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अपनी फ्री सिबिल रिपोर्ट (Free CIBIL Report) कैसे डाउनलोड करें?

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

हमनें पिछली पोस्ट में देखा था की सिबिल या क्रेडिट स्कोर क्या होता है और यह भी देखा था की आपका क्रेडिट स्कोर आपके लोन के पास होने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है|

मेरे अनुसार समय-समय पर आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करती रहनी चाहिए| फायदा यह होगा की आपको अपने क्रेडिट स्कोर का आईडिया रहेगा| अगर आपकी रिपोर्ट में कुछ गलतियां (त्रुटियाँ) है, तो विवाद समादहान की प्रक्रिया (dispute resolution) शुरू कर सकते हैं|

साथ ही अगर आपके ऋण व्यवहार में कुछ कमियाँ हैं, तो आप वहां से सुधार की कोशिश कर सकते हैं|

ऐसा करने से यह होगा की जब भी आप नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करेंगे, तो कम से कम आपको झटका नहीं लगेगा|

पढ़ें: सिबिल स्कोर क्या है? What is CIBIL score in Hindi?

वर्ष में एक बार क्रेडिट रिपोर्ट फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं

पहले आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते थे|परन्तु अब आप कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसम्बर_ में एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं|

ध्यान दे ऐसा आप हर क्रेडिट ब्यूरो के साथ कर सकते हैं|

ध्यान दें यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का निर्देश है| तो एक फ्री रिपोर्ट पाना आपका अधिकार है| आप रिज़र्व बैंक का सर्कुलर (अंग्रेजी) भी पढ़ सकते हैं|

इसका मतलब आप साल में हर क्रेडिट ब्यूरो से एक बार फ्री क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं|

अगर आपको एक से ज्यादा बार करनी है, तो आप फीस का भुगतान करके डाउनलोड कर सकते हैं|

इस पोस्ट में  देखेंगे की आप कैसे सिबिल की वेबसाइट से अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं|

फ्री सिबिल स्कोर और सिबिल रिपोर्ट कैसे डाउनलोड करें?

  1. सिबिल की वेबसाइट पर जाएँ| आप इस लिंक (https://www.cibil.com/freecibilscore) पर जा सकते हैं|
  2. अपने बारे में जानकारी भरें| आपको अपने PAN, जन्मतिथि, इ-मेल आईडी, मासिक आय की जानकारी देनी होगी| free cibil report free credit report 1 सिबिल स्कोर फ्री सिबिल रिपोर्ट फ्री डाउनलोड
  3. आपके बारे में कुछ जानकारी निकाल कर CIBIL भी आपको दिखाएगा|free cibil report free credit report 1 सिबिल स्कोर फ्री सिबिल रिपोर्ट फ्री डाउनलोड
  4. उसके बाद CIBIL आपको SMS भेज कर आपका क्रेडिट स्कोर बताएगा| साथ ही CIBIL की वेबसाइट में लॉग इन करने के लिए आपको जानकारी भेजेगा|
  5. आप अपनी इ-मेल आईडी और password के प्रयोग करके लॉग इन कर सकते हैं|
  6. लॉग इन करने के बाद आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट का विस्तार से देख सकते हैं|free cibil report free credit report 1 सिबिल स्कोर फ्री सिबिल रिपोर्ट फ्री डाउनलोडfree cibil report free credit report 1 सिबिल स्कोर फ्री सिबिल रिपोर्ट फ्री डाउनलोड

एक बात और, मैंने यह प्रक्रिया CIBIL की वेबसाइट के लिए बताई है|

आप Experian की वेबसाइट से इस लिंक (http://www.experian.in/consumer/experian-free-credit-report.html) से अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं|

Equifax की वेबसाइट से फ्री क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड करने की प्रक्रिया इस लिंक (https://www.equifax.co.in/process-note/en_in) बतायी गयी है|

तो अब देर किस बात की है| जल्दी करिए और फ्री में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड करिए|

Filed Under: Financial Planning, Loans Tagged With: cibil report, cibil score, free cibil score, फ्री क्रेडिट रिपोर्ट, फ्री सिबिल रिपोर्ट, फ्री सिबिल स्कोर, फ्री सिबिल स्कोर कैसे डाउनलोड करें

सिबिल स्कोर (CIBIL Score) या क्रेडिट स्कोर क्या है?

Last updated: अक्टूबर 3, 2018 | by दीपेश 2 Comments

जब आप लोन लेने जाते हैं, तब बैंक आपकी लोन को लौटाने की योग्यता आंकलन करता है| अगर बैंक आपको सक्षम पाता है, तो आपको लोन दे दिया जाता है| इसके साथ ही बैंक यह भी चेक करता है की आपने अपने पुराने लोन को समय पर चुकाया है या नहीं| इसके लिए वह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर को देखते हैं|

पिछले कुछ समय में आपके क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर की अहमियत भी काफी बढ़ गयी है| अगर आपका सिबिल स्कोर (CIBIL score) कम हो, तो आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी हो सकती है या आपको लोन पर ऊंची ब्याज दर देनी पड़ सकती है| 

तो आईये जानते हैं सिबिल स्कोर क्या होता है? सिबिल स्कोर किन बातों पर निर्भर करता है? सिबिल स्कोर कम होने से आपके लोन पर क्या असर पड़ता है?

आप कैसे अपना सिबिल स्कोर आसानी से पता कर सकते हैं? आप अपने सिबिल स्कोर को कैसे सुधार सकते हैं? और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलती होने पर आपको क्या करना चाहिए? आईये इन विषयों के बारे में चर्चा करते हैं|

  • क्रेडिट स्कोर क्या है? सिबिल स्कोर क्या है? What is CIBIL Score? (in Hindi)
  • सिबिल स्कोर से आपके लोन पर क्या असर पड़ता है?
  • लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?
  • सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर किन बातों पर निर्भर करता है?
  • किन बातों से आपके क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ता?
  • मेरा क्रेडिट स्कोर NA या NH है| इसका क्या मतलब है?
  • आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में क्या जानकारी होती है?
  • सिबिल स्कोर कैसे पता करें? (How to download free credit report?)
  • सिबिल रिपोर्ट में गलती होने पर क्या करें?
  • सिबिल स्कोर कैसे सुधारें? How to improve your credit or CIBIL Score? (in Hindi)

क्रेडिट स्कोर क्या है? सिबिल स्कोर क्या है? What is CIBIL Score? (in Hindi)

क्रेडिट स्कोर एक तरीके से आपके लोन को लौटाने की योग्यता को दर्शाता है| आपने पहले जब भी कोई लोन (होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड लोन इत्यादि) लिया है, उस लोन को आपने सही समय पर लौटाया है या नहीं|

अब बैंक तो यह साड़ी जानकारी स्वयं नहीं जुटा सकता| इसी लिए वह क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी से यह जानकारी लेता है| ऐसी कंपनी को क्रेडिट ब्यूरो भी कहते हैं|

भारत में ऐसी कई कंपनी हैं| इनमें से प्रमुख हैं:

    1. CIBIL
    2. Experian Credit Information Co. Of India Pvt. Ltd
    3.  Equifax Credit Information Services

यह सभी कंपनी आपके क्रेडिट स्कोर या क्रेडिट रिपोर्ट तैयार करते रखती हैं|

CIBIL इनमें सबसे पुरानी और लोकप्रिय है| सिबिल स्कोर वह क्रेडिट स्कोर है जो की CIBIL तैयार करती है| काफी लोग क्रेडिट स्कोर को सिबिल स्कोर के नाम से ही समझते है|

ध्यान दें यह सभी कंपनी बैंकों और अन्य ऋण देने वाली संस्थानों (credit institution) से साझेदारी करती हैं और वहीँ से आपके लोन के बारे में सारी जानकारी एकत्रित करती हैं|

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच में होता है| जितना ज्यादा है, उतना अच्छा है| 

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सिबिल स्कोर से आपके लोन पर क्या असर पड़ता है?

