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1 मई 2019 से स्टेट बैंक (SBI) में बचत खाते की ब्याज दर के नए नियम

by दीपेश Leave a Comment

1 मई 2019 स्टेट बैंक (SBI) के बचत खाते की ब्याज दर में बदलाव हो रहा है| अभी तक आपको बचत खाते (savings bank account) के बैलेंस पर 3.5% p.a. की ब्याज दर मिलती थी|

1 मई, 2019 से थोड़ा बदलाव आएगा|

स्टेट बैंक बचत खाते की नयी ब्याज दर क्या होगी?

अगर आपके खाते में 1 लाख रुपये तक है: आपको 3.5% की ब्याज दर मिलेगी

अगर आपके खाते में 1 लाख रुपये से अधिक है: आपको रेपो रेट (Repo rate) – 2.75% होगी

रेपो रेट क्या होता है?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) बैंकों को लोन देता है| रिज़र्व बैंक यह ब्याज दर समय-समय पर बदलता रहता है|

आज की तारीख (अप्रैल 29, 2019) में यह ब्याज दर 6.0% p.a. है|

ऐसे में आपको बचत खाते में ब्याज दर मिलेगी 3.25% (6.0%-2.75%)|

इस बातों का ध्यान रखें

  1. यह नियम केवल स्टेट बैंक के बचत खातों के लिए हैं| अगर आपका बचत खाते किसी और बैंक में है, तब आप पर इस नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा|
  2. साथ ही आपके बचत खाते में 1 लाख रुपये आर कम है, तब भी आपके ऊपर इस नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा|
  3. अगर आपको यह ब्याज दर कम लगती है, तो किसी ऐसे बैंक में खाता खोलें, जहां आपको बेहतर ब्याज दर मिलती हो|
  4. या फिर आप पैसा बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट में रख सकते हैं, जहां आपको अधिक ब्याज दर मिलती है|
  5. या आप लिक्विड म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा रख सकते हैं
  6. अगर आपके खाते में 1.25 लाख रुपये हैं, तब आपको पहले 1 लाख रुपये पर 3.5% प्रतिशत का ब्याज मिलेगा| बचे हुए 25,000 रपये पर आपको 3.25% (6.0%-2.75%) की ब्याज दर मिलेगी|
  7. अगर आप स्टेट बैंक के कर्मचारी हैं, तब आपको 1% की अतिरिक्त ब्याज दर मिलेगी|
  8. पहले की ही तरह बैंक हर तिमाही (quarterly) आपके खाते में ब्याज चढ़ाएगा|
  9. जब जब रेपो रेट में बदलाव होगा,  आपके बचत खाते की ब्याज दर में भी परवर्तन होगा|

Filed Under: Financial Planning, बिना श्रेणी Tagged With: SBI savings account interest rate, स्टेट बैंक, स्टेट बैंक ब्याज दर

घर या मकान बेचने पर कैसे बचाएं टैक्स?

by दीपेश Leave a Comment

बहुत से लोग निवेश के लिए मकान खरीदते हैं| निवेश के अलावा भी किसी कारण आपको मकान को बेचना पड़ सकता है| किसी मकान या घर को बेचने पर आपको अगर मुनाफा हुआ है, तब आपको उस मुनाफे पर टैक्स देना होगा|

आज चर्चा करेंगे की कैसे आप मकान बेचने पर होने वाले मुनाफे पर टैक्स बचा सकते हैं| How to save tax on sale of house?

आप सभी प्रकार की मुनाफे पर टैक्स नहीं बचा सकते

अगर आप अपने घर या मकान को 2 वर्ष से पहले बेचते हैं और आपको मुनाफा होता है, तो इस मुनाफे को short-term capital gain (शोर्ट-टर्म कैपिटल गेन) माना जाएगा| ऐसे मुनाफे पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना होगा| इस तरह को मुनाफे को बचाने का कोई तरीका नहीं है| आपको टैक्स देना ही होगा|

