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नौकरी बदलते समय कैसे करें अपने NPS account (PRAN) को shift/ट्रान्सफर?

Last updated: दिसम्बर 30, 2017 | by दीपेश 102 Comments

आपने हाल ही में अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी है? आपकी नौकरी के दौरान, आपको अपने NPS अकाउंट में अनिवार्य योगदान करना पड़ता था| सब कुछ अपने आप ही हो जाया करता था। अब जब आपने अपनी नौकरी छोड़ दी है, तो आपको शायद नहीं पता कि एनपीएस (NPS) के लिए योगदान कैसे करें|

इससे पहले, योगदान आटोमेटिक थे| सब कुछ अपने आप ही हो जाया करता था| परन्तु अब आपको योगदान जारी रखने का एक तरीका समझने की आवश्यकता है|

इस पोस्ट में, मैं इस तरह के मामलों में अपने एनपीएस खाते को जारी रखने लिए उसे कैसे shift या ट्रान्सफर करते हैं, इस पर चर्चा करूंगा। आगे बढ़ने से पहले एनपीएस (NPS) के बारे में कुछ चीजों पर चर्चा करना अवाश्यक है

आपके पास केवल एक PRAN हो सकता है|

आपके पास सिर्फ एक PRAN हो सकता है| इसका मतलब यह भी है की आपके pass दो Tier-1 एनपीएस (NPS) खाते नहीं हो सकते। यदि आप अपनी नौकरी बदल रहे हैं और दोनों ही जगह NPS में निवेश संभव है, तो आपको अपने पुराने NPS खाते को दूसरी जगह shift करना होगा। आप दूसरा NPS अकाउंट खोल नहीं सकते|

NPS में चार सेक्टर होते हैं|

  1. Central Government (केन्द्रीय सरकार): केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए
  2. State Government (राज्य सरकार): राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए
  3. Corporate Sector: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए
  4. All Citizens Model: अगर आप खुद अपने लिए NPS account खोलते हैं

NPS अकाउंट (PRAN) portable है|

NPS खाता (या PRAN) पोर्टेबल(portable) है| इसलिए आपको नौकरी बदलने पर अपना NPS अकाउंट बंद करने की कोई ज़रुरत नहीं है| आप अपने account को shift या transfer कर सकते हैं|

आप अलग–अलग सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र की कंपनियों या नौकरी छोड़ने के बाद भी उसी PRAN का उपयोग कर सकते हैं।

इसलिए, आप केंद्र सरकार के कर्मचारी के रूप में खाते को खोल सकते हैं, लेकिन अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद भी उसी PRAN (या NPS अकाउंट को जारी रख सकते हैं| मैं रिटायरमेंट से पहले की बात कर रहा हूँ|

बस आपको अपना NPS सरकारी क्षेत्र (Government Sector NPS) से All Citizens Model NPS में shift करना होगा|

कब आपको NPS account को transfer/shift करने की ज़रुरत पड़ सकती है?

कारण तो बहुत हो सकते हैं, आइये कुछ आम कारण देखते हैं|

1. आप नौकरी बदलते हैं|

2. आप नौकरी छोड़ देते हैं और आपके पास Corporate Sector (या Government सेक्टर) NPS अकाउंट है| आप आगे भी NPS में निवेश करना चाहते हैं|

3. आपका पुराना अकाउंट (All Citizens Model NPS) है और आप नयी नौकरी में जाते हैं जहाँ आपको NPS (Corporate Sector NPS) में योगदान करना है|

इन सभी मामलों में आपको अपना PRAN (या NPS अकाउंट) shift/ट्रान्सफर करना होगा|

NPS में न्यूनतम योगदान केवल सालाना 1,000 रुपये है|

ध्यान रखें PFRDA ने हाल ही में टीयर -1 एनपीएस (NPS) अकाउंट में एनपीएस (NPS) को सालाना भुगतान 6,000 रुपये प्रतिवर्ष से घटाकर 1000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया है। Minimum annual contribution reduced from Rs. 6,000 to Rs. 1,000.

अगर आपकी पिछली नौकरी में आप (और आपका employer) NPS में contribute करते थे और नयी नौकरी में NPS नहीं है, तब आप अपने NPS अकाउंट को All Citizen’s model के अन्दर transfer कर सकते हैं| और NPS account चालू रख सकते हैं| आपको केवल साल में 1,000 रुपये निवेश करने की ज़रुरत है| चाहिएं तो ज्यादा भी कर सकते हैं|

या फिर मान लिए आप पहले नौकरी करते थे (आपका अकाउंट Corporate Sector NPS account था) और अब किसी वजह नौकरी छोड़ दी है, इस केस में भी अपने NPS account को All Citizen Model NPS के अंतर्गत किसी करीबी PoP (बैंक या eNPS) में transfer कर सकते हैं| और साल में 1,000 रुपये जमा कर अपने account को चालू रख सकते हैं|

इसलिए आपको अपने एनपीएस (NPS) अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए केवल 1000 रुपये का योगदान करने की जरूरत है।

अपना एनपीएस (NPS) खाता कैसे ट्रान्सफर (shift) किया जाए?