CIBIL की वेबसाइट के अनुसार 79% लोन उन लोगों दिए जाते हैं, जिनके सिबिल स्कोर 750 से ज्यादा है|

जितना आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, उतनी ही आपके लोन के पास होने की संभावना बढ़ जाती है|

परन्तु ध्यान दें, लोन पास करते समय बैंक केवल आपके क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर पर ही ध्यान नहीं देते|

और भी बहुत साड़ी चीज़ें देखते हैं| जैसे की आप अपनी कमाई के अनुसार लोन की EMI लौटा सकते हैं या नहीं| आपके और कितने लोन चल रहे हैं|

परन्तु अगर मान कर चलें की और सब सही है, अच्छा क्रेडिट स्कोर होने से आपके लोन के पास होने की संभावना बढती है|

साथ की आपकी ब्याज दर भी आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर कर सकती है| अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा (ज्यादा) है, तो शायद आपको कम इंटरेस्ट रेट देना हो| कुछ बैंक ऐसा करना शुरू भी कर चुके हैं| 

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लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?

देखिये बैंकों ने यह जानकारी प्रत्यक्ष रूप से तो नहीं बताई है| परन्तु बैंक आपके सिबिल स्कोर को महत्त्व ज़रूर देते हैं|

जैसा की मैंने ऊपर लिखा है की केवल सिबिल स्कोर के ऊपर ही आपके लोन के पास होने का फैसला नहीं होता| और भी बहुत सारी बातें देखी जाती हैं|

पर ऐसा हो सकता है की बैंक की लोन देने की प्रक्रिया में क्रेडिट स्कोर पर कोई कट-ऑफ (cut-off score) हो, जो की बैंक ने खुल कर ना बतायी हो|

जैसा की ऊपर चर्चा की है, CIBIL की वेबसाइट के अनुसार 79% लोन उन लोगों दिए जाते हैं, जिनके सिबिल स्कोर 750 से ज्यादा है|

जितना ज्यादा सिबिल स्कोर (CIBIL score) है, उतना बेहतर है|
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सिबिल स्कोर  या क्रेडिट स्कोर किन बातों पर निर्भर करता है?

हर क्रेडिट ब्यूरो का आपका क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करने का अलग तरीका होता है और इसीलिए आपका क्रेडिट स्कोर हर कंपनी के अनुसार अलग हो सकता है|

कोई भी क्रेडिट ब्यूरो स्कोर कैलकुलेट करने का तरीका जग-जाहिर नहीं करता| तो आप यह तो नहीं पता की स्कोर कैसे निकाला जाता है| पर हाँ, हम यह जानते है की क्या बातें आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करती हैं|

  1. आपके लोन या क्रेडिट कार्ड भुगतान का इतिहास: मेरे अनुसार सबसे प्रमुख यही बात है| अगर आपने सारे भुगतान नियमित तौर पर किये हैं, तो इस बात के आपके क्रेडिट या सिबिल स्कोर पर अच्छा असर पड़ेगा| इसके विपरीत अगर ऐसा नहीं है, तो आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ेगा|
  2. क्रेडिट सीमा का अधिक उपयोग: अगर आपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया है, तो आपको पता होगा की आपके कार्ड में एक क्रेडिट लिमिट होती है| इसका मतलब आप उस क्रेडिट कार्ड पर अधिकतम इतना खर्चा कर सकते हैं (इतनी राशि बकाया हो सकती है)| अगर आप लिमिट का अधिक उपयोग करते हैं, तो यह आपके सिबिल स्कोर पर बुरा प्रभाव डाल सकता है|
  3. क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन ज्यादा होना: क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन असंरक्षित लोन (unsecured loan) होते हैं| होम लोन और कार लोन संरक्षित लोन (secured loan) होते हैं| अगर असंरक्षित लोन की मात्रा और संरक्षित लोन की मात्रा में संतुलन नहीं है (असंरक्षित लोन के मात्रा संरक्षित लोन से काफी ज्यादा है), तो आपके स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा|
  4. हाल में ही बहुत सारे नए खाते खोलना: अगर आपने हाल में ही बहुत सारे लोन या क्रेडिट कार्ड खाते खोले है या उनके लिए आवेदन किया है, तो इसका मतलब माना जाता है, की आपको ऋण की बहुत ज़रुरत है| अब यह बात आपके स्कोर पर नकरात्मक सर डाल सकती है|

(पोस्ट की शुरुआत में जाएँ)

किन बातों से आपके क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ता?

कुछ ग़लतफ़हमियों से भी बचें|

आपकी पढाई (education), लिंग (gender), धर्म (religion), जाति (caste) का आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ता|

साथ ही आपने अपने सेविंग्स अकाउंट (बचत खाता), फिक्स्ड डिपाजिट, इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस में कुछ भी किया हो, इस बात से भी कोई सिबिल स्कोर पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता|

ध्यान रखें क्रेडिट स्कोर केवल आपके ऋण के प्रति व्यवहार (Credit behaviour) पर निर्भर करता है| और किसी बात पर नहीं|

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मेरा क्रेडिट स्कोर NA या NH है| इसका क्या मतलब है?

अगर आपका क्रेडिट स्कोर NA या NH है, इसका मतलब है:

  1. आपने पहले कोई लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं लिया है| इस वजह से आपके लोन या क्रेडिट कार्ड के भुगतान का कोई इतिहास नहीं है| No Credit History
  2. आपने पिछले 2-3 सालों में अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है| साथ ही लोन न होने की स्तिथि में किसी मासिक किश्त हाँ भुगतान भी नहीं किया है|

वैसे तो क्रेडिट स्कोर NA या NH होने कोई बुरी बात नहीं है, परन्तु कई बार आपको क्रेडिट कार्ड या लोन लेने में परेशानी हो सकती है|

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आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में क्या जानकारी होती है?

