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क्या आपको LIC जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh) में निवेश करना चाहिए?

Last updated: दिसम्बर 22, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

LIC ने एक नया सिंगल प्रीमियम (एकल प्रीमियम) प्लान शुरू किया है| में बात कर रहा हूँ एलाईसी जीवन उत्कर्ष प्लान की|

एलआईसी जीवन उत्कर्ष एक सिंगल प्रीमियम participating लाइफ इंश्योरेंस प्लान है| आईये जानते हैं इस प्लान के बारें में और देखते हैं की क्या आपको ऐसे प्लान में निवेश करना चाहिए|

LIC जीवन उत्कर्ष (प्लान 846): मुख्य विशेषताएं और समीक्षा (Review: LIC Jeevan Utkarsh)

1. न्यूनतम प्रवेश आयु (Minimum entry Age): 6 वर्ष
2. अधिकतम प्रवेश आयु (Maximum Entry Age): 47 वर्ष
3. न्यूनतम बेसिक बीमा राशि (Minimum Base Sum Asssured):75,000 रुपये
4. अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Base Sum Asssured): कोई सीमा नहीं
5. पॉलिसी अवधि (Policy Term): 12 साल
6. प्रीमियम भुगतान मोड (Premium payment): सिंगल प्रीमियम.  केवल एक बार प्रीमियम देना है|
7. लोन  3 महीनों के बाद उपलब्ध है|

योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया LIC वेबसाइट पर जाएं|

पढ़ें: अपनी एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें?

एलआईसी जीवन उत्कर्ष  (Plan 846): मृत्यु लाभ (Death Benefit)

पॉलिसी धारक के निधन की स्थिति में, नामांकित व्यक्ति (nominee) को मिलेगा:
मृत्यु पर बीमित रकम (Sum Assured on Death) + लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition)

जहां, मृत्यु पर बीमित रकम (Sum Assured on Death) इन तीन निम्न राशियों में से सबसे अधिक होगा,
1 सिंगल प्रीमियम का 125%
2. बेसिक बीमित राशि (Base Sum Assured)
3. आपके प्रीमियम का 10 गुना (अंडरराइटिंग के बाद किसी भी लोडिंग को शामिल नहीं किया जाएगा)

लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition) पॉलिसी में 5 साल पूरे करने के बाद ही लागू होगा। इसलिए, यदि 5 वर्ष से पहले मृत्यु हो जाती है, तो कोई लॉयल्टी वृद्धि का अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा।

अगर आप अपने प्रीमियम का अनुमान लगाना चाहते हैं, तो में LIC की website से यह जानकारी यहाँ कॉपी कर देता हूँ|

LIC Jeevan Utkarsh review LIC जीवन उत्कर्ष premium

उदाहरण के लिए, यदि आपकी उम्र  40 वर्ष है,  तो आपको 10 लाख रुपये के बीमित रकम (Sum Assured) के लिए 6.57 लाख रुपये का प्रीमियम भुगतान करना होगा| 1.8% GST भी लगेगा। उच्च बीमित रकम के लिए छूट भी उपलब्ध है, लेकिन GST के बाद प्रीमियम अभी भी 6.45 लाख रुपये होगा|

पढ़ें: GST आपके बीमा प्रीमियम को कैसे प्रभावित करती है?

पढ़ें: अगर आपकी जीवन बीमा (Life Insurance) पालिसी 3 साल पुरानी है, तो आपका claim reject नहीं होगा

एलआई सी जीवन उत्कर्ष बीमा योजना: परिपक्वता लाभ (Maturity Benefit)

प्लान मेच्योरिटी के बाद (यानी के 12 साल बाद) आपको बीमित रकम (Sum Assured) + लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition) मिलेगा।

लॉयल्टी वृद्धि की घोषणा LIC आपकी पालिसी मेच्योर होने वाले साल ही करेगी|

एलआईसी जीवन उत्कर्ष: निपटान विकल्प (Settlement option)

आप मृत्यु के लाभ (death benefit)  या परिपक्वता लाभ (maturity benefit) को एक मुश्त (lump sum) लेने की बजाय किश्तों (installments) में लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

किश्तों को 5, 10 या 15 वर्षों में दिया जा सकता है।

यदि ब्याज दर 8% p.a. है और आपकी परिपक्वता राशि 10 लाख रुपये है और अगर आप 10 साल तक किश्त लेने का विकल्प चुनते हैं,  तो आपको 10 साल तक तकरीबन 12,000 रुपये हर महीने मिलेगा। यदि ब्याज दर कम है तो किस्त की रकम भी कम होगी|

यह पहली बार है कि मैं LIC योजना में इस तरह के विकल्प को देख रहा हूं।  परन्तु ब्याज दर के बारे में अनिश्चितता है| आपको पता नहीं की जब आपकी पालिसी मेच्योर होगी, उस समय LIC क्या ब्याज दर देगा|

LIC जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh) के परिपक्वता लाभ (maturity benefit) पर आपको टैक्स  देना होगा|

शायद बिक्री के समय आपको यह बताया नहीं जाएगा। क्योंकि ऐसा पता चलने के बाद शायद आप प्लान ही न लें|

LIC जीवन उत्कर्ष सिंगल प्रीमियम (Single premium या एकल प्रीमियम) योजना है| सिंगल प्रीमियम योजनाओं के अंतर्गत, आपको केवल एक बार ( सालाना नहीं) प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।

इसलिए प्रीमियम के बीमित रकम (Sum Assured) के 10% से अधिक होने की काफी संभावना है|

और जब प्रीमियम बीमित रकम(Sum Assured) के 10% से अधिक होता है, तो परिपक्वता की आय (Maturity benefit)  पर टैक्स देना होता है। जी हाँ, सभी जीवन बीमा पालिसी से कमाई टैक्स-फ्री नहीं होती|

उदाहरण के लिए, LIC वेबसाइट के मुताबिक, 10 साल की बीमित रकम (Sum Assured) के लिए 30 साल के एक व्यक्ति के लिए  सिंगल  प्रीमियम 5.6 लाख रुपये का होगा।

