एनपीएस (NPS) ने कई निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि इसमें कुछ विशेष कर लाभ हैं।
एनपीएस एक नया उत्पाद है और साथ ही इसके नियम भी आये दिन बदलते रहते हैं| इसीलिए निवेशकों (या फिर वह लोग जो निवेश करने की सोच रहे हैं) को एनपीएस के बारे मैं कुछ भ्रम (doubts) होना स्वाभाविक है|
पढ़ें: कैसे खोले एनपीएस अकाउंट ऑनलाइन आधार की सहायता से?
इस पोस्ट में मैं एनपीएस (NPS) के कुछ ऐसे पहलुयों पर चर्चा करूँगा, जहाँ पर शायद काफी लोगों को ग़लतफ़हमियाँ हैं|
#1 एनपीएस पेंशन प्रदान करता है ।
एनपीएस केवल धन जमा करने में मदद करता है । सेवानिवृत्ति के समय, आप बीमा कंपनी से वार्षिकी योजना (annuity plan या एक पेंशन योजना) खरीदने के लिए जमा धन का उपयोग करते हैं। आपका एनपीएस फंड प्रबंधक (fund manager) आपको वार्षिकी आय प्रदान करने में कोई भूमिका नहीं अदा करता है।
आपकी पेंशन बीमा कंपनी द्वारा भुगतान की जाएगी।
इसलिए, एनपीएस में निवेश होने वाला पैसा एनपीएस फंड मैनेजर को जाता है। फण्ड मैनेजर अपने विवेक के अनुसार धन को निवेश करता है। एनपीएस में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।
आपके रिटायर होने तक आपका पैसा जमा होता है। सेवानिवृत्ति के समय, आपको बीमा कंपनी से जमा राशि के कम से कम 40% तक की एक वार्षिकी योजना खरीदनी होगी। शेष राशि को एक बार में या फिर 70 साल की आयु तक 10 वार्षिक किश्तों (up to 10) में निकाला जा सकता हैं|
पढ़ें: एनपीएस से पैसे निकालते समय कितना टैक्स देना पड़ता है
#2 एनपीएस के टीयर -2 खाते में निवेश पर टैक्स बेनिफिट मिलता है।
सभी कर लाभ, वार्षिकी प्रतिबंध, निकास और निकासी नियम एनपीएस टियर -1 खाते पर ही लागू होते हैं। एनपीएस टियर -2 खाता एक ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड की तरह है। आप किसी भी समय पैसे निकाल सकते हैं। कर लाभ केवल टीयर -1 एनपीएस खाते में निवेश के लिए है।
All the restrictions and Tax benefits only for Tier-I NPS. No restriction and tax benefit for NPSTier-2 account.
एनपीएस टियर 2 खाते में निवेश करने पर केंद्रीय सरकार के कर्मचारी (Central Government Employee) सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं| शर्त यह है की आप इस पैसे को 3 वर्ष से पहले नहीं निकाल पायेंगे (lock-in period of 3 years)| ध्यान दें यह टैक्स बेनिफिट केवल Central Government Employees ही ले सकते हैं| किसी अन्य व्यक्ति को यह टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा|
पढ़ें: क्या आपको टियर 2 एनपीएस अकाउंट में निवेश करना चाहिए?
