• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

HindiFinance.com

आपका पर्सनल फाइनेंस ब्लॉग आसान हिंदी में




  • Life Insurance
  • Mutual Funds
  • Financial Planning
  • NPS
  • PPF
  • Tax Planning
  • Aadhaar
  • LIC
  • Loans

Life Insurance

Follow @hindifinance

एलआईसी जीवन अक्षय VI: एक बार प्रीमियम भुगतान, पूरे जीवन पेंशन (पूरी जानकारी)

Last updated: अगस्त 28, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

एलआईसी जीवन अक्षय VI (LIC Jeevan Akshay VI) एक बहुत ही लोकप्रिय पेंशन प्लान है|

LIC Jeevan Akshay VI एक सिंगल प्रीमियम पेंशन प्लान है|

इस प्लान में आप एक बार एकमुश्त राशि का भुगतान करते हैं और इंश्योरेंस कंपनी आपको जीवन भर पेंशन देती है|

एलआईसी जीवन अक्षय 6 कई विकल्पों में आती है|

आप ऐसे विकल्प का चुनाव भी कर सकते हैं जहां आपके बाद आपके पति या पत्नी को भी पेंशन मिलेगी| एलआईसी जीवन अक्षय के विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करेंगे|

एलआईसी जीवन अक्षय VI (LIC Jeevan Akshay in Hindi)

  1. न्यूनतम प्रवेश आयु (Minimum Entry Age): 30 वर्ष
  2. अधिकतम प्रवेश आयु (Maximum Entry Age): विकल्प 3 के लिए 100 वर्ष, अन्य विकल्पों के लिए 85 वर्ष. विकल्पों के बारे में बाद में विस्तार से चर्चा करेंगे|
  3. न्यूनतम निवेश (Minimum Purchase Price): 1.5 लाख रुपये (ऑनलाइन खरीदने पर), किसी और माध्यम से खरीदने पर 1 लाख रुपये
  4. अधिकतम निवेश (Maximum Purchase Price): कोई सीमा नहीं
  5. पेंशन भुगतान: आपके पास मासिक (monthly), त्रेमासिक (quarterly), छमाही (half-yearly) या वार्षिक (annual) पेंशन पाने का विकल्प हैं|
  6. LIC Jeevan Akshay में लोन सुविधा उपलब्ध नहीं है| Loan not available under LIC Jeevan Akshay VI.
  7. पालिसी ऑनलाइन खरीदने पर आपको 1% rebate मिलती है, अतिरिक्त पेंशन के रूप में|
  8. आपके प्रीमियम पर 1.8% GST लगता है| अगर आप 10 लाख रुपये का प्लान खरीदना चाहते हैं, तो आपको 10 लाख 18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा| 18,000 रुपये का GST|
  9. जीवन अक्षय प्लान लेते समय किसी मेडिकल जांच की ज़रुरत नहीं है|

अधिक जानकारी के लिए आप LIC की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं|

एलआईसी जीवन अक्षय में कितना ब्याज मिलता है?

एलआईसी जीवन अक्षय 6 एक एन्युटी प्लान (Annuity plan) है|

ध्यान से देखें तो, जीवन अक्षय किसी Fixed Deposit की तरह नहीं है|

फिक्स्ड डिपाजिट में आपको नियमित तौर पर ब्याज मिलता है| FD मेच्योर होने पर आपको आपका पैसा लौटा दिया जाता है| आप चाहें तो अपने पैसे को दोबारा से निवेश कर सकते हैं| परन्तु इस बात की कोई गारंटी नहीं है की आपको ब्याज की दर कम मिलेगी या ज्यादा|

एलआईसी जीवन अक्षय में ऐसा हमेशा नहीं होता| जैसे की ऊपर चर्चा करी है, जीवन अक्षय में कई विकल्प हैं|

आईये संक्षिप्त में जानते हैं|

lic jeevan akshay VI hindi एलआईसी जीवन अक्षय 6 proposal form

इन विकल्पों के बारे में नीचे विस्तार से (उदाहरणों के साथ) चर्चा करेंगे|

पहले ब्याज दर देख लें|
LIC Jeevan Akshay एलआईसी जीवन अक्षय 6

  1. यह राशि प्रति 1 लाख रुपये की खरीद पर है| जैसे की 60 वर्ष की आयु और पहले विकल्प में 1 लाख रुपये के निवेश पर 8,700 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे|
  2. ऊपर लिखी हुई राशि वार्षिक पेंशन के लिए है| मासिक, त्रेमासिक या छमाही राशियाँ अलग होंगी|
  3. आप देख सकते हैं सभी विकल्पों की ब्याज दर (एन्युटी रेट) बिलकुल अलग है|
  4. ब्याज दर आपकी आयु के साथ बढती है| कम आयु पर एन्युटी खरीदने पर ब्याज दर कम होती है|
  5. आपको पूरे जीवन पेंशन मिलती रहेगी| आप चाहें 65 वर्ष तक जीयें, या 100 वर्ष तक या 150 वर्ष तक| LIC आपको इसी ब्याज दर के अनुसार ब्याज देती रहेगी|
  6. यह ब्याज दर (annuity rate) समय-समय पर बदल सकती है| आप प्लान लेने से पहले LIC शाखा में या LIC ब्रांच में या LIC वेबसाइट पर अवश्य चेक करें|
  7. LIC Jeevan Akshay प्लान ऑनलाइन खरीदने पर 1% अधिक पेंशन मिलेगी| 60 वर्षीय व्यक्ति अगर विकल्प 1 में एक लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर वर्ष 8,700 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी| अगर ऑनलाइन भुगतान करता है, 1% अधिक पेंशन मिलेगी| मतलब की 8,700 * 101% = 8,787 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|
  8. साथ ही अधिक निवेश करने पर भी कुछ अतिरिक्त पेंशन मिलेगी|LIC Jeevan Akshay VI एलआईई जीवन अक्षय 6 रिबेट प्रीमियम 2
  9. ऊपर के उदाहरण को चालू रखें तो, अगर 5 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 8,700 प्रति लाख रुपये की बजाय 8,704 रुपये प्रति लाख रुपये की पेंशन मिलेगी|

एलआईसी जीवन अक्षय: विकल्प 1: Annuity for Life

इस विकल्प में आपको जीवन भर पेंशन मिलेगी| आपको एक बार भुगतान करना है|

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट): आपको जीवन भर पेंशन मिलेगी| आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): निवेशक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा| पेंशन का भुगतान भी रुक जाएगा|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): क्योंकि पेंशन पूरे जीवन चलेगी, मेच्योरिटी का तो कोई सवाल ही नहीं उठता|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): आप प्लान सरेंडर नहीं कर सकते| इसका मतलब यह हुआ की निवेश किया हुआ पैसा आपको या आपके नॉमिनी को कभी भी वापिस नहीं मिलेगा|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 1 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| 1.8% GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें तो 8,700 रुपये लिखा हुआ है| आप आयु और विकल्प को मिलाकर देख सकते हैं|

इसका मतलब यह है की आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 8,700 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

क्योंकि आपने 10 लाख रुपये निवेश किये हैं, तो आपको 87,000 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके यह पेंशन पूरे जीवन मिलेगी| आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी वापिस नहीं दिया जाएगा|

यहाँ थोड़ी समस्या है, अगर निवेशक की मृत्यु जल्दी हो जाती है, तो सारा पैसा डूब जाएगा|


विकल्प 2: Annuity payable for 5, 10, 15 or 20 years certain and thereafter as long as the annuitant is alive

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट):

इसमें आपको या आपके परिवार को निर्धारित समय तक पेंशन मिलेगी| निर्धारित अवधि के बाद, जब तक आप जीवित हैं, आपको तब तक पेंशन मिलेगी|

अगर निर्धारित अवधि से पहले मृत्यु हो जाती है, तो निर्धारित अवधि तक आपके परिवार को पेंशन मिलेगी| इसका मतलब आप जीवित रहे या न रहे, आपके परिवार (या आपको) को कम से कम निर्धारित अवधि तक तो पेंशन मिलनी ही है| निर्धारित अवधि के बाद तब तक पेंशन मिलेगी, जब तक आप जीवित हैं|

निर्धारित अवधि के 4 विकल्प हैं: 5 वर्ष, 10 वर्ष, 15 वर्ष, 20 वर्ष| आप कोई भी विकल्प चुन सकते हैं| जितनी कम निर्धारित अवधि होगी, उतनी ही अधिक ब्याज दर होगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): जैसा की ऊपर लिखा है, निर्धारित अवधि से पहले मृत्यु होने पर नॉमिनी को निर्धारित अवधि तक पेंशन मिलती रहेगी| उसके बाद पेंशन रुक जायेगी और नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

निर्धारित अवधि के बाद मृत्यु होने पर पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): मेच्योरिटी को कोई मतलब नहीं है|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): सरेंडर नहीं कर सकते|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 2 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| 1.8% GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

15 वर्ष की निर्धारित अवधि का चुनाव किया गया है|

ऊपर टेबल देखें तो (आयु उअर विकल्प मिलाकर) 8,170 रुपये लिखा हुआ है|

इसका मतलब यह है की आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 8,170 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