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में प्रमुखतः 5 प्रकार की जानकारी होती है|

  1. आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score)
  2. आपके बारें में जानकारी: नाम, जन्म तिथि, PAN, पासपोर्ट नंबर की जानकारी, आपके पते और फोन नंबर के जानकारी
  3. आपके रोजगार की जानकारी: आपकी आय की जानकारी, यह जानकारी क्रेडिट ब्यूरो आपके द्वारा क्रेडिट कार्ड और लोन के आवेदन में भरी जानकारी से प्राप्त करता है| यह सारी जानकारी बैंक प्रदान करते हैं|
  4. आपके सारे लोन/क्रेडिट कार्ड खातों की जानकारी: आपके लोन/क्रेडिट कार्ड खातों में कितना बैलेंस हैं, बैंक के नाम, किस तरह का लोन है, खाता खुलने की तारिख, पिछले भुगतान के तारी और पिछले तीन साल के भुगतान का रिकॉर्ड आदि|
  5. पूछताछ की जानकारी (enquiry for your credit report): जब भी आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो उस समय बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट या क्रेडिट स्कोर के लिए CIBIL से या किसी अन्य क्रेडिट ब्यूरो से पूछताछ करता है| यह सब भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज होता है| ध्यान दे, आपको लोन मिले या न मिले, यह जानकारी आपकी रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है|

ध्यान दें जब बैंक आपके स्कोर के लिए क्रेडिट ब्यूरो से इन्क्वारी करते है, उसे हार्ड इन्क्वारी (Hard Enquiry) कहते हैं| जब आप खुद अपन स्कोर को पता करने के इन्क्वारी करते हैं, तो उसे सॉफ्ट इन्क्वारी (Soft Enquiry) कहते हैं| बहुत सारी हार्ड इन्क्वारी(hard enquiry)  होने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है|

आपको अपने क्रेडिट रिपोर्ट को समझने में अधिक मदद चाहिए तो आप इस लिंक पर जा कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं| अंग्रेजी में पढ़ना चाहें, तो आप और भी विस्तार से जानकारी इस लिंक  पा सकते हैं|

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सिबिल स्कोर कैसे पता करें? (How to download free credit report?)

अब आप अपना क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर अब फ्री में पा सकते हैं| भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) की पालिसी के तहत अब आप एक कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसम्बर) में एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट क्रेडिट रिपोर्ट बिना पैसा दिया (फ्री क्रेडिट रिपोर्ट) डाउनलोड कर सकते हैं| इस बारे में विस्तार से जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

ध्यान दे आप हर क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी से वर्ष में एक बार क्रेडिट रिपोर्ट (और क्रेडिट स्कोर) डाउनलोड कर सकते हैं|

आप इस लिंक (https://www.cibil.com/freecreditscore/) पर जाएँ| आपको अपने बारें में कुछ जानकारी देनी होगी| उसके बाद आप अपनी रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं और अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं|

अगर आपको एक वर्ष में एक से ज्यादा बार यह रिपोर्ट चाहिए, तब आप सिबिल की वेबसाइट पर जा कर यह स्कोर प्राप्त कर सकते हैं|आपको अपने बारे में जानकारी देनी होगी और 550 रुपये का भुगतान करना होगा| आप अपना क्रेडिट स्कोर इस लिंक पर प्राप्त कर सकते हैं|

पोस्ट की शुरुआत में जाएँ 

सिबिल रिपोर्ट में गलती होने पर क्या करें?

ध्यान दे क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी यह सारी जानकारी एकत्रित करती है| बैंक आपके लोन या क्रेडिट कार्ड के बारे में यह जानकारी इन कंपनी को प्रदान करता है|

बस क्रेडिट स्कोर यह कंपनी अपने आप निकालती है| हालांकि ध्यान दें की क्रेडिट स्कोर भी बैंक द्वारा प्रदान की हुई जानकारी पर ही निकाला जाता है|

अगर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने पर आपको कोई गलत जानकारी दिखती है| जैसे की, ऐसा कोई क्रेडिट कार्ड या लोन जो आपने कभी लिया ही न हो| या कोई क्रेडिट कार्ड या लोन जिसको आपने बंद कर दिया हो, पर उस पर बकाया राशि दिखा रहा हो|

या फिर आपने तो भुगतान समय पर किया हो, पर आपकी रिपोर्ट में देरी से भुगतान दिखा रहा हो| या फिर कोई और गलती|

यह मुमकिन है की ऐसी ही किसी गलती की वजह से आपका क्रेडिट स्कोर कम हो और आपको लोन लेने में परेशानी हो रही हो|

तो ऐसी स्तिथि में आपको क्या करना चाहिए?

हर क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी में ऐसी समस्यायों को सुलझाने के लिए एक प्रक्रिया होती है| जैसे की CIBIL में भी विवाद समाधान (Dispute Resolution) की प्रक्रिया है|

आप सिबिल की वेबसाइट पर जा कर अपने विवाद को रजिस्टर कर सकते हैं| आप तकरीबन 30 दिन में इस विवाद को सुलझने की उम्मीद कर सकते हैं| 

cibil dispute resolution in hindi

ध्यान दे सिबिल या कोई भी क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी अपने आप यह जानकारी अपडेट नहीं कर सकती| उनको यह जानकारी बैंक या ऋण संस्थान से मिलनी चाहिए|

तो आपका सिबिल से लड़ने से कोई फायदा नहीं होगा| जब तक बैंक आपकी जानकारी को सही नहीं कर देता, तब तक सिबिल कुछ भी नहीं कर सकता| इसीलिए सिबिल से बिना बात लड़ने पर अपना समय बर्बाद न करें|

साथ ही अपने बैंक से संपर्क करें, उनको पूरी बात समझायें और उनसे सिबिल को सही जानकारी प्रदान करने की विनती करें| हाँ, बैंक से लड़ने पर आपका काम शायद जल्दी हो सकता है|

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप सिबिल के वेबसाइट पर जा कर इस लिंक पर पा सकते हैं|

पोस्ट की शुरुआत में जाएँ 

सिबिल स्कोर कैसे सुधारें? How to improve your credit or CIBIL Score? (in Hindi)

अब आपने अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और स्कोर को चेक कर लिया है| आपने यह पाया की आपका स्कोर अच्छा नहीं है|

तो अब आप क्या करेंगे? कैसे सुधारेंगे अपना क्रेडिट स्कोर?

आईये देखते हैं की आपके पास क्या हैं विकल्प|

सबसे पहले तो यह चेक करिए की कहीं आपका यह कम स्कोर बैंक की गलती की वजह से तो नहीं है| और ऐसा हो सकता है| ऐसी स्तिथि में, जैसा की मैंने ऊपर चर्चा करी है, आपको विवाद समाधान प्रक्रिया (dispute resolution process) का पालन करना होगा|

साथ ही ऐसी गलतियों के बारे में पता करने के लिए अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समय-समय पर चेक करते रहे|

अगर आपकी गलतियों की वजह से स्कोर कम है, तो अपने वर्ताव में कुछ बदलाव लाने होंगे|

सबसे ज़रूरी बात, अपना लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का बिल समय पर भरें|

लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए सोच समझ कर आवेदन करें| जैसा की हमनें देखा है की जब आप आवेदन करते हैं, तब बैंक आपके क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट के लिए आवेदन करता है| इसे हार्ड इन्क्वारी (hard enquiry) कहते हैं| कुछ ही समय में ज्यादा हार्ड इन्क्वारी आपके स्कोर को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करती है|

असंरक्षित (unsecured loan) और संरक्षित लोन (secured loan) में कोई संतुलन बना कर रखें|

आपका क्रेडिट लोन 2-4 दिन में ठीक नहीं होगा| इसे ठीक होने में समय लगता है| आप सही आदतों पर टिके रहें| धीरे-धीरे सिबिल स्कोर भी अच्छा हो जाएगा|

