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कैसे जानें की आपका आधार कार्ड म्यूच्यूअल फंड निवेश से लिंक हुआ है की नहीं?

Last updated: फ़रवरी 28, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

यदि आपने अभी तक अपने आधार नंबर को म्यूच्यूअल फण्ड निवेश से नहीं जोड़ा है, तो आप इस पोस्ट का पढ़ें और कुछ ही मिनटों में अपना आधार नंबर म्यूच्यूअल फण्ड निवेश में अपडेट कर दें।

पढ़ें: कैसे लिंक करें आधार कार्ड को म्यूच्यूअल फण्ड निवेश के साथ?

परन्तु लिंक करने के बाद भी एक समस्या है|

आपको कैसे पता चलेगा की आपकी आधार लिंकिंग सही से हुई या नहीं|

लिंकिंग तुरंत नहीं होती| आपके आधार की जानकारी ले ली जाती है| उसके बाद आपकी जानकारी आधार डेटाबेस से निकाली जाती है और उसे म्यूच्यूअल फण्ड फोलियो में जानकारी से मिलाया जाता है|

अगर नाम, जन्मतिथि, पता इत्यादि सही है (मेल खाती हैं), तो आपके आधार म्यूच्यूअल फण्ड से लिंक हो जाएगा|  आपके पास पुष्टिकरण की ई-मेल भी आएगी|

अगर लिंकिंग फ़ैल हो जाती है, तो आपके पास रिजेक्शन की ई-मेल आ जाती है|

मेरे पास CAMS से कुछ ऐसी ई-मेल आई|

अब समस्या यह है की अगर किसी तरह आपसे ई-मेल मिस हो गयी, तो आपको स्टेटस कैसे पता चलेगा|

अब यह पता करना हो की आपका आधार लिंक हुआ है या नहीं, इस बात के कई तरीके हैं|

  1. आप म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी को कॉल या ई-मेल करके चेक कर सकते हैं|
  2. यह भी मुमकिन है की जब आप म्यूच्यूअल फण्ड वेबसाइट पर लॉग इन करें, तब यह जानकारी अपने आप ही आ जाए|

परन्तु यहाँ आपको हर म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी को कॉल करके पता करना होगा| अब यह काफी लम्बा काम हो सकता है|

इससे भी एक आसान तरीका है|

CAMS की वेबसाइट पर जा कर

CAMS वेबसाइट पर जा कर आप आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूच्यूअल फण्ड, एचडीएफसी  म्यूच्यूअल फण्ड , एसबीआई म्यूच्यूअल फण्ड, आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूच्यूअल फण्ड, डीएसपी ब्लैकरोक म्यूच्यूअल फण्ड आदि के साथ आधार linking स्टेटस चेक कर सकते हैं|

  1. निम्नलिखित लिंक पर जाएँ| https://adl.camsonline.com/InvestorServices/COL_AdhaarMain.aspx
  2. Aadhaar Linking Status-Individual पर क्लिक करेंmutual fund CAMS aadhaar card linking status 2
  3. अपना PAN नंबर डालें और सबमिट पर क्लिक करें
  4. यदि आपका आधार आपके पैन (और संबंधित म्यूच्यूअल फण्ड फोलियो) से जुड़ा हुआ है, तो आपको “Aadhaar available for given PAN” संदेश मिलेगा।
  5. यदि आधार लिंक नहीं है, तो आपको ““Aadhaar to be provided for the given PAN” का सन्देश मिलेगा|

Karvy वेबसाइट पर जा कर

यहाँ पर आप Axis म्यूच्यूअल फण्ड, रिलायंस म्यूच्यूअल फण्ड आदि के साथ आधार स्टेटस जान सकते हैं|

  1. निम्नलिखित लिंक पर जाएं| https://vas.karvymfs.com/karvysplproducts/AdhaarlinkingStatus.aspx
  2. “Individuals-Click Here” पर क्लिक करें
  3. अपना PAN नंबर डालें और सबमिट करें।
  4. आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) मिलेगा|
  5. यदि आधार लिंक हो गया है, तो आपको संदेश मिलेगा: Aadhaar Seeding Successful
  6. यदि आधार लिंक नहीं हुआ है, तो आपको संदेश मिलेगा: Aadhaar not registered

अब देर किस बात की| जल्दी ऊपर दिए गए लिंक पर जाएँ और पता करें की आपका आधार म्यूच्यूअल फण्ड निवेश से लिंक हुआ है की नहीं|

फ्रेंकलिन टेम्पलटन (Franklin Templeton) और सुंदरम (Sundaram) की वेबसाइट पर कोई भी आधार स्टेटस चेक करने का कोई लिंक नहीं मिला| यहाँ पर आप अपने आधार लिंकिंग की स्थिति (status) जानने के लिए फोन या ई-मेल कर सकते हैं।

Filed Under: Aadhaar, Mutual Funds Tagged With: आधार कार्ड म्यूच्यूअल फण्ड, म्यूच्यूअल फण्ड आधार कार्ड

अगर इंश्योरेंस (बीमा) खरीदने की सोच रहे हैं, तो इस गलतियों से बचें

by दीपेश Leave a Comment

पर्याप्त बीमा खरीदना फाइनेंसियल प्लानिंग का पहला कदम है|

आप यहाँ पर गलती नहीं कर सकते|

आपको समझने की ज़रुरत है की अगर निवेश करने में गलती हो गयी, तो आप आगे ज़िन्दगी में इस सुधार सकते हैं| परन्तु अगर जीवन बीमा लेने में गलती हो गयी, तो शायद आपको दूसरा मौका न मिले| सोचिये आपकी इस गलती की वजह से आपके परिवार को कितनी परेशानी हो सकती है| आपके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है|

अगर पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा नहीं लिया, तो शायद आप अपने परिवार का इलाज़ किसी अच्छे अस्पताल में न करा पाएं|

इसके बावजूद भी हम में से बहुत से हमारे बीमा पोर्टफोलियो पर ध्यान नहीं देते हैं। जीवन बीमा तो फिर भी ले लेते हैं| पर हेल्थ इंश्योरेंस को पैसे की बर्बादी समझते हैं|

आईये ऐसी ही कुछ गलतियों पर इस पोस्ट में जिक्र करते हैं| वैसे तो हम लोगों को कई प्रकार के बीमा की ज़रुरत होती है, परन्तु इस पोस्ट में मैं केवल जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर चर्चा को सीमित रखूँगा।

#1 मेरे Employer मुझे जीवन और स्वास्थ्य कवर प्रदान करता है । मुझे अलग से बीमा खरीदने की ज़रुरत नहीं है|

संगठित क्षेत्र में कई Employer अपने कर्मचारियों और उनके तत्काल परिवारों को हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान करते हैं। कुछ Employer अपने कर्मचारियों को जीवन कवर भी प्रदान करते हैं। आम तौर पर पूरे परिवार के लिए स्वास्थ्य कवर 2-4 लाख रुपये होता है। अगर जीवन बीमा दिया जाता है, तो वह आपकी वार्षिक आय का 2-5 गुना होता है|

अब आपको अपने आप से यह सवाल पूछने की जरूरत है| क्या यह बीमा राशि पर्याप्त है?

क्या किसी बड़े शहर में 4 लोगो के परिवार के लिए 3 लाख की स्वास्थ्य कवर (हेल्थ इंश्योरेंस) पर्याप्त है?

बात करें जीवन बीमा की| मान लिए, आपके एम्प्लायर ने आपको 20 लाख का जीवन बीमा दे दिया है|

आपकी अनुपस्तिथि में क्या आपका परिवार 20 लाख रूपए के साथ अपनी जीवन शैली बनाए रख पाएगा (यदि आपकी वार्षिक आय 8 लाख रुपए थी)। क्या आपके होम लोन का भुगतान हो पायेगा?

आपकी बीमा की ज़रुरत के बारे में आपको ज्याद पता है या आपके एम्प्लायर को?

