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प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना 2019 (PMMY) के बारे में पूरी जानकारी

Last updated: जून 14, 2019 | by दीपेश 82 Comments

भारत सरकार में लघु उद्योग, छोटे व्यापारियों  की वित्तीय सहायता करने की लिए वर्ष 2015 मुद्रा लोन योजना शुरू करी| आम तौर पर ऐसे व्यापारियों को और इकाइयों को लोन लेने में काफी परेशानी होती है| इसी वजह से वह अपना बिज़नेस बढ़ा नहीं पाते| इसी परेशानी के समाधान के लिए मुद्रा लोन योजना शुरू की गयी है|

और हाँ अगर आप अपना व्यवसाय करना चाहते हैं, वह भी मुद्रा लोन योजना का लाभ उठा सकते हैं| करोड़ों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं|

अब आपके दिमाग में मुद्रा योजना के बारे में कई सवाल होंगे| जैसे की,

  1. मुद्रा लोन (योजना) क्या है?
  2. मुद्रा लोन के क्या फायदे हैं?
  3. मुद्रा लोन कितने प्रकार के होते हैं? मुद्रा लोन कितना मिल सकता है?
  4. मुद्रा लोन कैसे मिलेगा? मुद्रा लोन कैसे पाएं? मुद्रा लोन के लिए आवेदन कैसे करें?
  5. मुद्रा लोन कौन ले सकता है? Mudra Loan Eligibility
  6. मुद्रा लोन पर ब्याज दर क्या होती है? मुद्रा लोन की अवधि क्या होती है?
  7. मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन (एप्लाई) कैसे करें? (How to apply online for Mudra Loan?)

इस पोस्ट में मैं इन सारे सवालों के जवाब देने की कोशिश करूंगा|आईये जानते हैं मुद्रा योजना के बारे में विस्तार से|


मुद्रा लोन (योजना) क्या है? What is Mudra Loan Scheme? (in Hindi)

MUDRA की फुल फॉर्म है Micro Units Development and Refinance Agency Limited (MUDRA)

मुद्रा लोन योजना देश में छोटे व्यापारियों और उद्योगों को वित्तीय सहायता के लिए शुरू की गयी है| इसे प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana or PMMY) के नाम से भी जाना जाता है|

सभी जानते हैं की एक नया व्यापार शुरू करने के लिए या छोटे व्यापार या उद्योग को बढाने के लिए लोन मिलना कितना मुश्किल है| मुद्रा लोन योजना इसी परेशानी का हल निकालने के लिए शुरू की गयी है|

इस योजना के तहत आप नया व्यापार (business) शुरू करने के लिए या अपने व्यापार को बढाने के लिए लोन ले सकते हैं| मुद्रा लोन योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं|

आप टर्म लोन (term loan), ओवरड्राफ्ट (overdraft) या केश क्रेडिट (Cash credit) की सुविधा मुद्रा योजना के तहत पा सकते हैं|

मुद्रा योजना से रोज़गार को भी बढ़ावा मिल सकता है|

मुद्रा योजना महिलायों और SC/ST आवेदकों (applicant) को लोन के लिए प्राथमिकता दी जाती है|


मुद्रा लोन के बारे में इन बातों पर ध्यान दें:

  1. मुद्रा लोन आपको मुद्रा बैंक से नहीं मिलता| मुद्रा लोन आपको आपके निकटतम बैंक शाखा या वित्तीय संस्थान से मिलेगा|
  2. मुद्रा लोन के लिए आप बैंक में जा कर या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं|स्टेट बैंक मुद्रा लोन (SBI mudra loan) की जानकारी पाने के लिए इस लिंक पर जाएँ| लिंक 2 
  3. मुद्रा लोन केवल किसी व्यवसाय के लिए ही मिलता है|आप किसी निजी काम के लिए मुद्रा लोन नहीं ले सकते|
  4. मुद्रा लोन की ब्याज दर सरकार ने तय नहीं करी है| बैंक अपना जोखिम देख आर आपकी ब्याज दर तय करेगा|
  5. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती|
  6. मुद्रा लोन में आपको कोई सेकुरिटी नहीं देनी होती| कुछ भी गिरवी रखने की ज़रुरत नहीं है|

मुद्रा लोन के क्या फायदे हैं?

आपको कुछ भी गिरवी रखने की ज़रुरत नहीं है| (No Collateral)

यह बहुत बड़ी बात है| और बहुत से लोग केवल इसी वजह से लोन नहीं ले पाया करते थे| मुद्रा योजना के तहत आप बिना कोई security दिए लोन ले सकते हैं|

क्योंकि सरकार रोज़गार और छोटे उद्योग को बढ़ावा दे रही है, आप लोन आसानी से मिलने की उम्मीद कर सकते हैं| इस बात का सबूत भी है| करोड़ों लोग इस योजना के तहत लोन ले चुके हैं| पर हाँ , लोन आपको केवल व्यापार के लिए मिलेगा|

शिशु लोन (आगे चर्चा करेंगे) के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस (processing fee) नहीं लगती|


मुद्रा लोन कितने प्रकार के होते हैं? मुद्रा लोन कितना मिल सकता है?

मुद्रा योजना के तहत 3 प्रकार के लोन होते हैं|

  1. शिशु लोन (Shishu Loan): आप 50,000 रुपये तक का लोन ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जो की अपना काम या व्यापार शुरू कर रहे हैं|
  2. किशोर लोन (Kishore Loan): आप 50,000 से 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जो व्यापार शुरू तो कर चुके हैं पर अभी तक सही से स्थापित नहीं कर पाए हैं|
  3. तरुण लोन (Tarun Loan): आप 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोना ले सकते हैं| यह उन लोगों के लिए है, जिनका व्यापर स्थापित है पर उस बढ़ाना चाहते हैं|

मुद्रा लोन कहाँ से मिलता है? मुद्रा लोन के लिए आवेदन कैसे करें? मुद्रा लोन कैसे पाएं? How to apply for Mudra Loan? Mudra Bank Loan Procedure in Hindi

लोगों में यह गलत धारणा है की मुद्रा लोन मुद्रा बैंक से मिलता है|

ऐसा नहीं है| मुद्रा बैंक किसी व्यक्ति या व्यापारी को लोन नहीं देता|

लोन आप किसी बैंक (जैसे की स्टेट बैंक, ICICI, PNB इत्यादि) की शाखा में जा कर ही लेते हैं| इसका मतलब साधारण बैंक ही आपको मुद्रा योजना की तहत लोन देगा|

mudra loan process मुद्रा लोन कैसे मिलेगा

सभी प्रमुख बैंक और NBFC मुद्रा लोन प्रदान करते हैं| आप मुद्रा लोन देने वाले सभी बैंक और वित्तीय संस्थानों की लिस्ट मुद्रा योजना की वेबसाइट (http://mudra.org.in/) पर मिल जायेगी|

बैंक और वित्तीय संस्थानों की लेटेस्ट लिस्ट आप इस लिंक से डाउनलोड भी कर सकते हैं|

आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान की शाखा में जा कर मुद्रा लोन के लिए एप्लाई कर सकते हैं|

शिशु श्रेणी के लोन के लिए एक पेज का फॉर्म (1 page form) है|

किशोर और तरुण श्रेणी के लिए 3 पेज का फॉर्म (3 page form) है|

मुद्रा लोन के लिए सैंपल फॉर्म आप इस लिंक (https://www.mudra.org.in/Home/PMMYBankersKit) से डाउनलोड कर सकते हैं|

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) की वेबसाइट पर आप मुद्रा लोन के application फॉर्म शिशु श्रेणी और किशोर और तरुण श्रेणी के लिए देख सकते हैं|

आपको यह फॉर्म भर कर बैंक या वित्तीय संस्थान की शाखा (ज़रूरी दस्तावेजों के साथ) में जमा करना होगा|


मुद्रा लोन कौन ले सकता है? (Eligibility for Mudra Loan in Hindi)

कोई भी भारतीय नागरिक मुद्रा लोन के लिए आवेदन कर सकता है|

एक बात का ध्यान रखें की लोन केवल व्यवसाय (व्यापार या उद्योग) के लिए मिलेगा|

आपको manufacturing, processing, trading और services, इनमें से किसी भी तरह के व्यवसाय के लिए लोन मिल सकता है

आप कोई लघु उद्योग लगाना चाहते हैं, दुकानदार हैं, ट्रक चलाते हैं, फल/सब्जी बेचते हैं, मशीन ऑपरेट करते हैं, कारपेंटर हैं, ब्यूटी पार्लर चलाते हैं, फैक्ट्री लगाना चाहते हैं या कोई मशीन खरीदना चाहते हैं या कुछ और भी| आप मुद्रा लोन ले सकते हैं| बस, लोन आपके व्यापार या उद्योग को शुरू करने या बढाने के लिए होना चाहिए|

आप किसी निजी काम ले लिए, जैसे कार खरीदने के लिए या पढाई के लिए मुद्रा लोन नहीं ले सकते| पर यहीं यहीं आप टैक्सी, रिक्शा या ट्रक लेने ले लिए लोन लेना चाहते हैं, तो आपको मुद्रा लोन मिल सकता है|