अगर आप अपने मकान को 2 वर्ष के बाद बेचते हैं और आपको मुनाफा होता है,तो ऐसे मुनाफे को long term capital gain माना जाएगा| ऐसे मुनाफे पर आपको 20% टैक्स देना होगा|ध्यान दें मुनाफे की गणना करते समय आपको indexation का लाभ मिलेगा| Long Term Capital Gains on sale of house taxed at 20% after indexation| अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स बचाया जा सकता है| आईये जानते हैं कैसे|

घर या मकान को बेचने पर होने वाले पर 2 तरीके से टैक्स बचाए जा सकता है|

#1 पहला तरीका: दूसरा मकान खरीदने पर (Section 54)

आप जितना भी मुनाफा हुआ है,

  1. उसको मकान बेचने के एक वर्ष पहले या दो वर्ष बाद तक आपने कोई मकान खरीदा है, तो आपको टैक्स से छूठ मिल सकती है| Purchase a new house within one year before or within 2 years after the date of sale of the old house
  2. उस मुनाफे से अगर आपने मकान बेचने के 3 वर्ष के भीतर नया मकान बना लिया है, तब भी आपको टैक्स से छूठ मिल सकती है| Construct a new house within 3 years from the date of sale of the old house

एक उदहारण से समझते हैं|

मान लिए आपने मकान बेचा है और आपको 20 लाख रुपये का मुनाफा (long term capital gain after indexation) होता है|

अगर आपने मकान बेचने से एक वर्ष पहले या दो वर्ष बाद तक कोई मकान खरीदा है (या बेचने के 3 वर्ष के भीतर नया घर बनाया है), तो आपको टैक्स में कुछ छूठ मिल सकती है|

अगर आपने नया घर 30 लाख रुपये का खरीदा है, तो आपको मुनाफे (20 लाख) के किसी भी हिस्से पर टैक्स नहीं देना होगा|

अगर आपके घर 15 लाख रुपये का खरीदा है, तो आपको 15 लाख रुपये के मुनाफे पर छूठ मिलेगी| बचे हुए 5 लाख रुपये के मुनाफे (20 लाख – 15 लाख) पर 20% टैक्स देना होगा|

इन बातों का रखें ख्याल

  1. आप नए मकान को 3 वर्ष से पहले नहीं बेच सकते| अगर बेचते हैं,तो टैक्स बेनिफिट वापिस ले लिए जायेंगे|
  2. आपके मकान खरीदने या बनाने के लिए 2 या 3 वर्ष का समय है|परन्तु अगर आप वित्तीय वर्ष की रिटर्न भरने की तारिख तक मकान खरीद या बना नहीं पाते, तो आपको मुनाफे को कैपिटल गेन्स अकाउंट (Capital gains account) में जमा करना होगा| यह अकाउंट आप किसी भी सरकारी बैंक में खोल सकते हैं| स्टेट बैंक की वेबसाइट पर अधिक जानकारी पाईए|
  3. मान लिए आपने 15 नवम्बर 2018 (FY2019) को मकान बेचा है| FY2019 के रिटर्न भरने की आखरी तारिख 31 July 2019 है| अगर आप जुलाई 31 2019 तक नया मकान खरीद या बना नहीं पाते और टैक्स बेनिफिट लेना चाहते हैं, तब आपको यह पैसा capital gains account में जमा करना होगा|घर बनाने या खरीदने के लिएआप यह पैसा निकाल सकते हैं|

#2 दूसरा तरीका (NHAI or REC के बांड खरीद कर) (Section 54 EC)

आप मकान बेचने पर हुए Long term capital gain को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) या रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कंपनी (REC) के बांड खरीद कर भी बचा सकते हैं| इन बांड्स को कैपिटल गेन बांड भी कहा जाता है|

इन बातों का रखें ख्याल

  • आपको मकान बेचने के 6 महीने के भीतर इन बांड में निवेश करना होगा|
  • ध्यान दें इन बांड में 5 वर्ष का लॉक-इन होगा| इसका मतलब आप इन बांड से 5 वर्ष से पहले पैसा नहीं निकाल सकते|
  • आप इन बांड में प्रति वित्तीय वर्ष 50 लाख रुपये से ज्यादा निवेश नहीं कर सकते|
  • आपको इन बांड पर ब्याज भी मिलेगा| ब्याज बदलता रहता है| आप 5-6% p.a. के ब्याज की उम्मीद कर सकते हैं| ब्याज पर आपको टैक्सदेना होगा| अधिक जानकारी के लिए NHAI और REC की वेबसाइट पर जाएँ|