अगर आपका स्कोर NA या NH है, तो एक और समस्या है| शायद आपको इस वजह से क्रेडिट कार्ड या लोन ही ना मिले| बिना क्रेडिट कार्ड या लोन का आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री (credit history) कैसे बनायेंगे| ऐसी स्तिथि में आप फिक्स्ड डिपाजिट की सहायता से क्रेडिट कार्ड (credit card against fixed deposit) ले सकते हैं और धीरे-धीरे अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बना सकते हैं|

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 Source: PersonalFinancePlan.in

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Filed Under: Financial Planning, Loans Tagged With: सिबिल रिपोर्ट ऑनलाइन, सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए, सिबिल स्कोर कैसे सुधारें, सिबिल स्कोर क्या है, सिबिल स्कोर चेक, सिबिल स्कोर फ्री

अपने लोन की EMI कैसे कैलकुलेट करें? (EMI Calculator in Hindi)

Last updated: अप्रैल 12, 2018 | by दीपेश 36 Comments

जब भी आप कोई लोन लेते हैं, तो उस लोन के भुगतान के लिए लोन की अवधि में आप EMI भरते रहते हैं|

क्या आपको पता हैं की आपके लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है?

वैसे तो बहुत सारी वेबसाइट पर EMI कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, पर क्या आप उन कैलकुलेटर के पीछे की गणित जानते हैं?

आज मैं इसी गणित पर चर्चा करूंगा| और बाद में मैं यह बताऊँगा की कैसे आप आसानी से अपने लोन की EMI कैलकुलेट कर सकते हैं|

पोस्ट के अंत में एक लोन कैलकुलेटर भी दिया गया है| इस कैलकुलेटर में आप अपने लोन के बारे में जानकारी डाल कर अपनी EMI कैलकुलेट कर सकते हैं|

EMI क्या है? और क्या है इस इसके पीछे की गणित?

EMI का मतलब है Equated Monthly Installment या आपके लोन की मासिक किश्त|

आपकी मासिक किश्त का एक हिस्सा आपके लोन के ब्याज के भुगतान (interest payment)  की ओर जाता है और बचा हुआ भाग मूल राशि के भुगतान (principal repayment) के लिए|

ध्यान दें होम लोन हो या पर्सनल लोन, EMI इसी तरीके से काम करती है|

मान लिए आपने 50 लाख का लोन लिया है| लोन की अवधि 20 वर्ष है और मान लिए ब्याज की दर है 9% p.a.

इस लोन के लिए आपकी EMI या मासिक किश्त होगी 44,986 रुपये|

आईये देखते हैं की पहले साल में लोन का भुगतान किस प्रकार होगा|


पहले महीने की EMI का बंटवारा कुछ इस तरह होगा|

EMI (मासिक किश्त): 44,986 रुपये

पहले महीने का ब्याज = महीने की शुरुआत में बकाया मूल राशि * ब्याज दर/12

= 50 लाख रुपये * 9%/12 = 37,500 रुपये

पहले महीने का मूल भुगतान (Principal Repayment in the first month) = EMI – पहले महीने के ब्याज का भुगतान

= 44,986 – 37,500 = 7,486 रुपये

पहले महीने की अंत में बकाया मूल राशि (Principal Outstanding at the end of the first month) = 50 लाख – 7,486 रूपये = 49,92,514 रुपये


अब आते हैं दूसरे महीने पर

दूसरे महीने का ब्याज = महीने की शुरुआत में बकाया मूल राशि * ब्याज दर/12

= 49,92,514 * 9%/12 = 37,444 रुपये

दूसरे महीने का मूल भुगतान (Principal Repayment in the first month) = EMI – महीने के ब्याज का भुगतान

= 44,986 – 37,444 = 7,542 रुपये

दूसरे महीने की अंत में बकाया मूल राशि = 49,92,514 – 7,542 रूपये = 49,84,971 रुपये

इसी तरह, देखते हैं की पहले साल में आपके लोन का भुगतान कैसे होगा|

होम लोन EMI कैलकुलेटर लोन emi लोन कैलकुलेटर

अब आप देख सकते हैं की:

  1. हर महीने ब्याज का भुगतान घटता जा रहा है| इसके साथ ही मूल का भुगतान (principal repayment) बढ़ता जा रहा है|
  2. ऐसा इसीलिए की हर महीने मूल राशि के भुगतान के साथ आपका बकाया लोन कम होता जा रहा है| अब क्योंकि ब्याज बकाया राशि पर निकाला जाता है, ब्याज भी हर महीने बकाया राशि के साथ कम होता जा रहा है|
  3. और क्योंकि ब्याज का भुगतान का कम हो रहा है, मूल के भुगतान (principal repayment) ओने आप बढ़ता जा रहा है|

परन्तु आप यह देखेंगे की पहले साल के भुगतान के बाद भी आपकी बकाया राशि कुछ ज्यादा कम नहीं हुई| पूरे एक साल मासिक किश्त देने का बाद भी आपकी बकाया राशि 50 लाख से केवल 49.06 लाख रुपये ही पहुंची| केवल 93,636 रुपये का भुगतान|

अब ऐसा क्यों हुआ?

आईये देखते हैं की पूरे लोन की अवधि के दौरान आपकी बकाया राशि कैसे कम होगी|sbi होम लोन EMI कैलकुलेटर लोन emi लोन कैलकुलेटर

आप देख सकते हैं की पहले कुछ सालों में आपकी बकाया राशि कुछ ख़ास कम नहीं हुई है| पहले पांच सालों में आपने केवल 5.64 लाख रुपये का ही लोन चुकाया है| जबकि इन पांच वर्षों में आपने 21.34 लाख रुपये का ब्याज चुकाया है|

अगर मूल राशि के भुगतान के बारे में देखें तो आपकी मूल राशि का भुगतान कुछ इस तरह होगा|

पहले पांच वर्ष: 11.29%

दूसरे पांच वर्ष (6 से 10 साल): 17.68%

तीसरे पांच वर्ष (11 से 15 साल): 27.68%

आखिरी पांच वर्ष (16 से 20 साल): 43.34%

यह हुआ कुल मिला कर 100% मूल राशि का भुगतान|

साथ में इस जानकारी पर भी ध्यान दें|

sbi होम लोन EMI कैलकुलेटर लोन emi लोन कैलकुलेटर loan repayment

यहाँ मैंने यह दिखाने की कोशिश करी है की हर साल आपकी किश्त का कितना पैसा ब्याज के भुगतान के लिया जा रहा है और कितना पैसा मूल राशि के भुगतान के लिए|

आप देख सकते हैं की शुरुआत में लोन की किश्त का ज़्यादातर पैसा ब्याज के भुगतान के लिए ही चला जाता है| और ऐसा इसलिए हो रहा क्योंकि उस समय मूल राशि ज्यादा होती है| जैसे-जैसे समय के साथ आपकी मूल राशि कम होती जाती है, ब्याज भी कम होता जाता है और आपकी मासिक किश्त का ज्यादा हिस्सा मूल राशि के भुगतान (principal repayment) के लिए जाने लगता है|

यही वजह है की लोन के शुरूआती वर्षों में आपका लोन बहुत धीरे-धीरे कम होता है|

अगर आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं की इतने साल लोन की किश्त का भुगतान करने के बाद भी आपका लोन कम क्यों नहीं हुआ, तो शायद आपको इस बात का जवाब मिल गया होगा|

पढ़ें: आपको कितना लोन मिल सकता है?

