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कैसे जोडें अपने म्यूच्यूअल फण्ड निवेश (Mutual Fund Investments) को अपने आधार कार्ड से?

Last updated: अगस्त 2, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

अब आपको अपने म्यूच्यूअल फण्ड निवेश (Mutual Fund Investments) को भी अपने आधार कार्ड से लिंक (link) करना होगा| आपको यह प्रक्रिया 31 दिसंबर, 2017 से पहले पूरी करनी है|

यह Prevention of Money Laundering Act (PMLA) नियमों में हाल ही में किये गए संशोधन ही वजह से हुआ है|

आइये देखते हैं की कैसे आप आसानी से यह काम घर बैठे हुए कर सकते हैं|

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड निवेश में नए हैं और म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में बिलकुल शुरुआत  से जानना चाहते हैं (basic knowledge), तो इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

कैसे लिंक करें अपने म्यूच्यूअल फण्ड निवेश (Mutual Fund Investment) को आधार कार्ड से?

रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर (R&T) एजेंट, CAMS ने ऐसी सुविधा ऑनलाइन मुहिया कराई है| CAMS बहुत सारी म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी को सपोर्ट करता है| CAMS की website पर जा कर आप एक साथ उन सारे mutual fund को अपने आधार से लिंक कर सकते हैं, जिनको CAMS support करता है|

CAMS ICICI, HDFC, SBI, Birla Sun Life, IDFC, DSP BlackRock सहित 15 mutual fund कंपनी के साथ काम करता है| आप इन सभी कंपनी के साथ अपना आधार कार्ड CAMS की website पर एक बार में अपडेट कर सकते हैं|

कैसे करें CAMS की वेबसाइट पर अपना आधार नंबर म्यूच्यूअल फण्ड निवेश से लिंक?

आइये देखते हैं|

  1. CAMS website पर शीर्ष पैनल पर ‘इन्वेस्टर सर्विसेस‘ (Investor Services)पर क्लिक करें| या फिर आप सीधे Investor Services लिंक पर जा सकते हैं
  2. और फिर बाएं पैनल पर ‘अपने आधार को लिंक करें’ (Link your Aadhaar)पर क्लिक करें।

Link Aadhaar Mutual Fund Investments Aadhaar card number 2

 

  1. अपने PAN, e-mail और आधार की जानकारी डालें| ऐसा करने पर वह सारे mutual fund कंपनी के नाम आ जायेंगे जहाँ आपने निवेश किया है (और CAMS उन्हें सेवा प्रदान करता है)| आप “All Funds” पर click करें| Submit करें|Link Aadhaar Mutual Fund Investments Aadhaar card number 1
  2. Submit करने पर CAMS UIDAI से आपके आधार की जानकारी लेगा और आपको उस मोबाइल नंबर (जो की आधार के साथ जुड़ा है) पर एक One Time Password (OTP) आएगा|
  3. अगले पेज पर OTP डालें| ऐसा करते ही आपका काम पूरा|How to Link Aadhaar number to Mutual Fund Investments Aadhaar card number 3
  4. आपको एक पुष्टिकरण सन्देश (confirmation message) दिखाई देगा|
  5. साथ ही क्योंकि CAMS ने आधार के database (UIDAI) से आपके बारे में जानकारी ली है, तो UIDAI भी आपको ऐसा एक e-mail भेजेगा|

How to Link Aadhaar number to Mutual Fund Investments Aadhaar card number 4

 

तो क्या ऐसा करने से आपका काम पूरा हो जाएगा?

अगर आपने केवल ऐसे म्यूच्यूअल funds में निवेश किया है जिनको CAMS सेवा प्रदान करता है, तो आपका काम पूरा हो गया|

परन्तु अगर आपने Reliance, Franklin, Axis, UTI, Mirae आदि की schemes में निवेश किया है, तो आपको थोडा और काम करना पड़ेगा|

CAMS के अलावा Karvy भी एक R&T एजेंट है, जो की तकरीबन 16 कंपनी को सेवा प्रदान करता है|

आपको Karvy की वेबसाइट पर भी ऐसी ही प्रक्रिया से करनी होगी| आप इस लिंक पर जा कर अपना आधार अपडेट कर सकते हैं|(https://www.karvymfs.com/karvy/Aadhaarlinking.aspx)

साथ ही Franklin और Sundaram के अपने अलग R&T एजेंट हैं| इसी प्रकार Franklin और Sundaram  भी अपनी वेबसाइट से आधार नंबर अपडेट कर सकते हैं|

साथ ही हर म्यूच्यूअल फण्ड वेबसाइट पर भी यह सुविधा उपलब्ध करा दी जायेगी| अगर चाहें तो वहां से भी अपना आधार अपडेट कर सकते हैं|

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में निवेश कर आप पा सकते हैं बेहतर रिटर्न?

