• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

HindiFinance.com

आपका पर्सनल फाइनेंस ब्लॉग आसान हिंदी में




  • Life Insurance
  • Mutual Funds
  • Financial Planning
  • NPS
  • PPF
  • Tax Planning
  • Aadhaar
  • LIC
  • Loans

Loans

Follow @hindifinance

आप कैसे अपना होम लोन जल्दी खत्म कर सकते हैं?

by दीपेश Leave a Comment

अधिकाँश लोगों को मकान खरीदने के लिए लोन लेना पड़ता है| परन्तु कोई भी अपने सर पर लोन रखना नहीं चाहते| इसलिए लोग घर खरीदने के लिए लोन तो लेते हैं, परन्तु उसे जल्दी से जल्दी निपटाने की कोशिश करते हैं|

अब, लोन जल्दी निपटाने का एक ही तरीका है: आप लोन का पूर्व भुगतान (pre-payment) करें| कोई दूसरा तरीका नहीं है|

यहाँ पर समस्या यह है की सभी के पास पूर्व भुगतान के लिए एक मुश्त राशि नहीं होती| ऐसे में क्या आप क्या करेंगे? क्या आपको पूरे 20 से 25 वर्ष तक का लोन का भुगतान करते रहना होगा?

आपको निराश होने की ज़रुरत नहीं है|

आप नियमित तौर पर छोटे-छोटे पूर्व भुगतान करके भी अपना होम लोन जल्दी चुका सकते हैं|

आईये कुछ उदाहरण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए आपने 25 लाख रुपये का होम लोन लिया है| लोन की अवधि 20 वर्ष (240 महीने) है| ब्याज दर 9% है| आपकी EMI 22,493 रुपये होगी|

पढ़ें: होम लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है?

#1 आप हर महीने 10% अधिक भुगतान करते हैं|

इक मतलब 22,493 रुपये की बजाय 22,493 + 2,249 = 24,742 रुपये का भुगतान करते हैं|

ऐसा करने पर आपका लोन 190 महीने (15 वर्ष 10 महीने) में खत्म हो जाएगा|

आप 50 EMI बचा पायेंगे|

अगर देखें, तो आपने 19 EMI (10% X 190) अतिरिक्त दी और आपने 50 किश्तें बचा लीं|

ध्यान दें ऐसा ज़रूरी नहीं है की आप हर महीने अतिरिक्त भुगतान करें| आप हर महीने कुछ पैसा जोड़ सकते हैं और समय-समय (3, 6 या 12 महीने) पर भी कुछ अतिरिक्त भुगतान कर सकते हैं| इससे भी आपकी EMI की संख्या पर काफी फर्क पड़ेगा|

#2 आप हर महीने 20% अधिक भुगतान करते हैं|

आपका लोन 240 महीने की बजाय 159 महीने में पूरा हो जाएगा| आप 81 किश्तें बचा पायेंगे|

आपने 32 किश्तें (20%*159) अतिरिक्त दी, और आप 81 किश्तें बचा पाए|

#3 आप हर वर्ष एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करते हैं

आप हर महीने EMI की देते हैं| बस वर्ष के अंत में एक EMI अतिरिक्त देते हैं|

एक वर्ष में 12 की बजाय 13 ईएमआई|

ऐसा करने पर आपका लोन 199 महीने में खत्म हो जाएगा| आपने 16 अतिरिक्त किश्तें दी, और आप 41 ईएमआई बचा पायेंगे|

#4 आप हर वर्ष 2 अतिरिक्त EMI का भुगतान करते हैं

ऐसा करने पर आपका लोन 170 महीने (14 वर्ष 2 महीने) में पूरा हो जाएगा|

आपने 28 EMI का भुगतान किया और आपने 70 ईएमआई बचा ली|

मैंने बस कुछ ही उदहारण दिए हैं| आप किसी और तरीके का प्रयोग भी कर सकते हैं| मैं बस आपको यह दिखाना चाहता हूँ की आपको पूर्व भुगतान करने के लिए किसी बड़ी राशि की ज़रुरत नहीं है| अगर छोटी राशि से भी नियमित तौर पर भुगतान करेंगे, तब भी आप लोन बहुत जल्दी चुका सकते हैं| आखिर, बूँद-बूँद सागर बनता है|

Filed Under: Financial Planning, Loans Tagged With: भारतीय स्टेट बैंक होम लोन, होम लोन, होम लोन का पूर्व भुगतान, होम लोन कैलकुलेटर

आपको लोन देते समय बैंक किन बातों पर ध्यान देता है?

by दीपेश Leave a Comment

जब आप बैंक में किसी लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक क्या बातें देखता है? कैसे निर्णय लेते है की आपको लोन दिया जाए की नहीं या कितना लोन दिया जाए| आईये देखते हैं|

मैं केवल होम लोन की बात नहीं कर कर रहा हूँ| पर्सनल लोन हो या कार लोन या प्रॉपर्टी लोन, हर तरह की लोन में बैंक इन बातों पर अवश्य ध्यान देता है| अगर आप बैंक के नज़रिए से सोचें, तब आपको शायद बैंक के निर्णय का समझने में आसानी होगी| आप अपने लोन आवेदन की बेहतर तय्यारी भी कर सकते हैं|

