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क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड (Credit Card Fraud) की स्तिथि में क्या करें?

by दीपेश Leave a Comment

आजकल ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट या क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड स्वाइप कर के सामान खरीदने का प्रचलन काफी बढ़ गया है|

साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (fraud) के भी बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं|

अगर आपके साथ कोई fraud या धोखाधड़ी हो जाए, तो आपको कितना नुकसान (liability) हो सकता है?

अगर आपके मोबाइल फ़ोन पर SMS आता है की आप क्रेडिट कार्ड पर 40,000 रुपये का सामान खरीदा गया है (जो आपने नहीं खरीदा है), तो आप क्या करेंगे?

ऐसी स्तिथि में अपने नुकसान को कम करने के लिए आपको क्या करना चाहिए?

ऐसे ही सवालों का जवाब देने की मैं इस पोस्ट में कोशिश करूंगा|

कुछ समय पहले तक ऐसे electronic transaction के fraud का मामले में कुछ स्पष्ट नियम नहीं थे| ऐसी स्तिथि में बैंक सारा बोझ उपभोक्ता पर डाल दिया करते थे|

पर अब ऐसा नहीं होगा|

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जुलाई 2017 में कुछ नियम बनाये, जो की ऐसे धोखाधड़ी के मामलों में आपकी liability (आर्थिक ज़िम्मेदारी) तय करते हैं| Liability से मेरा मतलब नुकसान का कितना हिस्सा आपको उठाना होगा|

इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन (Electronic Banking Transaction) क्या हैं?

भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार आप दो तरह से electronic transaction कर सकते हैं|

#1 रिमोट / ऑनलाइन ट्रांजैक्शन:

ऐसी स्तिथि में आपकी या कार्ड की  प्रत्यक्ष उपस्तिथि (physical presence) की ज़रुरत नहीं है। उदहारण के तौर पर: नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या debit कार्ड का इस्तेमाल करके ऑनलाइन भुगतान, वॉलेट आदि। यदि आप ऑनलाइन शौपिंग करते हैं, तो वह रिमोट transaction

#2 फेस 2 फेस ट्रांजैक्शन (Face-to-Face Transaction)

ऐसी मामलों में आपके क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या मोबाइल फ़ोन की मौजूदगी की आवश्यकता है| अगर आप कहीं अपना क्रेडिट कार्ड या debit कार्ड स्वाइप करते हैं उअर ATM से पैसा निकालते हैं, तो बह Face-to-Face transaction माना जाएगा।

क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन fraud (धोखाधड़ी) के मामले में आपका क्या आर्थिक दायित्व (liability) है?

आपकी liability निर्भर करती है कि धोखाधड़ी / अनधिकृत लेनदेन के लिए कौन जिम्मेदार है।

कोई भी धोखाधड़ी हो, तो इसमें तीन लोग ज़िम्मेदार हो सकते हैं|

  1. Fraud आपकी गलती या लापरवाही की वजह से हुआ है| अगर आप अपना मोबाइल पर आया OTP किसी से शेयर करते हैं या आप अपने क्रेडिट या debit कार्ड के PIN डिटेल्स किसी से शेयर करते हैं| और इस वजह से आपके बैंक अकाउंट या क्रेडिट अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है| अब यह आपकी गलती है|
  2. Fraud बैंक प्रणाली में कमी या बैंक की गलती से हुआ है| मान लिए बैंक की वेबसाइट हैक हो जाती है और आपके खाते के डिटेल्स चोरी हो जाते हैं|
  3. Third पार्टी fraud: गलती न आपकी है और न ही आपके बैंक की| किसी तीसरे पक्ष की गलती/लापरवाही की वजह से आपके कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है|

कोई अनधिकृत लेनदेन आपकी लापरवाही, बैंकिंग प्रणाली में कमी / गलती या तीसरे पक्ष के उल्लंघन के कारण हो सकता है ।चलिए देखते हैं कि इन मामलों में से प्रत्येक में आपकी देयता क्या होगी।

1. जब आपकी गलती है

अगर आपकी लापरवाही के कारण धोखाधड़ी या fraud हुआ है, जब तक आप बैंक को इस फ्रॉड transaction के बारे में नहीं बताते, तब तक सारा नुकसान आपको उठाना होगा|

मान लिए आप किसी से अपने क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स शेयर कर देते हैं, और आपका क्रेडिट कार्ड 5 बार गलत इस्तेमाल किया जाता है| इसके बाद ही आप बैंक को इस fraud के बारे में बताते हैं| तो in 5 transaction में होने वाले नुकसान की आपको उठाना होगा|

आपके रिपोर्ट करने के बाद भी कोई फ्रॉड transaction होता है, तो बैंक वह नुकसान उठाएगा|

2. जब बैंक की गलती है या उसके सिस्टम में कुछ कमी है

अगर कुछ fraud बैंक की गलती की वजह से होता है, तो सारा नुक्सान बैंक को उठाना होगा|

आपकी Zero Liability होगी|

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप ऐसे किसी transaction को बैंक को रिपोर्ट करते हैं या नहीं| आपको कुछ भी नुकसान नहीं उठाना होगा|

3. जब fraud third party द्वारा किया जाता है

अगर fraud की वजह कोई तीसरा पक्ष है (न आपकी गलती है और न ही बैंक की), तो आपकी liability इस बात पर निर्भर करता है की आप बैंक को ऐसे fraud के बारे में कब बताते हैं|

अगर fraud होने के तीन दिन (3 days) के भीतर बैंक को बताते हैं: आपकी Zero liability होगी। आपको कुछ भी नुक्सान नहीं उठाना होगा|

अगर fraud होने के 4-7 दिन (4-7 days) के भीतर बैंक को बताते हैं: हर fraud transaction पर आपकी liability नीचे दी गयी टेबल के अनुसार होगी| ध्यान दें यह सीमा प्रति transaction है, न की कुल सीमा है|

Credit card fraud customer liability क्रेडिट कार्ड फ्रॉड ऑनलाइन बैंकिंग fraud

अगर fraud होने के 7 दिनों के बाद बैंक को बताते हैं

यहाँ परेशानी है| ऐसे मामलें में बैंक का बोर्ड तय करेगा की क्या किया जाना चाहिए|

लेकिन अगर आपको फ्रॉड रिपोर्ट करने में 7 से ज्यादा दिन लग रहे हैं, तो गलती आपकी भी है|

एक बात दिनों की गिनती fraud होने से नहीं, बल्कि आपको fraud की जानकारी मिलने से की जाती है| इसका मतलब जिस दिन आपको transaction का SMS, e-mail या बैंक स्टेटमेंट मिलता है, उस दिन से मीटर चालू हो जाएगा|

इस बात पर फैसला कौन करेगा की गलती किसकी है?

यह बात अहम् है|

हमनें ऊपर देखा की आपकी आर्थिक जिम्मेदारी (liability) उया नुकसान इस बात पर निर्भर करता है की इस fraud के लिए कौन ज़िम्मेदार है|

तो, इस बात का भी फैसला करना होगा की कौन ज़िम्मेदार है| कौन लेगा यह निर्णय?

अगर बैंक को लेना है, तो आप उम्मीद कर सकते हैं की वह कभी भी अपनी गलती नहीं मानेगा और सारा नुक्सान आपके ऊपर थोक देगा|

बैंक को निर्य्नायक रूप से यह साबित करना होगा की गलती आपकी है| ध्यान दें बैंक के सोचने से कुछ नहीं होता| इनको साबित करना होगा की फ्रॉड आपकी गलती से हुआ है| अगर वह ऐसा नहीं कर पाता, तो आपको कुछ भी नहीं देना होगा|

अगर यह साबित होता है कि फ्रॉड तीसरे पक्ष (third party) की गलती, लापरवाही या बदमाशी की वजह से हुआ है, तो आपकी liability (आर्थिक दायित्व) ऊपर दी गयी टेबल के हिसाब से तय होगी|

आप बैंक को कैसे fraud की खबर कर सकते हैं? (How to report Fraudulent Transaction?)

आप SMS डाल कर, ई-मेल डाल कर, फ़ोन करके या ब्रंक्च में जा कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं|

अपनी कंप्लेंट का Acknowledgement नंबर ज़रूर लें|

यह मामला कितने दिनों में सुलझेगा?