कोई भी व्यक्ति (individual), sole proprietorship, पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या पब्लिक कंपनी मुद्रा लोन ले सकती है|

आपको 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है| अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन चाहिए, तो मुद्रा योजना के तहत नहीं मिल सकता|

अगर आपने पहले किसी बैंक से लोन लिया है और उसका सही से भुगतान नहीं किया, तो आपको मुद्रा लोन नहीं मिलेगा|


मुद्रा लोन के लिए किन दस्तावेजों के ज़रुरत होती है? (Documents needed for Mudra Loan)

जी हाँ, आपको लोन के लिए कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे| ध्यान दे आप अपने बिज़नस के लिए लोन ले रहे हैं, तो बैंक आपको लोन देने से पहले यह सुनिश्चित करेगा, की आप व्यापार के लिए ही लोन ले रहे है और आप बिज़नेस में आपको मुनाफा हो सकता है|

एक बात और, आप किस तरह के काम के लिए लोन ले रहे है, इस बात पर भी आपके डॉक्यूमेंट निर्भर करेंगे| जैसे की , शिशु लोन (50,000 हज़ार रुपये तक ले लोन के लिए) के लिए आपको कम डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे|

दस्तावेजों की सूची नीचे दी गयी है|

  1. पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट) Proof of identity – Self certified copy of Voter’s ID card / Driving License / PAN Card / Aadhar Card/Passport.
  2. पते का प्रमाण (टेलीफोन बिल, बिजली का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, वोटर आईडी, आधार कार्ड) Proof of Residence – Recent telephone bill, electricity bill, property tax receipt (not older than 2 months), Voter’s ID card, Aadhar Card & Passport of Proprietor/Partners/Directors.
  3. जाति प्रमाण पत्र Proof of SC/ST/OBC/Minority.
  4. आपके बिज़नस का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट Proof of Identity/Address of the Business Enterprise -Copies of relevant licenses/registration certificates/other documents pertaining to the ownership, identity and address of business unit.
  5. आपने किसी बैंक में किसी तरह का डिफ़ॉल्ट न किया हो| इसका मतलब है की अगर आपने पहले कोई लोन लोया है पर उसका भुगतान नहीं किया है, तो आपको लोन नहीं मिलेगा| Applicant should not be defaulter in any Bank/Financial institution. यह बैंक खुद ही चेक कर लेगा|
  6. आपके या आपके बिज़नस के पिछले 6 महीने के बैंक अकाउंट स्टेटमेंट Statement of accounts (for the last six months), from the existing banker, if any.
  7. अगर आपके लोन की राशि दो लाख रुपये से ज्यादा की है, तो आपको अपने या बिज़नस के दो साल के आयकर रिटर्न और बिज़नेस की बैलेंस शीट भी जमा करनी होगी| Last two years balance sheets of the units along with income tax/sales tax return etc. (Applicable for all cases from Rs.2 Lacs and above).
  8. अगर आपके लोन की राशि दो लाख रुपये से ज्यादा की है , तो आपको अगले साल का प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट भी जमा करनी होगी|Projected balance sheets for one year in case of working capital limits and for the period of the loan in case of term loan (Applicable for all cases from Rs.2 Lacs and above).
  9. आपने इस वित्तीय वर्ष में कितनी बिकवाली करी है Sales achieved during the current financial year up to the date of submission of application.
  10. अगर आप कोई नया प्रोजेक्ट डाल रहे हैं, तो आपको यह भी दर्शाना होगा की ऐसा बिज़नस फायदेमंद है| Project report (for the proposed project) containing details of technical & economic viability.
  11. Memorandum and articles of association of the company/Partnership Deed of Partners etc.
  12. In absence of third party guarantee, Asset & Liability statement from the borrower including Directors& Partners may be sought to know the net-worth.
  13. फोटोग्राफ Photos (two copies) of Proprietor/ Partners/ Directors.

एक बात और हो सकता है, की बैंक आप से कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगे| ऐसी कोई अतिरिक्त जानकारी आपको अलग से ऑफलाइन प्रदान करनी होगी|

इतनी सारी जानकारी देख कर तो किसी को भी पसीना आ जाएगा| पर चिंता न करें| दस्तावेजों की लिस्ट आपकी लोन राशि, आपके बिज़नेस इत्यादि पर निर्भर करती है| काफी सारे दस्तावेज आप के पास पहले से ही होंगे|हो सकता है की आपके मामले में काफी सारे दस्तावेज चाहिए भी न हों|

इस बात पर भी गौर करें की अगर करोड़ों लोगों को लोन मिल चूका है, तो प्रक्रिया इतनी मुश्किल नहीं होनी चाहिए|


मुद्रा लोन ब्याज दर कितनी होती है? मुद्रा लोन की अवधि क्या होती है? (Mudra Loan Interest Rate and Loan Tenure)

मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है| आपकी जानकारी को देख कर बैंक की आपके लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है|

सरकार की तरफ से मुद्रा लोन की ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती|

शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक ) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती|

मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि (loan tenure) का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है| अवधि आपके क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो (cashflow) पर निर्भर करेगी|

आप लोन लेते समय moratorium period के लिए भी निवेदन कर सकते हैं| moratorium पीरियड के दौरान आपको केवल ब्याज का भुगतान करना होता है| यह सुविधा काफी लाभकारी सिद्ध हो सकती है|


मुद्रा लोन के लिए आप ऑनलाइन भी एप्लाई कर सकते हैं (How to apply online for Mudra Loan?)

ऐसा करने के लिए आपको इस वेबसाइट (https://mudramitra.in/) पर जाना होगा|

यहाँ पर आप शिशु, किशोरे या तरुण लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं|

  1. आप इस लिंक पर जाएँ (https://mudramitra.in/Login)mudra loan online application apply मुद्रा लोन कैसे पाएं
  2. आप देख सकते हैं की इस में पूरी प्रक्रिया बतायी गयी है| पहले आपको रजिस्टर करना होगा| अगर आपको फॉर्म भरने में सहायता चाहिए, तो वह भी बता सकते हैं| Application form भरें और अपने लोन के बैंक का चुनाव करें| ऐसा करने पर आपका आवेदन बैंक को भेज दिया जाएगा| उसके बाद बैंक फैसला करेगा की आपको लोन देना है की नहीं|
  3. अगर आप पहली बार लॉग इन कर रहे हैं, तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा| आप “New User” पर क्लिक कर सकते हैं या सीधे इस लिंक पर जा सकते हैं (https://mudramitra.in/Login/Register)
  4. रजिस्टर करते समय आपको अपने बारे में जानकारी देनी होगी|
    1. नाम और पता
    2. लिंग (Gender)
    3. जाति (caste)
    4. अपने बिज़नस के बारे में थोड़ी सी जानकारी देनी होगी
    5. मोबाइल नंबर
    6. इ-मेल आईडी
    7. आगे लॉग इन करने के लिए username भी डालना होगा|
  1. एक बार रजिस्टर करेंगे, तो आपके पास एक ई-मेल आएगी जिसमें आपका पासवर्ड भी होगा| आप फिर से इस लिंक (https://mudramitra.in/Login/Register) पर जा कर अप लॉग इन कर सकते हैं|
  2. मुद्रा लोन का आवेदन 6 स्टेप प्रक्रिया है|
    1. स्टेप 1: अपने बिज़नस के बारे में जानकारी
    2. स्टेप 2: आपके बारे में और बिज़नस के पार्टनर/डायरेक्टर के बारे में जानकारी
    3. स्टेप 3: आप बैंक से कोई करंट अकाउंट आदि की सुविधा का प्रयुग करते हैं, तो उसकी जानकारी, कितना लोन चाहिए इत्यादि| आप Step 3 से virtual handholding (ऑनलाइन सहायता) का विकल्प चुन सकते हैं| वहां पर आपको गाइड किया जाएगा|
    4. स्टेप 4: अपनी बिज़नस की सेल्स, मुनाफे, कैपिटल की जानकारी
    5. स्टेप 5: बिज़नस के रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी, सारे दस्तावेज़ अपलोड करें|
    6. स्टेप 6: अपने डिटेल सबमिट करें
  3. उसके बाद आपको बैंक या वित्तीय संस्थान के चुनाव करना होगा और आप अपनी application सबमिट कर सकते हैं| तो मान लिए आपको SBI में एप्लाई करना है, तो SBI का चुनाव कर सकते हैं|

आपका आवेदन अपने आप बैंक तक पहुँच जाएगा| उसके बाद बैंक फैसला करेगा की आपको लोन देना है की नहीं|

ध्यान दे मैंने केवल प्रक्रिया चेक करी है, लोन के लिए एप्लाई नहीं किया|


मुद्रा कार्ड क्या है? What is Mudra Card?