#1 आप लोन लौटा सकते हैं या नहीं

यह तो सबसे महत्वपूर्ण है|

अगर आपके पास लोन चुकाने की क्षमता नहीं है, तो बैंक आपको लोन नहीं देगा|

अगर लोन दिया जा भी रहा है, तो उतना ही दिया जाएगा, जो की आप आसानी से चुका सकें|

आमतौर पर बैंक आपको आपके मासिक वेतन के 50% से अधिक राशि (की EMI) का लोन नहीं देते| इसका मतलब यह है की बैंक आपको उतना ही लोन देंगे, की उसकी EMI (मासिक किश्त) आपके वेतन के 50% प्रतिशत से कम हो| मान लिए सब कुछ काट कर आपके हाथ में 30,000 रुपये आते हैं|  ऐसे में बैंक आपकी EMI को 15,000 रुपये तक सीमित रखेगा|

ऐसा इसलिए क्योंकि केवल लोन की किश्त ही आपका अकेला खर्चा नहीं है| अगर आपका सारा पैसा लोन की EMI में चला जाएगा, तो आपका घर कैसे चलेगा|

#2 आपकी आय स्थिर है या नहीं

अगर आप वेतनभोगी (salaried) हैं, तब आपको आसानी से लोन मिल जाता है| ब्याज दर भी कम होती है| हालांकि लोन की मात्रा (Loan amount) आपकी आय पर निर्भर करता है, परन्तु लोन मिलने में आसानी रहती है| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैंक को पता है की आपकी आय स्थिर है| बैंक को लगता है की आप हर महीने लोन की किश्त देने की क्षमता रखते हैं|

अगर आप सरकारी नौकरी करते हैं या किसी बड़ी कंपनी में काम करते हैं, तब तो लोन मिलने में और भी आसानी होगी|

यदि आप कोई बिज़नस करते हैं या सेल्फ-एम्प्लोयेड (self-employed) हैं, तब लोन मिलने में तो परेशानी होती ही है, साथ ही ब्याज दर भी ज्यादा होती है| ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी आय शायद बहुत स्थिर न हो| किसी महीने में 30,000 की कमाई हुई और किसी महीने में 50,000 की| ऐसी में बैंक को इतना विश्वास नहीं रहता और वह लोन देने में हिचक सकता है|

#3 आपके क्रेडिट स्कोर को भी देखा जाता है

आपकी लोन चुकाने की क्षमता तो एक बात है|

आपकी लोन चुकाने की इच्छा को भी देखा जाता है| आपने अपने पुराने लोन या क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान किया है की नहीं?

यह देखने का सबसे अच्छा तरीका आपका क्रेडिट स्कोर या क्रेडिट रिपोर्ट देखना है|

अगर आपके क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है, तो आपको लोन मिलने में परेशानी हो सकती है|

इसलिए लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर अवश्य चेक कर लें| आप अपना क्रेडिट स्कोर फ्री में भी चेक कर सकते हैं| इसलिए समय समय पर क्रेडिट स्कोर चेक करते रहे| अगर किसी कारण से आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो उसे सुधारने की कोशिश करें|

#4 आप क्या सेकुरिटी दे सकते हैं

लोन प्रमुख तौर पर दो प्रकार के होते हैं: सुरक्षित लोन (Secured Loan) या असुरक्षित लोन (unsecured loan)

सुरक्षित लोन (Secured Loan) के उदहारण हैं: होम लोन, गोल्ड लोन, म्यूच्यूअल फण्ड लोन, प्रॉपर्टी लोन, एलआईसी पालिसी लोन, कार लोन इत्यादि| इन सभी लोन में आप कुछ गिरवी रखते हैं, इसका मतलब की आप सेकुरिटी देते हैं| अगर आप लोन का भुगतान नहीं कर पाते हैं, तब बैंक आपकी सेकुरिटी बेच कर अपना पैसा वसूल लेगा|

असुरक्षित लोन (Unsecured Loan) का उदहारण है पर्सनल लोन| पर्सनल लोन में आप कुछ भी गिरवी नहीं रखते| केवल आपकी लोन चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही लोन दिया जाता है| आपका क्रेडिट स्कोर भी बहुत अच्छा होना चाहिए| लोन के भुगतान न कर पाने की स्तिथि में बैंक कुछ बेच तो नहीं सकता परन्तु उसके पास कानूनी विकल्प होते हैं|

आमतौर पर, सुरक्षित लोन की ब्याज दर किसी असुरक्षित लोन की ब्याज दर से कम होती है|

कुछ ऐसे लोन भी होते हैं जहां की आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर ध्यान नहीं दिया जाता| जैसे की गोल्ड लोन या शेयर लोन या म्यूच्यूअल फण्ड लोन| ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ पर लोन के भुगतान न होने पर आपकी सेकुरिटी को बहुत ही आसानी से बेचा जा सकता है|

यहीं अगर लोन का पैसा वसूलने के कोई प्रॉपर्टी बेचनी पड़ जाए, तो यह एक लम्बी प्रक्रिया है| इसलिए होम लोन या प्रॉपर्टी लोन में आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर बहुत ध्यान दिया जाता है|

साथ ही आपकी प्रॉपर्टी की quality को भी देखा जाता है| अगर किसी अच्छे इलाके में प्रॉपर्टी है, तो आसानी से लोन मिल जाएगा| परन्तु कहीं दूर दराज़ इलाके में प्रॉपर्टी है, तो आसानी से लोन नहीं मिलेगा|

ध्यान दें कुछ लोन सरकारी योजनायों के तहत दिए जाते हैं, जैसे की मुद्रा लोन| कुछ लोन प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत दिए जाए हैं| साथ ही शिक्षा लोन इत्यादि पर भी ऊपर दिए गए मापदंड न लगाए जाएँ| परन्तु अधिकतर लोन देते समय बैंक ऊपर दी गयी बातों का ख्याल रखता है|

Filed Under: Loans Tagged With: lic पालिसी लोन, sbi लोन, कार लोन, बैंक लोन

डीएचएफएल होम लोन (DHFL Home Loan) के बारे में जानकारी

by दीपेश Leave a Comment

अधिकाँश लोगों को मकान खरीदने के लिए होम लोन लेना पड़ता है| आप होम लोन बैंकों से ले सकते हैं या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से भी ले सकते हैं|

DHFL भी एक HFC है| आज चर्चा करते हैं DHFL से मिलने वाले होम लोन के बारे में|

DHFL होम के लिए कौन आवेदन पर सकता है? (DHFL Loan Eligibility)

  1. आपकी आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए|
  2. लोन अवधि की समाप्ति के समय आपकी आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती|
  3. आपके पास आय का स्त्रोत होना चाहिए|
  4. लोन वेतनभोगियों (salaried) और self-employed, दोनों को मिल सकता है|

DHFL (डीएचएफएल) से आपको कितना होम लोन मिल सकता है?

आप DHFL की वेबसाइट पर अपनी होम लोन eligibility (पात्रता) चेक कर सकते हैं| आपकी आय, लोन अवधि और ब्याज दर पर निर्भर करेगा की आपको कितना लोन मिल सकता है| ध्यान दें यह कैलकुलेटर बहुत ही साधारण है| लोन देने से पहले और भी बहुत सी बातें देखीं जायेंगी, जैसे की क्या आपका कोई और भी लोन चल रहा है|

लोन पात्रता के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

पढ़ें: होम लोन लेते समय इन 6 बातों का रखें ख्याल

लोन भुगतान की अवधि कितनी होगी?

DHFL की वेबसाइट के अनुसार आपको 30 वर्ष तक की अवधि का लोन मिल सकता है| अगर आप सैलरी पाते हैं, तो लोन अवधि आपके रिटायरमेंट (60 वर्ष) तक ही हो सकती है|

मान लिए आपकी वेतनभोगी (salaried) हैं और आपकी आयु 40 वर्ष है, तब आपको 20 वर्ष से अधिक का लोन नहीं मिलेगा|

अगर आप self-employed हैं, तो लोन अवधि आपकी आयु 65 या 70 वर्ष तक की हो सकती है|

इंटरेस्ट रेट कितना होगा? (डीएचएफएल होम लोन ब्याज दर)

ब्याज दर बदलती रहती है| DHFL होम लोन के लेटेस्ट इंटरेस्ट रेट जानने के लिए वेबसाइट या शाखा पर जाएँ|

ब्याज दर आपकी लोन राशि पर निर्भर करेगी| साथ ही, इस बात पर भी निर्भर करेगी की आप सैलरी पाते हैं या self-employed हैं|

ब्याज के अलावा भी आपको कुछ चार्ज देने पड़ सकते हैं, जैसे की प्रोसेसिंग फीस आदि| शुल्कों के बारे मिने जानकारी के लिए DHFL वेबसाइट पर जाएँ|

लोन का पूर्व-भुगतान करने पर कोई भी पेनल्टी नहीं लगेगी| No Prepayment Penalty

DHFL होम लोन की EMI कितनी होगी?

EMI आपकी होम लोन राशि, लोन अवधि और ब्याज दर पर निर्भर करेगी|

अगर आप जानना चाहते है की आपके होम लोन की EMI कैसे काम करती है और कैसे कैलकुलेट होती है, तो आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं| अगर ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहते, तो नीचे कैलकुलेट कर सकते हैं या फिर इस वेबसाइट पर जा कर देख सकते हैं|

DHFL की वेबसाइट पर भी EMI कैलकुलेटर है|

emicalculator.net

लोन के भुगतान पर आको वही टैक्स बेनिफिट मिलेंगे जो की बैंक से होम लोन लेने पर मिलते| Principal (मूल राशि) के भुगतान पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक और ब्याज के भुगतान पर सेक्शन 24 के ताहत 2 लाख रुपये तक|

लोन के लिए क्या security देनी होगी?

अमूमन आपका घर (जो आपने लोन से खरीदा है) लोन के भुगतान पर गिरवी रहेगा|

कुछ मामलों में DHFL अतिरिक्त सेकुरिटी की मान भी कर सकता है| जैसे की आपके जीवन बीमा पालिसी, फिक्स्ड डिपाजिट की रसीद इत्यादि|

होम लोन के लिए के डॉक्यूमेंट चाहियें?

आपको कुछ साधारण डॉक्यूमेंट की चाहिए| आपको पहचान और पते का प्रमाण देना होगा|

आय की प्रमाण देना होगा| सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, पिछले कुछ वर्षों इनकम टैक्स रिटर्न, GST रिटर्न इत्यादि| ध्यान दें यह सारे दस्तावेज़ आपके लिए लागू नहीं होंगे| आपको कुछ ही देने होंगे|

DHFL से होम लोन लेने से पहले इन बातों के रखें ख्याल?

दूसरे बैंकों से ब्याज दर और शुल्कों की तुलना करें|

ऐसा भी हो सकता है की लोन कंपनी आपको लोन के साथ कोई इंश्योरेंस प्लान खरीदने के लिए दबाव डाले| कंपनी जो इंश्योरेंस बेच रही है, वह बहुत महंगा होगा और शायद आपके लिए पर्याप्त भी न हो|

हालांकि लोन लेते समय जीवन बीमा बुरा आईडिया नहीं है| अगर आपको कुछ हो गया, तो आपके लोन का भुगतान कौन करेगा? जीवन बीमा ऐसी स्तिथि में लाभकारी साबित हो सकता है| परन्तु लोन कंपनी जो बीमा बेच रही है, उससे बचें| अपनी ज़रुरत के अनुसार जीवन बीमा लें और उस बीमा को लोन कंपनी को assign कर दें|

Filed Under: Loans Tagged With: DHFL Home Loan in Hindi, डीएचएफएल होम लोन, डीएचएफएल होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर

गोल्ड बांड क्या होते हैं? क्या फायदे हैं? कैसे खरीदें?

by दीपेश Leave a Comment

सोने में निवेश करने की लिए आपको केवल सोने की सिक्के या सोने के आभूषण खरीदने की ज़रुरत नहीं है| कुछ और भी तरीके हैं सोने या गोल्ड में निवेश करने के|

आप गोल्ड म्यूच्यूअल फण्ड खरीद सकते हैं या Sovereign Gold Bond (गोल्ड बांड) भी खरीद सकते हैं|

आईये इस पोस्ट में गोल्ड बांड के बारे में विस्तार से जानते हैं|

सॉवरेन गोल्ड बांड (Sovereign Gold Bond) के बारे में कुछ अहम् बातें

  1. गोल्ड बांड में आपको 2.5% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है| सोने के किसी और निवेश के तरीके में आपको ब्याज नहीं मिलता|
  2. अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो आपको कम से कम एक यूनिट (1 gram) खरीदनी होगी|
  3. आप एक 1 वर्ष (अप्रैल से मार्च) में अधिकतम 4 किलो सोने के बराबर (4000 यूनिट) गोल्ड बांड खरीद सकते हैं|
  4. गोल्ड बांड भारत सरकार द्वारा जारी किये जाते हैं| इसलिए आपको अपने पैसे के बारे में चिंता करने की कोई ज़रुरत नहीं है| गोल्ड बांड में भारत सरकार की गारंटी होती है|
  5. गोल्ड बांड की एक यूनिट एक ग्राम सोने के सामान होती है|
  6. गोल्ड बांड 8 वर्ष बाद मेच्योर होते हैं| 8 वर्ष बाद आपको उस समय के सोने के मूल्य के अनुसार पैसा लौटा दिया जाएगा|
  7. हालांकि गोल्ड बांड 8 वर्ष में मेच्योर होते हैं, आपके पास पांचवें, छठे और सांतवें वर्ष में निर्धारत समय पर अपने बांड वापिस दे कर अपना पैसा ले सकते हैं|
  8. आप गोल्ड बांड को गिरवी रख कर गोल्ड लोन भी ले सकते हैं|
  9. गोल्ड बांड स्टॉक एक्सचेंज पर भी लिस्ट किये जायेंगे| वहाँ से भी आप गोल्ड बांड खरीद या बेच सकते हैं|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं

मान लिए आपने 100 यूनिट गोल्ड बांड खरीदे| इसका मतलब आपने 100 ग्राम सोना खरीदा| खरीदने के समय सोने के मूल्य 2,800 रुपये प्रति ग्राम (28,000 रुपये तोला) चल रहा था| आपने कुल मिला कर 2.8 लाख रुपये का निवेश किया|

आपको हर वर्ष 2.8 लाख X 2.5% = 7,000 रुपये का ब्याज मिलेगा| ध्यान दें आपको हर 6 महीने पर 3,500 रुपये का ब्याज मिलेगा|

8 वर्ष बाद, आपको उस समय के सोने के मूल्य के अनुसार पैसा लौटा दिया जाएगा| मान लिए उस समय सोने के मूल्य 30,000 रुपये तोला है| ऐसे में आपको 100 gram सोने के लिए 100X3,000 = 3 लाख रुपये मिलेंगे| अगर सोने का मूल्य 26,000 रुपये तोला होता है, तो आपको 2.6 लाख रुपये मिलेंगे|

सोने के दाम में उतार चढ़ाव का रिस्क आपको ही उठाना पड़ता है|

गोल्ड बांड बेचने पर टैक्स कितना देना होता है?

गोल्ड बांड के ब्याज पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना होता है|

अगर आप गोल्ड बांड सरकार को वापिस देते हैं (8 वर्ष बाद मेच्योर होने पर या उससे पहले), तब आपको होने वाले मुनाफे पर कुछ भी टैक्स नहीं देना होगा| जैसे की आपने 2.8 लाख के निवेश किया था और आपको 8 वर्ष बाद 3 लाख रुपये  वापिस मिलते हैं, तब आपको इस राशि पर टैक्स देने की ज़रुरत नहीं है|

अगर आप गोल्ड बांड को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं, तब आपको टैक्स देना होगा| अगर आप 3 वर्ष से पहले बेचते हैं, तो आपको मुनाफे पर अपने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा| अगर आप 3 वर्ष के बाद बेचते हैं, तो आपको 20% (indexation के बाद) टैक्स देना होगा|

सॉवरेन गोल्ड बांड (Sovereign Gold Bond) कैसे खरीदें?

भारत सरकार समय-समय पर सॉवरेन गोल्ड बांड ज़ारी करती है|

आप अपने बैंक की सहायता से या फिर अपने broker की सहायता से गोल्ड बांड खरीद सकते हैं| आप ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं|

अगर चाहें तो, स्टॉक एक्सचेंज पर भी सॉवरेन गोल्ड बांड खरीद या बेच सकते हैं|

आप भारतीय स्टेट बैंक की वेबसाइट पर गोल्ड बांड के बारें में अधिक जानकारी पा सकते हैं|

Filed Under: Financial Planning, Loans, Mutual Funds Tagged With: Sbi गोल्ड लोन, गोल्ड बांड, गोल्ड लोन

होम लोन लेने की सही आयु क्या है?

by दीपेश Leave a Comment

आजकल मकानों की कीमत इतनी ज्यादा है की अधिकाँश लोगों को घर खरीदने के लिए होम लोन लेना पड़ता है|

होम लोन लेने की सही आयु क्या है? क्या आपको अपने करियर की शुरुआत में ही होम लोन लेकर घर खरीद लेना चाहिए या फिर आपको इंतज़ार करना चाहिए और कुछ समय बाद ही होम लोन लेना चाहिए|

कोई पक्का जवाब नहीं है| आपकी सोच पर निर्भर करता है| अगर आपको पाने घर में रहने में बहुत अधिक सुकून मिलता है, तो शायद आप जल्दी घर खरीदना चाहेंगे| साथ ही, आपकी आर्थिक स्तिथि, आपकी आय, आपके cashflow पर भी निर्भर करता है|

आईये चर्चा करते हैं कुछ ऐसे ही पहलूयों पर| 

यदि करियर के शुरात में लोन लेते हैं?

क्या फायदे हैं?

  1. जब नया नया पैसा कमाना शुरू करते हैं, तो कुछ फ़ालतू खर्चे भी शुरू हो जाते हैं| ऐसे में अगर हर महीने कुछ EMI कटती रहेगी, तो फ़ालतू खर्चे कुछ कम होंगे|
  2. यदि आप कम आयु में होम लोन लेते हैं, तो आपके लोन की अवधि ज्यादा हो सकती है। ऐसे इसलिए क्योंकि आपके रिटायर होने में अभी काफी समय है| लम्बी लोन अवधि का मतलब कम EMI| साथ ही आपकी लोन की क्षमता (loan eligibility) भी बढ़ सकती है|
  3. अगर आप अपने लोन का भुगतान जल्दी कर देते हैं, तो आपके पास बाद में निवेश के ज्यादा विकल्प होंगे| आपके पास निवेश में ज्यादा लचीलापन होगा|
  4. जब आप कम आयु में निर्माणाधीन प्रॉपर्टी (under construction property) खरीदते हैं,  तब निर्माण में कुछ समस्या आने पर आपके पास उबरने का अधिक समय होता है| ध्यान दें एक निर्माणधीन प्रॉपर्टी बनी हुई प्रॉपर्टी से सस्ती भी होती हाँ|
  5. आप विशेष विशेष लोन उत्पादों जैसे की SBI FlexiPay लोन की लिए आवेदन कर सकते हैं|
  6. कम आयु में आपके पास कम जिम्मेदारी और अधिक लचीलापन है।

परेशानी क्या हैं?

