• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

HindiFinance.com

आपका पर्सनल फाइनेंस ब्लॉग आसान हिंदी में




  • Life Insurance
  • Mutual Funds
  • Financial Planning
  • NPS
  • PPF
  • Tax Planning
  • Aadhaar
  • LIC
  • Loans

Life Insurance

Follow @hindifinance

कैसे यूलिप आपके वित्तीय लक्ष्य (financial goal) पूरे करने में मदद कर सकता है?

by दीपेश Leave a Comment

जब निवेश की बारी आती है, तो आपको हमेशा अपने लक्ष्यों पर फोकस सोचना चाहिए|

लक्ष्यों से मेरा मतलब है आपके Financial या Life Goals से|

Financial या life goals क्या होते हैं?

Life goals वह वस्तुएं या अनुभव हैं, जो की आप अपनी ज़िन्दगी में पाना चाहते हैं|

क्योंकि हर किसी को ज़िन्दगी से अलग ख्वाहिश होती है, हम सभी के ज़िन्दगी में अलग-अलग Financial या Life Goal हो सकते हैं| जैसे की आपके और मेरे बिलकुल अलग फाइनेंसियल या life goal हो सकते हैं|

अपने लिए घर खरीदना आपका goal हो सकता है|

बच्चों की पढ़ाई या शादी का लिए धन इकठ्ठा करना एक goal हो सकता है|

अपना व्यापार शुरू करना या पूरी दुनिया का भ्रमण करना भी एक life goal हो सकता है|

अपने रिटायरमेंट के लिए पैसा इकठ्ठा करना भी एक goal है|

और यही नहीं| आपके life goal कुछ भी हो सकते हैं|

अब जब वित्तीय लक्ष्यों की बात कर रहे हैं, तो उसमें राशि का ज़िक्र तो होना ही चाहिए|

जैसे की, आपको घर खरीदना है, अपने आप में पूरी जानकारी नहीं है|

आपको 10 साल बाद घर खरीदना है और उसके लिए आपको 25 लाख रुपये जमा करने हैं| यह अपने आप में एक पूरा और स्मार्ट गोल है| इस जानकारी के साथ आप अपने निवेश को आसानी से प्लान कर सकते हैं|

वित्तीय लक्ष्य (financial या life goal) के अनुसार निवेश करने के क्या फायदे हैं?

क्योंकि आपको अपनी निवेश अवधि और निर्धारित राशि का पता है, आप यह पता लगा सकते हैं की आपको हर महीने कितना निवेश करना होगा|

नियमित समय पर आप देख सकते हैं की आपके निवेश आपकी आशानुसार रिटर्न दे रहे हैं या नहीं| आप अपने गोल की तरफ सही तरह से अग्रसर हैं की नहीं| अगर नहीं है, तो आप अपना निवेश बदल सकते हैं|

आप एक योजना के अनुसार निवेश करते हैं| निवेश में संयम बनाए रखना बहुत ज़रूरी हैं| अगर आपका फोकस आपके गोल्स पर हैं और रिटर्न पर नहीं, तो निवेश संयम (investment discipline) बनाये रखना भी आसान हो जाता है|

आप अपने लक्ष्यों (गोल्स) को छोटी अवधि (short term) और लम्बी अवधि (long term) में बाँट सकते हैं|

छोटी अवधि के लक्ष्यों (short term goals) के लिए आप बैंक फिक्स्ड डिपाजिट या डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर सकते हैं| ऐसा इसीलिए क्योंकि आपका लक्ष्य नज़दीक है और आप ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते|

लम्बी अवधि के लक्ष्यों (long term goals) के लिए  आप ज्यादा रिस्क ले सकते हैं और शेयर बाज़ार में निवेश कर सकते हैं| इसके लिए आप इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड या ULIP (Unit Linked Insurance Plan) के इक्विटी फण्ड में भी निवेश कर सकते हैं|

अगर आप लम्बी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव को नज़रंदाज़ कर सकते हैं| निवेशित रहें|

बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस द्वारा आयोजित इवेंट

कुछ दिन पहले (जनवरी 8, 2018) मैंने Bajaj Allianz Life Insurance द्वारा आयोजित एक इवेंट में हिस्सा लिया| उस इवेंट में गोल बेस्ड प्लानिंग पर काफी जोर दिया गया| लोगों ने अपने अनुभव शेयर किये और बताया की बिना किसी गोल के निवेश करने से उन्हें क्या नुकसान हुआ| साथ ही इस बात पर भी चर्चा करी की किस तरह ULIP लम्बी अवधि के गोल के लिए एक अच्छा निवेश हो सकते हैं|

एक यूलिप (ULIP उया Unit Linked Insurance Plan) किस प्रकार आपके लक्ष्य (life goals) तक पहुँचने ने आपकी मदद कर सकता है?

यूलिप एक लम्बी अवधि के निवेश है| आप यूलिप से पांच वर्ष से पहले पैसा नहीं निकाल सकते|

इससे फायदा यह होता है की आप शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव से प्रभावित नहीं होते| आपको पहले से ही मालूम है की आपने लम्बी अवधि के लिए निवेश किया है|

ऐसी सोच के साथ आप बेफिक्र हो कर अपने life goal के लिए निवेश कर सकते हैं| #investbefikar

इसी वजह से ULIP आपके लम्बी अवधि के लक्ष्यों के लिए (for long term goals) एक अच्छा निवेश माध्यम हो सकते हैं|

आपके पास कई तरह के फण्ड में निवेश करने का विकल्प होता है| आप अपनी इच्छा और ज़रुरत के अनुसार यूलिप के इक्विटी, डेब्ट या हाईब्रिड फण्ड में निवेश कर सकते हैं| साथ ही आपके पास आपके शेयर बाज़ार के द्रष्टिकोण के अनुसार किसी फण्ड में स्विच करने का विकल्प है|

यूलिप (ULIP) में निवेश करने पर आपको टैक्स बेनिफिट मिलते हैं और परिपक्वता के समय (maturity) निकाले हुए पैसे पर कोई टैक्स भी नहीं देना होता|

बहुत लोग यह मानते हैं की यूलिप में चार्जेज (charges) काफी ज्यादा होते हैं और आपके रिटर्न इससे प्रभीवित होते हैं| ध्यान दें यूलिप में आपको लाइफ इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट दोनों का बेनिफिट मिलता है और अब यूलिप में चार्जेज (पिछले दशक) पहले के मुकाबले काफी कम हो गए हैं|

Filed Under: Life Insurance Tagged With: Bajaj Allianz, Life Insurance, Sponsored, ULIP, Unit Linked Insurance Plan

Claim Settlement Ratio for FY2017 (Life Insurance): कौनसी है बेस्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी?

by दीपेश 2 Comments

IRDA ने वित्तीय वर्ष 2017 (FY2016-2017) के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) जारी कर दी है।

उस रिपोर्ट में FY2017 के लिए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (जीवन बीमा कंपनी) के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) के बारे में भी जानकारी है|

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (Claim Settlement Ratio of Life Insurance Company) क्या होता है?

इससे यह पता चलता है की इंश्योरेंस कंपनी से पिछले साले आये हुए दावों (claim) में से कितने क्लेम का भुगतान किया और कितनों को रिजेक्ट कर दिया|

तो मान लिए एक कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो 80% है, तो इसका मतलब यह हुआ की कंपनी ने 80% दावों (क्लेम) का भुगतान किया और 20% क्लेम को रिजेक्ट कर दिया|

जाहिर है, जितना अधिक क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) होगा, उतना ही बेहतर है|

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (claim settlement ratio) दो तरीकों से देखा जा सकता है

  1. संख्या के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Number of Claims)
  2. क्लेम राशि के अनुसार (Claim Settlement Ratio by Benefit Amount)

आईये उदहारण से समझते हैं|

एक बीमा कंपनी के पास 100 क्लेम आये|

90 क्लेम 5 लाख रुपये के थे और बचे हुए 10 क्लेम 50 लाख रुपये के थे|

अब मान लिए जीवन बीमा कंपनी ने 5 लाख के सारे क्लेम का भुगतान कर दिया|

परन्तु 50 लाख के 10 क्लेम में से केवल 5 क्लेम का ही भुगतान किया|

अब संख्या के अनुसार देखें, तो बीमा कंपनी ने 100 में से 95 क्लेम का भुगतान कर दिया, तो क्लेम संख्या के अनुसार claim settlement ratio) हुआ 95%|

क्लेम राशि के अनुसार बीमा कंपनी पर कुल मिला कर 9.5 करोड़ रुपये के क्लेम आये (90 X 5 लाख + 10 X 50 लाख रुपये), परन्तु बीमा कंपनी ने केवल 7 करोड़ रुपये (90 X 5 लाख + 5 X 50 लाख रुपये) का ही भुगतान किया|

अब अगर क्लेम राशि के अनुसार क्लेम सेटलमेंट रेश्यो देखें, तो हुआ 73.6%

Claim Settlement Ratio by Number of Claims = 95%

Claim Settlement Ratio by Benefit Amount = 73.6%

अब IRDA की रिपोर्ट में यह दोनों ही नंबर होते हैं, तो आप किस नंबर पर ज्यादा ध्यान देंगे|

अगर आप एक नई जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो क्या आप दूसरे नंबर पर विचार नहीं करेंगे?