पढ़ें: कैसे करें म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में निवेश? How to invest in Mutual Fund Direct plans?

Source

Relakhs.com

BasuNivesh.com

Economic Times

Filed Under: Aadhaar, Mutual Funds Tagged With: Aadhaar, linking aadhaar, Mutual Fund, mutual fund aadhaar linking hindi, म्यूच्यूअल फण्ड आधार कार्ड, म्यूच्यूअल फण्ड को आधार कार्ड से कैसे जोडें

कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)?

Last updated: मार्च 31, 2018 | by दीपेश 82 Comments

अगर आपके जीवन में कोई  भी (पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन या और कोई) आपकी income  पर निर्भर करते हैं, तो आपको जीवन बीमा योजना (life insurance policy) लेने की आवश्यकता हो सकती है|

जीवन बीमा कई तरीकों से खरीदा जा सकता है, जैसे की ULIP, traditional प्लान या टर्म इंश्योरेंस प्लान|

हम लोग एक लेख में देख चुके हैं की टर्म इंश्योरेंस प्लान (Term Life Insurance Plan) जीवन बीमा खरीदनेका सबसे अच्छा औए सस्ता तरीका है|

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान क्या है (टर्म इंश्योरेंस क्या है)?

टर्म इंश्योरेंस सबसे सरल भाषा में एक ऐसा  बीमा उत्पाद है  जो पॉलिसीधारक (policyholder) की मृत्यु की स्थिति में, परिवार को बीमा राशि (कवर राशि) प्रदान करता है। टर्म योजना एक निश्चित समय  (पॉलिसी अवधि / अवधि) के लिए जोखिम कवरेज प्रदान करती है ।

अगर बीमा पॉलिसी में में दिए गए  समय अवधि के दौरान मौत हो जाती  है और पॉलिसी सक्रिय है – या फ़ोर्स  में है – तो मृत्यु लाभ (death benefit) का भुगतान किया जाता है।

अगर पालिसी अवधि के दौरान धारक की मृत्यु नहीं होती, तो अवधि समाप्त होने पर धारक को कुछ भी नहीं मिलता|

टर्म इंश्योरेंस प्लान में कोई भी निवेश का हिस्सा नहीं होता|

अब बाज़ार में टर्म इंश्योरेंस प्लान की कमी नहीं है| हर इंश्योरेंस कंपनी का एक टर्म प्लान है|

तो आपको कौन सा टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना चाहिए|

सच में देखे तो आप किसी भी इंश्योरेंस कंपनी से टर्म प्लान खरीद सकते हैं| बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता|

जिस भी इंश्योरेंस कंपनी से आप comfortable हों, उस कंपनी से टर्म इंश्योरेंस ले सकते हैं|

हमने पिछली एक पोस्ट में देखा था की अगर आपका प्लान (जीवन बीमा) तीन साल पुराना है, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका claim reject नहीं कर सकती|

पढ़ें: अगर जीवन बीमा पालिसी तीन साल पुरानी है, तो क्लेम खारिज(claim reject)  नहीं होगा

कौन से हैं सर्वश्रेष्ठ टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)

हालाँकि आप कौनसी कंपनी से खरीदते हैं, इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, इस पोस्ट में, मैं भारत में कुछ बेहतरीन ऑनलाइन (Online) टर्म बीमा योजनाओं के बारे में चर्चा करुँगा।

ये सभी योजनायें ऑनलाइन के माध्यम से खरीदी जा सकती हैं।

ऑफ़लाइन (Offline) योजनाओं की तुलना में ऑनलाइन टर्म बीमा योजना लगभग 30-40% तक सस्ती हो सकती हैं|

कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से पूरी  प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ध्यान रखें अगर किसी वजह से इंश्योरेंस कंपनी आपकी मेडिकल जांच (medical check-up) करना चाहती है, तो वेह जांच ऑनलाइन (online) नहीं हो सकती|

खरीदी प्रक्रिया के दौरान आप एजेंट/सलाहकार के बहकावे से बच सकते हैं।

मैंने इन ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी का कैसे चुनाव किया?