एक उदाहरण की सहायता से देखते हैं।

आपने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी है और अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया | मान लिए आप अभी केंद्रीय सरकार के कर्मचारी थे| इसीलिए आपका अकाउंट Central Government Sector NPS के तहत होगा|

अब अपना व्यवसाय शुरू किया है, तो आप चाहेंगे की अपना अकाउंट All Citizens Model के तहत रहे|

आप कैसे केंद्रीय सरकार एनपीएस (NPS) से All Citizens’ model एनपीएस (NPS) को स्थानांतरित कर सकते हैं| 

निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करे –

१ NSDL CRA  वेबसाइट से ग्राहक स्थानांतरण (Form ISS -1) के लिए फॉर्म डाउनलोड करें।

२ निकटतम PoP or PoP-SP (बैंक इत्यादि) पर जाएं और ज़रूरी दस्तावेजों के साथपूरा फॉर्म जमा करें।

३ आप PoP or PoP-SP या eNPS के द्वारा बाद में अपने NPS खाते में योगदान कर सकते हैं।

कब फॉर्म आईएसएस -1 लागू होगा ?

जब भी आप NPS का सेक्टर बदल रहे हैं, तब तो ISS-1 फॉर्म जमा करना होगा|

जब आप अपने एनपीएस (NPS) अकाउंट का क्षेत्र (केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सभी नागरिक मॉडल और कॉर्पोरेट क्षेत्र) बदलते हैं, तो ISS-1 लागू होगा ।

  1. केन्द्रीय सरकार NPS से All Citizens model या इसके विपरीत में स्थानांतरण (shift/transfer)। विपरीत से मेरा मतलब All Citizens model से केंद्रीय सरकार NPS
  2. एक राज्य सरकार से दूसरे राज्य सरकार में स्थानांतरण| One State Government Sector NPS to Another
  3. राज्य सरकार से केंद्र सरकार या इसके विपरीत में स्थानांतरण।
  4. कॉर्पोरेट क्षेत्र से किसी भी अन्य क्षेत्र (केंद्रीय या राज्य सरकार या सभी नागरिक मॉडल) या इसके विपरीत में स्थानांतरण।

जब आप सरकारी एनपीएस (NPS) को स्थानांतरित कर रहे हैं (shifting to Government Sector NPS), तो आपको पास  के  नोडल कार्यालय (Nodal Office) में फॉर्म जमा करना होगा |

केंद्र सरकार के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में

आपको अपने नए कार्यालय को अपने PRAN के बारे में बताना होगा|

फॉर्म आईएसएस -1 को भरने की कोई आवश्यकता नहीं है|

अगर आप केवल अपना PoP/PoP-SP बदलना चाहते हैं|

इस केस में आपको Form ISS-1 जमा करने की ज़रुरत नहीं है क्योंकि आप पहले भी All Citizens Model के तहत था और बाद में भी इसी में रहने वाला है|

 इसके लिए आपको Annexure-UOS-S6 भर कर नए PoP या PoP-SP पर जमा करना होगा|

 क्या मैं अपना एनपीएस (NPS) अकाउंट को eNPS में transfer/shift कर सकता हूं?

हाँ, आप eNPS (https://cra-nsdl.com/) पर लॉग इन करके ऐसा कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिए आप इस पोस्ट (अंग्रेजी) को पढ़ सकते हैं|

मेरी जानकारी अनुसार यह केवल उन ही NPS खातों के साथ कर सकते हैं जो की पहले से ही All Citizens model के तहत हैं|

 आप अपने एनपीएस (NPS) खाते की जानकारी ऑनलाइन (online) पा सकते हैं

यदि आपने  एनपीएस (NPS) सब्सक्राइबर हैं, तो आप अपने PRAN (Permanent Retirement Account Number) का उपयोग कर CRA वेबसाइट (https://cra-nsdl.com/) पर रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आपका CRA Karvy हैं, तो आप Karvy की website पर भी रजिस्टर कर सकते हैं|

आपको कुछ विवरण दर्ज करने की आवश्यकता है और आपको अपना पासवर्ड पंजीकृत करने के लिए एक OTP (One-Time password) प्राप्त होगा।

यहां तक ​​कि जो लोग ऑफ़लाइन मोड में अपने खाते खोलते हैं, वह भी इस पोर्टल पर पंजीकरण (register) कर सकते हैं।