अगर आप overdraft या cash credit लेते हैं मुद्रा योजना के तहत, तो आप मुद्रा कार्ड ले सकते हैं| टर्म लोन में मुद्रा कार्ड नहीं मिलेगा|

मुद्रा कार्ड

मुद्रा कार्ड एक डेबिट कार्ड की तरह ही होता है जिससे आप किसी भी ATM जा कर एक सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं| ध्यान रखिये जो पैसा आप निकालते है, वह आपके लिए लोन बन जाता है और आपको उस राशि पर ब्याज देना होगा|

मुद्रा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (Mudra Toll-Free HelpLine Number)

मुद्रा लोन योजना के बारे में आपको कोई भी जानकारी चाहिए हो, तो आप मुद्रा बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं|

यह दो नंबर आप देश में से कहीं से भी फ्री में लगा सकते हैं

1800 180 1111

1800 11 0001

आप अपने राज्य (state) के Toll-free नंबर पर बात कर सकते हैं|

मुद्रा बैंक योजना 2019 2020 मुद्रा लोन ब्याज दर सब्सिडी

कुछ उपयोगी लिंक

अगर आपको लोन लेने में परेशानी आ रही है, तो आप एक ई-मेल help@mudra.org.in पर भेज सकते हैं| मुद्रा योजना के बारे में कुछ सामान्य सवालों (FAQ) के जवाब आप यहाँ पढ़ सकते हैं|

मुद्रा लोन योजना के टोल फ्री नंबर और ऑफिस के बारे में आप इस लिंक पर  जानकारी पा सकते हैं|

आईसीआईसीआई बैंक मुद्रा लोन (ICICI Bank Mudra Loan)

बैंक ऑफ़ बड़ोदा मुद्रा लोन (Bank of Baroda Mudra Loan)

स्टैंड अप इंडिया लोन (Stand Up India Scheme)

Filed Under: Loans Tagged With: Pradhan Mantri Mudra Yojana in Hindi, Sbi मुद्रा लोन application फॉर्म, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुद्रा बैंक क्या है, मुद्रा लोन कैसे पाएं, मुद्रा लोन कैसे मिलेगा, मुद्रा लोन ब्याज दर, मुद्रा लोन योजना, मुद्रा लोन योजना 2019

होम लोन के भुगतान पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट (Tax Benefits: Home Loan Repayment)

Last updated: फ़रवरी 28, 2019 | by दीपेश 10 Comments

ज़मीन और मकानों के दाम इतने ज्यादा हैं की अधिकाँश लोगों को घर खरीदने के लिए होम लोन लेना पड़ता है| अच्छी बात यह है की होम लोन के भुगतान पर आपको टैक्स बेनिफिट या छूठ मिलती हैं|

इस टैक्स बेनिफिट से आपके ऊपर होम लोन का भार कुछ कम हो जाता है|

इस पोस्ट में यह जानते है की आपको होम लोन के भुगतान पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलते हैं|


होम लोन पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स (Home Loan Repayment Tax Benefits in Hindi)

आपको टैक्स की बचत ब्याज की भुगतान (interest payment) और मूल के भुगतान (principal payment) दोनों परमिलती है|

आपको होम लोन के भुगतान पर तीन तरह के टैक्स बेनिफिट मिल सकते हैं|

  1. होम लोन पर ब्याज के भुगतान (interest payment) के लिए 2 लाख रुपये (सेक्शन 24 के तहत)
  2. होम लोन पर मूल के भुगतान (principal repayment) के लिए 1.5 लाख रुपये (सेक्शन 80C के तहत)
  3. अगर पहली बार घर ले रहे हैं, तो 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट ब्याज के भुगतान के लिए (सेक्शन 80EE के तहत)

आईये जानते हैं इन टैक्स बेनिफिट के बारे में विस्तार से| साथ ही यह भी देखते हैं की इन टैक्स बेनिफिट के साथ क्या शर्तें जुडी हुई हैं| होम लोन के टैक्स बेनिफिट से जुड़े कुछ आम सवालों पर भी चर्चा करेंगे|


होम लोन पर ब्याज के भुगतान के लिए टैक्स बचत (Tax Benefit for Interest Payment on Home Loan under Section 24 of Income Tax Act)

होम लोन पर ब्याज के भुगतान के लिए आप वित्तीय वर्ष में 2 लाख रुपये तक की छूठ ले सकते हैं|

अगर आपने 2 लाख से कम ब्याज के भुगतान लिया है, तो टैक्स बेनिफिट उस राशि तक ही सीमित होगा|

अगर 2 लाख से ज्यादा का भुगतान किया है, तो टैक्स लाभ 2 लाख रुपये तक सीमित होगा|

अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो इसका मतलब हुआ 60,000 रुपये की टैक्स बचत (2 लाख X 30%)|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 24 के तहत मिलता है|

क्या आयकर की धारा 24 के तहत टैक्स बेनिफिट लेने की कुछ शर्ते हैं?

  1. अगर लोन घर की मरम्मत के लिए लिया गया है, तो टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये नहीं होगा| केवल 30,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष होगा|
  2. 2 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट केवल घर खरीदने या बनाने के लिए है|
  3. ब्याज के भुगतान पर आप टैक्स बेनिफिट मकान का निर्माण पूरा होने या फ्लैट के possession मिलने के बाद ही ले सकते हैं|
  4. इसका मतलब यह नुआ की जब तक आपके घर के निर्माण पूरा नहीं होता, आपको धारा 24 के तहत कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|
  5. मकान का निर्माण पूरा होने से पहले किये गए ब्याज के भुगतान को आप जोड़ सकते हैं और अगले 5 साल (घर का निर्माण पूरा होने के बाद) तक बराबर किश्तों में टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर ध्यान दें, कुल मिला कर एक वित्तीय वर्ष में टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता|
  6. साथ ही, अगर आपका मकान लोन लेने के पांच साल के भीतर पूरा नहीं होता या आपके फ्लैट का possession नहीं मिलता, तो आपको मिलने वाला टैक्स बेनिफिट 2 लाख रुपये से घाट कर 30,000 रुपये प्रति वर्ष रह जाएगा|
  7. टैक्स बेनिफिट लेने के लिए यह ज़रूरी नहीं है की आपने लोन बैंक से ही लिया हो| आप अपने परिवार में किसी से या किसी मित्र से भी लोन ले सकते हैं| बस आपको ब्याज का भुगतान का सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) देना होगा|home loan repayment tax benefit in hindi

मूल राशि के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Principal Repayment under Section 80C of the Income Tax Act)

होम लोन पर मूल के भुगतान के लिए आपको प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80C के तहत मिलता है|

इन बातों पर भी ध्यान दें

  1. आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट पाने के और भी कई तरीके हैं| सभी तरीकों में कुल मिला कर आपको केवल 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट ही मिलता है|
  2. तो अगर आपके EPF, पीपीएफ, ELSS इत्यादि में निवेश से ही आपकी सेक्शन 80C की लिमिट पूरी हो रही है, तो आपके मूल भुगतान (principal repayment) पर कुछ ख़ास टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|
  3. ब्याज के भुगतान की तरह ही आप मूल के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट घर का निर्माण पूरा होने या फ्लैट का possession मिलने के बाद ही ले सकते हैं|
  4. परन्तु, यहाँ पर आप निर्माण से पहले किये गए मूल भुगतान (principal repayment) पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं ले सकते|
  5. अगर आप घर के निर्माण पूरा होने या फ्लैट का possession मिलने के 5 वर्ष की भीतर अपने घर बेच देते हैं, तो आपके टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे| इसका मतलब जो टैक्स बेनिफिट आपने पिछले वर्षों में लिया था, वह आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा और उसी अनुसार आपको टैक्स देना पड़ेगा|
  6. अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो लोन आपको किसी बैंक, सरकार, एलआईसी, नेशनल हाउसिंग बैंक, कॉपरेटिव सोसाइटी इत्यादि से लेना होगा| परिवार या किसी मित्र से लोन लेने पर मूल के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|

स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के लिए टैक्स बेनिफिट (Stamp Duty and Registration Charges)

आयकर की धारा 80C के तहत आप घर खरीदते समय Stamp Duty and Registration Charges के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

पर यह बेनिफिट आप उसी वर्ष ले सकते हैं, जिस वर्ष आपने इन शुल्कों का भुगतान किया है|

ध्यान रखें धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट की सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है|

यहाँ भी 5 वर्ष के भीतर घर बेचने पर आपके टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे|

पढ़ें: सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचाने के 15 आसान तरीके


आयकर की धारा 80EE के तहत पहली बार घर खरीदना वालों के लिए अतिरिक्त बचत (Extra Tax Benefit for first time home buyers under Section 80EE)

अगर आप अपने पहला घर खरीद रहे है, तो आपके पास कुछ अतिरिक्त टैक्स राहत भी है|

अगर आप पहला घर खरीद रहे हैं, तो होम लोन पर ब्याज के  भुगतान के लिए आप 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

यह बेनिफिट आपको धारा 80EE के अंतर्गत मिलता है|

यह बेनिफिट Section 24 के तहत मिलने वाले टैक्स लाभ के अतिरिक्त है|

कुछ शर्तें हैं:

  1. आपका लोन 1 अप्रैल, 2016 और मार्च 31, 2017 के बीच पारित हुआ हो|
  2. लोन राशि 35 लाख से ज्यादा नहीं होनी चहिये|
  3. मकान का मूल्य 50 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए|
  4. यह आपका पहला घर होना चाहिए|
  5. लोन आपने बैंक या किसी वित्तीय संस्थान से लिया हो|

ध्यान दें यह नियम हर वर्ष बदलता रहता है| मेरा मतलैब है की यह छूठ सरकार एक बार में एक वर्ष के लिए ही देती है| यह पक्का नहीं होता की अगले वर्ष भी यह राहत दी जायेगी या नहीं|


मैंने अपनी पत्नी के साथ Joint होम लोन किया है? क्या हम दोनों टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

जी हाँ, आप दोनों ही टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आप और आपकी पत्नी दोनों ही ब्याज के भुगतान के लिए 2-2 लाख का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| कुल मिला कर हुआ 4 लाख रुपये|

मूल के भुगतान (principal repayment) के लिए भी 1.5-1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

बस एक बात का ध्यान रखें| घर दोनों के नाम पर होना चाहिए (co-owner) और लोन में भी दोनों का नाम होना चाहिए (co-borrower)|

और सारे नियम और शर्तें वैसे ही हैं|

पढ़ें: होम लोन लेने से पहले इन 6 बातों का रखें ख्याल


क्या मैं HRA और होम लोन दोनों का टैक्स लाभ ले सकता हूँ?