Fraud की खबर के बाद 10 दिनों के भीतर बैंक को आपके खाते में पैसा वापिस करना होगा|

अगर बाद में आपकी गलती साबित होती है, तो बैंक वह पैसा वापिस ले सकता है|

बैंक को पूरा मामला 90 दिनों के अन्दर सुलझाना होगा|

बैंक यह सुनिश्चित करेगा की इस फ्रॉड/धोखाधड़ी की वजह से आपको कोई ब्याज का नुकसान या पेनल्टी न उठानी पड़ें|

आपको क्या करना चाहिए?

यहाँ दो पहलू हैं| पहली तो fraud होने से बचाएं, और दूसरी अगर fraud हो, तो जल्दी से जल्दी रिपोर्ट करें|

जैसा की हमनें ऊपर देखा, जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, आपको उतना कम नुकसान होगा|

पहले तो आपको सावधानी बरतनी होगी|

अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के PIN, पासवर्ड या अन्य जानकारी को संभाल कर रखें और किसी से शेयर न करें| केवल सुरक्षित जगहों पर या कंप्यूटर पर ही इस्तेमाल करें|

दूसरी बात है जल्दी से जल्दी बैंक को खबर करने की|

  1. सबसे पहले अपने बैंक अकाउंट में अपना मोबाइल नंबर और इ-मेल रजिस्टर करिए|
  2. अपने SMS और ई-मेल नियमित रूप से चेक करिए|
  3. अगर आपको पता चलता है की कोई गलत transaction हुआ है, तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें| बैंक से acknowledgement भी लें| ई-मेल ज़रूर डालें| क्योंकि ई-मेल खबर देने का पुख्ता सबूत है| बैंक ई-मेल को नकार नहीं सकता|

रिज़र्व बैंक के सर्कुलर को आप इस लिंक पढ़ सकते हैं|

Filed Under: Financial Planning, Loans Tagged With: debit कार्ड फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, क्रेडिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड fraud, नेट बैंकिंग धोखधड़ी

बेकार क्रेडिट स्कोर के बावजूद भी ले सकते हैं आप यह 6 लोन (Loans with Poor Credit Score)

by दीपेश 2 Comments

आप लोन के लिए आवेदन करना चाहते हैं, पर आपको पता चलता है की आपका क्रेडिट स्कोर काफी कम है और इस वजह से आपकी लोन की एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती है|

आपकी कोशिश होनी चाहिए की आप अपने क्रेडिट स्कोर को सुधारें| इसके लिए यह भी ज़रूरी है की आप समय-समय पर अपने क्रेडिट स्कोर चेक करते रहे| अब आप अपना क्रेडिट स्कोर फ्री में ऑनलाइन चेक कर सकते हैं|

अब क्रेडिट स्कोर तो धीरे-धीरे ही सुधरेगा| परन्तु आपको लोन की ज़रुरत अभी है|

ऐसी स्तिथि में आप क्या करेंगे?

आईये कुछ ऐसे लोन के बारे में जानते हैं, जो की आपको बुरे सिबिल या क्रेडिट स्कोर के बावजूद ले सकते हैं| परन्तु ध्यान दें यहाँ आपको ऐसे लोन मिलेंगे जहाँ आपको कुछ सेक्योरिटी देनी होगी| मैं सुरक्षित लोन के बारे में बात कर रहा हूँ|

एक बात और, अगर आप ऐसे लोन लेते हैं और समय पर लोन का भुगतान करते हैं, तो धीरे-धीरे आपके क्रेडिट स्कोर में भी सुधार आ सकता हैं|

#1 गोल्ड लोन

अगर आपके घर कुछ सोना या सोने के आभूषण पड़ें हैं, तो आप उन आभूषणों को गिरवी रख कर लोन ले सकते हैं| गोल्ड लोन में आप आभूषण के 75% प्रतिशत मूल्य तक का लोन ले सकते हैं|

आपके लोन के भुगतान न करने पर बैंक आपके आभूषण को आसानी से बच कर अपना पैसा वसूल कर सकते हैं| इसी कारण आपके सिबिल स्कोर का कुछ ख़ास महत्त्व नहीं है|

आप गोल्ड लोन के बारे में अधिक विस्तार से इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं|

गोल्ड लोन कम अवधि के लोन होते हैं| इसीलिए अगर आपको लगता है की आपको लोन चुकाने में परेशानी होगी, तो गोल्ड लोन लेने की बजाय गोल्ड को बेच देना एक बेहतर विकल्प होगा|

#2 आपकी इंश्योरेंस पालिसी से लोन

अगर आप काफी समय से अपनी इंश्योरेंस पालिसी के प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं, तो यहाँ भी आपके पास लोन लेने का विकल्प हो सकता है|

ध्यान दें लोन लेने के सुविधा केवल पारंपरिक जीवन बीमा प्लान (Traditional Life Insurance Plan में होती है| यूलिप (Unit Linked Insurance Plan) या टर्म इंश्योरेंस प्लान में लोन की सुविधा नहीं होती|

हर कंपनी और प्लान में लोन के नियम अलग हो सकते हैं|

एलआईसी की पालिसी में आप सरेंडर वैल्यू के 90% प्रतिशत राशि तक का लोन ले सकते हैं|

एलआईसी पालिसी से लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#3 प्रॉपर्टी लोन

अगर आपके पास कोई प्रॉपर्टी है, तो बैंक आपको प्रॉपर्टी लोन भी दे सकते हैं| परन्तु यहाँ से लोन ले में थोडा समय लग सकता है क्योंकि सारे दस्तावेज साइन होने में समय लगेगा|

प्रॉपर्टी लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#4 PPF खाते से लोन

अगर आपके पास पीपीएफ खाता है, तो आप इस खाते से भी लोन ले सकते हैं|

पर आप हमेशा लोन नहीं ले सकते |

PPF खाते से आप तीसरे वर्ष से छठे वर्ष तक लोन ले सकते हैं| सांतवे वर्ष से लोन नहीं ले सकते|

ऐसा इसलिए क्योंकि सांतवें वर्ष से आप PPF खाते से कुछ पैसा निकाल (partial withdrawal) सकते हैं|

परन्तु यहाँ पर आप बहुत ज्यादा लोन की उम्मीद नहीं कर सकते|

पिछले वर्ष के अंत में जो आपके पीपीएफ खाते में बैलेंस है, उस राशि के केवल 25% प्रतिशत राशि का लोन ही ले सकते हैं|

पीपीएफ खाते से लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

#5 Peer-to-Peer Lending (P2P lending)

अमूमन जब आप लोन लेते हैं, तब आप लोन किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से लेते हैं|

Peer-to-Peer Lending में आप लोन अपने और मेरे ही जैसे किसी व्यक्ति से लेते हैं|

ऐसी ऑनलाइन वेबसाइट हैं, जहाँ पसे आप अपने बारे में जानकारी डाल सकते हैं| आपको लोन देने के इच्छुक लोग आपको उचित ब्याज दर पर लोन देने का प्रस्ताव रख सकते हैं| यह लोग हो सकता है की आपके क्रेडिट स्कोर की परवाह न करें|

परन्तु P2P lending में ब्याज दर काफी ज्यादा हो सकती है| 20% से 30% ब्याज दर आम है|

इस विकल्प का इस्तेमाल सोच समझ कर करें|

आप अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं| पर हाँm यह लोन असुरक्षित (unsecured) होता है|

Peer-to-Peer Lending के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|

#6 Loan against Securities

पहले ही कह दूं की यह बहुत अच्छा विकल्प नहीं है|

अगर आपके पास कुछ शेयर/बांड्स/म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स इत्यादि हैं, तो आप इनको प्लेज (pledge) करके भी लोन ले सकते हैं|

मेरे अनुसार ऐसे शेयर/बांड्स/निवेश के खिलाफ लोन लेने की बजाय इन्हें बेच दें और मिलने वाली राशि के इस्तेमाल अपने काम के लिए करें|

इस तरह के लोन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ें|

Filed Under: Loans Tagged With: सिबिल स्कोर कैसे सुधारें, सिबिल स्कोर क्या है, सिबिल स्कोर बिना लोन

पर्सनल लोन के बारे में पूरी जानकारी: कहाँ मिलता है, कितना मिलता है और क्या ब्याज दर होती है?