इसलिए केंद्रीय / राज्य सरकार के कर्मचारी, कॉर्पोरेट ग्राहकों या जिन निवेशकों नें बैंकों या किसी PoP (point of presence) या PoP-SP) के माध्यम से एनपीएस (NPS) खोले हैं, वह लोग भी इस पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं और अपने एनपीएस (NPS) खाते के विवरण देख सकते हैं।

इस ईएनपीएस (eNPS) से आप अपने NPS account में ऑनलाइन योगदान भी कर सकते हैं|

अपने निवेश का मूल्य देख सकते हैं| यहां तक ​​कि अगर आपको अपना NPS account बंद करना है, तो उसका आवेदन भी ऑनलाइन कर सकते हैं| eNPS के माध्यम से योगदान करके, आप विभिन्न NPS शुल्क बचा सकते हैं।

 

अधिक जानकारी के लिए इन लिंक पर जाएँ

  1. NPS Subscriber Forms
  2. NPS FAQs on Subscriber Shifting

 Source

How to shift NPS Account?

Filed Under: Financial Planning, NPS Tagged With: New pension scheme, NPS

क्या आपको LIC जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh) में निवेश करना चाहिए?

Last updated: दिसम्बर 22, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

LIC ने एक नया सिंगल प्रीमियम (एकल प्रीमियम) प्लान शुरू किया है| में बात कर रहा हूँ एलाईसी जीवन उत्कर्ष प्लान की|

एलआईसी जीवन उत्कर्ष एक सिंगल प्रीमियम participating लाइफ इंश्योरेंस प्लान है| आईये जानते हैं इस प्लान के बारें में और देखते हैं की क्या आपको ऐसे प्लान में निवेश करना चाहिए|

LIC जीवन उत्कर्ष (प्लान 846): मुख्य विशेषताएं और समीक्षा (Review: LIC Jeevan Utkarsh)

1. न्यूनतम प्रवेश आयु (Minimum entry Age): 6 वर्ष
2. अधिकतम प्रवेश आयु (Maximum Entry Age): 47 वर्ष
3. न्यूनतम बेसिक बीमा राशि (Minimum Base Sum Asssured):75,000 रुपये
4. अधिकतम बेसिक बीमा राशि (Maximum Base Sum Asssured): कोई सीमा नहीं
5. पॉलिसी अवधि (Policy Term): 12 साल
6. प्रीमियम भुगतान मोड (Premium payment): सिंगल प्रीमियम.  केवल एक बार प्रीमियम देना है|
7. लोन  3 महीनों के बाद उपलब्ध है|

योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया LIC वेबसाइट पर जाएं|

पढ़ें: अपनी एलआईसी पालिसी से लोन कैसे लें?

एलआईसी जीवन उत्कर्ष  (Plan 846): मृत्यु लाभ (Death Benefit)

पॉलिसी धारक के निधन की स्थिति में, नामांकित व्यक्ति (nominee) को मिलेगा:
मृत्यु पर बीमित रकम (Sum Assured on Death) + लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition)

जहां, मृत्यु पर बीमित रकम (Sum Assured on Death) इन तीन निम्न राशियों में से सबसे अधिक होगा,
1 सिंगल प्रीमियम का 125%
2. बेसिक बीमित राशि (Base Sum Assured)
3. आपके प्रीमियम का 10 गुना (अंडरराइटिंग के बाद किसी भी लोडिंग को शामिल नहीं किया जाएगा)

लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition) पॉलिसी में 5 साल पूरे करने के बाद ही लागू होगा। इसलिए, यदि 5 वर्ष से पहले मृत्यु हो जाती है, तो कोई लॉयल्टी वृद्धि का अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा।

अगर आप अपने प्रीमियम का अनुमान लगाना चाहते हैं, तो में LIC की website से यह जानकारी यहाँ कॉपी कर देता हूँ|

LIC Jeevan Utkarsh review LIC जीवन उत्कर्ष premium

उदाहरण के लिए, यदि आपकी उम्र  40 वर्ष है,  तो आपको 10 लाख रुपये के बीमित रकम (Sum Assured) के लिए 6.57 लाख रुपये का प्रीमियम भुगतान करना होगा| 1.8% GST भी लगेगा। उच्च बीमित रकम के लिए छूट भी उपलब्ध है, लेकिन GST के बाद प्रीमियम अभी भी 6.45 लाख रुपये होगा|

पढ़ें: GST आपके बीमा प्रीमियम को कैसे प्रभावित करती है?