इस बात में कोई दोराय नहीं की आप चाहेंगे की यह दोनों की नंबर अच्छे हों|

Claim Settlement Ratio of Life Insurance Companies for FY2017 (FY2017 के लिए जीवन बीमा कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो)

आइए साल 2017 के आंकड़ों को देखते हैं। (Source: www.PersonalFinancePlan.in)

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018

 

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018 बेस्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

2017 2018 जीवन बीमा कंपनी क्लेम सेटलमेंट claim settlement ratio 2018 बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान

 

वित्त वर्ष 2016-2017 के जीवन बीमा कंपनियों के Claim Settlement Ratio से क्या बात स्पष्ट है?

आप देख सकते हैं की क्लेम राशि के सन्दर्भ में क्लेम सेटलमेंट रेश्यो कम है| Claim Settlement Ratio by Number of Claims is better than Claims Settlement Ratio by Benefit Amount.

अब यह जान कर आपको आश्चर्य नहीं होगा की जो क्लेम सेटलमेंट रेश्यो आप विज्ञापनों में पढ़ते हैं, वह क्लेम सेटलमेंट क्लेम की संख्या के अनुसार होता है| Claim Settlement Ratio by Number of Claims is typically advertised. ऐसा इसलिए क्योंकि यह नंबर बेहतर होता है|

ऐसा प्रतीत होता है कि ज्यादा बीमा राशि वाले काफी क्लेम रिजेक्ट किये गए हैं| हो सकता है की टर्म इंशोयरेंस प्लान के तहत आये क्लेम भी काफी रिजेक्ट हो रहे हों|

स्वीकृत क्लेम (जिन क्लेम का भुगतान लिया गया) की औसत राशि (average size of accepted claim) अस्वीकृत क्लेम (जिन क्लेम को रिजेक्ट कर दिया गया) के मुकाबले कम है।

पर एक बात का ध्यान दे| आप एक बीमा कंपनी से एक बड़े क्लेम में ज्यादा जांच पड़ताल की उम्मीद कर सकते हैं|

साथ ही, अगर कोई पालिसी खरीदते समय कुछ धोखाधड़ी (fraud या कोई ज़रूरी जानकारी छिपाना) का इरादा रखता है, तो ऐसा व्यक्ति बड़ी राशि की पालिसी ही खरीदेगा|

पर जीवन बीमा कंपनी को भी क्लीन चिट न दें| हो सकता है की बीमा कंपनी का रुझान भी बड़े क्लेम के रिजेक्ट करने की तरफ ज्यादा हो|

ध्यान दे यह जानकारी केवल जीवन बीमा कंपनियों की है| इसमें हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम के बारे में कोई जानकारी नहीं है|

बेहतर होता की हमें विभिन्न प्रकार की पालिसी (टर्म इंश्योरेंस प्लान, पारंपरिक जीवन बीमा प्लान और यूलिप)के लिए अलग-अलग क्लेम सेटलमेंट की जानकारी दी गयी होती| पर ऐसा नहीं है|

पढ़ें: कौन से हैं 5 सर्वश्रेष्ठ टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान? 5 Best Term Insurance Plan

इस जानकारी का आप किस तरीके से प्रयोग कर सकते हैं?

अगर आप एक नयी पालिसी लेने जा रहे हैं, तो आप चाहेंगे की उसका क्लेम सेटलमेंट रेश्यो संख्या और क्लेम राशि दोनों के अनुसार अच्छा हो|

अगर दोनों ratio (अनुपातों) में काफी अंतर है, तो आपको थोडा सोचना पड़ेगा|

देखिये किसी एक साल ऐसा होता है, तो चलता है| क्योंकि हो सकता है की कोई बड़े क्लेम वाले fraud केस आ गया हो|

पर अगर हर साल ऐसा होता हैं, तो परेशानी का विषय है|

ऐसी स्तिथि में कुछ तो गलत है| या फिर तो इंश्योरेंस कंपनी बेचते समय कुछ गड़बड़ी करती है, या क्लेम के भुगतान के समय| आपको सतर्क होने की ज़रुरत है|

एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ (HDFC Standard Life) के उदहारण पर एक नजर डाले।

एचडीएफसी स्टैण्डर्ड लाइफ इंश्योरेंस

हर साल काफी अंतर है|  ध्यान दें HDFC Standard Life  इकलौती कंपनी नहीं है की जहाँ अंतर काफी ज्यादा है| और भी कंपनी है|

Insurance Amendment Act, 2015 में आपको कुछ राहत मिल सकती है

यदि आपकी पॉलिसी 3 वर्ष से अधिक पुरानी है तो जीवन बीमा कंपनियां आपके दावे को अस्वीकार (रिजेक्ट) नहीं कर सकती हैं।

इसका मतलब है, एक बार आपकी जीवन बीमा पॉलिसी 3 साल पुरानी हुई, तो बीमा कंपनी किसी भी कारण से आपके क्लेम को रिजेक्ट नहीं कर सकती|

ऐसी स्तिथि में क्लैम सेटलमेंट रेश्यो की अहमियत थोड़ी कम हो जाती है|

हालांकि, अगर आप एक नई टर्म इंश्योरेंस प्लान लेने की योजना बना रहे हैं, तो बेहतर होगा की ऐसी कंपनी के साथ जाएँ जिसके दोनों claim settlement ratio अच्छे हैं| ध्यान दें मृत्यु पालिसी लेने के तीन वर्ष के भीतर भी हो सकती है|

इस विषय में आप विस्तार से इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं|

पढ़ें: अगर आपकी जीवन बीमा पालिसी 3 साल पुरानी है, तो क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा

Source: PersonalFinancePlan.in

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: claim settlement ratio in hindi, IRDA claim settlement life insurance companies, Life Insurance, Life Insurance claim settlement, term life insurance

एलआईसी न्यू बीमा बचत (प्लान 816) की पूरी जानकारी (LIC New Bima Bachat in Hindi)

by दीपेश Leave a Comment

अगर मैं आपसे कहूं की आपके इंश्योरेंस प्लान की मेच्योरिटी के समय मिलने वाली राशि पर आपको टैक्स देना होगा, तो क्या आप ऐसे प्लान में निवेश करेंगे?

शायद नहीं|

आज मैं ऐसे ही एक जीवन बीमा प्लान के बारे में बात करूंगा|

आज चर्चा करेंगे एलआईसी न्यू बीमा बचत (LIC New Bima Bachat) प्लान के बारे में|

एलआईसी न्यू बीमा बचत (प्लान 816)  LIC New Bima Bachat in Hindi

एलआईसी न्यू बीमा बचत एक सिंगल प्रीमियम प्लान है। इसका मतलब की आपको केवल एक बार (पालिसी लेते समय) ही प्रीमियम देना होता है|

साथ ही एलआईसी न्यू बीमा बचत एक सहभागी पारंपरिक जीवन (traditional non-linked participating plan) बीमा योजना है।

एलआईसी न्यू बीमा बचत प्लान एक मनी बेक (money back) प्लान हैं जिसमें आपको समय समय पर कुछ राशि मिलती रहती है|

पॉलिसी अवधि : 9, 12  या 15 वर्ष हो सकती है|

अधिकतम बीमित राशि पर कोई सीमा नहीं है|

एलआईसी न्यू बीमा बचत प्लान के लाभ (LIC New Bima Bachat: Survival and Maturity Benefits)

अब यह आपकी पालिसी अवधि पर निर्भर करते हैं|

  • पॉलिसी अवधि 9 वर्ष: तीसरे और छठे पॉलिसी वर्ष के अंत में बीमित रकम का 15% (15% of Sum Assured at the end of 3rd and 6th policy years)
  • पॉलिसी अवधि 12 वर्ष: तीसरे, छठे और नौवें पॉलिसी वर्ष के अंत में बीमित रकम का 15% (15% of Sum Assured at the end of 3rd, 6th and 9th policy years)
  • पॉलिसी अवधि 15 वर्ष: तीसरे, छठे, नौवें और बारहवें पॉलिसी वर्ष के अंत में बीमित रकम का 15% (15% of Sum Assured at the end of 3rd, 6th, 9th and 12th policy years)

पालिसी की परिपक्वता पर क्या लाभ मिलेगा?

आपको आपका प्रीमियम (प्रीमियम की किश्त जो आपने पालिसी एते समय दी थी| साथ ही आपको loyalty addition (निष्ठां वृद्धि) भी परिपक्वता के समय दी जायेगी|

एलआईसी न्यू बीमा बचत प्लान: मृत्यु लाभ (LIC New Bima Bachat: Death Benefit)

  • 5 वर्षों के भीतर मौत की स्थिति में, नामांकित व्यक्ति को बीमित राशि (Sum Assured) दी जायेगी।
  • 5 वर्षों के बाद मृत्यु की स्थिति में, नामांकित व्यक्ति को बीमित रकम के साथ लॉयल्टी वृद्धि भी दी जायेगी| (Sum Assured + Loyalty Addition)

प्लान के बारे में अधिक जानकारी आप एलआईसी की वेबसाइट पर पा सकते हैं|

एलआईसी न्यू बीमा बचत में रिटर्न कितना मिलेगा?

देखिये एलाईसी न्यू बीमा बचत एक पारंपरिक जीवन बीमा उत्पाद है|

इसीलिए ज्यादा रिटर्न की अपेक्षा तो आप नहीं कर सकते|

टैक्स से पहले आप 5-7% p.a. रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं|

पर इस प्लान एक और भी बड़ी समस्या है| आईये देखते हैं|

क्या आप टैक्स बचाने के लिए जीवन बीमा खरीदते हैं?

बहुत सारे लोग धारा 80 सी (Section 80C) के तहत टैक्स बचाने के लिए जीवन बीमा योजना खरीदते हैं।

पर आप प्रीमियम भुगतान के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं, इस बात की एक सीमा है|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

एलआईसी बीमा बचत प्लान (15 वर्ष की पालिसी अवधि) के लिए एक 30 वर्षीय व्यक्ति को तकरीबन 81,000 का प्रीमियम भरना होगा|

आप एलआईसी न्यू बीमा बचत प्रीमियम कैलकुलेटर यहाँ पर देख सकते हैं|

धारा 80 सी के तहत वार्षिक प्रीमियम के भुगतान के लिए आपका टैक्स बेनिफिट  प्रीमियम राशि या बीमा राशि का 10% (इनमें से जो भी कम है), उस पर सीमित है| Tax Benefit capped at lower of (Annual Premium, 10% of Death Benefit)

तो इस स्तिथि में आपको पूरे 81,000 के प्रीमियम पर टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|

बीमा राशि का 10 प्रतिशत केवल 10,000 रुपये हैं| (10% * 1 लाख रुपये)

आपको टैक्स बेनिफिट केवल 10,000 रुपये का ही मिलेगा|

 शायद आपके टैक्स बचाने की सीमा पहले ही खत्म हो गयी हो| तो आप कह सकते हैं की आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता |

 इसके बावजूद भी अभी आपकी परेशानी खत्म नहीं हुई|

 आपको मिलने वाली राशि का क्या होगा?

अमूमन लाइफ इंश्योरेंस से मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता|

पर ऐसा हेशा नहीं होता|

इस बात के लिए भी आयकर के कुछ नियम हैं|

आयकर अधिनियम की धारा 10 (10 डी) के तहत, यह स्पष्ट रूप से बताया गया  है कि अगर जीवन बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम बीमित रकम के 10% से अधिक है, तो ऐसी जीवन बीमा योजना से आय कर से छूट नहीं मिलती है।

और हम देख चुके हैं की एलआईसी न्यू बीमा बचत में प्रीमियम बीमा राशि के 10 प्रतिशत से अधिक है|

इसका मतलब यह हुआ की आपको एलआईसी न्यू जीवन बीमा बचत से मिलने वाली राशि पर टैक्स देना पड़ेगा|

ध्यान दें, ऐसी समस्या ज़्यादातर सिंगल प्रीमियम प्लान में हो जाती है| आपको केवल एक बार भुगतान करना होता है, इसीलिए राशि बहुत बड़ी हो जाती है|

अगर आप सोच रहे है की आप आयकर विभाग को इस राशि के बारे में नहीं बताएँगे, तो जान लिए की इंश्योरेंस कंपनी आपको TDS (टीडीएस) काट कर पैसा देगी| तो आयकर विभाग को इस राशि के बारे में अपने आप पता चल जाएगा|

ध्यान दे मृत्यु के समय मिलने वाली राशि (मृत्यु लाभ) पर अभी भी कोई टैक्स नहीं देना होगा|

आपको क्या करना चाहिए?

देखिये मैं तो कभी भी पारंपरिक जीवन बीमा योजनायों का पक्षधर नहीं रहा|

कम जीवन बीमा मिलता है और रिटर्न भी कम होते हैं|

एलआईसी न्यू बिमा बचत कुछ अलग नहीं है|

साथ ही यहाँ पर आपको टैक्स बेनिफिट भी कम मिलेगा और मिलने वाली राशि पर टैक्स भी देना होगा|

हुआ ना, करेला वो भी नीम चढ़ा|

अगर आप अभी भी एलआईसी न्यू बीमा बचत प्लान खरीदना चाहते हैं, तो आपकी मर्ज़ी|

एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी जीवन तरुण (LIC Jeevan Tarun)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

अपनी LIC पालिसी से लोन कैसे लें?

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

Filed Under: LIC, Life Insurance Tagged With: LIC New Bima Bachat in Hindi, एलआईसी न्यू बीमा बचत, एलआईसी न्यू बीमा बचत जानकारी

एलआईसी जीवन तरुण (प्लान 834) की पूरी जानकारी (LIC Jeevan Tarun in Hindi)

Last updated: अक्टूबर 10, 2018 | by दीपेश 8 Comments

हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए अच्छे से अच्छा करना चाहता है| इसीलिए बच्चों की पढाई के लिए निवेश करना सभी के लिए प्राथमिकता होती है|

एलआईसी का भी ऐसा एक प्लान है, जो की इन्ही ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है| मैं बात कर रहा हूँ एलआईसी जीवन तरुण के बारे में|

आज मैं चर्चा करूंगा LIC Jeevan Tarun (एलआईसी जीवन तरुण) प्लान के बारे में| इस पालिसी के बारे में गहराई से जानेंगे और देखेंगे की क्या आपको ऐसी पालिसी में निवेश करना चाहिए|

एलआईसी जीवन तरुण (प्लान 834) (LIC Jeevan Tarun in Hindi)

एलआईसी जीवन तरुण एक सहभागी गैर-लिंक्ड सीमित प्रीमियम भुगतान (non-linked participating limited premium plan) योजना है|