Last updated: अक्टूबर 3, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अगर आपको जल्दी से लोन की आवश्यकता है, तो आपके लिए पर्सनल लोन एक विकल्प हो सकता है|

पर्सनल लोन (या व्यक्तिगत ऋण) असुरक्षित लोन (unsecured loan) होता है और आपको जल्दी मिल जाता है|

पर हाँ, एक पर्सनल लोन की ब्याज दर एक सुरक्षित लोन से ज्यादा होने की उम्मीद कर सकते हैं|

आईये जानते है पर्सनल लोन के बारे में विस्तार से|


पर्सनल लोन के क्या फायदे हैं? (व्यक्तिगत ऋण के फायदे)

सबसे पहली बात, पर्सनल लोन काफी जल्दी मिल जाता है|

कुछ बैंक तो यह दावा भी करते हैं की आपको कुछ मिनिटों में ही लोन दे देंगे| केवल दावों पर ना जाएँ| लेकिनहाँ, लोन जल्दी मिलने की उम्मीद कर सकते हैं|

दूसरी बात, पर्सनल लोन असुरक्षित लोन होता है| इसीलिए आपको कुछ गिरवी (security) रखने की ज़रुरत नहींहोती| लोन जल्दी मिलने की एक वजह यह भी है| क्योंकि कम दस्तावेज चाहिए होते हैं, इसीलिए लोन जल्दी मिल जाता है|

ध्यान दें ऐसा नहीं है की पर्सनल लोन सबको मिल जाता है| बैंक आपके लोन चुकाने की क्षमता को परखने के बाद ही आपको लोन देते हैं|

अगर आपका सैलरी अकाउंट किसी बैंक के साथ है, तो उसे पहले से ही पता होता है की आप कितना कमाते हैं और कितने लोन का भुगतान कर सकते हैं| इस वजह से लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है|

तीसरी बात, पर्सनल लोन का इस्तेमाल किसी भी कार्य के लिए किया जा सकता है| आप परिवार के साथ छुट्टी, बच्चों की पढाई या शादी, घर के डेकोरेशन, मेडिकल खर्चे, लेटेस्ट मोबाइल फ़ोन खरीदने के लिए या किसी भी काम के लिए पर्सनल लोन ले सकते हैं|

बैंक आपसे यह नहीं पूछता की आपने लोन के पैसे का कैसे इस्तेमाल किया|


पर्सनल लोन के क्या नुकसान हैं?

क्योंकि लोन असुरक्षित (unsecured) है, पर्सनल लोन की ब्याज दर ज्यादा होने की उम्मीद कर सकते हैं|

इस वजह से आपकी EMI भी ज्यादा होगी|

इसीलिए अगर आपको किसी कारण लोन की आवश्यकता है और उस काम के लिए आपको सुरक्षित लोन मिल सकता है, तो पर्सनल लोन अच्छा विकल्प नहीं होगा|

पढ़ें: कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी है?


पर्सनल लोन के भुगतान पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलते हैं?

पर्सनल लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता|


मुझे पर्सनल लोन चाहिए? कहाँ से मिलेगा? पर्सनल लोन कहाँ मिलता है?

पर्सनल लोन आप बैंक या नया वित्तीय संस्थानों से ले सकते हैं|

आप बैंक की शाखा में जा कर लोन के लिए एप्लाई कर सकते हैं| कुछ बैंक आपको ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प भी देते हैं|

हालांकि सभी बैंक पर्सनल लोन देते हैं, मैं कुछ बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिंक यहाँ देता हूँ|

SBI पर्सनल लोन/भारतीय स्टेट बैंक पर्सनल लोन

आईसीआईसीआई बैंक पर्सनल लोन

HDFC बैंक पर्सनल लोन

महिंद्रा फाइनेंस पर्सनल लोन

बजाज फाइनेंस पर्सनल लोन

आप अन्य बैंक की वेबसाइट पर जा कर पर्सनल लोन की जानकारी, योग्यता और डाक्यूमेंट्स के बारे में जान सकते हैं|


पर्सनल लोन की पात्रता क्या होती है? मुझे कितना पर्सनल लोन मिल सकता है? (Personal Loan Eligibility/ व्यक्तिगत ऋण पात्रता)

पात्रता के नियम हर बैंक में अलग हो सकते हैं| आप बैंक की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं|

बैंक लोन देने से पहले आपकी लोन चुकाने की क्षमता को चेक करते हैं|

इसके लिए आपकी आय, आयु, आपकी नौकरी/व्यवसाय आदि को चेक करते हैं| यदि आपके कोई लोन अभी चल रहा है, उसके बारे में भी जानकारी लेते हैं|

आपके क्रेडिट स्कोर को भी देखा जाता है|

कुछ बैंक आपको आपकी लोन eligibility ऑनलाइन चेक करने की सुविधा प्रदान करते हैं|

वहां पर जा कर आप अपने बारे में जानकारी डाल सकते हैं और जान सकते हैं की आपको कितना पर्सनल लोन मिलेगा|

अगर आप नौकरी करते हैं, तो आपको पर्सनल लोन आसानी से मिल सकता है| अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको व्यक्तिगत ऋण और भी आसानी से मिल जाना चाहिए| कुछ लोन केवल वेतनभोगियों को ही दिए जाते हैं| SBI Express Credit Loan ऐसा ही एक लोन है| केवल सरकार के कर्मचारियों और अन्य वेतन पाने वालों को ही दिया जाता है|

अगर आप self-employed हैं, तो लोन लेने में थोड़ी परेशानी होगी|


पर्सनल लोन पर कितना ब्याज देना होता है? (पर्सनल लोन इंटरेस्ट रेट)

पर्सनल लोन की ब्याज दर बदलती रहती है|

और हाँ, ऐसा नहीं है की सभी ग्राहकों के एक सामान ब्याज दर देनी हो|

आपकी ब्याज दर कई बातों पर निर्भर करती है|

  1. आपका क्रेडिट स्कोर (जितना ज्यादा है, उतना कम ब्याज देना होगा)
  2. आप कहाँ काम करते हैं| अगर आप सरकारी नौकरी में हैं या किसी बड़ी कंपनी में काम करते हैं, तो ब्याज दर कम हो सकती है|
  3. वेतन पाने वाले ग्राहकों (salaried) को स्व नियोजित (self-employed) से कम ब्याज देना होगा|

इनके अलावा भी कई बातें हो सकती हैं, जो की आपकी ब्याज दर को प्रभावित कर सकती हैं|

आप लोन लेने से पहले बैंक की वेबसाइट पर जा कर चेक कर सकते हैं|

आप SBI पर्सनल लोन के इंटरेस्ट रेट यहाँ पर देख सकते हैं| आज कल  (मार्च 2018) में ब्याज दर 11-15% p.a. के बीच चल रही है|


पर्सनल लोन की अवधि कितनी होती है?

एक पर्सनल लोन की अवधि अमूमन 12 महीने से 60 महीने होती है|


अधिकतम कितना पर्सनल लोन मिल सकता है?

हर बैंक की अलग सीमा हो सकती है| पर 10 लाख या 15 लाख से अधिक का पर्सनल लोन मिलना मुश्किल है| बैंक लोन राशि पर न्यूनतम सीमा भी रख सकते हैं| अमूमन 30,000 से 50,000 रुपये न्यूनतम सीमा होती है|


मेरे लोन की EMI कितनी होगी? (पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर)

यह निर्भर करता है आपकी लोन राशि, ब्याज दर और लोन की अवधि पर|

अगर आप जानना चाहते हैं की आपके लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है, तो इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

emicalculator.net

 

अगर आप इतनी मेहनत नहीं करना चाहते, तो आप बैंक की वेबसाइट पर आपकी EMI का अनुमान ले सकते हैं|

आप SBI EMI कैलकुलेटर  (व्यक्तिगत ऋण ईएमआई कैलकुलेटर) पर जा कर EMI निकाल सकते हैं| आप एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक या अन्य किसी बैंक की वेबसाइट पर जा कर भी व्यक्तिगत ऋण ईएमई कैलकुलेटर के इस्तेमाल कर सकते हैं|

इसके अलावा आप इस लिंक पर जा कर भी अपने लोन की EMI कैलकुलेट कर सकते हैं|


पर्सनल लोन लेने के लिए किन डॉक्यूमेंट/दस्तावेजों की ज़रुरत है?