मैंने चुनाव के लिए योजना का प्रीमियम और claim settlement ratio पर ध्यान दिया|

प्रीमियम कम है, तो अच्छा है|

Claim settlement ratio (क्लेम सेटलमेंट रेश्यो) यह दर्शाता है की कंपनी कितने क्लेम का सम्मान करती है| जाहिर है, जितना ज्यादा यह नंबर होगा, उतना ही आप इंश्योरेंस कंपनी में विश्वास कर सकते हैं|

साथ ही मैंने केवल इस बात पर ही ध्यान नहीं दिया की कितने प्रतिशत claim का भुगतान किया गया| मैंने claim settlement को राशि के हिसाब से भी देखा| यह जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसको देख कर ही हम जान सकते हैं की कहीं इंश्योरेंस कंपनी बड़े claim तो reject नहीं कर रही|

इस बारें में ज्यादा जानने की लिए आप इस लेख (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|

साथ ही मैंने बड़ी इंश्योरेंस कंपनी को चुनने का प्रयास किया है|

सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Online Term Insurance Plan)

  1. LIC e-Term प्लान  (एलआईसी ई-टर्म) (यह प्लान आपके लिए काफी महँगा रहेगा) (Review/समीक्षा पढ़ें)
  2. ICICI Pru Iprotect ISmart plan (Review/समीक्षा पढ़ें)
  3. Max Life Online Term Plan   (Review/समीक्षा पढ़ें)
  4. Aegon Religare iTerm Plan
  5. Tata AIA IRaksha Supreme

आईये जानते हैं की इन प्लान में 50 लाख का टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना रहेगा| साथ ही यह भी देखेंगे की अगर आपको ज्यादा राशि का कवर चाहिए (जैसे की 1 करोड़ का कवर), तो उसके लिए आपको कितना प्रीमियम देना होगा|

best term insurance plan hindi premium calculator टर्म इंश्योरेंस क्या है ऑनलाइन टर्म प्लान

ध्यान दें की यह प्रीमियम 30 वर्षीय स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए 30 साल की पालिसी अवधि के लिए हैं| विभिन्न वेबसाइट पर टर्म इंश्योरेंस कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, आप उन वेबसाइट पर जा कर अपने लिए प्रीमियम कैलकुलेट कर सकते हैं|

ध्यान दें यह प्रीमियम राशि जो बताई गयी है, वह केवल बेसिक टर्म प्लान के लिए है| अगर आपको अपने प्लान से साथ कुछ इंश्योरेंस राइडर  भी लेना चाहते हैं, तो प्रीमियम भी बढ़ेगा| टर्म इंश्योरेंस राइडर के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को अवश्य पढ़ें|

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम आपकी आयु और पालिसी अवधि की आयु के साथ बढता है

टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम पूरी पालिसी अवधि के लिए एक सामान रहता है| पालिसी लेते समय ही प्रीमियम का फैसला हो जाता है और पूरी अवधि वही प्रीमियम रहता है|

अब यह प्रीमियम कितना होगा, यह आपकी आयु और पालिसी अवधि पर निर्भर करता है|

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम आपकी आयु का साथ बढ़ता है| इसका मतलब 45 वर्ष की आयु के व्यक्ति का प्रीमियम 30 वर्ष की आयु के व्यक्ति के प्रीमियम से ज्यादा होना चाहिए|

साथ ही पालिसी अवधि के साथ प्रीमियम भी बढ़ता है| जैसे की,  एक व्यक्ति के लिए 15 वर्ष की अवधि के टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम 30 वर्ष की अवधि के प्रीमियम से कम होगा|