  1. न्यूनतम बीमा राशि (Minimum Sum Assured): 75,000 रुपये
  2. अधिकतम बीमा राशि (Maximum Sum Assured): कोई सीमा नहीं
  3. प्रवेश न्यूनतम आयु (Minimum Age at Entry): 90 दिन (आपके बच्चे के आयु)
  4. प्रवेश में अधिकतम आयु (Maxmium Age at Entry): 12 वर्ष
  5. पालिसी परिपक्वता के समय आयु (Age at Policy Maturity): 25 वर्ष (इसका मतलब पालिसी आपके बच्चे के 25 वर्ष के आयु पूरी करने पर होगी)
  6. पालिसी अवधि (Policy Term) : 25 वर्ष – प्रवेश आयु (इसका मतलब पालिसी खरीदते समय अगर आपके बच्चे की आयु 8 वर्ष है, तो पालिसी अवधि 17 वर्ष होगी)
  7. प्रीमियम भुगतान अवधि (Premium Payment Term) : 20 वर्ष – प्रवेश आयु (इसका मतलब पालिसी खरीदते समय अगर आपके बच्चे की आयु 8 वर्ष है, तो पालिसी अवधि 12 वर्ष होगी)
  8. पालिसी से लोन की सुविधा उपलब्ध है| यह जानने के लिए की एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें, आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

एक और उदहारण लें तो, अगर आपके बच्चे की आयु पालिसी लेते समय 4 वर्ष है, तो आपको 16 साल के लिए प्रीमियम का भुगतान करना होगा और योजना 21 साल बाद परिपक्व हो जाएगी (आपके बच्चे की 25 वर्ष की आयु होने के बाद)।

पालिसी के तहत आपके बच्चे को 20 से 20 वर्ष की आयु तक उसे कुछ रकम दी जायेगी| साथ ही पालिसी मेच्योरिटी के समय (25 वर्ष का होने पर) भी उस कुछ राशि दी जायेगी| इस बारे में हम गहराई से जानेंगे जब एलआईसी के परिपक्वता लाभ पर चर्चा करेंगे|
आप LIC Jeevan Tarun के बारे में अधिक जानकारी LIC की वेबसाइट पर पा सकते हैं|

एलआईसी जीवन तरुण : सरवाईवल बेनिफिट / परिपक्वता लाभ (Survival Benefit/Maturity Benefit)

अब क्योंकि एलआईसी जीवन तरुण एक मनी बैक प्लान (money back plan) है, इसलिए परिपक्वता से पहले भी आपके बच्चे को कुछ रकम दी जायेगी|

20 से 24 वर्ष के आयु तक (कुल मिला कर 5 साल के लिए) कुछ राशि दी जायेगी| इसे आप survival बेनिफिट समझ सकते हैं| यह सुविधा इसलिए प्रदान की गयी है क्योंकि आपके बच्चे की पढाई या शादी का खर्चा 25 वर्ष की आयु से पहले भी आ सकता है|

साथ ही पालिसी की परिपक्वता के समय (25 वर्ष की आयु का होने पर) उसे परिपक्वता लाभ दिया जाएगा|

आप चार विकल्पों में से एक चुन सकते हैं।

LIC Jeevan Tarun एलआईसी जीवन तरुण hindi

तो आप देख सकते हैं की चारों विकल्पों में आपको बीमा राशि का 100% प्रतिशत ही दिया जाता है| बस यह राशि कब मिलेगी, यह इन चारों विकल्पों में बदल जाता है|

विकल्प 4 में, बीमा कंपनी 5 वर्षों के लिए 20 वर्ष की आयु (20 वर्ष की उम्र होने के बाद पॉलिसी की वर्षगांठ पर) पूरा होने के बाद हर साल बीमित रकम का 15% का भुगतान करेगी। बचा हुआ 25% शेष योजना परिपक्वता पर भुगतान किया जाएगा।

जाहिर है की इन चारों विकल्पों का प्रीमियम भी अलग होगा| सबसे कम प्रीमियम पहले विकल्प का होगा और सबसे ज्यादा प्रीमियम होगा चौथे विकल्प का| आप एलआईसी जीवन तरुण प्रीमियम कैलकुलेटर यहाँ पर देख सकते हैं|

ध्यान आपका परिपक्वता लाभ इतना ही नहीं है| इसके अलावा आपको हर वर्ष सरल प्रत्यावर्ती बोनस (Simple Reversionary Bonus) और पालिसी मेच्योरिटी के समय Final Additional bonus (FAB या अंतिम अतिरिक्त बोनस) भी मिलेगा|

एक बात का ध्यान दें की सरल प्रत्यावर्ती बोनस की घोषणा तो हर वर्ष होती है परन्तु मिलता वह आपको केवल पालिसी मेच्योरिटी के समय ही है| अंतिम अतिरिक्त बोनस (FAB) की घोषणा पालिसी मेच्योरिटी के वर्ष ही होती है|

सरल प्रत्यावर्ती बोनस (Simple Reversionary Bonus) और Final Additional bonus (FAB या अंतिम अतिरिक्त बोनस) के बारे में विस्तार से चर्चा मैंने इस पोस्ट में करी है

एलआईसी जीवन तरुण: मृत्यु लाभ (LIC Jeevan Tarun: Death Benefit)

जीवन कवर आपके बच्चे की आयु पर है |

मृत्यु लाभ जोखिम के प्रारंभ की तारीख (Risk Commencement Date) पर निर्भर करता है।

जोखिम बच्चे के 8 वर्ष की आयु होने पर या पालिसी लेने के दो वर्ष के बाद (जो भी पहले हो जाए) पर शुरू होगा|

यदि पॉलिसीधारक (बच्चे) की मृत्यु जोखिम के प्रारंभ होने से पहले हो जाती है (death before risk commencement date), तो एलआईसी केवल भुगतान किये गए प्रीमियम लौटा देगा। एलआईसी बीमा राशि का भुगतान नहीं करेगा।

यदि बच्चे की मृत्यु जोखिम के प्रारंभ होने के बाद होती है(death after risk commencement date), तो आपको बीमित रकम का 125% + निहित प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) मिलेगा |

आप चाहें तो, एलआईसी प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर (LIC Premium Waiver Benefit Rider: UIN: 512B204V01) इस प्लान में जोड़ सकते हैं|

ऐसा करने पर आपकी मृत्यु होने पर भविष्य के सारे प्रीमियम माफ़ कर दिए जायेंगे| इसका मतलब आपकी अनुपस्तिथि में आपके परिवार को इस प्लान का कोई प्रीमियम नहीं देना होगा और योजना के अनुसार आपके बच्चे को 20 से 25 वर्ष की आयु में राशि दी जायेगी|

पर हाँ, यह राइडर लेने की लिए आपको अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा|

क्या आपको अपने बच्चे के लिए एलआईसी जीवन तरुण लेना चाहिए?

LIC Jeevan Tarun में कुछ समस्याएं हैं|

जीवन बीमा आपके बच्चे के जीवन पर है| मुझे बच्चे के लिए जावन बीमा लेने का कोई भी फायदा समझ नहीं आता| बीमा बच्चे का माता-पिता (के जीवन) को लेना चाहिए, जिससे की उनके न रहने पर आर्थिक समस्यायों की वजह से उनकी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े|

अगर आपको कुछ हो गया तो,  इस पालिसी से कुछ नहीं मिलेगा क्योंकि बीमा तो आपके बच्चे के जीवन पर है|

आपकी अनुपस्तिथि में इस प्लान के प्रीमियम कौन भरेगा और प्रीमियम नहीं भरेंगे तो पालिसी अपने आप लैप्स हो जायेगी|
बच्चे के जीवन पर बीमा लेने से शायद थोड़े रिटर्न बेहतर होंगे, पर तब भी मेरे अनुसार ऐसे जीवन बीमा प्लान का कोई भी फायदा नहीं है|

इसीलिए मेरे अनुसार एलआईसी जीवन तरुण को लेना एक अच्छा निर्णय नहीं होगा|

अगर तब भी आप यह पलना लेना चाहते हैं, एलआईसी प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर (LIC Premium Waiver Benefit Rider: UIN: 512B204V01) को अपने प्लान के साथ अवश्य जोडें| आपकी अनुपस्तिथि में कम से कम प्रीमियम की चिंता तो नहीं करनी होगी|

रिटर्न भी कम मिलेगा |
अब यह सभी पारंपरिक जीवन बीमा (Traditional Life Insurance Plan) के साथ समस्या है|

एलआईसी जीवन तरुण कोई अपवाद नहीं है|

वैसे तो रिटर्न एलआईसी द्वारा घोषित रिटर्न पर निर्भर करता है| परन्तु आपको इस प्लान में 6-7% p.a. से ज्यादा रिटर्न नहीं मिलेगा|

और यह रिटर्न भी एलआईसी प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर (LIC Premium Waiver Benefit Rider: UIN: 512B204V01) लेने से पहले है| अब क्योंकि एलआईसी जीवन तरुण को इस राइडर के बिना लेना बेवकूफी है और इस राइडर की भी कुछ लागत होगी, तो आपके रिटर्न और भी कम हो जायेंगे|

अब आप ही देखिये क्या एक लम्बी अवधि के निव्वेश के लिए 5-7% p.a. रिटर्न काफी है|

मेरे अनुसार तो नहीं है|

पढ़ें: LIC Jeevan Shanti (एलआईसी जीवन शांति): LIC का नया सिंगल प्रीमियम पेंशन प्लान

आपको क्या करना चाहिए?

मेरे अनुसार आपको एलआईसी जीवन तरुण में निवेश नहीं करना चाहिए| बच्चे के जावन पर बीमा लेने का कोई फायदा नहीं है| रिटर्न भी अच्छे नहीं मिलेंगे|

बेहतर होगा की आप अपने लिए जावन बीमा लें| टर्म इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए| सस्ता भी पड़ेगा और आपको जीवन बीमा भी पर्याप्त मिल सकता है|

बच्चे की पढाई के निवेश के लिए आप पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना या किसी और जगह निवेश कर सकते हैं| अब क्योंकि बच्चे की उच्च शिक्षा में अभी काफी समय है, तो आप कुछ निवेश इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में भी कर सकते हैं|

जी हाँ, आप अपने बच्चे के लिए पीपीएफ खाता खोल सकते हैं|

पढ़ें: क्या आपको अपने बच्चों के लिए पीपीएफ खाता खोलना चाहिए?

परन्तु अगर आपने एलआईसी जीवन तरुण को लेने का मनन बना लिया है, तो उस प्लान में एलआईसी प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर (LIC Premium Waiver Benefit Rider: UIN: 512B204V01) को जोड़ना न भूलें|

सौजन्य: www.PersonalFinancePlan.in

एलआईसी के दूसरे प्लान के बारे में जानकारी

एलआईसी जीवन शांति (LIC Jeevan Shanti): LIC का नया सिंगल प्रीमियम पेंशन प्लान

एलआईसी जीवन अक्षय (LIC Jeevan Akshay): एक बार प्रीमियम, पूरे जीवन पेंशन

एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

अन्य उपयोगी पोस्ट या लिंक

LIC प्रीमियम कैलकुलेटर

कौन से हैं बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Insurance Plan)

किस प्रकार का जीवन बीमा लेना चाहिए?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

Filed Under: LIC, Life Insurance Tagged With: Lic Jeevan tarun in hindi, एलआईसी जीवन तरुण, एलआईसी जीवन तरुण पूरी जानकारी, एलआईसी जीवन तरुण प्रीमियम कैलकुलेटर, जीवन तरुण 834, जीवन तरुण पालिसी, जीवन तरुण प्लान

सेक्शन 80C के तहत इनकम टैक्स बचाने के 15 आसान तरीके

Last updated: दिसम्बर 28, 2017 | by दीपेश 6 Comments

जैसे जैसे वित्तीय वर्ष का अंत निकट आता है, वैसे ही हमारी टैक्स बचत के तरीकों की खोज शुरू हो जाती है| अब टैक्स बचाने के कई तरीके हैं|

आपको क्या करना चाहिए? टैक्स कैसे बचाएँ?

सभी के लिए शायद एक ही सुझाव सही नहीं हो सकता| सब को अपनी परिस्थितियों के अनुसार निवश के विकल्प को चुनना चाहिए’|

पिछली पोस्ट में मैंने हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर जो टैक्स बेनिफिट मिलते हैं उस पर चर्चा करी थी|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस (स्वाश्थ्य बीमा) खरीदने पर कितना टैक्स बचा सकते हैं?

इस पोस्ट में मैं चर्चा करूंगा Section 80C के तहत मिलने वाले टैक्स बचत के बारे में| जानेंगे की धारा 80C के तहत आपके पास क्या हैं टैक्स बचत के तरीके|

धारा 80 C  के योग्य योग निवेश उत्पादों में निवेश कर आप अपनी कर योग्य आय को 1.5 लाख तक से घटा सकते हैं। 30% टैक्स स्लैब में आने वाले निवेशकों के लिए इस मतलब है 46,350 रुपये की बचत|

कृपया ध्यान दें कि आप प्रति वर्ष 80 C उत्पादों में 1.5 लाख से अधिक भी निवेश कर सकते हैं। परन्तु कर लाभ केवल 1.5 लाख तक सीमित होगा।

उदाहरण के लिए, आपने पीपीएफ में 50,000 रुपये, ईपीएफ में 60,000 रुपये और ईएलएसएस में 1 लाख रुपये का निवेश किया है। हालांकि कुल निवेश 2.1 लाख रुपये है, धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट केवल 1.5 लाख तक सीमित होगा

आमतौर पर, सभी धारा 80 C  के सभी टैक्स बचत के तरीकों में  लॉक-इन होता है। इसका मतलब कुछ समय तक आपका पैसा अटक जाता है|

आईये कुछ लोकप्रिय निवेश उत्पादों को देखते हैं, जिनमें निवेश करने पर आपको Section 80क के तहत टैक्स बचत का लाभ मिलता है|

#1 पीपीएफ (Public Provident Fund or PPF)

आप अपने, पति/पत्नी या बच्चों के PPF खातों में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|

माता-पिता या भाई-बहनों के पीपीएफ खाते में निवेश करने पर कोई टैक्स बचत नहीं होती।

पीपीएफ खाता खोलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से 15 वर्षों में परिपक्व होता है| इसलिए, पहले वर्ष का निवेश 15 साल के लिए लॉक हो जाएगा, दूसरे वर्ष का निवेश 14 साल के लिए लॉक हो जाएगा।

पीपीएफ खाता परिपक्व होने पर पांच वर्षों के ब्लाक में खाते की अवधि बढ़ा सकते हैं|

पढ़ें: पीपीएफ खाते के बैर में पूरी जानकारी

पीपीएफ खाते से मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता| साथ ही परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता|

वित्त मंत्रालय हर तिमाही ब्याज दर सूचित करता है।

अभी ब्याज दर 7.6% p.a. हो गयी है|  (January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

पढ़ें: PPF में interest (ब्याज) कैसे कैलकुलेट होता है?


#2 कर्मचारी भविष्य निधि / स्वैच्छिक भविष्य निधि (Employee Provident Fund / Voluntary Provident Fund)

अगर आप सैलरी पाते हैं, तो शायद इसमें आप पहले से ही निवेश कर रहे हैं| राशि स्वचालित रूप (automatically) से आपके वेतन से काट ली जाती है और ईपीएफ में निवेश की जाती है। आप अपनी सैलरी स्लिप की जांच कर सकते हैं कि आप प्रति माह कितना ईपीएफ में निवेश कर रहे है |

एक बात और, अगर आप नौकरी कर रहे हैं, तो शायद आपका EPF में पहले से ही योगदान जा रहा हो| अब क्योंकि ईपीएफ में निवेश करने पर Section 80C के तहत लाभ मिलता है, तो कुछ निवेश तो आपका पहले ही अपने आप हो चुका है| 1.5 लाख की टैक्स सीमा तक पहुचने के लिए आपको केवल बची हुई राशि ही निवेश करनी है| आप बाद में शेष निवेशों की योजना बना सकते हैं।

कृपया ध्यान दें कि केवल आपका  योगदान ही धारा 80 सी के तहत कर लाभ के योग्य है। आपके एम्प्लायरद्वारा आपके EPF में योगदान पर धरा 80C के तहत लाभ नहीं मिलता| आप अपने अनिवार्य ईपीएफ योगदान से अधिक योगदान भी कर सकते हैं। यह योगदान (वीपीएफ) धारा 80 सी के तहत टैक्स बचत के योग्य है।


#3 इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस)

ईएलएसएस एक प्रकार के इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड होते हैं और निवेश करने पर 3 वर्ष का लॉक-इन पीरियड होता है| काफी लोग ईएलएसएस को tax-saving mutual fund के नाम से जानते हैं।

ध्यान दे, प्रत्येक निवेश पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।

भले ही आप SIP  (सिस्टममैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से निवेश कर रहे हों, लेकिन SIP  की प्रत्येक किश्त को 3 साल तक लॉक कर दिया जाएगा। यदि पहली किश्त 15 जनवरी 2018 की है, तो इस किश्त से खरीदी गयी यूनिट्स आप 15 जनवरी 2021 तक खरीदे गए यूनिट्स  को नहीं बेच सकते हैं। दूसरी किस्त (15 फरवरी, 2018) से खरीदी गयी यूनिट्स आप 15 फरवरी, 2021 तक नहीं बेच सकते|

क्योंकि ईएलएसएस (ELSS) यूनिट्स को आप 3 वर्ष से पहले नहीं बेच सकते, तो ऐसी यूनिट्स बेचने पर होने वाले फायदे पर आपको टैक्स नहीं देना होता| ऐसा इसलिए क्योंकि इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स को एक साल बाद बेचने पर कोई टैक्स नहीं देना होता|

पढ़ें: ईएलएसएस (ELSS) के बारे में कुछ दिलचस्प बातें


#4 टर्म लाइफ इंश्योरेंस (Term Life Insurance)

टर्म लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा खरीदना का सबसे अच्छा तरीका है|

एक टर्म कवर के साथ आप कम लागत पर काफी अधिक कवर खरीद सकते हैं। अगर आपको कभी कुछ हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में यह राशि आपके परिवार के काफी काम आएगी|

आपके पास हमेशा पर्याप्त जीवन बीमा होना चाहिए।

स्वस्थ 30 वर्षीय पुरुष के लिए 1 करोड़ रुपये के कवर के लिए वार्षिक प्रीमियम लगभग 7,000-10,000 होगा।

ध्यान दें टैक्स बेनिफिट लेने की लिए आपको हर वर्ष नया प्लान लेने की आवश्यकता नहीं है| आपका रिन्यूअल (renewal) प्रीमियम (जो आप पालिसी चालू रखें के लिए हर वर्ष देते हैं) भी धारा 80C के तहत योग्य है|

पढ़ें: 5 बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान


#5 यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान, Unit Linked Insurance Plans (ULIPs)

यूलिप जीवन बीमा योजनाओं का एक रूप है, जिसमें निवेश का लाभ भी मिलता है। प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन कवर प्रदान करने की ओर जाता है, जबकि बचा हुआ हिस्सा आपके इच्छा के अनुसार फण्ड में निवेश कर दिया जाता है। पूरे प्रीमियम पर धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है।

पांच साल का लॉक-इन होता है। इसका मतलब है कि आप पॉलिसी के प्रारंभ होने की तारीख से पांच साल तक अपना पैसा नहीं ले सकते। इसलिए, आपका पहला वार्षिक प्रीमियम 5 साल के लिए लॉक-इन किया जाएगा, दूसरा प्रीमियम 4 साल के लिए। छठी  किश्त से कोई लॉक-इन नहीं है ।

ध्यान से आप पांचवे वर्ष के अंत तक किसी भी तरह से पैसे नहीं निकाल सकते, भले ही आप अपनी पालिसी को बंद कर दें|

धारा 80 सी के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं तो धारा 80 सी के तहत मिले टैक्स लाभ की वापिस ले लिए जाएगा।

पढ़ें: किस प्रकार का जीवन बीमा खरीदें?


#6 पारंपरिक जीवन बीमा योजनाएं / मनी बैक योजनाएं (Traditional Life Insurance Plan)

मेरे अनुसार ऐसे प्लान से दूर ही रहे| ऐसे प्लान में जीवन बीमा भी कम मिलता है और रिटर्न भी कम होते हैं|यदि आप दो साल के लिए प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं तो कर लाभ रिवर्स (reverse) कर दिया जाएगा।

पढ़ें: एलआईसी न्यू जीवन आनंद के बारे में पूरी जानकारी

जीवन बीमा पॉलिसियों के बारे में एक बात पर ध्यान दें: यह बात यूलिप और ट्रेडिशनअल इंश्योरेंस प्लान पर भी लागू होती है। बीमित रकम (Sum Assured) के 10% से अधिक वार्षिक प्रीमियम आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं है। यह अप्रैल 1, 2012 के बाद खरीदी गई नीतियों के लिए है।

इसके अतिरिक्त, केवल स्वयं, पति या पत्नी और बच्चों के लिए जीवन बीमा प्रीमियम का भुगतान धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए पात्र है। माता-पिता और भाई-बहनों के जीवन बीमा के लिए प्रीमियम का भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है।


#7 5-वर्षीय बैंक की फिक्स्ड डिपॉज़िट (5-year Tax Saving Fixed Deposit)

आम तौर पर टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट (tax saver fixed deposit) के रूप में जाना जाता है।

इस फिक्स्ड डिपाजिट की अवधि 5 वर्ष होती है| इसका मतलब आप पांच साल से पहले इस जमा राशि को नहीं निकाल सकते। मिलने वाले ब्याज पर आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है|

पढ़ें: टैक्स बचाने के लिए ईएलएसएस और 5-वर्षीय फिक्स्ड डिपाजिट में किसमें करें निवेश?


#8 डाकघर 5-वर्षीय डिपॉज़िट

यह 5-वर्षीय बैंक की फिक्स्ड डिपॉज़िट के समान है । यदि 5 साल के अंदर जमा (टूटी हुई) वापस ले लिया जाता है तो कर लाभ वापस कर दिया जाएगा। ऐसे डिपाजिट के लिए ब्याज दर वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही (every quarter) घोषणा की जाती है।

ध्यान दे, जो डिपाजिट खोलते समय ब्याज दर है, वही आपको पूरे 5 साल मिलती है| ब्याज दर मिएँ बदलाव का आपके पुराने डिपाजिट पर नहीं पड़ता|

अभी यह दर  7.4% p.a. हो गयी है|(January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|


#9 राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, National Savings Certificate (NSC)

परिपक्वता (5 वर्ष या 10 वर्ष) से पहले कोई भुगतान नहीं है । समय से पहले पैसे वापसी की अनुमति नहीं है ।

ब्याज कर योग्य है हालांकि, अर्जित ब्याज एनएससी में निवेश को समझा जाता है और धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए पात्र है,

इसका मतलब  प्रत्येक वर्ष के ब्याज को एनएससी में निवेश माना जाता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही ब्याज दर सूचित करता है|

अभी एनएससी की ब्याज दर (NSC Interest Rate) 7.6% p.a. हो गयी है। (January 1, 2018)

ध्यान दें यह ब्याज दर हर तीन महीने पर बदल सकती है|

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|


#10 वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, Senior Citizen Savings Scheme (SCSS)

केवल वरिष्ठ नागरिक ही इस योजना में निवेश करने के लिए पात्र हैं। खाता 5 वर्षों में परिपक्व होता है। आंशिक वापसी (partial withdrawal) की अनुमति नहीं है । हालांकि, आप कुछ जुर्माना देकर अकाउंट को 5 वर्ष से पहले  बंद कर सकते हैं। समयपूर्व बंद होने के मामले में टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे।

हर तिमाही वित्त मंत्रालय द्वारा ब्याज दर अधिसूचित की जाती है|

अभी ब्याज दर 8.3% p.a. चल रही है| (January 1, 2018)

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|

पढ़ें: सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के बारे में पूरी जानकारी


#11 होम लोन पर प्रिंसिपल रीपेमेंट (Home Loan Principal Repayment)

अगर आपने होम लोन लिया है, तो उस लोन पर principal का भुगतान भी सेक्शन 80C के तहत लाभ के योग्य है|

ध्यान दें आप एक निर्माणाधीन प्रॉपर्टी (under-construction property) के लिए प्रिंसिपल के भुगतान पर टैक्स बेनिफिट नहीं ले सकते| घर का निर्माण पूर्ण होने के बाद ही आप कटौती का लाभ उठा सकते हैं ।