Source: www.PersonalFinancePlan.in

पढ़ें: इनकम टैक्स बचाने के 35 तरीके

Filed Under: Tax Planning, बिना श्रेणी Tagged With: save tax, taxes, इनकम टैक्स बचत, घर बेचने पर टैक्स कैसे बचाएँ, टैक्स कैसे बचाएं, टैक्स बचत के तरीके

मेडिकल लोन क्या है? आपको कैसे मिल सकता है?

by दीपेश Leave a Comment

ऐसा हो सकता है की आपके परिवार में किसी व्यक्ति का अस्पताल में ऑपरेशन कराना हो और उसके लिए धन की आवश्यकता हो| बहुत से तरीके हैं इस इलाज़ के खर्चे के भुगतान के लिए| आप अपनी सेविंग्स में से पैसा निकाल सकते हैं, किसी परिवारजन या मित्र से पैसा ले सकते हैं|

इसके अलावा वक और विकल्प है| आप मेडिकल लोन (Medical Loan) ले सकते हैं| मेडिकल लोन काफी हद तक पर्सनल लोन की तरह ही होता है| कुछ कंपनी का मेडिकल लोन उत्पाद देखने पर लगता है की उन्होंने बस पर्सनल लोन को ही मेडिकल लोन का नाम दे दिया है|

मेडिकल लोन और पर्सनल लोन में क्या अंतर है? (Difference between Personal Loan and Medical Loan)

सबसे प्रमुख अंतर यह है की पर्सनल लोन में पैसा आपको दिया जाता है और आप उस पैसे को अपने अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं|

मेडिकल लोन में फाइनेंस कंपनी पैसा सीधे आपके अस्पताल को ट्रान्सफर करती है|

पैसा आपके हाथ में नहीं आता| वैसे तो बहुत सी कंपनी मेडिकल लोन देती होंगी| मैं आपको 2 कंपनी का नाम बताता हूँ (LetsMD और ArogyaFinance)| आप इनकी वेबसाइट पर जा कर चेक कर सकते हैं|

ऐसा भी हो सकता है की लोन कंपनी आपको कुछ  ऐसे अस्पतालों में इलाज़ कराने को कहें, जिनके साथ उनका टाई-अप हो|ऐसे में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है|

ध्यान दें कुछ मेडिकल लोन ऐसे भी हैं जहाँ पैसा आपके हाथ में दिया जाता है|परन्तु मेरे अनुसार वह मेडिकल लोन नहीं है, बल्कि पर्सनल लोन हैं| टाटा कैपिटल के मेडिकल लोन में ऐसा ही होता है|

मेडिकल लोन की ब्याज दर क्या होती है? (Interest Rate for a medical loan)

पर्सनल लोन के ब्याज दर जैसी ही होनी चाहिए|

परन्तु मैंने कुछ लोन कंपनी की वेबसाइट चेक करी, तो वहाँ बताया गया था की वह कुछ भी ब्याज नहीं लेते (0% interest)|

ऐसे में यह कंपनी अस्पताल से discount ले सकती हैं|

उदहारण के लिए, मान लिए आपके इलाज़ का बिल 1 लाख रुपये होगा| आप 1 लाख रुपये का मेडिकल लोन लेते हैं और आपको यह लोन 10,000 रुपये की 10 EMI में चुकाना है| आपके लिए हुई 0% EMI|

ऐसे में अस्पताल लोन कंपनी को 10,000 रुपये का discount दे देगा| लोन कंपनी को अस्पताल को केवल 90,000 रुपये देने होंगे| आप पूरे 1 लाख रुपये का भुगतान करेंगे|