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कहीं आपका PAN Card रद्द तो नहीं हो गया? आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं|

by दीपेश Leave a Comment

आयकर विभाग ने हाल ही में  लाखों पैन कार्ड (PAN Card) deactivate कर दिए हैं|

नियमानुसार एक व्यक्ति पर केवल एक ही पैन card हो सकता है|

आयकर विभाग के अनुसार ऐसे पैन कार्ड जो इस नियम का उल्लंघन करते हैं, उन्हें रद्द कर दिया गया है| साथ ही ऐसे PAN card भी रद्द (deactivate) किये गए हैं जो गैर-मौजूद व्यक्तियों के नाम पर जारी किये गए हैं|

अथार्थ आयकर विभाग ने फर्जी PAN कार्ड रद्द (deactivate) करने की कोशिश की है|

अब गलती तो किसी से भी हो सकती है, आयकर विभाग से भी| हो सकता कुच्साही लोगों के PAN कार्ड भी रद्द कर दिए गए हों|

शायद आपका भी|

इसीलिए आपके लिए यह जानन ज़रूरी है की कहीं आपका कार्ड तो deactivate नहीं कर दिया गया?

अच्छी बात यह है की आप यह सब ऑनलाइन (online) check कर सकते हैं|

ऑनलाइन पैन कार्ड validity की जांच कैसे करें? 

#1 पहले इस लिंक पर जाये – Income tax e-filing portal

#2 ‘Know your PAN‘  पर click करें

PAN Card Validity 1

#3 आपको कुछ details देने होंगे और उसके बाद ‘submit’ बटन पर क्लिक करें। ध्यान रहे कि आपके द्वारा दी गई जानकारी सही हो|

PAN Card Validity 2 How to check if PAN Card is valid 2

#4 आपको अपने मोबाइल पर एक OTP पासवर्ड मिलेगा, उस OTP  को दर्ज करे और ‘validate’ बटन पर क्लिक करें|

PAN Card Validity 3 How to check if PAN Card is valid 3

#5 यदि आपका पैन कार्ड ‘active status ‘ में है, तो आपको नीचे  दिए गए पेज पर दिखेगा।

PAN Card Validity 3 How to check if PAN Card is valid 3

#6 यदि आपके पास आपके के साथ एक से अधिक पैन कार्ड हैं (या फिर आपके नाम और जन्म तिथि वाले और भी लोग हैं और उनके नाम पर भी PAN card हैं), तो आपको यह संदेश मिलेगा- “There are multiple records for this query. Please provide additional information.” आपको अपने पैन कार्ड जानने के लिए अपने पिता के नाम जैसे अधिक जानकारी प्रदान करनी होगा।

अगर किसी वजह से आपका card  रद्द कर दिया गया है, ओ आपको assessing  officer (AO) से संपर्क करना होगा| अपना PAN कार्ड चालू करने के लिए आपको कुछ दस्तावेज़ देने होंगे (indemnity bond, पिछले तीन साल के income tax return आदि)

एक और तरीका भी है अपना PAN status जानने का

अगर आपने income tax पोर्टल पर रजिस्टर किया हुआ है, तो आप ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉगिन करके अपने पैन कार्ड की स्थिति की जांच भी कर सकते हैं|

आप -> Profile Settings -> My Profile -> PAN Details पर जा कर अपना PAN status check कर सकते हैं|

Credit/Source

Relakhs.com

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कैसे कर रहा है SBI Mutual Fund निवेशकों को गुमराह?

Last updated: अप्रैल 15, 2018 | by दीपेश 8 Comments

कुछ समय पहले मैंने SBI Mutual Fund का एक विज्ञापन देखा था जिसमें equity mutual fund से  Systematic Withdrawal Plan (SWP) करने का सुझाव दिया गया था|

उस विज्ञापन के अनुसार अगर आपको नियमित आय (regular income) चाहिए तो equity mutual fund से SWP करना एक Fixed Deposit (FD) की तुलना में बेहतर विकल्प है| SBI Mutual Fund ने एक उदाहरण की सहायता से यह समझाने की कोशिश करी|

इस पोस्ट में आईये देखते हैं की SBI Mutual Fund क्यों गलत है| ऐसे विज्ञापनों से निवेशक केवल गुमराह होंगे|

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? What is Mutual Fund in Hindi?

SBI Mutual Fund का विज्ञापन किस बारे में था?