अगर आप किराए के घर में रहते हैं और होम लोन भी लिया हुआ है, तो आप HRA और होम लोन भुगतान दोनों पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

HRA पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट पर मैंने विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: मकान के किराए पर भी मिल सकते हैं टैक्स बेनिफिट


मैंने दूसरे घर (let out property) के लिए लोन लिया है? क्या टैक्स बेनिफिट अलग है?

मूल राशि के भुगतान (Principal repayment) के लिए तो नियम सामान ही है| आप कितने भी घर ले लें, आप एक वर्ष में सभी लोन के लिए कुल मिला कर 1.5 लाख रुपये तक (Section 80C के तहत) का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

परन्तु ब्याज के भुगतान पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट में थोड़ा अंतर है|

अगर जिस घर पर आपने लोन लिया है और उसे किराए पर उठा रखा है, तब भी कुल मिला कर आप दो लाख रुपये का ही फायदा ले सकते हैं| अंतर इतना है की आप उस मकान के किराए की आय को भी एडजस्ट कर सकते हैं|

तो मान लिए आपकी किराए से कमाई (म्युनिसिपल टैक्स और स्टैण्डर्ड डिडक्शन) के बाद) 1.25 लाख रुपये की हुई, तो कुल मिला कर आप 3.25 लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स बेनिफिट ले पायेंगे|

मैं समझ सकता हूँ की यह विषय थोडा पेचीदा है| इस पोस्ट के अन्दर समझाना भी काफी मुश्किल है| अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

पढ़ें: होम लोन लेने से पहले इन 6 बातों का रखें ख्याल

आप इस विषय में विस्तार से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|

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गोल्ड लोन के बारे में पूरी जानकारी (Gold Loan in Hindi): कहाँ, कैसे और कितना मिल सकता है?

Last updated: अक्टूबर 29, 2018 | by दीपेश 28 Comments

अपने देश में ज़्यादातर लोग सोने में निवेश करते हैं| इसीलिए घर में अमूमन थोड़ा बहुत सोना तो होता ही है| अगर आपके जल्दी से लोन की आवश्यकता है, तो गोल्ड लोन एक अच्छा विकल्प को सकता है| गोल्ड लोन मिल भी आसानी से जाता है|

ध्यान दें पैसा आप सोने को बेच कर भी पा सकते हैं| पर अगर आपके पास पुश्तेनी आभूषण हैं, तो शायद आप उन्हे बेचना न चाहें| ऐसी स्तिथि में आप गोल्ड लोन के बारे में सोच सकते हैं|

इस पोस्ट में मैं चर्चा करूंगा की गोल्ड लोन के कई पहलूयों पर|

गोल्ड लोन कैसे मिलता है? कहाँ मिलता है?

आपके सोने पर कितना गोल्ड लोन मिलेगा? गोल्ड लोन पर इंटरेस्ट रेट क्या होता है?

ऐसी बहुत सी बातों पर चर्चा करेंगे| साथ ही इस बात पर भी चर्चा करेंगे की आपको गोल्ड लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए|


गोल्ड लोन क्या है? What is a Gold Loan (in Hindi)?

गोल्ड लोन के तहत आप अपना सोना या सोने के आभूषण (जेवर) गिरवी (collateral) रख कर लोन लेते हैं|

जब आप लोन का भुगतान कर देते हैं, तो आपका सोना या आभूषण आपको लौटा दिया जाता है|

अगर आप लोन का भुगतान नहीं करते, तो बैंक या लोन कंपनी आपके सोने को बेच कर अपना लोन वसूल लेती है|

इसी वजह से ऐसा हो सकता है की आपको सिबिल स्कोर (CIBIL score) खराब होने के बावजूद गोल्ड लोन मिल जाए| खराब सिबिल स्कोर के साथ आपको पर्सनल लोन नहीं मिलेगा|

पढ़ें: खराब क्रेडिट स्कोर के बावजूद आप ले सकते हैं यह 6 प्रकार के लोन


गोल्ड लोन के फायदे क्या हैं? (Benefits of Gold Loan)

  1. गोल्ड लोन बहुत जल्दी मिल जाता है| कुछ लोन कंपनी तो कुछ मिनिटों में लोन देने का दावा करती हैं|
  2. ज्यादा दस्तावेज जमा करने की भी ज़रुरत नहीं होती|
  3. ब्याज दर (गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट) एक पर्सनल लोन से कम होगा|
  4. आपको खराब सिबिल स्कोर (CIBIL score) होने के बावजूद भी गोल्ड लोन मिल सकता है| 
  5. पर्सनल लोन की ही तरह आप लोन राशि को किसी भी कार्य के लिए उपयोग कर सकते हैं|
  6. ऐसे लोन किए लिए कई बार आपको इनकम proof की भी ज़रुरत नहीं होती| तो आप सैलरी पाते हैं, या सेल्फ-एम्प्लोयेड हैं हैं, आपको गोल्ड लोन लिम सकता है| बस आपके पास सोना होना चाहिए|

गोल्ड लोन में आपको कितना लोन मिल सकता है? प्रति ग्राम सोने (per gram gold) पर कितना लोन मिलता है? (गोल्ड लोन रेट पर ग्राम)

यह बैंक या गोल्ड लोन कंपनी पर निर्भर करता है| हर बैंक की अलग पालिसी हो सकती है|

साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) की भी पालिसी है|हर बैंक को रिज़र्व बैंक की पालिसी का पालन करना होता है|

रिज़र्व बैंक के अनुसार बैंक या गोल्ड लोन कंपनी आपके सोने के मूल्य पर अधिकतम 75% तक लोन दे सकते हैं| इसका मतलब Loan-to-Value (LTV) 75% से अधिक नहीं हो सकता|

मान लिए आपके पास 100 ग्राम सोने की आभूषण हैं| और सोने का मूल्य 28,000 रुपये प्रति तोला (2,800 रुपये प्रति ग्राम) चल रहा है| आपके सोने का कुल मूल्य हुआ 2 लाख 80 हज़ार रुपये|

इसका 75% प्रतिशत हुआ 2 लाख 10 हज़ार रुपये| इसका मतलब आपको इससे ज्यादा लोन नहीं मिल सकता|

बैंक अपनी पालिसी के अनुसार आपको कम लोन तो दे सकता है पर ज्यादा नहीं|

बैंक या लोन कंपनी आमतौर पर 60-65% तक के मूल्य पर लोन देती हैं|

इसके अलावा बैंक की न्यूनतम और अधिकतम लोन राशि की सीमा हो सकती है|

इन बातों पर भी खयान दे|

  1. केवल सोने का मूल्य माना जाता है।
  2. अगर आप सोने के आभूषण (जेवर) को गिरवी रखते हैं, तो आभूषण बनाने की कीमत को नहीं गिना जाएगा| लोन आपको केवल सोने के मूल्य पर मिलेगा|
  3. साथ ही जड़े हुए हीरे या अन्य पत्थरों की कीमत को भी लोन देने के लिए नहीं गिना जाएगा|
  4. जहां तक लोन के बात है, केवल आपके सोने के वज़न का माना जाएगा|

क्या सोने के सिक्कों  (Gold coins) पर गोल्ड लोन मिलता है?

