदते हैं|

मुझे पूरा विश्वास है की बहुत से सीनियर सिटीजन भी जीवन बीमा खरीदते समय रिटर्न के बारे में ही सोचते हैं|

यदि मैं आपसे कहूं की आपकी अधिक आयु की वजह से आपके रिटर्न कम होंगे, तो आप क्या करेंगे?

जी हाँ, य़ह सच हैं।

ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि यूलिप और ट्रेडिशनल प्लान में कुछ हिस्सा मोर्टेलिटी चार्ज की ओर जाता है|

Mortality चार्ज आपको जीवन बीमा प्रदान कर के लिए चार्ज किया जाता है| जो राशि बचती है, वह निवेश होती है|

जैसे-जैसे आपकी आयु बढती है, वैसे-वैसे मोर्टेलिटी चार्ज बढ़ते जाते हैं| अगर mortality चार्ज ज्यादा है, तो आपके निवेश या प्रीमियम का अधिक हिस्सा mortality चार्ज के भुगतान की ओर जाएगा|

इससे आपके रिटर्न कम हो जायेंगे|

आइए एक पारंपरिक योजना का उद्धरण लेते हैं।

आइए मान लें कि 30 वर्षीय व्यक्ति (अमित) और 60 वर्षीय व्यक्ति (रमेश) 10 लाख रुपये के बीमा योजना खरीदते हैं। दोनों की पालिसी अवधि सामान है|

रमेश का प्रीमियम ज्यादा होगा क्योंकि उसकी आयु ज्यादा है|

अब देखें तो, परिपक्वता के समय, दोनों को एक ही राशि मिलेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि बीमित राशि समान है और बोनस पॉलिसी अवधि पर निर्भर करता है (जो दोनों के लिए सामान है)|

रमेश को मेच्योरिटी के समय राशि अमित के सामान ही मिलेगी परन्तु उसका प्रीमियम अमित के प्रीमियम से ज्यादा है|

आप देख सकते हैं की रमेश को कम रिटर्न मिलेंगे क्योंकि उसकी आयु ज्यादा है|

यूलिप के मामले में, आपके फंड मूल्य का एक हिस्सा मोर्टेलिटी चार्ज के भुगतान के लिए जाता हैऔर बचा हुआ पैसा निवेशित रहता है| जाहिर है, अगर आपकी उम्र ज्यादा है, तो ज्यादा पैसा मोर्टेलिटी चार्ज के लिए कटेगा।

इससे भी आपके रिटर्न प्रभावित होंगे|

कुछ ऐसे मामले भी सामने आयें है की जहाँ पर मोर्टेलिटी चार्ज वरिष्ठ नागरिकों के यूलिप में निवेश का पूरा हिस्सा ही खा गए|

एक मामले में एक सीनियर सिटीजन ने यूलिप में 50,000 रुपये निवेश किये और कुछ वर्ष में उनके निवेश का मूल्य घटकर 248 रुपये हो गया|

दूसरे मामले में एक वरिष्ठ नागरिक ने 6 साल में 3.2 लाख रुपये यूलिप में निवेश किये और 6 वर्ष बाद उनके निवेश का मूल्य घटकर 11,678 रुपये हो गया|

यदि आपको जीवन बीमा की आवश्यकता नहीं है तो आपको mortality चार्ज का भार उठाने की कोई ज़रुरत नहीं है|

#4 मेच्योरिटी के समय आपको परिपक्वता राशि पर टैक्स देना पड़ सकता है

हम में से ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि जीवन बीमा कंपनी से प्राप्त राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता|

यह बात मृत्यु लाभ (धारक की मृत्यु के समय मिलने वाली राशि) के लिए सच है लेकिन परिपक्वता लाभ (maturity benefit) के लिए नहीं।

परिपक्वता लाभ टैक्स-फ्री तभी होता है जबकि:

वार्षिक प्रीमियम मृत्यु लाभ (death benefit या Sum Assured) के 10% से कम होना चाहिए| इसका मतलब मृत्यु लाभ (death benefit) वार्षिक प्रीमियम (annual premium) का कम से कम 10 गुना होना चाहिए।