क्या आप चाहते हैं कि आपका Employer निर्णय करे की आपको इलाज़ के लिए कौन से अस्पताल जाना है?

एम्प्लायर द्वारा दिया गया बीमा केवल तभी तक है, जब आप उसी नौकरी में हैं| आपके नौकरी छोड़ने पर यह बीमा नहीं रहेगा| क्या आपके नौकरी छोड़ने पर आपकी बीमा की ज़रुरत खत्म हो जायेगी?

अगर नौकरी बदल रहे हैं, तो शायद नया एम्प्लायर आपको यह बीमा कवर न दें या बीमा का हो| तब आप क्या करेंगे? नयी नौकरी शुरू करने और पुरानी नौकरी छोड़ने में कुछ समय हो सकता है, उस बीच में आपके पास कोई कवर नहीं होगा| अगर इस दौरान कुछ हो गया तो आप क्या करेंगे?

अपने बीमा की पोर्टफोलियो पर नियंत्रण पाएं| पर्याप्त जीवन और स्वास्थ्य बीमा स्वयं खरीदें|

#2 मैं समझता हूँ की बीमा खरीदने की ज़रुरत है पर मेरे पास पैसे नहीं हैं

अब इसका फैसला आपको करना है|

अगर आपके पास लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम के लिए पैसे नहीं है, तब आप अस्पताल के महेंगे इलाज़ के लिए पैसे कहाँ से लायेंगे|

अगर आपको कुछ हो गया, तो आपके घर को चलाने के लिए पैसे कहाँ से आयेंगे? आपके होम लोन का भुगतान कैसे होगा? आपके बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी?

अगर आपके पास इन सवालों के जवाब नहीं है, तो आपको कैसे भी करके जीवन और स्वास्थ्य बीमा लेना चाहिए|

आपके प्रीमियम को कम करने का तरीके हैं| इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं|

पढ़ें: कैसे कम करें अपना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम?

#3 आप टैक्स को बचाने के लिए बीमा खरीदते हैं

जीवन बीमा के प्रीमियम भुगतान पर धारा 80C के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की छूठ मिलती है|

स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) प्रीमियम भुगतान पर  आयकर धारा 80D के तहत प्रति वर्ष 25,000 हज़ार रुपये तक की छूठ मिलती है| FY2019 से यह छूठ बढ़ा कर 50,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गयी है|

अगर आपका ध्यान बीमा खरीदते समय केवल टैक्स बेनिफिट पर रहेगा, तो आप गलती कर सकते हैं|

पहले अपने लिए पर्याप्त बीमा खरीदें| टैक्स बेनिफिट तो केवल सोने पर सुहागा है|

आपको जीवन में दुर्भाग्यपूर्ण और अप्रत्याशित घटनाओं से बचाने के लिए बीमा खरीदने चाहिए और न केवल टैक्स को बचाने के लिए।

family insurance plan

#4 अगर प्रीमियम दे रहा हूँ, तो कुछ तो वापिस मिलना चाहिए

अगर कुछ वापिस नहीं मिला और मैंने क्लेम नहीं किया, तो सारा पैसा बेकार गया|

यह बहुत ही गलत सोच है|

इसी कारण बहुत से लोग टर्म लाइफ इंश्योरेंस नहीं खरीदते| कुछ लोग हेल्थ इंश्योरेंस भी इस वजह से नहीं खरीदते|

मेरे अनुसार टर्म लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा खरीदने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है| एक पोस्ट में मैंने सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान के बारे में भी चर्चा करी है|

परन्तु क्योंकि टर्म इंश्योरेंस प्लान में कुछ पैसा वापिस नहीं मिलता (अगर आपको पालिसी अवधि के अंत तक जीवित रहते हैं), बहुत से लोग ऐसे प्लान से बचते हैं|

ऐसे लोग टर्म इंश्योरेंस की जगह कम रिटर्न वाले ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान (जैसे की एलआईसी जीवन आनंद) में निवेश करते हैं| ऐसे प्लान में न तो रिटर्न अच्छे मिलते हैं और न ही पर्याप्त जीवन बीमा मिलता है|

या फिर कुछ लोग यूलिप (Unit Linked Insurance Plan या ULIP) में निवेश करते हैं| यहाँ भी काफी परेशानियां हैं|

इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को न मिलाएं| Do not mix Insurance and Investment.

ऐसी गलती करने की बजाय, अगर आप टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदें और पैसा अलग से निवेश करें, तो आपको जीवन बीमा भी ज्यादा मिलेगा और शायद रिटर्न भी|

#5 मैं युवा और स्वस्थ हूँ, मुझे बीमा की ज़रूरत नहीं है

अच्छी बात है|

पर क्या आप दावे से कह सकते हैं की कभी बीमार नहीं पड़ेंगे? या आप कभी अस्पताल में कभी भर्ती नहीं होंगे? ज़िन्दगी में कभी भी कुछ भी हो सकता है| आपको तैयार रहने की ज़रुरत है|

एक्सीडेंट तो किसी का भी हो सकता है? ऐसी स्तिथि में अस्पताल में भारती भी होना पड़ सकता है और मृत्यु भी हो सकती है|

बशर्ते आप युवा और स्वस्थ हों, आपको जीवन और स्वास्थ्य बीमा लेने की ज़रुरत है|

अगर आप कम आयु में बीमा लेते हैं, तो आपका प्रीमियम भी कम होगा| अगर बीमारी होने का इंतज़ार करेंगे, तो बीमारी होने के बाद शायद आपको बीमा मिले ही नहीं|

#6 अपने  बच्चों के नाम पर जीवन बीमा खरीदना

इससे बड़ी बेवकूफी तो हो ही नहीं सकती|

आप जीवन बीमा इसलिए खरीदते हैं ताकि आपकी अनुपस्थिति में आपके परिवार की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यदि आप आपके बच्चे के जीवन पर जीवन बीमा खरीदते हैं  और कुछ आप के साथ होता है, तो बीमा कंपनी कुछ भी भुगतान नहीं करेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि बीमा आपके बच्चे का जीवन पर है, आपके जीवन पर नहीं|

बच्चे के नाम पर निवेश करने पर रिटर्न तो बेहतर मिलते हैं, परन्तु जीवन बीमा का कोई अर्थ नहीं बचता|

और जब आप बीमा और निवेश की जरूरतों को मिलाते हैं, तो ऐसी गलतियाँ हो सकती हैं|

#7 मैंने यह प्लान इसलिए खरीदा क्योंकि बेचने वाला मेरा मित्र या परिवार से था

आपको न कहना आना चाहिए|

अगर आपका मित्र या परिवार जन आपको कोई ऐसी बीमा पालिसी बेच रहा है जो आपके लिए लाभकारी है, तो अवश्य खरीदें|

परन्तु इस वजह से न खरीदें क्यूंकि आप उनसे मना नहीं कर सकते|

अगर आपके मित्र को आपको गलत प्लान बेचते हुए बुरा नहीं लग रहा, तो आपको न करने में बुरा नहीं लगना चाहिए|

विनम्रता से न कहना सीखें|

#8 अपने दिमाग से फैसला लें, न की अपने दिल से

जब कोई इंश्योरेंस एजेंट आपसे संपर्क करता है, तो बेचने के लिए आपकी भावनाओं को अपील करता है|

आपसे कहा जाएगा की इस प्लान को लेने पर आप अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं|

इस बात को सुनने के बाद मना करना बहुत मुश्किल है| मना करने पर अपराध बोध होगा|

एक स्मार्ट विक्रेता इस बात को जानता है| इसीलिए वह आपके दिल से अपील करता है|

आप समझदारी से काम लें|

आपने दिल को दिमाग पर भारी न होने दें| किसी भी इंश्योरेंस प्लान को सही से जांचे परखें और उसके बाद ही निर्णय लें|