हालांकि हर बैंक में दस्तावेजों की लिस्ट अलग हो सकती है, मैं कुछ प्रमुख दस्तावेजों का ज़िक्र यहाँ पर करता हूँ|

  1. पहचान प्रमाण (Identity Proof)
  2. पते का प्रमाण (Address Proof)
  3. सैलरी स्लिप (Salary Slip), पिछले कुछ वर्षों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (self-employed)

इनके अलावा भी दस्तावेज़ चाहिए हो सकते हैं| पूरी लिस्ट आप बैंक से ले सकते हैं|


पर्सनल लोन लेते समय इन बातों पर भी ध्यान रखें

  1. आपको लोन पर केवल ब्याज ही नहीं देना होता|
  2. लोन की प्रोसेसिंग फीस (processing fee) पर भी ध्यान दें| अगर प्रोसेसिंग फीस ज्यादा होगी, तो आपके लोन की कॉस्ट ही बढ़ेगी| यह फीस लोन राशि के 2-3% तक हो सकती है|
  3. कुछ बैंक आपको कम ब्याज दर पर लोन देने को तैयार हो सकते हैं| पर ऐसा हो सकता है, की उन बैंक के लोन की प्रोसेसिंग फीस ज्यादा हो| ऐसी स्तिथि में उन्होंने आपको लोन की ब्याज दर पर छूठ दी, पर processing फीस बढ़ा कर सब कुछ वसूल लिया|
  4. इसीलिए केवल कम ब्याज पर ही ध्यान न दें, अन्य शुल्कों (जैसे की प्रोसेसिंग फीस) पर भी ध्यान दें| उसके बाद ही फैसला करें|
  5. साथ ही कुछ लोन में समय से पहले लोन का भुगतान करने पर आपको पेनल्टी (जुर्माना) देना पड़ सकता है| ऐसे जुर्माने को pre-payment penalty (प्री-पेमेंट पेनल्टी) कहा जाता है| यह बकाया राशि के 5% तक हो सकती है|
  6. क्योंकि पर्सनल लोन की राशि कम होती है, ऐसा हो सकता है की आप ब्याज से बचने के लिए उसे जल्दी चुकाना चाहें| अगर ऐसा है, तो प्री-पेमेंट पेनल्टी पर भी ध्यान दें| कम प्री-पेमेंट पेनल्टी वाले विकल्प चुनें|

सरकारी कर्मचारियों के लिए पर्सनल लोन (व्यक्तिगत ऋण)

सरकारी कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलती है|

कुछ बैंक में ऐसे पर्सनल लोन हो सकते हैं, जो की केवल सरकारी कर्मचारियों को दिए जाते हैं|

इसके अलावा भी ,अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको लोन मिलने में आसानी होगी| आपको अन्य लोगो से ब्याज दर भी बेहतर मिल सकती है| आप SBI एक्सप्रेस क्रेडिट पर्सनल लोन के बारे में यह बात देख सकते हैं|

यही नहीं, अगर आप रिटायर हो चुके हैं और सरकार से पेंशन पाते हैं, तब भी आपको लोन मिल सकता है| SBI पेंशन लोन के बारे में यहाँ पढ़ें|

मेरे लिए बेस्ट पर्सनल लोन कौन सा है?

इस सवाल का जवाब देना थोडा मुश्किल है|

मेरे अनुसार आपके लिए वह पर्सनल लोन बेस्ट है जिसमें आपको कम ब्याज दर देनी पड़े और अतिरिक्त चार्ज भी कम हों|

अन्य तरह के लोन का बारे में जानकारी

  1. गोल्ड लोन के बारे में पूरी जानकारी (Gold Loan)
  2. प्रॉपर्टी लोन के बारे में पूरी जानकारी (Property Loan)
  3. अपने पीपीएफ खाते से भी ले सकते हैं लोन और किन बातों का रखें ख्याल (PPF Loan)
  4. अपनी एलआईसी पालिसी से भी ले सकते हैं लोन (LIC Loan)
  5. Education loan (शिक्षा लोन) पर भी मिल सकते हैं टैक्स बेनेफिट्स
  6. कार लोन के बारे में पूरी जानकारी: कैसे कम सकते हैं कार लोन की EMI (Car Loan)
  7. SBI एक्सप्रेस क्रेडिट पर्सनल लोन के बारे में पूरी जानकारी (SBI Express Credit Loan)
  8. SBI पेंशन  लोन के बारे में पूरी जानकारी (SBI Pension Loan)
  9. CIBIL Score (सिबिल स्कोर) क्या होता है और आपके लोन लेने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है?
  10. खराब क्रेडिट स्कोर के बावजूद ले सकते हैं आप यह 6 लोन
  11. बजाज फिनसर्व ईएमआई कार्ड (Bajaj Finserv EMI Card) की पूरी जानकारी

Filed Under: Loans Tagged With: HDFC बैंक पर्सनल लोन, आईसीआईसीआई बैंक पर्सनल लोन, पर्सनल लोन sbi, पर्सनल लोन का EMI कैलकुलेटर, पर्सनल लोन कैसे मिलता है, पर्सनल लोन क्या है, बजाज फाइनेंस पर्सनल लोन, भारतीय स्टेट बैंक पर्सनल लोन

कार लोन के बारे में पूरी जानकारी: कैसे कम कर सकते हैं अपनी कार लोन की EMI

Last updated: फ़रवरी 13, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप कार लेने की सोच रहे है, पर कार की कीमत अभी पहुँच से बाहर है| परेशान होने की ज़रुरत नहीं है, आपके पास कार लोन लेने का विकल्प है|

आप कितना कार लोन ले सकते हैं? कार लोन की ब्याज कितनी होती है? कार लोन की अवधि कितनी होती है? क्या पुरानी कार के लिए भी लोन ले सकते है? कहाँ से मिलेगा लोन?

आईये जानते हैं कार लोन के बारे में विस्तार से|


कार लोन क्या होता हैं?

कार लोन एक ऐसा लोन होता है जो की आप एक कार लेने के लिए लेते हैं| आपको नयी कार या पुरानी कार (second-hand car) लेने के लिए लोन मिल सकता है|

पर हाँ, एक नयी कार के लिए लोन लेना आसान है| पुरानी कार के लिए लोन मिलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है| और पुरानी कार के लोन के लिए आपको ब्याज दर भी ज्यादा देनी होगी|


कितना कार लोन मिल सकता है?

आपको कार की 80-90% मूल्य तक का लोन मिल सकता है| ध्यान दे मैं यहाँ ex-showroom price की बात कर रहा हूँ|

आपको कार को शोरूम से बाहर निकालने के लिए रजिस्ट्रेशन ड्यूटी और कुछ कर (tax) देने होते हैं, ex-showroom price में यह सब जोड़ कर on-road price निकाला जाता है|

कार के रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस शुल्क और करों (taxes) के लिए आपको लोन नहीं मिलता|  एक बात और, रजिस्ट्रेशन ड्यूटी और कर हर प्रदेश (state) में अलग हो सकते हैं|

अमूमन, आपको कार के ex-showroom price के अनुसार लोन मिलता है, on-road price के अनुसार नहीं| पर कुछ बैंक आपको on-road price के अनुसार भी लोन मिलता है|

साथ ही लोन राशि आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर भी निर्भर करेगी| आपकी मासिक आय और अन्य ऋण को भी बैंक ध्यान में रखेगा|


कार लोन कहाँ मिलता है?

सभी बैंक कार लोन देते हैं|

आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ICICI बैंक, HDFC बैंक या किसी और बैंक से भी कहीं से भी लोन ले सकते हैं|

साथ ही कई NBFC (Non-Banking Finance Company) भी कार लोन देती हैं|

आप महिंद्रा फाइनेंस (Mahindra Finance) जैसे कंपनी से भी लोन ले सकते हैं|

कार डीलर के भी बैंक या फाइनेंस कंपनी से tie-up होता है| आप कार डीलर के यहाँ से भी लोन के लिए एप्लाई कर सकते हैं| पर शायद वहाँ पर आपको अच्छी ब्याज दर न मिले| इसलिए कुछ भी फैसला करने से पहले बाहर भी ब्याज दरों के बारें में पता करें|

ध्यान दें कार लोन के नियम, ब्याज दर और पात्रता (eligibility) हर बैंक या कंपनी में अलग हो सकती है|


कार लोन पर इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) कितना होता है? सबसे सस्ता कार लोन कहाँ मिलता है?