आप सोने के सिक्कों (gold coins) का प्रयोग करके भी लोन ले सकते हैं|

परन्तु आपको केवल उन्ही सोने के सिक्कों पर लोन मिलेगा, जो की आपने बैंक से खरीदें हैं|

किसी जौहरी की दुकान से खरीदे हुए सोने की सिक्कों पर लोन नहीं मिलेगा|

साथ ही, बैंक से सिक्के खरीदने पर भी अधिकतम 50 gram सोने के सिक्कों पर लोन मिल सकता है| हर बैंक में यह सीमा अलग हो सकती है, परन्तु 50 ग्राम से ज्यादा नहीं हो सकती| ध्यान दें सोने के सिक्कों पर गोल्ड लोन की पाबंधी भारतीय रिज़र्व बैंक ने रखी हैं|


गोल्ड लोन के लिए सोने की कीमत क्या मानी जायेगी? (गोल्ड लोन रेट per ग्राम)

इस बात पर रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देश हैं|

सोने की कीमत के उद्देश्य के लिए, 22 कैरट सोने (22 carat gold) की समाप्ति मूल्य (closing price) के पिछले 30 दिन का औसत माना जाएगा (average closing price of 22 carat gold at Indian Bullion and Jewellers Association Limited for थे previous 30 days) | यदि सोने की शुद्धता 22 कैरट से कम है, तो सोने का मूल्य भी उसी अनुपात में कम होगा|

कुछ बैंक या लोन कंपनी की वेबसाइट पर लोन कैलकुलेटर भी उपलब्ध हैं| ऐसी सुविधा का उपयोग करके आप अपने लोन की क्षमता की अंदाजा ले सकते हैं| जैसे की आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) की वेबसाइट पर आप चेक कर सकते हैं की आपको आपके सोने या सोने के आभूषण पर कितना लोन मिलेगा|


गोल्ड लोन पर कितना ब्याज देना होता है? गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट क्या है?

हर बैंक और एनबीएफसी में ब्याज दर अलग-अलग होगी।

पर हाँ, गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट को आप पर्सनल लोन की ब्याज दर से कम होने की उम्मीद कर सकते हैं|

ऐसा इसीलिए क्योंकि गोल्ड लोन एक सुरक्षित लोन (secured loan) है|

ब्याज दर आपके लोन की अवधि, लोन राशि, एलटीवी (LTV) पर निर्भर कर सकती है|

हो सकता है की किसी बैंक या लोन कंपनी में आपको ज्यादा लोन मिले (उतने ही सोने पर), पर ऐसी स्तिथि में ब्याज दर ज्यादा होने की उम्मीद है|

आप ब्याज दर जानने के लिए बैंक की वेबसाइट या शाखा में जा सकते हैं|

SBI गोल्ड लोन की ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप स्टेट बैंक की वेबसाइट पर जा सकते हैं|


गोल्ड लोन के अवधि कितनी होती है? (Gold Loan Tenure)

अब इस बात पर भी ध्यान देना ज़रूरी है|

गोल्ड लोन (सोने पर लोन) एक शोर्ट टर्म (short term) लोन होता है|

गोल्ड लोन की अवधि 6 महीने से 36 महीने तक हो सकती है| परन्तु ध्यान दें ज़्यादातर बैंक या लोन कंपनी केवल 12 महीने तक की अवधि का लोन ही देती हैं|

मणप्पुरम फाइनेंस (Mannapuram Finance) और मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) की अधिकतम लोन अवधि 12 महीने है। आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक  की अधिकतम लोन अवधि भी 12 महीने ही  है। एक्सिस बैंक 36 महीनों तक एक अवधि के लिए गोल्ड लोन देता है।


गोल्ड लोन का भुगतान कैसे होता है? (Gold Loan Repayment)

आपके पास कई विकल्प होते हैं|

  1. आप EMI के द्वारा भुगतान कर सकते हैं| यह बिलकुल होम लोन की तरह ही होगी| हर महीने आपकी EMI का कुछ हिस्सा ब्याज के भुगतान के लिए जाएगा और कुछ हिस्सा मूल (principal repayment) के भुगतान के लिए| अगर आप जानना चाहते हैं की EMI वाले लों कैसे काम करते हैं, तो आप इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|
  2. हर महीने ब्याज का भुगतान करें और लोन अवधि के अंत में एक बार में पूरा मूल चुका दें| (Interest every month and principal at the end of loan tenure)| भुगतान के इस तरीके को Bullet Repayment भी कहते हैं|
  3. लोन की शुरुआत में ही ब्याज चुकाना होगा (बैंक आपको ब्याज काट कर राशि देगा) और वर्ष के बैंक में मूल राशि (principal) का भुगतान कर दें|

ध्यान दें कि तीनों तरीकों के तहत आपकी ब्याज दर अलग हो सकती है| और यह भी ज़रूरी नहीं की आपका बैंक या लोन कंपनी आपको तीनों विकल्प दे|

आईये पहले और दूसरे तरीके की तुलना करते हैं|

sbi सबी गोल्ड लोन मुथूट गोल्ड लोन गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट मनाप्पुरम गोल्ड लोन


क्या मुझे अपने सोने के आभूषण वापस मिल जाते हैं?

जी हाँ, लोन के भुगतान के बाद आपको आपके आभूषण वापिस मिल जाते हैं|

परन्तु अगर लोन का भुगतान नहीं किया, तो बैंक आपके आभूषण बेच कर अपने पैसे वसूल सकता है|


गोल्ड लोन कहाँ से और कैसे लें? किन दस्तावेजों की ज़रुरत पड़ती है? (How

गोल्ड लोन आप बैंक या गोल्ड लोन कंपनी से ले सकते हैं|

अधिक जानकारी के लिए मैं आपको कुछ प्रमुख बैंक या लोन कंपनी की वेबसाइट बता देता हूँ|

  1. SBI गोल्ड लोन
  2. आईसीआईसीआई बैंक गोल्ड लोन
  3. एक्सिस बैंक गोल्ड लोन
  4. मणप्पुरम फाइनेंस गोल्ड लोन (Mannapuram Finance)
  5. मुथूट फाइनेंस गोल्ड लोन (Muthoot Finance)

ध्यान दें मैंने यह जानकारी केवल उदहारण के लिए दी है| आप किसी और बैंक से भी लोन ले सकते हैं|

आपको लोन लेने किये अपने सोने के आभूषण के साथ-साथ कुछ दतावेज़ भी जमा करने होंगे| मैं कुछ ज़रूरी डॉक्यूमेंट की लिस्ट दे देता हूँ| पूरी लिस्ट आपको बैंक से ही मिलेगी|

  1. आवेदन पत्र (Application form)
  2. पहचान पत्र, आपके पते का प्रमाण
  3. PAN कार्ड
  4. कुछ फोटो

लोन देने से पहले आपके सोने का मूल्यांकन किया जाएगा और मूल्य के अनुसार आपको लोन दिया जाएगा|


गोल्ड लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  1. गोल्ड लोन आपातकाल के मामलों में जल्दी धन पाने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है|
  2. लोन लिया है, तो चुकाना भी होगा| यह सुनिश्चित करें|
  3. अगर आपको लगता है की आप यह लोन नहीं चुका पायेंगे, तो अपने सोने पर लोन (गोल्ड लोन) लेने की बजाय उसे बेच दें| क्योंकि अगर आपने लोन का भुगतान नहीं किया, तो सोना तो बिकना ही है| लोन नहीं लेंगे, तो कम से कम ब्याज से बचेंगे|
  4. क्योंकि गोल्ड लोन की अवधि कम होती है, तो आपके ऊपर भुगतान के प्रेशर भी ज्यादा होगा| अगर आपको लगता है की एक वर्ष में कुछ सुधरने वाला नहीं है, तो गोल्ड लोन न लें| अपने सोने को बेच दें| या लोन का कोई दूसरा विकल्प चुने|
  5. गोल्ड लोन पर ब्याज ही आपका इकलौता खर्च नहीं है| आपको प्रोसेसिंग फीस (processing fee), मूल्यांकन शुल्क (valuation charges) या कुछ और चार्ज भी हो सकते है| लोन लेने से पहले केवल इंटरेस्ट रेट की ही तुलना  न करें| इन सभी शुल्कों पर भी ध्यान दें|

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भारतीय स्टेट बैंक गोल्ड लोन (SBI गोल्ड लोन) की जानकारी 

अब  मैं स्टेट बैंक के गोल्ड लोन के बारे में थोड़ी से जानकारी दूंगा|

लोन लेने के लिए आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए|

आपके पास आय का स्त्रोत होना चाहिए| अगर आप स्टेट बैंक में काम करते हैं या स्टेट बैंक खाते में पेंशन पाते हैं, तो इनकम प्रूफ देने की कोई ज़रुरत नहीं है|

न्यूनतम लोन राशि: 20,000 रुपये, अधिकतम लोन राशि: 20 लाख रुपये

तीन प्रकार के गोल्ड लोन उत्पाद हैं:

  1. गोल्ड लोन: आपको हर महीने मूल राशि और ब्याज का भुगतान करना होता है| अधिकतम लोन अवधि 36 महीने है| आपको अपने सोने के मूल्य की 75% राशि तक का लोन मिल सकता है|
  2. Liquid gold loan (लिक्विड गोल्ड लोन): यह overdraft सुविधा है| आपको निकाले हुए पैसे पर हर महीने ब्याज देना होता है| पूर्ण भुगतान आप अकाउंट बंद करते समय हर सकते हैं| यहाँ पर आप कितनी बार भी पैसा निकाल और जमा कर सकते हैं| अधिकतम लोन अवधि 36 महीने है| आपको अपने सोने के मूल्य की 75% राशि तक का लोन मिल सकता है|
  3. Bullet Repayment: ब्याज और मूल राशि का भुगतान लोन अवधि के अंत में करना होता है| अधिकतम लोन अवधि 12 महीने है| आपको अपने सोने के मूल्य की 65% राशि तक का लोन मिल सकता है|

SBI गोल्ड लोन की ब्याज दर 1-year mclr + 2% है| अभी स्टेट बैंक का MCLR 8.5% p.a. चल रहा है| इसका मतलब आपको गोल्ड लोन 10.5% p.a पर मिल जाएगा|

अधिक जानकारी के लिए SBI की वेबसाइट पर जाएँ|

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प्रॉपर्टी लोन (Loan against Property) के बारे में पूरी जानकारी

Last updated: जनवरी 29, 2018 | by दीपेश 89 Comments

मान लिए आपको 20 लाख रुपये की ज़रुरत है| आपका परिवार या मित्र आप सहायता करने की स्तिथि में नहीं हैं| किसी कारण से आपको पर्सनल लोन लेने में भी परेशानी हो रही है|

अब आपके पास क्या विकल्प हैं?