जाहिर है, प्रीमियम (5.6 लाख रुपये) बीमित रकम के 10% (10%*10 लाख रुपये) से अधिक है, इसलिए आपको मेच्योरिटी लाभ पर टैक्स देना होगा|

ध्यान रखें मृत्यु लाभ (death benefit) पर कोई टैक्स नहीं देना होगा|

LIC जीवन उत्कर्ष पहला एकल प्रीमियम  प्लान नहीं है| LIC बीमा बचत योजना, जो एक प्रीमियम योजना है, के साथ भी यही समस्या है|

पढ़ें: सिंगल प्रीमियम लाइफ इंश्योरेंस प्लान के साथ समस्या (अंग्रेजी)
पढ़ें: LIC बीमा बचत योजना के लाभ कर योग्य हैं(अंग्रेजी)

LIC जीवन उत्कर्ष में रिटर्न  कैसा रहेगा?

LIC जीवन उत्कर्ष एक participating प्लान है| इसलिए, योजना से बाहर निकलने (मृत्यु, परिपक्वता या समर्पण) के समय कंपनी द्वारा घोषित लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition) पर रिटर्न निर्भर करेगा।

परन्तु रिटर्न 4-6% p.a. से अधिक होने की उम्मीद न रखें| अब क्योंकि आपका निवेश 12 साल में मेच्यौर होगा, यह रिटर्न अच्छा नहीं है|
जीवन बीमा कम है और साथ ही खराब रिटर्न्स| उसके ऊपर रिटर्न पर टैक्स भी देना होगा|

क्या आपको LIC जीवन उत्कर्ष में निवेश करना चाहिए?

Should you invest in LIC Jeevan Utkarsh?

LIC जीवन उत्कर्ष से दूर रहें|

किसी भी अन्य traditional जीवन बीमा योजना के साथ जो समयाएं  होती है, वह इस प्लान में भी हैं|

कम जीवन बीमा, ख़राब रिटर्न और सरेंडर पेनल्टी ज्यादा होने के कारण ऐसे प्लान्स से बचना चाहिए|

LIC जीवन उत्कर्ष में एक अतिरिक्त समस्या है| वह यह की इसमें मेच्योरिटी राशि पर टैक्स देना होगा| करेला वह भी नीम चढ़ा|

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान (Term Life Insurance Plan) खरीदना और शुद्ध निवेश उत्पाद (pure investment product) में निवेश करना एक बेहतर विकल्प होगा|

पढ़ें: कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान

पढ़ें: किस प्रकार का लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance या जीवन बीमा) खरीदें?

पढ़ें: एलआईसी न्यू जीवन आनंद: समीक्षा (Review)

पढ़ें: एलआईसी जीवन उमंग (Plan no. 845): सम्पूर्ण जानकारी

Filed Under: Financial Planning, LIC, Life Insurance Tagged With: LIC, LIC Jeevan Utkarsh, LIC Jeevan Utkarsh hindi, Term insurance plan, एलआईसी जीवन उत्कर्ष, एलआईसी जीवन उत्कर्ष ८४६, जीवन उत्कर्ष प्लान

कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)?

Last updated: मार्च 31, 2018 | by दीपेश 82 Comments

अगर आपके जीवन में कोई  भी (पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन या और कोई) आपकी income  पर निर्भर करते हैं, तो आपको जीवन बीमा योजना (life insurance policy) लेने की आवश्यकता हो सकती है|

जीवन बीमा कई तरीकों से खरीदा जा सकता है, जैसे की ULIP, traditional प्लान या टर्म इंश्योरेंस प्लान|

हम लोग एक लेख में देख चुके हैं की टर्म इंश्योरेंस प्लान (Term Life Insurance Plan) जीवन बीमा खरीदनेका सबसे अच्छा औए सस्ता तरीका है|

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान क्या है (टर्म इंश्योरेंस क्या है)?

टर्म इंश्योरेंस सबसे सरल भाषा में एक ऐसा  बीमा उत्पाद है  जो पॉलिसीधारक (policyholder) की मृत्यु की स्थिति में, परिवार को बीमा राशि (कवर राशि) प्रदान करता है। टर्म योजना एक निश्चित समय  (पॉलिसी अवधि / अवधि) के लिए जोखिम कवरेज प्रदान करती है ।

अगर बीमा पॉलिसी में में दिए गए  समय अवधि के दौरान मौत हो जाती  है और पॉलिसी सक्रिय है – या फ़ोर्स  में है – तो मृत्यु लाभ (death benefit) का भुगतान किया जाता है।

अगर पालिसी अवधि के दौरान धारक की मृत्यु नहीं होती, तो अवधि समाप्त होने पर धारक को कुछ भी नहीं मिलता|

टर्म इंश्योरेंस प्लान में कोई भी निवेश का हिस्सा नहीं होता|

अब बाज़ार में टर्म इंश्योरेंस प्लान की कमी नहीं है| हर इंश्योरेंस कंपनी का एक टर्म प्लान है|

तो आपको कौन सा टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना चाहिए|

सच में देखे तो आप किसी भी इंश्योरेंस कंपनी से टर्म प्लान खरीद सकते हैं| बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता|

जिस भी इंश्योरेंस कंपनी से आप comfortable हों, उस कंपनी से टर्म इंश्योरेंस ले सकते हैं|

हमने पिछली एक पोस्ट में देखा था की अगर आपका प्लान (जीवन बीमा) तीन साल पुराना है, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका claim reject नहीं कर सकती|

पढ़ें: अगर जीवन बीमा पालिसी तीन साल पुरानी है, तो क्लेम खारिज(claim reject)  नहीं होगा

कौन से हैं सर्वश्रेष्ठ टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान (Best Term Life Insurance Plan)

हालाँकि आप कौनसी कंपनी से खरीदते हैं, इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, इस पोस्ट में, मैं भारत में कुछ बेहतरीन ऑनलाइन (Online) टर्म बीमा योजनाओं के बारे में चर्चा करुँगा।

ये सभी योजनायें ऑनलाइन के माध्यम से खरीदी जा सकती हैं।

ऑफ़लाइन (Offline) योजनाओं की तुलना में ऑनलाइन टर्म बीमा योजना लगभग 30-40% तक सस्ती हो सकती हैं|

कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से पूरी  प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ध्यान रखें अगर किसी वजह से इंश्योरेंस कंपनी आपकी मेडिकल जांच (medical check-up) करना चाहती है, तो वेह जांच ऑनलाइन (online) नहीं हो सकती|

खरीदी प्रक्रिया के दौरान आप एजेंट/सलाहकार के बहकावे से बच सकते हैं।

मैंने इन ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी का कैसे चुनाव किया?