कार लोन में आपको फिक्स्ड (Fixed) और फ्लोटिंग (Floating), दोनों तरह की ब्याज दर मिल सकती है|

कार लोन की ब्याज दर बढती घटती रहती है|

ब्याज दर आपकी कार के मॉडल/segment, CIBIL स्कोर और लोन अवधि पर निर्भर कर सकती है|

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कार लोन की ब्याज दर आप यहाँ चेक कर सकते हैं|

आईसीआईसीआई बैंक के कार लोन की ब्याज दर आप ICICI की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं|

अभी (फरवरी 2018) SBI कार लोन की ब्याज दर 8.70% से 9.20% के बाच चल रही है|

अब यह कहना मुश्किल है, की आपको सबसे सस्ता लोन कहाँ मिलेगा| आप 2-3 बैंक में जा कर पता कर सकते हैं|

परन्तु केवल ब्याज दर पर ही ध्यान न दें| लोन के कुछ अन्य शुल्क भी होते हैं जैसे की प्रोसेसिंग फीस इत्यादि|

साथ की अगर आप समय से पहले लोन (loan pre-payment) का भुगतान करते हैं, तो आपको pre-payment penalty भी देनी पड़ सकती है| ज़ाहिर है, जहाँ pre-payment पेनल्टी कम है, वह विकल्प आपके लिए बेहतर है|

इन शुल्कों पर भी ध्यान दें|

नयी कार के लोन की ब्याज दर पुरानी कार खरीदने के लिए लोन से कम होगी|


कार लोन की अवधि कितनी होती है?

कार लोन की अवधि 3 से 5 वर्ष तक की होती है| कुछ बैंक आपको 7 वर्ष की अवधि के लोन भी दे सकते हैं|

अब क्योंकि लोन की अवधि कम होती है, EMI की राशि ज्यादा होगी|

अगर आप जानना चाहते हैं की आपके लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है, तो इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

आप कार लोन कैलकुलेटर पर भी अपनी EMI चेक कर सकते हैं|


क्या मैं कार लोन चुकाने से पहले कार बेच सकता हूँ?

जी नहीं, अगर आप कार बेचना चाहते हैं, तो पहले आपको कार लोन चुकाना होगा|

कार लोन लेते समय कार बैंक के नाम पर hypothecate करी जाती है|


क्या पुरानी कार खरीदने ले लिए भी लोन मिलता है?

जी हाँ, जैसे की ऊपर चर्चा करी है, आप एक पुरानी कार खरीदने के लिए भी लोन ले सकते हैं|

SBI Used Car Loan में आपको 5 साल पुरानी गाड़ी तक के लिए लोन मिलता है| अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं|

पर ब्याज दर एक नयी कार के लोन से ज्यादा होगी|


कार लोन के भुगतान पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलते हैं?

नहीं, कार लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता|


कार लोन लेने के लिए क्या दस्तावेज़ चाहिए होते हैं?

दस्तावेजों की लिस्ट हर बैंक में अलग हो सकती है|

आपको कुछ फोटो, पहचान का प्रमाण (Identity Proof), पते के प्रमाण (address proof) और आय का प्रमाण (income proof) इत्यादि देने होंगे|


कार लोन लेते समय किन बातों का रखें ख्याल?

#1 पहले  कार के मूल्य पर बातचीत (negotiate) करें, उसके बाद लोन पर

लोन पर खरीद-फरोख्त करके आप अपनी EMI कुछ कम कर सकते हैं|

परन्तु कार के मूल्य पर negotiate करना न भूलें|

कार डीलर के पास काफी मार्जिन होता है| आप थोडा दबाव डाल कर बेहतर डील पा सकते हैं|

ध्यान दें यहाँ पर बचत आपकी EMI के बचत से काफी ज्यादा हो सकती है|

कम से कम 4-5 डीलरों के पास जाएं और आपके लिए सबसे अच्छा सौदा करने का प्रयास करें।

जल्दबाजी न करें| डीलर से जा कर मिलें और discount मांगे| शायद वह आपको हाथ के हाथ डिस्काउंट न दे|

इंतज़ार करें| हो सकता है, की कुछ दिन बाद वही डीलर आपको बेहतर ऑफर दे| आखिर उसको भी कार बेचनी है|

यदि आपको छूठ नहीं मिल रही है, तो अधिक से अधिक सामान (car accessories) या सेवाओं को मुफ्त में लाने की कोशिश करें ।

उदाहरण के लिए, आप मुफ्त सीट कवर या म्यूजिक सिस्टम की मांग कर सकते हैं| टेफ़लोन कोटिंग, एंटी-रस्ट पेंटिंग (Anti-rust painting) और engine lamination मुफ्त में करने को कह सकते हैं।

कार डीलर से मोटर बीमा (Car insurance) नहीं खरीदें। वहां पर इंश्योरेंस काफी महंगा मिलता है| ऑनलाइन खरीदें| काफी पैसा बचेगा| शुरू में डीलर इस बात का विरोध करेंगे, पर अगर आप अड़े रहे तो मान जायेंगे|

#2 कार निर्माताओं द्वारा लोन की पेशकश (Loan Schemes from Car Manufacturers)

कई बार कार निर्माता (Maruti, Hyundai, Ford, Volkswagen) अपनी कार फाइनेंस कंपनी शुरू करके आपको लोन के ऑफर देते हैं|

कई बार ऐसे ऑफर काफी अच्छे भी होते हैं|

अब सोचने वाली बात है की अगर कोई कार निर्माता आपको सस्ता लोन दिलवा रहा है, तो कहीं न कहीं वह अपनी सेल बढ़ाना चाहता है इस ऑफर के ज़रिये|

आपके लिए तो अच्छा है|

पर एक बात है| आप लोन ऑफर के चक्कर में पढ़ कर कार के मूल्य पर negotiate करना न भूलें|

ध्यान दें अगर कार का मूल्य कम होगा, तो आपके लोन की EMI अपने आप कम हो जायेगी|

पहले कार के मूल्य पर बातचीत करें, उसके बाद लोन के शर्तों पर|

अगर आपको लोन की अच्छी डील नहीं मिलती, तो दूसरे बैंक या कार फाइनेंस कंपनी से बात करें|

#3 अन्य शुल्कों पर भी बातचीत करें

कार लोन छोटी अवधि (Shorter loan tenure) के लोन होते हैं|

ऐसे लोन में ऊंचे ब्याज दर का असर कम हो सकता है| जैसे की आप 5 लाख का कार लोन 5 वर्ष के लिए लेते हैं|

10% की ब्याज दर पर EMI होगी 10,623 रुपये|

11% की ब्याज दर पर EMI होगी 10,871 रुपये|

अंतर हुआ 247 रुपये प्रति माह| 10% के लोन पर आपकी बचत हुई 247 X 60 = 14,861 रुपये की

पर मान लिए 10% वाले लोन में 2.5% की प्रोसेसिंग फीस है| 11% वाले लोन में कोई भी प्रोसेसिंग फीस नहीं है|

तो आपको 10% वाले लोन में 5 लाख  X 2.5% = 12,500 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी| इस फीस पर 18% GST भी देना होगा| तो कुल मिला कर आपका खर्चा हुआ 14,750 रुपये|

तो आपकी ब्याज दर तो कम है, पर बैंक ने दूसरे तरीके से सब वसूल लिया|

इसीलिए केवल ब्याज दर पर ही ध्यान न दें| अन्य शुल्कों पर भी ध्यान दें|

आप प्रोसेसिंग फीस जैसे शुल्कों पर negotiate पर कर सकते हैं|

#4 कम अवधि का लोन चुनें

जितनी कम अवधि होगी, आपको उतना कम की ब्याज का भुगतान करना होगा|

पर कम अवधि की कारण आपकी EMI भी ज्यादा होगी|

अगर आप ज्यादा EMI का भुगतान कर सकते हैं, तो छोटी अवधि चुनें|

अगर ज्यादा EMI का भुगतान नहीं कर सकते, तो लम्बी अवधि चुन सकते हैं|

#5 Pre-Payment penalty कम हो

अब क्योंकि कार लोन की राशि बहुत अधिक नहीं है, ऐसा हो सकता है कि आप ऋण का पूर्व  (pre-payment) करना चाहें और ब्याज लागत को बचा सकते हैं।

पर आपको ऐसा करने से रोकने के लिए बैंक pre-payment पेनल्टी का प्रावधान रखते हैं| ऐसे में आपको पूर्व भुगतान करने पर कुछ जुर्माना देना होता है| जैसे बैंक आपसे पूर्व भुगतान राशि का 5% जुर्माने के तौर पर ले सकता है|

तो अगर आप पूर्व भुगतान करने की सोच रहे है, तो ऐसे लोन विकल्प को चुनें जहां pre-payment पेनल्टी न हो या फिर कम हो|