लोन की EMI कैसे कैलकुलेट करते हैं? How to calculate loan EMI? (in Hindi)

अब यह भी कुछ कम पेचीदा सवाल नहीं है|

अच्छी बात यह की आपको इसके लिए कुछ ख़ास मेहनत करने की ज़रुरत नहीं है|

अगर आप माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) का उपयोग करना जानते हैं, तो आप  आसानी से कर सकते हैं|

आपको बस PMT फार्मूला का प्रयोग करना होगा|

जैसे की हमें अपने उदारहण में देखा:

लोन राशि: 50 लाख रुपये, लोन अवधि: 20 वर्ष, ब्याज दर: 9% p.a.

 मासिक किश्त (EMI) = PMT(ब्याज दर / 12, लोन अवधि * 12, लोन राशि, 0)

दरअसल आपको मासिक ब्याज दर, महीनों में लोन अवधि और लोन राशि को इनपुट करना होगा|

तो आपको एक्सेल शीट में लिखना होगा,

=PMT (9%/12, 20*12, 5000000,0)

इस फोर्मुले से आपको किसी भी लोन की मासिक किश्त मिल जाएगी|

अगर आपको यह करना मुश्किल लग रहा है, तब भी कोई परेशानी वाली बात नहीं है|

बहुत सारी वेबसाइट आपको यह जानकारी आसानी से प्रदान करती हैं|

emicalculator.net

आप यहाँ जा कर लोन EMI कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं|

इसके अलावा भी बैंक के वेबसाइट पर आपको यह कैलकुलेटर आसानी से मिल जायेंगे|

आप भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) की वेबसाइट पर SBI लोन कैलकुलेटर का प्रयोग कर सकते हैं|

इन बातों पर भी ध्यान दें|

  1. ब्याज दर (interest rate) बढ़ने पर EMI बढ़ेगी| ब्याज दर घटने पर EMI घटेगी|
  2. अगर लोन राशि ज्यादा है तो EMI (मासिक किश्त) भी ज्यादा होगी|
  3. अगर लोन अवधि कम होगी, तो आपकी EMI बढ़ेगी|

अगर आप लोन के कुछ हिस्से का पूर्व भुगतान (prepayment) करतें हैं, तो क्या फर्क पड़ेगा?

आब पूर्व भुगतान करने से, आपकी बकाया राशि कम हो जायेगी| जैसे की ऊपर चर्चा करी है की बकाया राशि कम होते ही आपकी मासिक किश्त का कम हिस्सा ब्याज का भुगतान के लिए जाएगा|

इसका मतलब ज्यादा हिस्सा मूल भुगतान की ओर जाएगा|

इसका परिणाम यह होगा की आपका लोन जल्दी खत्म हो जाएगा|

आईये उदहारण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए आपके 5 साल बाद लोन में 5 लाख रुपये का पूर्व भुगतान कर दिया|

ऐसा करने पर आपका लोन 217 महीनों (18 साल 1 महीना) में खत्म हो जाएगा| इसका मतलब आपने 23 मासिक किश्तें बचा लीं|

ब्याज दर बढ़ने या घटने पर क्या फरक पड़ता है?

आपकी लोना अवधि का दौरान आपकी ब्याज दर ऊपर-नीचे होती रहती है|

ऐसा होने से आपके लोन पर क्या असर पड़ेगा|

देखिये अमूमन बैंक ब्याज दर बदलने पर आपकी EMI नहीं बदलते| बस आपके लोन की अवधि बदल दी जाती है|

जब ब्याज दर बढती है, तो लोन की अवधि भी बढ़ जाती है|

जब ब्याज दर घटती है, तो लोन की अवधि भी घट जाती है|

ऐसा क्यों होता है?

जैसे की हमें ऊपर चर्चा करी है, जब लोन की ब्याज दर बढ़ेगी, तो EMI का ज्यादा हिस्सा लोन के ब्याज के भुगतान के लिए जाएगा| इसका मतलब कम हिस्सा मूल राशि के भुगतान के लिए जाएगा| इससे लोन के भुगतान में ज्यादा समय लगेगा|

जब ब्याज दर (interest rate) कम होंगे, तब इसका बिलकुल उल्टा होगा और लोन का भुगतान जल्दी हो जाएगा|

ध्यान दें यह आंकड़े जो मैंने इस पोस्ट में उपयोग करे हैं, उन आंकड़ों को बदलने पर परिणाम भी कुछ बदल सकते हैं| अगर आपको गणित समझ में आ गयी है, तो अब कोई परेशानी नहीं होगी|

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होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ध्यान

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अगर आप होम लोन ले कर घर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें|

#1 पहले प्रॉपर्टी के दाम पर खरीद फरोख्त करें, फिर होम लोन पर

अब लोन तो आप तब लेंगे, जब आपने मकान या परोपरी फाइनल कर ली हो|

हमारा काफी ध्यान बैंक से बातचीत करने और ब्याज दर कम करने में लगा हो सकता है| आप संभवतः प्रोसेसिंग फीस (processing fee) का कुछ हिस्सा बचा लेंगे या ब्याज दर 0.10-0.15% कम करा लेंगे।

बहुत अच्छी बात है|

परन्तु अगर आपने बिल्डर या विक्रेता के साथ बातचीत और खरीद फरोख्त (negotiate) करके भी बहुत पैसा बचा सकते हैं। और अगर आप सफल होते हैं, तो यह बचत आपके बैंक से मिलने वाली बचत से कहीं ज्यादा होगी|

एक उदहारण की सहायता से देखते हैं|

मान लिए आपको घर लेने के लिए 60 लाख के लोन की ज़रुरत है|

यदि आपको 15% अग्रिम छूट मिलती है, तो आपको 60 लाख रुपये  के बजाय 51 लाख रुपये का ही ऋण लेना होगा।

चलिए मान लें कि 20 साल के लिए 60 लाख रुपये का ऋण 8%p.a है।

और 51 लाख रुपये का ऋण 9% p.a. पर है। यानी की 1 प्रतिशत ज्यादा|

60 लाख रुपये के लिए मासिक किश्त (EMI) 50,186 रुपये होगी जबकि 51 लाख रुपये के लोन लिए 45,886 रुपये होगी| देखा आपने अगर मकान के दाम कम करा सकते हैं, तो कितना फायदा है| और अभी हमनें अग्रिम भुगतान (down payment) की तो बात भी नहीं करी)|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

इसीलिए पहले बिल्डर या विक्रेता से negotiate (खरीद फरोख्त) करें और उसके बाद बैंक से|

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के होम लोन की जानकारी और ब्याज दर जानना चाहते हैं, तो इस लिंक पर जा कर पा सकते हैं| अन्यथा अगर आपको सभी बैंक के होम लोन रेट जानना चाहते हैं, तो सभी होम लोन रेट की जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ|

#2 अग्रिम भुगतान (Down Payment) देने के लिए तैयार रहे

इस बात का ध्यान रखें की आपके मकान के पूरे मूल्य का लोन नहीं मिलेगा| प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य (market value) का 75-85% ही आपको लोन के रूप में मिलेगा। इसके अलावा पंजीकरण आदि के लिए भी खर्चा आएगा|