संक्षिप्त में

  1. पर्याप्त स्वास्थ्य और जीवन कवर खरीदें। केवल टैक्स बचाने पर ध्यान न दें|
  2. केवल अपने एम्प्लायर द्वारा स्वास्थ्य (या जीवन) बीमा कवर पर भरोसा न करें|
  3. बीमा और निवेश की जरूरतों को न मिलाएं|
  4. अपने बच्चों के नाम पर जीवन बीमा न लें|
  5. अपने आपको को सुपरमैन न समझें, बीमा को ज़रुरत सभी को है|
  6. अपने मित्रों और परिवार जनों को मना करना सीखें|
  7. समझदारी से काम लें| दिल की बजाय, दिमाग से फैसला करें|

Image Credit: Chris and Karen Highland, 2015. The original image and information about usage rights can be downloaded from Flickr

Filed Under: Life Insurance Tagged With: insurance mistakes, जीवन बीमा की गलतियाँ, लाइफ इंश्योरेंस, स्वास्थ्य बीमा गलतियां, हेल्थ इंश्योरेंस

समय से भरें इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return): अगर नहीं भरेंगे, तो देना होगा जुर्माना

by दीपेश Leave a Comment

एक ईमानदार और ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते आपका फ़र्ज़ बनता है की आप सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें|

आपको समय पर अपने Income Tax Return (ITR) फाइल करन चाहिए| यदि किसी कारणवश अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, तो ज्यादा देर इंतज़ार न करें| अगर आप सही समय पर आयकर रिटर्न फाइल नहीं करते, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं|

इस पोस्ट में हम जानेंगे की, अगर आप आयकर रिटर्न भरने से चूक गए हैं, तो आप क्या कर सकते हैं और कब तक रिटर्न भर सकते हैं|

किन लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न (आयकर रिटर्न) भरना ज़रूरी है?

अगर आपकी किसी वित्तीय वर्ष में कुल आय 2.5 लाख या उससे ज्यादा है, तो आपको उस वर्ष के लिए आयकर रिटर्न भरना ज़रूरी है|

आप पिछले कितने साल के आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं?

अभी के नियम के अनुसार आप पिछले दो वित्तीय वर्ष के रिटर्न फाइल कर सकते हैं|

एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं|

आप वित्तीय वर्ष 2018 (FY2018, यानी 31 मार्च 2018 तक) में आप पिछले दो वित्तीय वर्षों 2016-17 (FY2017) और वित्तीय वर्ष 2015-16 (FY2016) के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

ध्यान दें FY2017 का मतलब हुआ Assessment Year 2017-2018 (AY2017-2018).

आप FY2016 और FY2017 के रिटर्न मार्च 31, 2018 तक फाइल कर सकते हैं|

परन्तु अगले वर्ष से इस नियम में परिवर्तन हो रहा है

1 अप्रैल 2018 से आप केवल पिछले एक वर्ष के इनकम टैक्स रिटर्न ही फाइल कर पायेंगे|

इसका मतलब आपको FY2018 (जो मार्च 31 2018 के खत्म होगा) का रिटर्न केवल मार्च 31, 2019 तक ही फाइल कर सकते हैं|

FY2018 का रिटर्न FY2019 में फाइल करना है|

इसका मतलब यह भी हुआ की FY2017 का रिटर्न आपको मार्च 31 2018 तक फाइल करना है|

इसका मतलब यह नहीं की आप मार्च 31 तक रिटर्न भरने का इंतज़ार करें

देखिये मार्च 31 के बाद तो आप रिटर्न भर ही नहीं सकते| इसका मतलब यह नहीं है की मार्च 31 तक का इंतज़ार करें|

अमूमन रिटर्न भरने की आखरी तारीख जुलाई 31 होती है| जैसे की FY2018 के रिटर्न भरने की समय सीमा (deadline) July 31 2018 है| हालांकि इस तारीख को कई बार आयकर विभाग थोड़ा बढ़ा सकता है|

पर कोशिश करें की जुलाई 31 तक रिटर्न फाइल करें|

अगर समयसीमा का पालन नहीं किया तो देना होगा जुर्माना

अगर जुलाई 31 2018 तक FY2018 के रिटर्न फाइल करते हैं, तो अच्छी बात है|

अगर तब तक नहीं कर पाते और दिसम्बर 31 2018 तक करते हैं, तो 5,000 रुपये तक अंक जुर्माना देना हो सकता है|

अगर दिसम्बर में भी नहीं कर पाते और मार्च 31 2019 तक कर पाते हैं, तो 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है|

अगर मार्च 31 2019 तक भी नहीं कर पाते, तो फिर आप FY2018 का रिटर्न फाइल नहीं कर पायेंगे|

तो आप देख सकते हैं| हालांकि आप रिटर्न तो अगले वर्ष की मार्च 31 (2019) तक फाइल कर सकते हैं, पर अगर इस वर्ष की जुलाई 31 (2018) तक नहीं दाखिल किया, तो जुर्माना देना होगा|

बस थोड़ी से राहत है|

अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है, तो अधिकतम जुर्माना 1,000 रुपये हो सकता है|

परन्तु अगर आप आयकर नोटिस के जवाब में रिटर्न फाइल कर रहे हैं, तो पिछले कई वर्षों के विलम्बित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं|

एक बात और, अगले वर्ष से, अगर किसी कारणवश आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न revise करना पड़ता है, तो वह आप केवल अगले वर्ष की मार्च 31 तक ही कर सकते हैं| तो मान लिए की आपने अपना रिटर्न समयसीमा (July 31, 2018) के अन्दर भर दिया| परन्तु बाद में आपको पता चला की आपसे रिटर्न भरने में कुछ गलती हो गयी है| ऐसी किसी गलती को आप केवल अगले वर्ष की मार्च 31 (मार्च 31 2019) तक ही सुधार सकते हैं|

आयकर रिटर्न को देर से दाखिल करने के कुछ और भी नुकसान हैं

हमनें ऊपर देखा की समयसीमा (July 31) के अन्दर आयकर रिटर्न न भरने की वजह से आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है| हालांकि आप अगले वर्ष की मार्च 31 तक रिटर्न भर सकते हैं, पर आपको जुर्माना देना होगा| मार्च 31 के बाद रिटर्न नहीं भर पायेंगे|

परन्तु देर से रिटर्न फाइल करने पर और भी परेशानियां हैं|

  • अगर आप समयसीमा (July 31) तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो आप capital loss (loss from house property के अलावा) को carry forward नहीं कर पायेंगे|
  • अगर टैक्स का भुगतान बकाया है, तो आपको 1% प्रति माह के हिसाब से जुर्माना भी जमा करना होगा|

Disclaimer: मैं टैक्स एक्सपर्ट नहीं हूँ| इसीलिए कुछ भी फैसला करने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स कंसलटेंट से बात करें| समय पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरें|

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Credit

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एलआईसी जीवन लक्ष्य (Table no. 833): पूरी जानकारी और रिव्यु (LIC Jeevan Lakshya in Hindi)

Last updated: फ़रवरी 19, 2018 | by दीपेश 6 Comments

एलआईसी जीवन लक्ष्य (प्लान 833) एक सीमित प्रीमियम, नॉन-लिंक्ड (Limited Premium, Non-linked participating endowment) एंडोमेंट प्लान है| आईये जानते हैं इस प्लान के बारे में विस्तार से|

साथ ही यह भी देखते हैं की क्या आपको एलआईसी जीवन लाख्स्य में निवेश करना चाहिए|

एलआईसी जीवन लक्ष्य (Plan 833): पूरी जानकारी और समीक्षा (LIC Jeevan Lakshya: Review in Hindi)

  • सीमित प्रीमियम भुगतान योजना (Limited Premium Payment Plan) है| इसका मतलब आपको प्रीमियम कम समय तक देना होगा और आपको कवर अधिक समय तक मिलेगा|
  • प्रीमियम भुगतान की अवधि पालिसी अवधि से कम है|
  • न्यूनतम पालिसी अवधि (Minimum Policy Term): 13 वर्ष
  • अधिकतम पालिसी अवधि (Minimum Policy Term): 25 वर्ष
  • प्रीमियम भुगतान अवधि (Premium Payment Term): पालिसी अवधि से 3 वर्ष कम, अगर पालिसी अवधि 20 वर्ष है, तो आपको 17 वर्ष तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा
  • न्यूनतम प्रवेश आयु (Minimum Entry Age): 18 वर्ष
  • अधिकतम प्रवेश आयु (Maximum Entry Age): 50 वर्ष
  • पालिसी मेच्योरिटी का समय अधिकतम आयु (Maximum Age at Maturity): 65 वर्ष
  • न्यूनतम मूल बीमित राशि (Minimum Sum Assured): 1 लाख रुपये
  • अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Sum Assured): ऊपरी सीमा नहीं
  • आप योजना के साथ दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता लक्ष्य (Accidental Death and Disability Rider) राइडर खरीद सकते हैं। साथ ही एलआईसी का Term Assurance Rider भी ले सकते हैं|
  • आप 3 वर्ष के बाद पालिसी से लोन भी ले सकते हैं|
  • प्रीमियम भरने पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|
  • परिपक्वता (मेच्योरिटी) के समय मिलने वाली राशि कर-मुक्त (tax-free) है|

एलआईसी जीवन लक्ष्य के बारे में अधिक जानकारी आप LIC वेबसाइट पर पा सकते हैं|

एलआईसी जीवन लक्ष्य (Plan 833): मृत्यु लाभ (LIC Jeevan Lakshya: Death Benefit)

एलआईसी के अन्य प्लान से यह प्लान थोड़ा अलग है|

ज़्यादातर प्लान में धारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी (परिवार) को एक मुश्त राशि दे दी जाती है|

परन्तु एलआईसी जीवन लक्ष्य में कुछ अलग होता है|

पालिसी धारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को  यह निम्नलिखित राशि मिलती है|

  1. मृत्यु के बाद हर वर्ष बीमा राशि की 10% (10% of Sum Assured) राशि मिलती है पालिसी maturity के एक वर्ष पहले तक| राशि के भुगतान पालिसी anniversary पर किया जाता है|
  2. साथ ही पालिसी मेच्योर होने पर बीमा राशि की 110% राशि (110% of Sum Assured) दी जाती है| इसके साथ बोनस भी दिए जाते हैं| 110%*बीमा राशि (110% * Base Sum Assured) + निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus)

अब निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) और अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) के बारे में हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं| संक्षिप्त में जानते हैं|

एलआईसी साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Simple Reversionary Bonus) के घोषणा हर वर्ष करती है| बोनस के राशि हर वर्ष बदल भी सकती है| यह बोनस आपके बीमा राशि के ऊपर दिया जाता है| बोनस की घोषणा प्रति 1,000 रुपये के बीमा राशि पर होता है| तो मान लिए आपका Sum Assured 5 लाख रुपये है और LIC ने आपकी पालिसी के लिए 40 रुपये प्रति 1,000 रुपये के बोनस की घोषणा करी|

ऐसी स्तिथि में आपका कुल बोनस हुआ: 40/1,000*5 लाख = 20,000 रुपये

ध्यान दें, हालांकि इस बोनस की घोषणा हर वर्ष होती है, आपको यह सारी राशि पालिसी मेच्योर होने पर ही मिलती है| इस राशि पर आपको कोई रिटर्न भी नहीं मिलता| यह राशि बस आपकी पालिसी से जुड़ जाती है|

अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) केवल परिपक्वता या मृत्यु के वर्ष में ही लागू होता है। Simple Reversionary Bonus की तरह इस फाइनल एडिशनल बोनस की आपकी पालिसी के लिए घोषणा हर वर्ष नहीं होती|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं:

मान लिए एक 30 वर्षीय व्यक्ति 25 वर्ष की पालिसी अवधि के लिए 5 लाख रुपये का जीवन लक्ष्य प्लान खरीदता है| प्रीमियम भुगतान की अवधि 22 वर्ष (25 वर्ष – 3 वर्ष) होगी|

मान लिए 5 वर्ष बाद पालिसी धारक की मृत्यु हो जाती है|

ऐसी स्तिथि में धारक के परिवार के छठे पालिसी वर्ष से चौबीसवें पालिसी वर्ष तक (from 6th policy year until 24th policy year) हर वर्ष 50,000 (5 लाख * 10%) रुपये मिलेंगे|

पालिसी मेच्योरिटी के समय 5.5 लाख रुपये और साथ में बोनस भी मिलेगा| मान लिए पालिसी में हर वर्ष 49 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा राशि के बोनस की घोषणा होती है, ऐसे में आपका मेच्योरिटी के समय बोनस हुआ: 25* 5 लाख/1000 * 49 = 6.125 लाख रुपये|

इसके अलावा, मान लिए अंतिम अतिरिक्त बोनस है 200 रुपये प्रति 1000 रुपये बीमा राशि| ऐसे में आपका बोनस हुआ 5 लाख * 200/1000 =1 लाख रुपये|

आपको कुल मिला कर मिलेंगे 5.5 लाख रुपये + 6.125 लाख रुपये + 1 लाख रुपये = 12.63 लाख रुपये|

अब देखें तो, अगर 5 वर्ष बाद मृत्यु होती है, तो आपके परिवार को मिलेंगे:

  1. छठे वर्ष से चौबीसवें वर्ष तक हर वर्ष 50 हज़ार रुपये
  2. पच्चीसवें वर्ष में पालिसी मेच्योरिटी के समय 12.63 लाख रुपये

एलआईसी जीवन लक्ष्य (Plan 833): मेच्योरिटी लाभ (LIC Jeevan Lakshya: Maturity Benefit)

पालिसी मेच्योर होने पर आपको निम्नलिखित राशि मिलेगी:

बीमा राशि (Base Sum Assured) + निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) + अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus)

बोनस की परिभाषा वही है, जो की मृत्यु लाभ वाले सेक्शन में बताई गयी है|

एलआईसी जीवन लक्ष्य में रिटर्न कैसे मिलते हैं?

देखिये एलआईसी जीवन लक्ष्य एक participating प्लान है| आपका रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है की एलआईसी आपकी पालिसी अवधि के दौरान कितने बोनस की घोषणा करता है|

अगर ज्यादा बोनस मिलता है, तो रिटर्न बेहतर होंगे|

ध्यान दें बोनस के कोई गारंटी नहीं है| बोनस की मात्र एलआईसी के इन्वेस्टमेंट के परफॉरमेंस पर निर्भर करती है| आप समझ सकते हैं की ऐसी स्तिथि में मिलने वाले बोनस का आंकलन करना आसान बात नहीं है|

परन्तु हमनें पहले और भी बहुत सारे ऐसे ही प्लान पर चर्चा करी है और देखा है की रिटर्न कुछ ख़ास अच्छे नहीं होते|

एलआईसी जीवन लक्ष्य के रिटर्न का आंकलन करने के हमें बोनस के मात्र की कल्पना करनी होगी और उसके बाद हम रिटर्न देख सकते हैं|

एक उदहारण की सहायता से देखते हैं:

एक 35 वर्षीय पुरुष 25 साल की पालिसी अवधि की लिए 10 लाख का बीम खरीदता है|

उसका वार्षिक प्रीमियम होगा 42,272 रुपये| GST लगने के बाद पहले वर्ष का प्रीमियम 44,174 रुपये होगा| दूसरे वर्ष से प्रीमियम 43,223 रुपये होगा|

यह प्रीमियम 22 वर्ष तक भरना होगा| पालिसी 25 वर्ष के बाद मेच्योर होगी|

आप किसी दूसरी आयु, बीमा राशि और पालिसी अवधि के लिए प्रीमियम जानने की लिए एलआईसी जीवन लक्ष्य प्रीमियम कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं|

मैंने 49 रुपये प्रति 1,000 रुपये बीमा का Simple Reversionary Bonus माना है| यह राशि मैंने पिछले वर्ष के बोनस को देख कर रखी है|

फाइनल एडिशनल बोनस के लिए हम कई वैल्यू के लिए आपकी मेच्योरिटी राशि निकालने की कोशिश करेंगे|

lic jeevan laskhya review table 833 एलआईसी जीवन लक्ष्य

आप देख सकते हैं की रिटर्न 5.5% p.a से 6.5% p.a. के बीच में है| ध्यान दे यह रिटर्न 35 वर्ष की आयु के व्यक्ति के लिए हैं| अगर आपकी आयु ज्यादा हा, तो आपके लिए रिटर्न कुछ कम होंगे|

इसके विपरीत अगर आपकी आयु 35 वर्ष से कम है, तो आप थोड़े बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद कर सकते हैं|

क्या आपको एलआईसी जीवन लक्ष्य में निवेश करना चाहिए?