आपके पास एक प्रॉपर्टी पड़ी है, जिसे आप बेच कर ज़रूरी राशि पा सकते हैं|

पर आप वह प्रॉपर्टी भी नहीं बेचना चाहते|

अब आप क्या करेंगे?

ऐसी स्तिथि में  आप एक प्रॉपर्टी लोन (Loan against Property) ले सकते हैं| लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी में आप अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी (mortgage) रख कर लोना ले सकते हैं|

  1. लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (Loan against property or LAP) क्या होता है?
  2. Loan against property और एक पर्सनल लोन में क्या अंतर है?
  3. प्रॉपर्टी लोन और होम लोन में क्या अंतर है?
  4. अपनी प्रॉपर्टी पर कितना लोन ले सकते हैं?
  5. प्रॉपर्टी लोन पर कितना ब्याज (इंटरेस्ट रेट) देना पड़ सकता है?
  6. प्रॉपर्टी पर लोन कैसे लें? किन दस्तावेजों की ज़रुरत पड़ेगी?
  7. क्या प्रॉपर्टी लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है?
  8. प्रॉपर्टी लोन लेते समय किन बातों का ख्याल रखें?
  9. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से प्रॉपर्टी लोन लेने के बारे में जानकारी

ऐसे सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आगे पढ़ें|

प्रॉपर्टी लोन (Loan against property or LAP) क्या होता है?

आप अपनी घर या कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी (residential or commercial property) को गिरवी रख कर लोन ले सकते हैं|

प्लाट या खाली ज़मीन पर लोन लेने में परेशानी होगी|

क्योंकि आप अब बैंक को कुछ गिरवी दे रहे हैं, हो सकता है की बैंक आपको पर्सनल लोन देने से मना कर दे, पर प्रॉपर्टी लोन देने को तैयार हो जाए| ध्यान दे पर्सनल लोन एक असुरक्षित लोन (unsecured loan) होता है|

क्योंकि प्रॉपर्टी लोन एक secured लोन है, आपकी ब्याज दर एक पर्सनल लोन से कम हो सकती है|

आपको संपत्ति (प्रॉपर्टी) बेचने की ज़रूरत नहीं है| पर ध्यान दें लोन का भुगतान आपको करना होगा| अन्यथा बैंक आपकी प्रॉपर्टी बेच कर अपना लोन वसूल लेगा|

Loan against property और एक पर्सनल लोन में क्या अंतर है?

जैसा की ऊपर लिखा है, LAP एक सुरक्षित लोन (secured loan) है| पर्सनल लोन एक असुरक्षित लोन (unsecured loan) है|

इसीलिए प्रॉपर्टी लोन मिलना की संभावना ज्यादा हो सकती है| ब्याज दर भी पर्सनल लोन से कम होगी|

पर्सनल लोन आपको 5-10 लाख से ज्यादा का नहीं मिलेगा| पर प्रॉपर्टी पर आपको 5-10 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता हैं|

पर्सनल लोन की अवधि 3-5 वर्ष से ज्यादा की नहीं होगी| इसके विपरीत एक प्रॉपर्टी लोन की अवधि 15 वर्ष तक हो सकती है|

प्रॉपर्टी लोन में आपको अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रखनी होगी| ऐसा करने के कुछ पेपर वर्क (paper work) करना होगा| इसीलिए प्रॉपर्टी पर लोन लेने में समय ला सकता है| इसीलिए थोडा समय लग सकता है|

इसके विपरीत पर्सनल लोन आपको फटाफट मिल जाता है|

प्रॉपर्टी लोन और होम लोन में क्या अंतर है?

आप एक घर खरीदने या बनाने के लिए होम लोन लेते हैं।

प्रॉपर्टी पर लोन के मामले में, आप पहले से ही संपत्ति के मालिक हैं।

प्रॉपर्टी लोन में आप संपत्ति को गिरवी रखते हैं और लोन राशि का किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करते हैं।

  • शिक्षा
  • चिकित्सा उपचार
  • शादी
  • व्यापार की आवश्यकताओं
  • किसी दूसरे लोन का भुगतान
  • या कोई भी अन्य उद्देश्य

बैंक आपके उपयोग करने पर प्रतिबंध नहीं लगाते हैं| बस आप इस पैसे को speculative काम की लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते और इस बात के आपको बैंक को एक घोषणापत्र (undertaking) देना होगा|

अपनी प्रॉपर्टी पर कितना लोन ले सकते हैं?

बैंक आपको 5-10 कोर्ड रुपये तक का लोन दे सकते हैं| हर बैंक की अलग पालिसी हो सकती है|

पर, लोन की राशि प्रॉपर्टी के मूल्य (market value) पर निर्भर करेगी।

लोन देने से पहले बैंक आपकी प्रॉपर्टी के मूल्य का आंकलन करता है|

आपको अपनी प्रॉपर्टी के मूल्य के 50-70% तक की राशि का लोन मिल सकता है|

साथ ही बैंक इस बात पर भी ध्यान देते हैं की आप कितने लोन का भुगतान कर सकते हैं (repayment ability)| बशर्ते आपकी प्रॉपर्टी का मूल्य 1 करोड़ रुपये हो, पर अगर आप अपनी आय पर केवल 10 लाख के लोन का भुगतान कर सकते हैं, तो बैंक आपको 10 लाख से ज्यादा का लोन नहीं देगा|

संक्षेप में, बैंक इन निम्नलिखित बातों पर विचार करेगा|

  • प्रॉपर्टी का बाजार मूल्य (market value of property)
  • आपकी प्रॉपर्टी के कागज़ सही और पूरे होने चाहिए|
  • आपकी आयु (न्यूनतम और अधिकतम आयु पर सीमा हो सकती है)
  • आप सैलरी पाते हैं और स्वरोजगार हैं (salaried or self-employed)
  • आपका वेतन या वार्षिक आय
  • आपका सिबिल (क्रेडिट) स्कोर, जितना ज्यादा है, उतना बेहतर है
  • आपके दूसरे लोन

पढ़ें: सिबिल स्कोर (CIBIL score) क्या है और कैसे आपके लोन को प्रभावित करता है?

पढ़ें: अपनी सिबिल रिपोर्ट कैसे पाएं फ्री में? (How to download free CIBIL report?

प्रॉपर्टी लोन पर कितना ब्याज (इंटरेस्ट रेट) देना पड़ सकता है?

प्रॉपर्टी लोन पर ब्याज दर स्थिर नहीं रहती| लोन लेते समय ही आपको ब्याज दर चेक करनी होगी| साथ ही यह लोन एक फ्लोटिंग रेट लोन (floating rate loan) है| आपकी लोन अवधि के दौरान भू लोन की ब्याज दर बदल सकती है|

आप विभिन्न बैंक से बात करके सबसे कम ब्याज दर वाला लोन ले सकते हैं|

SBI प्रॉपर्टी लोन (SBI loan against property) की ब्याज दर जानने के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं|

प्रॉपर्टी पर मिलने वाले लोन की अवधि 15 वर्ष तक भी हो सकती है|

प्रॉपर्टी पर लोन कैसे लें? किन दस्तावेजों की ज़रुरत पड़ेगी?

आपको बैंक या NBFC जाना होगा और वहाँ जा कर आवेदन करना होगा|

हालांकि बैंकों और एनबीएफसी में दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है, मैं कुछ प्रमुख दस्तावेजों का यहाँ जिक्र करूंगा|

  • उधारकर्ता की पहचान और पता प्रमाण (Identity and address proof of the borrower)
  • वेतन स्लिप, फॉर्म -16 (अगर आप सैलरी पाते हैं)
  • बैंक विवरण, आयकर रिटर्न, सर्टिफाइड फाइनेंसियल स्टेटमेंट (अगर आप self-employed हैं)
  • आपकी प्रॉपर्टी के कागज़ात (property papers)

इन डाक्यूमेंट्स को तैयार रखें|

क्या प्रॉपर्टी लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है?

नहीं, प्रॉपर्टी लोन के भुगतान पर आपको कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता| न तो आपको ब्याज के भुगतान (interest payment) पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है और न ही मूल के भुगतान (principal repayment) पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है|

प्रॉपर्टी लोन लेते समय किन बातों का ख्याल रखें?