बची राशि का इंतज़ाम आपको ही करना होगा| और क्योंकि राशी बड़ी है, आपको इसके लिए पहले से ही तय्यारी करनी होगी|

तो, यदि आप निकट भविष्य में एक घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अग्रिम भुगतान (down payment) और ऐसे खर्चों के लिए अब बचत करना प्रारंभ करें।

#3 दूसरे मकान के लिए होम लोन कर लाभ बदल गए हैं

अगर आपके पास पहले से ही एक घर है और दूसरा खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह बहुत महत्वपूर्ण है।

आम धारणा यह है, की आप दूसरे घर (let-out property) के लिए लिए गए लोन पर जो भी ब्याज देते हैं, उस पर टैक्स बेनिफिट (Section 24) ले सकते हैं|

यह वित्त वर्ष 2017 (पिछले साल) तक सही था लेकिन अब और नहीं। 2017 के बजट में, हाउस प्रॉपर्टी से आय से होने वाली हानि का उपयोग करके जो आप कर लाभ ले सकते हैं, उस लाभ को 2 लाख प्रति वर्ष तक सीमित कर दिया गया है|

यह आपकी सभी आवासीय संपत्तियों के लिए है। इससे पहले, let-out प्रॉपर्टी पर ऐसी कोई सीमा नहीं थी। 2 लाख रुपये की सीमा केवल उस घर ले लिए थी जिसमें आप रहते हैं|

Income from House Property= Net Annual Value (i.e. Rental Income – Municipal Taxes) – Standard Deduction – Interest paid on Housing Loans

घर संपत्ति से आय = शुद्ध वार्षिक मूल्य ( किराये की आय – नगरपालिका कर) –  स्टैंडर्ड कटौती –  होम लोन  पर ब्याज का भुगतान ।

अगर यह आय आपकी शून्य से कम है (loss under Income from House Property), मतलब आपको नुक्सान हुआ है और आप इस नुक्सान को अपनी आमदनी से एडजस्ट कर सकते हैं| ज़ाहिर है, जितना नुकसान आप दिखाएँगे, उतनी ही आपकी कर योग्य आय कम हो जायेगी और आपको कम टैक्स देना होगा|

क्योंकि होम लोन की राशि ज्यादा होती है, ब्याज आपको आसानी से नुकसान में ले जा सकता है| काफी लोग इस बात का फायदा उठाया करते थे| परन्तु अब नहीं| अब केवल 2 लाख रुपये तक ही लाभ ले सकते हैं|

आप इस पहलु के बारे में गहराई से इस पोस्ट (अंग्रेजी) में पढ़ सकते हैं|

हालांकि आपको अगले 8 वर्षों में सेट-ऑफ के लिए नुक्सान को carry forward करने की अनुमति है, परन्तु इसका इतना फायदा भी नहीं है।

#4 आपको मासिक किश्त देनी होगी

यदि आप एक निर्माणाधीन संपत्ति के लिए योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ महीनों या वर्षों के लिए मासिक किश्त (EMI) और किराया दोनों का भुगतान करना होगा। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि क्या  आप एक ही समय में दोनों का भुगतान सकते हैं।

आपको यह भी देखना होगा कि आप Pre-EMI या Full-EMI के लिए जाना चाहते हैं।

अगर आप बना हुआ घर भी ले रहे है, तब भी आपकी EMI आपके किराए (जहाँ आप अभी तक रह रहे थे) से काफी ज्यादा हो सकती है

यह सुनिश्चित करें की आप ऐसा कर सकते हैं, वरना  बाद में काफी परेशानी हो सकती है|

अगर आपको मासिक किश्त का पता लगाना है, तो आप होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं|

#5 लोन लेने के चक्कर में कुछ भी ना खरीद लें, बैंक अधिकारियों से भी रहे सावधान

लोन लेते समय बैंक आपको विभिन्न प्रकार के इंश्योरेंस प्लान बेचने की कोशिश करेंगे| इन सबसे बचें|

बैंक को ऐसे उत्पाद बेचने पर काफी कमीशन मिलता है और बैंक कर्मचारियों के बिक्री लक्ष्य (sales target) भी पूरे होते हैं| मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको जीवन बीमा या दुर्घटना बीमा की ज़रुरत नहीं है|

बिलकुल हो सकती है| आपके पास हर समय पर्याप्त बीमा होना चाहिए।

परन्तु आपको यह उत्पाद बैंक से खरीदने का ज़रुरत नहीं है| इसकी दो वजह हैं| पहला तो बैंक से लेने पर आपको बहुत महंगा पडेगा| दूसरा यह की शायद वह प्लान आपकी ज़रुरत के अनुसार न हो

आप एक साधारण टर्म इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं और इसे बैंक को assign कर सकते हैं। बैंक से बीमा खरीदने की कोई जरूरत नहीं है ।

हाँ एक बात और, बैंक आपको ऐसी योजनाओं को खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कई बार आपसे कहा जा सकता है, की अगर आप उनसे इंश्योरेंस प्लान नहीं खर्रीदेंगे तो आपको लोन नहीं मिलेगा| यह गलत है|

आप बैंक अधिकारियों से ऐसा लिख कर (लिखित में) देने को कहें|

#6 सोचें, समझें और फिर फैसला करें

लोगों को आकर्षित करने के लिए बैंक कई नए प्रकार के लोन ऑफर ले कर आ रहे हैं। आपको यह देखने की ज़रूरत है कि क्या ये उत्पाद आपके लिए उपयोगी हैं या आप सुविधाओं का पूरा उपयोग करने में सक्षम होंगे या नहीं।

यह पता करने की कोशिश करें की आपकी कितनी बचत होगी| अगर आप MS Excel का उपयोग करना जानते हैं, तो यह काम आप भी आसानी से कर सकते हैं|

अन्यथा, अपनी बचत का पता लगाने के लिए मित्र या एडवाइजर की सहायता  ले सकते है|

उसके बाद ही फैसला करें|

Source: EMICalculator

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PPF अकाउंट से कैसे लें लोन और किन बातों का रखें ध्यान? (PPF Loan in Hindi)

Last updated: जून 23, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

हो सकता की आपको कभी पैसे की ज़रुरत हो पर आपके बैंक खाते में उस समय पैसा न हो| ऐसे समयमें आप क्या करेंगे? कुछ विकल्प हैं|

आप परिवार में किसी से या फिर अपने किसी मित्र से कुछ समय के लिए पैसे उधार ले सकते हैं| या अपने कुछ निवेश को बेच कर पैसे का इंतजाम कर सकते हैं| अगर आप ऐसा नहीं करना चाहते, तो किसी बैंक से पर्सनल लोन ले सकते हैं| परन्तु पर्सनल लोन पर ब्याज की दर बहुत ज्यादा होती है|

इन सब तरीकों के अलावा भी कुछ तरीके हैं, जिनकी सहायता से आप ज़रूरी राश जुटा सकते हैं| मैंने अपनी पिछली पोस्ट में एक पोस्ट में इस बात पर चर्चा की थी की आप कैसे अपनी LIC पालिसी से लोन ले सकते हैं|

पढ़ें: कैसे ले सकते हैं अपनी LIC पालिसी से लोन? (Loan against LIC Policy)