  1. कैरियर की शुरुआत में आय कम होती है| अगर आप होम लोन ले लेंगे, तो हो सकता है की EMI के भुगतान के बाद आपके पास निवेश करने के लिए कुछ पैसा ही न बचे| आगे जा कर परेशानी हो सकती है|
  2. साथ ही कम आयु में आपको पता भी नहीं होता की आप कहाँ जा कर बसेंगे| ऐसे में आपका मकान एक निवेश बन कर रह जाएगा और आपको दूसरे शहर से अब कुछ मैनेज करने में प्रॉब्लम हो सकती है|
  3. क्योंकि आय कम है, इसलिए लोन की पात्रता भी कम हो सकती है| ऐसे में हो सकता है की आप ऐसा घर खरीद लें जहां आप रहना न चाहते हों|
  4. घर के लिए डाउन पेमेंट (down payment) की राशि जमा करने में परेशानी हो सकती है|

यदि आप 40 से 50 की आयु के बीच में लोन लेते हैं

फायदे क्या हैं?

  1. आपको ज्यादा स्पष्टता होती है की आप कहाँ आप बसना चाहते हैं और किस तरह का घर लेना चाहते हैं|
  2. डाउन-पेमेंट का प्रबंध करने में शायद ज्यादा परेशानी न हो|
  3. क्योंकि आय अधिक होने की उम्मीद है, EMI भुगतान से शायद आपके अन्य निवेश (रिटायरमेंट, बच्चों की पढाई/शादी इत्यादि) ज्यादा प्रभावित न हो|

परेशानी क्या है?

  1. लोन अवधि कम हो सकती है और इसलिए EMI का बोझ अधिक हो सकता है। यदि समय के साथ आपकी आय नहीं बढ़ी है, तो लोन पात्रता कम हो जायेगी|
  2. यदि आपने पहले अच्छी फाइनेंसियल प्लानिंग नहीं करी है, तो ईएमआई का भार आपको गंभीर आर्थिक परेशानी में डाल सकता है| इसलिए, यदि आप देर से घर खरीदना चाहते हैं, तो आपको अपने पहले के वर्षों में समझदारी से निवेश करना होगा।
  3. अगर आप इस आयु में निर्माणाधीन (under construction property) खरीदते हैं, तो आपके लिए अधिक जोखिम है| अगर मकान के निर्माण में कुछ समस्या आई, तो आपके पास उबरने के लिए अधिक ससमय नहीं होगा|

होम लोन लेने के लिए आदर्श आयु क्या है?

कोई सही या गलत जवाब नहीं है। बहुत जल्दी घर लेने के फायदें और नुकसान दोनों हैं|

साथ ही देर से घर लेने के भी बहुत से फायदे और नुकसान हैं|

आप इन सभी बातों पर विचार करें और अपने लिए फैसला लें|

इन बातों का ध्यान रखें|

  • ऐसी प्लानिंग करें की रिटायर होने से पहले घर ज़रूर खरीद पाएं| अगर आपकी अभी घर खरीदने की योजना नहीं है, तो आप घर खरीदने के लिए पैसा जोड़ना ज़रूर शुरू कर दें। उदाहरण के लिए, आप 25 वर्ष के हो सकते हैं और 15-20 साल बाद घर खरीदना चाहते हैं। घर खरीदने के लिए बचत करना शुरू करें। इस उदाहरण में, चूंकि लक्ष्य कई वर्ष दूर है, आप घर खरीदने के लिए इक्विटी फंड में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं।
  • अपने होम लोन के भुगतान के अन्य वित्तीय लक्ष्यों (financial goal) के लिए निवेश से समझौता न करें।
  • सुनिश्चित करें कि आप रिटायर होने से पहले होम लोन चुका दें। अच्छी बात है कि बैंक इसे सुनिश्चित करेंगे।

वैसे मेरे अनुसार  30 से 40 के आयु होम लोन लेने का एक अच्छा समय होना चाहिए। परन्तु यह मेरी राय है, आपकी क्या राय है?

Filed Under: Loans Tagged With: home loan, sbi होम लोन, होम लोन, होम लोन की लेने की सही आयु

SBI FlexiPay Home Loan (एसबीआई होम लोन) की पूरी जानकारी

by दीपेश Leave a Comment

इस पोस्ट में भारतीय स्टेट बैंक के एक लोकप्रिय होम लोन “SBI FlexiPay Home Loan Scheme” के बारे में चर्चा करूंगा| स्टेट बैंक के अनुसार इस होम लोन स्कीम में आपको 20% तक अधिक लोन मिल सकता है|

जब आप लोन लेकर निर्माणाधीन (under-construction) मकान खरीदते हैं, तो एक समस्या रहती है| जब तक आपके घर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक आपको EMI और मौजूदा मकान का किराया दोनों देने पड़ते हैं| किराए और EMI का एक साथ भुगतान आपके बजट पर भारी पड़ सकता है| SBI की FlexiPay होम लोन स्कीम आपकी यहाँ मदद कर सकती है|

भारतीय स्टेट बैंक फ्लेक्सी-पे होम लोन स्कीम (SBI FlexiPay Home Loan Scheme)