मेरे अनुसार यह रिटर्न एक लम्बी अवधि के निवेश के लिए अच्छे नहीं हैं| बाकी आपकी मर्ज़ी|

आप एक टर्म इंश्योरेंस प्लान और पीपीएफ के मिश्रण के साथ बेहतर कर सकते हैं| मेरा मतलब है की एक टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदें और बची हुई राशि को पीपीएफ में निवेश करें|

आपको जीवन बीमा भी ज्यादा मिलेगा और शायद रिटर्न भी|

एलआईसी जीवन लक्ष्य में एक बात अच्छी है की (मृत्यु की स्तिथि में) आपके परिवार को कुछ समय तक नियमित आय मिलती है और पालिसी मेच्योरिटी के समय ही पूरी राशि मिलती है| इससे फायदा यह होता है की आप जिस लक्ष्य के लिए निवेश कर रहे हैं, उस लक्ष्य के लिए निवेश जारी रहता है|

तो क्या आपको एलआईसी जीवन लक्ष्य में निवेश करना चाहिए?

मेरे राय माने तो एलआईसी जीवन लक्ष्य में निवेश न करें|

इसकी वजह यह है की आपको रिटर्न बहुत कम मिलेंगे| और आपके पास लचीलापन भी ज्यादा नहीं है|

इससे बेहतर होगा की एक टर्म इंश्योरेंस प्लान लें| टर्म इंश्योरेंस प्लान में भी ऐसे विकल्प होते हैं की जहां आपके परिवार को आपकी अनुपस्तिथि में कुछ वर्षों तक नियमित आय मिलती रहती है| पहले अपने लिए पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस प्लान लें| बची हुई राशि को निवेश करें|

क्या आप एलआईसी जीवन लक्ष्य में निवेश करेंगे?

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एलआईसी न्यू जीवन आनंद (LIC New Jeevan Anand)

एलआईसी जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh)

एलआईसी जीवन उमंग (LIC Jeevan Umang)

एलआईसी न्यू एंडोमेंट प्लान (LIC New Endowment Plan)

एलआईसी जीवन तरुण (LIC Jeevan Tarun)

एलआईसी ई-टर्म प्लान (LIC e-Term plan)

एलआईसी बीमा बचत प्लान (LIC Bima Bachat Plan)

एलआईसी जीवन शिरोमणि (LIC Jeevan Shiromani)

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कार लोन के बारे में पूरी जानकारी: कैसे कम कर सकते हैं अपनी कार लोन की EMI

Last updated: फ़रवरी 13, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

आप कार लेने की सोच रहे है, पर कार की कीमत अभी पहुँच से बाहर है| परेशान होने की ज़रुरत नहीं है, आपके पास कार लोन लेने का विकल्प है|

आप कितना कार लोन ले सकते हैं? कार लोन की ब्याज कितनी होती है? कार लोन की अवधि कितनी होती है? क्या पुरानी कार के लिए भी लोन ले सकते है? कहाँ से मिलेगा लोन?

आईये जानते हैं कार लोन के बारे में विस्तार से|


कार लोन क्या होता हैं?

कार लोन एक ऐसा लोन होता है जो की आप एक कार लेने के लिए लेते हैं| आपको नयी कार या पुरानी कार (second-hand car) लेने के लिए लोन मिल सकता है|

पर हाँ, एक नयी कार के लिए लोन लेना आसान है| पुरानी कार के लिए लोन मिलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है| और पुरानी कार के लोन के लिए आपको ब्याज दर भी ज्यादा देनी होगी|


कितना कार लोन मिल सकता है?

आपको कार की 80-90% मूल्य तक का लोन मिल सकता है| ध्यान दे मैं यहाँ ex-showroom price की बात कर रहा हूँ|

आपको कार को शोरूम से बाहर निकालने के लिए रजिस्ट्रेशन ड्यूटी और कुछ कर (tax) देने होते हैं, ex-showroom price में यह सब जोड़ कर on-road price निकाला जाता है|

कार के रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस शुल्क और करों (taxes) के लिए आपको लोन नहीं मिलता|  एक बात और, रजिस्ट्रेशन ड्यूटी और कर हर प्रदेश (state) में अलग हो सकते हैं|

अमूमन, आपको कार के ex-showroom price के अनुसार लोन मिलता है, on-road price के अनुसार नहीं| पर कुछ बैंक आपको on-road price के अनुसार भी लोन मिलता है|

साथ ही लोन राशि आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर भी निर्भर करेगी| आपकी मासिक आय और अन्य ऋण को भी बैंक ध्यान में रखेगा|


कार लोन कहाँ मिलता है?

सभी बैंक कार लोन देते हैं|

आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ICICI बैंक, HDFC बैंक या किसी और बैंक से भी कहीं से भी लोन ले सकते हैं|

साथ ही कई NBFC (Non-Banking Finance Company) भी कार लोन देती हैं|

आप महिंद्रा फाइनेंस (Mahindra Finance) जैसे कंपनी से भी लोन ले सकते हैं|

कार डीलर के भी बैंक या फाइनेंस कंपनी से tie-up होता है| आप कार डीलर के यहाँ से भी लोन के लिए एप्लाई कर सकते हैं| पर शायद वहाँ पर आपको अच्छी ब्याज दर न मिले| इसलिए कुछ भी फैसला करने से पहले बाहर भी ब्याज दरों के बारें में पता करें|

ध्यान दें कार लोन के नियम, ब्याज दर और पात्रता (eligibility) हर बैंक या कंपनी में अलग हो सकती है|


कार लोन पर इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) कितना होता है? सबसे सस्ता कार लोन कहाँ मिलता है?

कार लोन में आपको फिक्स्ड (Fixed) और फ्लोटिंग (Floating), दोनों तरह की ब्याज दर मिल सकती है|

कार लोन की ब्याज दर बढती घटती रहती है|

ब्याज दर आपकी कार के मॉडल/segment, CIBIL स्कोर और लोन अवधि पर निर्भर कर सकती है|

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कार लोन की ब्याज दर आप यहाँ चेक कर सकते हैं|

आईसीआईसीआई बैंक के कार लोन की ब्याज दर आप ICICI की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं|

अभी (फरवरी 2018) SBI कार लोन की ब्याज दर 8.70% से 9.20% के बाच चल रही है|

अब यह कहना मुश्किल है, की आपको सबसे सस्ता लोन कहाँ मिलेगा| आप 2-3 बैंक में जा कर पता कर सकते हैं|

परन्तु केवल ब्याज दर पर ही ध्यान न दें| लोन के कुछ अन्य शुल्क भी होते हैं जैसे की प्रोसेसिंग फीस इत्यादि|

साथ की अगर आप समय से पहले लोन (loan pre-payment) का भुगतान करते हैं, तो आपको pre-payment penalty भी देनी पड़ सकती है| ज़ाहिर है, जहाँ pre-payment पेनल्टी कम है, वह विकल्प आपके लिए बेहतर है|

इन शुल्कों पर भी ध्यान दें|

नयी कार के लोन की ब्याज दर पुरानी कार खरीदने के लिए लोन से कम होगी|


कार लोन की अवधि कितनी होती है?