मैंने चुनाव के लिए योजना का प्रीमियम और claim settlement ratio पर ध्यान दिया|

प्रीमियम कम है, तो अच्छा है|

Claim settlement ratio (क्लेम सेटलमेंट रेश्यो) यह दर्शाता है की कंपनी कितने क्लेम का सम्मान करती है| जाहिर है, जितना ज्यादा यह नंबर होगा, उतना ही आप इंश्योरेंस कंपनी में विश्वास कर सकते हैं|

साथ ही मैंने केवल इस बात पर ही ध्यान नहीं दिया की कितने प्रतिशत claim का भुगतान किया गया| मैंने claim settlement को राशि के हिसाब से भी देखा| यह जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसको देख कर ही हम जान सकते हैं की कहीं इंश्योरेंस कंपनी बड़े claim तो reject नहीं कर रही|

इस बारें में ज्यादा जानने की लिए आप इस लेख (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|

साथ ही मैंने बड़ी इंश्योरेंस कंपनी को चुनने का प्रयास किया है|

सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस प्लान (Best Online Term Insurance Plan)

  1. LIC e-Term प्लान  (एलआईसी ई-टर्म) (यह प्लान आपके लिए काफी महँगा रहेगा) (Review/समीक्षा पढ़ें)
  2. ICICI Pru Iprotect ISmart plan (Review/समीक्षा पढ़ें)
  3. Max Life Online Term Plan   (Review/समीक्षा पढ़ें)
  4. Aegon Religare iTerm Plan
  5. Tata AIA IRaksha Supreme

आईये जानते हैं की इन प्लान में 50 लाख का टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना रहेगा| साथ ही यह भी देखेंगे की अगर आपको ज्यादा राशि का कवर चाहिए (जैसे की 1 करोड़ का कवर), तो उसके लिए आपको कितना प्रीमियम देना होगा|

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ध्यान दें की यह प्रीमियम 30 वर्षीय स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए 30 साल की पालिसी अवधि के लिए हैं| विभिन्न वेबसाइट पर टर्म इंश्योरेंस कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, आप उन वेबसाइट पर जा कर अपने लिए प्रीमियम कैलकुलेट कर सकते हैं|

ध्यान दें यह प्रीमियम राशि जो बताई गयी है, वह केवल बेसिक टर्म प्लान के लिए है| अगर आपको अपने प्लान से साथ कुछ इंश्योरेंस राइडर  भी लेना चाहते हैं, तो प्रीमियम भी बढ़ेगा| टर्म इंश्योरेंस राइडर के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट (अंग्रेजी) को अवश्य पढ़ें|

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम आपकी आयु और पालिसी अवधि की आयु के साथ बढता है

टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम पूरी पालिसी अवधि के लिए एक सामान रहता है| पालिसी लेते समय ही प्रीमियम का फैसला हो जाता है और पूरी अवधि वही प्रीमियम रहता है|

अब यह प्रीमियम कितना होगा, यह आपकी आयु और पालिसी अवधि पर निर्भर करता है|

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम आपकी आयु का साथ बढ़ता है| इसका मतलब 45 वर्ष की आयु के व्यक्ति का प्रीमियम 30 वर्ष की आयु के व्यक्ति के प्रीमियम से ज्यादा होना चाहिए|

साथ ही पालिसी अवधि के साथ प्रीमियम भी बढ़ता है| जैसे की,  एक व्यक्ति के लिए 15 वर्ष की अवधि के टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम 30 वर्ष की अवधि के प्रीमियम से कम होगा|

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Health Insurance (स्वास्थ्य बीमा) से जुड़ी कुछ मिथ्याएं और न खरीदने के बहाने

by दीपेश Leave a Comment

आजकल की भाग दौड़ भरी  ज़िन्दगी में कब क्या हो जाये कुछ पता नहीं होता|

इसके लिए एक पर्याप्त हेल्थ कवरेज (health insurance) बहुत ही जरूरी होता है ।लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने पर पैसे की कमी पड़ सकती है और ऐसे बड़े खर्चे आपकी आर्थिक स्तिथि को कमज़ोर कर सकते हैं|

आज मैं इस पोस्ट में हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी  कुछ  मिथ्याओं और health इंश्योरेंस न लेने के कुछ बहानों पर चर्चा करूँगा|

 #1 मैं अभी फिट हूँ और मुझे Health Insurance की ज़रुरत नहीं है

ध्यान रखें अभी कुछ भी हो सकता है| आप कितने हीत हो, एक्सीडेंट (दुर्घटना) तो हो ह सकता है| ऐसे केस में अस्पताल का बिल कैसे भरेंगे| अगर health insurance नहीं है, ओ सारा बिल जेब से भरना होगा|

ध्या रखें की आप बीमा तभी ख़रीदे जब आपको जरुरत नहीं हो| क्योंकि जब आपको ज़रुरत हगी तब इंश्योरेंस कंपनी आपको बेचेगी नहीं|

एक बात मैंने गौर करी है, जब आप फिट होते हैं, तब इंश्योरेंस आसानी से मिल जाया है| जैसे ही कोई बीमारी हुई, इंश्योरेंस लेने में बहु परेशानी होती है|

#2 मेरे पास पहले से employer ग्रुप हेल्थ कवर है,मुझे personal हेल्थ प्लान की जरुरत नहीं है

काफी लोगो  से  मै यह सुनता हूँ । क्या आप भी ऐसा सोचते है ?