पढ़ें: अगर आपकी जीवन बीमा (Life Insurance) पालिसी 3 साल पुरानी है, तो आपका claim reject नहीं होगा

एलआई सी जीवन उत्कर्ष बीमा योजना: परिपक्वता लाभ (Maturity Benefit)

प्लान मेच्योरिटी के बाद (यानी के 12 साल बाद) आपको बीमित रकम (Sum Assured) + लॉयल्टी वृद्धि (Loyalty Addition) मिलेगा।

लॉयल्टी वृद्धि की घोषणा LIC आपकी पालिसी मेच्योर होने वाले साल ही करेगी|

एलआईसी जीवन उत्कर्ष: निपटान विकल्प (Settlement option)

आप मृत्यु के लाभ (death benefit)  या परिपक्वता लाभ (maturity benefit) को एक मुश्त (lump sum) लेने की बजाय किश्तों (installments) में लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

किश्तों को 5, 10 या 15 वर्षों में दिया जा सकता है।

यदि ब्याज दर 8% p.a. है और आपकी परिपक्वता राशि 10 लाख रुपये है और अगर आप 10 साल तक किश्त लेने का विकल्प चुनते हैं,  तो आपको 10 साल तक तकरीबन 12,000 रुपये हर महीने मिलेगा। यदि ब्याज दर कम है तो किस्त की रकम भी कम होगी|

यह पहली बार है कि मैं LIC योजना में इस तरह के विकल्प को देख रहा हूं।  परन्तु ब्याज दर के बारे में अनिश्चितता है| आपको पता नहीं की जब आपकी पालिसी मेच्योर होगी, उस समय LIC क्या ब्याज दर देगा|

LIC जीवन उत्कर्ष (LIC Jeevan Utkarsh) के परिपक्वता लाभ (maturity benefit) पर आपको टैक्स  देना होगा|

शायद बिक्री के समय आपको यह बताया नहीं जाएगा। क्योंकि ऐसा पता चलने के बाद शायद आप प्लान ही न लें|

LIC जीवन उत्कर्ष सिंगल प्रीमियम (Single premium या एकल प्रीमियम) योजना है| सिंगल प्रीमियम योजनाओं के अंतर्गत, आपको केवल एक बार ( सालाना नहीं) प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।

इसलिए प्रीमियम के बीमित रकम (Sum Assured) के 10% से अधिक होने की काफी संभावना है|

और जब प्रीमियम बीमित रकम(Sum Assured) के 10% से अधिक होता है, तो परिपक्वता की आय (Maturity benefit)  पर टैक्स देना होता है। जी हाँ, सभी जीवन बीमा पालिसी से कमाई टैक्स-फ्री नहीं होती|

उदाहरण के लिए, LIC वेबसाइट के मुताबिक, 10 साल की बीमित रकम (Sum Assured) के लिए 30 साल के एक व्यक्ति के लिए  सिंगल  प्रीमियम 5.6 लाख रुपये का होगा।

जाहिर है, प्रीमियम (5.6 लाख रुपये) बीमित रकम के 10% (10%*10 लाख रुपये) से अधिक है, इसलिए आपको मेच्योरिटी लाभ पर टैक्स देना होगा|

ध्यान रखें मृत्यु लाभ (death benefit) पर कोई टैक्स नहीं देना होगा|

LIC जीवन उत्कर्ष पहला एकल प्रीमियम  प्लान नहीं है| LIC बीमा बचत योजना, जो एक प्रीमियम योजना है, के साथ भी यही समस्या है|

पढ़ें: सिंगल प्रीमियम लाइफ इंश्योरेंस प्लान के साथ समस्या (अंग्रेजी)
पढ़ें: LIC बीमा बचत योजना के लाभ कर योग्य हैं(अंग्रेजी)

LIC जीवन उत्कर्ष में रिटर्न  कैसा रहेगा?

LIC जीवन उत्कर्ष एक participating प्लान है| इसलिए, योजना से बाहर निकलने (मृत्यु, परिपक्वता या समर्पण) के समय कंपनी द्वारा घोषित लॉयल्टी वृद्धि (loyalty addition) पर रिटर्न निर्भर करेगा।

परन्तु रिटर्न 4-6% p.a. से अधिक होने की उम्मीद न रखें| अब क्योंकि आपका निवेश 12 साल में मेच्यौर होगा, यह रिटर्न अच्छा नहीं है|
जीवन बीमा कम है और साथ ही खराब रिटर्न्स| उसके ऊपर रिटर्न पर टैक्स भी देना होगा|

क्या आपको LIC जीवन उत्कर्ष में निवेश करना चाहिए?

Should you invest in LIC Jeevan Utkarsh?