कार लेते समय इस लिस्ट का ध्यान रखें

  1. कार की कीमत कम करने की कोशिश करें (Negotiate on price of car)
  2. मुफ्त में सामान या सेवाएं लेने की कोशिश करें (Try to get freebies)
  3. ब्याज दर कम करने की कोशिश करें (Negotiate/find Lower Interest Rate)
  4. प्रोसेसिंग फीस, pre-payment charges इत्यादि कम करने की कोशिश करें (Find loans with low processing fee/pre-payment charges)

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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की CLSS स्कीम के बारें में पूरी जानकारी: कैसे पाएं होम लोन पर सब्सिडी?

by दीपेश 6 Comments

Housing for all by 2022: यह वर्तमान सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य है|

इसी लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हुए और affordable housing (किफायती आवास) को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को 2015 में शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में कई योजनायें हैं| उस योजनायों में से एक है: Credit Linked Subsidy Scheme (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम या CLSS)

CLSS का तहत आपको आपको होम लोन पर सब्सिडी दी जाती है| एक तरह से समझ लिए की आपके लोन के कुछ हिस्से का भुगतान सरकार करती है|

आपको कितनी सब्सिडी मिलती है: यह निर्भर करता है आपके आय वर्ग (income group) पर|

इस पोस्ट में जानते हैं CLSS के बारे में गहराई से|

क्या हैं विभिन्न इनकम ग्रुप? योजना के क्या नियम हैं? क्या पात्रता (eligibility) कैसे काम करती हैं? आप कैसे योजना के लिए एप्लाई कर सकते हैं? कैसे होती है आपकी सब्सिडी कैलकुलेट? और आपको कितना फायदा मिलता है|

पीएएमए (PMAY) में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (CLSS) के तहत कितने आय वर्ग (Income Groups) हैं?

PMAY-CLSS के तहत चार आय वर्ग हैं|

  1. Economically Weak Segment (EWS): प्रति वर्ष 3 लाख तक की घरेलू आय। Household income up to Rs 3 lacs per annum
  2. Low Income Group (LIG):  प्रति वर्ष 3 लाख से 6 लाख रुपये तक की घरेलू आय| Household income between Rs 3 lacs and 6 lacs per annum
  3. Middle Income Group-1 (MIG-1): प्रति वर्ष 6 लाख से 12 लाख रुपये तक की घरेलू आय | Household income between Rs 6 lacs and 12 lacs per annum
  4. Middle Income Group-2 (MIG-2): प्रति वर्ष 12 लाख से 18 लाख रुपये तक की घरेलू आय| Household income between Rs 12 lacs and 18 lacs per annum.

SBI PMAY CLSS pradhan mantri awaas yojana 1 प्रधानमंत्री आवास योजना CLSS होम लोन

सौजन्य: SBI Website

EWS और LIG वर्ग में अगर घर का आकार बड़ा भी होगा, तब भी आप सब्सिडी के लिए पात्र हैं| परन्तु MIG-1 और MIG-2 वर्ग में घर का एरिया (area) अगर सीमा से ज्यादा हुआ, तो आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी|

30 sq.mtr = 323 sq. feet, 60 sq.mtr = 646 sq. feet, 120 sq.mtr = 1,292 sq. feet, 150 sq.mtr = 1,615 sq. feet

क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सब्सिडी स्कीम की पात्रता (Eligibility for CLSS under PMAY in Hindi)

  1. आप या आपके परिवार में किसी के नाम पर कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए|
  2. यहाँ परिवार से मतलब पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से हैं|
  3. यह सब्सिडी आपको तभी मिल सकती है, जबकि आप पहली बार घर खरीद या बना रहे हों| आप अपने कच्चे मकान की रिपेयर के लिए भी सब्सिडी पा सकते हैं|
  4. एक व्यस्क व्यक्ति (चाहें वह विवाहित हो या नहीं) इस सब्सिडी के लिए पात्र है| इसका मतलब उसको एक अलग परिवार माना जा सकता है|
  5. अगर आप विवाहित हैं, तो पति या पत्नी में से कोई एक या दोनों साथ (joint ownership) में सब्सिडी पा सकता है| इसका मतलब पति पत्नी अलग अलग इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते|
  6. Household Income में आपकी और आपके पति/पत्नी दोनों की आय को जोड़ कर माना जाएगा|
  7. अगर आप EWS या LIG इनकम वर्ग में आते हैं, तो मकान परिवार की महिला सदस्य के नाम पर होना चाहिए या परिवार की महिला सदस्य मकान में joint owner होनी चाहिए| अगर परिवार में कोई महिला सदस्य नहीं है, तो पुरुष सदस्य के नाम पर भी सब्सिडी मिल जायेगी| ध्यान दें यह नियम तब लागू नहीं होगा की जब आप MIG-1 या MIG-2 वर्ग में हैं| यह नियम तब भी लागू नहीं होगा जब आप अपने प्लाट पर घर बना रहे हैं या पुराने कच्चे घर को repair कर रहे हैं|

इस बातों के भी रखें ध्यान

अगर आपका मकान लोन दिए जाने के तीन वर्ष के भीतर पूरा नहीं होता, तो आपकी सब्सिडी वापिस ले ली जायेगी|

EWS और LIG वर्ग के लिए यह योजना मार्च 31, 2022 तक है| MIG-1 और MIG-2 वर्ग के लिए यह योजना मार्च 31, 2019 तक है| यह हो सकता है की इस योजना की अवधि को और भी बढ़ा दिया जाए|

अगर आप लोन सब्सिडी का फायदा ले चुके हैं और उसके बाद लोन को किसी बैंक में ट्रान्सफर कर लेते हैं, तो आपको दुबारा लोन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी|

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सब्सिडी की गणना कैसे की जाती है?

यह कैलकुलेट करना थोडा जटिल है|

आईये देखते हैं की कैसे आप अपने लोन के लिए सब्सिडी कैलकुलेट कर सकते हैं|

  1. आपके होम लोन की राशि कितनी भी हो, सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए EWS और LIG वर्ग में 6 लाख की राशि का उपयोग किया जाएगा| MIG-1 के लिए यह राशि 9 लाख और MIG-2 के लिए यह राशि 12 लाख मानी जायेगी। हाँ, अगर आपकी लोन राशि इन सीमायों के कम है, तो आपकी लोन राशि पर सब्सिडी कैलकुलेट करी जायेगी|
  2. सब्सिडी निकालने के लिए लोन की अवधि 20 साल मानी जायेगी| अगर आपके लोन की अवधि 20 वर्ष से कम हैं, तो आपके लोन की असली अवधि को ही माना जाएगा| Minimum (Actual Loan Tenure, 20 years)

अब एक उदहारण की सहायता से देखते हैं की सब्सिडी कैसे कैलकुलेट करी जाती है|

मान लीजिए कि आपकी वार्षिक आय 15 लाख रुपये हैं। इसलिए आप MIG-2 इनकम ग्रुप में आयेंगे|

आप 10% ब्याज की दर पर 35 लाख रूपये का होम लोन लेते हैं| लोन की अवधि 20 वर्ष है| ऐसी स्तिथि में आपके होम लोन की ईएमआई (EMI) 33,775 रुपये होगी|

  1. हम जानते हैं की MIG-2 वर्ग के लिए सब्सिडी के लिए पात्र लोन राशि 12 लाख रुपये है। ध्यान दें यह राशि आपके आय वर्ग (income segment) पर निर्भर करती है| आप देख सकते हैं की आपकी लोन राशि 35 लाख रुपये है| पर सब्सिडी के गणना के लिए 12 लाख ही माना जाएगा|
  2. साथ ही MIG-2 को 3% की इंटरेस्ट सब्सिडी मिलती है|
  3. आपके लोन की अवधि 20 वर्ष है| जैसा की हमनें ऊपर देखा था, सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अधिकतम लोन अवधि 20 वर्ष मानी जायेगी| अगर आपके लोन की अवधि 25 वर्ष भी होती, तो सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए 20 वर्ष की मानी जाती|
  4. अब 12 लाख की पात्र राशि के लिए 3% इंटरेस्ट पर 20 वर्ष के लोन लिए EMI निकालिए| यह आप इन्टरनेट पर आसानी से निकाल सकते हैं| अन्यथा आप माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) में PMT फंक्शन का प्रयोग करके आसानी से निकाल सकते हैं| आप EMI कैलकुलेट करने के तरीके को जानने के लिए इस पोस्ट को भी पढ़ सकते हैं|
  5. ऐसे लोन के लिए EMI राशि आएगी 6,655 रुपये| इसके बाद आप हर महीने में कितना ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा वह निकालें| जैसे की पहले महीने में, ऐसे लोन पर आपको 12 लाख X 3%/12 = 3,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा| अब समझ लिए आपको इतनी ही हर महीने सब्सिडी मिलेगी| परन्तु यह लाभ आपको हर महीने नहीं दिया जाता|
  6. एक बार में ही यह लाभ आपको शुरुआत में दे दिया जाता है|
  7. ऐसा करने के लिए सभी महीनों के ब्याज को 9% पर discount करें|
  8. जो राशि आएगी, वही आपकी लोन की सब्सिडी होगी| इस राशि को आपके लोन की राशि से कम कर दिया जाएगा| ऐसा करते ही आपकी EMI भी कम हो जायेगी|

SBI PMAY CLSS pradhan mantri awaas yojana 2 प्रधानमंत्री आवास योजना

वैसे आपको यह सब खुद कैलकुलेट करने की ज़रुरत नहीं है| इन्टरनेट पर बहुत सारे कैलकुलेटर हैं जिनकी सहायता से आप खुद को मिलने वाली सब्सिडी कैलकुलेट कर सकते हैं|

सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए कैलकुलेटर HUDCO की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं|

PMAY सब्सिडी कैलकुलेटर  प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट और नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं

सब्सिडी तो ठीक है? मुझे सच में कितना फायदा हुआ?