Sum Assured >= 10 times annual premium

यह आयकर अधिनियम की धारा 10 (10 D) के अनुसार है।

अधिकांश सिंगल प्रीमियम योजनायों में यह शर्त पूरी नहीं होती|

वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेगुलर प्रीमियम पालिसी (जहाँ पर हर वर्ष प्रीमियम देना होता है) में भी यह परेशानी आ सकती है|

मैं IRDA Linked Product Regulation, 2013 से एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ| यह नियम यूलिप पर लागू होते हैं।

सीनियर सिटीजन जीवन बीमा लाइफ इन्शुरन्स

जैसा कि आप देख सकते हैं, काफी अधिक संभावना है की सिंगल प्रीमियम योजना की परिपक्वता राशि पर धारक को टैक्स देना होगा| ऐसा इसलिए की अधिकतर मामलों में टैक्स बचने वाली शर्त पूरी नहीं होगी|

वरिष्ठ नागरिकों के लिए तो यह संभावना और भी कम है| रेगुलर प्रीमियम प्लान में भी वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी हो सकती है|

अगर आयु 45 वर्ष से कम है, तो आप सुरक्षित हैं क्योंकि जीवन बीमा वार्षिक प्रीमियम का कम से कम 10 गुना होगा।

45 वर्ष से अधिक आयु पर जीवन बीमा वार्षिक प्रीमियम का कम से कम 7 गुना होना चाहिए| यहाँ समस्या हो सकती है|

एक बात और,  यह समस्या केवल यूलिप प्लान तक ही सीमित नहीं है। पारंपरिक प्लान में भी यह समस्या आ सकती है| एलआईसी बीमा बचत योजना एक उदहारण है|

अब देखें तो सीनियर सिटीजन को रिटर्न भी कम मिलते हैं और मेच्योरिटी पर राशि पर टैक्स भी दना पड़ सकता है| ऐसे में जीवन बीमा प्लान लेना समझदारी का फैसला नहीं होगा

# 5 ज़रुरत पड़ने पर पैसा निकालने में परशानी हो सकती है

रिटायरमेंट के बाद आप चाहेंगे की ज़रुरत पड़ने पर आप अपने पैसे को आसानी से निकाल पाएं।

परन्तु पारंपरिक जीवन बीमा योजनायों (traditional life insurance plans) में मेच्योरिटी से पहले पैसे निकालने पर काफी पेनल्टी देनी पड़ती है| यूलिप में भी  आपका पैसा 5 साल के लिए लॉक हो जाता है।

निष्कर्ष यह है की सीनियर सिटीजन को लाइफ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदने चाहिए| वजह बहुत सारी हैं| शायद उनको जीवन बीमा की ज़रुरत न हो| प्रीमियम देने में परशानी होगी| उनकी अधिक आयु की वजह से रिटर्न कम होंगे| मेच्योरिटी पर टैक्स देना पड़ सकता है| साथ की ज़रुरत पड़ने पर पैसा निकालना में परेशानी हो सकती है|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

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रिटायरमेंट में आय के लिए निवेश के 10 तरीके

Last updated: मई 1, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

रिटायर होने के बाद भी आय (इनकम) की ज़रुरत होती है| वेतन मिलना तो बंद हो जाता है, पर आपके खर्चे खत्म  नहीं होते|

इस पोस्ट में रिटायरमेंट के दौरान नियमित आय पाने के 10 तरीकों पर चर्चा करते हैं|

अवश्य पढ़ें: सीनियर सिटीजन को मिलने वाले 7 स्पेशल टैक्स बेनिफिट

#1 बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank Fixed Deposit)

इसको समझना सबसे आसान है| हर व्यक्ति ने कभी न कभी फिक्स्ड डिपाजिट तो खोला ही होगा|

आप मासिक (monthly), त्रैमासिक (quarterly), अर्ध-वार्षिक (half-yearly) या वार्षिक (annual) ब्याज भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं।

फायदे: समझने में आसान है। ज़रुरत पड़ने पर आप थोड़ी सी पेनल्टी दे कर अपना पैसा निकाल भी सकते (FD तोड़ सकते हैं) हैं|

नुकसान: मिलने वाले ब्याज पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना होता है| आपको 7-10 वर्षों सेअधिक अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट नहीं मिलेगा। FD मेच्योर होने पर जब आप नयी FD खोलेंगे, तो उस समय ब्याज दर कम हो सकती है| ऐसा होने पर आपकी आय पर सीधा असर पड़ेगा|