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए भी पात्र हैं। हालांकि, इस तरह के शुल्क के भुगतान के लिए कर लाभ केवल उस वर्ष में लिया जा सकता है जब आप भुगतान करते हैं।

एक बात और, जिसवर्ष आपको घर का possession मिलता है, उस वित्तीय वर्ष के अंत से 5 साल के भीतर अगर आप घर बेचते हैं, तो आपको मिले टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे|


#12 दो बच्चों के लिए ट्यूशन फीस

आप दो बच्चों तक के लिए ट्यूशन फीस पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। यदि आपके पास दो से अधिक बच्चे हैं, तो आप किसी भी दो के लिए दावा कर सकते हैं। भारत में स्थित विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल या अन्य शैक्षणिक संस्थान को फीस का भुगतान किया जाना चाहिए था।

बेनिफिट केवल पूर्णकालिक शिक्षा (full-time education)के लिए भी उपलब्ध है। निजी ट्यूशन, कोचिंग क्लास या किसी अंशकालिक कोर्स के लिए खर्च पात्र नहीं हैं।

अपनी शिक्षा या पति / पत्नी की शिक्षा के लिए खर्च भी टैक्स बेनिफिट के लिए पात्र नहीं है।


#13 सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana Account)

अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो आप अपनी बेटी के लिए यह खाता खोल सकते हैं। खाता 21 वर्ष बाद परिपक्व होगा| आप बेटी की शादी या पढाई के लिए भी पैसा निकाल सकते हैं|

अर्जित ब्याज कर योग्य नहीं है । परिपक्वता राशि भी कर-मुक्त है।

ब्याज दर की घोषणा हर तिमाही पर की जाती है|

अभी ब्याज दर 8.1% p.a. हो गयी है| (January 1, 2018)

नवीनतम ब्याज दर (interest rate) जानने के लिए आप इस पोस्ट पर जाएँ|

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें|

पढ़ें: सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में पूरी जानकारी


#14 बीमा कंपनियां से पेंशन योजनाएं (धारा 80 सीसीसी)

बीमा कंपनियों से पेंशन / वार्षिकी योजनाओं में निवेश के लिए आप प्रति वित्तीय वर्ष 1.5 लाख तक का लाभ ले सकते हैं।

यदि आप परिपक्वता से पहले पेंशन योजनाओं को सरेंडर करते हैं, तो मिलने वाली राशि को उस वर्ष की आयमाना जाएगा और आपको उस पर टैक्स देना होगा।

कृपया ध्यान दें कि धारा 80C और धारा 80 CCC के तहत कुल मिलाकर टैक्स बेनिफिट 1.5 लाख से अधिक नहीं हो सकता।


#15 राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस)/ अटल पेंशन योजना (धारा 80 CCD)

अब यहाँ दो हिस्से हैं|

पहला, 1.5 लाख तक सेक्शन 80CCD(1) के तहत| अब यह सेक्शन 80C के तहत लाभ के अन्दर ही आता है|

दूसरा, 50 हज़ार रुपये तक सेक्शन 80CCD(1B) के तहत| यह बेनिफिट सेक्शन 80C के अतिरिक्त है|

अटल पेंशन योजना में निवेश करने पर भी यही लाभ मिलेगा

पढ़ें: एनपीएस में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट

पढ़ें: अटल पेंशन योजना के बारे में पूरी जानकारी

यह थे कुछ उत्पाद जहां निवेश कर के आप Section 80C के तहत टैक्स लाभ ले सकते हैं| ध्यान दें यह पूरी लिस्ट नहीं है|

एक बात और, निवेश के फैसले को कभी भी सिर्फ टैक्स बेनिफिट से प्रेरित नहीं होना चाहिए। केवल टैक्स बचाने के लिए निवेश न करें| वह  निवेश करें जो आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उपयुक्त है। अगर टैक्स बेनिफिट मिलता है, तो सोने पे सुहागा|

अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगी हो, तो अपने परिवार और दोस्तों से अवश्य शेयर करें|

Source/Credit: PersonalFinancePlan.in

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance, Mutual Funds, NPS, PPF, Tax Planning Tagged With: section 80C tax benefits, इनकम टैक्स बचत, ईएलएसएस, एनपीएस, टैक्स कैसे बचाएं, टैक्स छूठ, टैक्स बचत के तरीके, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि scheme

हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (FY2019)

Last updated: अप्रैल 3, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप सभी स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) के लाभों से अवगत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की हेल्थ इंश्योरेंस ख़रीदने पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं|

साथ ही हेल्थ चेक-अप (health Checkup) कराने पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकतेहैं| तो हुआ न सोने पे सुहागा|

इसके अलावा कुछ विशिष्ठ परिस्तिथियों में लिए गए चिकित्सा के खर्चे पर भी टैक्स छूठ ली जा सकती है|

तो आईये जानते हैं विस्तार से इन इनकम टैक्स बचने के उपायों के बारे में|

#1 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit on Health Insurance Premium and Preventive Health Checkup under Section 80D in Hindi)

आप वित्तीय वर्ष के दौरान परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|

यह टैक्स बेनिफिट आपको आयकर की धारा 80D के तहत मिलता है|

अगर आपकी या आपकी पत्नी (पति) में से किसी की भी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो यह टैक्स बेनिफिट बढ़ कर 50,000 रुपये प्रति वर्ष हो जाता है| FY2018 तक यह बेनिफिट केवल 30,000 रुपये था|

साथ ही, आप अपने, पति/पत्नी और बच्चों के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का बेनिफिट ले सकते हैं|

पर हाँ कुल मिला कर हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और चेक-अप पर वर्ष में 25,000 रुपये (या 50,000 रुपये अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं) का टैक्स बेनिफिट ही ले सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कम करने के 8 तरीके


#2 माता-पिता  के स्वाश्थ्य बीमा और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रीमियम (धारा 80 D) (Tax Benefit for Health Premium and Preventive Health Checkup for Parents)

जी हाँ, आप अपने माता-पिता के लिए लिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

आपके माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर भी प्रति वित्तीय वर्ष 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

अगर माता-पिता में से कोई भी एक वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है। वित्तीय वर्ष 2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था|

आप माता-पिता के हेल्थ चेक-अप के लिए 5,000 रुपये तक का कर लाभ ले सकते हैं| पर जैसा की ऊपर लिखा है, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप दोनों को मिलाकर बेनिफिट 25,000 रुपये (या 30,000 रुपये ही हो सकता है)|


इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर टैक्स बेनिफिट चाहिए, तो स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए भुगतान नकद (cash) में न करें। अगर नकद में करेंगे, तो टैक्स बेनिफिट नहीं ले पायेंगे|
  • भुगतान बैंकिंग चैनल (चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि) के माध्यम से किया जाता है।
  • निवारक स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) के लिए भुगतान नकद में किया जा सकता है। और नकद भुगतान के लिए भी टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है|
  • भाई बहन के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है|
  • क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान और टॉप-अप और सुपर टॉप-अप बीमा प्लान के लिए भी प्रीमियम का भुगतान धारा 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट के योग्य है।
  • अगर आपने कई वर्षों के प्रीमियम (multi-year policy) का भुगतान एक ही साथ कर दिया है, तो प्रीमियम को बराबर हिस्सों में बाँट कर आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| मान लिए आपने दो साल की पालिसी के लिए 40,000 रुपये का भुगतान किया, तो आप उन  दो वर्ष में 20-20 हज़ार रुपयों का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

health insurance tax benefit FY2019 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

उदहारण 1

अगर आप 35 साल के हैं और आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 75,000 रुपये का लाभ ले सकते हैं ।

अपने, पति / पत्नी और बच्चों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 25,000 रुपये| और माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये|

उदहारण 2

आपके परिवार में 6 सदस्य हैं| आप (35 वर्ष ), आपकी पत्नी (35), आपके दो बच्चे (7,3), आपके माता-पिता (59, 62)| आपने अपने, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लिया है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 21,000 रुपये है|

आपके माता-पिता के इंश्योरेंस का प्रीमियम 32,000 रुपये है| साथ ही आपने परिवार के हेल्थ चेक के लिए 12,000 रुपये का खर्चा किया जबकि माता-पिता के लिए 16,000 रुपये का खर्चा किया|

health insurance tax benefit 2 हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट FY2019