जैसे की आप ऊपर देख सकते हैं, आपकी सब्सिडी आई 2.3 लाख रुपये|

अब आपकी लोन राशि जो 35 लाख रुपये थी|

जब यह 2.3 लाख रुपये की सब्सिडी आपके लोन खाते में जुड़ जायेगी, तो आपकी लोन राशि घाट कर 32.7 लाख रुपये रह जायेगी|

पहले आपकी EMI 33,775 रुपये थी|

लोन राशि घटने के बाद आपकी EMI रह जायेगी 31,554 रुपये हो जायेगी| आपको हर महीने हुई 2,221 रुपये की बचत|

20 वर्षों के लोन अवधि में कुल मिला आपकी बचत हुई: 2,221 रुपये  X 20 वर्ष X 12 महीने = 5.33 लाख रुपये|

अगर आप MIG-1 इनकम ग्रुप में होते, तो आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अभिकतम लोन राशि होती 9 लाख रुपये और इंटरेस्ट रेट माना जाता 4%| MIG-1 ग्रुप में अधिकतम सब्सिडी राशि 2.35 लाख रुपये हो सकती है|

अगर आप EWS या LIG इनकम ग्रुप में होते, तो आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अभिकतम लोन राशि होती 6 लाख और इंटरेस्ट रेट माना जाता 6.5%| EWS और LIG ग्रुप में अधिकतम सब्सिडी राशि 2.67 लाख रुपये तक हो सकती है|

आप अपनी असली लोन राशि में से सब्सिडी को घटाकर नयी EMI निकाल सकते है और अपनी बचत कैलकुलेट कर सकते हैं|

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी के एप्लाई एप्लाई कैसे करें?

यह आप जी बैंक से लोन ले रहे हैं, वहीँ से एप्लाई कर सकते हैं|

जब आप बैंक में लोन के लिए एप्लाई करते हैं और आपको लोन मिल जाता है, तब बैंक आपके लोन की जानकारी National Housing Bank (NHB) या HUDCO को भेज देता है|

NHB या HUDCO जांच पड़ताल करने के बाद आपके लिए सब्सिडी को पारित कर देता है और सब्सिडी आपके लोन अकाउंट में क्रेडिट हो जाती है|

प्रधानमंत्री आवास योजना में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) से मिलने वाली सब्सिडी से मुझे क्या फायदा होता है?

इस बात पर हम ऊपर चर्चा कर चुके हैं|

जब सब्सिडी आपके लोन अकाउंट में क्रेडिट हो जाती है, तो आपकी लोन राशि कम हो जाती है|

ऐसा कम होने से आपकी EMI भी कम हो जाती है|

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

यह निर्भर करता है की आप किस आय वर्ग (income group) में आते हैं| साथ की यह आपकी लोन राशि और लोन अवधि पर भी निर्भर करेगा|

Economically Weaker Section (EWS) और Low Income Group (LIG) के लिए अधिकतम सब्सिडी 2.67 लाख रुपये हो सकती है|

MIG-1 (Middle Income Group-1) के लिए अधिकतम सब्सिडी 2.35 लाख रुपये हो सकती है|

MIG-2 के लिए अधिकतम अवधि 2.3 लाख रुपये हो सकती है|

अगर सब्सिडी मिल जाती है पर घर पूरा नहीं बना पाते, तो ऐसी स्तिथि में क्या होगा?

ऐसी स्तिथि में आपकी सब्सिडी वापिस ले ली जायेगी| लोन लेने के 36 महीनों के भीतर घर पूरा हो जाना चाहिए|

PMAY के तहत लोन पर सब्सिडी लेने के लिए प्रॉपर्टी की कीमत कितनी होनी चाहिए?

आपकी प्रॉपर्टी या मकान का मूल्य कुछ भी हो सकता है परन्तु सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए जो लोन राशि मानी जायेगी, उसकी अधिकतम सीमा है|

यह सीमा EWS और LIG के लिए 6 लाख रुपये हैं| MIG-1 के लिए 9 लाख रुपये है और MIG-II के लिए 12 लाख रुपये है|

ध्यान दे आप लोन कितना भी ले सकते हैं| बस सब्सिडी की राशि निकालने के लिए लोन राशि की अधिकतम सीमा है|

अगर आप 20 लाख रुपये का लोन भी लेते हैं और MIG-I इनकम ग्रुप में आते हैं, तो सब्सिडी 9 लाख रुपये के लोन पर ही कैलकुलेट होगी|

यहीं अगर आपका लोन 7 लाख रुपये का होता, तो सब्सिडी 7 लाख रुपये पर कैलकुलेट करी जाती|

इंटरेस्ट सब्सिडी लेने के लिए होम लोन की अवधि कितनी होनी चाहिए?

लोन के अवधि पर कोई पाबंधी नहीं है| आपके लोन की अवधि (loan tenure) कितना भी हो सकता है|

परन्तु सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अधिकतम लोन अवधि 20 वर्ष ही मानी जायेगी|

अगर अवधि 10 साल है, तो 10 वर्ष की अवधि के अनुसार आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करी जायेगी|

होम लोन पर सब्सिडी लेने के किन दस्तावेजों की ज़रुरत है?

जो होम लोन लेने के लिए दस्तावेज चाहियें, वह तो जमा करने पड़ेंगे ही|

लोन पर सब्सिडी पाने के लिए आपको बस एक डिक्लेरेशन (Declaration) देने की ज़रुरत है की आपके पास कोई पक्का घर नहीं है|

SBI (भारतीय स्टेट बैंक) की वेबसाइट पर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-CLSS) के बारे में आप पढ़ सकते हैं|

आप यह जानकारी ICICI Bank, HDFC या Axis Bank की वेबसाइट पर भी पा सकते हैं| यह नाम मैंने केवल उदहारण के लिए दिए हैं| आप लोन k

उपयोगी लिंक

  1. EWS और LIG वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  2. MIG-1 वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  3. MIG-2 वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  4. प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) वेबसाइट
  5. प्रधानमंत्री आवास योजना की ऑनलाइन एप्लीकेशन
  6. Credit: www.PersonalFinancePlan.in

अधिक जानकारी के लिए आप CLSS Toll-free हेल्पलाइन पर भी फ़ोन कॉल भी कर सकते हैं|

नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank): 1800-11-3377 / 1800-11-3388

HUDCO (Housing and Urban Development Corporation): 1800-11-6163

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क्रेडिट स्कोर सुधारने के 7 आसान तरीके (7 ways to improve Credit Score)

Last updated: अक्टूबर 3, 2018 | by दीपेश 2 Comments

आपने हाल में ही एक लोन के लिए एप्लाई किया, पर क्रेडिट स्कोर खराब होने की वजह से आपकी लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी गयी|

अब आप क्या करेंगे? अगर क्रेडिट स्कोर खराब हैं, तो आगे भी आपकी लोन application को रिजेक्ट किया जा सकता है|

कैसे सुधारें अपना क्रेडिट स्कोर?