ब्याज पर TDS भी कट सकता है| टीडीएस से बचने के लिए आप फॉर्म 15G/15H जमा कर सकते हैं|

#2 वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Savings Scheme या SCSS)

केवल वरिष्ठ नागरिक (> 60 वर्ष) ही SCSS में निवेश कर सकते हैं।

ब्याज का भुगतान हर तिमाही (quarterly) किया जाता है।

यह डिपाजिट 5 वर्ष में मेच्योर होता है| 5 वर्ष की समाप्ति पर आप तीन वर्ष तक के लिए एक्सटेंड (extend) कर सकते हैं| आप बैंकों और डाकघरों में SCSS डिपाजिट खोल सकते हैं।

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) हर तिमाही ब्याज दर की घोषणा करता है|

अभी की दर 8.3% (अप्रैल 27, 2018) चल रही है| SCSS की लेटेस्ट ब्याज दर जानने के लिए इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं

फायदे:  ब्याज दर अच्छी होती है। निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। ज़रुरत पड़ने पर पेनल्टी दे कर पैसा निकाल सकते हैं|

नुकसान/कमियाँ: मिलने वाले इंटरेस्ट पर आपको टैक्स देना होता है| आप एक समय में SCSS में 15 लाखरुपये से ज्यादा निवेश नहीं कर सकते| यदि आपके पति/पत्नी भी निवेश करते हैं, तो कुल मिला कर 30 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं| TDS भी कटता है| आप फार्म 15G/15H जमा करके TDS बचा सकते हैं|

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के बारे में सम्पूर्ण जानकारी की लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

#3 पोस्ट-ऑफिस मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme or POMIS)

यह फिक्स्ड डिपॉजिट्स के समान ही हैं| बस डिपाजिट आपको पोस्ट ऑफिस में खोलना होता है|

योजना 5 वर्ष में मेच्योर होती है। हर महीने ब्याज का भुगतान किया जाता है|

वित्त मंत्रालय हर तिमाही (quarter) ब्याज दर की घोषणा करता है|

अभी (27 अप्रैल 2018) की ब्याज दर 7.3% p.a. है| लेटेस्ट ब्याज दर जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

फायदे: ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं कटता निवेश पर कोई कर लाभ नहीं है । आप एक छोटे दंड पर निवेश से बाहर निकल सकते हैं। तीन वर्ष से पहले डिपाजिट तोड़ने पर 2% पेनल्टी लगती है और उसके बाद और पांचवें वर्ष के बीच तोड़ने पर 1% पेनल्टी लगती है|

नुकसान/कमियाँ:  ब्याज पर टैक्स देना होता है| निवेश करने पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है| आप 4.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं कर सकते| अगर आपने joint अकाउंट खोला है, तो आप अधिकतम 9 लाख रुपये जमा कर सकते हैं|

पोस्ट-ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ें|

#4 टैक्स-फ्री बांड (Tax-free Bonds)

समय-समय पर सरकारी कंपनी (PSUs) ऐसे बांड जारी करती हैं| परिपक्त्वता आमतौर पर 15 से 20 वर्ष होती है| आप सेकेंडरी (secondary) मार्केट से भी यह बांड खरीद सकते हैं|

फायदे : मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता| अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो आपको काफी लाभ हो सकता है|

नुकसान/कमियाँ: वैसे तो आप चाहें तो यह बांड कभी भी बेच सकते हैं, परन्तु सच्चाई में स्टॉक एक्सचेंज पर बेचना इतना आसान नहीं है| ऐसा हो सकता की ज़रुरत पड़ने पर आप इन बांड को बेच न पाएं|

#5 वार्षिकी योजनाएं (Annuity plans या एन्युटी प्लान)

एन्युटी प्लान में आप बीमा कंपनी को एक मुश्त राशि देते हैं और बीमा कंपनी आपको पूरे जीवन कुछ राशि देती है|

मान लिए आपने बीमा कंपनी से 10 लाख रुपये का एन्युटी प्लान खरीदा और उस समय एन्युटी रेट 6% चल रहा है, तो बीमा कंपनी आपको हर वर्ष 60,000 रुपये देगी| इसका मतलब हर महीने 5,000 रुपये की आय|