आप देख सकते हैं की आपने कुल खर्चा 81,000 रुपये लिया परन्तु आपको टैक्स बेनिफिट केवल 62,000 रुपये का ही मिल पा रहा है|


#3 Uninsured वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा खर्च (> = 60 वर्ष) (धारा 80 D)

यदि आप (पति/पत्नी या आश्रित बच्चे) एक  वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) हैं और कोई स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस प्लान) नहीं खरीदा है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

साथ ही अगर आपके माता या पिता के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनकी चिकित्सा पर हुए खर्चे पर भी आप टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| पर यह तभी हो सकता है, जबकि उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है|

ध्यान दे कि ऐसे चिकित्सीय व्ययों पर टैक्स बचत केवल तब ही की जा सकती है जब संबंधित वरिष्ठ व्यक्ति के पास कोई स्वस्थ्य बीमा नहीं है|

कृपया ध्यान दें, स्वस्थ्य बीमा, हेल्थ चेक-अप और चिकित्सा खर्च, इस सभी के लिए कुल मिला कर 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ही ले सकते हैं|

माता-पिता के लिए अतिरिक्त 50,000 रुपये का टैक्स लाभ ले सकते हैं|

FY2018 तक यह टैक्स बेनिफिट 30,000 रुपये तक सीमित था| और केवल अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु) के लिए ही उपलब्ध था|

उदहारण 3

आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 वर्ष से अधिक है) लेकिन आपकी पत्नी की आयु 60 वर्ष से कम है| आपने अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्लान नहीं खरीदा है परन्तु  अपनी पत्नी के लिए एक खरीदा है|

आप अपने ऊपर हुए चिकित्सा खर्च, अपनी पत्नी के स्वास्थ्य बीमा और दोनों की स्वास्थ्य जांच के लिए 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

उदहारण 4

अगर आपके माता-पिता का कोई भी वरिष्ठ नागरिक हैं (आयु 60 से अधिक है) और uninsured है, तो आप प्रति वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के चिकित्सा खर्च के लिए कर लाभ ले सकते हैं।

जैसा कि ऊपर चर्चा करी है, माता-पिता के लिए प्रीमियम भुगतान, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा व्यय का कुल टैक्स बेनिफिट 50,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित है।

पढ़ें: 10 ऐसे खर्चे जो आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कवर नहीं करता


#4 कुछ विशिष्ठ बीमारियों के उपचार के लिए लागत (धारा 80DDB) (Treatment of specified illnesses under Section 80DDB)

अपने या आश्रित रिश्तेदारों के लिए इन बीमारियों पर हुए खर्च के लिए आप 40,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं।

यह आप  अपने, पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता या भाई-बहन के लिए कर सकते हैं|

एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के इलाज के लिए यह सीमा बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाती है। यह नियम FY2019 (1 अप्रैल 2018 से la

FY2018 तक यह सीमा एक वरिष्ठ नागरिक (> = 60 वर्ष) के लिए 60,000 और अति वरिष्ठ नागरिक (>=80 years) के लिए  80,000 रुपये थी।

पर हाँ, इस धरा के तहत आप लाभ तभी ले सकते हैं जबकि आपने किसी बीमा पालिसी के तहत इस खर्चे की प्रतिपूर्ति (reimbursement) न करी हो|

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको विशेषज्ञ डॉक्टर से एक प्रमाण पत्र देना होगा। दोनों , निजी और सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा। ऐसी बीमारियों की सूची नियम 11DD में प्रदान की गई है । कुछ प्रमुख बीमारियाँ हैं: cancer, dementia, chronic renal failure, Parkinson disease, Hemophilia etc.


#5 किसी आश्रित विकलांग परिजन की चिकित्सा के लिए खर्चा (धारा 80 DD)  Deduction for treatment cost of a dependent with disability (Section 80DD)

आश्रित परिजन से मतलब पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे या भाई-बहन हो सकते हैं।

यदि ऊपर लिखे परिजन में से कोई विकलांग है, तो चिकित्सा उपचार, नर्सिंग, प्रशिक्षण या पुनर्वास (rehabilitation) के लिए किये गए खर्चे पर 75,000 रुपये तक टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|

अगर आप ऐसे परिजन के मेंटेनेंस की लिए किसी स्कीम में पैसा लगा रहे हैं, तो वह राशि भी आप शामिल कर सकते हैं|

गंभीर विकलांगता के मामले में यह सीमा बढ़ कर 1.25 लाख रुपये हो जाती है। आपको एक मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा| अधिक विवरण के लिए, आयकर अधिनियम की धारा 80 DD और नियम 11 A देखें।


#6 विकलांग व्यक्ति के मामले में कटौती (धारा 80 U)

अगर करदाता स्वयं विकलांग है, तो वह धारा 80 U के तहत 75,000 रुपये का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। उपचार लागतों का इस लाभ से कोई संबंध नहीं है | गंभीर विकलांगता की स्तिथि में यह सीमा 1.25 लाख तक बढ़ जाती है।


#7 धारा 17 (2) के तहत चिकित्सा खर्च (केवल FY2018 तक)

आपके नियोक्ता (employer) द्वारा आपको और आपके परिवार के चिकित्सा उपचार के खर्चों के लिए भुगतान की गई राशि (प्रतिपूर्ति, reimbursement) पर 15,000 रुपये तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। परिवार में स्वयं, पति या पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं ।

यह छूट self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है। आपको अपने नियोक्ता को चिकित्सा बिल जमा करना होगा।

यह लाभ केवल FY2018 तक था| इसे वापिस ले लिया गया है|

FY2019 से आपको 40,000 रुपये तक का स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) मिलेगा| इसके लिए आपको कोई बिल जमा करने की ज़रुरत नहीं है| अगर आप सैलरी या पेंशन पाते हैं, तभी यह लाभ ले सकते हैं| यह लाभ self-employed के लिए उपलब्ध नहीं है।


हेल्थ इंश्योरेंस या चिकित्सा खर्च के लिए कितना टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं?

आपका छह (स्वयं, पति, दो बच्चों और माता-पिता) लोगो का परिवार हैं। अभिभावक वरिष्ठ नागरिक हैं आप निम्नलिखित के लिए कटौती (या छूट प्राप्त) का दावा कर सकते हैं:

  1. अपने, पति / पत्नी और बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर आप या आपके पति/पत्नी 60 वर्ष से अधिक हैं, तो यह सीमा 50,000 रुपये है|
  2. माता-पिता के लिए स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और के लिए 25,000 रुपये प्रति वर्ष। अगर माता-पिता में से किसी की आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो सीमा बढ़ कर 50,000 रुपये हो जाती है|

यदि आप या परिवार का कोई सदस्य किसी विशेष बीमारी से पीड़ित हैं या विकलांग हैं तो चिकित्सा खर्चों के लिए अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट लिए जा सकते हैं|

पढ़ें: हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

Source: www.PersonalFinancePlan.in

इमेज सौजन्य: Flickr

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance, Tax Planning Tagged With: health insurance, health insurance tax benefits in hindi, section 80D, टैक्स बचाने के तरीके, हेल्थ इंश्योरेंस और टैक्स बचत, हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बेनिफिट

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Interim pages omitted …
  • Page 4
  • Page 5
  • Page 6
  • Page 7
  • Page 8
  • Interim pages omitted …
  • Page 10
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

HindiFinance

Subscribe on Youtube




Join our Newsletter
Enter your email address and click on the Get Instant Access button.
Thank you for subscribing.
Something went wrong.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )
We respect your privacy

For any guest posts or advertising queries, please write to us at hindifinance@gmail.com

Popular Posts

  • अटल पेंशन योजना की पूरी जानकारी (Atal Pension Yojana in Hindi) (2022)
  • सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी जानकारी (Sukanya Samriddhi Yojana 2019)
  • नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बारें में पूरी जानकारी (Complete Information about NPS in Hindi)
  • PPF खाते के बारे में पूरी जानकारी (Complete Information about PPF Account in Hindi)
  • कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)?

(c) Copyright 2026 www.HindiFinance.com | Privacy Policy