आईये जानते हैं|


#1 समय पर आपके लोन की ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करें

यह सबसे ज़रूरी है|

अगर आप अपने लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान सही सके पर नहीं करते, तो आपका क्रेडिट स्कोर कभी भी अच्छा नहीं हो सकता| आप चाहें कुछ भी करते रहे, अगर समय पर भुगतान नहीं करते, तो अच्छे क्रेडिट स्कोर की आशा भी मत रखिये|

अमूमन दो कारणों से भुगतान में देरी हो सकती है|

पहला, आप ढीले हैं| यदि आप आलसी हैं और समय पर भुगतान करने के लिए पर्याप्त रूप से अनुशासित नहीं हैं, तो अपने बैंक खाते से ऑटो-डेबिट (auto-debit) की सुविधा चुनें| ऐसा करने से आप भूलने से भुगतान नहीं रुकेगा|

दूसरा, आपके पास भुगतान करने के लिए नियमित रूप से पैसे की कमी रहती है| यह ज्यादा बड़ी समस्या है। यदि आप अपना हाथ खर्चा करने से नहीं रोक पाते हैं, तो आपको इसे आदत बदलने की ज़रुरत है|

लेकिन अगर आपके पास किसी वजह पैसे की कमी रहती है, तो आपको कुछ बड़े बदलाव लाने होंगे| जैसे की अपनी आमदनी बढाएं, खर्चे कम करें या लोन को री-फाइनेंस (refinance) करें|

इस बारें में आप विस्तार से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|


# 2 अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करें

आपको नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करनी चाहिए और किसी भी तरह की त्रुटियों (discrepancies ) को सही कराना चाहिए। हो सकता है की किसी बैंक ने कुछ गलत जानकारी दे दी हो और आपका क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर) बिना बात प्रभावित हो रहा हो|

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों को सही कराने के तरीके पर मैंने इस पोस्ट में चर्चा करी है|

अब तो सुविधा भी है की आप हर वर्ष एक क्रेडिट रिपोर्ट फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं| तो इस सुविधा का पूरा फायदा उठाएं और समय समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट (या सिबिल रिपोर्ट) चेक करें|


#3 ख़राब क्रेडिट स्कोर के कारण को समझें

अब यह भी हो सकता है की आपका क्रेडिट स्कोर आपकी आदतों की वजह से खराब है|

कुछ कारण आसानी से समझ में आ जाते है| जैसे की आप समय पर लोन या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते| पर कुछ कारण इतने प्रत्यक्ष (obvious) नहीं होते|

क्रेडिट ब्यूरो क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करने के तरीके को जग-जाहिर नहीं करते| पर समझा जाता है की कुछ कारण हैं जिनकी वजह से स्कोर प्रभित हो सकता है:

  1. आप क्रेडिट कार्ड का काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं| मेरा मतलब आप हमेशा अपनी लिमिट का काफी हद तक इस्तेमाल कर लेते हैं (High Credit Limit Utilization)| यह दर्शाता है की शायद आपकी वित्तीय स्तिथि इतनी अच्छी नहीं है| इसिलए आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकता है| अगर समय पर भुगतान करने के बाद भी आपका स्कोर अच्छा नहीं है, तो इस बात पर अवश्य गौर करें| आप अपनी क्रेडिट लिमिट (credit limit) बढाने का निवेदन क्र सकते हैं|
  2. साथ ही, जब भी आप किसी लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक (या क्रेडिट संस्थान) आपके क्रेडिट स्कोर की पूछताछ (क्रेडिट ब्यूरो जैसे की CIBIL से) करते हैं। क्रेडिट स्कोर की इस तरह की पूछताछ को Hard Enquiry कहते हैं| अगर आपके स्कोर के लिए बहुत साड़ी हार्ड इन्क्वारी हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो को ऐसा लग सकता है की आप लोन या क्रेडिट लेने को बहुत उत्सुक हैं| यह बात भी आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित कर सकती है|

अगर आपको लोन या क्रेडिट कार्ड चाहिए, अंधाधुंध रूप से एप्लाई करना शुरू नहीं करें। पहले कुछ रिसर्च करें, बैंक का चुनाव करें और उसके बाद एप्लाई करें|


#4 फिक्स्ड डिपॉज़िट के ऊपर क्रेडिट कार्ड लें (Credit card against Fixed Deposit)

यदि आपके पास पहले से ही क्रेडिट कार्ड है या लोन चल रहे हैं, तो आप अपने भुगतानों को नियमित रूप से करके आपके क्रेडिट स्कोर को धीरे-धीरे सुधार सकते है ।

पर मान लिए आपके पास कोई लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं है| ज़ाहिर हैं, ऐसी स्तिथि में आपके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री (credit history) भी नहीं होगी| इसका मतलब आपके पास क्रेडिट स्कोर ही नहीं है| अच्छे या बुरे का तो सवाल ही नहीं उठता|

कई बार क्रेडिट हिस्ट्री न होने की स्तिथि में भी लोन मिला मुश्किल हो जाता है|

और जब तक लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं मिलता, तब तक क्रेडिट स्कोर नहीं बनेगा|

हो गयी न, मुर्गी और अंडे वाली कहानी (मुर्गी पहले आई या अंडा)|

ऐसी स्तिथि में आप क्या करेंगे?

एक तरीका है|

आप एक फिक्स्ड डिपाजिट खोल कर उसके ऊपर क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं (Credit against Fixed Deposit)|

ऐसी स्तिथि में, कार्ड की क्रेडिट सीमा (credit limit) FD राशि की 80-85% तक होगी| अगर आपकी एफडी 50,000 रुपये की है, तो आपके कार्ड की सीमा 35,000 से 40,000 तक होगी|

अमूमन बैंक को इस तरह क्रेडिट कार्ड देने में कोई समस्या नहीं होती क्योंकि अगर आपने भुगतान नहीं किया, तो वह आपकी FD तोड़ कर अपना  पैसा वसूल लेगा|

पर हाँ, आपको क्रेडिट स्कोर अच्छा करने के लिए, समय पर भुगतान करना होगा|


#5 पुराने क्रेडिट कार्ड खाते बंद नहीं करें

इस बारें में में लोगों की अलग अलग राय है|

कुछ लोग कहते हैं कि आपके क्रेडिट कार्ड की अवधि  (age of credit card)आपके क्रेडिट स्कोर को भी प्रभावित करती है।

अगर आपके क्रेडिट कार्ड अकाउंट पुराने हैं, तो आपके स्कोर पर अच्छा असर पड़ सकता है।

तो अपने पुराने अकाउंट बंद न करें|

कार्ड बंद करने पर आपकी क्रेडिट सीमा का उपयोग (credit limit utilization) भी बढ़ जाएगा| इस बात से भी आपका स्कोर प्रभावित हो सकता है|


#6 पेशेवर सहायता लें (Professional help)

क्रेडिट स्कोर के निर्माण (सुधार) के लिए आप क्रेडिट रिपेयर एजेंसियों (credit repair agencies) से भी संपर्क कर सकते हैं।

हालांकि, आपको इसके लिए कुछ खर्चा करना होगा, पर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है|

अब क्योंकि आपने उनकी सेवा के लिए पैसे खर्च किए हैं, तो संभव है कि आप उनके सुझावों का पालन भी अच्छे से करें।

पर सही एजेंसी का चुनाव करना भी समस्या है| सही से जांच पड़ताल करने के बाद ही संपर्क करें|

बहुत से फर्जी लोग भी हैं इस बिज़नेस में, जो आप से पैसे लेकर आपको बेवक़ूफ़ बना सकते हैं|

जो लोग फटाफट स्कोर सुधारने की बात कहें, ऐसे लोगों से बचें|


#7 धैर्य रखें

यह भी बहुत ज़रूरी है| सब कुछ करने के बाद भी आपका क्रेडिट स्कोर एक दिन में ठीक नहीं होगा| सुधार आने में समय लगता है|

तो हो सकता है की आप सब कुछ सही कर रहे हों, पर आपका क्रेडिट स्कोर आपके अनुसार सुधर न रहा हो| ऐसे में निराश हो कर अच्छी आदतों का न छोड़े| संयम रखें और लगे रहे| धीरे-धीरे आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होगा|

पढ़ें: क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर) क्या है? कैसे जाने अपना क्रेडिट स्कोर? What is Credit Score? (in Hindi)

पढ़ें: कैसे डाउनलोड करें अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट? (How to download free credit report?)

इमेज क्रेडिट: Pixabay

Filed Under: Loans Tagged With: credit card, credit score, कैसे डिफ़ॉल्ट के बाद सिबिल स्कोर का सुधारें, कैसे सुधारें सिबिल रिपोर्ट, क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें, सिबिल स्कोर फ्री

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