LIC जीवन उत्कर्ष से दूर रहें|

किसी भी अन्य traditional जीवन बीमा योजना के साथ जो समयाएं  होती है, वह इस प्लान में भी हैं|

कम जीवन बीमा, ख़राब रिटर्न और सरेंडर पेनल्टी ज्यादा होने के कारण ऐसे प्लान्स से बचना चाहिए|

LIC जीवन उत्कर्ष में एक अतिरिक्त समस्या है| वह यह की इसमें मेच्योरिटी राशि पर टैक्स देना होगा| करेला वह भी नीम चढ़ा|

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान (Term Life Insurance Plan) खरीदना और शुद्ध निवेश उत्पाद (pure investment product) में निवेश करना एक बेहतर विकल्प होगा|

पढ़ें: कौन से हैं 5 सबसे अच्छे टर्म इंश्योरेंस प्लान

पढ़ें: किस प्रकार का लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance या जीवन बीमा) खरीदें?

पढ़ें: एलआईसी न्यू जीवन आनंद: समीक्षा (Review)

पढ़ें: एलआईसी जीवन उमंग (Plan no. 845): सम्पूर्ण जानकारी

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कैसे जाने की आपका आधार आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है या नहीं?

by दीपेश Leave a Comment

भारत सरकार ने आधार संख्या को व्यक्ति के बैंक खाते में जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। आपको 31 दिसंबर, 2017 तक अपना आधार नंबर अपने बैंक account से जोड़ना है। यदि आप समय सीमा से ऐसा नहीं करते हैं,तो आपका बैंक खाता निष्क्रिय हो जाएगा

आप अपना आधार नंबर अपने बैंक की वेबसाइट पर जा कर अपडेट कर सकते हैं या फिर अपनी बैंक शाखा मेंजा कर अपडेट करा सकते हैं|

अब आपका बैंक अकाउंट में आपका आधार अपडेट हुआ है की नहीं, यह कैसे पता करें| जितना मैंने बैंक की वेबसाइट पर देखा, यह सूचना वहां पर नहीं मिलती है| काफी अजीब बात है|

इस समस्या का कुछ हद तक समाधान हैं| बैंक की website पर नहीं, आधार की वेबसाइट पर|

कैसे जाने की आपका आधार आपके बैंक account मसे जुड़ा हुआ है या नहीं?

How to find out our Bank Account-Aadhaar Card linking status?

  • आधार website पर जाएँ- (https://uidai.gov.in/)
  • Check Aadhaar & Bank Account Linking Status पर click करें| आप सीधे इस लिंक पर भी जा सके हैं (https://resident.uidai.gov.in/bank-mapper)how to check bank-account aadhaar card linking status कैसे जाने की आपका आधार आपके बैंक account मसे जुड़ा हुआ है या नहीं1
  • अपना आधार नंबर और सेकुरिटी कोड डालें एंड “Send OTP” पर click करें|how to check bank-account aadhaar card linking status कैसे जाने की आपका आधार आपके बैंक account मसे जुड़ा हुआ है या नहीं 2
  • आपके आधार में अंकित मोबाइल नंबर पर आपको एक SMS आएगा| अगर आपका सही मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो आप इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते| आपको पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट करना होगा|
  • OTP डालें और Login पर click करें|
  • अगर आपका आधार नंबर आपके बैंक account से जुड़ा हुआ है, तो आपको ऐसा एक message आयेगा|how to check bank-account aadhaar card linking status कैसे जाने की आपका आधार आपके बैंक account मसे जुड़ा हुआ है या नहीं 3
  • आपका आधार किस बैंक account के साथ लिंक्ड है, वह आपको दिया दिया जाएगा| कब लिंक किया गया था, यह भी दिखेगा| जो account आपने सबसे आखिर में लिंक किया है अपने आधार कार्ड से, वही account दिखेगा| ध्यान रखें की आपको बैंक account नंबर नहीं दिखाया जाएगा| केवल बैंक का नाम दिखाया जाएगा|

अभी परेशानी ख़तम नहीं हुई

आप देख सकते हैं केवल एक ही एकाउंट  दिखाया जाता है| अगर आपके पास एक से ज्यादा बैंक एकाउंट हैं, तो आपको बैंक से ही पता करना होगा|

अगर आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड में सही नहीं है, तो आपको आप इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते| पहले आपको अपना मोबाइल नंबर अपडेट करना होगा|

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning Tagged With: Aadhaar, Aadhaar bank account linking

कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड? (How to download Aadhaar card online?)

Last updated: दिसम्बर 4, 2017 | by दीपेश 2 Comments

अगर आपके पास आधार कार्ड है और वह खो गया है, तो आप आसानी से अपना कार्ड ऑनलाइन download कर सकते हैं|

साथ ही अगर आपने आधार कार्ड के लिए apply किया है पर अभी तक आपको आधार कार्ड नहीं मिला है, तबभी आप अपने आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड कर और उसका प्रिंट ले कर इस्तेमाल कर सकते हैं| ऐसे आधार प्रति को ई-आधार (e-Aadhaar) कहते हैं| आप ई-आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं|

अपने रिकॉर्ड के लिए भी आप आधार कार्ड की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं|

इस पोस्ट में हम देखेंगे की कैसे आप:

आधार कार्ड को कैसे डाउनलोड करें?