कार लोन की अवधि 3 से 5 वर्ष तक की होती है| कुछ बैंक आपको 7 वर्ष की अवधि के लोन भी दे सकते हैं|

अब क्योंकि लोन की अवधि कम होती है, EMI की राशि ज्यादा होगी|

अगर आप जानना चाहते हैं की आपके लोन की EMI कैसे कैलकुलेट होती है, तो इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

आप कार लोन कैलकुलेटर पर भी अपनी EMI चेक कर सकते हैं|


क्या मैं कार लोन चुकाने से पहले कार बेच सकता हूँ?

जी नहीं, अगर आप कार बेचना चाहते हैं, तो पहले आपको कार लोन चुकाना होगा|

कार लोन लेते समय कार बैंक के नाम पर hypothecate करी जाती है|


क्या पुरानी कार खरीदने ले लिए भी लोन मिलता है?

जी हाँ, जैसे की ऊपर चर्चा करी है, आप एक पुरानी कार खरीदने के लिए भी लोन ले सकते हैं|

SBI Used Car Loan में आपको 5 साल पुरानी गाड़ी तक के लिए लोन मिलता है| अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं|

पर ब्याज दर एक नयी कार के लोन से ज्यादा होगी|


कार लोन के भुगतान पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलते हैं?

नहीं, कार लोन के भुगतान पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता|


कार लोन लेने के लिए क्या दस्तावेज़ चाहिए होते हैं?

दस्तावेजों की लिस्ट हर बैंक में अलग हो सकती है|

आपको कुछ फोटो, पहचान का प्रमाण (Identity Proof), पते के प्रमाण (address proof) और आय का प्रमाण (income proof) इत्यादि देने होंगे|


कार लोन लेते समय किन बातों का रखें ख्याल?

#1 पहले  कार के मूल्य पर बातचीत (negotiate) करें, उसके बाद लोन पर

लोन पर खरीद-फरोख्त करके आप अपनी EMI कुछ कम कर सकते हैं|

परन्तु कार के मूल्य पर negotiate करना न भूलें|

कार डीलर के पास काफी मार्जिन होता है| आप थोडा दबाव डाल कर बेहतर डील पा सकते हैं|

ध्यान दें यहाँ पर बचत आपकी EMI के बचत से काफी ज्यादा हो सकती है|

कम से कम 4-5 डीलरों के पास जाएं और आपके लिए सबसे अच्छा सौदा करने का प्रयास करें।

जल्दबाजी न करें| डीलर से जा कर मिलें और discount मांगे| शायद वह आपको हाथ के हाथ डिस्काउंट न दे|

इंतज़ार करें| हो सकता है, की कुछ दिन बाद वही डीलर आपको बेहतर ऑफर दे| आखिर उसको भी कार बेचनी है|

यदि आपको छूठ नहीं मिल रही है, तो अधिक से अधिक सामान (car accessories) या सेवाओं को मुफ्त में लाने की कोशिश करें ।

उदाहरण के लिए, आप मुफ्त सीट कवर या म्यूजिक सिस्टम की मांग कर सकते हैं| टेफ़लोन कोटिंग, एंटी-रस्ट पेंटिंग (Anti-rust painting) और engine lamination मुफ्त में करने को कह सकते हैं।

कार डीलर से मोटर बीमा (Car insurance) नहीं खरीदें। वहां पर इंश्योरेंस काफी महंगा मिलता है| ऑनलाइन खरीदें| काफी पैसा बचेगा| शुरू में डीलर इस बात का विरोध करेंगे, पर अगर आप अड़े रहे तो मान जायेंगे|

#2 कार निर्माताओं द्वारा लोन की पेशकश (Loan Schemes from Car Manufacturers)

कई बार कार निर्माता (Maruti, Hyundai, Ford, Volkswagen) अपनी कार फाइनेंस कंपनी शुरू करके आपको लोन के ऑफर देते हैं|

कई बार ऐसे ऑफर काफी अच्छे भी होते हैं|

अब सोचने वाली बात है की अगर कोई कार निर्माता आपको सस्ता लोन दिलवा रहा है, तो कहीं न कहीं वह अपनी सेल बढ़ाना चाहता है इस ऑफर के ज़रिये|

आपके लिए तो अच्छा है|

पर एक बात है| आप लोन ऑफर के चक्कर में पढ़ कर कार के मूल्य पर negotiate करना न भूलें|

ध्यान दें अगर कार का मूल्य कम होगा, तो आपके लोन की EMI अपने आप कम हो जायेगी|

पहले कार के मूल्य पर बातचीत करें, उसके बाद लोन के शर्तों पर|

अगर आपको लोन की अच्छी डील नहीं मिलती, तो दूसरे बैंक या कार फाइनेंस कंपनी से बात करें|

#3 अन्य शुल्कों पर भी बातचीत करें

कार लोन छोटी अवधि (Shorter loan tenure) के लोन होते हैं|

ऐसे लोन में ऊंचे ब्याज दर का असर कम हो सकता है| जैसे की आप 5 लाख का कार लोन 5 वर्ष के लिए लेते हैं|

10% की ब्याज दर पर EMI होगी 10,623 रुपये|

11% की ब्याज दर पर EMI होगी 10,871 रुपये|

अंतर हुआ 247 रुपये प्रति माह| 10% के लोन पर आपकी बचत हुई 247 X 60 = 14,861 रुपये की

पर मान लिए 10% वाले लोन में 2.5% की प्रोसेसिंग फीस है| 11% वाले लोन में कोई भी प्रोसेसिंग फीस नहीं है|

तो आपको 10% वाले लोन में 5 लाख  X 2.5% = 12,500 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी| इस फीस पर 18% GST भी देना होगा| तो कुल मिला कर आपका खर्चा हुआ 14,750 रुपये|

तो आपकी ब्याज दर तो कम है, पर बैंक ने दूसरे तरीके से सब वसूल लिया|

इसीलिए केवल ब्याज दर पर ही ध्यान न दें| अन्य शुल्कों पर भी ध्यान दें|

आप प्रोसेसिंग फीस जैसे शुल्कों पर negotiate पर कर सकते हैं|

#4 कम अवधि का लोन चुनें

जितनी कम अवधि होगी, आपको उतना कम की ब्याज का भुगतान करना होगा|

पर कम अवधि की कारण आपकी EMI भी ज्यादा होगी|

अगर आप ज्यादा EMI का भुगतान कर सकते हैं, तो छोटी अवधि चुनें|

अगर ज्यादा EMI का भुगतान नहीं कर सकते, तो लम्बी अवधि चुन सकते हैं|

#5 Pre-Payment penalty कम हो

अब क्योंकि कार लोन की राशि बहुत अधिक नहीं है, ऐसा हो सकता है कि आप ऋण का पूर्व  (pre-payment) करना चाहें और ब्याज लागत को बचा सकते हैं।

पर आपको ऐसा करने से रोकने के लिए बैंक pre-payment पेनल्टी का प्रावधान रखते हैं| ऐसे में आपको पूर्व भुगतान करने पर कुछ जुर्माना देना होता है| जैसे बैंक आपसे पूर्व भुगतान राशि का 5% जुर्माने के तौर पर ले सकता है|

तो अगर आप पूर्व भुगतान करने की सोच रहे है, तो ऐसे लोन विकल्प को चुनें जहां pre-payment पेनल्टी न हो या फिर कम हो|


कार लेते समय इस लिस्ट का ध्यान रखें

  1. कार की कीमत कम करने की कोशिश करें (Negotiate on price of car)
  2. मुफ्त में सामान या सेवाएं लेने की कोशिश करें (Try to get freebies)
  3. ब्याज दर कम करने की कोशिश करें (Negotiate/find Lower Interest Rate)
  4. प्रोसेसिंग फीस, pre-payment charges इत्यादि कम करने की कोशिश करें (Find loans with low processing fee/pre-payment charges)

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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की CLSS स्कीम के बारें में पूरी जानकारी: कैसे पाएं होम लोन पर सब्सिडी?

by दीपेश 6 Comments

Housing for all by 2022: यह वर्तमान सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य है|

इसी लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हुए और affordable housing (किफायती आवास) को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को 2015 में शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में कई योजनायें हैं| उस योजनायों में से एक है: Credit Linked Subsidy Scheme (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम या CLSS)

CLSS का तहत आपको आपको होम लोन पर सब्सिडी दी जाती है| एक तरह से समझ लिए की आपके लोन के कुछ हिस्से का भुगतान सरकार करती है|

आपको कितनी सब्सिडी मिलती है: यह निर्भर करता है आपके आय वर्ग (income group) पर|

इस पोस्ट में जानते हैं CLSS के बारे में गहराई से|

क्या हैं विभिन्न इनकम ग्रुप? योजना के क्या नियम हैं? क्या पात्रता (eligibility) कैसे काम करती हैं? आप कैसे योजना के लिए एप्लाई कर सकते हैं? कैसे होती है आपकी सब्सिडी कैलकुलेट? और आपको कितना फायदा मिलता है|

पीएएमए (PMAY) में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (CLSS) के तहत कितने आय वर्ग (Income Groups) हैं?