क्योंकि आपने 10 लाख रुपये निवेश किये हैं, तो आपको 81,700 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके यह पेंशन पूरे जीवन मिलेगी|

परन्तु अगर आपकी मृत्यु 6 साल बाद हो जाती है, तो आपके नॉमिनी को बचे हुए 9 वर्ष तक पेंशन मिलेगी| निर्धारित अवधि के अंत पर नॉमिनी की पेंशन रोक दी जायेगी|

अगर मृत्यु 15 वर्ष के बाद होती है, तो मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|


विकल्प 3: Annuity for life with return of purchase price on death of the annuitant

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट): आपको पूरे जीवन पेंशन मिलेगी| आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): निवेशक की मृत्यु होने पर पेंशन का भुगतान रुक जाएगा और नॉमिनी को निवेश राशि लौटा दी जाएगी| अगर आपने 10 लाख रुपये का प्लान लिया था, तो नॉमिनी को 10 लाख रुपये लौटा दिए जायेंगे|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): क्योंकि पेंशन पूरे जीवन चलेगी, मेच्योरिटी का तो कोई सवाल ही नहीं उठता|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): पालिसी लेने के एक वर्ष बाद आप पालिसी को सरेंडर कर सकते हैं| केवल दो परिस्तिथियों में ही सरेंडर कर सकते हैं: गंभीर बीमारी की स्तिथि में या आप किस दूसरे देश में बसने जा रहे हों|

एलआईसी जीवन अक्षय को सरेंडर करने पर मिलने वाली राशि सरेंडर के समय आपकी आयु पर निर्भर करेगी| इस राशि को कैसे कैलकुलेट करना है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 3 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| 1.8% GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें तो 6,320 रुपये लिखा हुआ है| आप आयु और विकल्प को मिलाकर देख सकते हैं|

इसका मतलब यह है की आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 6,320 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

10 लाख रुपये निवेश करने पर आपको 63,200 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके यह पेंशन पूरे जीवन मिलेगी| आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| मृत्यु पर निवेश राशि आपके नॉमिनी को 10 लाख रुपये लौटा दिए जायेंगे|

विकल्प 1 और विकल्प 3 में केवल यही अंतर है| विकल्प 1 में नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलता, जबकि विकल्प 3 में नॉमिनी को निवेश राशि लौटा दी जाती है| इसिलए विकल्प 3 की ब्याज दर भी कम है|


विकल्प 4: Annuity payable for life increasing at a simple rate of 3% p.a.

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट): आपको पूरे जीवन पेंशन मिलेगी| हर वर्ष आपकी पेंशन की राशि 3% से बढ़ जायेगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): निवेशक की मृत्यु होने पर पेंशन का भुगतान रुक जाएगा|नॉमिनी को कुछ भी नहीं दिया जाएगा|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): पूरे जीवन पेंशन मिलेगी| मेच्योरिटी का कोई मतलब ही नहीं है|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): सरेंडर करने का विकल्प नहीं है|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 4 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| 1.8% GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें तो 6,930 रुपये लिखा हुआ है| आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 6,930 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

10 लाख रुपये निवेश करने पर आपको 69,300 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

पहले वर्ष 69,300 रुपये की पेंशन मिलेगी| अगले वर्ष पेंशन राशि 3% से बढ़ जायेगी|

दूसरे वर्ष 71,739 रुपये की पेंशन मिलेगी|

तीसरे वर्ष 73,520 रुपये की पेंशन मिलेगी|

आपके पूरे जीवन में पेंशन इसी तरह बढती रहेगी|

आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| मृत्यु पर निवेश राशि आपके नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|


विकल्प 5

Annuity for life with a provision of 50% of the annuity payable to spouse during his/her lifetime on death of the annuitant

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट): निवेशक को आजीवन पेंशन मिलेगी| निवेशक की मृत्यु के बाद पत्नी (या पति) को आजीवन पेंशन मिलेगी| पत्नी या पत्नी को केवल 50% पेंशन राशि ही मिलेगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): निवेशक की मृत्यु होने पर पत्नी (या पति) को 50% पेंशन का भुगतान किया जाएगा|

पत्नी की मृत्यु के बाद नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

अगर पत्नी (या पति) की मृत्यु निवेशक से पहले हो जाती है, तो निवेशक की मृत्यु पर पेंशन रोक दी जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): पूरे जीवन पेंशन मिलेगी| मेच्योरिटी का कोई मतलब ही नहीं है|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): सरेंडर करने का विकल्प नहीं है|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 5 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें में (60 वर्ष की आयु और विकल्प 5) 7,990 रुपये लिखा हुआ है| आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 7,990 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

10 लाख रुपये निवेश करने पर आपको 79,900 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके पूरे जीवन यह पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी (या पति) को आजीवन इसकी आधी पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी को 79,900 * 50% = 39,950 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपकी पत्नी की मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

अगर आपकी पत्नी की मृत्यु आप से पहले हो जाती है, तो आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| आपके परिवार को कुछ भी नहीं मिलेगा|


विकल्प 6

Annuity for life with a provision of 100% of the annuity payable to spouse during his/her lifetime on death of the annuitant

विकल्प 5 के मुकाबले थोड़ा सा ही अंतर है|

विकल्प 5 में निवेशक (pensioner) की मृत्यु के बाद पत्नी (पत्नी) को 50% पेंशन मिलती थी|

विकल्प 6 में पूरी पेंशन जारी रहेगी| और कोई अंतर नहीं है|

आप देख सकते हैं, क्योंकि विकल्प 6 में पत्नी को अधिक पेंशन मिलती है, तो विकल्प 6 की ब्याज दर विकल्प 5 से कम है|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 6 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें में (60 वर्ष की आयु और विकल्प 6) 7,390 रुपये लिखा हुआ है| आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 7,390 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

10 लाख रुपये निवेश करने पर आपको 73,900 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके पूरे जीवन यह पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी (या पति) को आजीवन इतनी ही पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी को आजीवन 79,900 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपकी पत्नी की मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को कुछ भी नहीं मिलेगा|

अगर आपकी पत्नी की मृत्यु आपसे पहले हो जाती है, तो आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| आपके परिवार को कुछ भी नहीं मिलेगा|


विकल्प 7

Annuity for life with a provision of 100% of the annuity payable to spouse during his/ her life time on death of annuitant. The purchase price will be returned on the death of last survivor

विकल्प 6 में पति और पत्नी की मृत्यु के बाद आपके परिवार को कुछ भी नहीं मिलता|

विकल्प 7 में अंतर यह है की पति और पत्नी की मृत्यु के बाद नॉमिनी को निवेश राशि लौटा दी जाती है|

Pension Benefit (पेंशन बेनिफिट): निवेश की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी (या पति) को पेंशन मिलेगी| पत्नी (पति) को उतनी ही पेंशन जारी रहेगी|

पत्नी की मृत्यु के बाद पेंशन रोक दी जायेगी|अगर पत्नी (या पति) की मृत्यु निवेशक से पहले हो जाती है, तो निवेशक की मृत्यु पर पेंशन रोक दी जायेगी|

Death Benefit (मृत्यु लाभ): निवेशक की मृत्यु होने पर पत्नी (या पति) को 100% पेंशन का भुगतान किया जाएगा| पत्नी की मृत्यु के बाद नॉमिनी को निवेश राशि लौटा दी जायेगी|

अगर पत्नी (या पति) की मृत्यु निवेशक से पहले हो जाती है, तब निवेशक की मृत्यु पर नॉमिनी को निवेश राशि लौटा दी जायेगी|

Maturity Benefit (परिपक्वता लाभ): पालिसी कभी मेच्योर ही नहीं होगी|

Surrender Benefit (सरेंडर लाभ): सरेंडर करने का विकल्प नहीं है|

उदहारण (Example)

एक 60 वर्षीय व्यक्ति विकल्प 7 में 10 लाख रुपये निवेश करता है| GST मिलाकर उन्हें 10.18 लाख रुपये का भुगतान करना होगा|

ऊपर टेबल देखें में (60 वर्ष की आयु और विकल्प 6) 6,240 रुपये लिखा हुआ है| आप 1 लाख रुपये निवेश करने पर 6,240 रुपये की वार्षिक पेंशन पायेंगे|

10 लाख रुपये निवेश करने पर आपको 62,400 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपके पूरे जीवन यह पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी (या पति) को आजीवन इतनी ही पेंशन मिलेगी| आपके बाद आपकी पत्नी को आजीवन 62,400 रुपये की वार्षिक पेंशन मिलेगी|

आपकी पत्नी की मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को 10 लाख रुपये लौटा दिए जायेंगे|

अगर आपकी पत्नी की मृत्यु आपसे पहले हो जाती है, तो आपकी मृत्यु के बाद पेंशन रुक जायेगी| नॉमिनी को 10 लाख रुपये लौटा दिए जायेंगे|


एलआईसी जीवन अक्षय: टैक्स बेनिफिट

एलआईसी जीवन अक्षय में निवेश करने पर आपको सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है|

परन्तु जो पेंशन मिलती है, उस पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना होता है|

एलआईसी जीवन अक्षय प्लान कैसे खरीदें?

आप यह प्लान LIC शाखा में जा कर या किसी LIC एजेंट की सहायता से खरीद सकते हैं|

आप एलआईसी जीवन अक्षय प्लान ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं| आपको LIC की वेबसाइट पर जाना होगा| जैसे की ऊपर बताया गया है, ऑनलाइन खरीदने पर आपको थोड़ी सी बेहतर ब्याज दर भी मिलेगी|

एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी जीवन तरुण (LIC Jeevan Tarun)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

एलआईसी बीमा बचत प्लान (LIC Bima Bachat Plan)

एलआईसी जीवन शिरोमणि (LIC Jeevan Shiromani)

एलआईसी जीवन लक्ष्य (LIC Jeevan Lakshya)

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान (LIC Single Premium Endowment Plan)

एलआईसी कैंसर कवर प्लान (LIC Cancer Cover Plan)

एलआईसी न्यू मनीबेक प्लान-20 वर्ष (LIC New Money Back Plan – 20 years)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

अपनी LIC पालिसी से लोन कैसे लें?

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

Filed Under: LIC, Life Insurance Tagged With: lic jeevan akshay VI, एलआईसी जीवन अक्षय 6, जीवन अक्षय vs. FD

आयुष्मान भारत योजना की पूरी जानकारी, पाएँ 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मुफ्त में

Last updated: सितम्बर 22, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

हमारे देश में बीमारी के इलाज़ का खर्चा पूरे परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय होता है| साथ ही, चिकित्सा का खर्चा भी बढ़ता जा रहा है|

अनेक मामलों में इलाज के लिए लोगों को उधार लेना पड़ता है या अपनी संपत्ति गिरवी रखनी पड़ी है| पूरे परिवार को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है| अगर परिवार गरीब है, पैसे के अभाव की वजह से कई बार सही इलाज़ भी नहीं करा पाते|

इसी परेशानी पर विचार करते हुए भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना (Ayushmaan Bharat-National Health Protection Mission या प्रधान मंत्री जन आरोग्य अभियान PMJAA) शुरू करी है|

आयुष्मान भारत स्कीम के तहत 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति वर्ष का हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान किया जाएगा (Health Insurance of Rs 5 lacs per family per year)| तकरीबन 50 करोड़ भारतीयों को इस योजना से लाभ होगा|

आपको यह इंश्योरेंस सेवा/सुविधा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जा रही है|

परिवारों के चयन Socio-Economic Caste Consensus 2011 के अनुसार किया गया है| यह योजना 25 सितम्बर, 2018 को शुरू करी जायेगी|

भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना (संषिप्त में)

  • दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम
  • 10.74 करोड़ गरीब और ज़रुरतमंद परिवारों को मिलेगा लाभ
  • 50 करोड़ भारतीयों को सीधा फायदा
  • निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलेगा केशलेस इलाज़ 
  • हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज़ संभव
  • कुछ भी प्रीमियम नहीं देना होगा
  • पूरे देश में कहीं भी करा सकेंगे इलाज़
  • परिवार में सदस्यों पर कोई सीमा नहीं, पूरे परिवार को मिलेगा फायदा
  • आवेदन करने की ज़रुरत नहीं, अगर पात्र हैं , तो अपने आप नाम लिस्ट में आ जाएगा
  • सितम्बर 25, 2018 से होगी चालू

आयुष्मान भारत योजना क्या है? आयुषमान भारत योजना के क्या फायदे हैं? (Benefits of Ayushman Bharat Yojana)

  1. आपके परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवर (स्वास्थ्य बीमा) मिलेगा| आपके परिवार के सभी लोग शामिल होंगे|
  2. इस बीमा के तहत आपको अस्पताल में दाखिला लेने पर (hospitalization) आपके इलाज़ का खर्चा इंश्योरेंस प्लान उठाएगा| आपको अपनी जेब से कुछ भी नहीं देना होगा|
  3. दवाईयों, डॉक्टर से परामर्श (consultation), डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जरी इत्यादि, किसी का भी खर्चा आपको नहीं देना होगा| यह सारे खर्चे इंश्योरेंस प्लान के तहत कवर हैं|
  4. यह पालिसी पूरी तरह कैशलेस (Cashless) है| आपको अपनी जेब से एक भी पैसा देनी की ज़रुरत नहीं है|
  5. आपको प्रीमियम भुगतान करने की ज़रुरत नहीं है| आपके लिए यह सुविधा बिलकुल मुफ्त है|
  6. योजना की मदद से आप अपने परिवार को बेहतर चिकित्सा प्रदान कर सकते हैं|
  7. अगर आप पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं (pre-existing illness), तो उस बीमारी के इलाज के लिए भी भुगतान इंश्योरेंस पालिसी से होगा| Pre-existing illness covered from Day 1.
  8. आप इलाज के लिए पूरे देश के किसी से सरकारी अस्पताल या सूची में सम्मलित निजी अस्पतालों (empanelled private hospitals) में जा सकते हैं| आपको हर जगह मुफ्त इलाज मिलेगा| ध्यान दें आपको अपने शहर के अस्पताल में जाना ज़रूरी नहीं है|
  9. आयुष्मान भारत योजना में अस्पताल में भरती होने से पहले के और बाद के खर्चे(pre-hospitalization and post-hospitalization expenses) का भुगतान भी इंश्योरेंस कंपनी करेगी|

ayushman bharat आयुष्मान भारत डिटेल्स

आप आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं?

आयुष्मान भारत योजना में एनरोल (enrollment) करने की कोई ज़रुरत नहीं है| इसका मतलब आपको योजना के तहत लाभ पाने के लिए कोई आवेदन करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप योजना के तहत लाभ लेने के पात्र हैं, तो आपका नाम अपने आप लाभार्थियों को सूची में अपने आप आ जाएगा|

ध्यान दें इस योजना का लाभ सभी को नहीं मिलेगा| केवल गरीब परिवारों को ही सुविधा का लाभ मिलेगा|

कैसे चेक करें की आपके नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में है की नहीं?

जैसा की ऊपर बताया गया है की अगर आपका नाम आयुषमान भारत योजना की सूची में है, तो आपको इस योजना का लाभ मिलेगा|

स्वाभाविक सवाल यह है की आपको कैसे पता चलेगा की आपका नाम सूची में है की नहीं?

इसके लिए आप आयुषमान भारत की वेबसाइट (https://mera.pmjay.gov.in/search/) पर जा कर चेक कर सकते हैं| इस वेबसाइट पर जा कर आप लाभार्थियों की लिस्ट चेक कर सकते हैं| आप नाम, जगह, राशन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर इत्यादि पर ढूंढ सकते हैं| अगर आप राष्ट्रीय स्वाथ्य बीमा योजना (RSBY) में शामिल थे, तो उसका id भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

  1. इस वेबसाइट पर जाएँ (https://mera.pmjay.gov.in/search/)
  2. अपना मोबाइल नंबर डालें| आपके मोबाइल पर OTP (one time password) आएगा|

aayushman bharat yojana eligibility आयुष्मान भारत योजना रजिस्ट्रेशन विवरण

उसके बाद अगले पेज पर आप अपने नाम को ढूंढ सकते हैं:

  1. नाम (name)
  2. मोबाइल नंबर (mobile number)
  3. राशन कार्ड नंबर (Ration card number)
  4. राष्ट्रीय स्वास्थय बीमा योजना (RSBY) का URN

ayushman bharat yojana beneficiary search आयुष्मान भारत योजना रजिस्ट्रेशन विवरण नाम कैसे ढूँढें

साथ ही सरकार सही लाभार्तियों को चिट्ठी भी भेजेगी जिसमें उनके परिवार की जानकारी, योजना के id की जानकारी होगी|

आयुष्मान भारत योजना 2018 लाभ स्वास्स्थ्य बीमा रजिस्टर

परिवारों के चयन किस आधार पर किया गया है?

परिवारों के चयन Socio-Economic Caste Consensus 2011 के अनुसार किया गया है|

आयुषमान भारत योजना के लिए योग्यता मानदंड

ग्रामीण क्षेत्रों में (in Rural Areas)

  1. एक कमरे के कच्चे घरों में रहने वाले लोग
  2. जिस परिवार में 16 से 59 वर्ष के बीच में कोई सदस्य न हो
  3. स्त्री प्रधान घरों में में, जहां 16-59 आयु वर्ग में कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है
  4. जिन परिवारों में एक विकलांग सदस्य और कोई सक्षम वयस्क सदस्य नहीं है
  5. SC/ST परिवार (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति)
  6. जिन परिवारों की पास कोई ज़मीन नहीं है, और मजदूरी करते हैं
  7. गरीब बेसहारा लोग, जो भिक्षा पर जीवन बिताते हैं
  8. जो मल उठाते हैं
  9. प्राचीन जनजातीय समूह
  10. जो पहले बंधुआ मजदूर हुआ करते थे

शहरी क्षेत्रों में (in Urban Areas)

सरकार ने श्रमिकों की इन 11 व्यावसायिक श्रेणियों की एक सूची बनाई है, जो सूची में अपने आप शामिल हो जायेंगे:

  1. कूड़ा उठाने वाले (Rag Picker)
  2. भिखारी (Beggar)
  3. लोगों के घरों में काम करने वाले
  4. सड़कों पर काम कर रहे मोची या अन्य विक्रेता
  5. मजदूर/ मिस्त्री/ निर्माण कार्यकर्ता / प्लम्बर / मेसन / पेंट / वेल्डर / सुरक्षा गार्ड / कुली इत्यादि
  6. स्वीपर / स्वच्छता कार्यकर्ता / माली
  7. गृह आधारित कर्मचारी / कारीगर / हस्तशिल्प कार्यकर्ता / दर्जी
  8. ट्रांसपोर्ट कार्यकर्ता / चालक / कंडक्टर / ड्राइवर और चालक / कार्ट खींचने वाला / रिक्शा खींचने वाला सहायक
  9. छोटे प्रतिष्ठानों/दुकानों में काम करने वाले/ सहायक/ वेटर/delivery boy
  10. इलेक्ट्रिशियन / मैकेनिक / असेंबलर / मरम्मत कार्यकर्ता
  11. वाशर-मैन / चौकीदार

आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए आपको क्या करना होगा?

आपको किसी भी तरह के आवेदन करने की ज़रुरत नहीं है| जब आप अस्पताल जायेंगे, तब आपको एक पहचान पत्र ले कर जाना होगा (आधार कार्ड, राशन कार्ड इत्यादि)| अस्पताल में चेक कर लिया जाएगा की आप आयुषमान योजाना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं या नहीं|

उसके बाद आप फ्री में इलाज पा सकते हैं|

ध्यान दें बिना आधार कार्ड के आप केवल एक बार ही इलाज का लाभ ले सकते हैं| इसलिए बेहतर होगा की आप आधार कार्ड बनवा लें|

आप अपने परिवारों के सदस्यों को आयुष्मान योजना में जोड़ सकते हैं?

अगर आपका नाम सूची में है, तो अपने परिवार के नए सदस्यों को अपनी पालिसी में जोड़ सकते हैं|

इसके लिए आपको प्रमाण देना होगा|

  1. राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम
  2. Birth Certificate (जन्म प्रमाण पत्र)
  3. मैरिज सर्टिफिकेट (marriage certificate)

चोरों से रहे सावधान

ध्यान दें कुछ धोखेबाज़ लोग या वेबसाइट आपको आश्वासन देंगे की वह आपसे पैसे लेकर आपको इस योजना का लाभ दिला सकते हैं| ऐसे लोगों से बचें|

अगर आपका नाम लाभारती सूची (beneficiary list) में है, तो आपको आयुषमान भारत का लाभ लेने के लिए एक रूपया भी खर्च करने की ज़रुरत नहीं है|

अगर आपका नाम सूची में नहीं है, तो आप कोई लाभ नहीं मिलेगा|

अन्य जानकारी

आयुष्मान भारत टोल फ्री नंबर/हेल्पलाइन नंबर:  14555

आयुष्मान भारत की वेबसाइट

आयुषमन भारत Twitter हैंडल

आयुषमान भारत योजना सूची Ayushman bharat hindi

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: Ayushman Bharat, RSBY, आयुषमान भारत योजना, आयुष्मान भारत बीमा योजना, आयुष्मान भारत योजना 2018

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस पूर्ण सुरक्षा प्लान (SBI Life Poorna Suraksha Plan): पूरी जानकारी

Last updated: जुलाई 6, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अधिकांश टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान आपको अपने प्लान में क्रिटिकल इलनेस राइडर (Critical Illness Rider) जोड़ने का विकल्प देती हैं।

क्रिटिकल इलनेस राइडर (Critical Illness Rider) लेने के बाद अगर आपको कोई गंभीर बीमारी होती है, तो इंश्योरेंस पालिसी आपको तय राशि का भुगतान करती है| आपको इस अतिरक्त कवरेज को पाने के लिए अतिरिक्त प्रीमियम भी देना होता है|

कुछ जीवन बीमा योजनाओं में गंभीर बीमारी कवरेज अंतर्निहित (inbuilt) होता है। एलआईसी जीवन शिरोमणि ऐसा एक उदहारण है|

आज मैं ऐसे ही एक टर्म इंश्योरेंस प्लान पर चर्चा करूंगा जहां क्रिटिकल इलनेस कवर इनबिल्ट है|

एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान (SBI Life Poorna Suraksha plan) एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है जिसमें क्रिटिकल इलनेस कवर इनबिल्ट है। इस प्लान में गंभीर बीमारी कवरेज (क्रिटिकल इलनेस कवर) धीरे-धीरे बढ़ता रहता है|

आईये जानते हैं इस प्लान के बारे में विस्तार से|

एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान (SBI Life Poorna Suraksha plan) कैसे काम करता है?

बीमा राशि को 2 भागों में बांटा गया है।

  1. Life Cover Sum Assured (मृत्यु लाभ or Death Benefit)
  2. Critical Illness Sum Assured (क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट या गंभीर बीमारी लाभ)

Total Sum Assured (कुल बीमा राशि) = Life Cover Sum Assured + Critical Illness Sum Assured

= Death Benefit + Critical Illness Benefit

पॉलिसी की अवधि के दौरान कुल बीमा राशि एक सामान रहती है। पालिसी अवधि के दौरान प्रीमियम भी एक सामान रहता है।

पालिसी लेते समय Death Benefit और Critical Illness Benefit 80:20 के अनुपात में रहता है| इसका मतलब अगर आपका कुल बीमा 1 करोड़ रुपये का है, तो पहले वर्ष 80 लाख का Death Benefit और 20 लाख रुपये का Critical Illness Benefit मिलेगा|

परन्तु हर वर्ष Critical Illness Sum Assured (क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट) थोडा बढ़ जाता है और Life Cover Sum Assured (मृत्यु लाभ or Death Benefit) उतनी ही राशि से घट जाता है|

SBI Life Poorna Suraksha plan premium

उदाहरण के लिए, यदि आप 30 साल की पॉलिसी खरीदते हैं, तो Critical Illness कवर हर साल 5% (प्रारंभिक कवरेज राशि का 5%) बढ़ जाएगा जबकि जीवन बीमा (life cover/death benefit/मृत्यु लाभ) इसी मात्रा से कम हो जाएगा जाएगा।

आइए उदाहरण की मदद से समझते हैं|

एक 30 वर्षीय व्यक्ति एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान (SBI Life Poorna Suraksha plan) में 1 करोड़ रुपये की बीमा खरीदता है। पॉलिसी अवधि 30 साल है।

पहले वर्ष में, डेथ बेनिफिट (life cover या मृत्यु लाभ) 80 लाख रुपये होगा जबकि गंभीर बीमारी लाभ (critical illness benefit) 20 लाख रुपये होगा।

दूसरे वर्ष में, critical illness benefit 5% तक बढ़ जाएगा। आप ऊपर टेबल में देख सकते हैं 30 वर्ष की पालिसी के लिए क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट 5 प्रतिशत बढेगा|

20 लाख का 5% हुआ 1 लाख रुपये|

इसका मतलब हुआ की हर वर्ष क्रिटिकल इलनेस कवर 1 लाख रुपये बढेगा और  जीवन बीमा (Life Cover/death benefit/मृत्यु लाभ) 1 लाख रपये कम हो जाएगा|

दूसरे वर्ष में , क्रिटिकल इलनेस कवर 21 लाख रुपये हो जाएगा और death benefit 1 लाख रुपये से घटकर 79 लाख रुपये रह जाएगा।

SBI Life Poorna Suraksha plan 3 एसबीआई पूर्ण सुरक्षा लाइफ इंश्योरेंस

एसबीआई पूर्ण सुरक्षा प्लान (SBI Poorna Suraksha Plan: Benefits)

किसी गंभीर बीमारी के निदान पर (Diagnosis of Critical Illness)

  1. आपको क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट का भुगतान किया जाएगा|
  2. इसके बाद क्रिटिकल इलनेस कवर खत्म हो जाएगा। इसके बाद आपको फिर कोई गंभीर बीमारी होती है, तो बीमा कंपनी आपको कुछ भी नहीं देगी।
  3. लाइफ कवर बेनिफिट के साथ पालिसी जारी रहेगी|
  4. भविष्य में कोई भी प्रीमियम नहीं देना होगा।
  5. पालिसी अवधि समाप्त होने से पहले मृत्यु होने पर आपके नॉमिनी को जीवन बीमा राशि (मृत्यु लाभ) की भुगतान लिया जाएगा।

ऊपर दिए गए उद्धरण को ही जारी रखते हैं|

यदि पॉलिसीधारक को 11 वीं पॉलिसी वर्ष में गंभीर बीमारी का diagnosis होता है, तो उसे 30 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा और भविष्य की सभी प्रीमियम किश्तें माफ़ कर दी जायेंगी।

यदि पॉलिसीधारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है , तो नॉमिनी को 70 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।

ध्यान दें कि एक बार Critical illness benefit का भुगतान होने के बाद जीवन बीमा पूरी अवधि के दौरान एक सामान रहता है|

SBI Life Poorna Suraksha plan 4 एसबीआई पूर्ण सुरक्षा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस

 

Critical Illness कवर 36 गंभीर बीमारियों के लिए है। मेरे अनुसार अभी प्रमुख बीमारियाँ कैसे की  कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर इत्यादि सहित शामिल हैं।

Survival period 14 दिन है। अगर गंभीर बीमारी के diagnosis के बाद Survival period की अवधि समाप्त होने से पहले धारक की मृत्यु हो जाती है, तो धारक/उसके परिवार को क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट नहीं मिलेगा|

यदि पॉलिसीधारक की गंभीर बीमारी के निदान के 7 दिन बाद मृत्यु हो जाती है , तो क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट का भुगतान नहीं किया जाएगा। केवल मृत्यु लाभ का भुगतान किया जाएगा।

एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान: मृत्यु लाभ (Death Benefit)

आपके नामांकित व्यक्ति को जीवन बीमा राशि (death benefit) दे दी जायेगी| याद रखें, आपका जीवन बीमा प्रत्येक वर्ष कम होता जाता है।

यदि पॉलिसीधारक को मृत्यु तक गंभीर बीमारी का diagnosis नहीं होता है, तो  Critical Illness Benefit का भुगतान नहीं किया जाएगा।

एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान: परिपक्वता लाभ (Maturity Benefit)

एसबीआई पूर्णना सुरक्षा एक टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान है| इसलिए कोई परिपक्वता लाभ नहीं है।

क्या आपको एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस पूर्ण सुरक्षा प्लान खरीदना चाहिए?

देखें, तो एसबीआई पूर्ण सुरक्षा प्लान एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है|

मुझे इस प्लान की संरचना का तर्क थोडा अजीब लगा|

धारणा यह है कि, प्रत्येक पॉलिसी वर्ष के साथ, आपकी बीमारी कवरेज आवश्यकता बढ़ने पर आपकी जीवन बीमा आवश्यकता कम हो जाएगी।

हर वर्ष क्रिटिकल इलनेस कवर बढेगा जबकि जीवन बीमा कम होता जाएगा|

मैं समझ सकता हूँ की आयु के साथ गंभीर बीमारी से निदान होने की संभावना बढ़ जाती है। परन्तु  इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी जीवन बीमा की आवश्यकता कम हो जाएगी।

उदाहरण के लिए, एक 30 वर्षीय जिसकी हाल में ही शादी हुई है,  बच्चों के जन्म पर जीवन बीमा की ज़रुरत बढ़ेगी, न की कम होगी|

एक बात और, हो सकता है की आपको जीवन बीमा केवल 60 वर्ष की आयु तक चाहिए हो परन्तु आप चाहते हों की क्रिटिकल illness कवर आगे भी चले| इस प्लान में ऐसा नहीं हो सकता|

मेरे अनुसार आपको साधारण टर्म life इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए| अगर Critical illness cover की ज़रुरत है, तो अलग से Critical Illness plan खरीदें|

Source/Reference/ अन्य पोस्ट

किस प्रकार का जीवन बीमा खरीदें?

बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)

अगर आपकी जीवन बीमा पालिसी 3 वर्ष पुरानी है, तो आपका क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

Max Life Online Term plan (मैक्स लाइफ ऑनलाइन टर्म प्लान)

ICICI iProtect Smart Term plan in Hindi

Claim Settlement Ratio Life Insurance Companies (FY2017)

Article on www.PersonalFinancePlan.in

SBI Life Poorna Suraksha Policy Brochure

SBI Poorna Suraksha Policy Document

SBI Poorna Suraksha Page on SBI Life Website

Filed Under: Life Insurance Tagged With: SBI Life Poorna Suraksha Plan, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान, एसबीआई लाइफ पूर्ण सुरक्षा प्लान

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान (टेबल 817): पूरी जानकारी

by दीपेश Leave a Comment

आज चर्चा करेंगे एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान  (LIC Single Premium Endowment Plan) प्लान के बारे में|

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान (टेबल 817)  LIC Single Premium Endowment Plan in Hindi

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान एक सिंगल प्रीमियम प्लान है।

इसका मतलब यह है की आपको केवल एक बार (पालिसी लेते समय) ही प्रीमियम देना होता है|

साथ ही एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान एक सहभागी पारंपरिक जीवन (traditional non-linked participating plan) बीमा योजना है।

  1. प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु (Minimum Entry Age):  90 दिन (एक वर्ष से भी कम)
  2. प्रवेश के लिए अधिकतम आयु (Maximum Entry Age):  65 वर्ष
  3. परिपक्वता के लिए न्यूनतम आयु (Minimum Age at Maturity): 18 वर्ष
  4. परिपक्वता के लिए अधिकतम आयु (Maximum Age at Maturity): 75 वर्ष
  5. पॉलिसी अवधि (Policy Term): 10 वर्ष (minimum), 25 वर्ष (maximum)
  6. न्यूनतम बीमा राशि (Minimum Basic Sum Assured): 50,000 रुपये
  7. अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Basic Sum Assured): कोई सीमा नहीं
  8. प्रीमियम भुगतान अवधि (Premium Payment Term): Single Premium, केवल एक बार ही प्रीमियम का भुगतान करना है|
  9. आप इस पालिसी से लोन ले सकते हैं|

पालिसी के बारे में अधिक जानकारी आप एलआईसी की वेबसाइट पर पा सकते हैं|


एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान: परिपक्वता लाभ (LIC Single Premium Endowment Plan: Maturity Benefit)

पालिसी मेच्योरिटी के समय (धारक की पालिसी अवधि के दौरान मृत्यु नहीं होती)  पालिसी धारक को बीमा राशि (Sum Assured) + निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) मिलता है|

Maturity Benefit = Sum Assured + Vested Simple Reversionary Bonus + Final Additional Bonus

Simple Reversionary Bonus या वार्षिक बोनस की घोषणा हर वर्ष होती है परन्तु यह राशि आपको पालिसी अवधि की समाप्ति पर ही मिलती है| तब तक यह बोनस पालिसी में जुड़ता रहता है| इसका मतलब की घोषित बोनस से आप के हाथ में कुछ भी नहीं आता| इस बोनस राशि पर आपको कोई रिटर्न भी नहीं मिलता|

मान लिए आपके पास 10 लाख रुपये का बीमा (Sum Assured) है, और LIC आपकी पालिसी के लिए 40  रुपये (प्रति 1,000 रुपये बीमा) के बोनस की घोषणा करता है| ऐसी स्तिथि में आपको 40,000 रुपये (40*10 लाख/1,000 = 40,000) का bonus मिलेगा|

परन्तु यह बोनस राशि आपको अभी (या हर वर्ष) नहीं मिलेगी| पालिसी मेच्योर होने पर मिलेगी| बस यह राशि आपकी पालिसी में जुड़ती रहेगी|

Final Additional Bonus (अंतिम अतिरिक्त बोनस) आपको जिस वर्ष में पालिसी मेच्योर हो रही है (या फिर जिस वर्ष में धारक की मृत्यु होती है), केवल उसी वर्ष में मिलता है|

एक बात पर अवश्य ध्यान दें| बोनस की मात्रा की कोई गारंटी नहीं है| बोनस की मात्रा हर वर्ष बदल भी सकती है|


एलआईसी सिंगल (एकल) प्रीमियम एंडोमेंट प्लान कैसे काम करती है?

एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं|

हर वर्ष, एलआईसी एक सरल प्रत्यावर्ती (reversionary) बोनस की घोषणा करता है| यह बोनस प्रति हज़ार रुपये बीमा राशि के अनुसार दिया जाता है|

मान लिए आप 10 लाख रुपये का लाइफ कवर (जीवन बीमा) लेते है| पालिसी अवधि 20 वर्ष है|

और एलआईसी में 40 रुपये प्रति हज़ार रूपये के reversionary bonus की घोषणा की है, तो आपका बोनस उस वर्ष के लिए 40,000 (40 * 10 लाख / 1,000) होगा।

जैसा की ऊपर बताया है, इसका मतलब यह नहीं है की यह राशि आपके हाथ में आ जायेगी| केवल आपकी पालिसी में जुड़ जायेगी और मेच्योरिटी के समय मिलेगी|

अगर पालिसी अवधि 20 साल है और हर वर्ष 40 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि का बोनस दिया जाता है, तो परिपक्वता के समय आपका बोनस हो गया 8 लाख रुपये (40,000 रुपये प्रति वर्ष * 20 वर्ष)|

इसके अलावा, आपको अंतिम अतिरिक्त बोनस (FAB) भी मिलता है| हालांकि हर वर्ष FAB की घोषणा की जाती है, परन्तु आपकी पॉलिसी पर केवल परिपक्वता / मृत्यु के वर्ष में लागू होती है|

इसलिए, यदि एलआईसी आपकी पालिसी की  मेच्योरिटी या निधन के वर्ष में किसी भी अतिरिक्त बोनस (FAB) की घोषणा नहीं करता है, तो आप (या आपके नॉमिनी) को अंतिम अतिरिक्त बोनस नहीं मिलता है। FAB की मात्रा भी बीमा राशि और पॉलिसी अवधि पर निर्भर करती है।

मान लेते है कि जिस वर्ष आपकी पालिसी मेच्योर हुई उस वर्ष एलआईसी ने 200 रुपये प्रति हजार रुपये बीमा राशि के FAB की घोषणा की। आपका अतिरिक्त बोनस हुआ, 2 लाख रुपये (200 * 10 लाख रुपये / 1000) होगा।

परिपक्वता राशि (maturity benefit)  = बीमा राशि + निहित साधारण रिवर्सरीरी बोनस + FAB = 10 लाख + 8 लाख + 2 लाख = 20 लाख रुपये

आपको 20 लाख रुपये मिलेंगे| ध्यान दें एक बार बोनस की घोषणा हो गयी, फिर यह राशि आपको अवश्य मिलेगी| परन्तु एलआईसी हर वर्ष बोनस की मात्रा बदल सकता है|


एलआईसी एकल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान: मृत्यु लाभ (LIC Single Premium Endowment Plan: Death Benefit)

गणना तो वैसे ही होती है

पालिसी अवधि के दौरान  पालिसी  धारक की मृत्यु की स्तिथि में बीमा राशि (Sum Assured) + निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) दी जायेगी|

Death Benefit = Sum Assured + Vested Simple Reversionary Bonus + Final Additional Bonus

इसका मतलब उस समय तक जितने भी reversionary बोनस की घोषणा हो चुकी है, वह सब मिलेंगे| साथ ही मृत्यु के वर्ष जो फाइनल बोनस (FAB) की घोषणा होगी, वह राशि भी मिलेगी|


एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट में रिटर्न कितना मिलेगा?

एलआईसी सिंगल प्रीमियम प्लान एक पारंपरिक जीवन बीमा उत्पाद (traditional life insurance plan) है|

इसीलिए आप टैक्स से पहले (pre-tax) 5-7% p.a. रिटर्न की उम्मीद न करें|

परन्तु इस प्लान में एक परेशानी और है|


आपको मेच्योरिटी के समय मिलने वाली राशि पर टैक्स देना होगा

बहुत लोग Section 80C के तहत टैक्स बचाने के लिए जीवन बीमा योजना खरीदते हैं। बहुत से निवेशक यह भी मानते हैं की आपको पूरे प्रीमियम पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|

साथ ही लोग यह भी सोचते हैं की जीवन बीमा पालिसी से मिलने वाली राशि भी टैक्स-फ्री होती है|

अच्छी बात है|

पर आप प्रीमियम भुगतान के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं, इस बात की एक सीमा है|

साथ ही, जीवन बीमा पालिसी से भुगतान टैक्स-फ्री होने के लिए भी कुछ शर्तें हैं|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

10 लाख रुपये की एलआईसी एकल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान (20 वर्ष की पालिसी अवधि) के लिए एक 30 वर्षीय व्यक्ति को तकरीबन 5.5 लाख रुपये का प्रीमियम देना होगा| आप अपने लिए प्रीमियम LIC प्रीमियम कैलकुलेटर पर चेक कर सकते हैं|

धारा 80C के तहत आपका टैक्स बेनिफिट आपके वार्षिक प्रीमियम या बीमा राशि के 10% (इनमें से जो भी कम है) तक सीमित है|

तो इस स्तिथि में आपको पूरे 5.5 रुपये के प्रीमियम पर टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा| वैसे भी Section 80C के तहत टैक्स बेनिफिट 1.5 लाख रुपये तक सीमित है|

इस केस में:

प्रीमियम: 5.5 लाख रुपये

10% of Sum Assured (बीमा राशि का 10%) = 10% * 10 लाख = 1 लाख रुपये

क्योंकि बीमा राशि का 10% छोटी संख्या है, आपको केवल 1 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट मिलेगा|

शायद आपके टैक्स बचाने की सीमा पहले ही खत्म हो गयी हो| तो आप कह सकते हैं की आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता |

पर अभी आपकी परेशानी खत्म नहीं हुई|

अगर आपका प्रीमियम बीमा राशि के 10% से ज्यादा है, तो आपको मेच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर भी टैक्स देना होगा| यह Section 10(10D) के तहत है|

 आयकर अधिनियम की धारा 10 (10 D) के तहत, यह स्पष्ट रूप से बताया गया  है कि अगर जीवन बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम बीमा राशि (Sum Assured) के 10% से अधिक है, तो ऐसी जीवन बीमा योजना की मेच्योरिटी राशि टैक्स-फ्री नहीं होती है।

और हमनें अभी ऊपर देखा की इस प्लान  में प्रीमियम बीमा राशि के 10 प्रतिशत से अधिक है|

इसका मतलब यह हुआ की आपको एलआईसी एकल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान से मिलने वाली राशि पर टैक्स देना पड़ेगा|

ध्यान दें, ऐसी समस्या ज़्यादातर सिंगल प्रीमियम प्लान में हो जाती है| आपको केवल एक बार भुगतान करना होता है, इसीलिए प्रीमियम राशि बहुत बड़ी हो जाती है|

अगर आप सोच रहे है की आप आयकर विभाग को इस राशि के बारे में नहीं बताएँगे, तो जान लिए की इंश्योरेंस कंपनी आपको TDS (टीडीएस) काट कर पैसा देगी| इससे आयकर विभाग को इस राशि के बारे में अपने आप पता चल जाएगा|

ध्यान दे मृत्यु के समय मिलने वाली राशि (मृत्यु लाभ) पर कोई टैक्स नहीं देना होगा|

आपको क्या करना चाहिए?

रिटर्न भी कम है और मेच्योरिटी के समय टैक्स भी देना होगा|

ध्यान दे यह टैक्स वाली समस्या आपको अमूमन सभी सिंगल प्रीमियम प्लान में आएगी|

मैं आपको इस प्लान में निवेश करने का सुझाव नहीं दूंगा| बाकी आपी मर्ज़ी|

पालिसी के बारे में अधिक जानकारी आप एलआईसी की वेबसाइट पर पा सकते हैं|

एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी जीवन तरुण (LIC Jeevan Tarun)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

एलआईसी बीमा बचत प्लान (LIC Bima Bachat Plan)

एलआईसी जीवन शिरोमणि (LIC Jeevan Shiromani)

एलआईसी जीवन लक्ष्य (LIC Jeevan Lakshya)

एलआईसी कैंसर कवर प्लान (LIC Cancer Cover Plan)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

अपनी LIC पालिसी से लोन कैसे लें?

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

Filed Under: LIC, Life Insurance Tagged With: lic plan no. 817 in hindi, lic single premium endowment plan, lic single premium policy, table no 817, एलआईसी 817 एकल प्रीमियम, एलआईसी एकल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान, एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान

एलआईसी कैंसर कवर प्लान (टेबल 905) के बारे में जानकारी (LIC Cancer Cover Plan in Hindi)

Last updated: मई 9, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

इस पोस्ट में चर्चा करेंगे LIC Cancer Plan (प्लान 905) के बारे में|

एलआईसी कैंसर कवर पालिसी (प्लान 905) की पूरी जानकारी (LIC Cancer Cover Plan in Hindi)

  1. प्रवेश के समय न्यूनतम आयु (Minimum Entry Age): 20 वर्ष
  2. प्रवेश के समय अधिकतम आयु (Maximum Entry Age): 65 वर्ष
  3. परिपक्वता के समय न्यूनतम आयु (Maximum Age at Maturity): 50 वर्ष
  4. परिपक्वता के समय अधिकतम आयु (Maximum Age at Maturity): 75 वर्ष
  5. न्यूनतम बीमा राशि (Minimum Basic Sum Insured): 10 लाख रुपये
  6. अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Basic Sum Insured): 50 लाख रुपये
  7. न्यूनतम पॉलिसी अवधि (Minimum Policy Term): 10 वर्ष
  8. अधिकतम पॉलिसी अवधि (Maximum Policy Term): 30 वर्ष
  9. केवल cancer के diagnosis होने पर ही पालिसी से भुगतान होगा|
  10. इस प्लान में कोई मेच्योरिटी बेनिफिट नहीं है|
  11. इस प्लान से आप लोन नहीं ले सकते|
  12. पालिसी सरेंडर करने पर आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा|
  13. पालिसी ऑनलाइन खरीदने पर आपको 7% discount मिलेगा|

LIC Cancer Cover Policy में बीमा राशि के क्या विकल्प हैं?

आपके पास दो विकल्प हैं|

#1 Level Sum Insured

बीमा राशि पालिसी अवधि के दौरान एक समान रहती है|

#2 Increasing Sum Insured

बीमा राशि पहले पांच वर्ष तक 10% हर वर्ष बढती है| परन्तु हाँ, अगर आपको पांच वर्ष से पहले cancer diagnosis (डायग्नोसिस) हो जाता है, तो आपकी बीमा राशि नहीं बढ़ेगी|

आप उम्मीद कर सकते हैं की Increasing Sum Insured विकल्प का प्रीमियम ज्यादा होगा|

एलआईसी कैंसर प्लान के क्या लाभ हैं? (LIC Cancer Plan: Benefits)

आपको लाभ केवल तभी मिलेगा जब आपको cancer का diagnosis होगा|

अब कैंसर दो स्टेज में diagnosis हो सकता है|

Early Stage Cancer (प्रारंभिक दौर में) या Major Stage Cancer (एडवांस्ड स्टेज में)

पालिसी से भुगतान इस बात पर निर्भर करता है की आपका diagnosis किस stage में हुआ है|

एक बात और, पालिसी के अनुसार cancer की परिभाषा है| हो सकता है की जिस तरह का cancer आपको हो, वह इस प्लान में कवर न हो| क्योंकि में कोई doctor नहीं हूँ, मेरे लिए cancer के बारे में जानकारी देना मुमकिन नहीं है|

आपको राय दूंगा की आप LIC Cancer plan की सैंपल पालिसी को अच्छे से पढ़ें आर जाने क्या Early Stage Cancer और क्या Major Stage Cancer है|

Early Stage Cancer में भुगतान (Early Stage Cancer Benefit)

  1. बीमा राशि (Sum Insured) की 25% राशि पालिसी धारक को दे दी जायेगी|
  2. अगले 3 वर्ष का प्रीमियम माफ़ कर दिया जाएगा|
  3. ध्यान दें आप Early Stage Cancer बेनिफिट पूरी पालिसी अवधि में केवल एक बार ले सकते हैं| अगली बार अगर आपको Early Stage Cancer का डायग्नोसिस होता है, तो पालिसी से कुछ भी नहीं मिलेगा|
  4. आपने जब बेनिफिट लिया, उसके बाद से आपकी बीमा राशि भुगतान राशि से कम हो जायेगी|

Major Stage Cancer में भुगतान (Major Stage Cancer Benefit)

  1. Lump Sum Benefit: 100% बीमा राशि दी जायेगी| अगर Early Stage Cancer बेनिफिट के तौर पर राशि पहले दी गयी हैं, तो वह राशि घटा दी जायेगी|
  2. Income Benefit: 10 वर्ष तक हर महीने बीमा राशि का 1% आपको दिया जाएगा| आपकी मृत्यु होने पर भी आपके नॉमिनी को यह राशि मिलती रहेगी|
  3. Premium Waiver Benefit: इसके बाद आपको कोई प्रीमियम भी नहीं देना होगा|
  4. एक बार आपने Major Stage Cancer Benefit ले लिया, तो उसके बाद Early Stage Cancer Benefit नहीं ले सकते|
  5. आप समझ सकते हैं, की जैसे ही आपने Major Stage cancer बेनिफिट लिया, उसके बाद आपकी पालिसी खत्म हो जायेगी| बस Income Benefit मिलता रहेगा|

एक उदहारण की सहायता से समझने की कोशिश करते हैं|

मान लिए आपने 10 लाख रुपये का Level Sum Insured प्लान लिया|

दो वर्ष बाद आपको Early Stage cancer डायग्नोज़ होता है| आपको 2.5 लाख रुपये दे दिया जाएगा|

अगले तीन वर्ष तक आपको प्रीमियम नहीं देना होगा|

उसके 5 साल बाद आपको Major Stage Cancer डायग्नोज़ होता है| आपको 7.5 लाख रुपये दे दिए जायेंगे|

साथ ही अगले 10 वर्ष तक आपको हर महीने 10 लाख X 1% = 10,000 रुपये दिए जांयेंगे|

अगर आपकी मृत्यु भी हो जाती है, तब भी यह राशि आपके परिवार (नॉमिनी) को दी जायेगी|

ध्यान दें LIC Cancer प्लान से होने वाले भुगतान का आपके इक्लाज़ पर होने वाले खर्चे से कोई मतलब नहीं है|

एलआईसी कैंसर कवर प्लान (प्लान 905) का प्रीमियम कितना है?

एलआईसी कैंसर बीमा पालिसी का प्रीमियम आप LIC की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं|

मैंने एक 40 वर्षीय व्यक्ति (पुरुष) के लिए 50 लाख के बीमा का प्रीमियम चेक किया| पालिसी अवधि 30 वर्ष|

Level Sum Insured: Rs. 23,155 (GST को मिला कर)

Increasing Sum Insured:  Rs. 33,197 (GST को मिला कर)

महिलायों के लिए प्रीमियम अधिक होगा|

टेबुलर प्रीमियम आप नीचे देख सकते हैं| यहाँ दी गयी राशि प्रति 1,000 रुपये Sum Insured के लिए है|

lic cancer plan एलआईसी कैंसर कवर प्लान 905

ध्यान दें आपका प्रीमियम केवल 5 वर्ष ही एक समान (constant) रहेगा| पांच वर्ष बाद प्रीमियम बदल सकता है|

आप यह पालिसी ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं| ऑनलाइन पालिसी खरीदने पर आपको 7% discount भी मिलेगा|

क्या LIC Cancer plan खरीदने पर कोई टैक्स बेनिफिट मिलता है?

LIC Cancer प्लान एक प्रकार से हेल्थ इंश्योरेंस प्लान की तरह ही है|

इसीलिए आपको प्रीमियम भुगतान पर Section 80D अंतर्गत टैक्स बेनिफिट मिलता है|

अगर आपकी आयु 60 वर्ष से कम है, तो प्रति वर्ष 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

अगर आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो 50,000 रुपये प्रति वर्ष का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के टैक्स बेनिफिट पर अधिक जानकारी का लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

LIC Cancer Plan से मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होगा|

इन बातों पर भी ध्यान दें

  1. अगर आपको पालिसी अवधि की समाप्ति तक cancer नहीं होता, तो आपको कुछ भी नहीं मिलेगा|
  2. अगर पालिसी खरीदने के 180 दिन के भीतर पालिसी धारक को cancer डायग्नोज़ होता है, तो पालिसी से कुछ भी भुगतान नहीं मिलेगा|
  3. अगर cancer के diagnosis के 7 दिन के अन्दर पालिसी धारक की मृत्यु हो जाती है, तो पालिसी से कुछ भी भुगतान नहीं होगा| इस अवधि ( 7 दिन) को Survival period कहते हैं|
  4. आप LIC cancer प्लान को ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं| ऑनलाइन पालिसी खरीदने पर आपको 7% discount मिलेगा|

 ध्यान दें इस प्लान के बारे में पूरी जानकारी देना इस पोस्ट में मेरे लिए मुमकिन नहीं है|

अगर आपकी इस प्लान को खरीदने में रूचि है, तो प्लान लेने से पहले प्लान का सैंपल डॉक्यूमेंट अवश्य पढ़ें| ऐसी बहुत सी बातें और शर्ते हैं, जिनकी वजह से आपके फैसले पर असर पड़ सकता है|

Filed Under: LIC, Life Insurance Tagged With: Lic cancer care plan, Lic cancer care policy premium, Lic cancer cover plan 905, Lic cancer cover premium, Lic cancer policy, Lic new plan for cancer, LIC plan 905 in hindi, एलआईसी कैंसर इंश्योरेंस, एलआईसी कैंसर प्लान 905, एलआईसी पालिसी फॉर कैंसर पेशेंट्स, कैंसर बीमा पालिसी

सीनियर सिटीजन को जीवन बीमा नहीं लेना चाहिए: 5 कारण

Last updated: मई 2, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

बहुत से लोग निवेश करने की लिए जीवन बीमा पालिसी का सहारा लेते हैं| केवल युवा लोग ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक या सेवानिवृत्त लोग भी जीवन बीमा प्लान (लाइफ इंश्योरेंस प्लान) खरीदते हैं|

मेरे अनुसार वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) को जीवन बीमा उत्पाद खरीदने की कोई ज़रुरत नहीं है|

इस पोस्ट में कुछ कारणों पर चर्चा करते हैं|

# 1 आपको शायद जीवन बीमा की आवश्यकता ही नहीं हो

अगर आपने रिटायर होने से पहले आपने सही से फाइनेंसियल प्लानिंग करी है, तो आपको रिटायरमेंट के वक़्त लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) की ज़रुरत नहीं होनी चाहिए|

देखिये, अगर रिटायरमेंट से पहले ही अपने खर्चों या अन्य कामों के लिए पैसा इकठ्ठा कर चुके हैं, तो जीवन बीमा की ज़रुरत अपने आप ही खत्म हो जाती है|

अगर आपके पास पर्याप्त धन है, तो जीवन बीमा की ज़रुरत ही नहीं है| बिना बात प्रीमियम का पैसा बेकार जाएगा|

मैं केवल पारंपरिक बीमा प्लान (ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान) या यूलिप प्लान की बात नहीं कर रहा हूँ| आपको टर्म इंश्योरेंस प्लान की ज़रुरत भी नहीं होनी चाहिए|

# 2 आपको प्रीमियम देने में परेशानी होगी

यदि आप सेवानिवृत्ति के दौरान जीवन बीमा योजना खरीदते हैं, तो आपको योजना जारी रखने के लिए प्रीमियम का भुगतान करते रहना होगा।