चलिए में आपसे कुछ सवाल पूछता हूँ, आपको अपने सवाल का जवाब शायद खुद ही मिल जाएगा|

1– क्या आपका employer कवर आपके परिवार को भी कवर करता है? क्या सिर्फ सिर्फ 2 या 3 लाख का कवर आपके परिवार के लिए काफी है ?

2 – यदि आपका एम्प्लॉयर अगले साल कवर कम करता है या फिर लागत में कटौती करने के लिए पूरी तरह से स्वास्थ्य कवर हटा देता है, तब आप क्या करेगे?

3 – आप अपनी जॉब (job) change करते हैं पर नयी जगह कोई health कवर नहीं है?

4– आपने अपनी job छोड़ दी है और आपको दूसरी जगह अगले हफ्ते से जाना है| आप (या आपके परिवार में कोई) उस बीच बीमार पड़ जाता है| सारा बिल आपको देना होगा|

5– Employer cover तो केवल रिटायरमेंट तक होगा| उसके बाद क्या होगा?

हमेशा ध्यान रखें, अगर आपको कोई गंभीर बीमारी हो गयी, तो शायद आप चाह कर भी health insurance न खरीद पायेंगे| और अगर खरीद भी पाएं, तो प्रीमियम बहुत जज्यादा हो सकता है|

#3 अगर मै अपने इंश्योरेंस प्लान में claim करता हूँ, तो अगले साल से मेरा प्प्रीमियम बढ़ जाएगा

ऐसा नहीं है| इंश्योरेंस कंपनी चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि IRDA (insurance regulator) ऐसा करने की अनुमति नहीं देता|

केवल claim करने की वजह से आपका प्रीमियम नहीं बढेगा|

पर ध्यान रखें, आयु के साथ आपका प्रीमियम बढ़ सकता है| साथ ही इंश्योरेंस कंपनी की underwriting पालिसी में बदलाव पर भी प्रीमियम बढ़ सकता है|  परन्तु ऐसा होने पर आपके आयु वर्ग (age group) में सबका प्रीमियम बढ़ेगा (केवल आपका नहीं)|

#4 सस्ता सबसे अच्छा

ऐसा बिल्कुल नहीं है|

स्वास्थ्य बीमा (health insurance) और जीवन बीमा (Life insurance) में बहुत अंतर होता है|

Health insurance plan की coverage काफी अलग हो सकती है| इसीलिए प्रीमियम में भी काफी अंतर हो सकता है|

अगर आपके प्लान का प्रीमियम काफी कम है, तो उसकी एक वजह यह भी हो सकती है की उसकी coverage कम है या उसमें कुछ कम features हों|

सोच समझ कर पालिसी लें|

#5 सभी तरह के दवाई के खर्चे insurance कवर करेगा

आपका health इंश्योरेंस प्लान अस्पताल का सारा खर्च नहीं उठता|

Health insurance होने के बावजूद आपको कुछ खर्चा खुद उठाना होगा|

मैंने इस बारे में विस्तार से इस पोस्ट में लिखा है| ज़रूर पढ़ें|

#6 2-4 साल बाद सब कुछ कवर किया जाता है

पहले से मौजूद बीमारियों को waiting period के खत्म होने के बाद कवर किया जाता है।

परन्तु अगर बीमा कंपनी को पता चलता है कि आपने पॉलिसी खरीदते समय पूरी तरह से अपनी स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा नहीं किया है, तो वह कभी भी आपके दावे को अस्वीकार कर सकता है (प्रतीक्षा अवधि के बाद भी)| और बीमा कंपनी सही भी है|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

Image Credit: Flickr

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हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) प्रीमियम कम करने के 8 तरीकें

Last updated: अगस्त 17, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

अस्पाताल की सुविधायें मेहेंगी होती जा रही हैं| अगर आपको किसी कारण अस्पताल में भरती होना पड़े, तो काफी खर्चा उठाना पड़ सकता है| इसी वजह से health insurance (स्वास्थ्य बीमा) खरीदना बहुत ज़रूरी हो गया है|

Health Insurance प्लान खरीदने पर आपकी बीमारी तो दूर नहीं होगी परन्तु उस बीमारी के लिए अस्पताल के खर्चे की चिंता को काफी हद तक दूर हो सकती है|

हो सकता है की आपके employer ने आपको health insurance दिया है| परन्तु ऐसे कवर में काफी समयाएं हैं| जैसे की यह कवर केवल तभी तक रहेगा जब तक आप उस employer के साथ काम कर रहे है| नौकरी छोड़ने या बदलने पर वह कवर चला जाएगा|

इसीलिए पर्सनल health insurance कवर खरीदने की सलाह दी जाती है| परन्तु हो सकता है ऐसे प्लान का प्रीमियम आपके बजट के बाहर हो| और यही वजह है की बहुत से लोग स्वास्थ्य बीमा (health insurance प्लान) नहीं खरीदते है|पर एक बात सोचिये| अगर आपको health insurance का प्रीमियम देने में इतनी परेशानी हो रही है, तो आप अस्पताल का लम्बा बिल कैसे भरेंगे|

इस पोस्ट में, मैं स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के लिए कुछ तरीकों पर चर्चा करूंगा|

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के लिए टिप्स :

#1 कम कवर के लिए ऑप्टशन

यह बिल्कुल भी कोई कवर नहीं होने से बेहतर है। यदि आप 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा (health insurance) का प्रीमियम आप नहीं दे सकते हैं (afford नहीं कर सकते), तो 2 लाख रुपये के कवर के लिए जाएं| भविष्य में जब आपका आय में बढ़त हो  और आप में ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करने का सामर्थ्य हो, तो तब आप आप कवर को बढ़ा सकते हैं।

#2 वार्षिक कटौती (Deductible) के लिए विकल्प

बीमाकर्ता केवल एक निश्चित सीमा तक अस्पताल के खर्चा देता है| आप एक सुपर टॉप-अप प्लान(super top-up plan) ले सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर आइये एक प्राइवेट इंशोरेंस कंपनी के प्लान को देखते हैं।