अच्छी बात यह है की पआपके पास प्रॉपर्टी लोन लेने का विकल्प है परन्तु लोन लेने से पहले कुछ बातों का ख्याल रखें|

  • आपने लोन लिया है, तो चुकाना भी होगा| तो लोन लेने से पहले यह बात ज़रूर सुनिश्चित कर लें| अगर लोन नहीं चुकाया, तो बैंक प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा कर उसे बेच देगा और अपना लोना वसूल लेगा|
  • इसीलिए अगर आपकी आर्थिक स्तिथि अच्छी नहीं है, तो बेहतर होगा की आप प्रॉपर्टी पर लोन लेने की बजाय उसे बेच दें| कम से कम ब्याज तो बचेगा|
  •  लोन का ब्याज आपकी एक मात्र लागत नहीं है। प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, प्रॉपर्टी वैल्यूएशन फीस (मूल्यांकन शुल्क), कानूनी शुल्क आदि जैसे कई और खर्चे भी आपको उठाना होंगे।
  • हालांकि प्रॉपर्टी लोन का ब्याज दर पर्सनल लोन से कम होने की उम्मीद है, आप पर्सनल लोन के लिए भी कोशिश करें} क्या पता आपको पर्सनल लोन ही सस्ता मिल जाए|
  • अगर बच्चों की पढाई के लिए लोन ले रहे हैं, तो शिक्षा लोन के लिए कोशिश करें| एजुकेशन लोन सस्ता भी होगा और भुगतान पर टैक्स बेनिफिट भी मिलेंगे|
  • बैंक या NBFC का फैसला करने से पहले 2-3 जगह ब्याज दर और अन्य शुल्कों का पता कर लें|

तो प्रॉपर्टी लोन लेने से पहले इन बातों का ख्याल ज़रूर रखें|

 

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से प्रॉपर्टी लोन लेने के बारे में जानकारी

आईये देखते हैं SBI से मिलने वाले प्रॉपर्टी लोन के बारे में|

मासिक आय: कम से कम 25,000 रुपये

न्यूमतम लोन राशि: 10 लाख रुपये

अधिकतम लोन राशि: 7.5 करोड़ रुपये (प्रॉपर्टी के मूल्य की 65% प्रतिशत राशि का लोन ले सकते हैं)

ब्याज दर: नवीनतम ब्याज दर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें|

लोन की अवधि के बारें में साईट पर नहीं बताया गया है| पर यह बताया है लोन समाप्ति के समय आपकी आयु 70 वर्ष से ज्यादा नहीं हो सकती| तो अगर आपकी आयु 60 वर्ष है, तो लोन की अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती|

अधिक जानकारी के लिए आप अपनी निकटतम शाखा या SBI वेबसाइट पर SBI प्रॉपर्टी लोन के पेज पर भी जा सकते हैं|आप यह जानकारी इस लिंक पर भी पा सकते हैं

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क्या आप इनकम टैक्स बचाने के इन 13 स्मार्ट तरीकों के बारे में जानते हैं?

by दीपेश 2 Comments

जब टैक्स बचाने के लिए निवेश की बात आती है, हम में से अधिकांश लोग जीवन बीमा, पेंशन योजनाओं, ईएलएसएस, पीपीएफ और ईपीएफ और होम लोन के भुगतान के बारे में  जानते हैं।

पर इनके अलावा भी बहुत सारे तरीके हैं, जिन से आप आसानी से टैक्स बचा सकते हैं|

#1 बचत बैंक खाते पर ब्याज (Interest Income on Savings Bank Account) (Section 80 TTA)

आपके सेविंग्स बैंक अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज 10,000 रुपये तक कर मुक्त है|

यह टैक्स छूठ आपको सेक्शन 80TTA के अंतर्गत मिलती है|

अगर आपने सेविंग्स अकाउंट पर एक वित्तीय वर्ष में 10,000 रुपये से अधिक ब्याज कमाया है, तो अतिरिक्त राशि पर आपको अपने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स जमा करना होगा|

ध्यान दें की यह छूठ आपके सभी बचत बैंक खातों (savings bank account) को मिला कर है| तो आप बहुत सारे सेविंग्स अकाउंट खोल कर अपना टैक्स नहीं बचा सकते|

ध्यान दें यह छूठ केवल बचत बैंक खातों पर मिलने वाले ब्याज पर है।

फिक्स्ड डिपॉजिट (fixed deposit) पर मिलने वाले ब्याज पर ऐसी कोई राहत नहीं है।

पढ़ें: सेक्शन 80C के तहत किन तरीकों से कर सकते हैं टैक्स बचत?

#2 शिक्षा ऋण पर ब्याज (धारा 80E) (Interest on Education Loan)

आप उच्च शिक्षा के लिए लोन के पूरे ब्याज का भुगतान पर धारा 80E के तहत टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

ध्यान दें केवल ब्याज के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट मिलता है| मूल राशि (principal repayment) के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है|

आप अपनी, पति/पत्नी, बच्चों (या किसी भी व्यक्ति जिसके लिए आप कानूनी संरक्षक हैं) की उच्च शिक्षा के लोन के भुगतान के लिए टैक्स बेनिफिट ले सकते है|

उच्च शिक्षा का मतलब है वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा (Senior Secondary Examination) उत्तीर्ण करने के बाद की पढ़ाई।

यह टैक्स बेनिफिट आपको उस वर्ष से मिलता है, जब आप इस शिक्षा लोन को चुकाना शुरू करते हैं| यह टैक्स लाभ आप 8 वर्ष तक उठा सकते हैं|

शिक्षा लोन पर मिलने वाले टैक्स लाभ के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

#3 घर के किराए पर Section 80GG के तहत कर लाभ

अब HRA पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट से तो कर कोई अवगत है| साथ यह टैक्स बेनिफिट आपको आपका एम्प्लायर अपने आप ही दे देता है|

पर अगर आपको HRA नहीं मिलता है या फिर आप self-employed हैं, तब भी आप कुछ टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|

धारा 80GG के तहत कटौती का लाभ ( 5,000 रुपये प्रति माह, कुल आय का 25%, किराया – वार्षिक आय का 10%) में से सबसे कम राशि तक सीमित है| टैक्स लाभ लेने से पहले आपको कई शर्तों को पूरा करना होगा|

HRA से मिलने वाले टैक्स बेनिफिट की गणना कैसे की जाती है और धारा 80GG के तहत टैक्स बेनिफिट लेने की क्या शर्तें हैं, इस बारे में मैंने विस्तार से दूसरी पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: मकान के किराए पर भी आप कर सकते हैं टैक्स बचत

#4 आपके घर की स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क (धारा 80C) (Stamp Duty and Registration Fee)

होम लोन के मूल भुगतान (principal repayment) पर सेक्शन 80C के अंतर्गत टैक्स लाभ मिलता है| इस बात से सभी लोग अवगत हैं|

पर क्या आप जानते हैं की आप अपने घर लेते समय स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस पर भी धारा 80C के अंतर्गत आप लाभ ले सकते हैं|

एक बात और, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के भुगतान के लिए टैक्स बेनिफिट लेने के लिए आपको होम लोन लेने की ज़रुरत नहीं है| होम लोन लिए बिना भी आप इस भुगतान के लिए टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| ऐसे व्यय पर टैक्स बेनिफिट तभी ले सकते हैं, जिस साल आपने यह भुगतान किया हो|

धारा 80 सी के तहत स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के लिए कटौती का दावा भी कर सकते हैं। आप इन खर्चों के लिए इस कटौती का लाभ ले सकते हैं भले ही आपने गृह ऋण न लिया हो।

#5 स्वास्थ्य बीमा और निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए प्रीमियम (सेक्शन 80D) (Health Insurance and Health Check–up)

#6 अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए मेडिकल व्यय (> = 80 वर्ष) (धारा 80D)

#7 गंभीर बीमारी के लिए उपचार लागत (सेक्शन 80DDB)

#8 आश्रित विकलांग परिजन की चिकित्सा के लिए खर्चा  (धारा 80DD)

#9 विकलांग व्यक्ति के मामले में कटौती (धारा 80U)

इन सभी टैक्स बचत के तरीकों के बारे में गहराई से जानने के लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट

#10 एनपीएस में निवेश की गई राशि (Section 80CCD)

एनपीएस में निवेश करने पर आपको Section 80CCD के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है| साथ ही अगर आपका एम्प्लायर आपके एनपीएस खाते में पैसे जमा करता है, तो आपको उसके लिए भी टैक्स बेनिफिट मिलता है|

Section 80CCD(1): 1.5 लाख रुपये तक (यह  धारा 80C के तहत मिलने वाले लाभ के अन्दर ही आता है)| आपके योगदान के लिए|

Section 80CCD(1B): 50,000 रुपये तक (यह कर लाभ अतिरिक्त है)| आपके योगदान के लिए|

Section 80CCD(2): यह आपके एम्प्लायर के आपके एनपीएस खाते में योगदान पर मिलता है|

एनपीएस में निवेश पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

पढ़ें: एनपीएस में निवेश पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट

#11 अटल पेंशन योजना में निवेश (Section 80 CCD)