  1. यह लोन स्कीम केवल वेतनभोगियों (salaried employees) के लिए है|
  2. आपके पास कम से कम 2 साल के कार्य अनुभव (work-experience) होना चाहिए। Minimum Work-experience of 2 years
  3. आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  4. वबैंक के अनुसार आपकी लोन पात्रता इस स्कीम में 20% तक अधिक होगी|
  5. आपके पास 36-60 महीने तक की अधिस्थगन अवधि (moratorium period) चुनने का विकल्प होता है| Moratorium period के दौरान आपको केवल ब्याज का भुगतान करना होता है।Moratorium period के दौरान आप pre-payment नहीं कर सकते|
  6. Floating Rate Loan है|
  7. 30 साल तक की लोन भुगतान अवधि (Loan Tenure of upto 30 years)

एसबीआई FlexiPay लोन स्कीम में क्या अलग है?

मुख्य अंतर यही है की आपको moratorium period में केवल ब्याज का भुगतान करना होता है| आप इसे Pre-EMI स्कीम भी समझ सकते हैं| इससे आपके बजट पर भोझा कुहक कम हो जाता है|

आप लोन के लिए आवेदन करते समय moratorium period बताना होता है| यह अवधि 36 से 60 वर्ष तक हो सकती है|

ध्यान दें अगर आपके घर का निर्माण moratorium अवधि की समाप्ति से पहले नहीं हुआ, तो अवधि की समाप्ति के बाद आपको पूरी EMI (Full EMI) देनी होगी| Full EMI में principal और interest दोनों देने पड़ते हैं| इसलिए भुगतान राशि बढ़ जाती है|

जैसे ही आपको घर का possession मिल जाता है, तब से आपको पूरी EMI (Full EMI) देनी होती है| अगर घर का possession moratorium period की समाप्ति से पहले मिल जाता है, तब आपकी Full EMI तभी से चालू हो जायेगी|

मान लिए आपके लोन में moratorium period 5 वर्ष का है, परन्तु घर का निर्माण 3 वर्ष में पूरा हो जाता है, तो Full EMI 3 वर्ष के बाद ही चालू हो जायेगी|

आपकी लोन पात्रता (Loan Eligibility) कैसे बढ़ जाती है?

यह समझना मुश्किल नहीं है|

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि moratorium period के दौरान आपको केवल ब्याज देना होता है| ध्यान दें ब्याज का भुगतान आपको उतने ही लोन पर देना होता है जो लोन आपको दिया जा चुका है (न की sanction amount पर)| आपने 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, परन्तु बैंक ने अभी तक केवल 25 लाख रुपये का फण्ड ही रिलीज़ किया है| आपको moratorium period के दौरान 25 लाख रुपये पर ब्याज देना होगा|

मैंने पहले एक पोस्ट में चर्चा करी है की बैंक आपकी लोन पात्रता (Loan eligibility) कैसे कैलकुलेट करते हैं| बैंक आपको केवल उतना ही लोन देना चाहते हैं जिसका की आप आराम से भुगतान कर पाएं|

इस वजह से बैंक आपको इतना की लोन देते हैं जिसकी EMI आपकी मासिक आय के 30-40% से अधिक न हो|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए कि बैंक आपकी आय के 40% की EMI से संतुष्ट हैं| Fixed Obligation to Income ratio of 40%) अगर आपकी मासिक आय 1 लाख रुपये है, तो बैंक आपको उतना ही लोन देगी जिसकी EMI 40,000 रुपये से अधिक न है।

20 साल की लोन अवधि और 10% की ब्याज दर पर 41.44 लाख रुपये के लोन पर 40,000 रुपये की ईएमआई होगी। लोन राशि निकालने के लिए आप माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में PV फंक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं| PV(10%/12, 20*12, 40,000, 0,0) = 41.44 लाख रुपये| किसी भी साधारण होम लोन स्कीम में आपको 41.44 लाख रुपये से अधिक का लोन नहीं मिलेगा|

अब देखते हैं की एसबीआई होम लोन की FlexiPay लोन स्कीम में ऐसा क्या होता है की आपकी लोन eligibility बढ़ जाती है|

जैसे ही हमनें ऊपर देखा, SBI FlexiPay होम लोन स्कीम में आपको moratorium period के दौरान केवल ब्याज देना होता है| इसी वजह से आपको लोन पात्रता बढ़ जाती है|

इसका मतलब बैंक आपको इतना लोन दे सकता है जिसका ब्याज 40,000 रुपये से ज्यादा न हो| लोन राशि निकालने के लिए आप ऐसा करें: 40,000/(10%/12) = 48 लाख रुपये

48 लाख रुपये के लोन पर आपके मासिक ब्याज 40,000 रुपये होगा| इसलिए एसबीआई होम लोन की FlexiPay स्कीम के तहत आपको 48 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है|

एक साधारण लोन स्कीम में केवल 41.44 लाख रुपये का होम लोन मिल रहा था|

SBI FlexiPay लोन स्कीम में आपकी पात्रता 16% बढ़ गयी है|

परन्तु आपको SBI FlexiPay लोन में अधिक ब्याज देना होगा

ब्याज की दर अलग नहीं है|

परन्तु क्योंकि आप प्रारंभिक वर्षों के लिए केवल ब्याज राशि का भुगतान कर रहे हैं, इसलिए आपका principal कम नहीं होता| इस वजह से आपको पूरे लोन की अवधि में ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा|

आप एक साधारण होम लोन स्कीम में 40 लाख रुपये का लोन लेते हैं। ब्याज दर 10% प्रति वर्ष है और लोन की अवधि 20 साल है। इस लोन की आपकी EMI होगी 38,600 रुपये|

SBI होम लोन की FlexiPay योजना के दो उदहारण लेते हैं।

Case 1: 40 लाख रुपये का लोन। 20 साल की लोन अवधि (5 वर्ष का moratorium period + 15 साल Full EMI)। पहले पांच वर्षों के लिए, आप प्रति माह 33,333 रुपये (40 लाख रुपये *10%/12) का भुगतान करेंगे। 6 वें वर्ष की शुरुआत से 20 वें वर्ष के अंत तक, आप प्रति माह 42,984 रुपये का भुगतान करेंगे।

Case 2: 40 लाख रुपये का लोन। 25 साल का Tenor (5 वर्ष moratorium period + 20 वर्ष Full EMI)। पहले पांच वर्षों के लिए, आप प्रति माह 33,333 रुपये का भुगतान करेंगे।  6 वें वर्ष की शुरुआत से 25 वें वर्ष के अंत तक, आप प्रति माह 38,600 रुपये का भुगतान करेंगे।

sbi home loan hindi एसबीआई होम लोन की जानकारी आवश्यक दस्तावेज

आप देख सकते हैं कि आप SBI FlexiPay होम लोन स्कीम के तहत आपको अतिरिक्त ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा है।

एसबीआई होम लोन (FlexiPay) स्कीम की ब्याज दर क्या है?

ब्याज दर समय-समय पर बदलती रहती है|

एसबीआई होम लोन की ब्याज दर sbi flexipay होम लोन स्कीम

लेटेस्ट ब्याज दर के लिए स्टेट बैंक होम लोन की वेबसाइट पर जाएँ|

एसबीआई होम लोन (FlexiPay) के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आवश्यक दस्तावेजों की लिस्ट आप नीचे देख सकते हैं|

एसबीआई होम लोन की जानकारी होम लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज एसबीआई

इन बातों का रखें ध्यान

SBI FlexiPay होम लोन स्कीम उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें अधिक लोन चाहिए|

मान लिए आपको साधारण होम लोन स्कीम में 40 लाख रुपये का लोन मिल सकता है और आपको केवल 30 लाख रुपये के लोन की ज़रुरत है| ऐसे में आपको SBI FlexiPay होम लोन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है| आप साधारण होम लोन योजना के साथ ही जाएँ| FlexiPay लोन स्कीम के तहत आपको बिना बात ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा|

परन्तु यदि आपकी लोन पात्रता साधारण होम लोन स्कीम में 40 लाख रुपये है और आपको 45 लाख रुपये का होम लोन चाहिए, तब एसबीआई होम लोन की FlexiPay स्कीम कारगर साबित हो सकती है| पर ध्यान रखिएँ की आपको अधिक ब्याज देना होगा|

एक बात और: आपको FlexiPay लोन की शुरुआत में कम पैसा देना होगा, परन्तु बाद में आपका खर्चा बढ़ जाएगा| जैसे की ऊपर देखा आपको पहले 5 वर्ष 33,333 रुपये देने हैं, परन्तु उसके बाद हर महीने 42,984 रुपये देने होंगे| अगर आपकी आय समय के साथ नहीं बढ़ी, तो आपको लोन चुकाने में परेशानी हो सकती है|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

Loan Calculator from EMICalculator.net

Filed Under: Loans Tagged With: sbi flexipay होम लोन, sbi होम लोन की जानकारी, sbi होम लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज, sbi होम लोन रेट, भारतीय स्टेट बैंक होम लोन 2018, भारतीय स्टेट बैंक होम लोन 2019

  • « Go to Previous Page
  • Page 1
  • Page 2
  • Page 3
  • Page 4
  • Interim pages omitted …
  • Page 10
  • Go to Next Page »

Primary Sidebar

HindiFinance

Subscribe on Youtube




Join our Newsletter
Enter your email address and click on the Get Instant Access button.
Thank you for subscribing.
Something went wrong.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )
We respect your privacy

For any guest posts or advertising queries, please write to us at hindifinance@gmail.com

Popular Posts

  • अटल पेंशन योजना की पूरी जानकारी (Atal Pension Yojana in Hindi) (2022)
  • सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी जानकारी (Sukanya Samriddhi Yojana 2019)
  • नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बारें में पूरी जानकारी (Complete Information about NPS in Hindi)
  • PPF खाते के बारे में पूरी जानकारी (Complete Information about PPF Account in Hindi)
  • कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)?

(c) Copyright 2026 www.HindiFinance.com | Privacy Policy