यह प्रीमियम आपके बजट पर दबाव डालेगा|

जब जीवन बीमा की ज़रुरत ही नहीं है, तो ऐसा खर्चा क्यों करना|

ऐसा हो सकता है की आपको सिंगल प्रीमियम इंश्योरेंस प्लान बेचने की कोशिश की जाए| सिंगल प्रीमियम प्लान में केवल एक बार प्रीमियम देना होता है| परन्तु वहां भी परेशानी है| पोस्ट में आगे इस बारे में चर्चा करूंगा|

# 3 आपको खराब रिटर्न मिलेगा

यह बहुत अहम् मुद्दा है|

काफी लोग लाइफ इंश्योरेंस प्लान केवल जीवन बीमा के लिए नहीं खरीदते बल्कि रिटर्न पाने के लिए खरीदते हैं| इसके लिए वह पारंपरिक जीवन बीमा प्लान (ट्रेडिशनल प्लान) या यूलिप (Unit Linked Insurance Plan) खरीदते हैं|

मुझे पूरा विश्वास है की बहुत से सीनियर सिटीजन भी जीवन बीमा खरीदते समय रिटर्न के बारे में ही सोचते हैं|

यदि मैं आपसे कहूं की आपकी अधिक आयु की वजह से आपके रिटर्न कम होंगे, तो आप क्या करेंगे?

जी हाँ, य़ह सच हैं।

ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि यूलिप और ट्रेडिशनल प्लान में कुछ हिस्सा मोर्टेलिटी चार्ज की ओर जाता है|

Mortality चार्ज आपको जीवन बीमा प्रदान कर के लिए चार्ज किया जाता है| जो राशि बचती है, वह निवेश होती है|

जैसे-जैसे आपकी आयु बढती है, वैसे-वैसे मोर्टेलिटी चार्ज बढ़ते जाते हैं| अगर mortality चार्ज ज्यादा है, तो आपके निवेश या प्रीमियम का अधिक हिस्सा mortality चार्ज के भुगतान की ओर जाएगा|

इससे आपके रिटर्न कम हो जायेंगे|

आइए एक पारंपरिक योजना का उद्धरण लेते हैं।

आइए मान लें कि 30 वर्षीय व्यक्ति (अमित) और 60 वर्षीय व्यक्ति (रमेश) 10 लाख रुपये के बीमा योजना खरीदते हैं। दोनों की पालिसी अवधि सामान है|

रमेश का प्रीमियम ज्यादा होगा क्योंकि उसकी आयु ज्यादा है|

अब देखें तो, परिपक्वता के समय, दोनों को एक ही राशि मिलेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि बीमित राशि समान है और बोनस पॉलिसी अवधि पर निर्भर करता है (जो दोनों के लिए सामान है)|

रमेश को मेच्योरिटी के समय राशि अमित के सामान ही मिलेगी परन्तु उसका प्रीमियम अमित के प्रीमियम से ज्यादा है|

आप देख सकते हैं की रमेश को कम रिटर्न मिलेंगे क्योंकि उसकी आयु ज्यादा है|

यूलिप के मामले में, आपके फंड मूल्य का एक हिस्सा मोर्टेलिटी चार्ज के भुगतान के लिए जाता हैऔर बचा हुआ पैसा निवेशित रहता है| जाहिर है, अगर आपकी उम्र ज्यादा है, तो ज्यादा पैसा मोर्टेलिटी चार्ज के लिए कटेगा।

इससे भी आपके रिटर्न प्रभावित होंगे|

कुछ ऐसे मामले भी सामने आयें है की जहाँ पर मोर्टेलिटी चार्ज वरिष्ठ नागरिकों के यूलिप में निवेश का पूरा हिस्सा ही खा गए|

एक मामले में एक सीनियर सिटीजन ने यूलिप में 50,000 रुपये निवेश किये और कुछ वर्ष में उनके निवेश का मूल्य घटकर 248 रुपये हो गया|

दूसरे मामले में एक वरिष्ठ नागरिक ने 6 साल में 3.2 लाख रुपये यूलिप में निवेश किये और 6 वर्ष बाद उनके निवेश का मूल्य घटकर 11,678 रुपये हो गया|

यदि आपको जीवन बीमा की आवश्यकता नहीं है तो आपको mortality चार्ज का भार उठाने की कोई ज़रुरत नहीं है|

#4 मेच्योरिटी के समय आपको परिपक्वता राशि पर टैक्स देना पड़ सकता है

हम में से ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि जीवन बीमा कंपनी से प्राप्त राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता|

यह बात मृत्यु लाभ (धारक की मृत्यु के समय मिलने वाली राशि) के लिए सच है लेकिन परिपक्वता लाभ (maturity benefit) के लिए नहीं।

परिपक्वता लाभ टैक्स-फ्री तभी होता है जबकि:

वार्षिक प्रीमियम मृत्यु लाभ (death benefit या Sum Assured) के 10% से कम होना चाहिए| इसका मतलब मृत्यु लाभ (death benefit) वार्षिक प्रीमियम (annual premium) का कम से कम 10 गुना होना चाहिए।

Sum Assured >= 10 times annual premium

यह आयकर अधिनियम की धारा 10 (10 D) के अनुसार है।

अधिकांश सिंगल प्रीमियम योजनायों में यह शर्त पूरी नहीं होती|

वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेगुलर प्रीमियम पालिसी (जहाँ पर हर वर्ष प्रीमियम देना होता है) में भी यह परेशानी आ सकती है|

मैं IRDA Linked Product Regulation, 2013 से एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ| यह नियम यूलिप पर लागू होते हैं।

सीनियर सिटीजन जीवन बीमा लाइफ इन्शुरन्स

जैसा कि आप देख सकते हैं, काफी अधिक संभावना है की सिंगल प्रीमियम योजना की परिपक्वता राशि पर धारक को टैक्स देना होगा| ऐसा इसलिए की अधिकतर मामलों में टैक्स बचने वाली शर्त पूरी नहीं होगी|

वरिष्ठ नागरिकों के लिए तो यह संभावना और भी कम है| रेगुलर प्रीमियम प्लान में भी वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी हो सकती है|

अगर आयु 45 वर्ष से कम है, तो आप सुरक्षित हैं क्योंकि जीवन बीमा वार्षिक प्रीमियम का कम से कम 10 गुना होगा।

45 वर्ष से अधिक आयु पर जीवन बीमा वार्षिक प्रीमियम का कम से कम 7 गुना होना चाहिए| यहाँ समस्या हो सकती है|

एक बात और,  यह समस्या केवल यूलिप प्लान तक ही सीमित नहीं है। पारंपरिक प्लान में भी यह समस्या आ सकती है| एलआईसी बीमा बचत योजना एक उदहारण है|

अब देखें तो सीनियर सिटीजन को रिटर्न भी कम मिलते हैं और मेच्योरिटी पर राशि पर टैक्स भी दना पड़ सकता है| ऐसे में जीवन बीमा प्लान लेना समझदारी का फैसला नहीं होगा

# 5 ज़रुरत पड़ने पर पैसा निकालने में परशानी हो सकती है

रिटायरमेंट के बाद आप चाहेंगे की ज़रुरत पड़ने पर आप अपने पैसे को आसानी से निकाल पाएं।

परन्तु पारंपरिक जीवन बीमा योजनायों (traditional life insurance plans) में मेच्योरिटी से पहले पैसे निकालने पर काफी पेनल्टी देनी पड़ती है| यूलिप में भी  आपका पैसा 5 साल के लिए लॉक हो जाता है।

निष्कर्ष यह है की सीनियर सिटीजन को लाइफ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदने चाहिए| वजह बहुत सारी हैं| शायद उनको जीवन बीमा की ज़रुरत न हो| प्रीमियम देने में परशानी होगी| उनकी अधिक आयु की वजह से रिटर्न कम होंगे| मेच्योरिटी पर टैक्स देना पड़ सकता है| साथ की ज़रुरत पड़ने पर पैसा निकालना में परेशानी हो सकती है|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: वरिष्ठ नागरिक बीमा योजना, सीनियर सिटीजन लाइफ इंश्योरेंस

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Page 2
  • Page 3
  • Page 4
  • Page 5
  • Page 6
  • Interim pages omitted …
  • Page 10
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

HindiFinance

Subscribe on Youtube




Join our Newsletter
Enter your email address and click on the Get Instant Access button.
Thank you for subscribing.
Something went wrong.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )
We respect your privacy

For any guest posts or advertising queries, please write to us at hindifinance@gmail.com

Popular Posts

  • अटल पेंशन योजना की पूरी जानकारी (Atal Pension Yojana in Hindi) (2022)
  • सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी जानकारी (Sukanya Samriddhi Yojana 2019)
  • नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बारें में पूरी जानकारी (Complete Information about NPS in Hindi)
  • PPF खाते के बारे में पूरी जानकारी (Complete Information about PPF Account in Hindi)
  • कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)?

(c) Copyright 2026 www.HindiFinance.com | Privacy Policy