यह आपके पूरे जीवन चलेगा|

फायदे: आपको पूरे जीवन राशि मिलती रहेगी| ब्याज बढ़े या घटे| आप 80 वर्ष तक जीवित रहे या 100 वर्ष तक| आप राशि मिलती रहेगी| साथ एन्युटी के कई विकल्प भी होते है| एक विकल्प में आपके बाद आपके पति/पत्नी को नियमित आय मिलती रहेगी|

नुकसान/कमियाँ:  एन्युटी प्लान के रेट काफी कम होते हैं। शायद आपको FD पर इससे बेहतर रिटर्न मिल जाएँ| ज़रुरत पड़ने पर भी आप पैसा आसानी से निकाल नहीं सकते| एन्युटी इनकम पर टैक्स ही देना होता है|

#6 मकान से किराया (Rental Income)

बहुत से लोग ऐसा करते हैं| रिटायर होने से पहले दूसरा या तीसरा मकान बना लेते हैं| और रिटायर होने के बाद उन मकानों से किराया आता रहता है|

फायदे: किराया आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ता है।

नुकसान/कमियाँ : घर खरीदना आसान काम नहीं है| यदि आपने रिटायरमेंट के पहले से ही तयार्री कर है, तो ठीक है| साथ ही किराए की आय पर टैक्स भी देना होता है|

#7 डेब्ट म्युचुअल फंड से dividend/डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड से SWP

आप dividend विकल्प चुन सकते हैं| आपको समय-समय पर dividend मिलता रहेगा|

आप अपने निवेश को कभी भी बेच सकते हैं|

पर ध्यान दें dividend मिलने से पहले उस पर टैक्स लगता है| तकरीबन 29% टैक्स आपके हाथ में dividend आने से पहले ही लग जाता है|

तो अगर आप 10% या 20% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो dividend विकल्प आपके लिए अच्छा नहीं है। आप Growth विकल्प में निवेश कर सकते हैं और वहाँ से SWP (Systematic Withdrawal Plan) चला सकते हैं|

नुकसान/कमियाँ: रिटर्न की गारंटी नहीं है। डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में थोडा रिस्क रहता है|  डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड कई प्रकार के होते हैं| पूरी जानकारी न होने पर आप गलत फण्ड चुन सकते हैं|

#8 कॉर्पोरेट बांड (Corporate Bonds)

यह फिक्स्ड डिपाजिट के तरह ही हैं| बस आप बैंक की जगह किसी कंपनी में पैसा जमा करते हैं और कंपनी आपको ब्याज देती है|

आप बैंक की ब्याज दर से बेहतर ब्याज दर की उम्मीद कर सकते हैं|

बस परेशानी यह है की आप बेहतर रिटर्न के चक्कर में किसी गलत कंपनी में न फंस जाएँ| बहुत से लोगों का पैसा इसी चक्कर में डूब चूका है| केवल अच्छी कंपनी के bonds में ही निवेश करें| निवेश करने से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग ज़रूर देखें|

ब्याज पर टैक्स भी देना होता है| TDS भी कटता है|

#9 प्रधानमंत्री मंत्री वय वंदना योजना (PMVVY)

इस योजना के निवेश करने पर आपको 10 वर्ष तक 8% p.a. ब्याज मिलता है|

निवेश करने पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है| मिलने वाले ब्याज पर टैक्स भी देना होता है|

प्रधानमंत्री मंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#10 Reverse Mortgage Plan

अगर कोई विकल्प न बचा हो, तो आप Reverse Mortgage Plan का चुनाव कर सकते हैं|

उस योजना के तहत आप बैंक के पास जा कर Reverse mortgage ले सकते हैं|

इसके तहत बैंक आपको हर महीने कुछ राशि देगा| यह पूरी ज़िन्दगी चलता रहेगा| आपको बैंक को कुछ भी नहीं देना है| आप उसी घर में रह भी सकते हैं|

बस आपके बाद बैंक आपका घर ले लेगा और उसे बेच कर पैसे वसूल लेगा|

आपको कितनी आय मिलती है यह आपके मकान के मूल्य पर निर्भर करता है|

मिलने वाली आय पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता|

Reverse Mortgage Plan के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ें|

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