PMAY-CLSS के तहत चार आय वर्ग हैं|

  1. Economically Weak Segment (EWS): प्रति वर्ष 3 लाख तक की घरेलू आय। Household income up to Rs 3 lacs per annum
  2. Low Income Group (LIG):  प्रति वर्ष 3 लाख से 6 लाख रुपये तक की घरेलू आय| Household income between Rs 3 lacs and 6 lacs per annum
  3. Middle Income Group-1 (MIG-1): प्रति वर्ष 6 लाख से 12 लाख रुपये तक की घरेलू आय | Household income between Rs 6 lacs and 12 lacs per annum
  4. Middle Income Group-2 (MIG-2): प्रति वर्ष 12 लाख से 18 लाख रुपये तक की घरेलू आय| Household income between Rs 12 lacs and 18 lacs per annum.

SBI PMAY CLSS pradhan mantri awaas yojana 1 प्रधानमंत्री आवास योजना CLSS होम लोन

सौजन्य: SBI Website

EWS और LIG वर्ग में अगर घर का आकार बड़ा भी होगा, तब भी आप सब्सिडी के लिए पात्र हैं| परन्तु MIG-1 और MIG-2 वर्ग में घर का एरिया (area) अगर सीमा से ज्यादा हुआ, तो आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी|

30 sq.mtr = 323 sq. feet, 60 sq.mtr = 646 sq. feet, 120 sq.mtr = 1,292 sq. feet, 150 sq.mtr = 1,615 sq. feet

क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सब्सिडी स्कीम की पात्रता (Eligibility for CLSS under PMAY in Hindi)

  1. आप या आपके परिवार में किसी के नाम पर कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए|
  2. यहाँ परिवार से मतलब पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से हैं|
  3. यह सब्सिडी आपको तभी मिल सकती है, जबकि आप पहली बार घर खरीद या बना रहे हों| आप अपने कच्चे मकान की रिपेयर के लिए भी सब्सिडी पा सकते हैं|
  4. एक व्यस्क व्यक्ति (चाहें वह विवाहित हो या नहीं) इस सब्सिडी के लिए पात्र है| इसका मतलब उसको एक अलग परिवार माना जा सकता है|
  5. अगर आप विवाहित हैं, तो पति या पत्नी में से कोई एक या दोनों साथ (joint ownership) में सब्सिडी पा सकता है| इसका मतलब पति पत्नी अलग अलग इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते|
  6. Household Income में आपकी और आपके पति/पत्नी दोनों की आय को जोड़ कर माना जाएगा|
  7. अगर आप EWS या LIG इनकम वर्ग में आते हैं, तो मकान परिवार की महिला सदस्य के नाम पर होना चाहिए या परिवार की महिला सदस्य मकान में joint owner होनी चाहिए| अगर परिवार में कोई महिला सदस्य नहीं है, तो पुरुष सदस्य के नाम पर भी सब्सिडी मिल जायेगी| ध्यान दें यह नियम तब लागू नहीं होगा की जब आप MIG-1 या MIG-2 वर्ग में हैं| यह नियम तब भी लागू नहीं होगा जब आप अपने प्लाट पर घर बना रहे हैं या पुराने कच्चे घर को repair कर रहे हैं|

इस बातों के भी रखें ध्यान

अगर आपका मकान लोन दिए जाने के तीन वर्ष के भीतर पूरा नहीं होता, तो आपकी सब्सिडी वापिस ले ली जायेगी|

EWS और LIG वर्ग के लिए यह योजना मार्च 31, 2022 तक है| MIG-1 और MIG-2 वर्ग के लिए यह योजना मार्च 31, 2019 तक है| यह हो सकता है की इस योजना की अवधि को और भी बढ़ा दिया जाए|

अगर आप लोन सब्सिडी का फायदा ले चुके हैं और उसके बाद लोन को किसी बैंक में ट्रान्सफर कर लेते हैं, तो आपको दुबारा लोन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी|

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सब्सिडी की गणना कैसे की जाती है?

यह कैलकुलेट करना थोडा जटिल है|

आईये देखते हैं की कैसे आप अपने लोन के लिए सब्सिडी कैलकुलेट कर सकते हैं|

  1. आपके होम लोन की राशि कितनी भी हो, सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए EWS और LIG वर्ग में 6 लाख की राशि का उपयोग किया जाएगा| MIG-1 के लिए यह राशि 9 लाख और MIG-2 के लिए यह राशि 12 लाख मानी जायेगी। हाँ, अगर आपकी लोन राशि इन सीमायों के कम है, तो आपकी लोन राशि पर सब्सिडी कैलकुलेट करी जायेगी|
  2. सब्सिडी निकालने के लिए लोन की अवधि 20 साल मानी जायेगी| अगर आपके लोन की अवधि 20 वर्ष से कम हैं, तो आपके लोन की असली अवधि को ही माना जाएगा| Minimum (Actual Loan Tenure, 20 years)

अब एक उदहारण की सहायता से देखते हैं की सब्सिडी कैसे कैलकुलेट करी जाती है|

मान लीजिए कि आपकी वार्षिक आय 15 लाख रुपये हैं। इसलिए आप MIG-2 इनकम ग्रुप में आयेंगे|

आप 10% ब्याज की दर पर 35 लाख रूपये का होम लोन लेते हैं| लोन की अवधि 20 वर्ष है| ऐसी स्तिथि में आपके होम लोन की ईएमआई (EMI) 33,775 रुपये होगी|

  1. हम जानते हैं की MIG-2 वर्ग के लिए सब्सिडी के लिए पात्र लोन राशि 12 लाख रुपये है। ध्यान दें यह राशि आपके आय वर्ग (income segment) पर निर्भर करती है| आप देख सकते हैं की आपकी लोन राशि 35 लाख रुपये है| पर सब्सिडी के गणना के लिए 12 लाख ही माना जाएगा|
  2. साथ ही MIG-2 को 3% की इंटरेस्ट सब्सिडी मिलती है|
  3. आपके लोन की अवधि 20 वर्ष है| जैसा की हमनें ऊपर देखा था, सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अधिकतम लोन अवधि 20 वर्ष मानी जायेगी| अगर आपके लोन की अवधि 25 वर्ष भी होती, तो सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए 20 वर्ष की मानी जाती|
  4. अब 12 लाख की पात्र राशि के लिए 3% इंटरेस्ट पर 20 वर्ष के लोन लिए EMI निकालिए| यह आप इन्टरनेट पर आसानी से निकाल सकते हैं| अन्यथा आप माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) में PMT फंक्शन का प्रयोग करके आसानी से निकाल सकते हैं| आप EMI कैलकुलेट करने के तरीके को जानने के लिए इस पोस्ट को भी पढ़ सकते हैं|
  5. ऐसे लोन के लिए EMI राशि आएगी 6,655 रुपये| इसके बाद आप हर महीने में कितना ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा वह निकालें| जैसे की पहले महीने में, ऐसे लोन पर आपको 12 लाख X 3%/12 = 3,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा| अब समझ लिए आपको इतनी ही हर महीने सब्सिडी मिलेगी| परन्तु यह लाभ आपको हर महीने नहीं दिया जाता|
  6. एक बार में ही यह लाभ आपको शुरुआत में दे दिया जाता है|
  7. ऐसा करने के लिए सभी महीनों के ब्याज को 9% पर discount करें|
  8. जो राशि आएगी, वही आपकी लोन की सब्सिडी होगी| इस राशि को आपके लोन की राशि से कम कर दिया जाएगा| ऐसा करते ही आपकी EMI भी कम हो जायेगी|