एक परिवार 4 (40, 38, 10, 4) के लिए, 10 लाख रुपये के परिवार के फ्लोटर का प्रीमियम 27,436 रुपये है।

यदि आप 3 लाख रुपये का कटौती (deductible of Rs 3 lacs) करते हैं, तो प्रीमियम 16,463 रुपये है।

ध्यान रखें ऐसे विकल्प में आपको पहले 3 लाख रुपये अपनी जेब से देने होंगे|

मान लिए, हॉस्पिटल बिल 7 लाख रुपये का है, तो 3 लाख आप देंगे और बचे 4 लाख insurance कंपनी देगी|

5 लाख रुपये की कटौती (deductible of रस 5 lacs) के साथ, सालाना  प्रीमियम 13,71 9 रुपये है।

#3 सह भुगतान(co-payment) का विकल्प

आप बीमा खरीदी के समय लागत साझा करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इसे कुछ इस तरह आप समझ सकते है मान लीजिये आपके health insurance plan में 20% सह-भुगतान (co-payment) है|

तो आपको बीमा कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए मेडिकल बिल का 20% आपको देना होगा।

सह–भुगतान (co-payment) बीमा कंपनी को दो तरीकों से मदद करता है।

  1. आप इलाज में लगी कीमत में साझा (share) करते हैं|
  2. क्योंकि आप उपचार की लागत को साझा करते हैं, जाहिर सी बात है आप अपने इलाज़ का खर्चा कम से कम रखने की कोशिश करेंगे| इससे इंश्योरेंस कंपनी को भी आपके इलाज़ में कम खर्चा करना होगा|

इसी वजह से co-payment का चुनाव करने पर आपका प्रीमियम कमहो जाता है|

#4 मातृत्व (maternity benefit) लाभ से बचें

मातृत्व लाभ के तहत, बीमा कंपनी child delivery में होने वाले खर्चे को कुछ हद तक उठाती है।

एक तरह से मातृत्व लाभ बीमा के सिद्धांत के खिलाफ है| आमतौर पर बीमा कंपनी का खर्चा तब होता है जब की आपको नुकसान हुआ हो| जैसे की कोई बीमारी, एक्सीडेंट, मृत्यु आदि| परन्तु बच्चे का जन्म तो ख़ुशी की बात है|

जो लोग family planning के तहत बच्चे प्लान कर रहे हैं, उन मामलों में तो यह खर्चा आना ही है|

इसी वजह से मातृत्व लाभ के साथ योजना (health insurance plan with maternity benefit) काफी महंगी होती है|

निजी तौर पर, मैं 50,000 रुपये से कम होने वाले लाभ के लिए 15,000 रुपये प्रति वर्ष के अतिरिक्त प्रीमियम का तीन साल तक भुगतान नहीं करुगा|

आप भी maternity बेनिफिट वाले प्लान से बचें|

#5 परिवार फ्लोटर (family floater) और व्यक्तिगत योजना (individual plan) के बीच तय करें

Family Floater प्लान में पूरा परिवार k ही प्लान में कवर हो सकता है|

अगर आप individual प्लान लेते हैं, तो हर व्यक्ति के लिए नया प्लान लेना होगा|

ध्यान रखें की Family floater का प्रीमियम सबसे ज्यादा आयु वाले सदस्य की आयु पर निर्भर करता है|

इसीलिए Family floater  प्लान एक युवा परिवार के लिया अच्छा विकल्प है| प्रीमियम भी कम होगा|

परन्तु अगर आप 45 से ऊपर हैं, तो शायद बेहतर होगा की आप अपने लिए individual प्लान लें|

इस पोस्ट को अवश्य पढ़ें|

#6 दूसरी बीमा कंपनी से health insurance खरीद सकते हैं

अगर आपकी वर्तमान बीमा योजना महंगी है, तो आप दूसरी बीमा कंपनी से बीमा ले सकते हैं|

नया बीमाकर्ता कम प्रीमियम पर कवर की पेशकश कर सकता है| और इससे आपका प्रीमियम कम हो सकता है|

अपनी पालिसी को port कर सकते हैं|

#7 2 साल के लिए प्रीमियम भुगतान करना

लगभग सभी बीमाकर्ता आपको आप दो या दो से अधिक वर्षों के लिए बीमा प्रीमियम का भुगतान पर 5% से 10% की छूट देते हैं ।

मान लिये10 लाख रुपये में एक Family floater का प्रीमियम 27,436 रुपए है।

यदि आप एक साथ दो साल का भुगतान करते हैं, तो आपको 52,641 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसके परिणामस्वरूप 2,231 रुपये की बचत होगी।

#8 Hospital Cash या OPD सुविधाओं से बचें

ऐसी सुविधायों के कुछ ख़ास फायदा नहीं होता और बिना बात प्रीमियम बढ़ जाता है|

आपको क्या करना चाहिए?

हमने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को कम करने के विभिन्न तरीकों पर ध्यान दिया|

ध्यान रखें हर तरीके में आपने कुछ लिया है तो कुछ दिया भी है|

प्रीमियम कम हुआ है, तो कहीं न कहीं आपकी coverage भी कम हुयी है|

निर्णय आपका हिया की आप क्या करना चाहते हैं|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

Image Credit: Flickr

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10 ऐसे खर्चे जो आपका Health Insurance plan (स्वास्थ्य बीमा) कवर नहीं करता

by दीपेश 2 Comments

आजकल जहाँ हॉस्पिटल के बिल तेजी से बढ़ रहे हैं, हेल्थ  इंश्योरेंस (health insurance या स्वास्थ्य बीमा) प्लान की अहमियत को  समझना कोई मुश्किल काम नहीं है|परन्तु अगर आप समझते हैं की आपका health insurance प्लान (स्वास्थ्य बीमा) आपकी बीमारी का सारा खर्चा उठा लेगा, तो यह भी गलत होगा|

आपको  यह भी पता होना चाहिये कि आपका हेल्थ इंश्योरेंस कुछ  जगह (case) में आपका साथ छोड़ सकता है। जिसके कारण आपको अपनी खुद के जेब से पैसे देने पड़ेगे।

इसीलिए आपके लिए यह जानना बहुत जरुरी है की आप अपने insurance प्लान की कवरेज (coverage) को  समझें, जिससे बाद में आपको परेशानी ना हो ।

आइये देखते हैं की कब आपका health insurance प्लान आपका अस्पताल का सारा खर्चा नहीं उठाएगा|

#1 क्या आपने co-payment चुना है?