सीधे दिए गए उदाहरण पर आतें हैं|

मान लिए आप एक equity म्यूचुअल फंड और bank fixed deposit में 50 लाख रुपये का निवेश करते हैं|

Equity funds शेयर बाजार से जुड़े रिटर्न प्रदान करते हैं जबकि  Bank Fixed deposit में  एक निश्चित  7.2% प्रति वर्ष return मिलता है।

आप प्रति माह equity fund से 30,000 रुपये निकालते हैं। इसका मतलब की आप हर महीने 30,000 रुपये की units बेच देते हैं|ऐसा आप एक Systematic withdrawal plan (SWP) के द्वारा कर सकते हैं|

ध्यान दे यहाँ बात SBI Mutual Fund से SWP के बारे में हो रही है, न की SIP (Systematic Investment Plan) के बारे में| SIP में आप हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करते हैं, जबकि SWP में आप एक निश्चित राशि निकालते हैं|

बैंक Fixed deposit के मामले में 30,000 रुपये आपको मासिक ब्याज मिलेगा|

इसलिए, दोनों निवेशों से pre-tax income 30,000 रुपये per month होगी।

Equity Fund में आपको मुनाफे पर 15% capital gains टैक्स देना होना (short term)| Fixed Deposit के ब्याज पर आपको अपने टैक्स bracket के हिसाब से टैक्स देना होगा|

SBI MF SWP advertising

Equity mutual fund से SWP करने पर पूरे साल में आप केवल 3,233 रुपये  का capital gains tax देते हैं|

इसका मतलब पूरे साल में आपकी net income हुई 3.57 लाख रुपये (3.6 लाख रुपये – 3,233 रुपये)|

अगर आपने 50 लाख रुपये FD में लगाये होते, तो आपकी आमदनी होती 3.6 लाख रुपये| पर अगर आप 30% अक्स bracket में हैं, तो आपको इस पर 30% टैक्स देना होता| तो टैक्स देने के बाद आप पर बचते 2.49 लाख रुपये|

अगर तुलना करें, equity fund से SWP में 3.57 लाख और FD में 2.49 lakhs|

और यही नहीं, equity fund में साल के आखिर में आपके निवेश की value 52.35 लाख हैं| FD तो ५० लाख का ही है|

तो गर देखे तो, equity फण्ड में SWP करने से आप बेहतर cash flow  प्राप्त करते हैं, कम tax  देते हैं और आपके निवेश का मूल्य भी ज्यादा है।

आपको और क्या चाहिए?

क्या इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड से SWP एक fixed deposit से अच्छा विकल्प है?

नहीं, ऐसा नहीं है। आइये देखते हैं क्यों?

पढ़ें: कैसे चुनाव करें अपने लिए बेस्ट म्यूच्यूअल फण्ड का?

पढ़ें: 2018 में निवेश करने के लिए बेस्ट म्यूच्यूअल फण्ड (Best Equity Mutual Funds for 2018)

क्या कमी है और क्या चीज़ छुपायी गयी है इस विज्ञापन में?

विज्ञापन में यह माना गया है की निवेशक (investor) 30% tax  ब्रैकेट में  आता है । यह भी हो सकता है की Investor बहुत कम टैक्स ब्रैकेट में हो।

उदाहरण के लिए, यदि आप 20% टैक्स ब्रैकेट में आते है, तो आपका कुल 74,160 रुपये (फिक्स्ड डिपॉजिट के मामले में) का टैक्स देना होंगा। इसका मतलब आपको मिलेंगे 2.86 लाख रुपये|

परन्तु इससे भी महत्वपूर्ण एक और पहलु है|

महत्वपूर्ण पहलू 

SBI MF ने उस अवधि को उठाया है जब  शेयर बाज़ार ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

AMC ने 1 मई, 2016 से 1 मई, 2017 तक की अवधि को उठाया, जब Nifty 7806 से बढ़कर 9313 हो गई, जो 19.3% की बढ़त है।

अब चलिए SWP की एक ऐसी अवधी चुनते हैं जब की शेयर मार्केट ने अच्छा न किया हो| ध्यान रखें जबाप निवेश करते हैं अब आपको पता नहीं होता की शेयर बाज़ार में कैसे रिटर्न आने वाले हैं|

आप 1 मार्च 2015 को lump sum निवेश करते हैं और अगले एक साल के लिए हर महीने 30,000 रुपयेकी units बेचते हैं (SWP के द्वारा)|