SBI PMAY CLSS pradhan mantri awaas yojana 2 प्रधानमंत्री आवास योजना

वैसे आपको यह सब खुद कैलकुलेट करने की ज़रुरत नहीं है| इन्टरनेट पर बहुत सारे कैलकुलेटर हैं जिनकी सहायता से आप खुद को मिलने वाली सब्सिडी कैलकुलेट कर सकते हैं|

सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए कैलकुलेटर HUDCO की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं|

PMAY सब्सिडी कैलकुलेटर  प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट और नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं

सब्सिडी तो ठीक है? मुझे सच में कितना फायदा हुआ?

जैसे की आप ऊपर देख सकते हैं, आपकी सब्सिडी आई 2.3 लाख रुपये|

अब आपकी लोन राशि जो 35 लाख रुपये थी|

जब यह 2.3 लाख रुपये की सब्सिडी आपके लोन खाते में जुड़ जायेगी, तो आपकी लोन राशि घाट कर 32.7 लाख रुपये रह जायेगी|

पहले आपकी EMI 33,775 रुपये थी|

लोन राशि घटने के बाद आपकी EMI रह जायेगी 31,554 रुपये हो जायेगी| आपको हर महीने हुई 2,221 रुपये की बचत|

20 वर्षों के लोन अवधि में कुल मिला आपकी बचत हुई: 2,221 रुपये  X 20 वर्ष X 12 महीने = 5.33 लाख रुपये|

अगर आप MIG-1 इनकम ग्रुप में होते, तो आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अभिकतम लोन राशि होती 9 लाख रुपये और इंटरेस्ट रेट माना जाता 4%| MIG-1 ग्रुप में अधिकतम सब्सिडी राशि 2.35 लाख रुपये हो सकती है|

अगर आप EWS या LIG इनकम ग्रुप में होते, तो आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अभिकतम लोन राशि होती 6 लाख और इंटरेस्ट रेट माना जाता 6.5%| EWS और LIG ग्रुप में अधिकतम सब्सिडी राशि 2.67 लाख रुपये तक हो सकती है|

आप अपनी असली लोन राशि में से सब्सिडी को घटाकर नयी EMI निकाल सकते है और अपनी बचत कैलकुलेट कर सकते हैं|

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी के एप्लाई एप्लाई कैसे करें?

यह आप जी बैंक से लोन ले रहे हैं, वहीँ से एप्लाई कर सकते हैं|

जब आप बैंक में लोन के लिए एप्लाई करते हैं और आपको लोन मिल जाता है, तब बैंक आपके लोन की जानकारी National Housing Bank (NHB) या HUDCO को भेज देता है|

NHB या HUDCO जांच पड़ताल करने के बाद आपके लिए सब्सिडी को पारित कर देता है और सब्सिडी आपके लोन अकाउंट में क्रेडिट हो जाती है|

प्रधानमंत्री आवास योजना में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) से मिलने वाली सब्सिडी से मुझे क्या फायदा होता है?

इस बात पर हम ऊपर चर्चा कर चुके हैं|

जब सब्सिडी आपके लोन अकाउंट में क्रेडिट हो जाती है, तो आपकी लोन राशि कम हो जाती है|

ऐसा कम होने से आपकी EMI भी कम हो जाती है|

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

यह निर्भर करता है की आप किस आय वर्ग (income group) में आते हैं| साथ की यह आपकी लोन राशि और लोन अवधि पर भी निर्भर करेगा|

Economically Weaker Section (EWS) और Low Income Group (LIG) के लिए अधिकतम सब्सिडी 2.67 लाख रुपये हो सकती है|

MIG-1 (Middle Income Group-1) के लिए अधिकतम सब्सिडी 2.35 लाख रुपये हो सकती है|

MIG-2 के लिए अधिकतम अवधि 2.3 लाख रुपये हो सकती है|

अगर सब्सिडी मिल जाती है पर घर पूरा नहीं बना पाते, तो ऐसी स्तिथि में क्या होगा?

ऐसी स्तिथि में आपकी सब्सिडी वापिस ले ली जायेगी| लोन लेने के 36 महीनों के भीतर घर पूरा हो जाना चाहिए|

PMAY के तहत लोन पर सब्सिडी लेने के लिए प्रॉपर्टी की कीमत कितनी होनी चाहिए?

आपकी प्रॉपर्टी या मकान का मूल्य कुछ भी हो सकता है परन्तु सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए जो लोन राशि मानी जायेगी, उसकी अधिकतम सीमा है|

यह सीमा EWS और LIG के लिए 6 लाख रुपये हैं| MIG-1 के लिए 9 लाख रुपये है और MIG-II के लिए 12 लाख रुपये है|

ध्यान दे आप लोन कितना भी ले सकते हैं| बस सब्सिडी की राशि निकालने के लिए लोन राशि की अधिकतम सीमा है|

अगर आप 20 लाख रुपये का लोन भी लेते हैं और MIG-I इनकम ग्रुप में आते हैं, तो सब्सिडी 9 लाख रुपये के लोन पर ही कैलकुलेट होगी|

यहीं अगर आपका लोन 7 लाख रुपये का होता, तो सब्सिडी 7 लाख रुपये पर कैलकुलेट करी जाती|

इंटरेस्ट सब्सिडी लेने के लिए होम लोन की अवधि कितनी होनी चाहिए?

लोन के अवधि पर कोई पाबंधी नहीं है| आपके लोन की अवधि (loan tenure) कितना भी हो सकता है|

परन्तु सब्सिडी कैलकुलेट करने के लिए अधिकतम लोन अवधि 20 वर्ष ही मानी जायेगी|

अगर अवधि 10 साल है, तो 10 वर्ष की अवधि के अनुसार आपकी सब्सिडी कैलकुलेट करी जायेगी|

होम लोन पर सब्सिडी लेने के किन दस्तावेजों की ज़रुरत है?

जो होम लोन लेने के लिए दस्तावेज चाहियें, वह तो जमा करने पड़ेंगे ही|

लोन पर सब्सिडी पाने के लिए आपको बस एक डिक्लेरेशन (Declaration) देने की ज़रुरत है की आपके पास कोई पक्का घर नहीं है|

SBI (भारतीय स्टेट बैंक) की वेबसाइट पर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-CLSS) के बारे में आप पढ़ सकते हैं|

आप यह जानकारी ICICI Bank, HDFC या Axis Bank की वेबसाइट पर भी पा सकते हैं| यह नाम मैंने केवल उदहारण के लिए दिए हैं| आप लोन k

उपयोगी लिंक

  1. EWS और LIG वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  2. MIG-1 वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  3. MIG-2 वर्ग के लिए सब्सिडी कैलकुलेटर
  4. प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) वेबसाइट
  5. प्रधानमंत्री आवास योजना की ऑनलाइन एप्लीकेशन
  6. Credit: www.PersonalFinancePlan.in

अधिक जानकारी के लिए आप CLSS Toll-free हेल्पलाइन पर भी फ़ोन कॉल भी कर सकते हैं|

नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank): 1800-11-3377 / 1800-11-3388

HUDCO (Housing and Urban Development Corporation): 1800-11-6163

Filed Under: Loans Tagged With: CLSS in hindi, credit linked subsidy scheme in hindi, PMAY in hindi, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2018, होम लोन सब्सिडी

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