यह discount ही लोन कंपनी की कमाई का साधन है| साथ ही प्रोसेसिंग फीस के माध्यम से भी कंपनी की कमाई होती है|

ऐसा भी हो सकता है की आपको कुछ अस्पतालों में इलाज़ के लिए 0% की ब्याज दर पर लोन मिले और कुछ में न मिले|

एक बात और, मेडिकल लोन किसी भी प्रकार का स्वरुप ले सकता है| मैंने केवल एक स्वरुप पर ही चर्चा करी है|

ध्यान दें बैंक आपको 0% EMI का मेडिकल लोन नहीं दे सकते| रिज़र्व बैंक की पाबंधी है| यह आपको किसी लोन कंपनी से ही मिलेगा|अगर बैंक से मेडिकल लोन मिलता है, तो उस पर ब्याज देना होगा|

कितना मेडिकल लोन मिल सकता है? (How much medical loan can you get?)

लोन कंपनी पर निर्भर करता है|

Tata Capital 25 लाख रुपये तक का मेडिकल लोन देता है|

ध्यान दें लोन की राशि आपकी आपकी आय पर भी निर्भर करेगी|

मेडिकल लोन की पात्रता क्या है? (Medical Loan: Eligibility)

हर लोन कंपनी के पात्रता के नियम अलग हो सकते हैं|

आपको लोन कंपनी से चेक करना होगा| वेबसाइट पर कुछ ख़ास जानकारी नहीं है|

मेरे अनुसार, अगर आप सैलरी पाते हैं, तब शायद लोन मिलना आसान हो| ऐसा इसलिए क्योंकि मेडिकल लोन असुरक्षित लोन (unsecured लोन) है|

लोन कंपनी आपकी लोन भुगतान की क्षमता को देख कर ही लोनदेगी| आपका क्रेडिट स्कोर भी आपके लोन आवेदन को प्रभावित कर सकता है|

Tata Capital केवल उन्ही लोगों को मेडिकल लोन देता है, जो कम से कम 20,000 रुपये की सैलरी पाते हों|

मेडिकल लोन के लिए कुछ गिरवी रखना होता है? (No security required)

मेडिकल लोन असुरक्षित लोन (unsecured loan) है| कुछ भी गिरवी नहीं रखना होता|

मेडिकल लोन की अवधि कितनी हो सकती है? (Loan Tenure of medical loan)

लोन की 3 महीने से 6 वर्ष तक हो सकती है| इस बारे में कोई नियम नहीं है| लोन कंपनी अवधि सेट कर सकती हैं|

मेडिकल लोन के लिए आवेदन कैसे करें? क्या दस्तावेज चाहिए होंगे?

आप लोन कंपनी की वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं| आप लोन कंपनी को कॉल करके भी जानकारी ले सकते हैं|

आपको इन दस्तावेजों की ज़रुरत पड़ेगी|

  1. PAN कार्ड
  2. पते का प्रमाण
  3. आय का प्रमाण (सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट इत्यादि)

क्या आपको मेडिकल लोन लेना चाहिए?

आपको अपने लिए आपातकाल के लिए कुछ पैसा अलग से रखना चाहिए (emergency fund)| ऐसे करने से शायद आप इस तरह के लोन से बच जाएँ|

परन्तु अगर ज़रुरत है और पर्याप्त धन पाने का कोई तरीका नहीं है, तो मेडिकल लोनलेना ही पड़ेगा| लोन के अन्य विकल्पों को भी देखें (जैसे की गोल्ड लोन, पर्सनल लोन इत्यादि)| उसके बाद ही फैसला लें|

Filed Under: बिना श्रेणी Tagged With: medical loan, गोल्ड लोन, पर्सनल लोन, मेडिकल लोन

बजाज फिनसर्व की नई वेबसाइट देगी शानदार अनुभव

by दीपेश 2 Comments

किसी भी ब्रांड के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल वेबसाइट होना आवश्यक है। साइट तक पहुँच आसान हो तो यह भविष्य में ब्रांड को संभावित ग्राहकों का डेटाबेस बनाने में मदद मिलती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए, बजाज फिनसर्व  ने हाल ही में अपनी नई वेबसाइट लॉन्च की है। बजाज फिनसर्व ने कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं जिससे ग्राहक साइट तक आसानी से पहुंच सकता है।