कैसे कर सकते हैं आप इन्टरनेट से आधार कार्ड को डाउनलोड?

कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड? (How to download Aadhaar card online?)

ऑनलाइन कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया बहुत सरल है। आपको इसके लिए एक कंप्यूटर और एक इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता है।

कार्ड डाउनलोड करने के लिए, आपको अपने नामांकन नंबर (enrollment no.) या आधार संख्या (Aadhaar nnumber) की भी आवश्यकता होगी।

  1. e-Aadhaar वेबसाइट पर जाएं। (https://uidai.gov.in/).
  2. “Download Aadhaar” पर क्लिक करें| या सीधे इस लिंक पर जाएँ| (https://eaadhaar.uidai.gov.in/)How to download Aadhaar Card कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड 1
  3. ‘Enrolment ID’  या ‘आधार’ चुनें।How to download Aadhaar Card कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड 4 e-Aadhaar
  4. अपनी आधार संख्या या नामांकन आईडी और अन्य विवरण जैसे नाम, पिन कोड, मोबाइल नंबर आदि डालें|
  5. Get One Time Password पर क्लिक करें।
  6. Confirm पर click करें’|How to download Aadhaar Card कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड 2
  7. आपको आपके उस मोबाइल नंबर पर एक OTP (one-time password) आयेगा जो कि आपके आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है|
  8. OTP डालें और ‘Validate and Download’करें पर क्लिक करें|How to download Aadhaar Card कैसे करें आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड 3
  9. ‘ई-आधार कार्ड आपके कंप्यूटर पर डाउनलोड किया जाएगा। ध्यान रखें यह फाइल password protected है| इसको खोलने के लिए आपको एक पासवर्ड (password) डालना होगा|
  10. आपका पिन कोड (pincode) जो आधार में अंकित है, वही आपका password होगा|

लीजिये आ गया आपका आधार कार्ड आपके कंप्यूटर पर| आप प्रिंट लेकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं|

कुछ पर्सनल फाइनेंस की किताबों के सुझाव

रिटायर रिच: प्रतिदिन 40 रुपये का निवेश करें  (पी वी सुब्रमण्यम)

अच्छे निवेशक के 16 सूत्र: पैसों से जोडें नया रिश्ता (मनीष चौहान)

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning Tagged With: Aadhaar, Aadhaar card, aadhaar card download in hindi, download Aadhaar, आधार कार्ड ऑनलाइन निकालें, आधार कार्ड डाउनलोड

कैसे पता करें  कि आपका आधार कार्ड सक्रिय (active) है या नहीं ? 

Last updated: अक्टूबर 13, 2017 | by दीपेश Leave a Comment

आजकल आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक  है|आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको आधार कार्ड चाहिए|

आपको अपने बैंक अकाउंट और म्यूच्यूअल फण्ड निवेश को भी आधार से लिंक कर की ज़रुरत है| आगे ज़मीन और मकान के सौदों में भी आधार अनिवार्य होने की उम्मीद कर सकते हैं|

सरकार ने हाल ही में बताया है की UIDAI (Unique Identification Authority of India)  द्वारा आज तक लगभग 80 लाख आधार कार्ड deactivate (खारिज) कर दिए गए हैं।

अगर आपको अपने आधार कार्ड की स्तिथि के बारे में जानना है, तो क्या करें|

अच्छी बात यह है की  अपने आधार नंबर की स्थिति की जांच ऑनलाइन कर सकते हैं|

कैसे पता करें की आपका आधार कार्ड active है या नहीं?

  1. आधार (UIDAI) की website पर जाएँ (https://uidai.gov.in/)
  2. वहां पर Aadhaar Services’  टैब के तहत “Verify Aadhaar Number” पर क्लिक करें| चाहें तो सीधे इस लिंक (https://resident.uidai.gov.in/aadhaarverification) पर जा सकते हैं|कैसे check / verify करें  कि आपका  आधार कार्ड Active है या नहीं ? 
  3. आपको अपना 12 अंकों का आधार नंबर और सुरक्षा कोड प्रदान करना होगा और फिर ‘ verify’ पर क्लिक करें।How to check if Aadhaar card is active or not
  4. यदि आपका आधार कार्ड Active स्थिति में है, तो  आपको एक संदेश दिखाई देगा। यह  आपकी आयु ग्रुप, राज्य और आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर के अंतिम तीन अंकों जैसे बुनियादी जानकारी भी दिखाता है। कैसे check / verify करें  कि आपका  आधार कार्ड Active है या नहीं ? How to check if Aadhaar card is active
  5. अगर आपका आधार कार्ड(या कोई भी आधार कार्ड) एक्टिव नहीं है, तो आपको कार्ड नंबर मौजूद नहीं है ऐसा सन्देश दिखेगा| ऐसी स्तिथि में अपने निकटतम आधार केंद्र से संपर्क करें|

Filed Under: Aadhaar, Financial Planning Tagged With: Aadhaar

अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो इन 5 बातों का रखें ख्याल

Last updated: जनवरी 13, 2018 | by दीपेश Leave a Comment

क्या क्रेडिट कार्ड लाभदायक या हानिकारक है?

यह पूरी तरह पयोग करने वाले व्यक्ति पर निर्भर करता है। एक विवेकी समझदार व्यक्ति के लिए, एक क्रेडिट कार्ड का मतलब छूट (discounts, cashback)  आसान और ब्याज-मुक्त क्रेडिट (easy and interest-free credit) है। ऐसे लोग क्रेडिट कार्ड से बहुत से फ़ायदे उठा सकते हैं|

एक गैर-जिम्मेदार खर्च करने वाले या कोई व्यक्ति जिसका हाथ पहले से ही तंग है या पैसों की परेशानी से जूझ रहा है, उसके लिए क्रेडिट कार्ड का मतलब उच्च ब्याज दर (high interest rate, न्यूनतम भुगतान (minimum payments), penal charges और debt-trap है। ऐसे लोगों लो credit cards से बचना चाहिए|

अब आप किस श्रेणी में आते हैं?

अगर आप पहली श्रेणी में आतें हैं, तो इस पोस्ट में, हम कुछ ऐसी बातों का जिक्र करेंगे जिनसे आपको ध्यान रखना चाहिए|

#1 समय पर बिल का भुगतान करें

Credit कार्ड का ऋण (कर्ज़) बहुत महंगा होता है| दंड शुल्कों (penal charges), GST, ब्याज लागत (interest charges) सब मिला कर लोन  की लागत आसानी से 40% से अधिक p.a बढ़ा सकते हैं।

समय पर बिल का भुगतान नहीं करना बेवकूफी होगी। आपका CIBIL Score भी बुरी तरह प्रभावित होगा| CIBIL Score कम होने पर आपको भविष्य में किसी भी तरह को लोन लेना में परेशानी आ सकती है|

न्यूनतम राशि (minimum amount due) का भुगतान करना भी एक अच्छा विचार नहीं है| ऐसा करके आप अपने  CIBIL score को तो बचा लेंगे परन्तु आपके ऋण का भोझ कम नहीं होगा|

यदि आप credit कार्ड के उच्च लागत वाले लोन के साथ फंस गए हैं, तो क्रेडिट कार्ड ऋण को बंद करने के लिए शेष राशि को transfer (balance transfer) या पर्सनल लोन (personal loan) लेने की कोशिश करें।

कुछ मामलों में, आप अपने खाते में पैसा होने के बावजूद बिल का भुगतान करना भूल सकते हैं। यदि आप ऐसा करते हैं, तो ऑटो-डेबिट (auto-debit) का विकल्प चुनें |

#2 रिवार्ड्स प्वाइंट / कैश बैक / डिस्काउंट का पूरा लाभ उठाएं

बहुत सारी वेबसाइट आजकल अलग-अलग credit कार्ड पर discount या cashback देती हैं| तो आप ऐसी बातों का अवश्य ख्याल रखें| आप काफी पैसे बचा सकते हैं|

परन्तु ऐसे offers में हमेशा कुछ न कुछ शर्तें या नियम होते हैं, जिनका आपको पालन करना पड़ेगा| जैसे की शायद discount केवल मोबाइल app पर हो| ऐसे केस में कंप्यूटर या लैपटॉप पर खरीदने से आपको कुछ भी discount नहीं मिलेगा|

या फिर discount या cashback के लिए शायद 10,000 की खरीददारी करनी हो,पर आपका बिल केवल 9,500 का है| मैं यह नहीं कहता  कि आपको लिमिट पार करने के लिए ज्यादा खरीददारी करनी चाहिए पर आपको नियम पता ज़रूर होने चाहिए|

रेस्टोरेंट में बिल देने से पहले आप पूछ सकते हैं की किसी credit कार्ड पर कोई discount है क्या| ज़्यादातर बड़े रेस्टोरेंट में किसी न किसी कार्ड पर तो discount होता ही है| क्या पता आपके पास वो credit कार्ड हो ही| तो पूछे ज़रूर|

#3 बहुत सारे credit कार्ड न रखें

अब ऑफ़र तो विभिन्न क्रेडिट कार्ड पर हो सकते हैं। आज CitiBank कार्ड  पर है, तो कल ICICI बैंक credit card पर| Flipkart HDFC कार्ड पर देता है, तो Amazon एक्सिस बैंक कार्ड पर।

इसका मतलब यह नहीं है कि आप सभी प्रमुख बैंकों से कार्ड जमा करें ताकि आपके हाथ से कोई अवसर न जाए।

बहुत सारे क्रेडिट कार्ड रखना कई बार समाया पैदा कर सकता है| आप एक भुगतान या दो तो याद कर सकते हैं।

ज्यादा कार्ड होने पर आप भुगतान करना भूल सकते हैं, जो की परेशानी कर सकता है|

साथ ही जब आप भविष्य में किसी लोन या कार्ड के लिए जब आप आवेदन देंगे, तो यहाँ भी कुछ परेशानी हो सकती है|

यदि आपके पास ऑफर लेने की credit कार्ड नहीं है , तो आप किसी मित्र से आपकी ओर से भुगतान करने के लिए कह सकते हैं और राशि का भुगतान उसके बैंक account में transfer कर सकते हैं।

इससे आपको ऑफर भी मिल जाएगा और ज्यादा कार्ड्स भी नहीं लेने पड़ेंगे|

#4 बुद्धिमानी से rewards point का उपयोग करें

कई बैंक आपको अपने reward points का उपयोग करने के लिए विकल्प देते हैं।

उदाहरण के लिए, अमेरिकन एक्सप्रेस में 4 अंक (reward points) 1रुपये के बराबर हैं। इसलिए, यदि आप 500 रुपये का भुगतान करना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए 2,000 अंक का उपयोग करना होगा।

परन्तु एक बार आपके पास बहुत अधिक अंक हैं, तो आप बेहतर ऑफर प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप 7,500 रुपये के बयान ऋण के लिए 18,000 इनाम अंक का उपयोग कर सकते हैं अर्थात 2.4 अंक प्रति रुपया|

साथ ही उसी 18,000 इनाम अंक के लिए, आप कुछ दिनों के लिए luxury होटल में भी ठहर सकते हैं।

यदि आप वास्तव में उस स्थान पर जाने की योजना बना रहे थे, तो होटल में कुछ दिनों तक रहने के लिए 7,500 रुपये से अधिक का खर्च तो हो ही सकता है।

आपको यह देखने की जरूरत है कि आपके credit कार्ड में क्या offers हैं और आपके लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है।

#5 ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि (interest free credit period) का पूर्ण लाभ लें

जब तक आप खर्चा नहीं करते हैं, तब इस बात का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा|

परन्तु अगर आप अपने कार्ड पर ज्यादा खर्चा करते हैं, तो आपको इस बात ध्यान रखना चाहिए|

मान लीजिए, आपके पास दो क्रेडिट कार्ड है| पहले कार्ड में statement की तारीख हर महीने की 15 तारीख और बिल अगले महीने की 1 तारीख तक जमा करना है|

दूसरे कार्ड में statement की तारीख हर महीने की 1 तारीख है और देय तिथि हर महीने की 15 तारीख है।

ब्याज मुक्त ऋण अवधि का विस्तार करने के लिए, पहले कार्ड पर 16 से 30 या 31 तारीख तक खर्चा करें| दूसरे कार्ड  पर 1 से 15 तारीख़ तक खर्चा करें|

चेतावनी

आप जितना खर्च कर सकते हैं, उससे ज्यादा खर्च न करें| जितना लोन ले सकते हैं, उससे ज्यादा न लें|

अर्थहीन रूप से खर्च न करें| फ़ालतू खर्चें न करें|

एक क्रेडिट कार्ड आपको उस पैसे को खर्च करने की शक्ति देता है, जो की शायद आपक पास अभी नहीं है| परन्तु आपको इसे जिम्मेदारी से उपयोग करने की आवश्यकता है|

कार्ड पर डिस्काउंट और अच्छे ऑफर को देखें, परन्तु केवल ऑफर की वजह से खर्चे न करें|

विश्व के सबसे प्रसिद्ध निवेशक वॉरेन बफेट ने कहा है, “यदि आप ऐसी चीजें खरीदते रहते हैं जिनकी आपको ज़रूरत नहीं है, तो जल्द ही आप वह चीज़ें बेचनी पड़ेंगी जिनकी आपको ज़रुरत है।”

इस बात को कभी न भूलें|

Source: EMICalculator

इमेज क्रेडिट: Pixabay

Filed Under: Financial Planning, Loans Tagged With: credit card, debt, loans

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