अपने देश में काफी लोगों के पास LIC policy और PPF account होते हैं| अब LIC पालिसी से लोन के बारे में तो हम पहले चर्चा कर चुके हैं| इस पोस्ट में आईये जानते हैं की आप अपने PPF account से कैसे लोन ले सकते हैं|

तो अगर आप सोचते हैं की आपका PPF में निवेश 15 साल तक बाहर नहीं आ सकता, तो शायद यह पूरी तरह से सही नहीं है| ज़रुरत पड़ने पर आप PPF account से लोन ले सकते हैं या फिर कुछ पैसा निकाल भी सकते हैं (partial withdrawal)|

पढ़ें: पाएं PPF अकाउंट के बारे में पूरी जानकारी (Complete Informatin about PPF Account in Hindi)

पीपीएफ लोन के बारे में पूरी जानकारी (Loan from PPF Account:Complete Information) 

जैसे की हमनें पिछली पोस्ट में देखा था की आप:

  1. PPF खाते से तीसरे साल से छठे साल (from the start of 3rd year till the end of 6th year) तक लोन ले सकते हैं| आपको लोन का भुगतान करना होगा| सांतवे साल से लोन नहीं ले सकते|
  2. सांतवे साल से आप कुछ पैसा PPF account (partial withdrawal) से निकाल सकते हैं| ध्यान दें यहाँ आपने पैसा निकाल लिया है| पैसा लौटाने की ज़रुरत नहीं है|

यदि आपको सांतवे वर्ष (7th year) से पहले अपने पीपीएफ खाते से आपातकालीन धन की आवश्यकता हो, तो निकासी (partial withdrawal) की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए आपको PPF खाते से लोन की सुविधा दी गयी है|

आप PPF अकाउंट से लोन की सुविधा कब ले सकते हैं? When can you take loan against PPF account?

जैसा की ऊपर लिखा है, आप तीसरे से छठे साल तक (from the start of 3rd year till the end of 6th year) लोन ले सकते हैं|

अब तीसरे साल का मतलब है, जिस वित्तीय वर्ष में आपने PPF account खोला है, उसके वर्ष के अंत से एक साल बाद| मतलब अगर आपने जुलाई 2014 में अपना PPF खाता खोला है, तो आप 1 अप्रैल 2016 से लोन ले सकते हैं|

और इस सुविधा का उपयग आप छठे साल तक, यानी की PPF खोलने वाले साल के अंत से 5 साल बाद तक| अगर आपने जुलाई 2014 में खाता खोला था, तो आप मार्च 31 2020 तक लोन ले सकते हैं|

PPF खाते से कितना लोन ले सकते हैं? How much loan can you take against PPF account?

आप पिछले साल के अन्त में जो PPF account में balance हैं, उसकी 25% प्रतिशत राशि तक का लोन ले सकते हैं|

अब इस को तो उदाहरण से समझने की ज़रुरत है|

मान लिए आप जुलाई 2014 में पीपीएफ खाता खोलते हैं|

तो आप 1 अप्रैल, 2016 से ऋण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आप 31 मार्च, 2020 तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

कितना लोन ले सकते हैं?

जुलाई 2014 से मार्च 31, 2015: आप लोन नहीं ले सकते|

1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक: 31 मार्च 2015 की जमा राशि का 25%

1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक: 31 मार्च, 2016 की जमा राशि का 25%

1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक: 31 मार्च, 2017 की जमा राशि का 25%

1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक: 31 मार्च, 2018 की जमा राशि का 25%

1 अप्रैल 2020 से आप लोन नहीं ले सकते|

1 अप्रैल 2020 से आप आंशिक निकास (partial withdrawal) कर सकते हैं|

PPF loan (पीपीएफ लोन) लेने के लिए क्या ज़रूरी है?

अगर आपने PPF में minimum contribution (न्यूनतम भुगतान)  नहीं किया है, तो आप लोन नहीं ले सकते| ऐसे मामले में पहले आपको अपना PPF अकाउंट नियमित (regularize) करना होगा| इसके लिए आपको कुछ पेनल्टी देनी होगी और बकाया राशि जमा करनी होगी|

साथ ही अगर आपने PPF से एक लोन लिया हुआ है और वह अभी तक बकाया है, तो भी आप PPF से लोन नहीं ले सकते|

ध्यान दे अगर आप PPF से लोन ले कर उसका पूरा भुगतान कर चुके हैं, तो आप लोन ले सकते हैं|

PPF लोन की ब्याज दर कितनी होती है? What is PPF loan interest rate?

आपको PPF की मौजूदा ब्याज दर से 2% अधिक ब्याज दर देनी होगी|

अगर PPF interest rate 8% p.a. चल रहा है, तो लोन आपको 10% p.a. पर मिलेगा|

अगर PPF interest rate 7.8% p.a. चल रहा है, तो लोन आपको 9.8% p.a. पर मिलेगा|

मान लिए PPF की ब्याज दर 8% p.a. चल रही है|

मान लिए की आपके PPF खाते में 5 लाख रूपए जमा हैं और आप एक लाख रुपये का लोन लेते हैं, तो आपको 1 लाख पर 10% ब्याज  देना होगा| आपकी जमा राशि पर आपको 8% ब्याज मिलता रहेगा|

PPF से लोन का भुगतान कैसे किया जाता है? How to repay PPF loan?

PPF लोन का भुगतान सामन्य लोन से काफी अलग होता है|

आपको 36 महीने में लोन का पूरा भुगतान करना होगा| Repayment period of 36 months

आपको पहले principal (मूलधन) का भुगतान करना होगा| यह नियम काफी अलग है| आमतौर पर आपको EMI के द्वारा लोन का भुगतान करना होता है| EMI में principal और ब्याज का भुगतान एक साथ होता है|

आपको हर महीने भुगतान करने की ज़रुरत नहीं है|
जब आपके पास पैसा हो, तब आप principal का भुगतान कर सकते हैं| आप कई किश्तों में भी principal (मूलधन) का भुगतान कर सकते हैं|

एक बार principal का भुगतान हो जाता है, उसके बाद आपको ब्याज का भुगतान करना होगा| ध्यान दें की आपको ब्याज का भुगतान एक या दो मासिक किश्तों में करना होगा|

अगर आपने principal (मूलधन) का भुगतान कर दिया है, परन्तु ब्याज का भुगतान नहीं किया है, तो ब्याज आपकी जमा राशि में से काट लिया जाएगा|

अगर आपने principal (मूलधन) का भी भुगतान नहीं किया है (36 महीने के अन्दर), तो बकाया राशि पर आपको PPF interest rate से 6% ज्यादा ब्याज देना होगा| अगर PPF interest 8% है, तो आपको 14% ब्याज देना होगा| यह आपको तब तक देना होगा जब तक आप लोन का भुगतान नहीं कर देते| यह पेनल्टी ब्याज (दंड ब्याज) आपके PPF खाते से साल के अंत में काट लिया जाएगा|

अब आप लोन का भुगतान कैसे करेंगे?

कुछ मुश्किल काम नहीं है| जैसे आप PPF अकाउंट में पैसे जमा करते हैं, वैसे ही आपको लोन का भुगतान करना होगा|

आप Form B का इस्तेमाल करके लोन का भुगतान कर सकते हैं| आप फॉर्म में बता सकते हैं की पैसा आप खाते में जमा कर रहे हैं या लोन का भुगतान करने के लिए|

PPF लोन का आवेदन कैसे करें? How to apply for a loan against PPF account?