अगर ऐसा है तो आपको अपने हिस्से का भुगतान खुद करना होगा , कंपनी इसमे भागीदारी नहीं लेगी।

चलिए समझते है इसका गड़ित, यदि आपने 20 % का cop-ayemt का बिकल्प चुना है तो हॉस्पिटल बिल का 20℅ आपको भरना होगा ।

मान लिये आपके कवर १० लाख रूपए का है और आपका बिल 5 लाख रुपये का बनता है| इसके साथ आपके प्लान में 20% co-payment भी है| ऐसे केस में इंश्योरेंस कंपनी केवल 4 लाख रुपये का ही भुगतान करेगी| एक लाख रुपये आपको अपनी जेब से देने होंगे|

#2 क्या आपके प्लान में आपने deductible लिया है?

आईये उदाहरण से समझते है|

मान लीजिये आपने super top-up plan ख़रीदा है 10 लाख का और उसका साल का deductible 2 लाख रुपये है, तो पहले 2 लाख का खर्चा आपको अपनी जेब से देना होगा।

अगर आपका बिल 5 लाख का है, तो 2 लाख आप देंगे और 3 लाख इंश्योरेंस कंपनी देगी| उसी साल दोबारा भरती होते हैं और 3 लाख का बिल बनता है, तो सारा खर्चा इंश्योरंस कंपनी उठाएगी क्योंकि आप 2 लाख रुपये पहले ही दे चुके हैं|

#3 किसी प्रकार का excess, sub-limit के ऊपर ?

एक बहुत आसान उदाहरण देता हूँ| मान लिजिए आपका टोटल कवर 10 लाख का है और मोतियाबिंद के इलाज के लिए 25000 की sub limit है|

अगर आप cataract (मोतियाबिंद) का ऑपरेशन कराते हैं और बिल 60,000 का बनता है, तो इंश्योरंस कंपनी केवल 25,000 ही देगी|

#4 तय कमरे के किराये से ज्यादा खर्चा(room-rent sublimit)

यह समझना कभी कभी बहुत पेचिदा हो जाता है।

अस्पताल में कई तरह के कमरे होते हैं और सबका किराया अलग अलग होता है| आपकी इंश्योरेंस पालिसी में ऐसे दैनिक किराये (daily room rent) पर लिमिट होती है| कमाल की बात यह है की दूसरे खर्चे जैसे की सर्जरी,डॉक्टर परामर्श आदि सब कमरे के किराए पर निर्भर करते हैं| जितना महंगा कमरा, उतना महंगा इलाज़|

मान लिए आपकी पालिसी में यह लिमिट 5,000 रूपये है| पर आप अस्पताल में ऐसा कमरा चुनते है जिसका किराया दिन का 10,000 रुपये है| ऐसे केस में इंश्योरेंस कंपनी केवल आधा बिल ही देगी| यह कटौती केवल कमरे के किराए पर ही नहीं, बल्कि पूरे बिल पर लगेगी|

इस केस में मान लिए 5 लाख का बिल बना है, तो इंश्योरेंस कंपनी केवल 2.5 लाख रुपये ही देगी|

इस बारें में ज्यादा जान्ने के लिए आप, यह पोस्ट पढ़ सकते हैं|

#5 इंतजार अवधि (waiting period) ख़त्म होने से पहले एक मौजूदा बीमारी (pre-existing illness) का इलाज

आपको इस तरह के waiting period की जानकारी होनी चहिये| यह जानकारी आपकी policy contract में दी होती है। सस्ते प्लान का waiting period अधिक हो सकता है ।

#6 कुछ वर्षो के लिए विशिष्ट इलाज की लागत

आपके इंश्योरेंस प्लान खरीदने के कुछ साल तक कुछ common operation कवर नहीं होते| जैसे की किडनी/गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में पत्थर, हर्निया, cataract आदि|

ऐसा न हो तो कुछ लोग ऐसे इलाज़ का खर्चा बचाने के लिए ही इंश्योरेंस लेंगे|

ध्यान रखें की इसका आपकी pre-existing illness से कोई सम्बन्ध नहीं है|

#7 पहले 30-90 दिनों में उपचार 

हर पालिसी में पहले 30-90 दिन कोई planned ट्रीटमेंट cover नहीं होता।

ध्यान रखें की किसी दुर्घटना के वजह से hospitalization और आपातकाल स्थिति इन 30-90 दिनों में भी कवर होती है।

#8 Permanent exclusions

HIV/aids , डेंटल या cosmetic ट्रीटमेन्ट आदि आपके हेल्थ insurance में कवर नहीं होता। ऐसे और भी इलाज़ हो सकते हैं| अपने पालिसी document को सही से पढ़े और समझें|

ध्यान रखें कॉस्मेटिक सर्जरी अथवा डेंटल ट्रीटमेंट किसी दुर्घटना के कारण हुआ तो कंपनी इसे कवर कर सकती है।

#9 विदेशों में उपचार

अधिकतर policy विदेशों में उपचार नहीं कवर करती। ये सभी प्लान भारत में होने वाले उपचार को ही कवर करते हैं ।

जो प्लान विदेश में उपचार को कवर करते हैं, वह काफी मेहेंगे हो सकते हैं|

#10 उपभोग्य (consumables)

आपके अंतिम अस्पताल के बिल में ऑपरेशन का खर्च, कमरे का किराया , दवाई इत्यादि ही नहीं होते| औए भी काफी सारी चीज़ें होती हैं| जैसे की खाने का बिल, diapers, बेबी फ़ूड, TV chargesम internet charges आदि| ऐसे खर्चे आपी इइंश्योरेंस कंपनी नहीं देगी|

यह सब खर्चे आसानी से आपे बिल का 8-10% हिस्सा बना सकते हैं| यह आपको अपनी जेब से ही देने होंगे और आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए|

आपको क्या करना चाहिए?