एनपीएस के तरह अटल पेंशन योजना में भी निवेश करने पर आपको धारा 80CCD के तहत टैक्स लाभ मिलता है|

अटल पेंशन योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|

#12 घर की मरम्मत और रखरखाव के लिए लिए गए लोन पर ब्याज (धारा 24) (Interest on Loan taken for repair and maintenance of house)

आपको पता है की आपने घर खरीदने या बनाने के लिए जो होम लोन लिया है, उसके ब्याज के भुगतान पर आपको वर्ष में 2 लाख रुपये तक की छूठ मिलती है (धारा 24 के तहत)|  

पर क्या आप जानते है की आपको यह छूठ अपने मकान की मरम्मत (repair) और रखरखाव (maintenance) के लिए लिए गए लोन पर भी मिलती है| ऐसे किसी लोन पर आप एक वित्तीय वर्ष में 30,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| यह लाभ भी धारा 24 के तहत ही है|

#13 सामजिक कार्यों के लिए प्रतिदान (धारा 80G) (Donation for Social Causes)

आपके द्वारा दी गयी कई तरह की डोनेशन धारा 80 जी के तहत कटौती के लिए पात्र हैं| आपकी दान राशि के 50% या 100% तक की राशि पर आपको टैक्स बेनिफिट मिलता है| कुछ तरह के दान पर टैक्स लाभ की सीमा (cap) है और कुछ पर नहीं है| यह इस बात पर निर्भर करता है की आप कहाँ पैसे का दान कर रहे हैं| एक बात और, अगर आप नकद में दान (डोनेशन) देते हैं, तो इस लाभ की सीमा 10,000 रुपये हैं|

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कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी है?

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आजकल पर्सनल लोन आसानी से मिल आपको मिल जाता है| कुछ बैंक तो कुछ ही मिनिटों में आपके खाते में पैसे जमा कर देने का दावा करते हैं|

मेरे अनुसार कई मामलों में पर्सनल लोन आपकी काफी मदद कर सकता है|

पर हाँ, पर्सनल लोन एक असंरक्षित लोन (unsecured loan) होता है| इसलिए ब्याज दर भी काफी ज्यादा होती है| अब लोन का भुगतान भी आपको ही करना है|

इसलिए हर स्तिथि में पर्सनल लोन लेना अच्छा विकल्प नहीं है|

इस पोस्ट में मैं चर्चा करूंगा की कब पर्सनल लोन अच्छा विकल्प है और कब नहीं| साथ की यह भी देखेंगे की कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी होगा|

 मेरे अनुसार पर्सनल लोन लेना कब एक अच्छा विकल्प हैं?

  • जब आपके पास कोई बहुत ही महंगा लोन चल रहा हो, तो उस लोन को खत्म करने की लिए पर्सनल लोन लेना एक अच्छा विकल्प है| जैसे की आपके क्रेडिट कार्ड पर काफी सारी राशि बकाया है और आपको उस राशि का भुगतान करने में परेशान आ रही है, ऐसी स्तिथि में आप पर्सनल लोन ले सकते हैं|
  • क्रेडिट कार्ड पर आपको तकरीबन 40-45% p.a. ब्याज तक देना पड़ सकता है| साथ ही पूरा भुगतान अन करना पर आपको ब्याज मुक्त क्रेडिट पीरियड भी नहीं मिलता| पर्सनल शायद आपको 12-18% p.a. की लागत पर मिल जाए| साथ ही क्योंकि पर्सनल लोन में EMI होती है, इसको देना थोडा आसान भी हो सकता है| कई बार बैंक भी आपको ऐसा करने का सुझाव देते हैं|
  • किसी आपातकाल या अस्पताल के खर्चे के लिए पर्सनल लोन लेना| ऐसी स्तिथि में आप गणित नहीं लगा सकते| यहाँ भी पर्सनल लोन लेना कोई बुरा विकल्प नहीं है|

पर हाँ हमेशा एक बात का ध्यान रखें| पर्सनल लोन भी चुकाना भी आपको ही पड़ेगा|

SBI से पर्सनल लोन की जानकारी और ब्याज दर आप SBI की वेबसाइट पर पा सकते हैं|

कब पर्सनल लोन लेना अच्छा आईडिया नहीं है?

  • कहीं छुट्टी (vacation) पर जाने के लिए पर्सनल लोन लेना
  • नया फ़ोन या गैजेट खरीदने के लिए पर्सनल लोन लेना
  • घर की साज-सजावट (furnishing) के लिए पर्सनल लोन लेना

मेरे अनुसार इस सभी बातों के लिए आपको पहले से प्लान करना चाहिए और लोन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए| साथ ही इसके अलावा और भी बहुत सी बातें है, जिनके लिए पर्सनल लोन लेना कोई अच्छा विकल्प नहीं है|

कुछ बातें आपकी ज़रुरत होती है और कुछ इच्छाएं होती हैं| ज़रुरत के लिए लोन लेना समझ में आता है, इच्छायों के लिए नहीं|

मेरे अनुसार चिकित्सा की लिए खर्चा आपकी ज़रुरत है, एक नया और महंगा फ़ोन लेना आपकी इच्छा| दोनों में अंतर करना सीखें|

ध्यान दें यह मेरी व्यक्तिगत राय है|

आप शायद इन बातों से सहमत न हो| और वैसे भी ज़िन्दगी में मौकों की अहमियत लोगों के लिए अलग हो सकती है| जैसे की आपने अपनी बेटी को उसके जम्नदिन के लिए एक अच्छा फ़ोन देने का वादा किया है, पर कुछ खर्चे अचानक आने की वजह से आप अभी इतना खर्चा नहीं कर सकते|

आपके पास दो विकल्प हैं: या तो उसे वह गिफ्ट न दें या फिर लोन लेकर दें| इसका फैसला आप ही कर सकते हैं| ज़िन्दगी में हर बात का फैसला गणित से नहीं होता|

हाँ, बस एक सुझाव हैं, वास्तविकता को पूरी तरह दरकिनार न करें|

कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी है?

जो बातें हमनें ऊपर करीं, उस पर दोराय हो सकती है|

यार अब जिस स्तिथि पर चर्चा करेंगे, उस स्तिथि में पर्सनल लोन लेना किसी बेवकूफी से कम नहीं है|

मैंने कई बार देखा है की लोगों के पास बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट होता है और इस इसके बावजूद वह लोग पर्सनल लोन लेने की बात करते हैं|

मान लिए आपके पास 50,000 रुपये की एक FD है| किसी वजह से आपको उस समय 50,000 की ज़रुरत भी है| ऐसी स्तिथि में पर्सनल लोन लेने की बजाय FD को तोडना एक बेहत विकल्प होगा|

ऐसा इसलिए क्योंकि फिक्स्ड डिपाजिट पर आपको 6-8% p.a. का ब्याज मिलेगा| इस ब्याज पर भी आपको टैक्स देना होगा| इसके विपरीत पर्सनल लोन पर आपको 12-18% p.a. तक का ब्याज देना पड़ सकता है|

तो देखें तो आपको 5-7% (टैक्स बे बाद) का ब्याज मिल रहा है और आप 12-18% दे रहे है| हुआ न बेवकूफी|

और यह केवल फिक्स्ड डिपाजिट के साथ ही नहीं है| कोई भी ऐसा निवेश जो की बिना किसी पेनल्टी (या कम पेनल्टी) के साथ आसानी से बेचा जा सकता है| हाँ, उस निवेश को बेचने पर आपको टैक्स देना पड़ सकता है, तो इस बात का भी ध्यान रखें|

कई बार लोग अपना पैसा शेयर बाज़ार में रहने देते हैं और ज़रुरत के लिए पर्सनल लोन लेने की सोचते है| एक बात कभी न भूलें, शेयर बाज़ार में इस बात की कोई गारंटी नहीं है की आपको अच्छे रिटर्न मिलेंगे| पर पर्सनल लोन में एक बात की गारंटी है की आपको काफी ऊंचा ब्याज देना होगा| तो मेरे अनुसार आपको ज़रुरत पड़ने पर अपने शेयर बेच देने चाहिए|

मैंने यह भी देखा है की लोग पर्सनल लोन लेकर उस राशि को शेयर बाज़ार में निवेश करने की सोचते हैं| इससे बड़ी बेवकूफी तो हो ही नहीं सकती|

साथ ही अगर आपके पास कोई एलाईसी पालिसी है या PPF खाता है, तो वहां से भी आप लोन ले सकते हैं| ब्याज दर अनुमान पर्सनल लोन से कम होगी|

पढ़ें: एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें?

पढ़ें: पीपीएफ खाते से लोन कैसे लें?

मेरी राय

पर्सनल लोन की सहायता से आप आसानी से और जल्दी पैसे पा सकते हैं| और कई मामलों में यह काफी लाभकारी भी हो सकता है|

परन्तु सोच समझकर इस सुविधा का लाभ उठाएं| लोन का भुगतान भी आपको ही करना है| अपनी वित्तीय वास्तविकता से दूर न रहे|

अगर समझदारी से काम नहीं लेंगे, तो बादे में आपको परेशानी हो सकती है|

Source: EmiCalculator

चित्र सौजन्य: Pixabay

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