मैंने 50 लाख रुपये के निवेश के लिए SBI BlueChip Fund को चुना है।

अब देखिये|

SBI MF SWP equity fund advertising 3

आपके पास साल के आखिर में केवल 41.68 लाख रुपये बचे हैं|

FD में आपके पास 50 लाख रुपये बचे होते|

आपको SWP से बेहतर cashflow (आय) तो मिला होगा पर आपका तकरीबन 20% निवेश गायब हो गया|

ध्यान रखें इससे ज्यादा नुक्सान भी हो सकता था|

अब सोचिये यह नुकसान आपको रिटायरमेंट के दौरान होता है, तो आपको कितनी परेशानी हो सकती है। आखिर आपको अपने निवेश से नियमित आय की ज़रुरत रिटायरमेंट के दौरान ही तो पड़ेगी|

आप देख सकते हैं की SBI Mutual फण्ड ने कितनी चालाकी से वेह समय चुना जब की शेयर बाज़ार ने अच्छा किया|

ध्यान रखें

  1. शेयर बाजार इस से भी खराब रिटर्न दे सकता हैं|
  2. बाजार अगले 1 साल या अगले कुछ वर्षों कैसा प्रदर्शन करेगा, इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है। निवेश करते समय, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि एक बाजार का एक खराब चरण (bad phase) आपकी आर्थिक स्तिथि को इतना कमजोर न कर दे, की आप उससे उबर ना पायें।

क्या Systematic withdrawal plan (SWP) एक बुरा विचार है?

नहीं, Systematic withdrawl plan (SWP) कोई बुरा विचार नहीं है।

पर SWP एक equity mutual fund से करना एक बुरा विचार है| और यहीं SBI Mutual Fund ने निवेशकों को गुमराह करने की कोशिश करी है|

SWP हमेशा केवल एक Debt mutual फण्ड से ही करें| Debt mutual फण्ड का चुनाव भी सही से करें|

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड सिप (Mutual Fund SIP) क्या है? क्या हैं फायदे?

क्या सीख है आपके लिए?

Equity mutual fund निवेश करने का एक अच्छा तरीका  हैं। परन्तु Equity mutual funds (इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड) में केवल लम्बी अवधि के लिए ही निवेश करना चाहिए| कम समय में नियमित आय देने के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है|

SBI Mutual Fund द्वारा लापरवाही से बनाये गए विज्ञापन से बहुर सारे निवेशक गुमराह हो सकते हैं और बादमें उन्हें निराशा का सामना भी करना पड़ सकता है|

यहाँ शायद SBI mutual fund के लिए भी सीख है|  ऐसे गैर-ज़िम्मेदार विज्ञापनों से वह केवल निवेशकों को ही नहीं बल्कि पूरी  म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री को नुक्सान पहुँचा रहे है|

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान क्या हैं?

पढ़ें: म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में कैसे करें निवेश?

Filed Under: Financial Planning, Mutual Funds, Tax Planning Tagged With: equity mutual funds, regular income, sbi mutual fund, sbi mutual fund in hindi, Systematic withdrawal plan

जानिए शिक्षा लोन (Education Loan) पर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट्स (Tax Benefits)

Last updated: जनवरी 8, 2018 | by दीपेश 6 Comments

Higher education (उच्च शिक्षा) का खर्चा बढ़ता ही जा रहा है| अच्छी बात यह है की आपको higher education के लिए लोन मिल जाता है|

साथ ही शिक्षा के लिए लोन (education loan) की अदायगी पर आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलता है| इससे आपकर क़र्ज़ का भर कुछ हद तक कम हो जाता है|

इस पोस्ट में मै शिक्षा लोन के भुगतान पर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट्स पर चर्चा करूँगा|

शिक्षा लोन के वापसी भुगतान के लिए क्या है कर लाभं? (Tax Benefits of Education Loan)

  1. शिक्षा लोन के ब्याज के भुगतान (interest payment) पर आयकर अधिनियम की धारा 80 E (Section 80E of the Income Tax Act) के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। ब्याज आपकी income से घटा दिया जाता है|
  2. ध्यान रखें टैक्स लाभ केवल ब्याज भुगतान के लिए है| Principal के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है| Tax benefit only for interest payment and not for principal repayment
  3. इस टैक्स बेनिफिट पर कोई उपरी लिमिट भी नहीं है (No cap)| आप कितना भी ब्याज दे रहे हों, सारे भुगतान पर टैक्स बेनिफिट मिलेगा|