इसकी प्रक्रिया भी बहुत आसान है|

आपको Form D (फॉर्म D) भर कर अपनी बैंक शाखा (जहाँ आपने बैंक खाता खोला है) में जमा करना होगा|

अगर आपने SBI में PPF account खोला है, तो आप SBI PPF Loan form यहाँ डाउनलोड कर सकते हैं|

PPF लोन के क्या लाभ हैं और किन बातों का रखें ध्यान?

PPF लोन की ब्याज दर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन के ब्याज से काफी कम है|
आपातकाल के मामलों में, PPF खाते के खिलाफ ऋण एक कम महंगा विकल्प साबित हो सकता है।

साथ ही आपको लोन के भुगतान में लचीलापन (flexibility) है| आपके ऊपर कोई EMI वाला प्रेशर (दबाव) नहीं होगा| आप अपनी सहूलियत के अनुसार तीन वर्षों के भीतर लोन का भुगतान कर सकते हैं|

इसके अलावा PPF से लोन लेना आसान होना चाहिए| कोई processing fee भी नहीं लगेगी|

परन्तु ध्यान दें| PPF लोन भी एक ऋण है| और अनावश्यक ऋण से बचना चाहिए।

कोशिश तो यही रहनी चाहिए की आपको PPF से लोन न लेना पड़े| परन्तु आपातकाल (emergency) के मामलों में ले सकते हैं|

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प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन

Last updated: फ़रवरी 9, 2018 | by दीपेश 12 Comments

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ऑनलाइन आवेदन फार्म अब प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट (PMaymis.gov.in) पर के माध्यम से भी स्वीकार किया जाता हैं। ध्यान दे की यह फॉर्म केवल आपके eligibility के मूल्यांकन के लिए हैं| आपका काम यह आवेदन भरने पर पूरा नहीं होता| आपको और भी कदम उठाने होंगे|

प्रधान मंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है और इस पोस्ट में मै आपको प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए pmaymis.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के प्रक्रिया पर चर्चा करूँगा। परन्तु आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आप सही जानकारी भर रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) की आधिकारिक (official) वेबसाइट (pmaymis.gov.in) पर जाये और ऊपरी हैडर में “Citizen Assessment” मेनू से प्रधान मंत्री आवास योजना के दो विकल्पों में से एक का चयन करें।
  2. यदि आप वर्तमान में स्लम क्षेत्र में रह रहे हैं, तो “For Slum Dwellers” का चयन करें अन्यथा ड्रॉप डाउन मे से “Benefits under other 3 Components” चुनें। अगर आप लोन के interest rate में सब्सिडी चाहते हैं (credit linked सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत), तो आप “Benefits under other 3 Components” का चुनाव करें|प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application
  3. ऐसा click करने पर आपको अपना आधार नंबर डालना होगा| अगर आपके पास आधार नंबर नहीं है, तो आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते| आधार नंबर डालें और “चेक” बटन पर क्लिक करना होगा।प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application aadhaar
  4. यदि आपका आधार नंबर सही है, तो आपको आवेदन पत्र दिखाई देगा। आवेदन पत्र इस बात पर निर्भर करता है की आपने “For Slum Dwellers” या “Benefits under other 3 Components” में से किसका चयन किया था।

“For Slum Dwellers”

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) pradhan mantri awaaas yojana online application aadhaar

“Benefits under other 3 Components”: आप आवेदन के फॉर्मेट को यहाँ देख सकते हैं|

  1. आवेदन पत्र में आपको अपने बारे में कुछ जानकारी देनी होगी| व्यक्तिगत अथा संपर्क विवरण, वर्तमान पता, आय, जाती, बैंक खाता आदि के बारे में जानकारी देनी होगी| ।
  2. अगर आपकी आय 50,000 प्रतिमाह से ज्यादा है, तो आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते| आपको interest सब्सिडी के लिए अपने बैंक से ही संपर्क करना होगा|
  3. आवेदन भरने के बाद आप उसे “Save” कर सकते हैं| इसके बाद एक application नंबर(assessment id) मिलेगा| इस नंबर को संभाल कर रखें|

पढ़ें: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत CLSS स्कीम क्या है? कैसे मिल सकती है आपको होम लोन पर सब्सिडी?

अपने आवेदन का status जाने, प्रिंट लें और अपने आवेदन को बदल भी सकते हैं

आवेदन करने के बाद आप अपनी application का प्रिंट ले सकते हैं| प्रिंट लेने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

http://pmaymis.gov.in/Open/Print_Application_By_applicationNo.aspx

अगर आपको अपने आवेदन में कुछ बदलाव करने हैं (edit your application), तो इस लिंक पर जा कर आप ऐसा कर सकते हैं| इसके लिए अपनी Assessment id, आधार नंबर और मोबाइल नंबर की ज़रुरत होगी|

http://pmaymis.gov.in/Open/Format_A_B_Edit.aspx

अपने आवेदन की स्तिथि जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ|

http://pmaymis.gov.in/Track_Application_Status.aspx

यह सारे लिंक आपको मुख्य प्रष्ठ (home page) पर Citizen Assessment के नीचे भीमिल जायेंगे|

ध्यान दें की इस website पर केवल जानकारी इकट्ठी की जा रही है| आपकी application पर आखरी फैसला आपकी राज्य सरकार या लोकल Municipal बॉडी करेगी| हाँ, आवेदन करने से पहले यह ज़रूर सुनिश्चित कर लें की आप PMAY के तहत लाभ पाने के पात्र (eligible) हैं|

क्या मैं नहीं जानता?

मेरा मकसद CLSS के बारे में जानकारी देने का है|

परन्तु इस आवेदन के बाद भी आपको फायदा कैसे मिलेगा इस बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है|

CLSS के तहत आपके लोन अकाउंट में सब्सिडी की राशी आ जानी चाहिए| परन्तु यह आवेदन और सब्सिडी कैसे जुड़ी हुई हैं, यह मुझे सही से समझ नहीं आया| इस application में आप अपना बैंक account नंबर तो दे रहे हैं, पर लोन अकाउंट नंबर नहीं दे रहे|

मेरे अनुसार यह फॉर्म केवल assessment के लिए है| अगर आपका आवेदन मंज़ूर हो जाता है,तो शायद आप बैंक जा कर कुछ और फॉर्म भर कर इस स्कीम का जल्दी लाभ उठा सकते हैं|

जैसा की मैंने ऊपर भी लिखा है, अगर आपकी मासिक आय 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो आप इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते| इस स्तिथि में आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा|

आप interest सब्सिडी स्कीम (CLSS) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप CLSS Toll-free हेल्पलाइन पर भी फ़ोन कॉल भी कर सकते हैं|

नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank): 1800-11-3377 / 1800-11-3388

HUDCO (Housing and Urban Development Corporation): 1800-11-6163

मैंने इन फोन नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश करी पर किसी ने फ़ोन नहीं उठाया|

 

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning, Loans Tagged With: interest subsidy under PMAY CLSS, PMAY online application, Pradhan Mantri Awas Yojana online application, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)

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