आपने बशर्ते health insurance ले लिया हो, पर आपको ऐसे खर्चो को ध्यान में रखना चाहिए जो की आपका प्लान कवर नहीं करता| और आपको ऐसे खर्चो के भुगतान के लिए हमेशा कुछ पैसा बचा के रखना चाहिए|

साथ ही साथ अपने इंश्योरेंस प्लान की coverage को समझें| अपने पालिसी document को अच्छे से पढ़े|

अगर कुछ इलाज़ या बिल का हिस्सा पालिसी के हिसाब से कवर नहीं होता, तो कंपनी उसे नहीं अदा करेगी| ऐसे केस में कंपनी से लड़ने में अपना समाया बर्बाद न करें|

अपने समय और उर्जा को बचाएँ उन मामलों के लिए जहाँ पर इंश्योरेंस कंपनी ने गलत फैसला लिया है|

साथ ही कुछ पैसा जमा कर के रखें मेडिकल आपातकालीन स्तिथियों के लिए और ऐसे खर्चों के लिए जो इंश्योरेंस कंपनी कवर नहीं करती|

Filed Under: Financial Planning, Life Insurance Tagged With: exclusion in health insurance, health insurance

आप ले सकते हैं अपनी एलआईसी पालिसी (LIC Policy) से लोन

Last updated: अप्रैल 2, 2019 | by दीपेश 46 Comments

अगर आपको पैसे की ज़रुरत है, तो आप पर्सनल लोन ले सकते है| अगर credit कार्ड है तो उस पर भी खर्चा कर सकते हैं| परन्तु आप जानते होंगे की पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की दर बहित ज्यादा होती है| आपको बड़ी परेशानी में भी डाल सकती है|

ऐसे समय में आपकी LIC Policy काम आ सकती है

ज़्यादातर लोगों के पास LIC की एक-दो पालिसी तो होती है हैं|

अगर मैं आपको बतायूं की आप अपनी एलआईसी पालिसी से भी लोन ले सकते हैं, तो आपको कैसा लगेगा|

आपके ब्याज की दर भी पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन से ज्यादा होगी|

कितना लोन ले सकत हैं अपनी LIC पालिसी से?

जब आप लोन के लिए apply करने जा रहे हैं, उस समय आपकी पालिसी की जो Surrender value उसके 90% तक का आप लोन ले सकते हैं| अगर आप अपनी पालिसी को Paid-up बना चुके हैं, तो paid-up value के 85% तक राशि का लोन ले सकते हैं|

आप कम से कम तीन साल तक अपने प्रीमियम का भुगतान कर चुके हों|

आपकी एलआईसी पालिसी की Surrender Value (सरेंडर वैल्यू) क्या होती है?

यह पता होना भी आवश्यक है क्योंकि आपके लोन की राशि Surrender value पर निर्भर करती है|

इसको calculate करना थोडा पेचीदा है| आप अपने एजेंट या निकटतम LIC शाखा में जा कर यह पता कर सकते हैं|

परेशानी यह है कि आपकी पालिसी की Surrender value आपके कुल प्रीमियम भुगतान से कम ही होती है| अगर आपको पालिसी लिए कुछ साल ही हुए हैं, तो यह value काफी कम भी हो सकती है|

तो अगर आप अपनी LIC पालिसी के किसी बड़े लोन लेने की उम्मीद कर रहे हैं, तो आप निराश हो सकते हैं|

अगर आप इस Surrender value के कैलकुलेशन के बारें में जानना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ सकते हैं|

परन्तु आपको इतनी मेहनत करने ही ज़रुरत नहीं है, आपको यह जानकारी आपके एजेंट या निकटतम LIC शाखा से मिल जायेगी|

लोन का भुगतान कैसे करना होता है?

यहाँ पर आपको काफी राहत है| अमूमन लोन में आपको हर महीने EMI देनी होती है| क्यूंकि EMI में principal (मूलधन) और interest (ब्याज) दोनों ही होता है, तो EMI भी बड़ी होती है|

अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तो EMI देना भी मुश्किल हो सकता है|

LIC policy के loan में ऐसी कोई परेशानी नहीं है|

आपको हर 6 महीने पर interest का भुगतान करना होता है|

Principal आप अपनी पालिसी के मेच्योर होने तक कभी भी भर सकते हैं| चाहें तो ब्याज के साथ भी भर सकते हैं|

तो बस हर 6 महीने ब्याज भरते रहिये| आपका काम चलता रहेगा|

अगर उधार लेने वाले की  (आपकी) मृत्यु हो जाती है या पालिसी मेच्योर हो जाती है, तो LIC बकाया लोन मृत्यु लाभ (death benefit) या मेच्योरिटी लाभ (maturity benefit) में से वसूल लेगा|

मतलब की लोन राशि काट कर आपको (या आपके nominee) बचे हुए पैसे लौटा देगा|

पढ़ें: एलआईसी जीवन अक्षय (LIC Jeevan Akshay VI): एक बार प्रीमियम, पूरे जीवन पेंशन

एलआईसी लोन में कितना ब्याज (interest) देना होता है?

मेरी समझ से ब्याज  दर फिक्स नहीं है| बदलती रहती है|

अभी यह दर 10.5% प्रतिशत चल रही है| पर यह बदल सकती है|

यह ब्याज दर आपको मिलने वाले पर्सनल लोन की ब्याज दर से कम हो सकती है|

आप लोन लेने से पहले अपने LIC एजेंट या निकटतम LIC शाखा में जा कर पता कर सकते हैं|

लोन का भुगतान न करने पर क्या होता है?