एक ग्राहक के रूप में पहली चीज जो की एक वेबसाइट पर ज़रूरी है, वह है सर्च बार। बजाज फिनसर्व ने एक कदम आगे बढ़ते हुए बेहतर तरीके से खोजने के लिए स्मार्ट सर्च शरू किया है|

इससे जो आप ढूंढ़ना चाहेंगे उसे  खोजना आसान होगा।  साथ ही, उन्होंने कॉकपिट (cockpit) नामक एक और फीचर जोड़ा है, जिसमें सभी उत्पादों को एक ही स्थान पर रखा गया है, ताकि ग्राहक को वह उत्पाद ढूंढने में कोई परेशानी न हो| यह सुविधाएं आपको शायद काफी अच्छी लगेंगी|

साइट का स्वरुप अतिरिक्त टैब हटाने के बाद साफ़ और अधिक सरल हो गया है। उनके पास अब उच्च गुणवत्ता वाला यूआई (User Interface) है, जो उचित गति से काम करता है। इससे साइट का संचालन और अधिक सरल हो गया है। जैसे ही आप वेबसाइट खोलते हैं, आप काम को बेहतर तरीके से समझने के लिए व्यक्तिगत यात्रा कर सकते हैं।

2018 में, एक वेबसाइट पर सबसे अहम चीज़ है उस साइट पर स्क्रॉलिंग की न्यूनतम मात्रा। अगर एक ग्राहक के रूप में मुझे बहुत अधिक स्क्रॉल करना पड़ेगा, तो मैं परेशान हो सकता हूँ। लेकिन बजाज फिनसर्व ने बहुत अधिक स्क्रॉलिंग को सीमित कर दिया है। यह सुविधा मोबाइल फोन पर भी फायदेमंद है।

बजाज फिनसर्व

इस नई वेबसाइट की सबसे अच्छी बात है कंटेंट का वैयक्तिकरण। एक ग्राहक के रूप में या विज़िटर के रूप में, कोई  भी इसे अधिक आकर्षक और प्रासंगिक बनाने के लिए सुझाव दे सकता है। उन्होंने प्रकाशन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है और कंटेंट को  ग्राहकों के लिए आसान पहुंच में रखा है।

उन्होंने मुख्य रूप से अपने कंटेंट पर काम किया है। यहाँ फाइनेंस, लोन आदि के बारे में कई लेख भी उपलब्ध हैं। ये सभी लेख बहुत ही व्यावहारिक और सूचनात्मक हैं। एक और विशेषता जिसने मेरा ध्यान खींचा वो है, स्मार्टली डिज़ाइन किया गया EMI कैलकुलेटर और अन्य टूल्स|

फॉर्म भरने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। नई वेबसाइट के लॉन्च के साथ, लोन  के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया भी काफी आरामदायक हो गई है।

आप उन ब्लॉगों की एक सरणी भी देख सकते हैं जो निवेशकों के सामने आने वाले कुछ अहम मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं। ये उपभोक्ता को अधिक जानकारी पाने में मदद करते हैं और इसलिए सही निर्णय लेने में सहायक होते हैं।

एक अच्छी वेबसाइट फैंसी ग्राफिक्स और एनिमेशन से नहीं बनती। यह ग्राहकों को सुखद यात्रा और उपयोगकर्ता को अच्छा अनुभव करवा कर बनती है, जिससे वह बार-बार साइट पर आना चाहेंगे। वेबसाइट में किये गए  ये सुधार इसका सबूत है कि बजाज फिनसर्व अपने उपयोगकर्ता के साथ की इस यात्रा को लेकर अग्रसर है।

इस वेबसाइट के बारे में आप यह वीडियो भी देख सकते हैं|

https://www.youtube.com/watch?v=RiG5WFYfr2E&feature=youtu.be

Filed Under: बिना श्रेणी Tagged With: bajaj finserv, Sponsored

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