ऐसे मिलने वाले टैक्स लाभं से आपके शिक्षा लोन की लागत कम हो जाती है। अथार्थ आप पर ब्याज का भार कम हो जाता है|

यदि आप 20% व।ली टैक्स सूची मे आते हैं (20% tax bracket) , तो effective लागत 7.94% P.a. हो जाती है। यदि आप 10% व।ली टैक्स सूची टैक्स में हैं, तो प्रभावी लागत 8.97% p.a. हो जाती है।

पढाई के लिए मैं कितने समय तक टैक्स का लाभ ले सकता हूं?

आपको 8 साल के लिए टैक्स लाभ मिलता है|

परन्तु ध्यान रखें यह 8 साल लोन लेने के साथ शुरू नहीं होते| यह 8 साल तब से गिने जाते हैं, जब से आपने लोन का भुगतान शुरू किया हो|

इसलिए, अगर आप वित्त वर्ष 2015 (FY 2015) में education loan लिया हैं और FY 2018 में भुगतान शुरू करते हैं , तो आप FY2025 तक कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

क्या सभी प्रकार शिक्षा की लोन में टैक्स का लाभ ले सकते हैं?

अगर आपको tax बेनिफिट चाहियें, तो कुछ बातों का ध्यान रखना होगा|

  1. आपको एक financial institution या approved charitable institution से लोन लेना होगा ।
  2. किसी रिश्तेदार या दोस्त से लोन टैक्स लाभ के लिए पात्र नहीं है।
  3. आप अपनी उच्च शिक्षा के उद्देश्य के लिए या अपने पति या पत्नी और बच्चों (self, spouse and kids) के उच्च शिक्षा के लिए लोन ले सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों की शिक्षा के लिए लिया गया ऋण, जिनकें आप कानूनी रूप अभिभावक हैं (legal guardian), उसमें आप टैक्स का लाभ ले सकगे।
  4. किसी और की शिक्षा के लिए लोन (जैसे की आपके भाई-बहन) पर आपको कोई टैक्स लाभ नहीं मिलेगा|
  5. विदेश में पढाई के लिए गए लोन पर भी टैक्स बेनिफिट मिलता है|

 मैंने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण लिया , क्या उसे कर लाभ मिल सकता है?

नहीं, ब्याज भुगतान पर टैक्स लाभ केवल उधारकर्ता (borrower) को ही मिलता है|

अगर आपने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए ऋण लिया है, तो केवल आपको टैक्स लाभ मिलेगा, आपकी बेटी को नहीं|

अगर आपकी बेटी ने लोन लिया होता, तो उसको लाभ मिलता, आपको नहीं|‌‌

Image Credit: Jeremy Jenum. Flickr.com

Filed Under: Financial Planning, Loans, Tax Planning Tagged With: education loan, tax benefits, taxes

Health Insurance (स्वास्थ्य बीमा) से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

by दीपेश Leave a Comment

आजकल की भाग दौड़ भरी  ज़िन्दगी में कब क्या हो जाये कुछ पता नहीं होता|

इसके लिए एक पर्याप्त हेल्थ कवरेज (health insurance) बहुत ही जरूरी होता है ।लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने पर पैसे की कमी पड़ सकती है और ऐसे बड़े खर्चे आपकी आर्थिक स्तिथि को कमज़ोर कर सकते हैं|

आज मैं इस पोस्ट में हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी  कुछ  मिथ्याओं और health इंश्योरेंस न लेने के कुछ बहानों पर चर्चा करूँगा|

 #1 मैं अभी फिट हूँ और मुझे Health Insurance की ज़रुरत नहीं है

ध्यान रखें अभी कुछ भी हो सकता है| आप कितने हीत हो, एक्सीडेंट (दुर्घटना) तो हो ह सकता है| ऐसे केस में अस्पताल का बिल कैसे भरेंगे| अगर health insurance नहीं है, ओ सारा बिल जेब से भरना होगा|

ध्या रखें की आप बीमा तभी ख़रीदे जब आपको जरुरत नहीं हो| क्योंकि जब आपको ज़रुरत हगी तब इंश्योरेंस कंपनी आपको बेचेगी नहीं|

एक बात मैंने गौर करी है, जब आप फिट होते हैं, तब इंश्योरेंस आसानी से मिल जाया है| जैसे ही कोई बीमारी हुई, इंश्योरेंस लेने में बहु परेशानी होती है|

#2 मेरे पास पहले से employer ग्रुप हेल्थ कवर है,मुझे personal हेल्थ प्लान की जरुरत नहीं है

काफी लोगो  से  मै यह सुनता हूँ । क्या आप भी ऐसा सोचते है ?

चलिए में आपसे कुछ सवाल पूछता हूँ, आपको अपने सवाल का जवाब शायद खुद ही मिल जाएगा|

1– क्या आपका employer कवर आपके परिवार को भी कवर करता है? क्या सिर्फ सिर्फ 2 या 3 लाख का कवर आपके परिवार के लिए काफी है ?

2 – यदि आपका एम्प्लॉयर अगले साल कवर कम करता है या फिर लागत में कटौती करने के लिए पूरी तरह से स्वास्थ्य कवर हटा देता है, तब आप क्या करेगे?

3 – आप अपनी जॉब (job) change करते हैं पर नयी जगह कोई health कवर नहीं है?

4– आपने अपनी job छोड़ दी है और आपको दूसरी जगह अगले हफ्ते से जाना है| आप (या आपके परिवार में कोई) उस बीच बीमार पड़ जाता है| सारा बिल आपको देना होगा|

5– Employer cover तो केवल रिटायरमेंट तक होगा| उसके बाद क्या होगा?

हमेशा ध्यान रखें, अगर आपको कोई गंभीर बीमारी हो गयी, तो शायद आप चाह कर भी health insurance न खरीद पायेंगे| और अगर खरीद भी पाएं, तो प्रीमियम बहुत जज्यादा हो सकता है|

#3 अगर मै अपने इंश्योरेंस प्लान में claim करता हूँ, तो अगले साल से मेरा प्प्रीमियम बढ़ जाएगा

ऐसा नहीं है| इंश्योरेंस कंपनी चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि IRDA (insurance regulator) ऐसा करने की अनुमति नहीं देता|

केवल claim करने की वजह से आपका प्रीमियम नहीं बढेगा|

पर ध्यान रखें, आयु के साथ आपका प्रीमियम बढ़ सकता है| साथ ही इंश्योरेंस कंपनी की underwriting पालिसी में बदलाव पर भी प्रीमियम बढ़ सकता है|  परन्तु ऐसा होने पर आपके आयु वर्ग (age group) में सबका प्रीमियम बढ़ेगा (केवल आपका नहीं)|

#4 सस्ता सबसे अच्छा

ऐसा बिल्कुल नहीं है|

स्वास्थ्य बीमा (health insurance) और जीवन बीमा (Life insurance) में बहुत अंतर होता है|

Health insurance plan की coverage काफी अलग हो सकती है| इसीलिए प्रीमियम में भी काफी अंतर हो सकता है|

अगर आपके प्लान का प्रीमियम काफी कम है, तो उसकी एक वजह यह भी हो सकती है की उसकी coverage कम है या उसमें कुछ कम features हों|

सोच समझ कर पालिसी लें|

#5 सभी तरह के दवाई के खर्चे insurance कवर करेगा

आपका health इंश्योरेंस प्लान अस्पताल का सारा खर्च नहीं उठता|

Health insurance होने के बावजूद आपको कुछ खर्चा खुद उठाना होगा|

मैंने इस बारे में विस्तार से इस पोस्ट में लिखा है| ज़रूर पढ़ें|

#6 2-4 साल बाद सब कुछ कवर किया जाता है

पहले से मौजूद बीमारियों को waiting period के खत्म होने के बाद कवर किया जाता है।

परन्तु अगर बीमा कंपनी को पता चलता है कि आपने पॉलिसी खरीदते समय पूरी तरह से अपनी स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा नहीं किया है, तो वह कभी भी आपके दावे को अस्वीकार कर सकता है (प्रतीक्षा अवधि के बाद भी)| और बीमा कंपनी सही भी है|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

Image Credit: Flickr

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: health insurance, health insurance myths

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