लोन लिया है तो चुकाना तो पड़ेगा ही|

अगर आप ब्याज के भुगतान में तीस (30) दिन से  ज्यादा के देरी करते हैं, तो LIC आपकी पालिसी बंद (surrender) भी कर सकता है| उस राशि से वह आपके लोन की राशि वसूल सकता है|

कोशिश करें ऐसा न हो|

कैसे लें अपनी LIC पालिसी से लोन?

आपको लोन का फॉर्म भर कर अपने एजेंट या निकटतम शाखा (home branch) में जमा कर सकते हैं|

अगर आप उस पालिसी से पहली बार लोन ले रहे हैं, तो आपको फॉर्म 5196 भरना होगा|

अगर आप उस पालिसी से दुबारा लोन ले रहे हैं (वह पालिसी LIC के नाम पर है), तो आपको फॉर्म 5205 भरना होगा|

अब आप ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं| इस पोस्ट में नीचे इस बात का उल्लेख किया गया है|

LIC से लोन के लिए आप ऑनलाइन आवेदन (apply) कर सकते हैं 

साथ ही अपने ब्याज का भुगतान भी ऑनलाइन कर सकते हैं|

आवेदन करने के लिए आप ऐसा कर सकते हैं|

  1. LIC की वेबसाइट पर जाएँ| (https://www.licindia.in)
  2. उसके बाद वहां “Online Services” के नीचे “Online Loan” पर click करें| आप सीधे इस लिंक पर भी जा सकते हैं|  https://www.licindia.in/home/policyloanoptions loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 1
  3. लिंक को click करने पर आप ऐसे एक पेज पर आ जायेंगे|loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 2
  4. यहाँ पर आ कर आप एक नए लोन के लिए apply (आवेदन) कर सकते हैं| साथ ही अगर आपका कोई लोन चल रहा है, तो आप उसका भुगतान भी कर सकते हैं|
  5. आपको लोन के आवेदन के लिए पहले LIC की website पर रजिस्टर करना होगा| रजिस्टर करने के बाद लॉग इन करें| |
  6. उसके बाद आपको “LIC Premier Services” के लिए भी रजिस्टर करना होगा| यह सेवा निशुल्क है|
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  7. “LIC Premier Services” आपको एक फॉर्म download कर के, उसका प्रिंट ले कर sign कर होगा| फॉर्म में सारे details पहले से ही भरे होंगे| आपको केवल हस्ताक्षर करने होंगे|loan against policy LIC loan LIC से लोन LIC पालिसी से लोन 4
  8. उसके बाद फॉर्म को स्कैन (scan) करने के बाद आपको अपलोड करना होगा| इसके बाद आपको कुछ दिनों में “LIC Premier Services” के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाना चाहिए|
  9. इसके बाद आप लोन के लिए ऑनलाइन apply कर सकते हैं|

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कृपया ध्यान दें मैंने खुद “LIC Premier Services” के लिए रजिस्टर नहीं किया है और न हीं लोन के लिए आवेदन किया है|

ध्यान दें: आप बशर्ते लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं परन्तु पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हो सकती|

आप एलआईसी की शाखा में जा कर यह दस्तावेज जमा करने होंगे|

  1. लोन की एप्लीकेशन
  2. पालिसी के कागज़ (लोन के भुगतान के बाद आपको यह कागज़ लौटा दिए जायेंगे)
  3. NEFT mandate form (इसमें आपके बैंक खाते की जानकारी होगी)

आपको यह डॉक्यूमेंट अपनी सर्विस ब्रांच में जमा करने की आवश्यकता नहीं है| आप निकटतम LIC शाखा में जा कर पैसे जमा कर सकते हैं|आपको ऑनलाइन आवेदन करने के 4 दिन के भीतर यह सारे डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे| ऐसा न करने पर आपकी लोन की एप्लीकेशन cancel हो जायेगी और आपको दोबारा आवेदन करना होगा|

ध्यान रखें

  1. मैंने LIC New जीवन Anand (न्यू जीवन आनंद) plan की नियमों और शर्तों (terms and conditions) पर अपनी पोस्ट आधारित की है| किसी दूसरी पालिसी में लोन के नियम अलग जो सकते हैं|
  2. लोन आपको ट्रेडिशनलइन्शो या एंडोमेंट (traditional और endowment) जीवन बीमा policy में ही मिल पाता है|
  3. यूलिप या टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में लोन नहीं मिलता|
  4. आप उम्मीद कर सकते हैं की लोन जल्दी मिल जाएगा क्योंकि यह आपके पैसे से ही मिल रहा है| LIC को कोई भी रिस्क नहीं लेना पड़ रहा|
  5. आपको एक पालिसी पर दोबारा भी लोन ले सकते हैं| यह भी हो सकता है, की आपका पहले लोन चुकता न हुआ हो, तब भी आप दूसरा लोन ले सकते हैं| परन्तु कुल मिला के बकाया लोन की राशि आपकी Surrender value के 90% से ज्यादा नहीं हो सकती|
  6. LIC के अलावा निजी इंश्योरेंस कम्पनियां भी traditional लाइफ इंश्योरंस पालिसी से लोन मिल सकता है|
  7. आपको लोन मिल जाएगा, इसका मतलब यह नहीं है की आप लोन ले लें| केवल ज़रुरत के समय की LIC पालिसी से लोन लें|
  8. LIC पालिसी के लोन को चुकाने के लिए आपको कोई टैक्स लाभ नहीं मिलता|
  9. मेरे अनुसार जो LIC policy ले लोन की ब्याज दर है, वह आपके घर के लोन से ज्यादा होगी| इसीलिए घर लेने के लिए होम लोन एक बेहत विकल्प होगा| होम लोन पर आपको टैक्स बेनेफिट भी मिलेंगे|
  10. LIC पालिसी (traditional प्लान) से आपको लोन मिल जाता है, इसका मतलब यह नहीं की आपको ऐसी पालिसी खरीदनी चाहियें| ऐसे इंश्योरेंस प्लान से बचें|

Filed Under: LIC, Life Insurance, Loans Tagged With: LIC, lic loan information in hindi, lic policy loan, lic policy loan in hindi, loan against LIC policy, एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें, एलआईसी लोन की पूरी जानकारी

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