पढ़ें: एनपीएस के लिए संशोधित निकास और निकासी नियम NPS Withdrawal Rules (अंग्रजी)
#3 धारा 80 सीसीडी (1) के तहत एनपीएस में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश के लिए कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं
हाँ, आप 1.5 लाख रुपये तक का कर लाभ ले सकते हैं| लेकिन यहाँ पर एक और पाबंधी है।
किसी कर्मचारी के मामले में, यह लाभ 10% वेतन (बेसिक + महंगाई भत्ता) तक सीमित है। यदि आप स्वयंरोजगार हैं (self-employed), तो यह कटौती आपके कुल आय का 10% है ।
इसलिए, यदि आपका वेतन (बेसिक + डीए) 4 लाख रुपये है, धारा 80 सीसीडी (1) के तहत अधिकतम कर लाभ 40,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित है।
ध्यान दें, आप धारा 80 CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट अभी भी ले सकते हैं। इसलिए, इस उदाहरण में एनपीएस (खुद किया गया निवेश, own contribution) में निवेश के लिए टैक्सबेनिफिट लाभ आपके मामले में 90,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सीमित होगा।
ध्यान दें सेक्शन 80CCD(1) के तहत जो टैक्स लाभ है, वह धारा सेक्शन 80C के तहत जो 1.5 लाख रूपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है, उसी के अंतर्गत आता है| सेक्शन 80CCD (1B) के तहत पचास हज़ार रुपये (50,000) तक का टैक्स बेनिफिट इसके अतिरिक्त है|
#4 नियोक्ता(एम्प्लॉयर) द्वारा आपके एनपीएस खाते में कोई भी योगदान कर से छूट है।
यह सच नहीं है। यहाँ भी एक सीमा है|
एम्प्लॉयर द्वारा योगदान पर टैक्स बेनिफिट भी आपके 10% वेतन (बेसिक + महंगाई भत्ता) तक सीमित है| केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 14% है|
यह टैक्स बेनिफिट आपको धारा 80 सीसीडी (2) के तहत मिलता है|
ध्यान दें कि इस कर कटौती पर कोई अपर कैप (राशि के मामले में) नहीं है। यह कटौती धारा 80 सी के तहतदी गई 1.5 लाख की सीमा के अतिरिक्त है। हालांकि, यह लाभ कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है । स्व-नियोजित(self-employed) इस कटौती का लाभ नहीं उठा सकता है।
जिस उदाहरण पर हमने ऊपर चर्चा की थी, उसी को जारी रखते हैं| आपको एम्प्लोएर द्वारा एक वित्तीय वर्ष में 40,000 रुपये तक के योगदान पर कर से छूट होगी।
इसलिए, कुल छूट अंशदान निम्नानुसार है:
1 धारा 80 सीसीडी (1) के तहत 40,000 रुपये तक । अपना योगदान। (Own Contribution)
2 धारा 80 सीसीडी (1 B) के तहत 50,000 रुपये तक की राशि । अपना योगदान । (Own Contribution)
3 धारा 80 सीसीडी (2) के तहत 40,000 रुपये तक नियोक्ता योगदान (employer contribution)
इसलिए, इस मामले में, वित्तीय वर्ष में एनपीएस निवेश के लिए कुल कर लाभ 1.3 लाख रुपये तक सीमित होगा।
ध्यान दें, इन निवेशों के बाद भी, आपको धारा 80 सी के तहत कर लाभ के लिए 1.1 लाख रुपये तक का निवेश करने का विकल्प है (पीपीएफ, ईएलएसएस आदि जैसे उत्पादों में)।
जैसा की मैंने ऊपर लिखा है, सेक्शन 80CCD(1) और सेक्शन 80C के तहत आप कुल मिला कर 1.5 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं|
धारा 80 सीसीडी (1 बी) और धारा 80 सीसीडी (2) के तहत टैक्स बेनिफिट, धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये के तहत बेनिफिट में शामिल नहीं होता|
तो मान मिये आप 1.5 लाख रुपये PPF में भी निवेश कर देते हैं|
परन्तु अतिरिक्त लाभ आपको केवल 1.1 लाख रुपये का ही मिलेगा| क्योंकि आप पहले की 40,000 रुपये का बेनिफिट NPS में निवेश के लिए सेक्शन 80CCD(1) के तहत ले चुके हैं|
ऐसा करके आप कुल मिला कर 2.4 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट ले पाएंगे|
पढ़ें: एनपीएस (NPS) में निवेश करने के टैक्स बेनिफिट
#5 आपका संपूर्ण पैसा इक्विटी (equity) में निवेश किया जाता है
यह भी सच नहीं है । सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए इक्विटी निवेश की सीमा 15% है। अन्य ग्राहकों (सभी नागरिकों के मॉडल, All Citizens model) के लिए, इक्विटी निवेश की सीमा 50%-75% है। आप चाहें तो इक्विटी में कम भी निवेश कर सकते हैं|
#6 एनपीएस में कितना ब्याज (interest) मिलता है?
NPS में आप जो पैसा निवेश करते हैं, वह समझ लिए विभिन्न प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश हो जात है| अब जो रिटर्न वहां मिलेगा, वहीँ रिटर्न आपको मिलेगा| NPS में कोई रिटर्न की गारंटी नहीं है| और न ही NPS मं कुछ ब्याज मिलता है|
ये आम संदेह थे जो मेरे सामने आए हैं। यदि आपके पास एनपीएस के बारे में कोई अन्य संदेह है, तो आप अपना सवाल कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं|